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Published / 2022-01-29 09:16:22
मोबाइल रिचार्ज : अब साल में नहीं होंगे 13 महीने, 28 की जगह 30 दिनों की मिलेगी वैलिडिटी

एबीएन डेस्क। अगर आप भी कोई प्रीपेड मोबाइल प्लान रिचार्ज कराते वक्त ये सोचते हैं कि इस प्लान में 28 की जगह 30 दिन क्यों नहीं मिलते तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। अब आप जल्द ही 30 दिन की वैलिडिटी वाले प्रीपेड प्लान से भी अपना मोबाइल रिचार्ज करा सकेंगे। RAI ने शुक्रवार को सभी टेलीकॉम कंपनियों को मोबाइल रिचार्ज की वैलिडिटी 28 दिन की बजाय 30 दिन देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही टेलीकॉम कंपनी को अपने प्लान में अब एक स्पेशल वाउचर, एक कॉम्बो वाउचर पूरे महीने की वैलिडिटी के साथ रखना होगा। बता दें कि टेलीकॉम कंपनियों के मौजूदा प्लान में 28 दिन की वैलिडिटी होती है, जिसकी वजह से कस्टमर्स को एक साल में 13 बार मंथली रिचार्ज कराना होता है। ट्राई के इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि ग्राहकों की ओर से एक साल में कराए गए रिचार्ज की संख्या में कमी आएगी। ऐसा होने से ग्राहकों के एक महीने के एक्स्ट्रा रीचार्ज के पैसे बचेंगे। इसके साथ ही ट्राई ने ये भी कहा कि कंपनियों को कम से कम एक ऐसा प्लान वाउचर, एक स्पेशल टैरिफ वाउचर और एक ऐसा कॉम्बो वाउचर जरूर ऑफर करना चाहिए जिन्हें हर महीने एक ही तारीख को रिन्यू कराया जा सके। ट्राई के इस नए बदलाव से यूज़र्स को काफी फायदा पहुंचेगा और उन्हें अपनी सहूलियत के हिसाब से सही वैलिडिटी वाले प्लान्स के ज्यादा ऑप्शन भी मिलेंगे। ट्राई ने कहा कि उसे यूजर्स से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि उन्हें मंथली प्लान्स के लिए साल में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है और इससे उन्हें ठगा हुआ महसूस होता है। अब ट्राई के इस आदेश का टेलीकॉम कंपनियों ने विरोध किया है। वोडाफोन-आइडिया का कहना है कि 28 दिन, 54 दिन या 84 दिन की वैलिडिटी वाले किसी भी प्लान में बदलाव करने से बिल साइकिल में काफी गड़बड़ी आ जाएगी, इसके साथ ही कंपनी को कन्ज्यूमर अवेयरनेस और रिटेल चैनल एजुकेशन के लिए भी काफी मेहनत करनी पड़ेगी।

Published / 2022-01-27 07:39:19
ध्वजारोहण, झंडोत्तोलन और झंडा फहराने में क्या है फर्क...

एबीएन डेस्क। प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के दिन राजपथ पर राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं। वहीं स्वतंत्रता दिवस इसी तरह 15 अगस्त को लाल किले पर मनाया जाता है लेकिन इन दोनों दिवस में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के तरीकों में अंतर है। 26 जनवरी को झंडा फहराया जाता है; लेकिन 15 अगस्त को ध्वजारोहण अथवा झंडोत्तोलन होता है। 15 अगस्त यानि स्वतंत्रता दिवस वाले दिन राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर खींचा जाता है और फिर फहराया जाता है। दरअसल जिस दिन भारत को आजादी मिली थी उस दिन ब्रिटिश गवर्नमेंट ने अपना झंडा उतारकर भारत के तिरंगे को ऊपर चढ़ाया था, इसलिए हर साल 15 अगस्त को तिरंगा ऊपर खींचा जाता है फिर फहराया जाता है। इस प्रक्रिया को ध्वजारोहण कहते हैं। वहीं, 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस वाले दिन राष्ट्रीय ध्वज ऊपर बंधा रहता है उसे केवल फहराया जाता है। यही वजह है कि उसे ध्वजारोहण नहीं बल्कि झंडा फहराना कहते हैं। 26 जनवरी को राष्ट्रपति ही क्यों फहराते हैं तिरंगा : प्रधानमंत्री देश का राजनीतिक प्रमुख होता है जबकि राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख होता है। देश का संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था। क्योंकि उससे पहले न देश में संविधान था और न राष्ट्रपति का पद। इसी वजह से हर साल 26 जनवरी को राष्ट्रपति ही राष्ट्रीय ध्वज "तिरंगा" फहराते हैं।

Published / 2022-01-27 04:47:14
चुनावी राज्यों में जोरों पर चल रहा दलबदल का कारोबार

एबीएन डेस्क। जहां-जहां इन दिनों चुनाव हैं, वहां-वहां दलबदल का कारोबार पूरे जोर-शोर से चल रहा है। जहां चुनाव नहीं हैं, वहां भी लोगों को राष्ट्रहित बहुत तेजी से याद आ रहा है। कई नेताओं को यह याद आ रहा है कि जिस पार्टी में वे हैं, उस पार्टी में रहकर देशसेवा और देश की तरक्की नहीं की जा सकती। इसका मतलब यह है कि हमारे देश के बहुत सारे नेता गलत पार्टियों में हैं, इसीलिए देश की तरक्की नहीं हो सकती। दलबदल करने वाले नेताओं की मानें, तो देश की सबसे बड़ी समस्या यही है कि जिसे भाजपा में होना चाहिए, वह कांग्रेस में है, और जिसे समाजवादी पार्टी में होना चाहिए, वह भाजपा में है। जिसे बसपा में होना चाहिए, वह किसी और पार्टी में है और जिसे किसी और पार्टी में होना चाहिए वह किसी अन्य पार्टी में है। इसका मतलब यह है कि जिसे जिस पार्टी में होना चाहिए, वह उसमें पहुंच जाए, तो अपने देश का कल्याण हो जाए। सवाल यह है कि ऐसे लोग हमारे नेता क्यों हैं, जिन्हें बरसों तक यही समझ में नहीं आता कि उन्हें किस सियासी पार्टी में होना चाहिए? जिन लोगों को 30-30 बरस तक यही पता नहीं चलता कि वे गलत पार्टी में हैं, वे अगर हमारा नेतृत्व करेंगे, तो यह कैसे मान लें कि वे हमें सही रास्ते पर ले जाएंगे? अगर कोई ड्राइवर दस घंटे बाद ही हमसे कहे कि मैं तो गलत रास्ते पर था, तो क्या हम उसे बर्दाश्त करेंगे? कई नेताओं में तो सही पार्टी चुनने की ऐसी लगन होती है कि वे जिंदगी भर खोजी नेता बने रहते हैं। वे पूरी जिंदगी एक पार्टी से दूसरी पार्टी में यह सूंघते हुए घूमते रहते हैं कि सही पार्टी कौन सी है और शायद जिंदगी के बाद भी वे स्वर्ग और नरक के बीच आवाजाही जारी रखते होंगे। उनकी वफादार जनता भी फुटबॉल की तरह उनके साथ-साथ यहां-वहां टकराती रहती है। गलत पार्टियों में रहने वाले नेता पाने के लिए हम इसीलिए अभिशप्त हैं कि हम सही नेता नहीं चुन सकते, गलती तो अपनी ही है।

Published / 2022-01-26 04:13:33
झारखंड : दिवंगत साहित्यकार गिरधारी राम गोंझू को पद्मश्री सम्मान

एबीएन डेस्क। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया गया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत, पूर्व सीएम कल्याण सिंह तथा विद्वान राधेश्याम खेमका को मरणोपरांत तथा कला के क्षेत्र में प्रभा अत्रे सहित चार विभूतियों को पद्मविभूषण सम्मान से नवाजा गया है। झारखंड के साहित्यकार और क्षेत्रीय भाषाओं के विद्वान गिरधारी राम गोंझू समेत 117 हस्तियों को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया। पद्मश्री पाने वालों में ओलंपिक में स्वर्ण विजेता रहे नीरज चोपड़ा भी शामिल हैं। केंद्र ने कुल 17 विभूतियों को पद्म भूषण से सम्मानित किया है जबकि 117 हस्तियों को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। पद्मश्री से नवाजे जाने वालें में ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा भी शामिल हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, प्रसिद्ध अभिनेता विक्टर बनर्जी, गूगल के सीईओ सुंदर राजन पिचई, साइरस पूनावाला सहित 17 विशिष्ट लोगों को पद्म भूषण दिया गया है। झारखंड के प्रमुख रचनाकारों में डॉ गिरधारी राम गोंझू गिरिराज का नाम शुमार था। वह हिंदी और नागपुरी भाषा के मर्मज्ञ थे। उनकी रचना में झारखंड की संवेदना सहज ही झलकती थी। 5 दिसंबर 1949 को बेलवादाग खूंटी जिला में जन्मे डॉ गिरधारी राम गोंझू का जीवन संघर्षपूर्ण था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा खूंटी में करने के पश्चात एमए, बीएड, एलएलबी व पीएचडी की शिक्षा दीक्षा ली। उनकी प्रकाशित रचनाओं में कोरी भइर पझरा, नागपुरी गद तइरंगन, खुखड़ी- रूगड़ा सहित अनेकों पत्र-पत्रिकाओं में उनकी लिखनी प्रकाशित होती रही हैं। न अखरा निंदाय गेलक नाटक रचना झारखंड के ज्वलंत समस्या पलायन जैसे संवेदनशील विषय को लेकर प्रकाशित किया गया था।

Published / 2022-01-26 04:05:22
आज राष्ट्रपति के हाथों विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित होंगे नीरज चोपड़ा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। नीरज चोपड़ा ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले ट्रैक और फील्ड एथलीट हैं। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद मंगलवार शाम राष्ट्रपति भवन में 384 रक्षा कर्मियों को वीरता और अन्य पुरस्कारों से सम्मानित करेंगे। पुरस्कारों में 12 शौर्य चक्र, 29 परम विशिष्ट सेवा पदक, चार उत्तम युद्ध सेवा पदक, 53 अति विशिष्ट सेवा पदक, तीन विशिष्ट सेवा पदक और 13 युद्ध सेवा पदक, शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रपति 122 विशिष्ट सेवा पदक, तीन बार सेना पदक (वीरता), 81 सेना पदक (वीरता), दो वायु सेना पदक (वीरता), 40 सेना पदक (कर्तव्य के प्रति समर्पण), आठ नौ सेना पदक (कर्तव्य के प्रति समर्पण) और 14 वायु सेना पदक विजेताओं को भी सम्मानित करेंगे।

Published / 2022-01-25 16:50:45
सम्मान : दिवंगत कल्याण सिंह और सीडीएस बिपिन रावत को पद्म विभूषण

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया है। विमान हादसे में शहीद हुए सीडीएस जनरल बिपिन रावत और भाजपा के दिवंगत नेता कल्याण सिंह को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। केंद्र सरकार ने जो सूची जारी की है, उसमें विभिन्न क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए 128 लोगों को सम्मानित करने का ऐलान किया है। इनमें 4 लोगों को पद्म विभूषण, 17 लोगों को पद्म भूषण और 107 लोगों को पद्म श्री से नवाजा जाएगा।

Published / 2022-01-24 14:33:58
मध्यप्रदेश के छतरपुर में 70 हजार में बेची गयी पलामू की नाबालिग बरामद

मेदिनीनगर। पलामू जिले की एक नाबालिग बेटी को मध्यप्रदेश के छतरपुर में 70 हजार रुपये में बेच दिया गया। नाबालिग को खरीदने वाले व्यक्ति की लड़की से शादी के बाद देह व्यपार करवाने की योजना थी। इस मामले में रामगढ़ पुलिस ने लड़की को बेचने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार की है। गिरफ्तार आरोपियों में एक एमपी के छतरपुर का रहने वाला है। रामगढ़ थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर लिया गया है। इस सूचना पर पुलिस ने ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला चला कि नाबालिग को एमपी के छत्तरपुर के टेकरीपुर राकेश यादव नामक व्यक्ति को बेचा गया है। इसी सूचना के आलोक में एसडीपीओ के विजयशंकर और रामगढ़ थाना प्रभारी प्रभात रंजन राय के नेतृत्व में पुलिस ने एमपी के छतरपुर में स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर नाबालिग को मुक्त करवाया।और इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और बेचने के आरोप में राकेश यादव, उपेंद्र कुमार उर्फ गौतम,जितेंद्र पासवान को गिरफ्तार किया है। लड़की को एमपी के छतरपुर में बेचा गया। इस मामले में रामगढ़ थाना प्रभारी प्रभात रंजन राय ने बताया कि नाबालिग को गढ़वा जिला के ग्राम डंडई के रहने वाले रोहित उर्फ उपेंद्र काम दिलाने के बहाने छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज ले गया था। एक दिन बाद नाबालिग को तातापानी ले जाया गया और वंहा गढ़वा के रमकंडा निवासी जितेंद्र पासवान से मिलवाया। उसके बाद जितेंद्र पासवान ने नाबालिग को लेकर एमपी के छत्तरपुर में चला गया। छत्तरपुर में ही राकेश यादव के हाथ 70 हजार रुपये में बेच दिया गया। राकेश यादव नाबालिग से शादी के बाद देह व्यापार करवाने वाला था। तब तक रामगढ़ पुलिस ने एमपी की पुलिस के सहयोग से तीन लोगों को गिरफ्तार करते हुए नबालिग लड़की को भी बरामद कर लिया गया।

Published / 2022-01-24 08:43:10
गूंजने लगी शहनाई, लेकिन 100 लोग ही कार्यक्रम में होंगे शामिल

टीम एबीएन, कोडरमा। खरमास के बाद शादी के लिए शुभ लगन का इंतजार हुआ खत्म हुआ और इसके साथ ही बैंड बाजा और बारात की धूम शुरू हो गई है। क्योंकि शुभ लग्न की शुभ घड़ी की शुरुआत हो गयी है। वैसे तो कोरोना के कारण जिले में शादियां बेहद कम होगी। जो भी कर रहे हैं सादगी तरीके से कर रहे हैं। गत वर्ष भी कोरोना के कारण बेहद कम शादियां हुईं। उसमें भी मेहमान कम बुलाने के लिए सरकार ने गाइडलाइन जारी की थी। इस बार भी सिर्फ सौ लोगों को ही शामिल होने की अनुमति दी गई है। कई लोगों के वर पक्ष या वधू पक्ष दूसरे राज्यों में रहते हैं। वे लोग शादियां टाल भी रहे हैं। वे लोग कोरोना संक्रमण कम होने का इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में राज्य सरकार ने 31 जनवरी तक रात्रि 8 बजे तक ही प्रतिष्ठानों को खोलने का निर्देश जारी किया है और कई अन्य पाबंदियां भी लगायी गई हैं। इस वक्त जिले में प्रतिदिन संक्रमित मरीजों की संख्या पाई जा रही है। जिस कारण शादियों में मेहमान भी कम आना पसंद कर रहे हैं। वहीं झुमरी तिलैया के दुल्हन एवं उनके परिवार शादी को लेकर कुआं पर पूजा अर्चना कर विधान कराते दिख रहे हैं। वहीं पंडित और साथ में बैड बाजा का धुन बजाने में लगे दिख रहे हैं। इधर, कोरोना के कारण कपड़ा, सोना-चांदी, फर्नीचर, जूता-चप्पल, इलेक्ट्राॅनिक समान, वाहन की खरीदारी भी की जा रही है। मेहमानों की संख्या सीमित होने डेकोरेटर्स कैटरिंग को भारी नुकसान : शादियों में मेहमानों की संख्या सौ लोग होने से डेकोरेटर्स व कैटरिंग व्यवसाय को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसमें भी कई लोग कोरोना संक्रमण के कारण शादी की तिथि टाल रहे हैं। जिससे होटल, टेंट और कैटरिंग के कारोबार को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। बैंड वालों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस साल शादी के शुभ मुहूर्त : जनवरी 22, 23, 24 व 25, फरवरी 5, 6, 7, 8, 9, 10, 18, 19, 20, मार्च कोई मुहूर्त नहीं।अप्रैल 15, 16, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 27, मई 2, 3, 4, 9, 10, 11, 12, 16, 17, 18, 20, 21, 26, 27, 31, जून 1, 6, 8, 10, 11,13, 20, 21, 23 जुलाई 3, 4 ,5 ,6 7,8,9, 14, 18, 19, 20, 21, 23, 24, 25, 30, 31, अगस्त 1, 2, 3, 5, 9, 11, 14, 15, 19, 20,21, 28, सितंबर 1, 4, 5, 6, 7, 8, 26, 27, अक्तूबर कोई मुहूर्त नहीं, नवंबर कोई मुहूर्त नहीं और दिसंबर 2, 4, 7, 8, 9 व 14 तारीख।

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