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Published / 2022-10-17 23:39:34
घरों में घरों की पेंटिंग... राशि के अनुसार घर पेंट करने से मिलती है सकारात्मक ऊर्जा

टीम एबीएन, कोडरमा। शादी-व्याह और ग्रह-नक्षत्र के मामले में लोग ज्योतिषियों की राय तो लेते ही हैं किंतु अब अपने घरों को पेंट करने में भी ज्योतिषियों से सलाह लेने लगे हैं। दीपावली में जहां एक ओर लोग अपने घरों को रंगीन बल्वों से सजाने की तैयारी में जुटे हैं वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ज्योतिषियों से बात कर राशि के अनुकूल रंगों से अपने घरों को पेंट करने लगे हैं। इधर, मां तारा ज्योतिष संस्थान के आचार्य अनिल मिश्रा ने बताया कि राशि के अनुसार घर को कलर करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि घर के मुखिया की राशि के अनुसार घर को पेंट करना शुभ माना जाता है। उन्होंने मेष के लिए लाल, वृष के लिए ग्रे, मिथुन के लिए आसमानी, कर्क के लिए फिरोजी, सिंह के लिए केसरिया, कन्या राशि के लिए लाइट यलो, तुला के लिए पर्पल, वृश्चिक के लिए लाइट कलर, धनु के लिए डार्क कलर, मकर के लिए लाइट कलर, कुंभ के लिए जामुनी कलर और मीन राशि वालों के लिए कोई भी लाइट कलर से घर को रंगने की बात कही। उन्होंने कहा कि राशि के स्वामी के अनुसार रंगों का चयन कर घर को पेंटिंग करने से काफी लाभ होता है।

Published / 2022-10-17 23:22:31
इस दिवाली की रात गलती से भी सिरहाने न रखें ये चीजें, वरना नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी...

एबीएन सोशल डेस्क। दिवाली पर हर कोई मां लक्ष्मी की कृपा पाने और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति की कोशिश में लगा रहता है। दिवाली के दिन सर्वप्रथम रात्रि में लक्ष्मी मां का पूजन किया जाता है। यदि आप वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ बातों का ध्यान रखें, तो मां लक्ष्मी आपसे नाराज नहीं होंगी और आप पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखेंगी। वास्तु जानकारों के अनुसार यदि आप कुछ चीजों को अपने सिरहाने रखकर सोते हैं तो मां लक्ष्मी आपसे रुष्ट होकर जा सकती हैं। आइए जानते हैं कौन सी वो चीजें हैं- सोने से पहले अपने पर्स को तकिए के नीचे भूलकर भी न रखें। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो इससे व्यक्ति के लालची होने का पता चलता है। पर्स को सिरहाने रखकर सोने से व्यक्ति के खर्चे बढ़ जाते हैं और परिवार आर्थिक तंगी में का खतरा भी बना रहता है। लोग अक्सर रात में सोते समय पानी की बोतल को पास में रखकर सोते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार यह आदत गलत है। पानी का संबंध चंद्रमा से होता है, इसलिए सिरहाने पानी रखकर सोने से व्यक्ति पर चंद्रमा का बुरा प्रभाव पड़ सकता है, जिससे मानसिक तनाव और परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। अक्सर लोग रात में अपनी दवाओं को अपने सिरहाने रखकर सोते हैं, ताकि सोते समय उसे लेना ध्यान रखें। लेकिन व्यक्ति को ऐसा करने से बचना चाहिए। वास्तु में कहा गया है कि अगर आप दवाएं पास रखकर सोते हैं, तो यह दशार्ता है कि आपको दवाओं से बहुत लगाव है। ऐसे में व्यक्ति जीवन भर दवा और बीमारियों से घिरा रहता है। व्यक्ति का सारा धन, बिमारी के इलाज में ही खत्म हो जाता है और मां लक्ष्मी रुष्ट होकर घर से चली जाती हैं। कोशिश करें कि सोते समय कभी भी सिरहाने पर किताबें, अखबार या मैगजीन रखकर न सोयें। वास्तु के अनुसार अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है, तो वह सोते समय भी तनाव में रहता है, जिसके कारण पूरी दिनचर्या प्रभावित होती है। इसलिए सोते समय किताबों को सिरहाने पर न रखें जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो और मां लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहे। आजकल लोग लैपटॉप, फोन और स्मार्ट वाच आदि को अपने पास रखकर सोते हैं। अगर आप भी ऐसा करने के आदि है, तो इस आदत को तुरंत बदल लें। क्योंकि इससे सेहत पर बुरा असर तो पड़ता ही है साथ ही मां लक्ष्मी भी रुष्ट हो जाती हैं।

Published / 2022-10-17 23:20:11
दिवाली पर सूर्य ग्रहण का साया, जानें लक्ष्मी पूजा पर क्या होगा असर...

एबीएन सोशल डेस्क। हिंदू धर्म में दिवाली सबसे प्रमुख त्योहार में से एक है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और गणेश जी की विशेष पूजा-आराधना की जाती है। लेकिन इस बार दिवाली पर सूर्य ग्रहण का साया भी पड़ रहा है। सूर्य ग्रहण दिवाली के अगले ही दिन यानी 25 अक्तूबर 2022 को लगने जा रहा है। यह आंशिक ग्रहण होगा जिसे देश के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से इस बार महापर्व के दौरान सूर्यग्रहण का साया रहेगा। दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से गोवर्धन पूजा दिवाली के तीसरे दिन मनाई जाएगी। यह स्थिति 27 वर्ष पूर्व भी हुई थी। अब 27 वर्ष बाद ग्रहण के कारण दिवाली के तीसरे दिन गोवर्धन पूजा होगी। ग्रहण हमेशा अमावस्या की तिथि को पड़ता है और दिवाली भी अमावस्या तिथि को ही मनाई जाती है। वहीं ग्रहण शुरू होने से पहले सूतक काल भी शुरू हो जाता है। ऐसे में दिवाली की रात से ही सूतक काल शुरू हो रहा है। आइये जानते हैं दिवाली पूजा और लक्ष्मी पूजन पर सूर्य ग्रहण का क्या प्रभाव पड़ेगा और कितने बजे से सूतक काल शुरू होगा? सूर्य ग्रहण के कारण लक्ष्मी पूजा पर असर : रोशनी का पर्व दीपावली 24 अक्तूबर 2022 को है। दिवाली के अगले ही दिन यानि 25 अक्टूबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लग रहा है। ऐसे में दिवाली की रात से ही सूतक लगेगा। हालांकि ज्योतिषविदों के अनुसार सूर्य ग्रहण के कारण लक्ष्मी पूजन पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही 8 नवंबर 2022 को देव दिवाली के दिन साल के अंतिम चंद्र ग्रहण का प्रभाव भी देखने को मिलेगा। सूतक काल का समय : सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पूर्व आरंभ हो जाता है। इस हिसाब से 24 अक्तूबर की मध्य रात्रि से ही सूतक काल आरंभ हो जायेगा। सूतक काल का समय दिवाली की रात यानी 24 अक्तूबर की रात को 02:30 बजे से शुरू होगा जो अगले दिन 25 अक्तूबर की सुबह 04: 22 बजे समाप्त होगा। 27 साल बाद दीवाली पर सूर्य ग्रहण : ज्योतिषशास्त्रियों के अनुसार दीपावली पर 27 साल बाद सूर्य ग्रहण का साया पड़ रहा है। इससे पूर्व 1995 में दीपवाली के दिन सूर्य ग्रहण पड़ा था। भारत में होगा आंशिक सूर्य ग्रहण : दिवाली के अगले दिन लगने जा रहा सूर्य ग्रहण भारत में आंशिक रूप से देखने को मिलेगा। सूर्य ग्रहण का आरंभ 25 अक्तूबर को दोपहर 02: 29 मिनट से शुरू होगा और सायं 06: 32 मिनट पर समाप्त होगा। सूर्य ग्रहण की अवधि करीब 4 घंटे 3 मिनट की होगी।

Published / 2022-10-17 23:11:24
हितचिंतक अभियान से सशक्त, संगठित व स्वावलंबी समाज बनायेगी विहिप : अमरीश सिंह

टीम एबीएन, पलामू/ रांची। विश्व हिंदू परिषद के पलामू विभाग अंतर्गत 3 जिले क्रमश: मेदिनीनगर (पलामू), गढ़वा एवं लातेहार जिला की बैठक आज दिनांक 17अक्टूबर, 2022 को पूर्वाहन 11:30 बजे से दो सत्रों में गढ़वा के नवादा रोड स्थित उत्सव गार्डन के सभागार में हितचिंतक अभियान की बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सहमंत्री एवं विशेष संपर्क केंद्रीय सहप्रमुख अमरीश सिंह थे। मुख्य वक्ता अमरीश सिंह ने कहा विश्व हिंदू परिषद की स्थापना काल से श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन, अमरनाथ यात्रा, रामसेतु रक्षा जैसे विषयों में हिंदू समाज को उपलब्धियां प्राप्त हुई है, वही आज समाज में जिहाद, धर्मांतरण, घुसपैठ जैसे देशद्रोही गतिविधियों के कारण देश एवं संगठन के लिए चुनौतियां भी है। उन्होंने कहा विश्व हिंदू परिषद की स्थापना हिंदू जीवन मूल्य, सांस्कृतिक अवधारणाओं पर समाज की श्रद्धा की निरंतरता एवं विश्व के समस्त हिंदुओं के प्रति उत्तरोत्तर विकास की चिंतन को लेकर देश के सभी मत-पंथ के पूज्य साधु-संतों के गरिमामई उपस्थिति में 1964 की गई थी। उन्होंने कहा कभी दिल्ली में बैठे विधर्मी शासकों द्वारा अयोध्या में भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम, मथुरा में श्री कृष्ण, काशी में बाबा विश्वनाथ, गुजरात में सोमनाथ का मंदिर सहित लगभग 30 हजार मंदिरों को क्षति पहुंचाकर भारतीय सांस्कृतिक अवधरणायों को नष्ट कर हिंदू के आने वाली पीढ़ियों को आस्था से विमुक्त करने की कुचेष्टा की गई थी,आज उसी दिल्ली के शासक ने मंदिरों का निर्माण एवं मंदिरों का कायाकल्प कर दंडवत प्रणाम करके हिंदुत्व विचारधारा को संसार के पटल में पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा, 1528 ई में भगवान पुरुषोत्तम श्री राम के मंदिर को विधर्मी के द्वारा ढांचा निर्माण करने का दुस्साहस किया था। इसके लिए हमें 76 संघर्ष करना पड़ा, समाज के पौने चार लाख लोगों को अपने बलिदान देने पड़े। आज हमारा संघर्ष का उत्कर्ष काल चल रहा है, हम अपनी आंखों से भव्य श्रीराम का मंदिर देखने वाले हैं। उन्होंने कहा जिस नारी, मंदिर, वेद, संस्कृत, गौ, आस्था, विश्वास, तीर्थ, तीथंर्यात्रा की रक्षा के लिए भगवान स्वयं समय-समय पर अवतरित होते रहें हैं। आज हमें धर्मयोद्धा के रूप में सत्संग एवं मिलन केंद्र के माध्यम से हिंदू में एक नई चेतना जगाकर गोरक्षा, हिंदू कन्या रक्षा सहित अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक मानबिंदुओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखने का संकल्प लेकर समाज में काम करना होगा। उन्होंने कहा, वर्तमान चुनौतियों को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद अपने हितचिंतक अभियान के माध्यम से हिंदू समाज को सशक्त, संगठित एवं स्वावलंबी बनायेगी। उन्होंने कहा जन्म के आधार पर कोई व्यक्ति छोटा या बड़ा, पावन या अपवित्र नहीं होता है। सभी जाति, पंथ, भाषा, नगरवासी, वनवासी, गिरीवासी वाद से ऊपर उठकर समरस समाज खड़ा करना ही विश्व हिंदू परिषद का लक्ष्य है। उन्होंने कहा विश्व हिंदू परिषद का बोध वाक्य हिन्दव: सोदरा: सर्वे, न हिंदू पतितो भवेत्। मम दीक्षा हिंदू रक्षा, मम मंत्र समानता:। उन्होंने कहा भारत माता की जय बोलने वाले सभी भारतीय समाज हिंदू है, सभी आपस में सहोदर भाई है। खान-पान, रहन-सहन, भाषा अलग होते हुए भी सभी भारत माता के सुपुत्र हैं। इसकी झलक हमें वैष्णो देवी यात्रा, अमरनाथ यात्रा, सावन की कांवड़ यात्रा, कुंभ मेला में अनायास हिंदू समूह में दिखती है परंतु हमें इस हिंदू समूह को अपने घर, मोहल्ला, गांव एवं समाज में दिखे ऐसा कार्य करना है। उन्होंने कहा जो भारत माता की जय नहीं बोलता है, वह नागरिक हो सकता है, देश का पुत्र नहीं। उन्होंने कहा भारत वर्ष वीरों, पराकर्मियों, साधु-संतों, मठ-मंदिरों, ऋषि- मुनियों का देश है, इस देश को मजारों का देश नहीं बनने देंगे। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने कहा 30 अक्टूबर एवं 2 नवंबर को हुतात्मा दिवस के अवसर पर सभी जिला केंद्रों में रक्तदान शिविर तथा 6 नवंबर से 20 नवंबर तक हितचिंतक अभियान झारखण्ड प्रांत के सभी गांवों में चलेगा। उन्होंने कहा झारखण्ड के 31 हजार गांवों में 5 लाख हितचिंतक बनाये जायेंगे। हमें अपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए सभी गांवों की समिति बनाना होगा तथा समय दानी कार्यकर्ता निकलना होगा। समय दानी कार्यकतार्ओं के माध्यम से ही सशक्त समाज का निर्माण होगा। डॉ साहू ने कहा 1 दिसंबर से 10 दिसंबर तक शौर्य दिवस पर शौर्य संचलन/यात्रा, 23 दिसंबर को धर्म रक्षा दिवस तथा 15 जनवरी 2023 को समरसता दिवस के रूप में पूरे प्रांत में कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह ने कहा प्रत्येक इकाई में संगठन की समिति, प्रत्येक समिति का सत्संग एवं सेवा केंद्र से समाज में एक नई जागरण होगी। समाज के जागरण से ही सामाजिक कुरीतियां दूर हो सकती हैं। उन्होंने कहा संगठन के विस्तार से ही समाज में परिवर्तन संभव है। आज हिंदू के विरोध में कोई बोलने का साहस नहीं करें, ऐसा सशक्त संगठन खड़ा करना भी विश्व हिंदू परिषद का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक एवं धार्मिक अवधारणाओं की सुरक्षा करना हमारा राष्ट्रधर्म है। हितचिंतक अभियान को सफल बनाने के लिए अभियान जिला संयोजक एवं सहसंयोजक की घोषणा की गई, जिसमें मुझे मेदनी नगर पलामू जिला के लिए संदीप कुमार दास को संयोजक एवं अमित तिवारी व विवेक चौबे को सहसंयोजक गढ़वा जिला के लिए किशोर सिंह को संयोजक शुभम चौबे एवं शुभम केसरी को सहसंयोजक तथा लातेहार जिला के लिए रविंद्र प्रसाद को संयोजक एवं सौरव साहू तथा संतोष पासवान को सहसंयोजक घोषित किये गये। विभाग बैठक में विश्व हिंदू परिषद मार्गदर्शक मंडल के प्रांत संयोजक स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, पलामू विभाग के अध्यक्ष शिव प्रकाश गुप्ता, संरक्षक देवेंद्र प्रसाद सिंह, विभाग मंत्री गौरव कुमार, पलामू जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, मंत्री दामोदर मिश्रा, गढ़वा जिला अध्यक्ष राजेश प्रसाद देव, मंत्री उमेश अग्रवाल, लातेहार जिला मंत्री संतोष पासवान, बजरंग दल संयोजक सौरव साहू, सहमंत्री विकास मित्तल सहित तीनों जिला के पदाधिकारी एवं जिला के अंतर्गत प्रखंड व पंचायत के पदाधिकारी गण उपस्थित थे। उक्त जानकारी विहिप के पलामू विभाग मंत्री गौरव कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

Published / 2022-10-17 20:47:09
भले डार्विन के पूर्वज बंदर मेढक हों, पर भारतीयों के पूर्वज ब्रह्मा, दक्ष और मनु हैं : पंडित रामदेव

टीम एबीएन, रांची। भागवत कथा व्यास सुखदेव जी मनोविज्ञानी आचार्य हैं। कहते हैं कि भौतिक शरीर में परमार्थिक शरीर का चिंतन करो और ओम का मानसिक जप करो। इस शरीर के विराट पुरुष का चिंतन करो, तो विराट हो जाओगे। ऐसा यदि आमजन भी करते हैं तो इसका लाभ होगा। आप भी जो रोज कुछ मिनट के लिए पूजन काल में अपने शरीर में विराट पुरुष की अनुभूति करेंगे और ओम का मानसिक जप करेंगे। उन्हें रोग, शोक से मुक्ति मिलेगी। यह भागवत का दर्शन है। परिक्षित शुक से सृष्टि का विकास क्रम पूछते हैं। यह डार्विन के विकासवाद से भिन्न है। डार्विन के बाप दादा बंदर-मेढक हैं, तो उन्होंने कहा कि हम बंदर-मेढक की संतान हैं। शुक ने कहा ब्रह्मा, विष्णु महेश और दुर्गा ही ओम है। इसी ओम ने ब्रह्मांड में बिग बैंग का विस्फोट कराया। इससे पंचतत्व बना। इसी पंचतत्व से दुनिया बनी। शिव ने अर्धनारीश्वर होकर स्त्री रूप दिखाया। नर-नारी का डेमो दिखाया और ब्रह्मा ने दो क्रम से सृष्टि का विकास किया। एक से दक्ष, मनु, कश्यप, दिति-अदिति तो दूसरी तरफ अवतारवाद से मछली, कछुआ, वराह, नरसिंह, वामन, राम और कृष्ण जैसे महामानव। राजा दक्ष की साठ बेटियों से मनुष्य, राक्षस, पशु पक्षी, नाग आदि का वंश चला है। यही है सृष्टि का विकास और तब से लेकर कृष्ण के परधाम गमन तक की कथा भागवत में है। इसमें ज्ञान-विज्ञान की वैसी कथाएं हैं जो आज का विज्ञान पांच हजार साल बाद भी नहीं कर सकता। उक्त बातें भागवत कथावाचक पंडित रामदेव पांडेय ने कही। बताते चलें कि उनके पौरोहित्य में महिला भक्ति परिषद् रांची युनिवर्सिटी कॉलोनी में भागवत कथा सप्ताह चल रही है।

Published / 2022-10-16 21:03:34
त्योहार में दूसरे घरों को खुशहाल करने में जुटी शहर की नारी शक्ति

टीम एबीएन, हजारीबाग। हजारीबाग शहर सहित पूरे भारतवर्ष में मां दुर्गे का पावन पर्व की समाप्ति के बाद दीप उत्सव का महापर्व दीपावली को लेकर सभी के घरों में रंग रोगन का कार्य प्रारंभ कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में घरों से काफी उपयोग न होने वाले सामान निकलते हैं जिसको लोग कचरे में फेंक दिया करते थे। परंतु इस वर्ष शहर की नारी शक्ति प्रमाणिक जनसेवा मिशन की सदस्यों के द्वारा दूसरे के घरों को खुशहाल करने की कोशिश की गयी। किसी के चेहरे पर खुशी लाने का प्रयास किया गया। उसी प्रयास के दौरान विभिन्न प्रकार के सामानों को एकत्रित कर शहर के जैन भवन में रविवार को सुबह 9 बजे से एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया। प्रदर्शनी के दौरान सभी सामानों को महज ₹10 में असहाय, गरीब जनों को उपलब्ध कराया गया। प्रदर्शनी में करीबन 500 से भी अधिक लोगों ने सामानों की खरीदारी की। प्रदर्शनी में बच्चों के खिलौने, बच्चों के कपड़े, जूता चप्पल, क्रोकरी के आइटम्स, गर्म कपड़े, जींस, साड़ी, सूट जैसे कई अन्य सामान प्रदर्शनी में लगाये गये थे। प्रदर्शनी के दौरान हर व्यक्ति को पांच सामान खरीदने की मंजूरी दी जा रही थी। व्यक्ति को पांच सामानों का टोकन दिया जा रहा था। प्रदर्शनी में कई नए सामान को भी लाया गया था ऐसे कुछ व्यापारियों ने अपनी दुकान से नयी साड़ी दी थी और उस साड़ी को महज ₹10 में गरीब असहाय लोगों के बीच दी गई। करीबन 30 से भी अधिक प्रमाणिक जनसेवा मिशन की महिलाएं मौजूद थी। जिसमें वर्षा जैन, सोनम जैन, सोनाली जैन, अलीशा जैन, रिशु जैन, सिल्वी जैन, रिशु जैन, खुशबू जैन, नेहा जैन, कोमल जैन सहित कई महिलाएं शामिल थी। महिलाओं ने प्रदर्शनी कार्यक्रम से 1 दिन पूर्व कार्यक्रम स्थल जैन भवन में प्रदर्शनी को लेकर सारी विधि व्यवस्था तैयार की थी, जिसमें विभिन्न प्रकार के स्टाल लगे थे। जिसमें रविवार को प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को सामान उपलब्ध कराई गई। प्रदर्शनी के दौरान सदर थाना की गस्ती ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से मौजूद रही। प्रमाणिक जनसेवा मिशन की सदस्यों ने बताया कि यह सेवा हमारी टीम के द्वारा पहली बार किया जा रहा है आने वाले वर्ष में भी ऐसी सेवाएं हमारी टीम देगी। रविवार को प्रदर्शनी कार्यक्रम में काफी लोगों ने अपनी जरूरत के हिसाब से समान की खरीदारी महज ₹10 में करके गए हैं। साथ ही बताया कि प्रदर्शनी कार्यक्रम में कॉस्मेटिक आइटम्स, क्रोकरी आइटम्स, बच्चों के खिलौने सहित कई अन्य सामान विधिवत स्टाल के माध्यम से लगाए गए थे सभी स्टॉल में हमारी टीम की एक सदस्य मौजूद थी। साथ ही बताया कि गरीब, असहाय लोगों को महज ₹10 में सामान उपलब्ध कराई गई थी ₹10 के हिसाब से एकत्रित हुई राशि को किसी सेवा के कार्य में लगाया जायेगा।

Published / 2022-10-15 21:38:16
भारत ही विश्व को शांति और मुक्ति देता है : पंडित रामदेव

टीम एबीएन, रांची। महिला भक्ति परिषद् रांची युनिवर्सिटी कॉलोनी बरियातू में भागवत कथा शनिवार से शुरू हुई। कथा व्यास पंडित रामदेव पाण्डेय ने कहा भगवान की भक्ति से दैहिक, दैविक और भौतिक ताप, संताप की समाप्ति हो जाती है। सत चित और आनंद भागवत और भगवान की कथा से आती है। कथा से मन में भक्ति आती है। भक्ति से भगवान की कृपा होती है जिसे मृत्यु, रोग और शोक की समाप्ति होती है। जीवन शांति और आनंद से भर जाता है। तभी तो अमेरिका, रसिया इंग्लैंड के लोग काशी, हृषिकेश, वृंदावन में धूल धुसरित हो रहे हैं। शांति की भूमि भारत ही सच्चिदानंद की है। भागवत का पहला शब्द ही सच्चिदानंद है। मानस में भी तुलसी ने सच्चिदानंद की चर्चा की है। इसी सच्चिदानंद को आत्मसात करना भागवत और मानस है। भागवत कथा आगामी 21 अक्टूबर तक दोपहर तीन से छह बजे तक चलेगी। कथा में पंडित रमेश दुबे, पंडित मनोज पाण्डेय, पंडित अभिषेक पांडेय सहित सैकड़ों महिला और युवाओं ने कथामृत का रसपान किया।

Published / 2022-10-15 16:23:57
हरे राम, हरे कृष्ण फाउंडेशन के 18 सदस्य पहुंचे चरही

टीम एबीएन, चरही (हजारीबाग)। हरे राम, हरे कृष्ण फाउंडेशन काशी आंध्र प्रदेश से 4 महिला समेत 18 सदस्य साधु संत महात्माओं की मंडली चरही पहुंचे। जिन्हें स्व टेकलाल महतो स्मृति भवन में रात्रि विश्राम के लिए ठहराया गया। महात्मा गण आंध्रप्रदेश होते हुए 90 दिन की महा पदयात्रा काशी बनारस होते हुए श्री राम जन्मभूमि अयोध्या जाने के क्रम में चरही में विश्राम किया। यहां पर सभी महात्माओं को भव्य स्वागत किया गया। साथ ही विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने रात्रि भोजन का प्रबंध कराया। संतों का कहना था कि भारत हिंदू राष्ट्र बने, गौ हत्या बंद हो, राम जन्मभूमि का निर्माण जल्द पूरा हो और पूरे विश्व में शांति हो। सभी संत महात्माओं के जत्थे को पैदल चलकर हत्यारी घाटी तक सुरक्षा-व्यवस्था के साथ पहुंचाया गया। मौके पर चरही थाना प्रभारी देवेन्द्र कुमार सिंह चौधरी, उमेश कुमार सिंह, बासुदेव करमाली, सत्येंद्र नारायण सिंह, गौतम सिंह, सतीश कुमार साहू, गौतम सोनी, देवंती देवी, आशा राय, फुलेश्वर महतो, रमेश यादव, रमेश कुमार, लाल सिंह, उपेंद्र कुमार शास्त्री, संजय सिंह, वीणा मिश्रा, संगीता देवी, रेखा महतो आदि सन्तों के स्वागत में लगे रहे।

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