टीम एबीएन, रांची। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि विश्व हिंदी दिवस प्रतिवर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस हिंदी भाषा के वैश्विक विस्तार,उसके साहित्यिक-सांस्कृतिक वैभव और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करने के लिए समर्पित है।
हिंदी न केवल भारत की प्रमुख भाषा है, बल्कि विश्व के अनेक देशों में बोली, समझी और पढ़ी जाने वाली जीवंत भाषा भी है। विश्व हिंदी दिवस मनाने की परंपरा की पृष्ठभूमि वर्ष 1975 में नागपुर में आयोजित प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन से जुड़ी है। इसी ऐतिहासिक सम्मेलन की स्मृति में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
इसका उद्देश्य हिंदी को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहन देना, विभिन्न देशों में बसे हिंदी भाषियों को जोड़ना और हिंदी को ज्ञान, विज्ञान, व्यापार तथा कूटनीति की भाषा के रूप में स्थापित करना है। वैसे तो हिंदी मूल रूप से भारतीय भाषा है लेकिन अब विश्व मंच पर हिंदी सशक्त भाषा के रूप में स्थापित है विश्व हिंदी दिवस 2026 भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमें याद दिलाएगा कि हिंदी अब सीमाओं में नहीं बंधी, वह महाद्वीपों में गूंज रही है जब कोई विदेशी हिंदी में नमस्ते कहता है तो वह सिर्फ शब्द नहीं बोलता, वह हमारी सभ्यता को स्वीकार करता है कह सकते हैं हिंदी अतीत का धरोहर है, वर्तमान की जरूरत है और भविष्य की संभावना।
भारत सरकार द्वारा विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और सांस्कृतिक केंद्रों के माध्यम से इस दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।आज हिंदी विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। भारत के अतिरिक्त मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका सहित अनेक देशों में हिंदी का प्रयोग होता है।
प्रवासी भारतीयों के माध्यम से हिंदी ने विदेशों में अपनी सशक्त पहचान बनाई है। विश्वविद्यालयों में हिंदी अध्ययन, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में हिंदी सत्र और डिजिटल माध्यमों पर हिंदी सामग्री की बढ़ती उपलब्धता इस बात का प्रमाण है कि हिंदी वैश्विक संवाद की प्रभावी भाषा बन रही है। विश्व हिंदी दिवस की महत्ता केवल भाषा-प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, मूल्यों और विचारधारा को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने का माध्यम भी है।
हिंदी साहित्य-कविता, कहानी, उपन्यास और नाटक-मानवीय संवेदनाओं की गहन अभिव्यक्ति करता है। यह दिवस नयी पीढ़ी को हिंदी से जोड़ने, शुद्ध और सशक्त भाषा प्रयोग के लिए प्रेरित करने तथा तकनीक के साथ हिंदी के समन्वय को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करता है। विश्व हिंदी दिवस की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यह हिंदी को आधुनिकता और तकनीक से जोड़ता है।
आज हिंदी में ई-शासन, मीडिया, सिनेमा, सोशल मीडिया और स्टार्टअप जगत में व्यापक संभावनाएं हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अनुवाद तकनीक और डिजिटल प्रकाशन ने हिंदी के विस्तार को नई गति दी है। यह दिवस भाषा की एकता, विविधता और समावेशिता का संदेश देता है।
विश्व हिंदी दिवस हिंदी के गौरव, उसकी वैश्विक स्वीकार्यता और भविष्य की संभावनाओं का उत्सव है। यह हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व करने, उसे समृद्ध बनाने और विश्व संवाद की सशक्त कड़ी के रूप में आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि संस्कृति, संवेदना और संवाद की जीवंत धरोहर है-जिसे संजोना और आगे बढ़ाना हम सबका साझा दायित्व है।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग (रांची) में दिनांक 9 जनवरी से 11 जनवरी तक तीन दिवसीय श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा एवं वाणी चर्चा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आध्यात्मिक कार्यक्रम प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।
इस पावन अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक एवं सुप्रसिद्ध कथावाचक श्री श्री 108 परमहंस डॉ० सदानंद जी महाराज अपने श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा की अमृतमयी वाणी का रसपान कराएंगे। सदानंद जी महाराज देश-विदेश में विख्यात कथावाचक हैं और उनकी कथाओं में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है।
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि कथा आयोजन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
उल्लेखनीय है कि सदानंद जी महाराज वर्ष 1986 से रांची में निरंतर श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा का आयोजन करते आ रहे हैं। रांची में यह उनकी 39 वीं कथा होगी, जबकि अब तक वे देश-विदेश में कुल 2454 श्रीमद् भागवत कृष्ण कथाएं संपन्न करा चुके हैं। यह तथ्य उनकी अथक साधना,अनुभव और आध्यात्मिक प्रभाव को दर्शाता है।
श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा न केवल भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करती है, बल्कि मानव जीवन को धर्म, सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देती है। ट्रस्ट की ओर से सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से इस दिव्य आयोजन में सपरिवार उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की गई है। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारीसं जय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। श्री हनुमान सेवा संस्थान, रांची के सानिध्य में आगामी 12 जनवरी 2026 को श्री विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष पर द कार्निवाल, डीबडीह, रांची (डीपीएस स्कूल के सामने) में एक शाम युवाओं के नाम का आयोजन रखा गया है।
मौके पर पर जीवन प्रबंधन समूह के संस्थापक पंडित विजय शंकर मेहता दिनांक 12 जनवरी 2026 को सायं 6 से रात्रि 9 बजे तक उपस्थित जनसमूह के बीच सारगर्भित उद्बोधन के साथ श्री हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी करायेंगे। यह आयोजन लगातार 15 वर्षों से रांची में संस्था के सान्निध्य में होता आया है उपरोक्त आयोजन का प्रसारण भारत के प्रमुख चैनलों के द्वारा भारत सहित पूरे विश्व में किया जायेगा।
श्री हनुमान सेवा संस्थान के अध्यक्ष व राष्ट्रीय संयोजक राकेश भास्कर की अध्यक्षता में आज लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गयी। भास्कर ने माननीय राज्यपाल जी से आग्रह किया कि एक शाम युवाओं के नाम के आयोजन में 12 जनवरी 2026 को मुख्य उद्घाटनकर्ता के रूप में आमंत्रित किया गया।
मौके पर राज्यपाल को आयोजन से संबंधित जानकारी विस्तृत रूप से दी गयी कि उपरोक्त आयोजन श्री हनुमान सेवा संस्थान के सानिध्य में 15 वर्षों से किया जा रहा है। संस्थान के सदस्य आपसे आग्रह करती है कि आयोजन का उद्घाटन कर हम सभी को अनुग्रहित करें।
मौके पर संस्था के अध्यक्ष सह राष्ट्रीय संयोजक राकेश भास्कर, संरक्षक धर्मेंद्र तिवारी, उपाध्यक्ष प्रमोद सारस्वत, कोषाध्यक्ष अजय सिंह, सह कोषाध्यक्ष आलोक कुमार भी मौजूद थे। उक्त जानकारी संस्था के उपाध्यक्ष प्रमोद सारस्वत ने दी।
टीम एबीएन, रांची। रांची जिला युवा समन्वयक सुलोचना शाहदेव तथा कांके प्रखंड समन्वयक रेणु श्रीवास्तव सहित समन्वय समिति बहिनों रैली में ललकारा और संयुक्त कहा कि हम नशा को रांची से भगायेंगे, हम बदलेंगे जमाना। नारियों जागो, स्वयं को पहचानो, यह नशामुक्ति अभियान स्वर्णिम भारत महाअभियान है। जागरूक होइये, परिवार को मादक द्रव्य व नशा से बचाइये और नवसृजन में जुड़िये। नशे की पेशकश करने पर आप दृढ़ता से ना कहिये।
अखिल विश्व गायत्री परिवार युगतीर्थ शान्तिकुञ्ज तत्वावधान में रांची जिलांतर्गत मुख्य शक्तिपीठ रांची धुर्वा सेक्टर टू,अल्कापुरी शक्तिपीठ केंद्र से संयुक्त सान्निध्य में रांची जिला सप्त आंदोलन अभियान समन्वयक टीम द्वारा नशा उन्मूलन रैली मंगलवार को कांके प्रखंड समन्वय समितिगठन के माध्यम से 12 बजे से बाल संस्कारशाला की नशा उन्मूलन अभियान की शानदार रैली निकाली गयी। पूरा माहौल जोश उल्लास व उत्साह से पूर्ण था।
इसमें थोड़ा-थोड़ा सोचो-हजार बार सोचो, नशे को बाहर भगाओ, खुशहाली घर में लाओ,व्यसन से मुक्ति पाओ- जीवन में समृद्धि लाओ,गीत गायन संगीत वादन और बैंड बाजे के साथ निकली। बाल संस्कारशाला बालक वृन्द का एक संक्षिप्त नुक्कड़ नाटक दिखाया और उसमें नशे व नशेबाजों के बढ़ते सामाज्य, बिगड़ते परिवार को नाटकीय माध्यम से संदेश दिया कि अब युग परिवर्तन की बेला आई है जागो स्वयं को पहचानों।
ऐसे नारों व गीतों के साथ ऐ नशा भारत छोडो, व्यसन से बचाओ- सृजन में लगाओ जैसे अनेक नारों, उद्घोषों से गायत्री परिवार कांके प्रखंड से निकलकर अरसण्डे और बोरेया क्षेत्र का नगर भ्रमण करते हुए पुन: ब्लाक स्थित शिव मंदिर परिसर में वापस आया। प्रखंड समन्वय समिति के सदस्यगण एवं शामिल साधक-शिष्यों ने शराब व मादक द्रव्यों से बचने का उपाय व दुष्परिणाम पर प्रकाश डाला।
बाल संस्कारशाला विद्यार्थियों ने संकल्प लेकर बताया कि वे भारत को नशामुक्त करने, उसे स्वर्णिम भारत बनने में इस अभियान में साथ देंगे। मौके पर गायत्री परिवार व समन्वय समितिगठन के सदस्यगण इस व्यसन मुक्त अभियान रैली को युग संस्कार युक्त स्टीकर, गायत्री चालीसा, अखंड ज्योति, युग निर्माण सत्संकल्प पाठ, अंग अवयव पाठ के पवित्र पत्रक वितरित किये गये।
अंत में संबंधित सप्त आंदोलन समन्वयकों ने सबको उज्जवल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन व शांति-पाठ कर रैली अभियान को सफल बनाने को धन्यवाद दिया। उक्त जानकारी रांची जिला सप्त आंदोलन के समन्वयक नीरज कुमार और गायत्री परिवार के जिला समन्वयक जय नारायण प्रसाद ने दी।
टीम एबीएन, रांची। श्री हनुमान सेवा संस्थान ,रांची एवं जीवन प्रबंधन समूह द्वारा एक अभिनव अनुष्ठान रांची में 12 जनवरी 2026 को डिबडीह स्तिथ द कार्निवाल में होने जा रहा है। श्री हनुमान सेवा संस्थान के अध्यक्ष राकेश भास्कर व उपाध्यक्ष प्रमोद सारस्वत ने बताया की आयोजन में लोगो को आमंत्रित करने के लिए निमंत्रण कार्ड का आज विमोचन किया गया।
रांची के सभी धार्मिक सामाजिक और व्यापारिक संस्थाओ के प्रतिनिधियों सहित सदस्यों को आयोजन में आमंत्रित करने के लिए श्री हनुमान सेवा संस्थान की ओर से उन्हें निमंत्रण कार्ड दिया जायेगा। जिसमें आयोजन से संबंधित सारी विस्तृत जानकारी का लाभ समयानुसार लोग ले सके।
निमंत्रण कार्ड से कार्यक्रम में आने का आमंत्रण सभी माननीय मंत्री, सांसद, विधायक पूर्व पार्षद को भी दिया जायेगा। इसके अलावा राज्य के कई स्कूलों और कॉलेज के युवा साथियों को भी आयोजन में आमंत्रित किया जायेगा। एक शाम युवाओं के नाम का यह कार्यक्रम बड़े ही भव्य और विशाल रूप में मनाया जायेगा।
श्री हनुमान सेवा संस्थान के संस्थापक और दुनिया में सवाकरोड़ श्री हनुमान चालीसा पाठ के मुख्य प्रेरक पंडित विजय शंकर मेहता आगामी 12 जनवरी को रांची में युवा दिवस के अवसर पर जीवन अध्यात्म और अध्यात्म के जरिए स्वयं समाज राष्ट्र में अनुशासन विषय पर अपने व्याख्यान देंगे। इस अवसर पर पंडित विजय शंकर मेहता जी का हम सभी को सारगर्भित उदबोधन प्राप्त होगा।
रांची में यह कार्यक्रम विगत 15 वर्षों से हो रहा है। मीडिया प्रभारी इंद्रजीत यादव ने रांची के सभी जनमानस से आग्रह किया है कि 12 जनवरी 2026 को होने वाले इस कार्यक्रम में संध्या 6 बजे से 9 बजे तक सपरिवार ईस्ट मित्रों के संग पधार कर एक शाम युवाओं के आयोजन को पंडित विजय शंकर मेहता जी के सारगर्भित उदबोधन के साथ अवश्य सुने एवम उसका लाभ उठाएं।
बिमोचन कार्यक्रम में राकेश भास्कर, प्रमोद सारस्वत, वीरेंद्र सिंह, सुरेश सिंह, इंद्रजीत यादव, राज किशोर सिंह, अजय सिंह, धर्मेंद्र तिवारी, चंदन बनर्जी, बिमलेश कुमार सहित कई गणमान्य सदस्य मौजूद थे। उक्त जानकारी श्री हनुमान सेवा संस्थान, रांची के उपाध्यक्ष प्रमोद सारस्वत और मीडिया प्रभारी इंद्रजीत यादव ने दी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क (ग्वालियर)। दहेज प्रथा भारतीय समाज की एक पुरानी और गंभीर कुरीति है, जिसने न केवल आर्थिक बोझ बढ़ाया है, बल्कि सामाजिक असमानता और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों को भी जन्म दिया है। इसी पृष्ठभूमि में संत रामपाल जी महाराज ने दहेजमुक्त विवाह को केवल एक सामाजिक पहल के रूप में ही नहीं देखा, बल्कि इसे अपने अनुयायियों के जीवन में व्यावहारिक रूप से लागू करके समाज के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इसी का उदाहरण बीते रविवार को ग्वालियर जिले की लश्कर तहसील स्थित उफ पैलेस मैरिज गार्डन में आयोजित एक दिवसीय जिला स्तरीय सत्संग के दौरान देखने को मिला, जहाँ दो जोड़ों का दहेजमुक्त रमैनी विवाह सम्पन्न हुआ। डीडी नगर निवासी अंकित भदौरिया का विवाह मुरार निवासी जया तोमर के साथ तथा भिंड निवासी रामप्रताप जी का विवाह घाटीगांव निवासी प्रियंका जी के साथ संपन्न कराया गया।
दोनों विवाह संत रामपाल जी महाराज के पावन सान्निध्य में मात्र 17 मिनट की गुरुवाणी असुर निकन्दन रमेनी के माध्यम से सम्पन्न हुए। विवाह में किसी भी प्रकार का बाहरी आडंबर नहीं था। न हल्दी-मेहंदी, न डीजे और न ही बारात जैसी खचीर्ली परंपराएं अपनायी गयी। पूरा आयोजन सरल, सादगीपूर्ण और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
विवाह में उपस्थित युवाओं ने इस रमैनी विवाह पद्धति को समाजहित में सही बताया। युवाओं का कहना था कि दहेज लेना और देना दोनों ही पारिवारिक तनाव और विवाद का कारण बनते हैं। केवल दहेज प्रथा को कुरीति कह देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक युवा को आगे आकर इसे अपनाना होगा।
युवाओं ने यह भी कहा कि जब युवा वर्ग संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाकर दहेज सहित समाज में फैली अन्य कुरीतियों के खिलाफ कदम बढ़ायेगा, तभी इन बुराइयों का अंत संभव है। यह दहेजमुक्त रमैनी विवाह समाज को सरल और निर्मल जीवन की दिशा में एक सकारात्मक संदेश देता है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के प्रसिद्ध समाजसेवी भागचंद पोद्दार का निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थ। उनके निधन पर मारवाड़ी सहायक समिति ने शोक प्रकट किया है। समिति के अध्यक्ष पवन शर्मा व सचिव विनोद जैन कहा कि समाजसेवी भागचंद पोद्दार के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद एवं हृदयविदारक है। उनका संपूर्ण जीवन समाजसेवा, परोपकार और मानवीय मूल्यों को समर्पित रहा।
वे नि:स्वार्थ भाव से समाज के हर वर्ग के कल्याण हेतु सतत सक्रिय रहे और अपने कर्मों से जनमानस में सम्मान एवं विश्वास का स्थान भी बनाया। उन्होंने सदैव व्यापारिक और सामाजिक कार्यों में अपनी सहभागिता बनाये रखते हुए किसी भी विवाद को सहजता के साथ समाज और ब्यापार हित मे सुलझाने का प्रयास किया। समाज को एकजुट बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका के साथ अपना सहयोग बनाये रखा।
पोद्दार जी ने सामाजिक एकता, शिक्षा, सेवा और सहयोग की जो अलख जगायी, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उनका सरल स्वभाव, उदार हृदय और सेवा-भाव सदा स्मरणीय रहेगा। उनके जाने से समाज ने एक मार्गदर्शक, हितैषी और सच्चे सेवक को खो दिया है जिसकी क्षति अपूरणीय है।
पिछले सात दशक से उन्होंने अपना समाज को निरंतर सहयोग समर्पित किया है हमारे प्रदेश के लिए यह भारी नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई कर पाना बहुत मुश्किल है।
अध्यक्ष पवन शर्मा व सचिव विनोद जैन ने बताया कि चार जनवरी रविवार को दिन में 11:30 बजे उनकी वाहन श्रद्धांजलि शव यात्रा उनके निवास स्थान भुइया टोली से निकलकर अग्रसेन भवन पथ श्री श्याम मंदिर होते हुए बंशीधर अडूकिया लेन, कार्टसराय लेन, ईस्ट मार्केट रोड, नॉर्थ मार्केट रोड,गोशाला चौक से मारवाड़ी भवन तक जायेगी, जहां उनके पार्थिव शरीर को मारवाड़ी भवन के नवनिर्मित बहुउद्देशीय सभागार में रखा जायेगा।
मारवाड़ी भवन में मारवाड़ी समाज सहित व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों व सदस्यों के द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किया जायेगा। पुन: वहां से श्रद्धांजलि रथ गाड़ीखाना से हरमू रोड श्री श्याम मंदिर होते हुए मुक्ति धाम जायेगी। जहां उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा।
मारवाड़ी सहायक समिति के अध्यक्ष पवन शर्मा एवं सचिव विनोद जैन ने समाज के सभी धार्मिक और सामाजिक एवं व्यापारिक संस्थानों से आग्रह किया है कि हरमू रोड मारवाड़ी भवन प्रांगण में पहुंचकर दिन में 12:30 बजे भागचंद जी पोद्दार को अपने संस्था की ओर से श्रद्धांजलि पुष्प श्रद्धा सुमन अर्पित करने की कृपा करें। उक्त जानकारी संगठन के सचिव विनोद जैन ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। नववर्ष के पावन अवसर पर 1 जनवरी 2026 को श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित झारखंड के सबसे विशाल श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग में आस्था, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातः काल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
एक लाख से अधिक भक्तों ने प्रभु श्री राधा रानी एवं श्री कृष्ण के दिव्य दर्शन कर स्वयं को भाव-विभोर अनुभव किया।इस विशेष अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था। प्रभु श्री राधा रानी और श्री कृष्ण का अलौकिक श्रृंगार वृंदावन से विशेष रूप से मंगाए गए जड़ी-मोती जड़ित आभूषणों एवं आकर्षक पोशाकों से किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
श्रृंगार की दिव्यता और सौंदर्य को देखकर भक्त देर तक निहारते रहे और राधे-राधे व जय श्री कृष्ण के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। मंदिर के पुजारी अरविंद पांडे द्वारा पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना कर प्रसाद का भोग लगाया गया। कार्यक्रम की भव्यता को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए कोलकाता से पधारे ख्यातिप्राप्त कलाकारों द्वारा नृत्य-नाटिका, कृष्ण लीला, सजीव झांकियां एवं भजन जागरण का मनमोहक आयोजन किया गया।
नृत्य-नाटिका के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, रास लीला और धर्म की स्थापना के प्रसंगों को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों की सजीव प्रस्तुति ने दर्शकों को वृंदावन की अनुभूति करा दी, भजन जागरण में भजन गायक मनीष सोनी एवं उनकी टीम द्वारा गाए गए मधुर भजनों पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूमते नजर आये। मंदिर परिसर में पूरे दिन उत्सव जैसा वातावरण बना रहा।श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था के लिए ट्रस्ट की ओर से विशेष प्रबंध किये गये थे।
ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा दर्शन, प्रसाद वितरण एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित ढंग से संभाला गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस पावन अवसर पर मंदिर में 251 किलो केसरयुक्त खीर का महाप्रसाद तैयार कर श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। केसर की सुगंध और प्रसाद की पवित्रता ने भक्तों के हृदय में विशेष आनंद भर दिया। प्रसाद ग्रहण करते समय श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष और श्रद्धा की झलक स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि आज श्री कृष्ण प्रणामी महिला समिति की अध्यक्ष विद्या देवी अग्रवाल का 80 वां जन्मदिवस उल्लासपूर्वक मनाया गया। इस आयोजन का उद्देश्य नववर्ष की शुरुआत भक्ति, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना के साथ करना है। उन्होंने श्रद्धालुओं के सहयोग और विश्वास के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास जारी रहेगा।
मौके पर डुंगरमल अग्रवाल, विजय अग्रवाल, निर्मल जालान, निर्मल छावनिका, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, महेश पोद्दार, दिलीप अग्रवाल, संजय सर्राफ, मनीष जालान, मधुसूदन जाजोदिया, बिष्णु सोनी, मनीष सोनी, पूरणमल सर्राफ, सुरेश चौधरी, विशाल जालान, नन्द किशोर चौधरी, प्रभाष गोयल, सुनील पोद्दार, पोद्दार, सुरेश भगत, ललित पोद्दार, शिव भगवान अग्रवाल, अरूण जाजोदिया, नवल अग्रवाल, दीपेश निराला, शिव प्रसाद पोद्दार, सूरज पोद्दार, प्रमोद पोद्दार, विधा देवी अग्रवाल, शशि पोद्दार, बिमला जालान, शोभा जालान, सरोज पोद्दार, सुनिता अग्रवाल, सरीता अग्रवाल, पुनम अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, आशा बाजोरिया, सीमा बाजोरिया, उर्मिला, पूर्णिमा पोद्दार, अमन पोद्दार, महाबीर पोद्दार, बृखभान अग्रवाल, सुशील नारसरिया, आनंद अग्रवाल, सुरेश भगत, अनुराधा सर्राफ, रानु पोद्दार, उषा पोद्दार, संदीप पोद्दार, रोहित अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं पुरुष उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
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