टीम एबीएन, रांची। नेताजी एकेडमी उच्च विद्यालय, होचर, कांके, रांची के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु पूजन का कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रांची ग्रामीण के जिला कार्यवाह डॉ० सुनील महतो ने कहा गुरु के श्रेष्ठता से शिष्य के चरित्र में बदलाव आ जाती है। उन्होंने कहा आषाढ़ पूर्णिमा को ही वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। सबसे पहले वेदों की शिक्षा वेदव्यास ने ही दी थी, इसलिए हिंदू धर्म में उन्हें जगत गुरु का दर्जा भी दिया गया है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भगवा ध्वज को अपना गुरु बनाया है क्योंकि सूर्य के किरण की भांति भगवा ध्वज सर्वव्यापी प्रेरणा का स्रोत है। भगवा ध्वज व्यक्ति नहीं तत्व है, जो अनादिकाल से प्रेरणा के पुंज के समान विद्यमान है। उन्होंने कहा सनातन परंपरा में गुरु का स्थान ईश्वर से भी बड़ा है, क्योंकि भगवान का दर्शन गुरु के मार्गदर्शन से ही मिल पाता है। गुरु वह होता है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। हमें अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान रूपी प्रकाश तक पहुंचाने का श्रेय गुरु को होता है। यह उत्सव गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता को प्रकट करने का भी एक पावन अवसर होता है। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी बच्चे ने परमपवित्र भगवा ध्वज को गुरु के रूप में पूजन किए। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, रांची ग्रामीण जिला प्रचारक बासुकीनाथ जी, पिठोरिया खंड कार्यवाह अविनाश कुमार, उर्मिला केरकेट्टा, शिव प्रसाद साहू, बालचंद उरांव, मीना कुमारी, अनु देवी, सुनीता कश्यप, राकेश झा, बबलू साहू, राम किशवर साहू, कुसुम टोप्पो, सुनीता कुमारी मुंडा, विजय उरांव, मनीष साहू सहित दर्जनों उपस्थित थे। उक्त जानकारी पिठोरिया के खंड कार्यवाह अविनाश कुमार ने एक प्रेम विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, देवघर/ रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 जून को देवघर दौरे पर हैं। इस दौरान इन्होंने पहले देवघर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया इसके बाद वे करीब 10 किलोमीटर लंबा रोड शो करते हुए भगवान भोले नाथ के दरबार में पहुंचे और बाबाधाम के गर्भगृह में पूजा अर्चना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। वैद्यनाथ मंदिर में पूजा करने के बाद पीएम मोदी देवघर कॉलेज मैदान में धन्यवाद रैली को संबोधित करने के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी के दौरे के दौरान पूरा देवघर मोदीमय दिखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने झारखंड दौरे के दौरान देवघर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इसके बाद पीएम मोदी मे करीब दस किलोमीटर लंबा रोड शो किया बाबा मंदिर जहां उन्होंने बाबा मंदिर के गर्भगृह में जाकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की। यहां करीब पांच पंडितों ने पीएम से पूजा अर्चना करवाई। भगवान के शिव के दर्शन और पूजा के बाद प्रधानमंत्री देवघर कॉलेज में आयोजित धन्यवाद रैली को संबोधित करने के लिए रवाना हो गए। बाबा बैद्यनाथ धाम में प्रसाद योजना के तहत आधुनिक योजना के विकास पर काम किया जा रहा है। इस तरह की आधुनिक सुविधाएं आदिवासी क्षेत्र में यहां की पूरे तकदीर को बदलने जा रही हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने देवघर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने करीब 16,800 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास भी किया। यहां पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के प्रयासों का लाभ पूरे देश में दिख रहा है। उड़ान योजना के तहत पिछले 5-6 सालों में लगभग 70 एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट्स और वॉटर एयरोडोम्स बनाए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज 400 से ज्यादा नए रूट्स पर सामान्य से सामान्य नागरिक को हवाई यात्रा की सुविधा मिल रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। महंगे प्रीमियम पर बीमा कराने में असमर्थ लोगों के लिए डाक विभाग का इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एक विशेष सामूहिक दुर्घटना सुरक्षा बीमा लेकर आया है। इसमें वर्ष में महज 299 और 399 रुपये के प्रीमियम के साथ लाभार्थी का 10 लाख रुपए का बीमा होगा। एक साल खत्म होने के बाद अगले साल यह बीमा रिन्यू कराना होगा। इसके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में लाभार्थी का खाता होना अनिवार्य है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी। पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और टाटा एआईजी के मध्य हुए एक एग्रीमेंट के तहत 18 से 65 वर्ष आयु के लोगों को यह सामूहिक दुर्घटना बीमा सुरक्षा मिलेगी। इसके तहत, दोनों प्रकार के बीमा कवर में दुर्घटना से मृत्यु, स्थाई या आंशिक पूर्ण अपंगता, अंग विच्छेद या पैरालाइज्ड होने पर 10 लाख रुपए का कवर मिलेगा। साथ ही, इस बीमा में दुर्घटना से हॉस्पिटल में भर्ती रहने के दौरान इलाज के लिए 60,000 रुपये तक का आईपीडी खर्च और ओपीडी में 30,000 रुपये तक का क्लेम मिलेगा। वहीं, 399 रुपए के प्रीमियम बीमा में उपरोक्त सभी लाभों के अलावा दो बच्चों की पढ़ाई के लिए एक लाख तक का खर्च, दस दिन अस्पताल में रोजाना का एक हजार खर्च, किसी अन्य शहर में रह रहे परिवार के लिए ट्रांसपोर्ट का 25,000 रुपये तक का खर्च और मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5,000 तक का खर्च मिलेगा। इस बीमा सुविधा में पंजीकरण के लिए लोग अपने नजदीकी डाकघर में संपर्क कर सकते हैं। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को कवर करने के लिए डाक विभाग द्वारा "मिशन सुरक्षा" अभियान 15 अगस्त तक चलाया जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत कार्यसमिति की तीन दिवसीय बैठक लोहरदगा के अग्रसेन भवन में संपन्न हुआ। बैठक के समापन सत्र में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय प्रन्यासी मंडल सदस्य जगन्नाथ शाही, चेन्नई क्षेत्र संगठन मंत्री आकारपु केशव राजू, पटना क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद कुमार, क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, क्षेत्र संयोजक जनमेजय जी, क्षेत्र धर्म प्रसार प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर एवं श्री रामदरबार एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण करके शुभारंभ किए। बैठक में केंद्रीय प्रन्यासी मंडल के सदस्य जगन्नाथ शाही ने कहा, अपनी संस्कृति के कारण ही परिवार टूट रहा है। भारतवर्ष में परिवार की इकाई में चार पीढ़ियां सम्मिलित रहती थी, परंतु आज एकल परिवार बन कर रह जाने से सामाजिक कड़ी टूट रही है। उन्होंने कहा तलवारों के भय से धर्मांतरित समाज आज सनातन परंपराओं को नष्ट करने का कुचेष्टा कर रहा है। जिस पाकिस्तान ने सदैव पराजित होकर कायरों की भांति आत्मसमर्पण करता रहा है, आज वह पर्दे के पीछे से आतंकवाद एवं अलगाववाद को जन्म दिया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा सरकार अपने राजधर्म का पालन करते हुए ईसाई एवं जिहादी गतिविधियों को नियंत्रित करें। हिंदुओं को इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए मजबूर न करें। उन्होंने कहा कानून को हाथ में न लेना यह हिंदुओं का स्वभाव है, इसका अर्थ यह नहीं कि हिंदू कमजोर है। उन्होंने कहा कि आज हिंदू अल्पसंख्यक क्षेत्रों में हिंदुओं को भय दिखा कर जिहादी कट्टरपंथियों के द्वारा गतिविधि चलाया जा रहा है, इसके लिए हिंदू समाज को मजबूती के साथ संघर्ष करना होगा। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चेन्नई क्षेत्र संगठन मंत्री आकारपु केशव राजू ने कहा हिंदू समाज को संस्कार देने तथा संगठित करना ही विश्व हिंदू परिषद लक्ष्य है। परम पूज्य गुरु जी साधु संतों के सानिध्य में हिंदू समाज के वैश्विक सांस्कृतिक क्षरण को देखते हुए संस्कार को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य ही विश्व हिंदू परिषद का स्थापना किया था। उन्होंने कहा भारतवर्ष पर सैकड़ों वर्ष तक आक्रांताओ का आक्रमण होता रहा, जिससे भारतवर्ष में घुसपैठ एवं धर्मांतरण की गतिविधि निरंतर चलते रहे। भारतवर्ष ने अपने सनातन परंपरा को जीवित रखने के लिए सैकड़ों ने बलिदान दिया, उन्होंने कहा धर्मो रक्षति रक्षित: अर्थात जो धर्म की रक्षा करते हैं उसे धर्म रक्षा करता है के भाव को लेकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता निरंतर समाज के प्रति सजगता से संस्कृति रक्षार्थ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम धर्म के प्रति रूप हैं। हनुमान जी गुणवान, धैर्यवान, बुद्धिमान होते हुए भी भगवान राम के चरणों पर निरंतर सेवा के भाव से कार्य करते रहें। उन्होंने कहा सामूहिक निर्णय का पालन करना ही एक अच्छे कार्यकर्ता का विशेष गुण है। प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कार्यकर्ता ही संगठन का रीढ़ होता है। कार्यकर्ताओं को निरंतर समाज के सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्य करता रहना होगा। उन्होंने कहा सनातन धर्म का प्रमुख कार्य सेवा है। सेवा भाव से कार्य करने से समाज में संगठन पर विश्वास जगती है। बैठक में प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने 91 कार्यकर्ताओं को जिला, विभाग एवं प्रांत के नवीन दायित्व की घोषणा की। बैठक में आगामी 6 माह के कार्यक्रम निर्धारित किया गया है जिसमें 10 जुलाई से 15 जुलाई तक जिला बैठक, 11जुलाई से 15 जुलाई तक प्रखंड बैठक एवं संगठन विस्तार कार्यक्रम, 1 एवं 2 अगस्त को सामाजिक समरसता प्रांत बैठक, 11 अगस्त को रक्षाबंधन उत्सव कार्यक्रम, 14 अगस्त को अखंड भारत दिवस कार्यक्रम, 18 अगस्त से 24 अगस्त तक विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस सप्ताह कार्यक्रम, 3 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी कार्यक्रम, 1 नवंबर गोपाष्टमी पूजन, 30 अक्टूबर एवं 2 नवंबर को हूतात्मा दिवस, 3 दिसंबर को गीता जयंती/शौर्य दिवस एवं 23 दिसंबर को धर्म रक्षा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया गया। बैठक में प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, कार्याध्यक्ष तिलक राज मंगलम, प्रान्त उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव एवं सुभाष नेत्रगवांकर, सहमंत्री मनोज पोद्दार, रामनरेश सिंह, वीरेंद्र यादव, रंगनाथ महतो, प्रांत संघचालक सच्चिदानंद जी, मार्गदर्शक मंडल संयोजक स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, मार्गदर्शक मंडल प्रांत सदस्य स्वामी दिव्यानंद जी, जिला अध्यक्ष अनिल गुप्ता जी,धर्म प्रसार के प्रांतीय टोली सदस्य अनूप यादव, रेनू अग्रवाल, शशि शर्मा, धर्मप्रसार प्रांत सहप्रमुख सचिदानंद जी गोरक्षा प्रांत सहप्रमुख कमलेश सिंह, सामाजिक समरसता प्रांत प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र, बजरंग दल प्रांत संयोजक दीपक ठाकुर, महिला समन्वयक प्रांत प्रमुख प्रभावती नेत्रगांवर, गोरक्षा अध्यक्ष सुजीत साहू, धर्माचार्य संपर्क सह प्रमुख अवतार सिंह गांधी, विशेष संपर्क प्रांत सहप्रमुख अरविंद सिंह, सत्संग प्रांत प्रमुख गणेश शंकर विद्यार्थी, अर्चक पुरोहित संपर्क प्रांत प्रमुख बलदेव आचार्य, लोहरदगा जिला मंत्री रितेश कुमार, जिला संगठन मंत्री कार्तिक विश्वकर्मा, जिला सह मंत्री विनोद उरांव गुड्डू, अखाड़ा प्रमुख रोहित कुमार, नगर अध्यक्ष चन्दन गोयल, बजरंग दल संयोजक विपुल कुमार, सह संयोजक सचिन कुमार, नगर उपाध्यक्ष धनन्जय अग्रवाल, नगर सह संयोजक रितिक कुमार, सदस्य सत्यम कुमार, रौशन कुमार, उमेश सिंह, हिमांशु कुमार, राज कुमार, प्रमोद प्रजापति, उपेंद्र प्रसाद सहित 293 कार्यकर्तागण उपस्थित थे। उक्त जानकारी प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू और प्रचार प्रसार प्रमुख संजय कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि मां काली का आशीर्वाद हमेशा देश के साथ है, जो दुनिया के कल्याण के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। यहां रामकृष्ण मिशन द्वारा आयोजित स्वामी आत्मस्थानंद के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस, एक ऐसे संत थे जिन्होंने मां काली का स्पष्ट साक्षात्कार किया था और उनका मानना था कि ये संपूर्ण जगत, मां की चेतना से व्याप्त है। उन्होंने मां के चरणों में अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया था। वह कहते थे- यह सम्पूर्ण जगत, ये चर-अचर, सब कुछ मां की चेतना से व्याप्त है। यही चेतना बंगाल की काली पूजा में दिखती है। यही चेतना बंगाल और पूरे भारत की आस्था में दिखती है। प्रधानमंत्री का यह भाषण हाल ही में एक विवाद की पृष्ठभूमि में आया है। उक्त विवाद तब उत्पन्न हुआ था जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने हाल ही में एक सम्मेलन में कहा था कि उन्हें एक व्यक्ति के रूप में देवी काली की कल्पना मांस खाने वाली और शराब स्वीकार करने वाली देवी के रूप में करने का पूरा अधिकार है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के पास प्रार्थना करने का अपना अनूठा तरीका है। मोइत्रा एक फिल्म के पोस्टर पर उत्पन्न आक्रोश के संबंध में एक सवाल का जवाब दे रही थीं। उक्त पोस्टर में देवी काली के वेशभूषा वाली एक महिला को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया था। मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा, जब भी मुझे अवसर मिला, मैंने बेलूर मठ और (दक्षिणेश्वर) काली मंदिर (नदी के पार) का दौरा किया, तो एक संबंध महसूस करना स्वाभाविक है। जब आपकी आस्था और विश्वास शुद्ध होते हैं, तो शक्ति (देवी) स्वयं आपको रास्ता दिखाती हैं। मां काली की असीम कृपा सदैव भारत पर है। इस आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ देश विश्व कल्याण के लिए आगे बढ़ रहा है। मानवता की सेवा के लिए रामकृष्ण मिशन की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि इसके संत देश में राष्ट्रीय एकता के दूत के रूप में जाने जाते हैं और विदेशों में भारतीय संस्कृति के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा, हमारे ऋषियों ने हमें दिखाया है कि जब हमारे विचार व्यापक होते हैं, तो हम अपने प्रयासों में कभी अकेले नहीं होते हैं। आप देखेंगे कि भारत के ऐसे कई संतों ने शून्य संसाधनों के साथ संकल्प पूरे किए हैं। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता एक उदाहरण है जिस संकल्प को देश ने पूरा किया क्योंकि दृढ़ विश्वास था। बहुत से लोगों को विश्वास नहीं था कि यह सफल हो सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में पिछले डेढ़ वर्ष में कोविड टीकों की लगभग 200 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं, जो यह साबित करता है कि यदि प्रतिबद्धता शुद्ध है, तो कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने कहा, दो साल पहले, कई लोगों ने गणना की थी कि देश के लोगों को टीकाकरण में कितना समय लगेगा। लेकिन पिछले डेढ़ साल में, हम 200 करोड़ के आंकड़े के करीब पहुंच गए हैं। यह साबित करता है कि कुछ भी असंभव नहीं है। यहां तक कि बाधाएं होने पर भी आप एक रास्ता खोज सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। आज झारखंड प्रांत कार्यसमिति की बैठक के प्रारंभिक चरण आरंभ पूर्व सभी आये अतिथियों का स्वागत बैंड बाजे की धुन के साथ केसरिया अंगवस्त्र पहनाकर किया गया। जबकि केंद्रीय प्रन्यासी मंडल सदस्य, जगनाथ शाही, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अकारपु केशव राजू, क्षेत्रीय संगठन मंत्री पटना क्षेत्र, आनंद जी, प्रांत संघ चालक, सच्चिदानंद लाल अग्रवाल, क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल जी, पटना क्षेत्र, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, पूज्य स्वामी कृष्ण चैतन्य जी ब्रह्मचारी, सदस्य प्रान्त मार्गदर्शक मंडल, माननीय गंगा प्रसाद यादव, प्रांत उपाध्यक्ष, स्वांसी नेत्र क्वांकन, प्रांत उपाध्यक्ष, जनमजय जी क्षेत्र संयोजक, उपेंद्र जी कुशवाहा क्षेत्र धर्मप्रसार प्रमुख, रामनरेश सिंह, प्रान्त सह मंत्री, मनोज पोद्दार जी प्रान्त सह मंत्री, रंगनाथ महतो प्रांत सह मंत्री, वीरेंद्र यादव प्रान्त सह मंत्री, दीपक ठाकुर प्रान्त संयोजक, बजरंग दल, कमलेश सिंह, धर्म प्रसार प्रमुख, सुजीत साहू,धर्म प्रसार सह प्रांत प्रमुख, डॉ रामगोविंद कश्यप, मिथलेश्वर मिश्र सामाजिक समरसता प्रान्त प्रमुख के साथ ही साथ प्रान्त के विभिन्न इकाइयों के अन्य पदाधिकारी सचिदानंद जी, श्री अरविंद कुमार सिंह, गणेश शंकर विद्यार्थी, बलदेव आचार्य, अवतार सिंह गांधी, अनूप यादव, रेणु अग्रवाल, शशि शर्मा, प्रभावती नेत्र गवानीका गुमला विभाग मंत्री लाल ओंकार नाथ शाहदेव, गुमला विभाग संगठन मंत्री राम प्रताप सिंहतथा अनिल गुप्ता अध्यक्ष, विहिप् लोहरदगा जिला, रितेश कुमार जिला मंत्री, विश्व हिंदू परिषद, लोहरदगा के अलावे राज्य के 24 जिलों के लगभग 250 पदाधिकारियों की उपस्थिति में राम दरबार एवम भारत माता के तस्वीर में पुष्पार्जन, द्वीप प्रज्वलन कर आज विश्व हिंदू परिषद प्रान्त कार्यसमिति बैठक का उद्घाटन स्थानीय अग्रसेन भवन में किया गया। जिसमें सर्वप्रथम प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू जी द्वारा पिछले छ: माह में किये गये कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। फिर जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता जी द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। जबकि धार्मिक एकल गीत भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्रीय संगठन मंत्री अकारपु केशव राजू जी ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि महापुरुषों का जीवन से प्रेरणा लेकर हमे उनके अनुरूप अपनेआप को ढालकर कार्य करना है। आगामी आनेवाले समय मे समाज को संगठित करना एवं उनका रक्षा ही हमारा कर्तव्य है। विश्व हिंदू परिषद के कार्य को समझना फिर उसे योजनाबद्ध तरीके से पूर्ण करना ही हमारा उद्देश्य है। हमे हमारे पुरातन संस्कारो को जानना व समझना और उसका आलिंगन करना हमारा प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए। सनातन समाज सर्वश्रेष्ठ संस्कृति वाला समाज है, हमे नहीं भूलना चाहिए कि भारत देश का असली नाम हिंदुस्तान है, यानि हिंदुओं के रहनेवाला स्थान। हमारा मुख्य लक्ष्य धर्म और संस्कारों के संस्थापन के साथ देश की अखंडता की रक्षा करना है। पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्व हिंदू परिषद, जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता, जिला मंत्री रितेश कुमार, जिला संगठन मंत्री कार्तिक विश्वकर्मा, जिला सह मंत्री विनोद उराँव गुड्डू, अखाड़ा प्रमुख रोहित कुमार, नगर अध्यक्ष चन्दन गोयल, बजरंग दल संयोजक विपुल कुमार, सह संयोजक सचिन कुमार, नगर उपाध्यक्ष धनन्जय अग्रवाल, नगर सह संयोजक रितिक कुमार, सदस्य सत्यम कुमार, रौशन कुमार, उमेश सिंह, हिमांशु कुमार, राज कुमार, प्रमोद प्रजापति, उपेंद्र प्रसाद मुख्य योगदान रहा। कल विश्व हिंदू परिषद प्रांतीय कार्यसमिति की समापन बैठक, लोहरदगा जिला गणमान्यों के साथ भी होगी विशेष बैठक : कल सुबह 6 बजे से बैठक प्रारम्भ होगी, जो विभिन्न सत्रों में अपराह्न 3 बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान लोहरदगा जिला की वर्तमान परिदृश्यों पर विशेष चर्चा जिले का आमंत्रित गणमान्यों के साथ प्रान्त के पदाधिकारियों द्वारा किया जायेगा। सनातन धर्म के विरुद्ध हो रहे लगातार हमले, धर्म रक्षा तथा हिंदुत्व संस्थापन पर भी चर्चा किये जाने की बात कही गयी।
एबीएन सोशल डेस्क। कई लोगों की दिनचर्या हनुमान चालीसा पढ़ने से शुरू होती है। पर क्या आप जानते हैं कि श्री हनुमान चालीसा में 40 चौपाइयां हैं, ये उस क्रम में लिखी गई हैं जो एक आम आदमी की जिंदगी का क्रम होता है। माना जाता है तुलसीदास ने चालीसा की रचना मानस से पूर्व किया था हनुमान को गुरु बनाकर उन्होंने राम को पाने की शुरुआत की। अगर आप सिर्फ हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं तो यह आपको भीतरी शक्ति तो दे रही है लेकिन अगर आप इसके अर्थ में छिपे जिंदगी के सूत्र समझ लें तो आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिला सकते हैं। हनुमान चालीसा सनातन परंपरा में लिखी गई पहली चालीसा है शेष सभी चालीसाएं इसके बाद ही लिखी गई। हनुमान चालीसा की शुरूआत से अंत तक सफलता के कई सूत्र हैं। आइए जानते हैं हनुमान चालीसा से आप अपने जीवन में क्या-क्या बदलाव ला सकते हैं : शुरुआत गुरु से- हनुमान चालीसा की शुरुआत गुरु से हुई है : श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। अर्थ - अपने गुरु के चरणों की धूल से अपने मन के दर्पण को साफ करता हूं। गुरु का महत्व चालीसा की पहले दोहे की पहली लाइन में लिखा गया है। जीवन में गुरु नहीं है तो आपको कोई आगे नहीं बढ़ा सकता। गुरु ही आपको सही रास्ता दिखा सकते हैं। इसलिए तुलसीदास ने लिखा है कि गुरु के चरणों की धूल से मन के दर्पण को साफ करता हूं। आज के दौर में गुरु हमारा मेंटोर भी हो सकता है, बॉस भी। माता-पिता को पहला गुरु ही कहा गया है। समझने वाली बात ये है कि गुरु यानी अपने से बड़ों का सम्मान करना जरूरी है। अगर तरक्की की राह पर आगे बढ़ना है तो विनम्रता के साथ बड़ों का सम्मान करें। ड्रेसअप का रखें ख्याल : चालीसा की चौपाई है- कंचन बरन बिराज सुबेसा, कानन कुंडल कुंचित केसा। अर्थ - आपके शरीर का रंग सोने की तरह चमकीला है, सुवेष यानी अच्छे वस्त्र पहने हैं, कानों में कुंडल हैं और बाल संवरे हुए हैं। आज के दौर में आपकी तरक्की इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप रहते और दिखते कैसे हैं। फर्स्ट इंप्रेशन अच्छा होना चाहिए। अगर आप बहुत गुणवान भी हैं लेकिन अच्छे से नहीं रहते हैं तो ये बात आपके करियर को प्रभावित कर सकती है। इसलिए, रहन-सहन और ड्रेसअप हमेशा अच्छा रखें। सिर्फ डिग्री काम नहीं आती : बिद्यावान गुनी अति चातुर, राम काज करिबे को आतुर। अर्थ - आप विद्यावान हैं, गुणों की खान हैं, चतुर भी हैं। राम के काम करने के लिए सदैव आतुर रहते हैं। आज के दौर में एक अच्छी डिग्री होना बहुत जरूरी है। लेकिन चालीसा कहती है सिर्फ डिग्री होने से आप सफल नहीं होंगे। विद्या हासिल करने के साथ आपको अपने गुणों को भी बढ़ाना पड़ेगा, बुद्धि में चतुराई भी लानी होगी। हनुमान में तीनों गुण हैं, वे सूर्य के शिष्य हैं, गुणी भी हैं और चतुर भी। अच्छा लिसनर बनें : प्रभु चरित सुनिबे को रसिया, राम लखन सीता मन बसिया। अर्थ -आप राम चरित यानी राम की कथा सुनने में रसिक है, राम, लक्ष्मण और सीता तीनों ही आपके मन में वास करते हैं। जो आपकी प्रायोरिटी है, जो आपका काम है, उसे लेकर सिर्फ बोलने में नहीं, सुनने में भी आपको रस आना चाहिए। अच्छा श्रोता होना बहुत जरूरी है। अगर आपके पास सुनने की कला नहीं है तो आप कभी अच्छे लीडर नहीं बन सकते। कहां, कैसे व्यवहार करना है ये ज्ञान जरूरी है : सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा, बिकट रुप धरि लंक जरावा। अर्थ - आपने अशोक वाटिका में सीता को अपने छोटे रुप में दर्शन दिए। और लंका जलाते समय आपने बड़ा स्वरुप धारण किया। कब, कहां, किस परिस्थिति में खुद का व्यवहार कैसा रखना है, ये कला हनुमानजी से सीखी जा सकती है। सीता से जब अशोक वाटिका में मिले तो उनके सामने छोटे वानर के आकार में मिले, वहीं जब लंका जलाई तो पर्वताकार रुप धर लिया। अक्सर लोग ये ही तय नहीं कर पाते हैं कि उन्हें कब किसके सामने कैसा दिखना है। अच्छे सलाहकार बनें : तुम्हरो मंत्र बिभीसन माना, लंकेस्वर भए सब जग जाना। अर्थ - विभीषण ने आपकी सलाह मानी, वे लंका के राजा बने ये सारी दुनिया जानती है। हनुमान सीता की खोज में लंका गए तो वहां विभीषण से मिले। विभीषण को राम भक्त के रुप में देख कर उन्हें राम से मिलने की सलाह दे दी। विभीषण ने भी उस सलाह को माना और रावण के मरने के बाद वे राम द्वारा लंका के राजा बनाए गए। किसको, कहां, क्या सलाह देनी चाहिए, इसकी समझ बहुत आवश्यक है। सही समय पर सही इंसान को दी गई सलाह सिर्फ उसका ही फायदा नहीं करती, आपको भी कहीं ना कहीं फायदा पहुंचाती है। आत्मविश्वास की कमी न हो : प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही, जलधि लांघि गए अचरज नाहीं। अर्थ - राम नाम की अंगुठी अपने मुख में रखकर आपने समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई अचरज नहीं है। अगर आपमें खुद पर और अपने परमात्मा पर पूरा भरोसा है तो आप कोई भी मुश्किल से मुश्किल टॉस्क को आसानी से पूरा कर सकते हैं। आज के युवाओं में एक कमी ये भी है कि उनका भरोसा बहुत टूट जाता है। आत्मविश्वास की कमी भी बहुत है। प्रतिस्पर्धा के दौर में आत्मविश्वास की कमी होना खतरनाक है। अपनेआप पर पूरा भरोसा रखें।
टीम एबीएन, रांची। विगत 2 वर्षों से कोरोना महामारी के कारण विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का आयोजन नहीं हो पा रहा था, जिस वजह से कांवरिया देवघर नहीं जा पा रहे थे। लेकिन इस वर्ष एक बार फिर भव्य स्तर से लोग श्रावनी मेले में जाने की तैयारी में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में श्री शंकर मंडल के प्रमुख श्री बसंत जी मूंदड़ा के नेतृत्व में रांची कोलकाता एवं सिलीगुड़ी से मिलाकर लगभग 50 कांवरिया आज 9 जुलाई दिन शनिवार को सुल्तानगंज के लिए प्रस्थान करेंगे। जैसा कि ज्ञात है सावन में कांवरिया सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर नंगे पांव 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए देवघर के बाबा धाम मंदिर में जल अर्पण करते हैं। सुल्तानगंज प्रस्थान करने से पूर्व सभी सदस्य शनिवार को महावीर चौक स्थित गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे तत्पश्चात बाबा से अपनी यात्रा की मनोकामना करेंगे। जाने वाले कांवड़ियों में मनोज काबरा, मनोज पोद्दार, संदीप चितलांगिया, रमन बगड़िया, अनिल नारनौली, विकास अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल, नंदकिशोर आर्य, अमन पोद्दार, तमन्ना पोद्दार, अखिल पोद्दार, निखिल तनेजा, विकास काबरा, गौरव काबरा, जय काबरा, राहुल टिबड़ेवाल, महेश कोठारी, बसंत मोहता, ओमप्रकाश चौबे, हेम जयसवाल, श्रीमंत, राघव, तथा कई अन्य सदस्य हैं। सभी कांवरिया 10 तारीख को सुल्तानगंज से जल उठा कर 14 तारीख को देवाधिदेव के श्रावण मास में देवघर के बाबा धाम मंदिर में जल अर्पण कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे जिसके बाद सभी सदस्य बनारस के काशी विश्वनाथ एवं विंध्याचल का दर्शन करने भी जायेंगे।
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