एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन ने 90 लाख की आबादी वाले पूर्वोत्तर शहर चांगचुन में लॉकडाउन लगाने का शुक्रवार को आदेश दिया। चीन ने लॉकडाउन लगाने का यह आदेश इस क्षेत्र में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच दिया है। इसके तहत निवासियों को घर पर ही रहना होगा और तीन दौर की सामूहिक जांच से गुजरना होगा। वहीं गैर-आवश्यक व्यवसायों को बंद कर दिया गया है और परिवहन सम्पर्क निलंबित कर दिए गए हैं। चीन में शुक्रवार को देशभर में स्थानीय संचरण के 397 और मामले सामने आये, जिनमें से 98 मामले जिलिन प्रांत में आये हैं। चांगचुन शहर के भीतर केवल दो मामले सामने आये। हालांकि, अधिकारियों ने महामारी के प्रति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की चीन की नीति के तहत एक या अधिक मामले वाले क्षेत्रों में लॉकडाउन लगाने का संकल्प लिया है। दूसरी ओर, शंघाई में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। चीन में कोविड मामलों से अधिकारी चिंतित हैं, क्योंकि इसकी वजह से देश में दो साल में सबसे अधिक कोविड केस हो गए हैं। 2020 में महामारी के शुरुआती दिनों के बाद पहली बार चीन के दैनिक कोरोनावायरस केस की संख्या इस हफ्ते 1,000 से अधिक हो गई। तीन हफ्ते पहले केवल 100 से कम केस थे। लेकिन इन दिनों केस की संख्या बढ़ गई है। चीन ने सख्ती से काबू में किया कोरोना : चीन में बढ़ते कोविड केस के पीछे ओमिक्रॉन वेरिएंट का हाथ है। कोरोना से निपटने के लिए चीन ने जीरो कोविड पॉलिसी अपनाई हुई है। कोरोनावायरस का पहला केस चीन में दिसंबर 2019 में सामने आया है। लेकिन इसके बाद चीन ने कोरोना पर सख्ती से काबू किया और जल्द ही कोविड केस बहुत ही कम रह गए।।इसके लिए चीन में बड़े पैमाने पर टेस्टिंग की गई और सीमाओं को बंद कर दिया गया। शुक्रवार की कोविड की डेली टैली के मुताबिक, एक दर्जन से अधिक प्रांतों में 1,369 मामले थे। जिलिन में इन दिनों सैकड़ों की संख्या में कोविड केस मिले हैं। बीजिंग और शंघाई में भी कोविड का प्रभाव देखने को मिला है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। लैंसेट के नये विश्लेषण के अनुसार भारत में कोविड-19 के कारण जान गंवाने वालों की कुल अनुमानित संख्या जनवरी 2020 और दिसंबर 2021 के बीच 40 लाख 70 हजार थी, जो बताए गए आंकड़े की तुलना में आठ गुणा अधिक थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को इन निष्कर्षों पर प्रतिक्रिया देते हुए इन्हें अटकलों और गलत सूचना पर आधारित करार दिया और कहा कि विश्लेषण के लेखकों ने खुद कार्यप्रणाली में खामियों और विसंगतियों को स्वीकार किया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अध्ययन विभिन्न देशों के लिए अलग-अलग तरीकों को ध्यान में रखकर किया गया है। उदाहरण के तौर पर भारत के लिए अध्ययन में उपयोग किए गए आंकड़ों का स्रोत समाचार पत्रों की रिपोर्ट और गैर प्रकाशित अध्ययनों पर आधारित लगता है। "द लैंसेट" ने बृहस्पतिवार को बताया कि 31 दिसंबर, 2021 तक दुनियाभर में जितनी मौतें हुईं, उनमें 22.3 प्रतिशत लोगों की मौत भारत में हुई। विश्लेषण के अनुसार दुनियाभर में उस अवधि तक 59 लाख 40 हजार लोगों की मौत हुई, जिसमें से 18.2 प्रतिशत की मौत कोविड-19 के कारण हुई। यह पहले के अनुमान की तुलना में लगभग तीन गुणा अधिक थी। पत्रिका ने कहा कि उस अवधि के दौरान भारत में कोविड-19 से जान गंवाने वालों की संख्या 4,89,000 बताई गई थी। पत्रिका ने अपनी रिपोर्ट, कोविड-19 मृत्यु दर का अनुमान : कोविड-19 से संबंधित मृत्यु दर का एक व्यवस्थित विश्लेषण, 2020-21 में यह दावा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है, देशों के स्तर पर, भारत में कोविड-19 के कारण सबसे अधिक 40 लाख 70 हजार लोगों की मौत हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के बाद सबसे अधिक मौतें अमेरिका (11 लाख 30 हजार) में हुईं। वहीं रूस में 10 लाख 70 हजार, मेक्सिको में 798,000, ब्राजील में 792,000, इंडोनेशिया में 736,000 और पाकिस्तान में 664,000 लोगों की मौत हुई। रिपोर्ट के अनुसार, 12 महीने की अवधि के दौरान दुनियाभर में कोविड-19 के चलते जितनी मौतें हुईं, उनमें से आधे से ज्यादा मौतें इन देशों में हुईं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन ने कोरोना वायरस के मामलों में एक बार फिर से तेजी आने के बीच शुक्रवार को कहा कि वह पहली बार रैपिड एंटीजन टेस्ट का इस्तेमाल शुरू करेगा। देश में पिछले दो साल में कोरोना संक्रमण अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। यहां के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा है कि सेल्फ टेस्ट किट क्लिनिकों के लिए उपलब्ध होंगी और सामान्य नागरिक इन्हें फामेर्सी या फिर आॅनलाइन माध्यम से खरीद सकते हैं। शुक्रवार को चीन में पहली बार संक्रमण के घरेलू मामले 1000 से अधिक हो गए। एक सप्ताह पहले तक यह आंकड़ा 300 मामले प्रति दिन पर था। इसके चलते चीन ने चांगचुन शहर के औद्योगिक केंद्र में लॉकडाउन लागू कर दिया है जहां करीब 90 लाख लोग रहते हैं। यहां उसने मेकशिफ्ट अस्पतालों का निर्माण करने का निर्देश दिया है। कोरोना मामलों में आई इस तेजी की वजह ओमिक्रॉन वैरिएंट को माना जा रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन में करीब दो हफ्ते से जंग जारी है। रूस यूक्रेन पर लगातार हमलावर है और हर रोज कई मिसाइलें यूक्रेन पर दाग रहा है। अभी तक 700 से भी ज्यादा मिसाइलें यूक्रेन पर दागी जा चुकी हैं, जिससे यूक्रेन में काफी तबाही हुई है। वहीं, यूक्रेन का दावा है कि उन्होंने भी रूस की सेना को काफी नुकसान पहुंचाया है और कई सैनिकों का मार गिराया है। रूस की सेना यूक्रेन के कई हिस्सों में घुस चुकी है। लेकिन ज्यादा तबाही मिसाइलों के जरिए किया गया है, जिसके कई विजुअल भी सामने आए हैं। ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं कि अभी तक कितनी मिसाइलें यूक्रेन पर लॉन्च की जा चुकी है। इसके अलावा हम ये भी आपको बताएंगे कि जब कोई मिसाइल लॉन्च की जाती है तो इसकी कितनी लागत होती है और एक मिसाइल पर कितना खर्चा होता है। कितनी मिसाइल दाग चुका है रूस : रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से युद्ध जारी है। रूस ने 24 फरवरी से यूक्रेन में हमला करना शुरू किया था। उन्होंने पहले दिन 160 मिसाइल अटैक किए थे। इसके बाद से वो 40 से 65 मिसाइलें हर रोज लॉन्च कर रहा है। अभी तक रूस की ओर से 775 मिसाइलें लॉन्च की जा चुकी है। कितनी है मिसाइल की कीमत की लागत : वैसे मिसाइल की क्वालिटी और किस देश ने बनाई और कैसे लॉन्च किया जा रहा है, इस पर इसकी लागत निर्भर करती है। वैसे एयर मिसाइल के लिए माना जाता है कि इसी लागत 25 हजार डॉलर से लेकर 7 मिलियन डॉलर तक हो सकती है। इसलिए यह मिसाइल पर निर्भर करता है कि उसे लॉन्च करने पर कितना खर्चा होगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, जब अमेरिका ने सीरिया पर मिसाइलों की बरसात की थी, तब मिसाइल की लागत का आंकलन किया गया था। उस वक्त बताया गया था कि एक मिसाइल की लागत 1.4 मिलियन डॉलर थी। ये मिसाइलें 140 यूएस नेवी शिप और सबमरीन ने लॉन्च की थी। कई तरह की मिसाइलें आर्मी फोर्स की ओर से इस्तेमाल की जाती है और इनकी कीमत अलग अलग होती है। वहीं, कई रिपोर्ट में सीरिया वॉर के दौरान इस्तेमाल की गई मिसाइल की लागत 22.6 मिलियन डॉलर बताई गई थी, जो यूएस के टेक्सपेयर्स की ओर से दिए गए थे। अगर अनुमान लगाया जाए तो 70 एमएम की एक मिसाइल की लागत 28 हजार डॉलर तक होती है। ऐसे ही UK Brimstone मिसाइल की लागत 150,000 डॉलर तक होती है। वहीं, जीएओ रिपोर्ट का कहना है कि 500 माइल्स दूर से दागी जाने वाली मिसाइलों की लागत करीब 1.4 मिलियन डॉलर होती है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन पर रूसी हमले का आज 16वां दिन है। इतना लंबा समय हो जाने के बाद भी दोनों देशों के बीच जंग समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। रूस की ओर से यूक्रेन के कई शहरों पर हमले जारी हैं। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि पिछले दो दिनों में यूक्रेन से करीब एक लाख लोगों को बाहर निकाला गया है। वहीं फेसबुक ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रूसी आक्रमण व पुतिन के खिलाफ खुलकर बोलने की अनुमति दे दी है। रूस ने यूक्रेन में वैक्यूम बम के इस्तेमाल की पुष्टि की है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की ओर से ट्वीट किया गया है। इसमें कहा गया है कि रूसी रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन में TOS-1A हथियार प्रणाली को तैनात किया था। यह हथियार प्रणाली वैक्यूम बमों का इस्तेमाल करती है। एक वैक्यूम बम हवा से ऑक्सीजन को सोख लेता है और मानव शरीर को वाष्पीकृत करने में सक्षम होता है। यूक्रेन में फंसे 242 छात्र आए वापस : ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन में फंसे 242 और छात्र आज भारत वापस लौट आए। इन छात्रों को पोलैंड के रास्ते दिल्ली लाया गया। इनमें से एक छात्र हरदीप ने बताया कि वह सूमी में फंसा था। वहां हर तरफ बमबारी हो रही थी, लेकिन भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने हमारी बहुत मदद की। मैं इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहना चाहता हूं। रूस से मोस्ट फेवरेट नेशन का स्टेटस वापस लेगा अमेरिका : अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने घोषणा की कि अमेरिका-यूरोपीय संघ व जी-7 देश रूस से व्यापार में मोस्ट फेवरेड नेशन का स्टेटस भी वापस लेंगे। दरअसल, यूक्रेन पर आक्रमण के बाद अमेरिका व यूरोपीय संघ लगातार रूस पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। रूस दुनिया का सबसे ज्यादा प्रतिबंधों वाला देश बन गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंडोनेशिया के माउंट मेरापी ज्वालामुखी में बुधवार को रातभर विस्फोट हुए। इसके चलते बने गर्म बादलों से हिमस्खलन हुआ। आसपास के गांवों व कस्बों में राख की चादर बिछ गई है। समाचार एजेंसी ने खबर दी है कि करीब 250 निवासियों को भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। अभी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। माउंट मेरापी इंडोनेशिया का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी माना जाता है। 2,968 मीटर ऊंचा यह ज्वालामुखी प्राचीन शहर योग्याकार्टा के निकट घनी आबादी वाले जावा द्वीप पर है। इसमें 1548 के बाद से लगातार विस्फोट हो रहा है। यह दक्षिणी जावा में ज्वालामुखियों का सबसे छोटा समूह है जो इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट और सुंडा प्लेट के एक उप-क्षेत्र जोन में स्थित है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन से अगले दौर की वार्ता में और अधिक महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद है। विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव तुर्की में हैं, जहां वह यूक्रेन के विदेशमंत्री दिमित्रो कुलेबा के साथ बातचीत करेंगे। 119 भारतीय व 27 विदेशी पहुंचे हिंडन एयरबेस : रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से आज सुबह वायुसेना का विशेष विमान हिंडन एयरबेस पर उतरा। इससे 119 भारतीय व 27 विदेशी भारत लाए गए हैं। वायुसेना की यह 17 वीं उड़ान थी। वायुसेना का सैन्य परिवहन विमान C-17 आज सुबह दिल्ली के समीप हिंडन एयरबेस पर उतरा। भारत युद्धग्रस्त यूक्रेन के पड़ोसी देशों रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया, पोलैंड के रास्ते अपने नागरिकों व अन्य को निकाल रहा है। रूसी तेल आयात पर रोक का विधेयक पारित : अमेरिकी सदन ने रूसी तेल आयात पर रोक से संबंधित विधेयक पारित किया। बाइडन प्रशासन ने बीते दिनों रूस से तेल व गैस आयात पर पाबंदी का फैसला किया था। यूक्रेन पर हमले के विरोध में रूस पर अमेरिका का यह तगड़ा प्रहार है। यूक्रेन को 13.5 अरब डॉलर की मदद : अमेरिका के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव ने यूक्रेन व सहयोगी देशों को 13.6 अरब डॉलर की मदद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह यूक्रेन को 1.5 खरब डॉलर की बहुपक्षीय वित्तीय मदद का हिस्सा है। कीव के पास से 700 लोग निकले, कारों पर सफेद झंडे लगाए : राजधानी कीव के बाहरी इलाकों में स्थित 700 लोग कारों पर सफेद झंडे लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकले। यूक्रेन के गृह मंत्रालय ने कहा कि वोरजेल और इरपिन से करीब 700 लोगों को निकाला गया है। इनमें से कई ने कुछ दिनों से कुछ नहीं खाया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के नाटो में शामिल न होने के एलान के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी नरमी दिखाई है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने बुधवार को बताया कि हमारा मकसद यूक्रेन की सरकार को गिराना नहीं, बल्कि तटस्थ स्थिति सुनिश्चित करना है। रूस इस लक्ष्य को हासिल भी करेगा। मारिया ने कहा, यूक्रेन से अगले दौर की वार्ता में और अधिक महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद है। विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव तुर्की में हैं, जहां वह यूक्रेन के विदेशमंत्री दिमित्रो कुलेबा के साथ बातचीत करेंगे। दोनों नेता 14 दिन से जारी युद्ध के समाधान पर चर्चा करेंगे। मारिया ने दोहराया, यूक्रेन में रूस का सैन्य अभियान सही दिशा में है। इस बीच, यूक्रेन ने दावा किया कि उसने 11 हजार से अधिक रूसी सैनिक मार गिराए। रूस ने अपने 500 सैनिकों की मौत की ही पुष्टि की। संयुक्त राष्ट्र ने 474 नागरिकों के मारे जाने और 861 के घायल होने की पुष्टि की है। 700 भारतीय आज स्वदेश के लिए भरेंगे उड़ान : युद्धग्रस्त सुमी से निकाले गए करीब 700 भारतीय बृहस्पतिवार को भारत लौट सकते हैं। बुधवार को विशेष ट्रेन के जरिये सभी पोलतावा से निकल गए। यह ट्रेन छात्रों को लवील लेकर आएगी, जहां से बस से पोलैंड लाया जाएगा, फिर स्वदेश के लिए उड़ान भरेंगे। मैरियूपोल में बमबारी से बच्चों का अस्पताल ध्वस्त : मैरियूपोल में बुधवार को रूसी बमबारी में बच्चों का अस्पताल ध्वस्त हो गया। कई बच्चों व गर्भवती महिलाओं के मलबे में दबे होने की आशंका है। चिंता : चेर्नोबिल संयंत्र में काम रुका, सिग्नल आना बंद अंतरराष्ट्रीय एटमी ऊर्जा एजेंसी का दावा है, रूस के कब्जे में आए चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र ने काम करना बंद कर दिया। यूक्रेन की सरकारी कंपनी एनेरगोतम ने बताया, पावर ग्रिड ठप होने से बिजली की सप्लाई बंद हो गई। तेल की कीमतें 35% बढ़ीं : • अमेरिका के रूस से तेल आयात पर रोक के बाद कीमतें 35 फीसदी बढ़ गई हैं। • कोका कोला व मैकडॉनल्ड ने भी रूस में अपने उत्पादों की बिक्री रोक दी। • यूरोपीय संघ ने कुछ रूसी सांसदों, अमीरों, समुद्री क्षेत्र और बेलारूस के तीन बैंकों पर प्रतिबंध की घोषणा की। रूस का आरोप : यूक्रेन में जैविक हथियार बनवा रहा अमेरिका • रूस ने अमेरिका पर यूक्रेन में जैविक हथियार बनाने के सनसनीखेज आरोप लगाया है। रूसी अधिकारियों ने बुधवार को कहा, इसमें एंथ्रेक्स और प्लेग जैसे रोगों के घातक रोगाणु विकसित किए जा रहे थे। • रूस ने कहा, अमेरिका यह स्पष्ट करे कि उसने हमारे पड़ोस में सैन्य जैविक हथियार कार्यक्रम क्यों चला रखा था। छह शहरों में दूसरे दिन भी युद्ध विराम • घमासान युद्ध के बीच बुधवार को दूसरे दिन भी छह शहरों में युद्ध विराम के बीच मानव गलियारों से आम नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। यूक्रेन की डिप्टी पीएम आइरिना वेरेसचुक ने बताया, एनेरगोदर-जैपोरिझिया, सुमी से पोलतावा, आईज्यम से लोजोवा, मैरियूपोल से जैपोरिझिया, वोलनोवाखा से पोकरोवस्क, वोरजेल, बोरोद्यांका, इरपिन व होस्तोमेल से कीव के लिए गलियारे खोले गए थे। • गलियारा खुलते ही यूक्रेन के वोरजेल के एक अनाथालय से 55 बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित निकाला गया।
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