ज्ञान विज्ञान

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Published / 2022-02-09 17:34:57
बीएसएनएल को 4जी की तरह 5जी नेटवर्क शुरू करने का भी काम : अश्विनी वैष्णव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने बुधवार को कहा कि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को 4जी की तरह 5जी नेटवर्क शुरू करने का भी कार्य सौंपा जाएगा। संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में कहा, प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत विजन के तहत 5जी के कोर नेटवर्क, रेडियो नेटवर्क, उपकरण, हैंडसेट की पूरी तैयारी हो गई है। बहुत जल्द इसकी भी प्रगति के बारे में सदन के सदस्यों को जानकारी दी जाएगी। 4जी बीएसएनएल को दिया गया है। 5जी भी बीएसएनएल को दिया जाएगा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत रॉय के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए यह कहा। वैष्णव ने कहा कि बीएसएनएल की बाजार हिस्सेदारी 2014 में साढ़े सात प्रतिशत रह गयी थी, जो आज 10 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मंत्री ने एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि आज बीएसएनएल का नेटवर्क हर महीने एक लाख घरों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह (नेटवर्क) लगभग 20 लाख घरों तक पहुंच गया है।

Published / 2022-02-07 09:58:04
दो दिनों तक फ्री सर्विस देगी रिलायंस जियो, इन्हें होगा फायदा...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रिलायंस जियो अपने कुछ यूजर्स को दो दिनों की फ्री सर्विस दे रही है। आपको बता दें कि शनिवार को जियो का नोटवर्क दिल्ली और मुंबई में डाउन हो गया था। यूजर्स का कहना है कि यह दिक्कत लगभग 8 घंटे तक हुई। इसका हर्जाना भरने के लिए रिलायंस जियो ने अपने यूजर्स को दो दिनों तक फ्री सर्विस देने का ऐलान किया है। यह सुविधा यूजर्स के जियो अकाउंट में जोड़ दी जाएगी और यूजर्स के मौजूदा प्लान की वेलिडिटी दो दिनों तक बढ़ जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी जियो यूजर्स को मैसेज कर रही है, जिसमें कहा गया है कि गुडविल गेस्चर के तौर पर हम 2-DAY RENTAL CREDIT दे रहे हैं, जो आपके नंबर पर ऑटोमेटिक अप्लाई हो जाएगा।

Published / 2022-02-03 15:30:20
अगस्त में अंतरिक्ष में छोड़ा जायेगा चंद्रयान-3

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने कहा है कि भारत के अंतरिक्ष मिशन-चंद्रयान-3 को अगस्त में प्रक्षेपित करने की योजना है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष, डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि चंद्रयान -3 अगस्त 2022 में प्रक्षेपित किया जानेवाला है। डॉ सिंह ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि चंद्रयान-2 से मिली सीख और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर चंद्रयान-3 की तैयारी जारी है। इसके कई कल पुर्जे और प्रणालियों का निर्माण और उनके के विशेष परीक्षण का काम सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि इसका लॉन्च (प्रक्षेपण) अगस्त 2022 के लिए निर्धारित है। डॉ सिंह ने बताया कि इस वर्ष जनवरी से दिसंबर तक कुल 19 अंतरिक्ष मिशन प्रक्षेपित करने की योजना है। इनमें आठ प्रक्षेपण यान मिशन, सात अंतरिक्ष यान मिशन और चार प्रौद्योगिकी दशार्ने के मिशन होंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण चल रहे कई मिशन प्रभावित हुए हैं। सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नितिगत सुधार और नए प्रस्तुत मांग संचालित मॉडल की पृष्ठभूमि में परियोजनाओं का पुनर्मूल्यांकन किया गया है।

Published / 2022-02-02 17:21:32
आईएनएस विक्रांत के लिए राफेल-मरीन का हुआ सफल फ्लाइट टेस्ट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। फ्रांस निर्मित लड़ाकू विमान राफेल के समुद्री संस्करण का गोवा में सफल उड़ान परीक्षण किया गया और इसके लिए परिस्थितियां ठीक वैसी ही बनाई गई थीं जैसी स्वदेश विकसित विमान वाहक पोत कठर विक्रांत पर होती हैं। राफेल-एम की प्रतिस्पर्धा अमेरिका निर्मित सुपर हॉर्नेट से है। भारतीय नौसेना द्वारा 44,000 टन के कठर विक्रांत पर तैनाती के लिए संभावित खरीद के लिए इन दोनों का मूल्यांकन किया जा रहा है। आईएनएस विक्रांत का अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में परीक्षण चल रहा है और यह अगस्त से सेवा में आ सकता है। भारत में फ्रांस के राजदूत एमैनुअल लेनै ने मंगलवार शाम को यहां कहा कि राफेल मरीन की आपके (भारत के) विमान वाहक पोत से उड़ान भरने की क्षमता देखने के लिए परीक्षण किए गए और ये अच्छे रहे। भारत के नए विमान वाहक पोत को जंप लांच शिप की तरह डिजाइन किया गया है, जिससे कोई विमान इसकी गति की मदद से उड़ान भर सकता है और यह अन्य विमान वाहक पोतों से अलग है जो विमान के उड़ान भरने के लिए कैटापुल्ट लांच नामक उपकरण या तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। लेनैं ने कहा कि राफेल-एम विमान का पिछले महीने 12 दिन तक गोवा के कठर हंसा केंद्र से परीक्षण किया गया और इसके लिए 283 मीटर की कृत्रिम स्की-जंप सुविधा का इस्तेमाल किया गया। बोइंग के सुपर हॉर्नेट या एफ/ए-18 विमानों को भी भारत को बेचने के लिए पेशकश की जा रही है और अगले महीने इनका भी आईएनएस हंसा पर इस तरह का परीक्षण हो सकता है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि आपूर्तिकर्ताओं ने राफेल-एम और सुपर हॉर्नेट दोनों में बदलाव किए हैं ताकि उन्हें भारत के ऑर्डर के लिहाज से बनाया जा सके।

Published / 2022-02-02 16:52:32
प्रोजेक्ट 75 की पांचवीं पनडुब्बी के लिए समुद्री परीक्षण शुरू, बढ़ेगी नौसेना की ताकत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय नौसेना ने बुधवार को कहा कि परियोजना (प्रोजेक्ट) 75 की पांचवीं पनडुब्बी का समुद्री परीक्षण प्रारंभ हो गया है। इसके तहत प्रणोदक प्रणाली, हथियार एवं संवेदी उपकरणों की जांच की जायेगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार इन परीक्षणों के पूरा हो जाने पर इस साल के अंत में इस पनडुब्बी की भारतीय नौसेना को आपूर्ति करने की योजना है और बेड़े में शामिल करने के बाद वह आईएनएस वगीर नाम से जाना जाएगा। नौसेना ने एक बयान में कहा, प्रोजेक्ट 75, यार्ड 11879, भारतीय नौसेना की कलवरी श्रेणी की पांचवीं पनडुब्बी ने एक फरवरी को अपने समुद्री परीक्षण शुरू किये हैं। पनडुब्बी (का निर्माण कार्य) नवंबर 2020 में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (मडीएल) के कन्होजी आंगरे वेट बेसिन से शुरू किया गया था। बेड़े में शामिल करने के बाद उसका नाम वगीर रखा जाएगा। उसने कहा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद मुम्बई स्थित एमडीएल ने 2021 में प्रोजेक्ट 75 की दो पनडुब्बियों की आपूर्ति की है और पांचवीं पनडुब्बी के समुद्री परीक्षण की शुरुआत एक मील का पत्थर है। बयान में कहा गया है, पनडुब्बी समुद्र में अपनी सभी प्रणालियों जैसे प्रणोदक प्रणाली, हथियार एवं संवेदी उपकरणों की सघन जांच से गुजरेगी। इन परीक्षणों के पूरा होने पर 2022 में ही इस पनडुब्बी को भारतीय नौसेना को आपूर्ति करने की योजना है।

Published / 2022-02-01 05:25:52
कानून का असर: फेसबुक ने हटाए 1.93 करोड़ आपत्तिजनक पोस्ट, गूगल और इंस्टाग्राम भी सक्रिय

एबीएन डेस्क। देश में आपत्तिजनक सामग्री (कंटेंट) को लेकर फेसबुक, गूगल और इंस्टाग्राम ने कड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने कहा है कि दिसंबर में 13 श्रेणियों के तहत फेसबुक ने एक करोड़ 93 लाख से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट हटाए। कंपनी की मासिक अनुपालन रिपोर्ट में कहा गया है कि फोटो साझा करने के मंच इंस्टाग्राम से 12 श्रेणियों के तहत 24 लाख कंटेंट हटाए गए। फेसबुक को भारतीय शिकायत प्रणाली के माध्यम से मिली 531 शिकायतें : सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम के मुताबिक बड़े डिजिटल मंचों के लिए (जिनके 50 लाख से अधिक उपयोगकर्ता हैं ) हर महीने अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करना जरूरी है। इस रिपोर्ट में आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर प्राप्त शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई का विवरण होता है। इस रिपोर्ट में स्वचालित तरीके से निगरानी के जरिए हटाई गई आपत्तिजनक सामग्री का भी विवरण होता है। रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर में फेसबुक को भारतीय शिकायत प्रणाली के माध्यम से 531 शिकायतें मिलीं। गूगल ने दिसंबर में हटाए 94,173 आपत्तिजनक कंटेंट : गूगल को दिसंबर में कॉपीराइट उल्लंघन समेत आपत्तिजनक कंटेंट (सामग्री) को लेकर उपयोगकर्ताओं से 31,497 शिकायतें मिलीं। इन शिकायतों के आधार पर गूगल ने 94,173 आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया। इसके अलावा स्वचालित तरीके से निगरानी के जरिए दिसंबर में 4,05,911 कंटेंट भी हटाए गए। रिपोर्ट में कहा है कि उसे भारत के व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं से दिसंबर महीने में 31,497 शिकायतें प्राप्त हुईं। शिकायतों के बाद कार्रवाई करते हुए कंपनी ने विभिन्न श्रेणियों में 94,173 आपत्तिजनक कंटेंट पर कार्रवाई की, इनमें कॉपीराइट उल्लंघन के 93,693 कंटेंट शामिल हैं। बता दें कि फेक न्यूज को रोकने को लेकर फेसबुक अब पहले से कहीं ज्यादा सक्रिय हो गया है। किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट पर रिपोर्ट करने के बाद फेसबुक उचित कार्रवाई करता है। इससे पहले सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने नवंबर महीने में भारत में फेसबुक पर 1.62 करोड़ से ज्यादा कंटेंट पर कार्रवाई की थी। फेसबुक ने कार्रवाई 13 कैटेगरी में की थी। कंपनी की मंथली कप्लायंस रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक की तस्वीरें शेयर करने के प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने नवंबर के दौरान 12 कैटेगरी में 32 लाख से ज्यादा कंटेंट पर कार्रवाई की थी।

Published / 2022-01-27 05:00:49
अब लीजिये... प्रतिबन्ध के बावजूद जापान के समुद्र में उत्तर कोरिया ने किया मिसाइल परीक्षण

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर कोरिया के एक बार फिर जापान सागर में मिसाइल परीक्षण किया है। यह परीक्षण गुरुवार की सुबह किया गया है। वहीं उत्तर कोरिया द्वारा इस साल किया गया यह छठा मिसाइल परीक्षण है। इससे पहले उत्तर कोरिया ने इस साल का सबसे पहला परीक्षण छह जनवरी को किया था और इसके बाद 11 जनवरी को भी एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था वहीं 17 जनवरी को आखिरी बार बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया गया था। अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में में गुहार लगाई थी, लेकिन चीन और रूस ने उसके प्रयासों को रोक दिया था। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दक्षिण कोरिया और अमेरिका के खुफिया अधिकारी इन प्रक्षेपणों का विश्लेषण कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने विस्तार से जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। उत्तर कोरिया ने छह दिन पहले भी मिसाइल परीक्षण किया था, पांच जनवरी को जब इसने मिसाइल परीक्षण किया था तो इसे हाइपरसोनिक मिसाइल परीक्षण बताया था लेकिन दक्षिण कोरिया ने इस बात को मानने से इंकार कर दिया था। लेकिन अब दक्षिण कोरियाई सेना ने पुष्टि कर दी है कि उत्तर कोरिया हाइपरसोनिक मिसाइल दागने में सक्षम हो गया है। अमेरिका ने लगाए थे प्रतिबंध : अमेरिका ने पिछले हफ्ते मिसाइल प्रक्षेपण पर एकतरफा प्रतिबंध लगाए थे। इसके तहत छह उत्तर कोरियाई, एक रूसी और एक रूसी फर्म को रूस और चीन से परीक्षण कार्यक्रमों के लिए सामान खरीदने का आरोप लगाते हुए ब्लैकलिस्ट कर दिया था। अमेरिका को लगातार दे रहा चुनौती : उत्तरी कोरिया इस तरह के मिसाइल परीक्षण करके अमेरिका को खुली चुनौती दे रहा है। दरअसल, अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर कई तरह के प्रतिबंध लगाने का प्रयास कर रहा है, साथ ही परमाणु कार्यक्रम बंद करने का भी दबाव बनाया जा रहा है। अब उत्तर कोरिया ने इस तरह के परीक्षण से साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी प्रतिबंधों से दबने वाला नहीं है।

Published / 2022-01-21 17:47:00
नासा ने उतारी सूर्य के सोलर फ्लेयर की तस्वीर, जानें खासियत...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सूर्य हमेशा से पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों के लिए पहेली बना हुआ है, लेकिन अब इस पहेली की परतें खुलने लगी हैं। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के अंतरिक्ष यान पार्कर सोलर प्रोब ने कुछ समय पहले सूर्य को छूने का अभूतपूर्व कारनामा किया था। अब नासा की सोलर डायनेमिक्स प्रयोगशाला ने सूर्य के मध्य-स्तर की सोलर फ्लेयर की तस्वीर लेने में कामयाबी हासिल की है। ये सोलर फ्लेयर्स विद्युत चुंबकीय विकिरण के शक्तिशाली विस्फोट होते हैं, जिनकी अवधि एक मिनट से कई घंटे तक हो सकती है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि सूर्य ने 20 जनवरी, 2022 को मध्य-स्तर की सोलर फ्लेयर दिखी थी। अमेरिकी समयानुसार यह दोपहर 1:01 बजे अपने चरम पर थी। नासा ने फ्लेयर को एम 5.5 श्रेणी के फ्लेयर के रूप में वर्गीकृत किया है, जो मध्यम गंभीरता का एक्स-रे फ्लेयर है। इंसानों के लिए फायदेमंद बता दें कि सोलर फ्लेयर के उत्सर्जन से हानिकारक विकिरण मनुष्यों को शारीरिक रूप से प्रभावित नहीं कर पाता है। हालांकि, जब यह काफी तेज होता है तो रेडियो संचार, पावर ग्रिड और समुद्री संकेतों आदि को प्रभावित कर सकता है। ऐसे हालात में इसकी वजह से अंतरिक्ष यान और अंतरिक्ष यात्रियों को भी खतरा हो सकता है। नासा के अनुसार, एक्स-रे और अत्यधिक पराबैंगनी विकिरण के बढ़े हुए स्तर से पृथ्वी के सूर्य के किनारे पर आयनोस्फीयर की निचली परतों में आयनीकरण होता है। जब सूर्य से पर्याप्त मात्रा में सोलर फ्लेयर निकलती है तो रेडियो तरंगें परतों में इलेक्ट्रॉन्स के साथ संपर्क करती हैं। आयनोस्फीयर की निचली परतों में उच्च घनत्व वाले वातावरण में इनकी लगातार टक्कर होती है, जिससे इनकी ऊर्जा खत्म हो जाती है। इससे एचएफ रेडियो संकेतों में बाधा आ सकती है और उसके कारण रेडियो ब्लैकआउट यानी संचार तंत्र ठप हो सकता है।

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