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Published / 2022-03-05 07:29:20
रक्षा खर्च में 7.1% की बढ़ोतरी करेगा चीन, सकते में अन्य देश

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत का पड़ोसी देश चीन आज अपना बजट पेश करने जा रहा है। इस बार के बजट में चीन अपनी सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरों को देखते हुए रक्षा खर्च में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। रिपोर्ट के अनुसार चीन अपने रक्षा खर्च को 7.1 फीसदी बढ़ाकर भारत, अमेरिका समेत अन्य देशों को चुनौती दे सकता है। चीन सरकार ने वित्त वर्ष 2022 के लिए 17ंं.57 लाख करोड़ का रक्षा बजट प्रस्तावित किया है, जो कि सालाना वृद्धि पर 7.1 प्रतिशत है। चाइना डेली ने प्रधानमंत्री ली केकियांग द्वारा प्रस्तुत मसौदा बजट प्रस्तावों के हवाले से इसकी जानकारी दी है। भारत से तुलना की जाए तो यह वृद्धि 2022 के लिए भारत के 5.25 लाख करोड़ (लगभग 70 बिलियन अमरीकी डॉलर) के रक्षा बजट से तीन गुना अधिक है। भारत के लिए खतरा : चीन द्वारा रक्षा खर्च में बढ़ोतरी के बाद आशंका जताई जा रही है कि यह भारत के लिए खतरा बन सकता है। दरअसल, चीन हर साल रक्षा बजट में इजाफा करता जा रहा है। रक्षा बजट में वृद्धि के बाद चीन एलएसी पर सैन्यकर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी कर सकता है और अवैध घुसपैठ को भी अंजाम देने की कोशिश कर सकता है। चीनी प्रधानमंत्री ने दिया सुरक्षा का हवाला : पिछले साल चीन का रक्षा खर्च पहली बार 15000 अरब रुपये को पार कर गया था। चीन की संसद में प्रस्तुत अपनी कार्य रिपोर्ट में, चीनी प्रधानमंत्री ली ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से व्यापक युद्ध तैयारी को गहरा करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पीएलए को देश की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा के लिए दृढ़ और लचीले तरीके से सैन्य संघर्ष करने की जरूरत है। ली ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में गतिरोध और अमेरिका के साथ उसके बढ़ते राजनीतिक और सैन्य तनाव के बीच इस साल के रक्षा बजट में चीन की वृद्धि की गई है। चीन के पास अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा बजट है।

Published / 2022-03-05 03:35:57
यूक्रेन में परमाणु हमले को लेकर चिंतित है भारत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन में जोपोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर रूस के हमले के बाद भारत ने शुक्रवार को आगाह किया कि परमाणु केंद्रों से संबंधित किसी भी दुर्घटना के जन स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। साथ ही उसने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को यूक्रेन में पैदा हो रहे मानवीय संकट को समझना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कहा, भारत परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को सर्वोच्च महत्ता देता है क्योंकि परमाणु केंद्रों से जुड़ी किसी भी दुर्घटना के जन स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर असर हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र की 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक की थी। तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत यूक्रेन में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और केंद्रों की सुरक्षा से संबंधित घटनाक्रम पर सावधानीपूर्वक नजर रख रहा है और साथ ही कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के उसकी सुरक्षा तथा निगरानी गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। साथ ही उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को यूक्रेन में हमारे सामने पैदा हो रहे मानवीय संकट को समझना चाहिए, जहां कई हजार भारतीय नागरिकों खासतौर से छात्रों समेत निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा दांव पर लगी है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि रूस और यूक्रेन के बीच दूसरे दौर की वार्ता से सुरक्षित मानवीय गलियारा तत्काल स्थापित होगा। तिरुमूर्ति ने कहा कि यह खेदजनक है कि सुरक्षा परिषद के इस मामले पर पिछले सप्ताह बुलाई बैठक के बाद से यूक्रेन में हालात बिगड़ गए हैं। उन्होंने हिंसा को तत्काल खत्म करने की आवश्यकता दोहरायी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दोहराया है, मतभेदों को सतत संवाद और कूटनीति के जरिए हल किया जाना चाहिए।

Published / 2022-03-05 03:33:11
यूक्रेनी नागरिकों ने 3,700 से अधिक भारतीयों को बनाया बंधक : रूस

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस ने शुक्रवार को यूक्रेन के नागरिकों पर आरोप लगाया कि उन्होंने विभिन्न शहरों में 3,700 से अधिक भारतीय नागरिकों को जबरन बंधक बनाकर रखा है। रूस ने कहा कि उसकी सेना विदेशी नागरिकों की शांतिपूर्ण निकासी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। यूक्रेन स्थित जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक में रूसी स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने कहा कि यूक्रेन में कट्टरपंथियों और चरमपंथियों को पश्चिमी देशों का संरक्षण हासिल है। उन्होंने कहा, यूक्रेनी राष्ट्रवादियों द्वारा जबरन बंधक बनाए जा रहे विदेशी नागरिकों की संख्या चौंकाने वाली है। खारकीव में भारत के 3,189 नागरिक, वियतनाम के 2,700 नागरिक, चीन के 202 नागरिक इसमें शामिल हैं। सूमी में 576 भारतीय नागरिक, 101 घाना के नागरिक और 121 चीनी नागरिक शामिल हैं। नेबेंजिया ने कहा कि रूसी सेना विदेशी नागरिकों की शांतिपूर्ण निकासी सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ कर रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न चौकियों पर 130 आरामदायक बसें भारतीय छात्रों और अन्य विदेशी नागरिकों को बचाने के लिए खारकीव और सुमी के लिए रवाना होने को तैयार हैं।

Published / 2022-03-05 03:25:42
यूक्रेन संकट : परमाणु संयंत्र पर रूस का कब्जा, सांसत में दुनिया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन में स्थित यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर शुक्रवार को रूस ने कब्जा कर लिया। हमले के दौरान जैपोरिझिया संयंत्र की एक इमारत में बृहस्पतिवार रात आग लग गई। ऐसे में परमाणु रेडिएशन के रिसाव के डर से यूरोपीय महाद्वीप समेत पूरी दुनिया कई घंटे सांसत में रही। हालांकि, आग को शुक्रवार सुबह बुझा दिया गया। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया है कि संयंत्र अब सामान्य रूप से काम कर रहा है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की। जैपोरिझिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र को रूसी कब्जे में जाने से बचाने के लिए यूक्रेनी सैनिकों और स्थानीय लोगों ने पूरा जोर लगाया, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। इस संयंत्र से यूक्रेन की बिजली जरूरतों के 20 फीसदी हिस्से की आपूर्ति होती है। वहीं, रूस ने आरोप लगाया कि आग यूक्रेन ने खुद लगाई है। रूस ने इसे दानवी कृत्य बताया। बाद में अधिकारियों ने बताया कि जैपोरिझिया परिसर में लगी आग दरअसल प्रशिक्षण केंद्र की इमारत में लगी थी न कि संयंत्र में। संयंत्र में धमाके से चेर्नोबिल-फुकुशिमा जैसे हादसे का डर है। आईएईए प्रमुख बोले-जितनी जल्दी हो, दौरे की अनुमति दें : रेडिएशन के रिसाव के खतरे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए ) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने रूस और यूक्रेन दोनों से कहा है कि जितनी जल्दी हो सके उन्हें वहां जाने दिया जाए। उन्होंने कहा, संयंत्र की भौतिक स्थिति संकट में है। जेलेंस्की की भावुक अपील : अब तो जागो- यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने वीडियो संदेश में कहा, यूरोपवासियो, कृपया जागो। अपने नेताओं से कहो कि रूसी सैनिक यूक्रेन के परमाणु संयंत्रों पर गोलियां बरसा रहे हैं। एक अन्य संदेश में उन्होंने रूसी लोगों से विद्रोह करने के लिए कहा। चेर्निहीव पर हमला, 47 की मौत, बंदरगाह शहर माइकोलेइव पर कब्जे की कोशिश नाकाम रूस ने चेर्निहीव पर जोरदार हवाई हमला बोला, जिसमें 47 लोगों की मौत हो गई है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया, रूस ने बृहस्पतिवार को एक नागरिक ठिकाने पर हवाई हमला किया। वहीं, बंदरगाह शहर माइकोलेइव पर कब्जे की रूसी कोशिश यूक्रेन ने नाकाम कर दी है। पांच लाख आबादी वाले इस शहर में भीषण लड़ाई जारी है। कीव, खारकीव पर बमबारी जारी है, मगर इनमें से किसी शहर पर अब तक रूस कब्जा नहीं कर पाया है। मैरियूपोल का घेरा भी बना हुआ है और यूक्रेनी शहर को अब तक बचाने में कामयाब हैं। अमेरिका ने उपग्रह चित्रों के आधार पर दावा किया कि रूसी सेना कीव से अब 25 किमी दूर है। वार्ता के बारे में जानकारी देने से इनकार : यूक्रेन और रूस के बीच वार्ता का दूसरा दौर नागरिकों के लिए सुरक्षित गलियारा बनाने तक सीमित रहा। हालांकि, युद्ध रोकने व अन्य बिंदुओं पर कोई जानकारी देने से दोनों ही पक्षों ने इनकार कर दिया है। जेलेंस्की कहां हैं...: रूसी संसद ड्यूमा के अध्यक्ष वेचेस्लाव वोलोदिन ने कहा, राष्ट्रपति जेलेंस्की देश छोड़कर पोलैंड चले गए हैं। वहीं, यूक्रेन ने दावा किया कि जेलेंस्की ने देश नहीं छोड़ा है। वोलोदिन ने कहा, जेलेंस्की अब यूक्रेन में नहीं हैं। यूक्रेन की सुप्रीम काउंसिल वेरखोवना राडा के उनके सहयोगियों का कहना है कि लवीव में उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा। जेलेंस्की ने कहा था, वह देश नहीं छोड़ेंगे। हालांकि, अमेरिका ने उनकी सुरक्षा को लेकर देश छोड़नेे का आग्रह किया था। रूस में फेसबुक, बीबीसी समेत कई वेबसाइटों पर प्रतिबंध मास्को। रूसी टीवी चैनल व समाचार एजेंसियों पर यूरोप, अमेरिकी प्रतिबंध के बाद मास्को ने भी पलटवार किया है। यूक्रेन पर हमले को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए रूस ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक के साथ बीबीसी व डायचे वैले समेत कुछ पश्चिमी समाचार पोर्टलों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस बीच, रूसी संसद ने "फर्जी" खबरों पर सजा देने के लिए सख्त कानून बनाया है। इसके तहत सेना के खिलाफ गलत सूचनाएं देने वालों को 15 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। जानकारों का कहना है कि इसका सीधा निशाना पश्चिमी मीडिया बनेगा। इसके अलावा मीडिया नियामक संस्थान रोस्कोमनाडजोर ने फेसबुक को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है। ट्रंप के करीबी सीनेटर ग्राहम बोले, पुतिन की हत्या से ही होगा दुनिया का भला : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने दुनिया के भले के लिए राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की हत्या करने को कहा है। अपने सैनिक ब्रूटस के हाथों मारे गए क्रूर रोमन जनरल जूलियस सीजर और हिटलर की हत्या का प्रयास करने वाले कर्नल स्टॉफेनबर्ग की मिसाल देते हुए ग्राहम ने कहा, क्या रूस की सेना में कोई ब्रूटस या कर्नल स्टॉफेनबर्ग है। क्योंकि, अभी जो चल रहा है, उसका अंत इसी तरीके से हो सकता है। दुनिया में सदी का सबसे तेज शरणार्थी पलायन : जंग शुरू होने के हफ्तेभर में ही 12 लाख से ज्यादा लोगों ने यूरोप समेत दूसरे देशों में शरण ली है। करीब 55 फीसदी लोगों ने अकेले पोलैंड का रुख किया है तो सबसे कम बेलारूस में गए हैं। दुनिया में यह शरणार्थियों का इस सदी का सबसे तेज कूच माना जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक अब तक करीब 12 लाख लोग यूक्रेन छोड़कर बाहर जा चुके हैं। यूरोप ने तीन दशकों में इतना बड़ा प्रवासी संकट नहीं देखा है, जिसका असर आने वाले कई वर्षों तक रहेगा। संयुक्त राष्ट्र यूक्रेन जंग के दौरान 40 लाख से ज्यादा लोगों के शरणार्थी बनने के आसार जता चुका है। यानी आगामी हफ्तों में अभी 30 लाख और यूक्रेनी दूसरे देशों में जाएंगे।

Published / 2022-03-05 03:16:32
यूक्रेन की पोर्ट सिटी मारिउपोल पर रूसी सेना का कब्जा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का आज नौवां दिन है। रूस की सेना ने कई शहरों को घेर रखा है और खेरसन समेत कई शहरों पर कब्जा कर लिया है। शुक्रवार को रूस ने जपोरिजिया में परमाणणु संयंत्र पर भी हमला कर दिया। अब इसका नियंत्रण रूस के पास है। यहीं से यूक्रेन को बड़ी मात्रा में ऊर्जा सप्लाई होती था। हमले में कई लोगों की जान भी चली गई। उधर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में रूस के खिलाफ जांच कराने के लिए स्वतंत्र आयोग बनाने पर राय जानने के लिए वोटिंग कराई गई जिसमें भारत और चीन ने दूरी बना ली। इससे पहले भी भारत ने इस संबंध में कोई वोट नहीं किया है। वहीं रूस ने कथित "फेकन्यूज" को लेकर नया कानून बनाया है जिसके बाद फेसबुक और ट्विटर पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं सीएनएन, बीबीसी को भी रिपोर्टिंग रोकनी पड़ी है। खेरसन के बाद मारिउपोल पर रूस का कब्जा! : यूक्रेन की पोर्ट सिटी मारिउपोल के मेयर ने कहा है कि रूस की सेना ने पूरे शहर पर जमावड़ा कर लिया है। बता दें कि मॉस्को की सेना ने खेरसन पर पहले ही कब्जा कर लिया है। रूस मुख्य शहरों को निशाना बना रहा है। रूस ने यूट्यूब को भी किया बैन : रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने मीडिया आउटलेट्स और सोशल मीडियो प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई तेज कर दी है। उन्होंने फेसबुक और ट्विटर के साथ-साथ यूट्यूब को भी को बैन कर दिया है। इसके लिए एक बिल पर हस्ताक्षर किया है। शुक्रवार को सोशल मीडिया दिग्गजों के खिलाफ कदम से पहले बीबीसी, अमेरिकी सरकार द्वारा वित्त पोषित वॉयस ऑफ अमेरिका और रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी, जर्मन प्रसारक डॉयचे वेले और लातविया स्थित वेबसाइट मेडुजा को भी ब्लॉक कर दिया गया था।

Published / 2022-03-05 03:13:32
अब लीजिये... उत्तर कोरिया के इस साल के नौवें मिसाइल टेस्टिंग से सांसत में दक्षिण कोरिया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग जहां चरम पर पहुंच गई है वहीं उत्तर कोरिया ने शनिवार सुबह एक अज्ञात मिसाइल की टेस्टिंग कर आसपास के देशों को चौंका दिया है। यह मिसाइल कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्व में सागर की ओर दागी गई है। यह जानकारी दक्षिण कोरिया के आर्मी चीफ की तरफ से दी गई है। बता दें कि उत्तर कोरिया इस साल अब तक कुल नौ मिसाइल टेस्टिंग कर चुका है। जनवरी में भी किया था सात हथियारों का परीक्षण : उत्तर कोरिया ने जनवरी के महीने में भी सात हथियारों का परीक्षण किया था जिसमें 2017 के बाद से बनाई गई सबसे शक्तिशाली मिसाइल भी शामिल है। उस दौरान कहा गया कि यहां के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को उकसाने के लिए यह कदम उठाया था। दक्षिण कोरिया ने बताया संकट : दक्षिण कोरिया के आर्मी चीफ ने इस मिसाइल की टेस्टिंग को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद रिजालूशंस का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि लगातार इस तरह की टेस्टिंग दुनिया के लिए खतरनाक है। इसपर तत्काल रोक लगनी चाहिए। वहीं इससे पहले दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने भी हथियार कार्यक्रम के विस्तार के प्रति चिंता प्रकट की थी और कहा कि उत्तर कोरिया एक बार फिर लंबी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण शुरू कर सकता है जिससे क्षेत्र में युद्ध का माहौल फिर से बनने की संभावना है।

Published / 2022-03-04 14:34:36
रूसी मीडिया का दावा : यूक्रेन छोड़ पोलैंड भागे राष्ट्रपति जेलेंस्की

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूसी सैनिक यूक्रेन की धरती पर मिसाइल और बम धमाकों से कोहराम मचा रहे हैं। राजधानी कीव में रूसी सैनिकों की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इस बीच रूसी मीडिया ने दावा किया है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूक्रेन छोड़ दिया है और पोलैंड पहुंच गए हैं। शुक्रवार को रूसी मीडिया ने दावा किया यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने देश छोड़ दिया है और पोलैंड में शरण ले ली है। हालांकि रूसी दावे पर अभी यूक्रेन की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। बताते चलें कि कुछ दिन पहले भी रूसी मीडिया ने दावा किया था जेलेंस्की ने यूक्रेन छोड़ दिया है। तब जेलेंस्की ने इन दावों को खारिज करके एक वीडियो जारी किया था और कहा कि वे आखिर तक देश नहीं छोड़ेंगे।

Published / 2022-03-04 06:42:59
रूस-यूक्रेन की लड़ाई नहीं रुकी, तो छा जाएगा अंधेरा... जानिए क्यों?

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूसी हमले के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। दरअसल, यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र के प्रवक्ता ने कहा कि दक्षिणी यूक्रेन के एनेर्होदर शहर में ऊर्जा संयंत्र पर रूसी सेना के हमले से प्रतिष्ठान में आग लग गई है। एक सरकारी अधिकारी ने द एसोसिएटेडेट प्रेस (एपी) को बताया कि जपोरिजिया परमाणु संयंत्र के आसपास के क्षेत्र में विकरण का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया है। इस स्थान पर देश की करीब 25 प्रतिशत बिजली का उत्पादन होता है। अधिकारी ने नाम उजागर ना करने की शर्त पर यह जानकारी दी, क्योंकि सूचना को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। संयंत्र के प्रवक्ता एन्ड्री तुज ने यूक्रेनी टेलीविजन को बताया कि आग को बुझाने के लिए लड़ाई रोकी जानी बेहद जरूरी है। रूसी सेना यूक्रेनी शहर एनेर्होदर पर नियंत्रण के लिए बृहस्पतिवार से लड़ाई लड़ रही है, जहां यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र है और उन्होंने देश को समुद्र मार्ग से काटने के लिए भी काफी मशक्कत की है। देश के नेताओं ने नागरिकों से आक्रमणकारियों के खिलाफ छापामार युद्ध करने का आह्वान किया है। एनेर्होदर में देश का एक-चौथाई बिजली उत्पादन होता है। वहां लड़ाई ऐसे वक्त हो रही है, जब रूस और यूक्रेन के बीच दूसरे दौर की बातचीत में नागरिकों को निकालने और मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए एक सुरक्षित गलियारा बनाने के संबंध में एक अस्थायी समझौता हुआ है। दक्षिण कोरिया ने कहा कि रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस के खिलाफ अपने निर्यात प्रतिबंधों को कड़ा करने के बदले अमेरिका से उसे कुछ छूट मिली हैं। दक्षिण कोरिया के व्यापार, उद्योग तथा ऊर्जा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि व्यापार मंत्री येओ हान-कू की इस सप्ताह वाशिंगटन में वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के साथ हुई मुलाकात के दौरान यह समझौता हुआ। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने पिछले सप्ताह यूक्रेन पर आक्रमण के जवाब में अर्धचालक, लेज़र, विमान तथा संचार उपकरण जैसे विदेशी प्रौद्योगिकी उत्पादों तक रूस की पहुंच को समाप्त करने के उद्देश्य से कई प्रतिबंधों का ऐलान किया था। दक्षिण कोरियाई लोगों ने प्रमुख दक्षिण कोरियाई कम्पनियों पर अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने के लिए विनियमन से छूट मांगी थी। दक्षिण कोरिया ने पहले ही रूस को रणनीतिक सामग्रियों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है और वैश्विक भुगतान प्रणालियों से प्रमुख रूसी बैंकों को काटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का भी वह हिस्सा है। अमेरिकी अधिकारियों ने अपने दक्षिण कोरियाई समकक्षों को बताया कि स्मार्टफोन, यात्री कार और वाशिंग मशीन जैसे उपभोक्ता सामान तब तक अमेरिकी प्रतिबंधों के अधीन आएंगे, जब तक उनका इस्तेमाल रूसी नागरिकों या कम्पनियों द्वारा हो रहा है, सेना के द्वारा नहीं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने देश में मौजूद यूक्रेन के लोगों को बृहस्पतिवार को मानवीय सहायता की पेशकश की, जो हजारों लोगों को उनके युद्धग्रस्त देश भेजे जाने से उनकी रक्षा कर सकता है। संघीय कार्यक्रम टेंपरेरी प्रोटेक्टेड स्टेटस (अस्थायी संरक्षित दर्जा) के तहत यूक्रेन के नागरिक 18 महीने तक देश में रह सकते हैं। संरक्षण का पात्र होने के लिए किसी व्यक्ति का कम से कम मंगलवार से अमेरिका में होना आवश्यक है। प्रशासन ने कहा कि यूक्रेन में रूसी आक्रमण के कारण यह फैसला किया गया है। आक्रमण से एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो गया है, जिससे 10 लाख से अधिक लोग देश छोड कर चले गए हैं। गृह सुरक्षा मंत्री एलेजांद्रो एन मयोरकास ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के पूर्व नियोजित और अकारण हमले के परिणामस्वरूप वहां युद्ध तथा बेवजह की हिंसा का मंजर है, जिस कारण यूक्रेन के नागरिक दूसरे देशों में पनाह लेने को मजूबर हो गए हैं। वैचारिक संस्था "माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट" के अनुसार इस योजना से अमेरिका में यूक्रेन के 30,000 से अधिक नागरिकों को लाभ मिल सकता है।

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