टीम एबीएन, रांची। रांची के रहने वाले अनिल केजरीवाल दुबई में आजादी का अमृत महोत्सव मनाएंगे। भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरा होने के अवसर पर देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी के तहत अनिल केजरीवाल की संस्था आर्ट्सक्राफ्ट की ओर से अनोखे अंदाज में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जाएगा। यूएई में भारतीय दूतावास के सहयोग से आर्ट्सक्राफ्ट की ओर से तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 13 अगस्त से शुरू होकर 15 अगस्त तक चलेगा। इसमें झारखंड के अलावा देश-विदेश के कलाकार हिस्सा ले सकते हैं। कार्यक्रम के तहत तीन तरह की प्रतियोगिताएं होंगी। पहली प्रतियोगिता इंटर स्कूल पेंटिंग, दूसरी प्रतियोगिता चार थीमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी और तीसरी प्रतियोगिता भारत और आबुधाबी के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा कलाकृतियों प्रदर्शन होगा। प्रतियोगिता की चुनिंदा कलाकृतियों को आबुधाबी स्थित भारतीय दूतावास में 13 से 15 अगस्त तक प्रदर्शित किया जायेगा। केजरीवाल ने बताया कि कार्यक्रम के तहत पहली प्रतियोगिता इंटर स्कूल पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित हुई। आबुधाबी के ड्युनेस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित इस प्रतियोगिता में 10 स्कूलों के 50 से ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया। इनमें से 25 चुनिंदा कलाकृतियों को निर्णायक मंडल द्वारा चुनकर आबुधाबी स्थित भारतीय दूतावास में 13 से 15 अगस्त तक प्रदर्शित किया जाएगा। दूसरी प्रतियोगिता चार थीमों पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी। ये चार थीम हैं : आजादी का अमृत महोत्सव, एक भारत-श्रेष्ठ भारत, 75 इयर्स आॅफ ग्लोरियस जर्नी और कल्चरल हेरिटेज आॅफ इंडिया। दुनियाभर के किसी भी देश के कलकार इनमें से किसी एक थीम पर आधारित कलाकृति बनायेंगे। इसके अलावा इन्हीं चार थीमों पर भारत और आबुधाबी के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी कलाकृति बनायेंगे। ये कलाकृतियां भारतीय दूतावास में प्रदर्शित की जाएंगी। ये प्रदर्शनी तीन दिन तक चलेगी। कलाकृतियों को जमा करने की अंतिम तिथि 10 जुलाई निर्धारित की गयी है। 20 से 25 जुलाई तक आॅनलाइन वोटिंग होगी। आॅनलाइन वोटिंग और निर्णायक मंडल के वोटों के आधार पर विजेताओं का चयन किया जाएगा और इसकी घोषणा 30 जुलाई को की जायेगी। बेहतरीन कलाकृति को ट्रॉफी, सर्टिफिकेट और नगद ईनाम दिया जायेगा। वरिष्ठ कलाकार कनु पटेल की अगुवाई में देश-विदेश के प्रतिष्ठित कलाकारों का निर्णायक मंडल विजेताओं का चयन करेगा। प्रतियोगिता के संयोजक अनिल केजरीवाल ने बताया कि यह प्रतियोगिता एजे स्टील के मोहम्मद इस्माइल द्वारा प्रायोजित की जा रही है। इंस्टीट्यूट आॅफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आॅफ इंडिया की दुबई और अबू धाबी शाखा और इंडियन बिजनेस प्रमोशन ग्रुप अबू धाबी भी अनिल केजरीवाल को सहयोगी पार्टनर के तौर पर सहयोग कर रहे हैं। इन तीन दिनों के दौरान भारतीय दूतावास में लाईव पेंटिंग और टॉक शो का भी आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए कलाकारों को अपनी प्रवृष्टि पूरी जानकारी के साथ contest.artscrafts@gmail.com पर भेजनी होगी। इस प्रतियोगिता से जुड़ी विस्तृत जानकारी संस्था की वेबसाइट https://artscrafts.co/ पर और इसके यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा है। इस दिन दुनिया भर में लाखों लोग भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन राजसी रथों को आगे बढ़ते हुए देखते हैं। दुनिया भर में लाखों भक्त दिव्य आनंद से भर जाते हैं। हर साल दुनिया भर से लाखों लोग श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की पूजा करने के लिए पवित्र मंदिर शहर पुरी आते हैं। इन लाखों भक्तों को सुरक्षा और सुरक्षा के उपायों के साथ-साथ सभी सुविधाएं प्रदान करना आसान नहीं है। इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि भक्त बिना किसी असुविधा या असुविधा के पूजा का आनंद ले सकें, ओडिशा के लिए हमेशा सर्वोत्तम सुविधाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करना एक चुनौती रही है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शुरू की परियोजना : कई महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था और तब भी यह अनिश्चित और कई तार्किक चुनौतियों से भरा था। महिलाओं और बुजुर्गों को मंदिर परिसर से काफी दूर शौचालय तक पहुंचने में भी काफी कठिनाई होती थी। रथ यात्रा के दौरान जब लाखों लोग मंदिर के सामने इकट्ठा होते हैं, तो भगदड़ या किसी गड़बड़ी का डर होता था। इन चुनौतियों को स्वीकार करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक श्रीमंदिर हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना (श्रीमंदिर परिक्रमा परियोजना) लेकर आए जिसे पहले से ही लागू किया जा रहा है और काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहले चरण में मंदिर की मेघनाद दीवार (बाहरी दीवार) से 75 मीटर के दायरे में सभी संरचनाओं को हटा दिया गया। इसके लिए ओडिशा सरकार ने लोगों को बाजार मूल्य से दोगुना मुआवजा भी दिया और साथ ही शहर के बीचोबीच पुनर्वास के लिए जमीन भी मुहैया कराई। इसके बाद मंदिर के चारों ओर 75 मीटर के दायरे को साफ किया गया और बिना ढांचे के इस पूरे क्षेत्र को विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित किया गया। ये जोन थे बफर जोन, मंदिर परिक्रमा जोन, लैंडस्केप जोन, बाहरी परिक्रमा जोन, सार्वजनिक सुविधा जोन और जनता की आवाजाही के लिए जोन। सार्वजनिक सुविधा क्षेत्र में, एक मॉडल पैच विकसित किया गया है जिसमें विभिन्न सार्वजनिक सुविधाएं हैं। फीडबैक और इस मॉडल पैच की सफलता के आधार पर मंदिर के तीनों तरफ ऐसी सुविधाएं और सार्वजनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। ऐसे प्रत्येक क्षेत्र में शौचालय, पीने के पानी की सुविधा के साथ-साथ जनता के लिए क्लॉक रूम भी होंगे। इसके अलावा, सुरक्षा स्टेशन प्रदान किए जाएंगे जो भक्तों की सुरक्षा और सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेंगे। पीने का पानी, शौचालय, क्लॉक रूम और विश्राम स्थलों जैसी सुविधाओं ने भक्तों की खुशी बढ़ा दी है। मंदिर के आसपास के खुले स्थानों ने किसी भी भगदड़ की आशंका को भी कम कर दिया है और मंदिर में भारी भीड़ के प्रवाह को भी कम कर दिया है। श्रीमंदिर परिक्रमा परियोजना के माध्यम से श्रीमंदिर के परिवेश के इस व्यापक परिवर्तन की उनकी कल्पना दूरदर्शी नेतृत्व के लिए भक्त ओडिशा के मुख्यमंत्री के प्रति हृदय से आभारी हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनिया के सबसे बड़े चॉकलेट प्लांट में साल्मोनेला बैक्टीरिया मिला है। दुनिया का सबसे बड़ा चॉकलेट प्लांट बेल्जियम में है, साल्मोनेला बैक्टीरिया मिलने के बाद यहां काम रोक दिया गया है। जहां-जहां भी प्लांट से चॉकलेट से बने प्रोडक्ट भेजे गए हैं, उन सभी को बैक्टीरिया पाए जाने की सूचना दे दी गई है। फिलहाल डीलर्स को प्रोडक्ट बेचने से मना कर दिया गया है। ऐसा दूसरी बार हुआ है जब साल्मोनेला बैक्टीरिया मिला है। इससे पहले दक्षिणी बेल्जियम के आर्लोन में किंडर चॉकलेट बनाने वाली फेरेरो फैक्ट्री में मिला था। प्लांट बैरी कैलेबॉट कंपनी का : बेल्जियम के विएज शहर में दुनिया का सबसे बड़ा प्लांट बना हुआ है। यह प्लांट बैरी कैलेबॉट कंपनी का है और यहां पर लिक्विड चॉकलेट बनाई जाती है। इस प्लांट से कई बड़े ब्रांड्स को चॉकलेट से बने प्रोडेक्ट्स सप्लाई किए जाते हैं, जिसमें हर्षी, मोंडेलेज, नेस्ले और यूनिलीवर शामिल हैं। चॉकलेट से बने प्रोडक्ट बेचने से रोका : कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि जब प्लांट में बैक्टीरिया पाए जाने की खबर मिली तो सभी ब्रांड्स को 25 जून से बने किसी भी प्रोडेक्ट को बेचने से मना कर दिया गया है। इस मामले को लेकर बेल्जियम की फूड सेफ्टी एजेंसी AFSCA को भी सूचित कर दिया गया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। साल्मोनेला बैक्टीरिया क्या?: साल्मोनेला एक ऐसा बैक्टीरिया है, जिससे टाइफाइड और साल्मोनेलोसिस जैसी बीमारियां होती हैं। यह आमतौर पर पक्षियों, जानवरों और इंसानों की आंतों को प्रभावित करती हैं। मनुष्यों में यह ज्यादातर अंडा, कच्चा मांस या उससे बनी चीजें या गंदे फल-सब्जियों से फैलता है। इसके अलावा यह सांप, कछुए और छिपकली से भी फैलता है। यह बैक्टीरिया सबसे ज्यादा छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अपना शिकार बनाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल्मोनेला बैक्टीरिया इन्फेक्शन का पता 6 से 36 घंटों के अंदर चल जाता है। अगर किसी की बॉडी में यह बैक्टीरिया है तो डायरिया, पेट दर्द, उल्टी, बुखार, सिर दर्द और जी मिचलना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन यानी आज (1 जुलाई) रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र के दर्शन कर रहे। मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन का कार्यक्रम दोपहर तक चलेगा। भगवान के दर्शन के लिए जगन्नाथ मंदिर से मौसीबाड़ी तक भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है। शाम 5 बजे भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी। राजधानी में रथ यात्रा को लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। रांची में भगवान जगन्नाथ की यात्रा के लिए 12 साल बाद नए भव्य रथ का निर्माण किया गया है। रथ को खींचने के लिए 101 फीट की रस्सी भी तैयार की गई है। इसी रथ पर भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ यात्रा पर निकलेंगे। पिछले दो महीने से ओडिशा के पुरी से आए 10 कारीगर दिन रात मेहनत कर रथ का निर्माण कर रहे थे। पुरी के कारीगरों ने बताया कि इस बार भगवान जगन्नाथ के लिए एक भव्य रथ तैयार किया गया है, जिसकी हाइट 40 फीट है और चौड़ाई 26 फीट है। रथ को खींचने के लिए कम से कम 100 लोगों की जरूरत होगी। रांची का जगन्नाथपुर मंदिर पुरी की तरह ही रथ यात्रा के लिए प्रसिद्ध है। जगन्नाथपुर मंदिर की स्थापना 1691 में बड़कागढ़ में नागवंशी राजा ठाकुर एनीनाथ शाहदेव ने रांची में धुर्वा के पास भगवान जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कराया था। कहा जाता है कि ठाकुर एनीनाथ शाहदेव अपने नौकर के साथ पुरी गये थे। नौकर भगवान का भक्त बन गया और कई दिनों तक उनकी उपासना की। एक रात्रि वह भूख से व्याकुल हो उठा। मन ही मन प्रार्थना की कि भगवान भूख मिटाइये। उसी रात भगवान जगन्नाथ ने रूप बदल कर अपनी भोगवाली थाली में खाना लाकर उसे खिलाया। नौकर ने पूरी आपबीती ठाकुर साहब को सुनायी। उसी रात भगवान ने ठाकुर को स्वप्न में कहा कि यहां से लौटकर मेरे विग्रह की स्थापना कर पूजा-अर्चना करो। पुरी से लौटने के बाद एनीनाथ ने पुरी मंदिर की तर्ज पर रांची में मंदिर की स्थापना की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अगर आपको भी जुलाई में बैंक जाने की जरूरत महसूस हो रही है तो अपने ब्रांच पर विजिट करने से पहले यह जान लें कि इस महीने बैंकों में कितने दिन की छुट्टियां रहेंगी। रिजर्व बैंक की ओर से जारी छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक, जुलाई में कुल 14 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होंगे। दरअसल, ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं का विस्तार होने के बाद ग्राहकों को काफी सहूलियत हो गई है और अब उन्हें हर छोटी-मोटी बात के लिए बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। हालांकि, अब भी चेक, पासबुक, ड्राफ्ट जैसी सेवाओं से जुडे़ कई ऐसे काम हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए आपको बैंक की ब्रांच तक जाना ही पड़ेगा। ऐसे में अगर आपको भी बैंक में कोई काम है तो वहां जाने से पहले यह जरूर देख लें कि कहीं बैंक में छुट्टियां तो नहीं हैं। रिजर्व बैंक तय करता है छुट्टियों की तिथि : रिजर्व बैंक हर कैलेंडर वर्ष में बैंकों में छुट्टियों की सूची जारी करता है। इसमें से कई अवकाश राष्ट्रीय स्तर के होते हैं, जिन अवसरों पर पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं बंद रहती हैं। वहीं, कुछ अवकास स्थानीय या क्षेत्रीय स्तर के होते हैं, जिनके अवसर पर उससे जुड़े राज्यों में ही बैंक शाखाएं बंद होती हैं। अलग-अलग राज्यों की छुट्टियों की लिस्ट भी अलग-अलग होती है। जुलाई में कब-कब बंद रहेंगे बैंक : 1 जुलाई : कांग (रथजात्रा)/ रथ यात्रा- भुवनेश्वर और इंफाल में बैंक बंद रहेंगे। 3 जुलाई : रविवार (साप्ताहिक अवकाश)। 7 जुलाई : खर्ची पूजा- अगरतला में बैंक बंद रहेंगे। 9 जुलाई : शनिवार (महीने का दूसरा शनिवार), ईद-उल-अधा (बकरीद)। 10 जुलाई : रविवार (साप्ताहिक अवकाश)। 11 जुलाई : ईज-उल-अजा- जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे। 13 जुलाई : भानू जयंती- गंगटोक में बैंक बंद रहेंगे। 14 जुलाई : बेन डिएनखलाम- शिलांग में बैंक बंद रहेंगे। 16 जुलाई : हरेला- देहरादून में बैंक बंद रहेंगे। 17 जुलाई : रविवार (साप्ताहिक अवकाश)। 23 जुलाई : शनिवार (महीने का चौथा शनिवार)। 24 जुलाई : रविवार (साप्ताहिक अवकाश)। 26 जुलाई : केर पूजा- अगरतला में बैंक बंद रहेंगे। 31 जुलाई : रविवार (साप्ताहिक अवकाश)।
टीम एबीएन, रांची। गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ नेत्रदान हुआ। भगवान के नेत्रदान के लिए मंदिर के गर्भ गृह से तीनों विग्रहो को बाहर लाया गया। इसके बाद मंगल आरती की गई। मंगल आरती करने के बाद जगन्नाथपुर मंदिर के प्रधान पुजारी की ओर से तीनों विग्रहों का विधिपूर्वक नेत्रदान किया गया। नेत्रदान के बाद भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। कतारबद्ध होकर एक-एक श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के दर्शन किये। श्रद्धालु रात 9 बजे तक भगवान जगन्नाथ का दर्शन कर सकेंगे। रात दस बजे आरती के बाद भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम के तीनों विग्रहों को गर्भगृह में रख दिया जाएगा। शुक्रवार की सुबह 4 बजे भगवान जगन्नाथ को दैनिक भोग लगाया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद सुबह 5 बजे से भगवान एक बार फिर से आम लोगों के दर्शन के लिए सुलभ हो जाएंगे। दर्शन का कार्यक्रम शुक्रवार की दोपहर 2 बजे तक चलेगा। दो बजे के बाद तीनों विग्रहों को रथ पर आसीन किया जायेगा। भगवान के लिए बनाए गए नये रथ में ही तीनों विग्रहों का श्रृंगार किया जायेगा। सिंगार के बाद सहस्रनाम का जाप किया जायेगा। इसके बाद भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर एक फिल्म बनायी जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर एक फिल्म बनायी जा रही है, जिसका टाइटल ‘मैं रहूं या न रहूं ये देश रहना चाहिए- अटल’ है। फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने इस फिल्म का मोशन पोस्टर रिलीज कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने यह बताया कि इस फिल्म को अगले साल अटल बिहारी वाजपेयी की 99वीं जयंती 25 दिसंबर के मौके पर रिलीज किया जाएगा। अटल के मोशन पोस्टर में अटल बिहारी वाजपेयी स्पीच सुनाई दे रही है। इसमें वह कह रहे हैं, सत्ता का खेल तो चलेगा, सरकारें आएंगी जाएंगी, पार्टियां बनेंगी बिगड़ेंगी। मगर ये देश रहना चाहिए, इस देश का लोकतंत्र अमर रहना चाहिए। अटल को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में रिलीज किया गया है। यह फिल्म अटल बिहारी वाजपेयी पर लिखी गई किताब द अनटोल्ड वाजपेयी पर आधारित होगी। फिल्म को विनोद भानुशाली और संदीप सिंह प्रोड्यूस कर रहे हैं। यह एक पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म है, जिसकी शूटिंग अगले साल की शुरूआत में शुरू की जाएगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (ठऊअ) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। वह संभवत: देश की अगली राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। हालांकि, यह दुर्भाग्य है कि इतने बड़े पद पर पहुंचने के करीब होने के बाद भी आज उनके पैतृक गांव में बिजली उपलब्ध नहीं है। द्रौपदी मुर्मू का जन्म ओडिशा के मयूरभंज जिले के ऊपरबेडा गांव में हुआ है। इस गांव की आबादी 3500 के करीब है और यहां दो टोले बड़ा शाही और डूंगरीशाही हैं। बड़ाशाही में तो फिर भी बिजली उपलब्ध है, लेकिन डूंगरीशाही में आज बिजली नहीं पहुंच चुकी है। यहां के लोग अंधेरे में केरोसीन तेल का इस्तेमाल करके काम चलाते हैं। जब से द्रौपदी मुर्मू का नाम राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए उम्मीदवार के तौर पर उभरा है, तब से ही उनका गांव ऊपरबेडा भी काफी चर्चा में है। जब पत्रकारों को इस गांव में बिजली नहीं मिली तो उन्होंने इसको मुद्दा बनाया। आज आलम यह है कि यहां युद्ध स्तर पर बिजली पहुंचाने के लिए काम किया जा रहा है, जहां राज्य सरकार की तरफ से आदिवासी बहुल इलाके में खंभे लगाने और ट्रांसफार्मर लगान का काम हो रहा है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए सामान्य लोगों ने भी दाखिल किए नामांकन पत्र : बता दें कि अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुछ सामान्य लोगों ने भी अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इनमें मुंबई के एक झुग्गी निवासी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के हमनाम, तमिलनाडु के एक सामाजिक कार्यकर्ता, दिल्ली के एक प्रोफेसर आदि शामिल हैं। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए ने द्रौपदी मुर्मू को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा हैं। मुर्मू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भारतीय जनता पार्टी (इखढ) के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा आज राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। अब तक कम से कम 30 अन्य ने भी राज्यसभा महासचिव और चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया है। मुंबई के मुलुंड उपनगर में अमर नगर स्लम संख्या एक के निवासी संजय सावजी देशपांडे ने नौ जून को चुनाव की घोषणा के कुछ दिनों बाद अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। बिहार के सारण के रहने वाले लालू प्रसाद यादव, तमिलनाडु के नमक्कल जिले के एक सामाजिक कार्यकर्ता टी। रमेश और दिल्ली के तिमारपुर के प्रोफेसर दयाशंकर अग्रवाल उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। ज्यादातर नामांकन पत्रों में प्रस्तावकों के अनिवार्य नाम नहीं : ज्यादातर नामांकन पत्रों में प्रस्तावकों और अनुमोदकों के अनिवार्य नाम और साइन नहीं हैं या जमानत राशि के रूप में 15,000 रुपये का बैंक ड्राफ्ट नहीं है, इसलिए उन्हें खारिज कर दिया जाएगा। राष्ट्रपति पद के लिए महाराष्ट्र से कुछ उम्मीदवारों ने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्थानीय सांसदों और विधायकों के नाम प्रस्तावक और अनुमोदकों के रूप में सूचीबद्ध किए हैं, लेकिन हस्ताक्षर वाला कॉलम खाली छोड़ दिया है।
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