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Published / 2022-12-19 18:26:06
बरकट्ठा : न तिलक-दहेज, न जात-पात, जानें क्या है रमेणी विवाह...

टीम एबीएन, बरकट्ठा/ हजारीबाग। एक तरफ कहीं न कहीं दहेज के लिए लड़कियों को हत्या जैसी खबर सुनने को मिलती है। वहीं दूसरे ओर समाज में ऐसे कई लोग है जो लड़कियों के लिए वरदान साबित होते हैं। आज हम बात कर रहे हैं बरकट्ठा प्रखंड के ग्राम पंचायत कपका निवासी देवशंकर पंडित पिता वेदों दास व लड़की काजल कुमारी पिता स्व भोला दास अटका बिहारो निवासी की। जो सात सात फेरे लिये। समाज में इनकी चर्चा खूब हो रही है।  

स्थानीय सेवादारों ने बताया कि शादी महज 17 मिनट में हुई। इसे रमेणी विवाह कहते हैं। जात पात, ऊंच नीच नहीं देखा जाता है। कोई लेन-देन नहीं हुई है। सादगी से शादी संपन्न हुई है। शादी के बाद दूल्हा दुल्हन को धार्मिक पुस्तक भेंट की गई। कपका में शादी की रस्में पूरी की गई। मौके पर पंचायत समिति सदस्य डालेश्वर पंडित, महावीर पंडित, मनोज पंडित, नागेश्वर पंडित, बसंत पंडित, टेको पंडित, संतोष पंडित, हीरालाल पंडित, रामलाल पंडित, रूपलाल पंडित, सुरेंद्र पंडित, अशोक सिंह के अलावे कुम्हार जाति के लोग उपस्थित थे। 

Published / 2022-12-19 10:25:18
गुड न्यूज : जल्द निकलेगा कैंसर, अल्जाइमर और झांप क जहर का तोड़

  • इनका काट निकालने में जुटा राष्ट्रीय जैव आयुर्विज्ञान संस्थान 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। हैदराबाद में शुरू हुए राष्ट्रीय जैव आयुर्विज्ञान संस्थान में अल्जाइमर, कैंसर और सांप के जहर जैसी जानलेवा परेशानियों का समाधान तलाशा जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने शनिवार को इसका उद्धाटन किया था।

नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अधीन राष्ट्रीय जैव अनुसंधान संस्थान जंतु संसाधन सुविधा (एनएआरएफबीआर) भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया में सबसे बड़ा संस्थान है, जहां दवाओं से लेकर प्री क्लिनिकल ट्रायल तक होंगे जिन्हें एनिमल ट्रायल भी कहा जाता है। आईसीएमआर से मिली जानकारी के अनुसार इस संस्थान में घोड़े, बंदर, कुत्ते, चूहे, खरगोश सभी के लिए अलग अलग स्थान है।
घोड़ों पर रिसर्च करके यहां सांप के जहर सहित कई तरह के एंटी सीरम तैयार हो सकेंगे। वहीं, बंदरों पर रिसर्च से अल्जाइमर जैसी बीमारियों का इलाज तलाशा जायेगा। 

बीते कई वर्ष से चीन अपने यहां इसी तरह की लैब में बंदरों पर रिसर्च कर रहा है। इसके अलावा, कैंसर या अन्य संक्रामक रोगों के लिए यहां खरगोश, चूहों पर रिसर्च किया जाएगा। आईसीएमआर के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि इस तरह की लैब से अभी तक चीन, यूके या फिर अमेरिका के विज्ञान को बढ़ावा मिल रहा था लेकिन अब भारत में भी जैव रिसर्च के लिए हमारे पास अत्याधुनिक केंद्र है जिसका इस्तेमाल उन बीमारियों के लिए किया जायेगा जिनका इलाज मेडिकल साइंस में अब तक नहीं पता है। हरियाणा के मानेसर स्थित राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र में अल्जाइमर जैसी बीमारियों पर रिसर्च चल रहा है, लेकिन इस लैब से ये अनुसंधान काफी आसान होंगे।

उन्होंने बताया कि कोरोना में जिस तरह भारत ने जांच, इलाज और वैक्सीन की खोज में अपनी ताकत का परिचय दिया, उसी तरह अन्य बीमारियों के लिए भी भारतीय वैज्ञानिकों की खोज इस संस्थान के बनने से आयान होंगी। आईसीएमआर के अनुसार, बायोमेडिकल रिसर्च में पशुओं का अध्ययन जरूरी है। क्यूंकि इससे पशुजन्य व अन्य बीमारियों के कारण जानने और उनकी जांच व उपचार में मदद मिलती है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, हैदराबाद में 100 एकड़ से भी ज्यादा क्षेत्र में फैले इस संस्थान में 20 से भी ज्यादा इमारत हैं जिनमें अलक अलग पशुओं को क्वारंटीन किया जा रहा है। देश के बाकी अनुसंधान केंद्रों को भी अपने रिसर्च के लिए यह संस्थान एक सहायक की भूमिका में रहेगा और देश के अध्ययनों को लीड करेगा।

Published / 2022-12-18 21:13:16
जय श्री हरि, जय श्री राम, जय श्री कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा शहर

  • कलश यात्र में 501 पीताम्बरधारी महिलाएं कलश धारण कर चली

एबीएन सोशल डेस्क। देव भूमि भारत में शाश्वत, मृत्युजयी व सार्वभौम संस्कृति का अखण्ड प्रवाह विद्यमान है। इस का स्वलप आचरण ही मानव प्रबुद्ध को विवेकवान बना सकता है। मानवीय स्वभाव में पुनः धर्म का आरोहण करने हेतू दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान सदैव कार्यरत रहा है। इसी श्रृंखला के अंतर्गत संस्थान द्वारा माता वैष्णो देवी नगर पुनदाग नजदीक पुनदाग थाना रांची में दिनांक 19 दिसंबर से 23 दिसंबर दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक श्री हरि कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा हैै।

इस आयोजन में दिव्य गुरू श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्य एवं शिष्याएं कथा का वाचन करेंगी। जिसमें जनमानस को भारतीय संस्कृति की गरिमा एवं प्रतिष्ठा से जागरूक करवानें हेतू आज दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के पुनदाग टीओ पी के पास माता वैष्णो देवी नगर आश्रम से विशाल मंगल कलश यात्र निकाली गयी। 

कलश यात्रा का शुभारंभ श्री रामाशीष यादव सदस्य मानव कल्याण आयोग भारत सरकार ने ध्वज दिखा कर किया। जिसमें 501 पीताम्बर धारी महिलाएं कलश धारण करके चली और सैंकड़ो की संख्या में बढ़ चढ़ भक्तों नें शिरकत की। उनके कंठ से मुखरित हो रहे जय श्री राम के जयघोष पूरे शहर को अहलादित कर रहे थे। 

कलश यात्रा गंगा की मानिंद प्रवाहित होती हुई वातावरण के कलुषित हृदय को पवित्र व निर्मल बनाती जा रही थी। कथा का संदेश सर्वत्र वितरित करते हुए व विश्व शांति की कामना का प्रचार, प्रसार करते हुए कथा स्थल पहुंचीं। तत्पश्चात् श्री हरी नारायणजी का पूजन अशोक सिंह (डीएसपी), प्रमोद साहू, प्रोफेसर विजय प्रकाश, राजीव रंजन मिश्रा एवं सतीश गुप्ता अपने अर्धांगिनी संग बैठ पूजन किये। हमारे शास्त्रों में आता है कि कलश के अग्रभाग में देवताओं का निवास होता है एवं यह कलश हमारे मस्तिष्क में स्थित अमृृृत का प्रतीक है और यह यात्र हमें इंगित करती है उस दिव्य अमृत को प्राप्त करने की ओर। शहर में विभिन्न स्थानों पर कलश यात्रा का भव्य स्वागत् किया गया। यह जानकारी संस्थान के प्रचारक स्वामी यादवेंद्रानंद जी ने दिया।

Published / 2022-12-18 18:26:52
लापुंग : लालगंज में श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची ने लगाया निशुल्क चिकित्सा शिविर

टीम एबीएन, रांची। रविवार को रांची से करीब 55 किलोमीटर दूर लापुंग प्रखंड के लालगंज गांव में श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची ने एक निशुल्क चिकित्सा सह निशुल्क दवा वितरण शिविर का आयोजन किया, जिसमें सुदूर ग्रामों जैसे सुकुरहुटू, लोहागडा, सापुकेरा, लेटे, बोकरंदा, गाड़ी, परसा आदि गांवों से आये हुए कुल 290 रोगियों का इलाज एवं दवा वितरण किया गया। 

रांची से आये अनुभवी एलोपैथी एवं होम्योपैथी के चिकित्सक गन डॉ एसएन सिन्हा, डॉ रोहित सिंह, डाॅ शंकर रंजन, डॉ निरुपमा नीलम लकड़ा (स्त्री रोग विशेषज्ञ), डॉ पीके राज, डॉ उत्पल (होम्योपैथी) एवं डाॅ त्रिविधा रघुवंशी (होम्योपैथी) ने अपना बहुमूल्य सहयोग दिया। शिविर में ब्लड प्रेशर, मधुमेह, मलेरिया आदि की निशुल्क जांच की व्यवस्था भी की गई थी जिसमें मोहम्मद अख्तर लाल प्रवीण सिंह एवं राजेश कुमार मांझी का सहयोग रहा। 

श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची के मंत्री श्री राधेश्याम सिंह जी द्वारा बताया गया कि श्री सर्वेश्वरी समूह एक विश्वविख्यात सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्था है तथा इस संस्था का प्रधान कार्यालय, पड़ाव वाराणसी (उप्र) में स्थित है। यह संस्था अपने 19 सूत्री कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष कई निशुल्क चिकित्सा सह दवा वितरण शिविर का आयोजन करती रही है ताकि अशक्त असहाय एवं गरीब रोगियों को निशुल्क चिकित्सा लाभ एवं निशुल्क दवा पहुंचाई जा सके। 

इस संस्था का नाम, अपने लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों के कारण गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है। ग्राम लालगंज के श्री भानु प्रताप नाथ शाहदेव तथा स्थानीय निवासियों बैजनाथ बड़ाईक, रविंद्र साहु, चरकू साहु, प्रेम साहु, शशि साहू रामप्रीत साहू तथा महेंद्र साहू का महती सहयोग प्राप्त हुआ। श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची के उत्साही स्वयंसेवक गण श्री प्रतापादित्य नाथ शाहदेव, प्रशांत सिन्हा, अंजनी सिंह, नागदमनी नाथ शाहदेव, लाल गिरेंद्र नाथ शाहदेव, समरेंद्र सिंह आदि का सहयोग प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम में संस्था की रांची शाखा की कार्यकारिणी के श्री विभूति शंकर सहाय, लाल हेमंत नाथ शाहदेव, श्री शशि भूषण मिश्र, श्री आनंद सिंह आदि उपस्थित थे।

Published / 2022-12-18 18:21:57
दिव्यांग छात्रों के उत्थान लिए भी लोग आगे आयें : भारत भूषण

टीम एबीएन, रांची। लॉर्ड गौतम बुद्धा ट्रस्ट के तत्वावधान में आर्थिक पिछड़े, अनाथ एवं दिव्यांग विद्यार्थियों के बीच कपड़े, पढ़ाई-लिखाई का समान एवं नाश्ता का पैकेट मानव आर्य जी के सहयोग से रांची के शहेदा स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में वितरित किया गया।

संस्था ने दिव्यांग बच्चों के बीच कल्चरल कार्यक्रम का भी आयोजन किया। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने सामूहिक राष्ट्रीय गान प्रस्तुत किया। संस्था के संस्थापक भारत भूषण ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के मन में राष्ट्र भावना को जागृत करना है। 

कार्यक्रम के दौरान मानव आर्य जी को समाज में अच्छे कार्य के लिए अंग वस्त्र एवं पुस्तक देखकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से अनंतराज, रोबिन कुमार, सावित्री कुमारी एवं किशोरी शाह का सहयोग रहा।

Published / 2022-12-17 23:18:51
खरमास और धनु मलमास हो गया आरंभ

टीम एबीएन, टाटीझरिया (संदीप पांडेय)। प्रखंड के झरपो निवासी संदीप शास्त्री ने पंचांग मतानुसार कहा कि धनु संक्रांति आते ही अगले 30 दिन के लिए मुंडन, सगाई और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों पर विराम लग जाता है। इस अवधि को खरमास या मलमास भी कहा जाता है। इस साल सूर्य 16 दिसंबर 2022 को धनु राशि में प्रवेश करेंगे और इसी दिन से खरमास प्रारंभ हो जायेगा।

खरमास के समय में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में सूर्य देव का प्रभाव कम होता है, इसलिए शुभ कार्य नहीं करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूरे एक वर्ष में दो बार ऐसा मौका आता है, जब खरमास लगता है। एक खरमास मध्य मार्च से मध्य अप्रैल के बीच और दूसरा खरमास मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी तक होता है।

खरमास का प्रारंभ समय

पंचांग के अनुसार, जब सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो उस दिन से लेकर मकर राशि में प्रारंभ करने तक का समय खरमास होता है। इस साल खरमास का प्रारंभ 16 दिसंबर दिन शुक्रवार से हो रहा है। इस दिन सूर्य की धनु संक्रांति का क्षण सुबह 10 बजकर 11 मिनट पर है। ऐसे में आपको कोई भी मांगलिक कार्य करना है तो उसे 15 दिसंबर तक मुहूर्त देखकर कर लें।

खरमास का समापन समय

16 दिसंबर से प्रारंभ हो रहे खरमास का समापन नये साल 2023 के पहले माह जनवरी में होगा। पंचांग के आधार पर जब सूर्य का धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश होगा तो वह सूर्य की मकर संक्रांति होगी। मकर के प्रारंभ होते ही खरमास का समापन हो जाता है।

14 जनवरी दिन रविवार को रात 08 बजकर 57 मिनट पर मकर संक्रांति का क्षण है। इस समय पर खरमास का समापन हो जाएगा । मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने के बाद सूर्य पूजा करते हैं। इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं।
कैसे लगता है खरमास
हिन्दू पंचांग के अनुसार, एक वर्ष में कुल 12 संक्रांतियां होती हैं। सूर्य जब धनु और मीन में प्रवेश करते हैं, तो इन्हें क्रमश: धनु संक्रांति और मीन संक्रांति कहा जाता है। सूर्य जब धनु व मीन राशि में रहते हैं, तो इस अवधि को मलमास या खरमास कहा जाता है। इसमें शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं।

क्यों बंद होते हैं शुभ कार्य

ज्योतिषियों की मानें तो गुरु देव बृहस्पति धनु राशि के स्वामी हैं। बृहस्पति का अपनी ही राशि में प्रवेश इंसान के लिए अच्छा नहीं होता है। ऐसा होने पर लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर पड़ जाता है। इस राशि में सूर्य के कमजोर होने कारण इसे मलमास कहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि खरमास में सूर्य का स्वभाव उग्र हो जाता है। सूर्य के कमजोर स्थिति में होने की वजह से इस महीने शुभ कार्यों पर पाबंदी लग जाती है।

 

खरमास में नहीं करने चाहिए ये शुभ कार्य

1. खरमास में शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस समय अगर विवाह किया जाए तो भावनात्मक और शारीरिक सुख दोनों नहीं मिलते हैं।

2. इस समय मकान का निर्माण या संपत्ति की खरीदारी वर्जित होती है। इस दौरान बनाए गए मकान आमतौर पर कमजोर होते हैं और उनसे निवास का सुख नहीं मिल पाता है।

3. खरमास में नया कार्य या व्यापार शुरू न करें। इससे व्यापार में शुभ फलों के प्राप्त होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।

4. इस दौरान द्विरागमन, कर्णवेध और मुंडन जैसे कार्य भी वर्जित होते हैं, क्योंकि इस अवधि के किए गए कार्यों से रिश्तों के खराब होने की सम्भावना होती है।

5. इस महीने धार्मिक अनुष्ठान न करें। हर रोज किए जाने वाले अनुष्ठान कर सकते हैं।

Published / 2022-12-17 08:41:53
रांची : क्रिसमस और नये साल को लेकर धुर्वा डैम पर जुटने लगे पर्यटक

टीम एबीएन, रांची। जल्द ही दुनिया भर में 25 दिसंबर को क्रिसमस का और 1 जनवरी 2023 को नया साल मनाया जायेगा, जिसको लेकर ज्यादातर देशों में और शहरों में तैयारियां शुरू हो गयी है। वहीं, क्रिसमस को लेकर झारखंड की राजधानी रांची में भी तैयारियां जोरों शोरों पर हैं। कोरोना महामारी के कारण बीते 2 सालों से क्रिसमस और नये साल का जश्न फीका पड़ा हुआ था। लेकिन इस साल नए साल के आगमन और पुराने साल की विदाई को लेकर लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है।

बीते दो सालों से कोरोना की वजह से नये साल के जश्न पार्क, डैम और फॉल काफी फीका दिख रहा था। मगर इस बार फिर से लोग अपने परिजनों के साथ नये साल और क्रिसमस की तैयारी में जुटे हुए नजर आ रहे हैं। जहां लोग अपने पूरे परिवार के साथ पहुंचकर खाना-पीना खेलकूद कर मस्ती कर रहे। नये साल के आगमन के जश्न में क्या बच्चे क्या बड़े सभी लोग इस का लुत्फ उठा रहे हैं। रांची के धुर्वा डैम की बात करें तो यहां पिकनिक मनाने सिर्फ रांची ही नहीं अन्य राज्यों से भी पर्यटक पहुंच रहे हैं। पर्यटकों के बीच धुर्वा डैम आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। साथ ही साथ इस मौसम में तमाम पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा की तैयारी भी की गई है। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मी जवान तैनात रहते हैं। साथ ही पूरे क्षेत्र में पेट्रोलिंग की जा रही है। साथ ही नशीले पदार्थ का पिकनिक स्पॉट पर सेवन करने से पुलिस मना करते हैं। जिससे यहां पिकनिक मनाने आये सैलानियों को किसी तरह कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।

Published / 2022-12-16 23:11:54
बलिदानी गुरुओं की साझी विरासत को आंच नहीं आने देंगे : आलोक कुमार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। हिन्दू सिख एकता, महान सिख गुरुओं के प्रति सम्पूर्ण समाज की श्रद्धा, गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान तथा गुरु गोविंद सिंह जी महाराज द्वारा देश-धर्म की स्वाधीनता हेतु किये गये संघर्ष के आधार पर बनी है। इस साझा विरासत को हम किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देंगे। भारत की साझा विरासत व उनकी चुनौतियां विषय पर आयोजित एक संगोष्ठी में बोलते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कार्याध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आलोक कुमार ने यह भी कहा कि धर्म हमें जोड़ना सिखाता है न कि तोड़ना। भारत में जन्मे प्रत्येक मत-पंथ-संप्रदायों की उपासना पद्धति चाहे भिन्न हो किंतु, उनका मूल तत्व एक ही है जो हम सबको एक अटूट बंधन से बांधे रखता है।

गोविंद सदन इंस्टिट्यूट फॉर एडवांसड स्टडीज इन कंप्रेटिव रिलीजन द्वारा आज दिल्ली के कंस्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित इस संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पंचायती निर्मल अखाड़ा, हरिद्वार के पूज्य महंत संत ज्ञानदेव सिंह जी ने कहा कि अपनी तीन पीड़ियों को राष्ट्र धर्म संस्कृति व समाज की रक्षा हेतु बलिदान करने वाले महान गुरुओं की शिक्षाओं को जन-जन तक लेकर जाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने कहा कि बात चाहे सेवा की हो या संस्कारों की, धार्मिक निष्ठा की हो या उस के प्रति बलिदानी भाव की, सम्पूर्ण विश्व को पता है कि भारतीय समाज व उसकी धार्मिक निष्ठा सिर्फ स्वयं के लिए नहीं अपितु, सम्पूर्ण विश्व कल्याण के लिए है। हमें गर्व है कि वसुधैव कुटुंबकम का संदेश मां भारती की पुण्य धरा से ही जाता है। भारत सरकार के वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री श्री सोमप्रकाश ने कहा कि जब तक शमशान व गुरुद्वारे जाति-विरादरी के आधार पर बंटे रहेंगे, महा गुरुओं के समता मूलक समाज के निर्माण का उद्देश्य सफल नहीं होगा।

इस अवसर पर उपस्थित अन्य वक्ताओं में तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह, सरहाली वाले बाबा हकम सिंह, राष्ट्रीय अल्प संख्यक आयोग के पूर्व सदस्य सरदार मंजीत सिंह राय, इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च के सदस्य डॉ सुरजीत कौर जौली सहित अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी, विभिन्न मत पंथ संप्रदायों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। उक्त जानकारी  विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

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