टीम एबीएन, रांची। शनिवार को श्री सर्वेश्वरी समूह- शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) में परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी की 86वीं जयंती पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्री सर्वेश्वरी समूह- शाखा रांची में परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी की जयंती को प्रत्येक वर्ष युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत प्रात: 5.30 बजे प्रभात फेरी (नगर भ्रमण) से की गयी। उसके उपरांत 8.30 बजे से परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के तस्वीर की विधिवत पूजन एवं आरती किया गया। पूजन के बाद सद्ग्रन्थ सफल योनि का सामूहिक पाठ किया गया। उसके बाद प्रात: 10.30 बजे से युवा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मंगलाचरण यशवन्त नाथ शाहदेव ने किया तथा शाखा के संयुक्त मंत्री अभय सहाय ने विषय प्रवेश कराया एवं परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के जीवनी एवं उनकी महिमा पर प्रकाश डाला। गोष्ठी में नयन मंजरी, सौरभ भारतीय, कीर्तिमान नाथ शाहदेव, शाम्भवी शाहदेव, सीमा कुमारी, बॉबी कुमारी, गौरीशंकर षाड़ंगी, मानवेन्द्र शाहदेव, ओमकार शाहदेव, संजय कुमार, उमाशंकर नन्द, ऋषभ सिंह, शैलजा शाहदेव, उपेन्द्र नाथ शाहदेव के साथ कुल 16 लोगों ने अपने विचार रखे। गोष्ठी का संचालन नवीन कुमार ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन हेमन्त नाथ शाहदेव ने किया। गोष्ठी के उपरान्त सामूहिक प्रसाद वितरण किया गया एवं कार्यक्रम के अंत में स्थानीय अनाथालय आंचल शिशु आश्रम में बच्चों के बीच फल वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में झारखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति माननीय दीपक रौशन भी शामिल हुए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने जुलाई में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 2.7 करोड़ पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की। कंपनी ने बुधवार को अपनी मासिक पारदर्शिता रिपोर्ट में यह जानकारी दी। कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 का पालन करने के लिए फेसबुक पर 2.5 करोड़ पोस्ट और इंस्टाग्राम पर 20 लाख पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की। कंपनी ने बताया कि फेसबुक पर 1.73 करोड़ स्पैम कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके बाद वयस्क नग्नता और यौन गतिविधि से संबंधित 27 लाख पोस्ट और हिंसक और ग्राफिक सामग्री से संबंधित 23 लाख पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की।
एबीएन सोशल डेस्क। देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध किस कदर बढ़ रहे हैं, इसकी झलक राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की वर्ष 2021 की रिपोर्ट से मिलती है। ब्यूरो के अनुसार बीते वर्ष रोजाना दुष्कर्म के 86 मामले दर्ज हुए। वहीं, महिलाओं के खिलाफ अपराध के हर घंटे 49 मामले दायर हुए। देश में अपराधों पर नवीनतम ताजा सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 2021 में दुष्कर्म के कुल 31,677 केस दर्ज हुए। इस तरह हर घंटे औसत 86 केस कायम किए गए। जबकि हर घंटे महिलाओं के खिलाफ अपराध के औसत 49 केस दर्ज हुए। 2020 के मुकाबले 2021 में बढ़ी दुष्कर्म की घटनाएं : गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत एनसीआरबी के अनुसार 2020 में दुष्कर्म के कुल 28,046 केस दर्ज किए गए थे, जबकि 2019 में 32,033। ब्यूरो ने क्राइम इन इंडिया 2021 ने यह रिपोर्ट तैयार की है। दुष्कर्म में राजस्थान आगे, मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर : रिपोर्ट के वर्ष 2021 में राजस्थान में दुष्कर्म के सर्वाधिक 6,337 मामले दर्ज हुई। वहीं, मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा। मप्र में इस दौरान दुष्कर्म के 2,947 केस दर्ज हुए। महाराष्ट्र में 2,496 तो उत्तर प्रदेश में 2,845 केस दर्ज किए गए। दिल्ली में वर्ष 2021 में दुष्कर्म के 1,250 मामले दर्ज किए गए। लगातार बढ़े महिलाओं के खिलाफ अपराध : वर्ष 2021 में देश भर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,28,278 मामले दर्ज किए गए। इनमें अपराध की दर (प्रति एक लाख आबादी पर) 64.5 फीसदी रही। आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे अपराधों में आरोपियों पर आरोप पत्र दायर करने की दर दर 77.1 फीसदी थी। बात करें वर्ष 2020 की, तो तब महिलाओं के खिलाफ कुल अपराधों की संख्या 3,71,503 और 2019 में 4,05,326 दर्ज की गई थी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दुष्कर्म, दुष्कर्म व हत्या, दहेज हत्या, एसिड हमले, आत्महत्या के लिए उकसाना, अपहरण, जबरन शादी, मानव तस्करी, आॅनलाइन उत्पीड़न जैसे अपराध शामिल हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा मामले यूपी में : 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश (56,083) में दर्ज किए गए, उसके बाद राजस्थान (40,738), महाराष्ट्र (39,526), पश्चिम बंगाल (35,884) और ओडिशा में 31,352 दर्ज किए गए। हालांकि, महिलाओं के खिलाफ अपराध दर के आधार पर तुलना करें तो असम 168 फीसदी के साथ शीर्ष पर है। वहीं, दिल्ली 147 फीसदी के साथ दूसरे व ओडिशा 137 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर रहा। हर साल आने वाली एनसीआरबी की रिपोर्ट से देश में अपराधों पर नियंत्रण में मदद मिलती है। इसके आधार पर सुरक्षा एजेंसियां संबंधित क्षेत्रों में अपराध पर लगाम लगाने के उपाय करती हैं।
एबीएन सोशल डेस्क। पूरे देश में गणेश चतुर्थी की धूम हैं, क्या आम और क्या खास, सभी बप्पा के प्रेम में रंगे हुए हैं। कुछ जगहों पर विघ्नहर्ता की स्थापना हो गई है तो कुछ जगहों पर स्थापना की तैयारी हो रही है। पीएम मोदी ने भी गणेश पर्व पर सबको बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट किया है कि गणेश चतुर्थी की ढेरों शुभकामनाएं। गणपति बप्पा मोरया! तो वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर मैं भारत और विदेश में रह रहे सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देती हूं।आइए, हम सब इस अवसर पर प्रार्थना करें कि भगवान गणेश की कृपा से समूचे विश्व में सद्भाव और सौहार्द का संचार रहे। आपको बता दें सुबह से मंदिरों, पंडालों में धूम देखी जा रही है। लोग सज-धजकर बप्पा का स्वागत कर रहे हैं। कहीं मंगल गीत गाए जा रहे हैं तो कहीं पर मोदक बनाने और खाने की होड़ मची हुई है।
टीम एबीएन, जमशेदपुर/रांची। आज दिनांक 28 अगस्त, 2022 को मानगो डिमना चौक स्थित आशीर्वाद पैलेस में "भारतीय गौवंश रक्षण, संवर्धन परिषद", विश्व हिंदू परिषद (गौ रक्ष विभाग) की प्रांत टोली सह जिला गोरक्षा प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक संपन्न हो गई। इस बैठक में क्षेत्रीय गोरक्षा प्रमुख त्रिलोकी नाथ बागी, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत अध्यक्ष सुजीत कुमार साहू, प्रांत सह गौरक्षा प्रमुख कमलेश सिंह, विधि प्रकोष्ठ के प्रांत प्रमुख दीपक शर्मा, सिंहभूम विभाग गोरक्षा प्रमुख अवतार सिंह परमार, सह गोरक्षा प्रमुख सर्वश्री सुधीर प्रसाद, भीम यादव तथा मंटू दुबे, जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गब्बू लाल जायसवाल, धनबाद ग्रामीण जिला के अध्यक्ष बैजनाथ गोस्वामी, सह प्रमुख अभिजीत गोराई, धनबाद महानगर के कार्य अध्यक्ष सुभाष चौहान, देवघर जिला के संजय देव, धनबाद महानगर गोरक्षा प्रमुख संजीव गिरी तथा सह प्रमुख रामजीत सिंह, जमशेदपुर महानगर के उपाध्यक्ष सर्वश्री कृष्णा सोरेन, आनंद प्रसाद तथा सीमा पांडे, घाटशिला ग्रामीण जिला के गो विज्ञान परीक्षा प्रमुख शरत सिंह सरदार, उपाध्यक्ष सौरव मिश्रा, जमशेदपुर महानगर के सह गोरक्षा प्रमुख कमल वर्मा तथा गिरीश राव, विधि प्रकोष्ठ के संरक्षक अनिल वर्मा तथा विभाग प्रमुख सुशील शर्मा, महानगर सह प्रमुख अनंत गोप सहित बड़ी संख्या में गोरक्षा के कार्यकर्ता उपस्थित थे। मौके पर झारखंड प्रांत के उड़ीसा, बंगाल तथा छत्तीसगढ़ से लगती हुई सीमावर्ती जिलों मे बड़े पैमाने पर हो रही पशु तस्करी पर गंभीर चिंता प्रकट करते हुए ग्रामीण अंचलों मैं संगठन के विस्तार पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान संगठन के विस्तार करते हुए राष्ट्रीय गौरक्षा आंदोलन समिति के सिंहभूम विभाग के सह प्रमुख के रूप में दीपक शर्मा, सरायकेला- खरसावां जिला के प्रमुख निशांत कुमार तथा पश्चिम सिंहभूम के प्रमुख के रूप में हर्कुलस ठाकुर को जिम्मेदारी सौंपी गई। उक्त जानकारी झारखण्ड प्रान्त के प्रान्त प्रचार प्रसार प्रमुख संजय कुमार (9835138678) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन रांची। विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत टोली की बैठक आज दिनांक 27 अगस्त, 2021 को पूर्वाहन 10:30 बजे से 4:00 बजे तक हरमू रोड स्थित विहिप प्रांत कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में विशेष रूप से क्षेत्र संगठनमंत्री (झारखंड-बिहार ) माननीय आनंद कुमार जी उपस्थित थे। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद कुमार ने कहा विश्व हिंदू परिषद के कार्यकतार्ओं का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित एवं समरस करना है। उन्होंने कहा प्रांत के सभी मंदिरों में साप्ताहिक सत्संग होना आवश्यक है। सत्संग से जहां एक ओर धर्म के प्रति श्रद्धा बढ़ती है वही समाज भी संगठित दिखाई पड़ता है। उन्होंने कहा 2024 तक झारखंड के सभी 32000 गांवों तक की समिति गठन करना हमारा लक्ष्य है। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने बताया विगत 11 अगस्त को रक्षाबंधन उत्सव, 14 अगस्त को अखंड भारत दिवस एवं 18 से 25 अगस्त तक विश्व हिंदू परिषद की स्थापना दिवस के अनेकों कार्यक्रम संपन्न हुए। उन्होंने बताया आगामी 11 सितंबर 2022 तक संगठन विस्तार कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें प्रांत के सभी पंचायत समिति का गठन किया जाएगा, 10 एवं 11 सितंबर को प्रांत के सभी जिला सत्संग प्रमुखों का अभ्यास वर्ग रांची में आयोजित की जाएगी, 13 सितंबर से 17 सितंबर तक देवघर में पूर्णकालिक कार्यकर्ता बैठक की जाएगी, 17 एवं 18 सितंबर को बजरंग दल अभ्यास वर्ग देवघर में किया जाएगा। 26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक दुर्गाष्टमी का कार्यक्रम आयोजित होंगे। बैठक में विश्व हिंदू परिषद क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत सहमंत्री राम नरेश सिंह, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, सामाजिक समरसता प्रांत प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र, गोरक्षा प्रांत प्रमुख गिरजा शंकर पांडेय, सत्संग प्रांत प्रमुख गणेश शंकर विद्यार्थी, रांची विभाग मंत्री किशुन झा, सिंहभूम विभाग मंत्री संजय चौरसिया, धनबाद विभाग मंत्री विनय कुमार, रांची विभाग सहमंत्री विकास सिंह, पलामू विभाग संगठन मंत्री विजय यादव, गुमला विभाग संगठन मंत्री राम प्रताप सिंह, धर्म प्रसार परियोजना प्रांत सहप्रमुख रेनू अग्रवाल, साहिबगंज विभाग संयोजिका शशि शर्मा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद झारखंड के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में अभी ऐसे कई रहस्य हैं, जिनका जवाब किसी को नहीं मिला है। कई धार्मिक स्थान ऐसे हैं, जिनसे जुड़े रहस्य बताते हैं कि अभी काफी कुछ रिसर्च करना बाकी है। इन रहस्यों में से एक है देश के सबसे अमीर मंदिरों में शुमार तिरुवनंतपुरम का श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर का सातवां दरवाजा. अमीर मंदिर की वजह से सुर्खियों में रहने वाले इस मंदिर में एक गेट है। यह गेट अभी तक खुला नहीं है और कहा जाता है कि अगर ये गेट खुल जाए तो इसमें इतना खजाना निकलेगा कि भारत एक बार फिर अमीर हो सकता है। इस खजाने को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं। आप भी सोच रहे होंगे कि अगर इस गेट के पीछे इतना बड़ा खजाना है तो फिर इस गेट को खोल क्यों नहीं लिया जाता। दरअसल, इस गेट को खोलना भी मामूली बात नहीं है और इस पर लगातार चर्चा होती रहती है। ऐसे में जानते हैं कि ये गेट किस तरह से बंद है, इस गेट की क्या खास बात है और ये जिस खजाने का गेट है, उसमें कितना पैसा हो सकता है? क्या है इस मंदिर की कहानी : भगवान विष्णु का ये मंदिर 6वीं सदी में त्रावणाकोर के राजाओं ने बनवाया था, जिसका जिक्र 9वीं सदी के ग्रंथों में मिलता है। कहा जाता है कि इन राजाओं ने इस मंदिर में ही अपना सारा खजाना छुपा रखा है। अब राजघराना ही मंदिर की देखरेख का काम करता है। इस मंदिर में 7 तहखाने हैं, जिसमें से 6 तहखानों को खोला जा जुका है और उसमें काफी बहुमूल्य सामान मिला है। अभी इसका सातवां गेट खोला जाना बाकी है और अभी इसे खोले जाने पर रोक है। कैसा है ये गेट : अगर इस गेट की बात करें तो इसे लेकर कहा जाता है कि इसकी सांप रक्षा करते हैं और किसी को दरवाजा खोलने नहीं देते हैं। मान्यताओं के अनुसार, एक बार इसे खोलने की कोशिश की गई तो सांप के काटने से उनकी मौत हो गई थी। दरअसल, ये दरवाजा स्टील का बना हुआ है और इस पर दो सांप बने हुए हैं। इस दरवाजे के लिए ये भी कहा जाता है कि इसमें कोई ताला नहीं लगा हुआ है और इसे खोलने का कोई अलग तरीका है। माना जाता है कि यह नाग से जुड़े मंत्रों के जरिए ही खोला जा सकता है, मगर इस खोलने में काफी रिस्क है। कौन खोल सकता है ये गेट : इस गेट के लिए कहा जाता है कि इसे खोलने का काम कोई सिद्ध व्यक्ति ही कर सकती है और अभी तक ऐसा कोई शख्स नहीं मिला है। इस गेट को खोले जाने में रिस्क होने की वजह से इसे खोला नहीं गया है और अभी कई अनुमतियों के बाद ही इसे खोला जा सकता है। इसे कई लोग शापित तहखाना भी मानते हैं। क्या होगा इस तहखाने में : इस तहखाने के लिए कहा जाता है कि इसमें काफी सोना मिल सकता है, क्योंकि इससे पहले जब 6 गेट खोले गए थे, जब काफी सोना मिला था। रिपोर्ट्स के अनुसार, पद्मनाभ स्वामी मंदिर के 6 तहखानों में अब तक 1,32,000 करोड़ की संपत्ति मिल चुकी है। इनमें सोने की मूर्ति, हीरे, जेवरात आदि शामिल है। कई इतिहासकार अंदाजा लगाते हैं कि इसमें इतना सोना है कि इससे देश के राजस्व में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। माना जाता है कि मंदिर में पड़े खजाने की टोटल वर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। लद्दाख में एक महीने के लंबे प्रवास के बाद, शीर्ष तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा शुक्रवार को दिल्ली का दौरा करने वाले हैं। लद्दाख बौद्ध संघ ने ये जानकारी दी। दलाई लामा 3 साल से अधिक के अंतराल के बाद दिल्ली आ रहे हैं। हालांकि यह तय नहीं है कि क्या वह दिल्ली में किसी राजनीतिक शख्सियत के साथ कोई बैठक करेंगे या नहीं। एसोसिएशन ने एक बयान में कहा, परम पावन (हिज होलीनेस) 14वें दलाई लामा 26 अगस्त, 2022 को लद्दाख में अपने महीने भर के प्रवास के बाद लेह से दिल्ली के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। दलाई लामा का काफिला केबीआर एयरपोर्ट, लेह के लिए सुबह 7:30 बजे फोतांग गैफेलिंग, जेवेत्सल से रवाना होने की उम्मीद है। इस बीच, दलाई लामा ने एक बार फिर से लद्दाख से चीन को संदेश दिया। तिब्बती आध्यात्मिक नेता ने मंगलवार को विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही वह समय आएगा जब लद्दाखी फिर से ल्हासा (तिब्बत की राजधानी) जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि तिब्बती पूर्ण स्वतंत्रता के बजाय वास्तविक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं। तिब्बती आध्यात्मिक नेता ने लेह में दिस्कित त्सल, थुपस्टानलिंग गोनपा में एक नए शिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, समय बदल रहा है, और वह समय आएगा जब लद्दाखी फिर से ल्हासा जा सकेंगे। बैठक को संबोधित करते हुए, दलाई लामा ने कहा, राजनीतिक जिम्मेदारी से सेवानिवृत्त होने से पहले, हमने बीच का रास्ता अपनाया, जिसके अनुसार हम तिब्बत के मुद्दे पर पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान की मांग कर रहे हैं।
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