एबीएन डेस्क। निया भर के वैज्ञानिकों में मंगल ग्रह को लेकर काफी उत्सुकता है। इसी के चलते दुनिया का हर देश जल्द से मंगल यानी लाल ग्रह पर पहुंचना चाहता है। इस बीच अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगल ग्रह की एक ऐसी तस्वीरे जारी की है, जिसे देखकर लोगों की हैरानी बढ़ गई है। दरअसल इस तस्वीर में लाल ग्रह के ब्लू डूम्स यानी नीले रंग के बर्फीले टीले नजर आ रहे हैं। लाल ग्रह पर नीले टीले : नासा ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए इसके कैप्शन में लिखा, ब्लू डूनस ऑन द रेड प्लेनेट यानी लाल ग्रह पर नीले टीले। मंगल ग्रह की इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर खासा पसंद किया जा रहा है। नासा ने बताया कि इस तस्वीर को मंगल के उत्तरी ध्रुव से लिया गया है, जिसे इस लाल ग्रह पर चलने वाली तेज हवाओं ने बनाया है। मंगल ग्रह पर यह इलाका करीब 30 किलोमीटर में फैला है। तस्वीर में नीले रंग की टीलों का रहस्य :इस विशेष तस्वीर को नासा के मार्स ओडिसी ऑर्बिटर के इंफ्रारेड कैमरे से खींचा गया है। ऑर्बिटर में तैनात इस कैमरे को थर्मल एमिशन इमेजिंग सिस्टम कहा जाता है। नासा के मुताबिक इस तस्वीर में दिख रहे अलग-अलग रंग दरअसल लाल ग्रह के सतह पर अलग-अलग तापमान को प्रदर्शित कर रहे हैं। इस तस्वीर में दिख रहा पीला या नारंगी रंग ज्यादा तापमान को दर्शा रहा है, जबकि नीला रंग ठंडे तापमान को बताता है। दिन और रात का तापमान माप रहा ओडिसी : नासा के बयान के मुताबिक, मार्स ओडिसी ऑर्बिटर का थर्मल एमिशन इमेजिंग सिस्टम दिन और रात दोनों समय मंगल के तापमान को मापता रहता है। इससे वैज्ञानिकों को यह निर्धारित करने में मदद मिलती है कि इस ग्रह पर चट्टान, रेत या धूल जैसी भौतिक सामग्री मौजूद हैं कि नहीं। इसका डेटा इन सामग्रियों के गर्म होने और उनके ठंडे होने के तरीकों का भी पता लगाता है। मंगल ग्रह पर ओडिसी के 20 साल : ओडिसी को 7 अप्रैल, 2001 को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल एयर फोर्स स्टेशन से लांच किया गया था। अंतरिक्ष के इतिहास में यह सबसे लंबे समय तक मंगल पर काम करने वाला अंतरिक्ष यान बनने का गौरव प्राप्त कर चुका है। नासा के वैज्ञानिकों की यह एक बड़ी उपल्बिध थी। इन तस्वीरों को मार्स ओडिसी ने नवंबर, 2002 और नवंबर, 2004 के दौरान ली थी। इसे नासा ने ओडिसी के 20 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जारी किया है।
एबीएन डेस्क। Volkswagen ने इंडियन मार्केट में अपनी प्रीमियम एसयूवी T-Roc को उतार दिया है। पिछले साल उतारे गए मॉडल के मुकाबले इसकी कीमत कुछ ज्यादा है। नई Volkswagen T-Roc की कीमत 21.35 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। यह पिछले मॉडल की तुलना में लगभग 1.35 लाख रुपये ज्यादा है। मई से की जा सकती है डिलीवरी इस मौडल की आधिकारिक बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इस एसयूवी की डिलीवरी मई महीने से शुरू की जा सकती है। अभी इसके बारे में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस एसयूवी को कंपनी के MQB प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है और इसकी बिक्री सीमित संख्या में होगी। टू-स्लॉट फ्रंट ग्रिल के साथ सिल्वर बैश प्लेट : Volkswagen ने नई T-Roc एसयूवी में टू-स्लॉट फ्रंट ग्रिल के साथ सिल्वर बैश प्लेट के साथ LED हेडलैंप और डे टाइम रनिंग लाइट्स दिया है। विंडो लाइन पर क्रोम बॉर्डर और 17 इंच का एलॉय व्हील दिया गया है। SUV के पिछले हिस्से को कंपनी ने क्लीन रखते हुए स्पलिट LED टेल लैंप्स दिया है। 10.25 इंच का ट्चस्क्रिन इंफोटेंमेंट सिस्टम : T-Roc के केबिन की बात करें तो इसमें 10.25 इंच का ट्चस्क्रिन इंफोटेंमेंट सिस्टम दिया गया है, जिसे एप्पल कार प्ले और एंड्रॉयड ऑटो से कनेक्ट किया जा सकता है। इसके अलावा पैनोरमिक सनरूफ, डुअल जोन क्लाइमेट कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, ऑटो होल्ड, लैदर अपहोल्सटरी, इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD) जैसे फीचर्स दिए गए हैं। 1.5 लीटर की क्षमता का TSI पेट्रोल इंजन : इस मॉडल में 1.5 लीटर की क्षमता का TSI पेट्रोल इंजन का प्रयोग किया है जो कि 148bhp की पावर और 250Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। एक्टिव सिलिंडर टेक्नोलॉजी से लैस ये इंजन 7 स्पीड DSG ट्रांसमिशन गियरबॉक्स के साथ आता है।
NASA के Curiosity रोवर ने मार्च की शुरुआत से मंगल ग्रह पर एक चट्टान पर काम करना शुरू कर दिया है। इसे Mont Mercou नाम दिया गया है। 6 मीटर ऊंची चट्टान की तस्वीर रोवर ने एक सेल्फी में ली है। सेल्फी में रोवर चट्टान के सामने दिख रहा है और एक सैंपल चट्टान Nontron पर नया ड्रिल का छेद भी दिख रहा है। यह रोवर का 30वां सैंपल है। यह सेल्फी 60 तस्वीरों से बनी है जिन्हें मार्स हैंड लेंस इमेजर (MAHLI) ने लिया है। यह रोवर के रोबॉटिक आर्म पर लगा है। इन तस्वीरों को मास्टकैम से ली गईं 11 तस्वीरों के साथ मिलाया गया। इससे पहले रोवर के मास्टकैम ने कुछ पैनोरमा तस्वीरें भी ली थीं। Curiosity ने सैंपल को लेने के बाद पाउडर में तब्दील किया और सुरक्षित रख लिया। कुछ दिन पहले Curiosity ने मंगल के बादलों का वीडियो भेजा था। ये नजारे उसके ऊपर लगे कैमरों में कैद हुए थे। आठ नई तस्वीरों में नैविगेशन कैमरे की नजर से पांच मिनट के नजारे देखे गए। ये धरती के बादलों की तरह ही चलते हुए दिखे। इन्हें उत्तर कैरोलीना स्टेट यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट पॉल ब्राइर्न ने शेयर किया था।
एबीएन डेस्क। बेशक आज के समय में बिना मोबाइल जिंदगी के कदम कारगर तरीके से आगे नहीं बढ़ सकते। यह जीवन को आसान बनाने का एक तरीका है, इसलिए इसकी जरूरत है। हां, कई बार यह हमारी परेशानियों का सबब भी बन जाता है, यह ठीक। जब लगातार अनचाहे कॉल्स आने लगते हैं, तो झुंडझलाहट होना स्वाभाविक है। फिर भी इससे अनावश्यक रूप से परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसे एव्वॉयड करने उपाय जानना चाहिए। अब फोन को फ्लाइट मोड पर डालने की जरूरत नहीं है। अपनों का फोन न काटें दरअसल कई बार आपके अपने दोस्त या रिश्तेदार किसी ऐसे मुद्दे पर आपसे बात करना चाहते हैं जिन्हें आप टालना चाहते हैं, ऐसी स्थिति में कॉल उठाना मुश्किल होता है। फोन काटने से समस्या और बढ़ने का खतरा भी बना रहता है। अनचाहे कॉल्स सेवा में न रहने वाले नंबर पर फारवर्ड करें एक बार अपने कॉल्स को फॉरवर्ड करने के बाद ऐसे नंबर को चुनें जो सेवा में नहीं हो। अब सभी अनचाहे कॉल्स फॉरवर्ड होकर उस नंबर पर पहुंचेंगे, जो सेवा में नहीं है। इस तरह आप अनचाहे कॉल्स से खुद को बचा सकते हैं। अगर आप फोन उठाना नहीं चाहते तो आप मोबाइल में Call Corwarding ऑप्शन को चुन सकते हैं। यहां आपको always forward को चुनना होगा।
एबीएन डेस्क। इसरो यानी इंडियन स्पेस रिसर्च आॅर्गनाइजेश अर्थात भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन 16 अप्रैल 2021 को एक अर्थ आब्जरवेशन लांच करने की योजना पर काम कर रहा है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा द्वीप पर स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से इसकी लांचिंग होगी। यह देश के जमीनी विकास और आपदा प्रबंधन के लिए कारगर साबित होगा। सीमा सुरक्षा के लिए अचूक काम आएगा। इस जियो-इमेजिंग सैटेलाइट का नाम है इओएस-3/जीआइएसएटी-1। इस सैटेलाइट की की लांचिंग के लिए जीएसएलवी एमके 2 रॉकेट का उपयोग किया जायेगा। यह रॉकेट सैटेलाइट को जियोस्टेशनरी आर्बिट में स्थापित करेगा। वहां पर सैटेलाइट 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर धरती का चक्कर लगाता रहेगा। इसरो सूत्रों की मानें तो यह स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन से लैस रॉकेट की आठवीं उड़ान होगी। जीएसएलवी रॉकेट की यह 14वीं उड़ान है। लांच के 19 मिनट के अंदर इओएस-3/जीआइएसएटी-1 सैटेलाइट अपने निर्धारित कक्षा में तैनात कर दिया जायेगा। यह सैटेलाइट देश की सुरक्षा के लिए खास तरह के उपकरणों से लैस होगा, जिसमें थर्मल इमेजिंग कैमरा का भी जिक्र किया जा रहा है।
नयी दिल्ली। जर्मनी की आटोमोटिव कंपनी बीएमडब्ल्यू मोटरराड इंडिया ने भारत में अपनी प्रीमियम मोटरसाइकिल एम1000 आरआर पेश की है, जिसकी शोरूम कीमत 42 लाख रुपये से शुरू है। बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, भारत में बीएमडब्ल्यू का पहला एम मॉडल कंप्लीटली बिल्ट-अप रूट के जरिये देश में लाया गया है और इसे कंपनी के डीलरशिप पर बुक किया जा सकता है। 2021 बीएमडब्ल्यू एम 1000 आरआर को रैन, रोड, डायनेमिक और रेस के साथ चार ड्राइविंग मोड मिलते हैं, जो व्यक्तिगत सेटिंग्स के साथ राइडर की मदद करते हैं। यह मोटरसाइकिल दो संस्करणों - बीएमडब्ल्यू एम 1000 आरआर (कीमत 42 लाख रुपये) और बीएमडब्ल्यू एम 1000 आरआर कंप्टीशन (कीमत 45 लाख रुपये) में उपलब्ध है। बीएमडब्ल्यू एम 1000 आरआर एक 999 सीसी, 4-सिलिंडर इन-लाइन इंजन द्वारा संचालित होती है और 3.1 सेकेंड में 0-100 किमी की रफ्तार हासिल कर सकती है। लाइट व्हाइट, रेसिंग ब्लू मेटलिक और रेसिंग रेड कलर स्कीम में उपलब्ध बीएमडब्ल्यू एम 1000 आरआर को बीएमडब्ल्यू फाइनेंशियल सर्विसेज इंडिया के माध्यम से खरीदा जा सकता है। कंपनी इसकी पेशकश तीन साल/अनलिमिटेड किमी की स्टैंडर्ड वारंटी के साथ करती है, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। इस बारे में बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष विक्रम पावा ने कहा कि आॅल-न्यू बीएमडब्ल्यू एम 1000 आरआर रेसट्रैक के लिए तैयार की गई एक परफॉर्मेंस ओरिएंटेड बाइक है।
दुनिया के 5वें और सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह ज्यूपिटर (बृहस्पति) पर गोली की तरह तेजी से हवा चलती है। खगोल वैज्ञानिकों का दावा है कि ये गति पृथ्वी पर आ चुके सबसे तेज तूफान की गति से भी तीन गुना अधिक है। वैज्ञानिकों के अनुसार बृहस्पति ग्रह पर 1,448 किमी. प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलती जो 560 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ऊपर उठती है। पृथ्वी पर आ चुके सबसे तेज तूफान की गति से भी तीन गुना अधिक हवा तेज फ्रांस के एस्ट्रोफिजिक्स लैबोरेटरी के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. थिबॉल्ट कैवेली का कहना है कि उनकी टीम ने अध्ययन में पाया है कि बृहस्पति के ध्रुवों पर 400 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से हवा चलती है। एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट में वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा की ये गति बृहस्पति ग्रह के ग्रेट रेड स्पॉट क्षेत्र में प्रवेश करने वाली गति से दो गुना अधिक है। यही नहीं पृथ्वी पर आए अब तक के सबसे तेज और शक्तिशाली तूफान की तुलना में ये तीन गुना अधिक तेज है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अमेरिका के ओकलाहोमा में वर्ष 1999 में पृथ्वी का सबसे तेज तूफान आया था, जिसकी गति 511 किमी प्रति घंटे थी। हवा के साथ तेज गति वाला भंवर लैबोरेटरी से जुड़े पीएचडी छात्र बिलाल बेनमाही का कहना है कि ज्यूपिटर पर चलने वाली तेज हवा के साथ भंवर भी देखा गया है। अनुमान है कि भंवर बहुत बड़ा और शक्तिशाली है जिसका व्यास पृथ्वी के व्यास से चार गुना अधिक तक भी हो सकता है। इसकी ऊंचाई 900 किमी होने का अनुमान है। रेडियो टेलीस्कोप से मापी हवा की गति सौर मंडल में हवा की गति को मापने के लिए खगोल वैज्ञानिकों ने 66 विशालकाय रेडियो टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया है। इससे ब्रह्मांड में विशेष तौर पर हवा के कारण वहां पर होने वाले सूक्ष्म बदलावों को देखा जा सकता है। सूक्ष्म कणों की गति के आधार पर वहां हवा की गति पता चल जाती है। वैज्ञानिक 30 मिनट से भी कम समय में हवा की गति को मापने में कामयाब हुए हैं। ये अद्भुत और आश्चर्यजनक परिणाम टेक्सास के साउथ वेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के वायुमंडलीय शोधकर्ता डॉ. थॉमस ग्रेटहाउस का कहना है कि हवा की गति मापने का जो भी परिणाम आया है वो अद्भुत और आश्चर्यजनक है। बृहस्पति ग्रह को लेकर वैज्ञानिकों को जो कामयाबी मिली है वो शानदार है। अत्यधिक विशाल टेलीस्कोप की मदद से आने वाले समय में इस ग्रह को लेकर और कुछ बेहतर जानकारियां मिल सकती हैं।
माइक्रोमैक्स ने अपनी In सीरीज का तीसरा स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम Micromax In 1 है। यह बजट सेगमेंट में लॉन्च हुआ है और इसकी टक्कर चीनी कंपनियों के फोन से होगी, जिसमें रियलमी, शाओमी, ओप्पो और वीवो के एंड्रॉयड फोन शामिल हैं। Micromax In 1 Price: माइक्रोमैक्स ने भारतीय मोबाइल बाजार में अपना एक और सस्ता स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम Micromax In 1 है। माइक्रोमैक्स ने बीते साल नवंबर को अपने ब्रांड को रिलॉन्च किया था और उसके बाद का यह तीसरा एंड्रॉयड फोन है। यह फोन मिड रेंज के सेगमेंट में आया है और मीडियाटेक चिपसेट को सपोर्ट करता है। साथ ही इसमें stock Android का एक्सपीरियंस मिलेगा। Micromax In 1 को 10,499 रुपये की कीमत में लॉन्च किया है, जिसमें 4GB रैम और 64GB इंटरनल स्टोरेज को खरीदा जा सकता है। इस फोन का 6GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरियंट भी मौजूद है, जिसके लिए 11,999 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इस फोन की पहली सेल 26 मार्च से शुरू होगी और इसे पर्पल और ब्लू कलर में उपलब्ध कराया है। Micromax In 1 के स्पेसिफिकेशन माइक्रोमैक्स का यह स्मार्टफोन 6.67 इंच के डिस्प्ले के साथ आता है, जो फुलएचडी प्लस रेजोल्यूशन में है। इसमें पंच होल भी है। इसका स्क्रीन आस्पेक्ट रेश्यो 20:9 है। यह फोन 5000 एमएएच की बैटरी और 18वाट के फास्ट चार्जर के साथ आता है। कंपनी का दावा है कि यह बैटरी 180 घंटे का स्टैंडबाय दे सकता है। Micromax In 1 का कैमरा सेटअप माइक्रोमैक्स का यह फोन 48 मेगापिक्सल एआई ट्रिपल कैमरा सेटअप के साथ लॉन्च हुआ है, अन्य दो कैमरे 2-2 मेगापिक्सल के हैं। इस फोन में एडवांस नाइट मोड दिया है। साथ ही सेल्फी के लिए 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया है। यह फोन Android 10 पर काम करता है।
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