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Published / 2022-07-26 18:04:42
दिवाली-छठ को लेकर तीन महीने पहले ही ट्रेनें हो गईं फुल

एबीएन सोशल डेस्क। त्योहारों की खुशियां घरवालों के संग बांटने की उत्सुकता कहें या फिर कोरोना के खौफ को परास्त करने का विश्वास। दीपावली और छठ महापर्व पर अपने घर आने की बेकरारी चरम पर है। ट्रेनों की बुकिंग के रूप में लोगों का उत्साह साफ देखा जा सकता है। बड़े शहरों में रहनेवाले धनबाद के लोगों ने तीन महीने पहले ही धनबाद आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें बुक करा ली हैं। दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, गुजरात व पंजाब सहित अन्य राज्यों से धनबाद आनेवाली ट्रेनें दीपावली के पहले से छठ तक बुक हो चुकी हैं। सभी ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची के बोर्ड लहरा रहे हैं। पिछले दो वर्षों से दीपावली और छठ महापर्व के उल्लास को कोरोना वायरस की नजर लग गई थी। इस वर्ष 24 अक्तूबर को दीपावली है, जबकि 28 अक्तूबर को नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व शुरू हो रहा है। मेट्रो सिटी में रह कर कामकाज करने वाले धनबाद के लोगों ने 120 दिन पहले से ट्रेनों में बुकिंग शुरू कर दी थी। इसी का नतीजा है कि अक्तूबर में दिवाली से पहले धनबाद आनेवाली लंबी दूरी की अमूमन सभी ट्रेनें फुल हो चुकी हैं। कई ट्रेनों में शादी-विवाह के लग्न का असर नवंबर माह में भी देखा जा रहा है। दीपावली के बाद से छठ तक धनबाद से बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीट बुक हो चुकी हैं। 17005 हैदराबाद- रक्सौल एक्सप्रेस में 22 और 29 अक्तूबर को चलेगी। दोनों दिन उत्तर बिहार जाने के लिए जगह नहीं मिल रही है। इसी तरह 18105 राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस दीपावली के बाद 26 और 28 अक्तूबर को चलेगी। दोनों दिन इस ट्रेन में सीट खाली नहीं है। 17007 सिकंदराबाद- दरभंगा एक्सप्रेस 24 और 27 अक्तूबर को चलेगी। इसमें भी सभी श्रेणी में वेटिंग है। 15027 रांची-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस में 21 से 28 अक्तूबर तक जगह नहीं मिल रही है।

Published / 2022-07-25 06:35:04
सावन की दूसरी सोमवारी : रांची पहाड़ी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

टीम एबीएन, रांची। सावन की दूसरी सोमवारी पर राजधानी के शिवालयों में भक्त सुबह से ही भगवान भोलेनाथ की पूजा करने पहुंच रहे हैं। रांची के सुप्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। यहां सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों से भक्त पूजा करने पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि के लिए बाबा से प्रार्थना कर रहे हैं। रांची पहाड़ी मंदिर पहुंचे लोगों ने कहा कि निश्चित रूप से 2 वर्ष के बाद पूजा करने का मौका मिला है। कोरोना की वजह से लोगों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। अब मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति मिली है, जिसको लेकर भक्तों में उत्साह है। जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के लोगों की तरफ से भी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। मंदिर में पूजा करने पहुंचीं नम्रता मिश्रा ने बताया कि मंदिर में बाबा का जलाभिषेक करने के बाद भक्तों में काफी खुशी है। वहीं व्यवस्था को लेकर उन्होंने बताया कि बेहतर इंतजाम की वजह से इस वर्ष भक्त आसानी से पूजा कर पा रहे हैं। मंदिर प्रबंधन के सदस्यों ने बताया कि कोरोना जांच की व्यवस्था जिला प्रशासन की तरफ से की गई थी, लेकिन मंदिर परिसर में बूस्टर डोज और जांच की व्यवस्था को शुरू नहीं की गयी है; क्योंकि इस वजह से भीड़ बढ़ती है जिसे नियंत्रित करना कभी कभी मुश्किल हो जाता है। पहाड़ी मंदिर के अलावा राजधानी के अन्य शिवालयों में भी जिला प्रशासन की तरफ से मेडिकल टीम की तैनाती की गई है ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में भक्तों को तत्काल मेडिकल सुविधा दी जा सके।

Published / 2022-07-24 17:08:01
डाक कांवर गाड़ी ने दो कांवड़ियों को कुचला, तीन दुर्घटनाओं में सात की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांवड़ यात्रा के दौरान तीन अलग-अलग दुर्घटनाओं में सात कांवड़ियों की मौत हो गई। रविवार तड़के बैरागी कैंप में डाक कांवड़ के वाहन ने जमीन पर सो रहे दो कांवड़ियों को कुचल दिया। इस दौरान गुस्साए कांवड़ियों ने जमकर हंगामा किया। वहीं प्रेमनगर आश्रम चौक के पास हुई दो दोपहिया वाहन की भिड़त में तीन कांवड़ियों की मौत हो गई, दो मृतकों की शिनाख्त नहीं हुई है। रुड़की-हरिद्वार हाईवे स्थित कोर कॉलेज के पास शनिवार देर रात कार की टक्कर से बाइक सवार दो कांवड़ियों की मौत हो गई। पहली दुर्घटना प्रेमनगर आश्रम चौक के पास घटित हुई। एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की भिड़त हुई। कांवड़ियों को गंभीरावस्था में तुरंत आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां एक कांवड़िए को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन कांवड़ियों को एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया। एसपी सिटी ने बताया कि एम्स में उपचार के दौरान दो कांवड़ियों की भी मौत हो गई जबकि एक कांवड़िए का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में मृत घोषित हुए कांवड़िए की पहचान विनय पुत्र राम सुमेर निवासी गांव पासवाला चरोहा कौशांबी यूपी के रूप में हुई, जबकि एम्स में दम तोड़ने वाले कांवड़ियों की पहचान के प्रयास जारी है। वहीं, रविवार तड़के बैरागी कैंप में डाक कांवड़ वाहन निकाल रहे कांवड़ियों से भरा ट्रक नीचे जमीन पर सो रहे दो कांवड़ियों के ऊपर चढ़ गया। कांवड़ियों की चीख पुकार सुनकर उनके साथी कांवड़िये एकत्र हो गये, जिन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। इधर, कांवड़ियों के कुचलने की सूचना पर पुलिस महकमे के हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन में सीओ अनुज कुमार अपना वाहन लेकर तुंरत मौके पर पहुंचे, जो तुरंत ही कांवड़ियों को अपने वाहन में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

Published / 2022-07-24 03:23:48
भगवान गणेश ने की थी बेलपत्र पर हल्दी से राम लिखने की शुरुआत : पंडित रामदेव

टीम एबीएन, रांची। शिव के पुत्र गणेश कहे जाते हैं। हालांकि पार्वती के मैल से गणेश का सृजन हुआ था। गणेश शिव के पालक पुत्र तो कार्तिक शिव के औरस पुत्र हैं। कार्तिकेय भी पार्वती के पालक पुत्र हैं। यह शिव परिवार अनेकता में एकता, विभिन्नता में समता लिए हुए है। जीवन और पारिवारिक प्रबंधन को समझना है तो शिव से समझिए। गणेश एक कोशिकीय थे, तो सन्तान वर्धन में गणेश वंश को काफी मुश्किल होती है। सन्तान वर्धन में डीएनए अर्थात दो कोशिकीय होना जरूरी है। शिव ने हाथी का मस्तक जोड़कर कोशिकीय परिवर्तन किया। हालांकि कल्प भेद के अनुसार कथाएं अनन्त हैं। शनि की दृष्टि पड़ने से भी गणेश का मस्तक कटा तो कश्यप ऋषि के श्राप का भी प्रमाण है। अब गणेश का मस्तक बड़ा, पेट बड़ा, हाथी का मस्तक, तो मनुष्य का धड़ जिसे बेढब देखकर हंसने लगे। तो गणेश ने चन्द को श्राप दे दिया कि इस कालांतर में राजा दक्ष ने भी चन्द्र को भी श्राप दिया था कि चन्द्र को क्षय रोगी हो जाए। गणेश इस तरह दिव्यांग हो गये। पर गणेश मातृ भक्त और पितृ भक्त भी हुए। जब प्रथम पूजन के लिए स्पर्धा रखी गयी, तो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाकर प्रथम आना था। जो देवता ब्रह्माण्ड की परिक्रमा कर रोकेगा वह प्रथम पूज्य होगा। गणेश का बड़ा माथा, बड़ा पेट, बड़ा हाथी कान और छोटा सवारी चूहा कैसे पृथ्वी परिक्रमा करें, तो गणेश ने मातृ-पितृ भक्ति की महिमा को साकार किया। माता-पिता ही स्वर्ग है। धर्म है, तप है और सभी देवता हैं। पहली ज्ञानदायनी मां है तो यही माता-पिता ब्रह्माण्ड स्वरूप है। गणेश ने एक बेलपत्र लिया। उसपर हल्दी से राम-राम लिखा और शिव पार्वती पर चढ़ा दिया तथा मूसा पर बैठकर माता पिता की एक परिक्रमा कर ली। यह ब्रह्माण्ड की परिक्रमा हो गयी। सभी देवताओं ने ब्रह्माण्ड की परिक्रमा करते भी गणेश को आगे-आगे देखा। तब से गणेश प्रथम पूज्य हुए और बेलपत्र पर हल्दी से राम-राम लिखने की प्रक्रिया शुरू हुई। शिव परिवार में इस तरह स्वयं शिव के साथ पार्वती, गणेश, कार्तिकेय के अलावा गणों में कुबेर, पुष्पदन्त आदि हैं। इसलिए अपने परिवार को शिव की तरह पूजनीय बनाने का प्रयास कीजिये। उक्त बातें राजधानी रांची के प्रख्यात ज्योतिर्विद पंडित रामदेव पांडेय ने कही। वे बरियातू डीएवी के सामने स्थित श्री राम जानकी मंदिर में आयोजित श्री शिवमहापुराण के प्रवचन मंच से श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।

Published / 2022-07-23 17:14:04
श्रावणी मेला : बासुकीनाथ धाम में 1.20 लाख शिवभक्तों ने की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के सुल्तानगंज एवं भागलपुर से गंगा जल लेकर पैदल कांवर यात्रा करने वाले लगभग 1.20 लाख श्रद्धालुओं ने श्रावणी मेला के नौवें दिन बाबा बासुकीनाथ धाम में जलाभिषेक किया और पूर्ण श्रद्धा भक्ति और "बोल बम" के जयघोष के साथ पूजा अर्चना की। बासुकीनाथ मेला प्रबंधन समिति के मुताबिक श्रावणी मेला के नौवें दिन बाबा बासुकीनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। अहले पट खुलने के पहले से ही कांवर यात्रियों की लम्बी कतार लगी गयी जो देर शाम तक जारी है। आज जलार्पण काउंटर से 20497 और शीघ्र दर्शनम के कूपन की सुविधा के तहत 2500 श्रद्धालुओं समेत एक लाख 20 हजार 785 श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। गेरुआ वस्त्र धारी कांवर यात्रियों के जयघोष से बासुकीनाथ बाबा का मंदिर परिसर गूंजायमान हो रहा है। समिति ने बताया कि शीघ्र दर्शनम के कूपन से 7 लाख 50 हज़ार रुपये प्राप्त हुए तथा चांदी के 10 ग्राम के 9 सिक्के की बिक्री हुई। इस तरह शुक्रवार को गोलक से 31780 दान पेटी से 1 लाख 50 हज़ार 770 तथा अन्य स्रोतों से 63,136 रुपये प्राप्त हुए। वहीं गोलक से 88 ग्राम चांदी प्राप्त हुए।

Published / 2022-07-22 15:19:46
झारखंड में बढ़ती गौ तस्करी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा : मिलिंद परांडे

एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड में महिला पुलिस अधिकारी की गौ तस्करों द्वारा नृशंस हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विश्व हिन्दू परिषद ने गौ तस्करों को पूरी तरह कुचलने की मांग की है। विहिप के केन्द्रीय महा मंत्री श्री मिलिंद परांडे ने आज एक प्रेस वक्तव्य के माध्यम से कहा है कि एक जाबांज महिला पुलिस अधिकारी के राजधानी रांची में गौ तस्करों द्वारा नृशंस हत्या ने ना सिर्फ राज्य की कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाया है वल्कि यह भी साबित कर दिया है कि इस्लामिक जिहादियों व गौ-तस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। पुलिस अधिकारी संध्या के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने राज्य सरकार से उनके परिवार को उचित आर्थिक सहायता शीघ्र दिए जाने के साथ राज्य में गौ तस्करों की कारगुजारियों को कठोरता से कुचलने का आग्रह किया है। श्री परांडे ने कहा कि झारखंड गौ तस्करों का स्वर्ग बन चुका है। राज्य से होकर बड़े पैमाने पर गौ बंस को कटाई के लिए बंगाल ले जाया जा रहा है। ऐसे सभी मार्गों को गौ तस्करों के लिए अबिलंब सील किए जाने की आवश्यकता है। अनेक बार ये तथ्य उजागर हुए हैं कि गौ तस्करी का पैसा जकात, जिहाद व आतंकवाद में लगाया जा रहा है। इस अवैध तस्करी से ना सिर्फ हिन्दू आस्था पर चोट पहुंचाई जा रही है अपितु, गौ-तस्करी से देश की आंतरिक सुरक्षा को भी गंभीर खतरा है। विश्व हिन्दू परिषद की मांग है कि राज्य में गौ हत्याओं, गौ तस्करी व जिहादी गतिविधियों के विरुद्ध सरकार कठोर कार्यवाही करे। उन्होंने घोषणा की कि बहन संध्या को श्रद्धांजलि तथा गौ तस्करी पर पूर्ण विराम लगाने हेतु विहिप कार्यकर्ता शुक्रवार 22 जुलाई को राज्य व्यापी धरना प्रदर्शन करेंगे। उक्त जानकारी विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।

Published / 2022-07-22 15:18:54
हिंदू आस्था पर चोट करती है गो-तस्करी, इसे अविलंब रोकें : विहिप

टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकतार्ओं ने झारखंड गोवंश पशु हत्या निषेध अधिनिय 2005 को सख्ती से लागू करने सहित 4 सूत्री मांगों को लेकर आज झारखंड के सभी 24 जिला उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि झारखंड की राजधानी रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र में जांबाज महिला पुलिस अधिकारी संध्या टोपनो अपने कर्तव्य को पालन करते हुए गौमाता की रक्षार्थ वीरगति को प्राप्त हो गयी। एक महिला पुलिस अधिकारी को गौतस्करों के हाथों भेट चढ़ना राज्य के कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगता है, वहीं यह भी साबित कर दिया गया कि प्रदेश में इस्लामिक जेहादियों व गौतस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। उन्होंने कहा गौतस्करों द्वारा सिर्फ हिंदू आस्था पर चोट नहीं पहुंचाया जा रहा अपितु गौतस्करी से देश के आंतरिक सुरक्षा को भी गंभीर खतरा है क्योंकि अवैध गौतस्करी के रुपये आतंकवादी एवं अलगाववादी संगठनों को जाता है। डॉ साहू ने कहा कि 1. गौमाता की रक्षार्थ वीरगति प्राप्त वीरांगना संध्या टोपनो को शहीद का दर्जा दिया जाए। 2. गौतस्करी के नेटवर्क में शामिल सभी गौतस्करों को अविलंब गिरफ्तारी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के द्वारा कड़ी से कड़ी सजा दिया जाए। 3. सिमडेगा-गुमला-रांची, पलामू-लोहरदगा-रांची, चतरा-हजारीबाग-धनबाद, जीटी रोड-पाकुड़ सहित झारखंड के कई मार्गों से गो तस्करी का मुख्य धंधा चलता है, इन मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था किया जाए जिससे गौ तस्करी पर रोक लगाई जा सके तथा 4. झारखंड प्रदेश में झारखंड गोवंश से पशु हत्या निषेध अधिनियम 2005 को सख्ती से लागू किया जाए, जिससे हिंदू आस्था पर कोई चोट पहुंचा न सके। विश्व हिंदू परिषद रांची महानगर ने रांची के उपायुक्त शशी रंजन को ज्ञापन सौंपे। जिसमें रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, महानगर मंत्री चंद्रदीप दुबे, महानगर सेवा प्रमुख नागेंद्र शुक्ला, एवं श्रीराम नगर के रमेश बर्मन शामिल थे। उक्त जानकारी विहिप के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

Published / 2022-07-21 14:12:28
गौतस्करी के विरुद्ध मुख्यमंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन : विहिप

टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने गौतस्करों के द्वारा हत्या किए गए दिवंगत महिला पुलिस अधिकारी संध्या टोपनो के अंतिमयात्रा में शामिल होकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किए। विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल ने तस्करों द्वारा हत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा झारखंड में इस्लामिक जिहादी पशुतस्करों का आतंक झारखंड के हर मुख्य मार्गों पर मचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौ तस्करों के द्वारा प्रतिदिन हजारों की संख्या में गोवंश को पाकुड़ के मार्गों से बंगाल होते हुए बांग्लादेश भेजने का कार्य किया जाता है। झारखंड में झारखंड गोवंश पशु हत्या निषेध अधिनियम 2005 को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है। प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने बताया झारखंड में गौतस्करी को रोकने के लिए झारखंड में झारखंड गोवंश पशु हत्या निषेध अधिनियम 2005 को सख्ती से लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रांत के सभी जिला केंद्रों में उपायुक्त के द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। प्रतिनिधिमंडल में क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, सामाजिक समरसता प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र, रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी विशेष रूप से थे। उक्त जानकारी प्रांत प्रभारी डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

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