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Published / 2025-09-09 17:26:33
श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर अन्नपूर्णा सेवा की तीसरी वर्षगांठ पर गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन

दोनों अन्नपूर्णा सेवा में अब तक छह लाख से ही अधिक लोगों ने किया भोजन : सुरेश चंद्र अग्रवाल 

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा संचालित पहाड़ी रोड स्थित श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर अन्नपूर्णा सेवा की तीसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं भावनात्मक आशीर्वाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह सेवा स्वर्गीय सत्यनारायण नारसरिया एवं स्वर्गीय शारदा देवी नारसरिया की पावन स्मृति में आरंभ की गई थी, जिसका उद्देश्य जरूरतमंदों को एवं सम्मानपूर्वक भोजन प्रदान करना है। 

कार्यक्रम का शुभारंभ स्व० सत्यनारायण नारसरिया एवं स्व० शारदा नारसरिया के फोटो पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। तत्पश्चात अन्नपूर्णा सेवा में 3 वर्षों तक भोजन बनाने वाले सभी तीन सेवादारों को पुष्प गुच्छ एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आए हुए सभी आगंतुक अतिथियों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के जिला अध्यक्ष सज्जन पाड़िया ने किया। इस अवसर पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सह अन्नपूर्णा सेवा के संयोजक सुरेश चंद्र अग्रवाल ने नारसरिया परिवार तथा इस सेवा में सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल भोजन नहीं बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का निर्वहन है उन्होंने कहा कि यह सेवा मानवता के प्रति हमारी संवेदना को दशार्ती है और हम इसे और व्यापक रूप से आगे बढ़ाने के लिए कृत संकल्पित है।

उन्होंने कहा कि मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा संचालित दोनों अन्नपूर्णा सेवा में प्रतिदिन 500 से अधिक लोग भोजन करते हैं श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर अन्नपूर्णा सेवा में 3 वर्षों में 2 लाख 75 हजार तथा स्वर्ण भूमि अन्नपूर्णा सेवा में 3 वर्ष 6 माह में 3 लाख 25 हजार से भी अधिक लोगों ने भोजन किया।अब तक लगभग 6 लाख से भी अधिक लाभुकों ने भोजन किया है। समाजसेवी रामावतार नारसरिया एवं प्रदीप नारसरिया ने रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है। 

उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा निरंतर चलती रहेगी। जिला अध्यक्ष सज्जन पाड़िया ने अपने उद्बोधन में सभी सेवादारों, सहयोगियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सेवा कार्य में सभी की सहभागिता आवश्यक है, और जब यह सेवा श्रद्धा, भावना और निस्वार्थता से जुड़ जाए, तो वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बन जाती है। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री निर्मल बुधिया ने किया। 

मौके पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, महामंत्री विनोद कुमार जैन, संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ, श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर के सचिव अनूप अग्रवाल, श्री माहेश्वरी सभा अध्यक्ष किशन साबू, नरेंद्र लाखोटिया, निर्मल बुधिया,अशोक नारसरिया, अभिषेक नारसरिया, जितेश अग्रवाल, ओमप्रकाश गाड़ोदिया, महेश अग्रवाल, नरेश बंका, आनंद जालान, मनोज रुईया, द्वारका प्रसाद अग्रवाल, रमेश बंका, सांवरमल बुधिया, राजकुमार मित्तल, अमित चौधरी, अजय खेतान, विजय कुमार खोवाल, कमल शर्मा, स्नेहा नारसरिया, प्रीति नारसरिया, मंजू लोधा सहित अन्य लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।

Published / 2025-09-08 20:28:05
पवन गोयनका ने ग्रहण किया राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार

  • अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के 28वें राष्ट्रीय अधिवेशन में पवन कुमार गोयनका ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया 
  • प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ट्रस्ट द्वारा झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के भवन एवं 25 लाख रुपये दिलवाने का राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिया आश्वासन, कड़ी कार्यवाही करने का भरोसा।  
  • झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौपे 600 से ज्यादा नए सदस्यों का सदस्यता शुल्क। 
  • झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन को मिला सदस्यता विस्तार में प्रथम आने का राष्ट्रीय पुरस्कार 

टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन का 28वां राष्ट्रीय अधिवेशन को अध्यात्म साधना केंद्र, छतरपुर, नई दिल्ली में बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। उद्घाटन सत्र में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर अधिवेशन का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज ने सदैव सेवा, व्यापार और संस्कार की अद्वितीय परंपरा कायम रखी है। समाज ने जहां भी कदम रखा है, वहां विकास और प्रगति की नई मिसालें पेश की हैं। 

इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका ने पदभार ग्रहण करते हुए कहा कि यह अधिवेशन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता और प्रगति का संकल्प है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संगठन की पहुंच को पूरे भारतवर्ष में और विस्तार दिया जाएगा तथा नई शाखाओं की स्थापना के माध्यम से समाज सेवा और संस्कार को और गहराई तक पहुंचाया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कलकत्ता के केदारनाथ गुप्ता को राष्ट्रीय महासचिव मनोनीत किया। 

राष्ट्रीय अधिवेशन में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में झारखंड से पच्चीस से ज्यादा प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिसमें मुख्य रूप से  पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार केडिया, प्रांतीय महामंत्री विनोद जैन, उपाध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल, पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन अध्यक्ष मुकेश मित्तल, धनबाद जिला मारवाड़ी सम्मेलन अध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल, संयुक्त महामंत्री भोला नाथ चौधरी, जिला महासचिव प्रदीप कुमार मिश्रा, कमल नरेडी, राकेश हेलिवाल, राजेश अग्रवाल, जीवन वर्मा, प्रमोद बाजला, श्रवल बथवाल, अशोक सर्राफ, सुरेंद्र सिंघानिया, सचिन सुल्तानिया, जगमोहन टिबरेवाल, राजकुमार शर्मा एवं सुनील मोदी ने भाग लिया।  

झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल एवं प्रांतीय महामंत्री विनोद कुमार जैन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका को 600 से ज्यादा नए सदस्यों का सदस्यता शुल्क सौंपा। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन को राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता विस्तार के क्षेत्र में प्रथम आने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सम्मानित किया।  

अधिवेशन में प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल और धनबाद जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल ने प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ट्रस्ट के महासचिव एवं पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष बसंत मित्तल द्वारा झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन को भवन एवं 25 लाख रुपये नहीं दिए जाने की बात जोरदार ढंग से उठाई। 

इस पर राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं प्रांतीय पदाधिकारियों की बीच हुई चर्चा के बाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी पक्षों को साथ बैठकर मामले को सलझाने की बात कही और कड़ी कार्यवाही करने का भी आश्वासन दिया। मौके पर मुकेश मित्तल ने सदस्यता शुल्क को सीधे राष्ट्रीय में जमा लेते हुए, राष्ट्र द्वारा प्रांत, जिला एवं शाखा को उसका अंश भेजने का सुझाव दिया ताकि संस्था की मान मयार्दा बनी रहे। प्रांतीय उपाध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल ने राष्ट्रीय, प्रांतीय, जिला स्तर पर अनुशासन कमिटी बनाने पर बल दिया ताकि ऐसे सदस्य जो संगठन के साथ खेल रहे हैं उनपर कड़ी अनुसाशनात्मक कार्यवाही हो सके।   

अधिवेशन के दौरान न केवल समाज की पुरानी उपलब्धियों का स्मरण हुआ बल्कि आने वाले वर्षों की कार्ययोजनाओं पर भी स्पष्ट दिशा तय की गई। पूर्व संध्या पर आयोजित भजन संध्या ने पूरे वातावरण को भक्ति और ऊर्जा से भर दिया, वहीं सम्मान समारोह ने समाज के सेवा कार्यों की सार्थकता को और मजबूती दी। पूरे भारतवर्ष से आए समाज के प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति विशेष रही। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।

Published / 2025-09-08 20:19:48
श्रीमद् भागवत कथा ही कलयुग के प्रभाव से दूर कर सकती है : मां चैतन्य मीरा

एबीएन सोशल डेस्क। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा के द्वारा अग्रसेन पथ स्थित अग्रसेन भवन में सात दिवसीय भागवत कथा के द्वितीय दिवस की कथा में मां चैतन्य मीरा ने बताया कि किस प्रकार से परीक्षित को ऋषि द्वारा श्राप दिया गया। किस प्रकार से कलयुग ने स्वर्ण में अपना स्थान मानकर स्वयं राजा परीक्षित की मति ही भ्रमित कर दी। 

उन्होंने बताया कि आज के समय में किस प्रकार से व्यक्तियों में आपसी भेदभाव और गृह क्लेश जैसे कारण हो रहे हैं ।यह सभी कलयुग का प्रभाव प्रभाव है। इस युग में प्रभु का नाम और श्रीमद् भागवत कथा ही हमें इस प्रभाव से दूर रख सकती है। यदि हम अपने भक्ति मार्ग से जोड़ते हैं प्रभु के प्रति प्रेम रखते हैं उनमें आस्था रखते हैं तो किसी भी प्रकार से हमारा अहित नहीं हो सकता। 

आज के समाज को यह जानना आवश्यक है कि यदि हम प्रभु से नहीं जुड़े तो हमारे जीवन का कल्याण संभव नहीं है। हमें सर्वथा इसी मार्ग पर आगे चलना चाहिए। साथ ही गुरु मां बताया कि उनके द्वारा नासिक आश्रम में और आनलाइन के माध्यम से ध्यान और योग के कई शिविर लगाए जाते हैं और अब यह शिविर नासिक के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर भी लगाये जायेंगे। 

जिससे कि प्रत्येक व्यक्ति अपने मन की पीड़ा को दूर कर सके। अपने मन को स्वच्छ कर सके। अपने शरीर को स्वस्थ कर सके और आज की युवा पीढ़ी में होने वाली बीमारियां अनिंद्रा, चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन को दूर को दूर किया जा सके और उनमें एकाग्रता का भाव लाया जा सके। महिला मंडल ने द्वितीय दिवस सेवा कार्य के तहत गौ सेवा की। गुरु मां और शाखा की बहनों द्वारा सुकुरहुटु गौशाला में जाकर कल्पवृक्ष के पेड़ और कुछ फलदार वृक्ष लगाये गये। गायों को रोटी गुड़ और चारा सब्जियां खिलायी गयी।

गुरु मां ने गौ सेवा के महत्व बताते हुए कहा कि भगवान कृष्ण गायों के बीच गोविंद बनकर रहे गौ माता की सेवा से हमें भगवान मिल सकते हैं। गोमूत्र से 140 रोग ठीक होते हैं। हमें गौ माता के ही दूध दही एवं घी का उपयोग करना चाहिए। कथा के अंत में समिति के सदस्यों के द्वारा आरती की गयी और प्रसाद का वितरण किया गया।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रूपा अग्रवाल, अनसूया नेवटिया, अलका सरावगी, मधु सराफ, उर्मिला पड़िया, नैना मोर, प्रीती बंका, मंजू केडिया, बीना मोदी, रीना सुरेखा, बीना बूबना, प्रीती पोद्दार, शोभा हेतमसरिया, मीरा टिंबरेवाल, करुणा अग्रवाल, सीमा टॉटीया, प्रीती अग्रवाल, मीना अग्रवाल, रेनू राजगढ़िया पूनम टेकरीवाल, रेखा अग्रवाल, छाया अग्रवाल, सीमा पोद्दार, सुनैना लॉयलका, प्रीति फोगला, रीता केडिया, शशि डागा, सरिता मोदी, प्रीति केडिया, बबीता नर्सरिया, जय बिजावत, सुषमा पोद्दार, मंजू गाड़ोदिया आदि बहनें शामिल थीं।

Published / 2025-09-07 19:53:28
हिनू इन्दिरा पैलेस मुहल्ला में हुआ रांची जिला में 15वें बाल संस्कारशाला का शुभारंभ

टीम एबीएन, रांची। अखिल विश्व गायत्री परिवार मुख्यालय शांतिकुंज, हरिद्वार के तत्वावधान में गायत्री परिवार की ओर से 6 से 15 वर्ष के बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए हिनू क्षेत्र इंदिरा पैलेस के पीछे स्थित ठाकुर मोहल्ला के क्लब में बाल संस्कारशाला का शुरुआत आज किया गया। 

आज के क्लास में माता-पिता की गरिमा, महिमा महानता, संस्कार क्यों आवश्यक, प्रातः काल जागरण में कर- दर्शन,धरती माता को प्रणाम,उषा पान करने के लिए विस्तृत रूप से पाठशाला में बच्चों को बताया गया। बताया कि यह क्लास प्रत्येक रविवार को 12:00 से चलेगा।

इस क्लास में बच्चों को व्यक्तित्व विकास, ज्यादा मोबाइल देखने से हानि, नशा से हानि, स्मरण शक्ति बढ़ाने के उपाय इत्यादि बिंदुओं पर बताए जा रहे हैं। दीपक दयाल प्रसाद ने जानकारी दी कि अबतक  बाल संस्कार-शाला रांची में रातू रोड, चुटिया, डोरंडा, धुर्वा, खलारी प्रखंड में डकरा, सिल्ली प्रखंड में मूरी, ओरमांझी प्रखंड में बूटी मोड़ तथा कांके प्रखंड सहित कई जगहों पर बाल संस्कारशालाएं चलाए जा रहे हैं। 

इन संस्कारशाला के केंद्रों  में बच्चों को निशुल्क भागीदारी के लिए मोबाइल नंबर 7979063686 पर संपर्क किए जा सकते हैं, जिसमें आचार्य वरण के रूप में  नमिता बहन,माधुरी बहन, सरिता बहन,  प्रीति बहन,बीना देवी, सपना कुमारी द्वारा बाल संस्कार चलाने के लिए संकल्प लिया है, जिसमें 25 से अधिक बच्चे उपस्थित थे। 

क्षेत्रीय परिजन एवं महिलामंडल ने इस शुभ अवसर पर शामिल आचार्यगणों और बच्चों को उपस्थित अभिभावकों ने बहुत सराहा और मंडल प्रतिनिधियों ने सबके स्वस्थ-सुखद जीवन, मंगलमय वातावरण विस्तार और उज्जवल भविष्य की मंगलमय मनोरथ सहित कामना की। शुभारंभ गुरु-ईश वंदना, गायत्री महामंत्र का सस्वर पाठ और समापन शांतिपाठ से हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार रांची के दीपक दयाल प्रसाद और जय नारायण प्रसाद ने दी।

Published / 2025-09-07 18:12:05
संत रामपाल जी के 75 वे अवतरण दिवस सतलोक आश्रम बेतूल में 30 जोड़ो का आदर्श दहेज मुक्त विवाह व 319 यूनिट रक्तदान

कुंभराज से कमल सिंह लोधा की रिपोर्ट

एबीएन न्यूज नेटवर्क, बेतूल। रविवार को जिला बैतूल के ग्राम उड़दन स्थित सतलोक आश्रम में संत रामपाल जी महाराज जी के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे महाविशाल समागम का दूसरा दिन था,जिसमे लाखो की संख्या में श्रद्धालुओं ने आकर पापनाशक भंडारा ग्रहण किया। 

आश्रम के सेवादारों ने बताया कि 8 सितंबर 1951 को मानव समाज के कल्याण के लिए पूर्ण परमात्मा संत रामपाल जी महाराज के रूप में धरती पर अवतरित हुए फिर संत रामपाल जी महाराज जी को स्वामी रामदेवानंद जी महाराज जी से 1988 में नामदीक्षा प्राप्त हुई थी आज तक निरंतर संघर्ष करते हुए संत रामपाल जी महाराज जी मानव समाज को पूर्ण मोक्षदायक सतभक्ति प्रदान कर रहे है।

 ये महाविशाल समागम पूज्य गुरुदेव संत रामपाल जी महाराज जी के 75 वें अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में मनाया जा रहा है जिसमे पूरे मानव समाज को आने का खुला निमंत्रण दिया गया है,इस महाविशाल भंडारे में शुद्ध देशी घी से बने लड्डू,जलेबी,सब्जी, पूड़ी, दाल,चावल, हलवा आदि का मनमोहक भंडारा दिया जा रहा है साथ ही आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज जी के अमर ग्रन्थ साहिब की अमरवाणी का अखंड पाठ चल रहा है। 

कार्यक्रम के दूसरे दिन संत रामपाल जी महाराज के समाज सुधार कार्यों के अंतर्गत मात्र 17 मिनिट में  गुरुवाणी द्वारा 30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह भी संपन्न कराया गया और जिला चिकित्सालय बैतूल से आए स्टाफ की मौजूदगी में अनुयायियों द्वारा 319 यूनिट रक्तदान भी किया गया साथ ही 3440 अनुयायियों द्वारा देहदान के संकल्प फार्म भरे गए। बिना दान दहेज, बिना फिजूलखर्ची के साथ हुए इस विवाह में किसी प्रकार का आडंबर देखने को नहीं मिला,विवाह के सभी जोड़े सादे सिंपल कपड़ो में बैठे रहे व अपने गुरुदेव जी की अमरवाणी को सुनकर सादगीपूर्ण तरीके से विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए। 

अनुयायियों के अनुसार इस विवाह के साक्षी सभी तैंतीस कोटि देवी देवता बने, समागम में आने वाले श्रद्धालुओं के बैठने के लिए 300×600 व 90×900 का स्थाई शेड बनाया गया है। साथ ही भंडारे के लिए 350×300 के पांडाल लगाया गया है। साथ ही जूता घर, पार्किंग, मोबाइल चार्जिंग, शौचालय आदि की पर्याप्त सुविधा के साथ आध्यात्मिक प्रदर्शनी व निःशुल्क नामदीक्षा की व्यवस्था भी की गई है। 

फोरलेन से आश्रम तक की दूरी में बने रोड पर लगी आकर्षित लाइटिंग व परमात्मा जी की झांकियां देखने में बहुत सुंदर लग रही है जिसे लोग गाड़ी रोककर देखते ही रह गए। समागम के दूसरे दिन तक 2000 से अधिक लोगो ने संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा ग्रहण कर अपने जीवन का कल्याण करवाया।

 कार्यक्रम में आए प्रशासन के अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इतनी अधिक तादाद में श्रद्धालुओं के आने के बाद भी यातायात सुविधा में किसी प्रकार की अव्यवस्था व संगत में भगदड़ देखने को नही मिली और यह भी कहा कि कही भी इतने विशाल कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस के जवान व मिलिट्री बुलानी होती है लेकिन संत रामपाल जी महाराज के कार्यक्रम में सारी व्यवस्था उनके सेवादार भक्त ही कर लेते है। 

अपने गुरुदेव जी के आदेशानुसार आने वाली सर्व संगत शांतिपूर्वक आकर अमर वाणी को श्रवण कर भंडारा प्रसादी लेकर वापस अपने घर जाती रही। 8 सितंबर को इस महासमागम का अंतिम दिन है। अनुयायियों ने सभी धर्म प्रेमी जनता से आग्रह किया कि वे भी इस पावन अवसर पर आकर पापनाशक भंडारा ग्रहण कर अपने पुण्य कर्म बनाएं।

Published / 2025-09-07 14:20:42
महाराजा अग्रसेन भवन में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह हुआ प्रारंभ

टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा के द्वारा अग्रसेन पथ स्थित अग्रसेन भवन में श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह यज्ञ का रविवार को शुभारंभ हुआ। इस मौके पर लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रांगण से निकली कलश यात्रा अग्रसेन भवन में आकर संपन्न हुई। शोभा यात्रा में महिलाऐं पारंपरिक वेशभूषा में सिर में कलश धारण कर शामिल हुई और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।

कलश यात्रा लक्ष्मी नारायण मंदिर से कथा स्थल पहुंची जहां पर व्यास पीठ पर श्रीमद् भागवत को विराजमान करके यजमानों के द्वारा पूजन किया गया। आज कथा के प्रथम दिवस में प्रारम्भ नासिक से पधारी सुप्रसिद्ध कथा वाचक गुरु मां चैतन्य मीरा के द्वारा श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने का और श्रीमद् भागवत कथा को जीवन में उतारने के महत्व को विस्तार से बताया।

गुरु मां ने कहा कि इस कथा को यदि हम पूर्ण नियम के साथ श्रवण करते हैं तो श्रीमद् भागवत कथा हमारे जीवन में सदमार्ग और आपसी प्रेम सामंजस्य को बनाए रखने को सिखाती है। कथा के माध्यम से यह भी जाना कि वास्तव में प्रभु श्री राम और प्रभु श्री कृष्ण श्रीमद् भागवत ही है जो इस संपूर्ण सृष्टि के पालनहार है। कथा में सभी भक्तों ने कथा श्रवनामृत के साथ-साथ भजनों पर भी आनंद प्राप्त किया।

इस अवसर पर निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरा बथवाल ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान में फिजूल खर्ची और आडंबर का बहिष्कार करें और सातों दिन सेवा का कार्य करे जायेंगे। इसके अंतर्गत प्रथम दिन भक्तों के द्वारा अन्न सेवा का कार्य किया गया जो की जरूरतमंद संस्थाओं के बीच मे दी जायेगी। व्यास पीठ से गुरु मां ने सभी भक्तों को नेत्रदान के बारे में जागरूक किया और कई भक्तों के द्वारा नेत्रदान का संकल्प कर संकल्प पत्र भरे गये। 

कथा के मुख्य यजमान सुनीता सुनील सरावगी है तथा इस श्रीमद् भागवत कथा के अन्य यजमान प्रीती सतीश पोद्दार, संगीता विष्णु दत्त गोयल,शोभा बैजनाथ हेतमसरिया, ममता प्रकाश बूबना,मंजू रमेश गोयनका, किरण विजय अग्रवाल,ममता अग्रवाल, उर्मिला पाड़िया, गीता डालमिया, उषा गाड़ोदिया, सरोज बाजोरिया,अनु सरावगी, किरण मोदी है। कथा के अंत मे द्वारा सामूहिक आरती की गई एवं प्रसाद का वितरण किया गया।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रूपा अग्रवाल, अनसूया नेवटिया, अलका सरावगी, मधु सर्राफ, उर्मिला पाड़िया, नैना मोर, प्रीती बंका, मंजू केडिया, बीना मोदी, रीना सुरेखा, बीना बूबना, प्रीती पोद्दार, शोभा हेतमसरिया, मीरा टिंबडेवाल, करुणा अग्रवाल, सीमा टॉटिया, प्रीती अग्रवाल, मीना अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, छाया अग्रवाल, सीमा पोद्दार, सुनैना लॉयलका, प्रीति फोगला, रीता केडिया, शशि डागा, सरिता मोदी ,प्रीति केडिया,बबीता नारसरिया, जय बिजावत, सुषमा पोद्दार, मंजू गाड़ोदिया सहित अन्य सदस्यगण शामिल थी। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा (88253 83669) ने दी।

Published / 2025-09-06 20:11:12
अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में हुआ भव्य आध्यात्मिक आयोजन

मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल सांसारिक सुख नहीं, बल्कि आत्मा की उन्नति एवं परमात्मा से एकत्व की प्राप्ति है : स्वामी सदानंद महाराज  

टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग रांची में अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर एक दिव्य एवं भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर को सुंदर पुष्पों सजाया गया था, जिससे वातावरण एक अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण एवं सामूहिक प्रार्थना से हुई, जिसके पश्चात मुख्य आकर्षण के रूप में परमहंस डॉ संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज की पावन उपस्थिति में भजन, सत्संग एवं प्रवचन का आयोजन किया गया। गुरुदेव ने अपनी दिव्य वाणी से श्रोताओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का अत्यंत भावपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक वर्णन प्रस्तुत किया। 

कथा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति मार्ग की महत्ता, धर्म की स्थापना एवं जीवन में अध्यात्म के वास्तविक स्वरूप को सरल, सहज एवं प्रेरणादायक शैली में समझाया। सद्गुरु श्री सदानंद जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि- मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल सांसारिक सुख नहीं, बल्कि आत्मा की उन्नति एवं परमात्मा से एकत्व की प्राप्ति है। श्रीमद्भागवत हमें यही शिक्षा देती है कि सेवा, सच्चाई और सत्संग के मार्ग पर चलकर हम ईश्वर को प्राप्त कर सकते हैं। 

सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बड़े श्रद्धा भाव से प्रवचन श्रवण किया और भजन-कीर्तन में सम्मिलित होकर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। सत्संग के उपरांत भव्य गुरु पूजन का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने अपने परम पूज्य गुरुदेव का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु पूजन के बाद प्रसाद वितरण का कार्यक्रम हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर दिव्य अनुभूति प्राप्त की। आयोजन के दौरान अनुशासन, समर्पण और सेवाभाव की झलक हर पहलू में देखने को मिली। 

ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता ने न केवल भक्ति की भावना को सशक्त किया, बल्कि समाज को एकता, प्रेम, और सेवा का संदेश भी दिया। यह दिव्य आयोजन अनंत चतुर्दशी को आध्यात्मिक पर्व में परिवर्तित कर गया, जिसे श्रद्धालु लंबे समय तक स्मरण करते रहेंगे। 

इस अवसर पर ट्रस्ट के सह संरक्षक विजय कुमार अग्रवाल, निर्मल छावनिका, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, मनोज चौधरी सज्जन पाड़िया, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, नवल अग्रवाल, विशाल जालान, नंदकिशोर चौधरी, मधुसूदन जाजोदिया, सुरेश अग्रवाल सुरेश चौधरी, मनीष सोनी, सुनील पोद्दार, संजय सर्राफ, पवन पोद्दार, पुजारी अरविंद पांडे, बिमला जालान शीला मुरारका, रमा डोकानिया, कविता गाडोदिया, संतोष देवी, अग्रवाल ललिता पोद्दार, रेखा पोद्दार, मनीषा जालान, सरिता अग्रवाल, प्रमिला पुरोहित, सुधा सुलतानिया, सीता शर्मा, शारदा पोद्दार, मंगला मोदी, उषा मोदी, आशा मुंजाल, दीपिका मोतीका, आशा मिश्रा, आशा सिंह, बिमला मिश्रा, सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

Published / 2025-09-04 21:27:03
मुक्तिदाता स्वयं अपनी हैसियत की तलाश में : डॉ बृज किशोर पाण्डेय

टीम एबीएन, रांची। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में पीएस नरसिम्हा एवं जायमाल्या बागची की पीठ ने शिक्षकों को राष्ट्र की बौद्धिक रीढ़ बताते हुए तल्ख टिप्पणी की  कि -शिक्षक ही समाज के शिल्पकार होते हैं। देश के भविष्य और राष्ट्र निर्माता हैं। भगवान और गुरु दोनों सामने हों तो गुरु का वंदन करना चाहिए, जननी और जनक से ज्यादा सम्मान गुरु को देना चाहिए। ऐसे महिमामंडन करने वाले वचनों, कथनों का कोई अर्थ नहीं है अगर उनको सम्मानजनक वेतन नहीं मिलता है ।यह देश में ज्ञान के महत्व को घटाता है। 

इस टिप्पणी ने तमाम सवालों को जन्म दिया है। शिक्षक का स्तर समाज के सामाजिक -सांस्कृतिक लोकाचार को दशार्ता है। शिक्षा मुक्ति की सांस्कृतिक कार्रवाई है और  जब मुक्तिदाता स्वयं समाज में सम्मान, उचित वेतन और अपनी हैसियत की तलाश में हैं तो इससे बड़ी विडंबना क्या होगी? वर्तमान में शिक्षक के प्रति हमारे नजरिए में बदलाव आया है। 

शिक्षक से आदर्श, चरित्र सादगी की उम्मीद सबको है पर परंपरागत झोलाछाप मास्टर की छवि से इतर शिक्षक का इमेज समाज को गंवारा नहीं है। समाज में आदर्श का पैमाना बदल गया है। आज मिलेनियम, रसूखदार हैसियत वाले हमारे प्रेरणा स्रोत हैं। आखिर शिक्षक के प्रति नजरिया में क्यों बदलाव आया? आज स्कूल शिक्षा का मंदिर कम व्यापार का केंद्र ज्यादा है। अभिभावक ग्राहक, शिक्षा उत्पाद और इस व्यापार में शिक्षक कहां है? सोचिए! 

साइकिल, पोशाक, छात्रवृत्ति मिड डे मील और कितनी योजना है पर वास्तविक शिक्षा कहां है? खिचड़ी की महक से प्रेरित होकर स्कूल में पहुंचने वाले प्रतियोगी परीक्षाओं में कैसे टिकेंगे? निजी विद्यालय में किताब, कापी, ड्रेस की दुकान है और शिक्षा महंगी। कुकुरमुत्ता की तरह ट्यूशन की दुकान, परचून की दुकान की तरह खुले बीएड, डीएलएड या अन्य शिक्षक शिक्षण विद्यालय से देश में भविष्य का कैसा निर्माण होगा? 

जब एजुकेशन एक प्रीपेड सर्विस से ज्यादा कुछ नहीं तो कैसे एक आइडियल सोसायटी के निर्माण की आशा की जा सकती है? आज गुरु शिष्य के संबंध में रिसेशन का दौर क्यों है? अब यह रिश्ता इतना पावन क्यों नहीं रहा? शिक्षक या अध्यापक क्या एक वृति है? यह प्रवृत्ति का रूप धारण क्यों नहीं करती? 
परंतु शिक्षक के चाल चरित्र में आज बदलाव आया है। इस सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। 

ई लर्निंग, गूगल गुरु, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भी शिक्षक के महत्व को कम नहीं किया जा सकता है। आज शिक्षक भी सामाजिक बदलाव को स्वीकार कर नए अवतार में हैं। मास्टर साहब आज अपडेट, डिजिटल फिट और हर चुनौती को स्वीकार करने में सक्षम हैं और उचित सम्मान तथा वेतन के हकदार भी हैं।

इसलिए शिक्षक दिवस के दिन हम लोगों को शिक्षा, शिक्षक- छात्र संबंध, शिक्षक का सम्मान, वेतन, सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के प्रति सकारात्मक सोच रखते हुए सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक बदलाव की नींव रखने की जरूरत है ताकि देश के भविष्य जिनके हाथ में है वो हाथ मजबूत हो। शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं...।

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