समाज

View All
Published / 2026-06-11 21:36:51
दिव्य कलश पूजन और भव्य शोभायात्रा से गायत्री महायज्ञ और पावन प्रज्ञा पुराण कथामृतम का शुभारंभ

श्रद्धा और पवित्रता से भरी पूरी पात्रता ही धन्य होती है : यज्ञ पुरोहित 

टीम एबीएन, रांची। हरमू हाउसिंग कॉलोनी स्थित मदर टेरेसा पार्क में 5 दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं पावन प्रज्ञा पुराण कथामृतम आयोजन का शुभारंभ गुरुवार से मंगलकलश पूजन-अर्चन व भव्य शोभा यात्रा महिला मंडल संचालन टीम नायिका सुषमा दीदी के सानिध्य व प्रतिनिधित्व में सुबह 9 बजे निकाली गयी। 

मंगल कलश रथ-दर्शन व यात्रा पूजन स्थल से निकलकर आसपास मुख्य क्षेत्र का भ्रमण कर गायत्री महामंत्र का सस्वर पाठ, प्रज्ञागीत, सद्विचार, सद्भाव संवर्धन, सद्वाक्य स्टीकर, बैनर, पोस्टर आदि अनेक स्लोगन पट्टी लेकर जयघोष तथा शंखनाद से गुंजायमान करते शोभा यात्रा निकाली गयी। 

फिर पूजा स्थल वापस आकर सभी ने कलश देवता की आरती की। पूजन प्रारंभ गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर टू की व्यवस्था टीम और  सहायक जोन समन्वयक आजादी सिंह के नेतृत्व एवं  मार्गदर्शन में परिव्राजक टीम नायक प्रमोद कुमार और सहायक, गायक टीम के सहयोग में वैदिक विधान से  किया गया। 

पुरोहित प्रमोद कुमार ने मंगल द्रव्य से पूर्ण कलश पूजन व शोभायात्रा की महत्ता, प्रज्ञागीत भजन, शोभा यात्रा की  विशेषता, आवश्यकता पर प्रकाश डालकर बताया कि श्रद्धा व पवित्रता से भरी पूरी पात्रता ही धन्य होती है। 

पात्रता को मंगलमय गुणों से  विभूषित किया जाता है। बताया कि  कलश विश्व ब्रह्मांड और विराट ब्रह्म, भू पिंड का प्रतीक है। यह शान्ति व सृजन का संदेशवाहक है। आज से रोज सायंकाल में देवमंच से प्रज्ञा भजन-कीर्तन और प्रज्ञा पुराण कथामृतम का पाठ होगा। 

कल सुबह से विस्तृत देव पूजन-अर्चन,  षोडशोपचार व स्वस्तिवाचन पाठ एवं यज्ञीय अनुष्ठान विधान तथा नि:शुल्क संस्कार आदि कार्यक्रम शामिल रहेगा। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के कुणाल कुमार और जयनारायण प्रसाद ने दी।

Published / 2026-06-11 18:22:53
श्री श्याम मंदिर में धूमधाम से मनी परमा एकादशी

टीम एबीएन, रांची। अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में दिनांक 11 जून 2026 को परमा  एकादशी उत्सव अत्यंत श्रद्धा व भक्तिमय वातावरण में आयोजित किया गया।  प्रात: श्री श्याम प्रभु को नवीन वस्त्र (बागा) पहनाकर कर स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत कर गुलाब, रजनीगंधा, बेला, जरबेरा, आॅर्किड, गेंदा, तुलसी व के ताजे एवम खुशबूदार फूलों से श्री श्याम प्रभु का दिव्य शीश का अनुपम श्रृंगार किया गया। 

साथ ही मन्दिर परिसर में विराजमान बजरंगबली एवं शिव परिवार का भी इस अवसर पर विषेश श्रृंगार किया गया। प्रात: काल में श्रृंगार आरती से ही भगतों की भीड़ श्री श्याम दर्शन के लिए आतुर थी।  

रात्रि 9 बजे श्री श्याम प्रभु की पावन ज्योत प्रज्वलित कर श्री श्याम मण्डल के सदस्यों द्वारा सर्व प्रथम गणेश वन्दना के साथ श्याम रस से ओतप्रोत संगीतमय संकीर्तन का शुभारम्भ किया गया। 

मन मस्त हुआ मेरे श्याम दरस तेरा पा करके, धन घड़ी भाग्य हमारा लीले चढ़ श्री श्याम पधारया, अनोखा जो भी हुआ श्याम के द्वार हुआ, मोर छड़ी लहराई रे रसिया ओ संवारा, श्याम तेरे भरोसे मेरा ये परिवार है... इत्यादि भजनों की लय पर झूमते हुए भक्तगण ज्योत में आहुति प्रदान कर रहे थे। 

मौके पर श्री श्याम प्रभु को विभिन्न प्रकार के मिष्ठान- फल- मेवा- रबड़ी व केसरिया दूध का भोग निवेदित किया गया। रात्रि 12 बजे महाआरती व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

आज के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रमेश सारस्वत, ओम जोशी, चंद्र प्रकाश बागला, धीरज बंका, विवेक ढांढनीयां, विकाश पाडिया, नितेश केजरीवाल, जीतेश अग्रवाल, अनुराग पोद्दार, नितेश लाखोटिया, ज्ञान प्रकाश बागला का विषेश सहयोग रहा। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल श्री श्याम मंदिर, अग्रसेन पथ रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।

Published / 2026-06-10 18:37:41
विश्व हिंदू परिषद भगवान राम और कृष्ण की प्रेरणाओं पर चलने वाला संगठन : जगन्नाथ शाही

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह, धनबाद में विश्व हिंदू परिषद  के 10 दिवसीय और बजरंग दल के 7 दिवसीय प्रांतीय प्रशिक्षण वर्ग का भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय प्रन्यासी मंडल के सदस्य माननीय जगन्नाथ शाही, अतिथि के रूप में उपस्थित बीसीसीएल के अधिकारी सत्यकाम आनंद, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, प्रांत सहमंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत बजरंग दल संयोजक रंगनाथ महतो, वर्ग प्रमुख द्वारिका तिवारी, जिला अध्यक्ष विपिन मंडल एवं विभाग सह मंत्री विकास गिरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। 

बजरंग दल के शिक्षार्थियों ने 7 दिनों की कठिन साधना  के साथ शारीरिक और बौद्धिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षणार्थियों द्वारा समापन समारोह में दंड, नियुद्ध, यष्टि, बाधा और सामूहिक योग के आकर्षक एवं शौर्यपूर्ण प्रदर्शन ने उपस्थित जनमानस को मंत्रमुग्ध कर दिया। 

मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जगन्नाथ शाही ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद भगवान राम और कृष्ण की प्रेरणाओं पर चलने वाला संगठन है, इसीलिए विहिप का ध्येय वाक्य धर्मो रक्षति रक्षित: है। वहीं, बजरंग दल सेवा, सुरक्षा और संस्कार के मार्ग पर आगे बढ़ता है। रामकाज कीन्हें बिना मोहि कहां विश्राम हम सभी कार्यकर्ताओं का मूल ध्येय होना चाहिए। 

उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार भगवान श्री राम ने बिना किसी बड़े साधन के वन जाकर, अपने कुशल नेतृत्व से वनवासियों और जीव-जंतुओं को संगठित कर दुराचारी शक्तियों का विनाश किया, वही प्रेरणा हमें आज भी समाज को संगठित करने के लिए लेनी चाहिए। उन्होंने रामराज के आदर्शों, केवट और निषाद राज से मित्रता, गिलहरी के योगदान, जटायु के बलिदान और भरत-मिलाप के प्रेम व त्याग का उदाहरण देते हुए कार्यकर्ताओं को धर्म के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्ररक्षा का संकल्प दिलाया। 

वन गमन कर अपने त्यागमय जीवन का आदर्श प्रभु श्रीराम ने रखा। सद्भाव और समरसता का मार्ग बताया। श्री शाही ने कहा प्रभु श्रीराम और श्री कृष्ण एक कुशल संगठन कर्ता  थे। संगठनकर्ता को राष्ट्र के सुख में अपना सुख और राष्ट्र के दुख में अपना दुख दिखता है। परंतु यह दुख देखकर वह निराश नहीं होता बल्कि पूरी शक्ति के साथ दुख और बाधा मिटाने के काम में लगता है। प्रभु श्रीराम ने धरती को निशाचर विहिन करने का संकल्प लिया था और उसे पूर्ण किया। 

विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष अलग-अलग जिलों में आयोजित किया जाता है जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त कर कार्यकर्ता राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा तथा समाज सेवा के कार्य में सक्रिय योगदान देते हैं। परिषद वर्ग पालक एवं प्रांत सहमंत्री  मनोज पोद्दार तथा प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो ने वर्गों में उपस्थिति तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विवरण रखा। समारोह का कुशल संचालन प्रांत गोरक्षा प्रमुख कमलेश सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन वर्ग के सह व्यवस्थाप्रमुख धनबाद विभाग सहमंत्री सोनू गिरी ने किया।  

मौके पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन कुमार, प्रांत सेवा सहप्रमुख  विनय कुमार, प्रांत विशेष संपर्क सह प्रमुख संतोष प्रसाद, धनबाद विभाग संयोजक अजीत पांडे, धनबाद ग्रामीण जिला मंत्री विकास कुमार, धनबाद महानगर मंत्री आनंद कुमार, जिला सहमंत्री लल्लु झा, प्रांत बलोपासना प्रमुख रवि वर्मा, प्रांत विद्यार्थी प्रमुख अमित पासवान, सहप्रमुख अमर प्रसाद, चंदन कुमार, अशोक कुमार, हरे राम सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड के प्रचार प्रसार प्रांत प्रमुख प्रकाश रंजन ने दी। 

Published / 2026-06-09 18:49:42
परमा एकादशी 11 जून को

आध्यात्मिक उन्नति, पुण्य और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति का दुर्लभ पर्व : संजय सर्राफ 

एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि सनातन धर्म में एकादशी व्रतों का विशेष महत्व माना गया है, किंतु परमा एकादशी का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। यह एकादशी केवल अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में आती है, जो लगभग तीन वर्ष में एक बार पड़ता है। 

इस वर्ष परमा एकादशी 11 जून दिन गुरुवार को मनायी जायेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की आराधना के लिए समर्पित है और इसे करने से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति, सुख-समृद्धि तथा पापों से मुक्ति का मार्ग प्राप्त होता है पौराणिक कथाओं में वर्णित है कि परमा एकादशी व्रत का पालन करने से जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति के भीतर संयम, भक्ति तथा सदाचार की भावना विकसित होती है।

परमा शब्द का अर्थ है-श्रेष्ठ या सर्वोच्च। इसी कारण यह एकादशी अत्यंत पुण्यदायी मानी गयी है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अधिक मास में किये गये जप, तप, दान और व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन प्रात: स्नान कर भगवान विष्णु का पूजन, तुलसी अर्पण, विष्णु सहस्रनाम का पाठ तथा व्रत का संकल्प लिया जाता है। 

श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार उपवास रखते हैं तथा गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करते हैं। धार्मिक परंपराओं में दान और सेवा को इस व्रत का महत्वपूर्ण अंग माना गया है। परमा एकादशी का मुख्य उद्देश्य केवल उपवास करना नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, आत्मसंयम और मानव सेवा की भावना को जागृत करना है। 

यह पर्व हमें लोभ, क्रोध और अहंकार जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहकर सत्य, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। साथ ही यह संदेश भी देता है कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए भक्ति के साथ-साथ सद्कर्म और परोपकार भी आवश्यक हैं। आज के भौतिकवादी युग में परमा एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है। 

यह पर्व हमें जीवन में संतुलन, नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना बनाये रखने की प्रेरणा देता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया यह व्रत व्यक्ति, परिवार और समाज में सुख, शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला माना गया है। यही कारण है कि परमा एकादशी को सनातन संस्कृति के सबसे पावन और कल्याणकारी व्रतों में गिना जाता है।

Published / 2026-06-08 19:31:24
रांची नगर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

कृष्ण-सुदामा की मित्रता का अमर संदेश : सच्ची दोस्ती में नहीं होता धन-दौलत का महत्व 

काली कमली वाला मेरा यार है मेरा मनमोहन मुरली वाला है.. 

एबीएन सोशल डेस्क। महाराजा अग्रसेन भवन अपर बाजार में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का  श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच विश्राम हो गया। समापन दिवस पर कथा व्यास आचार्य पं अश्विनी मिश्र ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता का भावपूर्ण प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

उन्होंने सात दिवसीय कथा का संक्षिप्त व्याख्यान दिया सनातन धर्म, द्रौपदी के चीर हरण, छल, कपट, ग्रहस्थ जीवन, बेटियों के स्नेह, न्याय व्यवस्था पर भी प्रकाश डाला। कथावाचक ने कहा कि सच्ची मित्रता कभी धन, पद, प्रतिष्ठा या वैभव पर आधारित नहीं होती, बल्कि उसका वास्तविक आधार प्रेम, विश्वास, सम्मान और समर्पण होता है, उन्होंने श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए बताया कि विपरीत परिस्थितियों और गरीबी के बावजूद सुदामा ने कभी अपनी मित्रता का लाभ उठाने का प्रयास नहीं किया तथा अपने स्वाभिमान और मित्रता की गरिमा को बनाये रखा।

उन्होंने कहा कि द्वारकाधीश बनने के बाद भी भगवान श्रीकृष्ण अपने बाल सखा सुदामा को नहीं भूले। जब सुदामा द्वारका पहुंचे तो श्रीकृष्ण ने उन्हें गले लगाकर सम्मान दिया और पूरी दुनिया के सामने सच्ची मित्रता का आदर्श प्रस्तुत किया। कथावाचक ने कहा कि सच्चा मित्र वही होता है जो सुख-दुख में साथ निभाये, विपरीत परिस्थितियों में भी मित्र का सम्मान बनाए रखे और कभी उसका साथ न छोड़े। 

उन्होंने कहा कि कृष्ण-सुदामा की मित्रता आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस दौरान सांवरिया है सेठ म्हारी राधा सेठानी है... काली कमली वाला मेरा यार है मेरा मनमोहन मुरली वाला है... जैसे भजनों पर श्रद्धालु भक्त के सागर में गोता लगाते रहे। इस दौरान राधे राधे से पुरा कार्यक्रम स्थल गूंजता रहा। आगे उन्होंने कहा कि लोगों में नफरत बढ़ रही है डाकघर प्रेम के कारण चलता था और कचहरी नफरत कि वजह से चलती है। 

वर्तमान में डाकघर कम हो रहे हैं और नफरत बढ़ने से प्रेम कम हो रहा है। सबसे अधिक पुण्य कमाने वाले मंत्री, चिकित्सक और शिक्षक ये सभी देश का निर्माण करते हैं। इनको अपने कर्म पूरे ईमानदारी से करने चाहिए तभी बिकास होगा। कार्यक्रम के समापन पर हवन पूजन किया गया। भागवत का मूल पाठ आचार्य बिष्णु शर्मा ने सहयोग देवनारायण शास्त्री, अमन शर्मा, संगीत की प्रस्तुति नेहाल शर्मा, अमन झा, प्रताप कुमार, लव कुश शर्मा ने दिया। 

कार्यक्रम में सुदामा कि भूमिका में कृत अग्रवाल, कृष्ण की भुमिका में पलक अग्रवाल और रुक्मिणी कि भूमिका में रिद्धि मंगल ने निभायी। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच सुमन अरविंद कुमार मंगल, मेद्या अर्पित मंगल ने प्रसाद का वितरण किया। पूरे कथा स्थल पर भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ प्राप्त किया।

मौके पर पदमा देवी, रेणु मंगल, आशा मंगल, आशा देवी, सरिता देवी, अंजना देवी, रेखा देवी, पिस्ता अग्रवाल, सुशीला देवी, निर्मला गोयल, वीणा देवी, पिंकी अग्रवाल, पायल अग्रवाल, अनीता देवी, विनीता केजरीवाल, दीपाली भदानी, संजय अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, शुभाष मंगल, अरविंद चौधरी, विनोद अग्रवाल, केदारमल अग्रवाल, मुरारी लाल, दामोदर अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, पंडित रत्नेश मिश्रा और गोपाल मिश्रा, वैदिक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे। 

कथा के समापन के साथ ही राधे -राधे के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के सफल आयोजन के लिए मंगल परिवार को बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी।

Published / 2026-06-08 19:27:08
कामड़े में जन संपर्क, हरमू में यज्ञ हेतु भूमिपूजन और धुर्वा गायत्री प्रज्ञापीठ का सम्मान समारोह सराहा गया

भूमि में बीज ही नहीं संस्कार भी उपजते हैं : सहायक जोन समन्वयक 

एबीएन सोशल डेस्क (रांची)। गायत्री परिवार युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू के सान्निध्य में रविवार को सुबह से देर सायंकाल तक 3 विशेष कार्यक्रम आयोजन किये गये, जिनकी सभी उपस्थितजनों ने सराहनीय बताया और तदनुरूप वातावरण विस्तार के अनुयाज कार्यक्रम में सहयोगात्मक विचार व्यक्त किये। 

हरमू हाउसिंग कॉलोनी स्थित मदर टेरेसा पार्क में 5 दिवसीय 11 जून 2026 से आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत पावन प्रज्ञा पुराण कथामृतम् के लिए गायत्री परिवार शांतिकुञ्ज के मार्गदर्शन युगतीर्थ शांतिकुञ्ज के मार्गदर्शन में यहां गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर टू पुरोहित टीम एवं महिलामंडल ने भूमिपूजन यज्ञीय विधान तथा युग निर्माण लाल मशाल का पूजन-अर्चन कर झंडोत्तोलन किया।  

मौके पर गायत्री परिवार झारखंड प्रांत सहायक जोन समन्वयक ने भूमि पूजन दौरान बताया कि भारतीय संस्कृति में प्रत्येक धर्म कृत्य व यज्ञीय आयोजन पूर्व भूमिपूजन शुभ कर्म आवश्यक माना गया है। कहा कि भूमि में बीज ही नहीं संस्कार भी उपजते हैं। इस अनुष्ठान विधान उपरान्त इसके प्रचार प्रसार हेतु आस-पास क्षेत्र तथा नगर वासियों को भाव भरा आमंत्रण देने इस पावन पवित्र पुण्यकर्म में भागीदारी कर कथामृतम् श्रवण कर लाभान्वित होने के कार्यकर्ताओं को आवाह्न किया। 

बताया कि गुरुवर श्रीपूज्यवर का रचित यह 19वां पावन प्रज्ञा पुराण कथा आज के मानव जीवन, परिवार व समाज में चल रही अनेकानेक समस्याओं के युगानुकुल समाधान और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से प्रखर तत्वों का श्रवण करने का मौका मिलेगा। इस दुर्लभ अवसर का लाभ उठाने के लिए जन-जन की भागीदारी के लिए सभी को सादर आमंत्रित किया गया। यह कार्यक्रम दिनांक 11 से 15 जून तक 5 दिवसीय आयोजन निर्धारित है। 

इसके पूर्व सुबह 7-9 बजे मध्य 28वां चलें गांव की ओर ग्राम तीर्थ योजना अंतर्गत गायत्री साधकों व भाई-बहनों ने कामड़े क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान करके घर-घर, जन-जन को शांतिकुञ्ज का संदेश में अखंड ज्योति मासिक पत्रिका, युग निर्माण योजना मासिक, हारिये न हिम्मत, गायत्री चालीसा, स्थापना फोटो, प्रज्ञा अभियान पाक्षिक आदि पाकेट बुक्स स्वाध्याय हेतु प्रदान किये। 

तीसरे चरण में देर संध्याकाल में धूर्वा बसस्टैंड गायत्री प्रज्ञापीठ में स्थानीय नवगठित ट्रस्ट एवं  नगरी प्रखंड समन्वय समिति सदस्यगणों का सम्मान समारोह गोष्ठी मुख्य ट्रस्टी मनोज कुमार राय की अध्यक्षता में हुई। उसमें 10  विषयों पर चर्चा व विचार-विमर्श किये गये। 

गोष्ठी में रांची जिला समन्वयक, युवा सह समन्वयक तथा प्रांतीय सहायक जोन समन्वयक की उपस्थिति में सभी पदधारी, प्रभारी प्रतिनिधिगणों को कर्तव्य व उत्तरदायित्व निर्वाह का बोध कराया तथा सभी को अनेक प्रपत्र व शांतिकुञ्ज मुख्यालय से प्राप्त दीक्षा का आशीर्वाद पत्र तथा गतवर्ष ज्योति कलश रथ यात्रा संबन्धित आशीर्वादी पत्र सहित मंत्र पट्टा एवं कई भेंट चिह्न प्रदान कर अनुयाज क्रम में निर्धारित कार्यक्रम का महत्व बताकर मार्गदर्शन कर सम्मानित किये गये। उक्त जानकारी मुख्य ट्रस्टी प्रज्ञापीठ बस स्टैंड धुर्वा के मनोज कुमार राय और रांची के जिला समन्वयक जय नारायण प्रसाद ने दी।

Published / 2026-06-07 21:22:29
अन्नपूर्णा मैया की महिमा जग में सबसे न्यारी ...

रांची : 269वें अन्नपूर्णा सेवा में उमड़ा आस्था का सागर, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद 

राधे राधे बोल मनवा, राधे राधे बोल, राधा नाम अमृत है प्यारा.. 

एबीएन सोशल डेस्क। परम पूज्य डॉ संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज जी के पावन सानिध्य में एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम एवं श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग में रविवार को 269 वें श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का भव्य एवं श्रद्धामय आयोजन किया गया। 

इस अवसर पर संपूर्ण मंदिर परिसर भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण से सराबोर रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया तथा महाप्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य महसूस किया। कार्यक्रम के दौरान भगवान श्री राधा-कृष्ण का दिव्य श्रृंगार किया गया। 

विशेष रूप से श्री राधारानी को आकर्षक एवं मनोहारी आभूषणों तथा पुष्पों से अलंकृत किया गया, जिसकी भव्यता ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरे दिन श्रद्धालुओं का आगमन निरंतर जारी रहा। दोपहर 12 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडेय द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भगवान को महाप्रसाद अर्पित किया गया। 

पूजा-अर्चना के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरण प्रारंभ हुआ। महाप्रसाद में मसालेदार वेजिटेबलखिचड़ी, ताजगी से भरपूर लीची शरबत, सत्तू पानी, शीतल जल एवं आलू चिप्स का वितरण किया गया। मंदिर परिसर में उपस्थित लगभग दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर ट्रस्ट के सुप्रसिद्ध भजन गायक मनीष सोनी ने अपने मधुर कंठ से एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी। 

उनके गाए भजनों- राधे-राधे बोल मनवा,राधे-राधे बोल,राधा नाम अमृत है प्यारा, जीवन कर दे अनमोल.. अन्नपूर्णा मैया की महिमा, जग में सबसे न्यारी, जो भी दर पर शीश झुकाए,भर दे झोली सारी.. राधे-कृष्ण की ज्योति जले, हर मन मंदिर में, प्रेम, दया और सेवा बरसे, जन-जन के अंतर में.. की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरा वातावरण राधा-कृष्ण की भक्ति में डूब गया। 

भजन-संध्या के उपरांत सामूहिक महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक स्वर में प्रभु का गुणगान कर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि सुबह से लेकर देर शाम तक पांच हजार से अधिकश्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन किये। 

उन्होंने कहा कि मंदिर में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक अन्नपूर्णा सेवा के अंतर्गत वेजिटेबल खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया जाता है, जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह सेवा मानवता, परोपकार और सनातन संस्कृति के मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक निरंतर प्रयास है। 

इस अवसर पर- डूंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज चौधरी, सज्जन पाड़िया, पूरणमल सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, संजय सर्राफ, विष्णु सोनी, पवन पोद्दार, सुरेश भगत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ट्रस्ट सदस्य उपस्थित रहे।

Published / 2026-06-06 21:32:38
मारवाड़ी सम्मेलन ने किया 145 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने बढ़ाया प्रतिभाओं का उत्साह 

अनुशासन,परिश्रम, विनम्रता, आत्मविश्वास, धैर्य एवं दृढ़ संकल्प ही जीवन में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी : डॉ सरोज शर्मा 

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के तत्वावधान में हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन के बहुउद्देशीय सभागार में भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले कुल 145 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गयी।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज की उभरती प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करना तथा युवाओं को शिक्षा एवं संस्कार के प्रति प्रेरित करना था। समारोह की अध्यक्षता रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सज्जन पाड़िया ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा भगवान श्री गणेश के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। 

इस अवसर पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार तथा महामंत्री विनोद कुमार जैन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सरोज शर्मा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए। अनुशासन, परिश्रम, विनम्रता,आत्मविश्वास, धैर्य और दृढ़ संकल्प ही जीवन में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं। 

उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और अन्य छात्रों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। विशिष्ट अतिथि एवं समाजसेवी अधिवक्ता आनंद पासारी ने सभी सम्मानित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा कहा कि शिक्षा और संस्कार ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं। 

प्रतिभा सम्मान समारोह में सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड की वर्ष 2026 की दसवीं एवं बारहवीं परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 125 छात्र-छात्राओं को प्रतिभा प्रोत्साहन सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न व्यावसायिक एवं उच्च शिक्षा क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करने वाले 20 प्रतिभाशाली युवाओं को भी सम्मानित किया गया। 

सम्मानित होने वालों में एमबीए की डिग्री प्राप्त करने वाली सृष्टि सर्राफ, राधिका शर्मा एवं विशाखा शर्मा, चार्टर्ड अकाउंटेंसी में सफलता प्राप्त करने वाले ऋषि चितलांगिया, शिखा सुरेखा, हर्ष राज मित्तल, अंकित बंका, निशा गोयनका, आकांक्षा खोवाल, आकांक्षा पोद्दार, वेदांत ड्रोलिया, विधि कुमारी अग्रवाल, पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वाले मयंक पराशर, जेईटी में सफलता प्राप्त करने वाले वैभव विजय, तथा एशवी वशिष्ठ एवं वृश वशिष्ठ शामिल रहे। इसके अतिरिक्त खेल एवं योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अंश पोद्दार (कराटे), प्रसन्ना पटवारी (कुश्ती) एवं सीकृत अग्रवाल (योगा) को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। 

सभी प्रतिभाओं को मोमेंटो, प्रशस्ति-पत्र, पुस्तक एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सज्जन पाड़िया ने रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा संचालित विभिन्न जनसेवा, शिक्षा एवं सामाजिक कल्याण कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि समाज की नयी पीढ़ी को प्रोत्साहित करना सम्मेलन की प्राथमिकताओं में शामिल है। 

कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत सम्मेलन के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढ़ाकर किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री निर्मल कुमार बुधिया एवं कार्यक्रम संयोजक विशाल पाड़िया ने किया। तथा धन्यवाद- ज्ञापन कोषाध्यक्ष कमलेश संचेती ने की। कार्यक्रम संयोजक अमित बजाज ने बताया कि इस आयोजन के प्रायोजक मेसर्स बाबूलाल प्रेम कुमार थे। 

झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर-कमल केडिया, पवन शर्मा, विनोद जैन, नंदकिशोर पाटोदिया, रमन वोडा, विश्वनाथ नारसरिया, मनोज चौधरी, किशन साबू, नरेंद्र लखोटिया, राजेंद्र केडिया, प्रमोद अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, रवि शंकर शर्मा, संजय सर्राफ, राजेंद्र अग्रवाल, प्रदीप बाकलीवाल, अशोक पुरोहित, डूंगरमल अग्रवाल, अशोक लाठ,कौशल राजगढ़िया राजेश कौशिक, जितेंद्र जैन, किशन शर्मा, सुनील पोद्दार, नरेश बंका, विजय कुमार खोवाल, विकास अग्रवाल, अमर अग्रवाल, नारायण विजयवर्गीय, कमल शर्मा, सहित सम्मेलन के अनेक पदाधिकारी, सदस्यगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे समारोह का वातावरण उत्साह, प्रेरणा और गौरव से ओत-प्रोत रहा।

Page 4 of 235

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse