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Published / 2025-08-21 21:57:49
झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन की प्रथम कार्यसमिति की बैठक 31 को जमशेदपुर में

टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन की सत्र 2025- 27 की प्रथम कार्यसमिति सदस्यों की एक बैठक दिनांक 31 अगस्त दिन रविवार को सुबह 11 बजे से पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन की आतिथ्य में रीवा रिसोर्ट एंड वेंक्वेट हॉल मानगो जमशेदपुर में रखी गयी है। 

झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय महामंत्री विनोद कुमार जैन ने बताया कि इस बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल द्वारा स्वागत एवं संबोधन, महामंत्री का प्रतिवेदन, प्रांतीय व प्रमंडलीय उपाध्यक्ष मंत्री का रिपोर्ट, पूर्व प्रांतीय अध्यक्षगण के उद्गार, संविधान संसोधन पर विचार, ट्रस्ट द्वारा लिए गए झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के नये कार्यालय पर विचार, सदस्यता विस्तार पर परिचर्चा, आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन की परिचर्चा, नयी उमंग प्रांतीय अधिवेशन की रिपोर्ट, तथा मारवाड़ी सम्मेलन के भावी कार्यक्रमों की रुपरेखा तय किया जाएगा। 

उक्त जानकारी देते हुए झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कार्यसमिति के सभी सम्मानित सदस्यों से बैठक में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह किया है। 

Published / 2025-08-21 20:30:37
स्वाध्याय है आत्मदर्शन का दर्पण : श्रीमाल

श्री जैन श्वेतांबर के पर्युषण पर्व में दिव्य प्रवचन 

टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेताम्बर संघ के पर्युषण पर्व के आज दूसरे दिन जैन मंदिर डोरंडा एवं दिगंबर जैन भवन में प्रवचन हुआ। श्री दिगंबर जैन भवन में उपासिका संतोष श्रीमाल एवं सीमा डूंगरवाल का प्रवचन सुबह 8:30 बजे से हुआ। पर्युषण पर्व का दूसरा दिन स्वाध्याय दिवस के रूप में मनाया गया। 

श्रीमती श्रीमाल ने स्वाध्याय के ऊपर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वाध्याय आत्मदर्शन का दर्पण है। यह हर व्यक्ति की आत्मा पर जमी हुई कालिमा को दूर कर व्यक्तित्व को सजाता संवारता है स्वाध्याय से हमारे पूर्व संचित कर्मफल की विशुद्धि होती है,  स्वाध्याय करते-करते साधक आत्मविद्या को प्राप्त होता है। स्वाध्याय अनेक प्रकार की लब्धियां सिद्धियां प्राप्त करने का सोपान है। 

उन्होंने आगे कहा कि स्वाध्याय एक महकता गुलशन है, जिसके सौरभ से मन प्रसन्न होता है तथा विचारों की पवित्रता बढ़ती है। ज्ञानावरणीय कर्म का क्षय होता है। सम्यग् ज्ञान की प्राप्ति के लिए आगम स्वाध्याय का विशेष महत्व बताया गया है। श्रीमती डुंगरवाल ने स्वाध्याय की महत्ता को उजागर करते हुए अपने विचार व्यक्त किए एवं गीतिका प्रस्तुत की। विशाल दस्सानी के आज 22 उपवास की तपस्या चल रही हैं। 

प्रवचन में अध्यक्ष बिमल दस्सानी, अमर चंद बैगानी, कोमल गेलड़ा, प्रकाश नाहटा, मूलचंद सुराणा, राजेश पींचा, ललित सेठिया के अलावा भारी संख्या मे श्रावक एवं श्राविकाएं मौजूद थे। श्री जैन मंदिर डोरंडा में सुबह 7 बजे नमिनाथ भगवान की प्रक्षाल पूजा हुई एवं स्नात्र पूजा हुई। तत्पश्चात 9 बजे से मुंबई से पधारे स्वाध्यायी श्री हर्षिल सुरेश साह एवं  जिनांग धीरेन साह का प्रवचन  हुआ। 

प्रवचन मे पर्युषण पर्व मे किये जाने वाले पांच कर्तव्यों के बारे में बताया गया, इन पांच कर्तव्यों मे अहिंसा साधार्मिक भक्ति, प्रत्याखान, चेत्य परिपाटी एवं क्षमापना है जो कि जिन शासन की पहचान है एवं गौरव भी है। पर्युषण के इन आठ दिनों मे प्रवचन स्वाध्याय करते है तो ज्ञान की महिमा, जिन पूजा करने से दर्शन की महिमा, सामायिक पौषध प्रतिक्रमण से चरित्र की महिमा, तप त्याग करने से तप की महिमा मिलती है इसलिये इसे पर्वाधिराज पर्युषण पर्व कहा जाता है। 

मंदिर में आज अध्यक्ष सम्पत लाल रामपुरिया, धर्मचंद भंसाली, प्रमोद बोथरा, अनिल कोठरी, विनय नाहटा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे। दोपहर मे ज्ञान शाला एवं शाम मे दोनों जगह पर प्रतिक्रमण के पश्चात भक्ति संध्या की गयी।

Published / 2025-08-20 21:06:23
श्री जैन श्वेतांबर संघ के पर्युषण पर्व पर हुआ दिव्य प्रवचन

टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेतांबर संघ के पर्युषण पर्व के आज प्रथम दिवस पर जैन मंदिर डोरंडा एवं दिगंबर जैन भवन में प्रवचन हुआ। श्री दिगम्बर जैन भवन में आज पर्युषण पर्व के प्रथम दिवस में गुलाबबाग से पधारे उपासिका संतोष श्रीमाल एवं सीमा डूंगरवाल का प्रवचन सुबह 8:30 बजे से हुआ। 

उपासिका संतोष श्रीमाल ने प्रवचन में बताया कि पर्युषण शब्द का शाब्दिक अर्थ चारों ओर से सिमटकर एक स्थानपर निवास करना या स्वयं में वास करनाज्ञ कषाय अर्थात क्रोध, मान -माया लोभ आदि विकारों आदि का उपशमन करना एवं अतीत मे हुई भूलों का सिंहावलोकन करना साथ ही भविष्य के लिए शुभ संकल्पों को सजाना। पर्युषण अहिंसा एवं समता का पर्व है यह आठ दिनों तक क्यों चलता हे इसकी भी जानकारी दी। 

उपासिका सीमा डूंगरवाल ने आज खाद्य दिवस के उपलक्ष्य मे गीतिका प्रस्तुत की एवं खाद्य संयम दिवस के उपयोगिता के बारे मे बताया, भोजन हमें जरूरतानुसार ही करना चाहिए, संयम बरतना चाहिए, झूठा कभी नहीं छोड़ना चाहिए आदि के बारे मे बताया। महिला मंडल के द्वारा गीतिका प्रस्तुत की गयी एवं आभार ज्ञापन सभाध्यक्ष बिमल दस्साणी ने किया तथा अंत मे मंगलपाठ के साथ प्रवचन संपन्न हुआ। विशाल दस्सानी के आज 21 उपवास की तपस्या चल रही हैं। 

प्रवचन में आज छोटे लाल चोरड़िया, घेवर चंद नाहटा, लाल चंद बोथरा, अशोक सुराणा, कमलेश संचेती, अमित बैंगानी आदि के साथ साथ समाज के श्रावक एवं श्राविकाओं की अच्छी उपस्थिति हुई। श्री जैन मंदिर डोरंडा मे सुबह 7:30 बजे स्नात्र पूजा हुई तत्पश्चात 9 बजे से मुंबई से पधारे स्वाध्यायी हर्षिल सुरेश साह एवं  जिनांग धीरेन साह का प्रवचन  हुआ। प्रतिक्रमण संध्या 6:30 बजे किया गया एवं रात्रि मे भक्ति संध्या की गयी।

Published / 2025-08-20 20:59:16
राणी सती दादी जी का भादो बदी मावस 23 अगस्त को

श्री सती दादी को दुर्गा का अवतार व नारी शक्ति का प्रतीक माना जाता है : संजय सर्राफ 

टीम एबीएन, रांची। श्री राणी सती दादी जी का भादो बदी अमावस्या 23 अगस्त शनिवार को मनाया जा रहा है। विशेष रूप से शनिवार आने के कारण इसे शनिश्चरी अमावस्या भी कहा गया है, इस दिन पितृ तर्पण, पिंडदान, व्रत और दान की परंपराएं गहराई से जुड़ी हुई है। 

झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि भादी मावस मारवाड़ी समाज का प्रमुख त्यौहार है जो कि सांस्कृतिक शक्ति, मातृत्व और साहस की प्रतिमूर्ति की पूजा के लिए भी विशेष महत्वपूर्ण है। राजस्थान के झुंझुनू दादी मंदिर के अलावा पूरे देश के राणी सती दादी मंदिर में इस दिन विशेष महोत्सव और भव्य पूजा का आयोजन होता है। 

सनातन धर्म में अमावस्या को स्नान- दान के लिए शुभ माना जाता है। इस पूजा का पितरों के संदर्भ में बहुत महत्व है। इस दिन महिलाएं एवं पुरुष दादी जी की मंदिरों एवं अपने-अपने घरों में विधिवत पूजा करते हैं। तथा पितरों को धोक एवं दादी जी की जात दी जाती है। पूजा में रोली, मोली, मेहंदी, चावल, नाल जोड़ी काजल, चूड़ी, सिंदूर, नारियल, गट, प्रसाद, दीपक, कलश, चढ़ाने के लिए रुपया, मीठा पूड़ा, घूघरे डिजाइन का पूड़ा,पूड़ी बनाते हैं। 

एक साफ पाटे पर रोली की सथिया बनाते हैं, दीपक जलाते हैं तथा तेरह रोली, चावल, मेहंदी, काजल की टिकी देते हैं। राणी सती दादी का वास्तविक नाम नारायणी है। कहा जाता है कि महाभारत युद्ध में चक्रव्यूह में वीर अभिमन्यु वीरगति को प्राप्त हुए थे इस समय उत्तरा जी को भगवान श्री कृष्ण जी ने वरदान दिया था कि तू कलयुग में नारायणी के नाम से सती दादी के नाम में विख्यात होगी। 

हर किसी का कल्याण करेगी और पूरी दुनिया में पूजी जाएगी, इसी वरदान के स्वरूप श्री सती दादी जी आज लगभग 715 वर्ष पूर्व मंगल 1352 ईस्वी में सती हुई थी। श्री राणी सती दादी का जन्म संवत् 1638 कार्तिक शुक्ला नवमी को डोकवा गांव में हुआ था। परम आराध्या दादी जी के प्रताप उनके वैभव और अपने भक्तों पर नि:स्वार्थ कृपा बरसाने वाली मां नारायणी सती दादी को मारवाड़ी समाज की कुलदेवी भी माना जाता है। 

नारी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इष्ट देवी के रूप में श्री राणी सती दादी देवी दुर्गा का अवतार है। इस मान्यता के चलते माता के प्रतिरूप को त्रिशूल स्वरूप में प्रतिष्ठापित किया गया है। दादी का मंदिर स्त्री सम्मान ममता और स्त्री शक्ति का प्रतीक है। भाद्रपद अमावस्या का दिन पितृ पूजन आत्म शुद्धि व्रत और दान से जुड़ा हुआ है। 

लेकिन जब यह दिन श्री रानी सती दादी जी की कथा से संगठित होता है, तो यह साहस, मातृत्व, स्त्री शक्ति और आध्यात्मिक बल का एक अमूल्य संदेश प्रस्तुत करता है यह हमें प्रेरित करता है कि जीवन में धर्म, निर्णय, त्याग और नैतिकता का मार्ग कभी न छोड़े।

Published / 2025-08-20 18:13:40
श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम मंदिर में 24 को नंदोत्सव एवं भगवान का छठी महोत्सव

टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग मे 24 अगस्त दिन रविवार को अपराह्न- 2 बजे से नंदोत्सव एवं भगवान की छठी महोत्सव का आयोजन किया गया। 

ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी नंद उत्सव एवं भगवान की छठी महोत्सव पर कोलकाता से पधार रहे संगीतमय नृत्य नाटिका, भजनों, अलौकिक श्रृंगार का भव्य आयोजन किया गया है। 

महोत्सव में महाप्रसाद, सामूहिक महाआरती तथा कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या मे पधारने की अपील की है। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

Published / 2025-08-19 20:58:02
20 से शुरू होगा श्री जैन श्वेतांबर संघ का पर्युषण पर्व

टीम एबीएन, रांची। पर्युषण पर्व के दौरान श्री जैन श्वेतांबर मंदिर डोरंडा मे तथा श्री दिगंबर जैन भवन हरमू मे प्रतिदिन धर्म आराधना, प्रवचन, ज्ञान शाला एवं प्रतिक्रमण आदि किये जायेंगे। श्री दिगंबर जैन भवन, हरमू में तेरापंथ संघ के उपासिका संतोष श्रीमाल एवं सीमा डूंगरवाल गुलाबबाग पूर्णिया से आज रांची पधारे हैं। 

पर्युषण पर्व के दौरान दिगंबर जैन भवन, हरमू रोड में उनके द्वारा धर्म-ध्यान, आराधना एवं प्रवचन दिनांक 20-08-25 से सुबह 8:30 बजे से किया जायेगा। 27-08-25 को संवत्सरी महापर्व एवं 28-08-25 को क्षमा याचना एवं विदाई समारोह कार्यक्रम के साथ संपन्न होगा। 

जैन मंदिर डोरंडा मे मूर्ति पूजक संघ के स्वाध्यायी हर्षिल सुरेश साह एवं जिनांग धीरेन साह आज मुंबई से रांची पधारे हैं। श्री जैन श्वेतांबर मंदिर डोरंडा में दिनांक 20 अगस्त से प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से स्नात्र पूजा, व्याख्यान सुबह 9 बजे से, प्रतिक्रमण संध्या 6:30 बजे से एवं भक्ति संध्या रात्रि 8 बजे से होगी। 

24 अगस्त को भगवान महावीर जन्म वांचन, 27 अगस्त को पर्युषण प्रतिक्रमण होगा। 31 अगस्त को सामूहिक क्षमा याचना के साथ साथ नमिनाथ भगवान की भव्य शोभायात्रा मंदिर से निकाली जायेगी।

जैनों के महापर्व पर्युषण के दौरान धर्म, ध्यान, तप, संयम, साधना, आराधना, उपासना का अधिक से अधिक लोग लाभ लें एवं प्रवचन में पहुंचें। साथ ही बच्चों को धर्म ज्ञान की शिक्षा मिले यही आग्रह समाज के पदाधिकारियों ने किया है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी।

Published / 2025-08-19 20:52:26
श्री धोली सती दादी जी का मंगल पाठ और भजन कीर्तन आयोजित

चली आई रे भादी मावस, दादी जी के नाम की छावस... 

लूट रहा लूट रहा लूट रहा रे, दादी जी का खजाना लूट रहा रे... 

टीम एबीएन, रांची। भादी मावस के पावन अवसर पर  रातू रोड स्थित कृष्णा अपार्टमेंट में श्री धोली सती दादी महिला समिति ने एक अत्यंत श्रद्धामय एवं भव्य धार्मिक आयोजन कराया। इस शुभ अवसर पर श्री धोली सती दादी जी की दिव्य उपस्थिति का भाव भरते हुए भक्तों ने मंगल पाठ, अलौकिक श्रृंगार, भजन-कीर्तन, आरती एवं प्रसाद वितरण के माध्यम से दादी जी की महिमा का गुणगान किया। 

इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ संदीप सर्राफ सपत्नीक सविता सर्राफ ने दादी जी के समक्ष विधिवत ज्योत प्रज्ज्वलित कर एवं पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना व भोग लगाया गया। दादी भक्तों ने सामूहिक रूप से पवित्र मंत्रों एवं स्तुतियों का उच्चारण कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। तत्पश्चात दादी जी का भव्य श्रृंगार किया गया, जिसमें सुगंधित फूलों, चांदी के आभूषणों तथा पारंपरिक वस्त्रों से उनका अलौकिक रूप सजाया गया। 

तत्पश्चात मंगल पाठ व भजन गायिका शशि सर्राफ एवं सविता सर्राफ ने अपने सुमधुर दादी जी का मंगल पाठ एवं मनमोहक भजनों से दादी भक्तों को अमृत गंगा का रसपान कराते हुए खूब झुमाया। समिति के कई दादी भक्तों ने अपने मधुर भजनों के स्वरों से वातावरण को भक्ति-रस में डुबो दिया। प्रस्तुत किए गए कुछ प्रमुख भजनों में-  

धोली दादी के द्वार चलो रे सजनी... 

जो मांगे दादी से, वो खाली जाए ना... 

चली आई रे भादी मावस, दादी जी के नाम की छावस... 

लूट रहा लूट रहा लूट रहा रे, दादी जी का खजाना लूट रहा रे.. 

इन भजनों में दादी जी की कृपा, भक्ति और उनके चमत्कारिक स्वरूप का गान किया गया, जिसे सुनकर उपस्थित दादी भक्त भाव विभोर हो उठे। भजन जागरण की समाप्ति के पश्चात भोग अर्पण एवं महाआरती की गयी, जिसमें सभी ने भाग लेकर दिव्य ऊर्जा का अनुभव किया। 

अंत में प्रसाद वितरण हुआ। मौके पर शशि सर्राफ, सविता सर्राफ, करुणा बागला, मंजू सर्राफ, अनुराधा सर्राफ, मधु सर्राफ, आशु सर्राफ, रिंकू सर्राफ, रितु सर्राफ, संचिता सर्राफ, स्नेहा सर्राफ, सुनीता सर्राफ, अनीता सर्राफ, बबीता मानपुरिया, रजनी सर्राफ, नीतू सर्राफ, रेनू सर्राफ, मनीषा सर्राफ, आशा सर्राफ, कांता सर्राफ, खुशी सर्राफ सहित बड़ी संख्या में दादी के भक्तगण उपस्थित थे। 

श्री धोली सती दादी प्रचार समिति के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नई पीढ़ी को भी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने का अवसर मिलता है।

Published / 2025-08-18 22:07:38
युवा वर्ग में कौशल विकास से सबल और स्वावलंबी बनेगा समाज : अजय पारीक

टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद झारखंड सेवा विभाग ने बच्चों के कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए आज कांके के होचर ग्राम स्थित नेताजी एकेडमी उच्च विद्यालय परिसर में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री सह केंद्रीय सेवा प्रमुख अजय पारीक, विश्व हिंदू परिषद (झारखंड-बिहार) के क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत सेवा प्रमुख अजय अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किये। 

मौके पर केंद्रीय मंत्री अजय पारीक ने कहा युवा पीढ़ी देश का भविष्य होता है। युवा पीढ़ी में कौशल के विकास से समाज सबल एवं स्वावलंबी होगा। उन्होंने कहा समाज की बहन-बेटियों एवं युवा पीढ़ियों को  शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण आवश्यक है, जिससे वह अपनी मूलभूत सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकता है। उन्होंने कहा दैहिक, दैविक और भौतिक जैसे त्रिविध ताप को सहन कर आगे बढ़ने वाला मानव ही सफल होता है।

समय एवं जीवन में अनुशासन का पालन करने वाला युवा देश और समाज के विकास का कड़ी बनता है। युवाओं को नशापान से दूर रहकर स्वस्थ शरीर निर्माण पर बल देते हुए कहा स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन बसता है तथा स्वस्थ मन ही उत्तम प्रवृत्ति के कार्य को करने में सहयोग करता है। उन्होंने बहनों को माता दुर्गा जैसे शक्तिशाली, माता सरस्वती जैसे गुणशाली बनकर देश व राष्ट्र के विकास में प्रबल प्रेरणा के साथ निरंतरआगे  बढ़ने को कहा। 

मौके पर सुजीत उपाध्याय, सुनीता कच्छप, रामकिशवर साहू, शिव प्रसाद साहू, कुसुम टोप्पो, अनु देवी, मनीष कुमार साहू सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बच्चे उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत के प्रचार प्रसार प्रांत प्रमुख प्रकाश रंजन ने दी।

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