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Published / 2022-03-19 15:04:38
यूक्रेन पर हाइपरसोनिक मिसाइल दाग रूस ने तबाह किया अंडरग्राउंड आर्मी बेस

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूसी सैन्य बलों ने यूक्रेन पर हमला बोलने के बाद पहली बार किन्जल हाइपरसोनिक मिसाइल का प्रयोग कर यूक्रेनी सेना के एक ठिकाने को तबाह कर दिया। रूसी रक्षा मंत्री इगोर कोनाशेनकोव ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। कोनाशेनकोव ने कहा कि किन्जल एवियेशन मिसाइल प्रणाली ने 18 मार्च को हाइपरसॉनिक एयरबॉलिस्टिक मिसाइल से इवानो-फ्रैंकिव्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी सेना के मिसाइल और विमानन गोलाबारूद के भूमिगत डिपो को तबाह कर दिया। मिसाइल से ये हमला इवानो फ्रांकिस्क में हुआ है। माना जा रहा है कि टारगेट यूक्रेन के मिसाइल ठिकाने पर किया गया और उसे रूस ने तबाह कर दिया है। रूस ने साफ कर दिया है कि वो वेस्टर्न यूक्रेन में हाइपरसोनिक हथियार का इस्तेमाल कर रहा है। आपको बता दें कि हाइपरसोनिक मिसाइल साउंड की स्पीड से पांच गुना से भी ज्यादा तेज़ स्पीड से चलती हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि रूसी सैन्य बलों ने बैस्टियन मिसाइल प्रणाली के हमले से ओडेसा क्षेत्र में यूक्रेनी सेना के रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक सूचना केंद्रों को भी तबाह कर दिया। कोनाशेकोव ने कहा, बैस्टियन तटीय मिसाइल प्रणाली ने ओडेसा क्षेत्र के वेलिकी डेलनिक और वेलिकोडोलिंस्क बसेरों में यूक्रेनी सेना के रेडियो एवं इलेक्ट्रॉनिक सूचना केंद्रों को तबाह कर दिया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने वीडियो भी जारी किया जिसमें यूक्रेनी सेना के पैमाइश एवं हमला इकाई को नष्ट होते हुए देखा जा सकता है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, वीडियो में यूक्रेनी सेना के पैमाइश और हमला इकाई पर हवाई हमला देखा जा सकता है। हमले के बाद यह समूह नष्ट हो गया। मंत्रालय ने कहा कि यह समूह अमेरिका निर्मित हमवीस सैन्य वाहनों में सफर कर रहा था। वीडियो ड्रोन के जरिये बनाया गया।

Published / 2022-03-19 11:00:55
हॉन्गकॉन्ग में शव रखने की जगह नहीं, 10 लाख संक्रमितों में 97% मामले सिर्फ पांचवीं लहर के

एबीएन सेंट्रल डेस्क। जानलेवा कोरोना वायरस के कारण हॉन्गकॉन्ग में स्थिति भयावह हो गई है। यहां रोजाना 20 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं और 250 से अधिक मौतें हो रही हैं। स्थिति यह हो गई है कि शवों को रेफ्रिजेरेटेड शिपिंग कंटेनरों में रखना पड़ रहा है क्योंकि यहां ताबूत खत्म हो गए हैं या बहुत मुश्किल से मिल रहे हैं। बढ़ते संकट को देखते हुए लोगों को घर में रहने की सलाह दी गई है। डराने वाली बत यह है कि यहां 97 फीसदी केस पांंचवीं लहर में आई है।हॉन्गकॉन्ग की आबादी के औसत से निकाला जाए तो यह माना जा सकता है कि भारत जितनी आबादी होने पर वहां मौजूदा हालात में हर रोज 35 लाख से ज्यादा पॉजिटिव केस आ रहे होते। हॉन्गकॉन्ग में संक्रमितों की कुल संख्या 10 लाख के पार : हॉन्गकॉन्ग के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को संक्रमण के 20,079 नए मामले सामने आए, जिसके बाद शुरू से लेकर अब तक कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 10,16,944 हो गई है। हॉन्गकॉन्ग में कुल संक्रमितों में से 97 फीसदी मामले दिसंबर महीने में शुरू हुई इस लहर में सामने आए हैं। हॉन्गकॉन्ग में नौ फरवरी से अब तक करीब 5200 लोगों की कोविड-19 के कारण मौत हो चुकी है। हॉन्गकॉन्ग में अब तक कोविड-19 के कारण 5,401 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि चीन में महामारी के कारण 4,636 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में ज्यादातर बुजुर्ग मरीज : हॉन्गकॉन्ग में कोरोना से मरने वालों में ज्यादातर बुजुर्ग मरीज थे और ज्यादातर को पूरी तरह से टीका नहीं लगाया गया था। वास्तव में, हॉन्गकॉन्ग ने हाल के सप्ताहों में विश्व स्तर पर प्रति 10 लाख लोगों पर सबसे अधिक मौतें दर्ज की हैं। सिंगापुर की तुलना में 24 गुना अधिक - क्योंकि इसके अधिकांश बुजुर्ग नागरिक या तो आंशिक रूप से या पूरी तरह से असंबद्ध रहते हैं।

Published / 2022-03-19 04:28:02
यूक्रेन के बच्चों की मदद के लिए करोड़ों रुपये दान करेंगे रोजर फेडरर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी ने रोजर फेडरर ने शुक्रवार (18 मार्च) को एक बड़ा एलान किया। वे यूक्रेन में युद्ध से प्रभावित बच्चों की देखभाल और शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अपने फाउंडेशन के माध्यम से 500,000 डॉलर (करीब 3.80 करोड़ रुपये) दान देंगे। रूस और यूक्रेन के बीच 23 दिनों से संघर्ष चल रहा है। करीब 65 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। वहीं, 32 लाख से ज्यादा लोग पहले ही यूक्रेन छोड़ चुके हैं। यूएन रिफ्यूजी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि 24 फरवरी को रूस के आक्रमण शुरू होने के बाद से लगभग 30 लाख शरणार्थी यूक्रेन से भाग गए हैं। यह संख्या देश की आबादी का लगभग 7 फीसदी है। फेडरर ने ट्विटर पर कहा, मैं और मेरा परिवार यूक्रेन से तस्वीरें देखकर भयभीत हैं और उन निर्दोष लोगों के लिए दिल टूट गया है जो इतने बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हम शांति के लिए खड़े हैं। फेडरर ने लिखा, हम यूक्रेन के उन बच्चों को सहायता प्रदान करेंगे जिन्हें देखभाल की आवश्यकता है। लगभग छह मिलियन यूक्रेनी बच्चे वर्तमान में स्कूल से बाहर हैं और हम जानते हैं कि शिक्षा तक पहुंच प्रदान करने के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण समय है। इस बेहद दर्दनाक अनुभव से निपटने के लिए हम उनका समर्थन करना चाहते हैं। रोजर फेडरर फाउंडेशन के माध्यम से हम यूक्रेनी बच्चों के लिए निरंतर स्कूली शिक्षा तक पहुंच स्थापित करने के लिए 500,000 डॉलर दान करेंगे। दुनिया के एक और पूर्व नंबर एक और यूनिसेफ यूके के राजदूत एंडी मरे ने भी एक बड़ा एलान किया था। उन्होंने पिछले हफ्ते कहा था कि वह 2022 में टेनिस टूर्नामेंट से जीती अपनी पुरस्कार राशि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से प्रभावित बच्चों के लिए सहायता प्रयासों के लिए दान करेंगे। 40 वर्षीय फेडरर घुटने की सर्जरी के बाद पिछले साल विंबलडन के बाद से नहीं खेले हैं। 20 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता इस साल ग्रास कोर्ट पर अपनी वापसी करना चाह रहे थे, लेकिन उनके कोच सेवेरिन लूथी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि विंबलडन में वापसी की संभावना नहीं है।

Published / 2022-03-19 03:54:45
ये क्या... यूक्रेन पर हमले को जायज ठहरा रहे पुतिन का प्रसारण ठप

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को मॉस्को के एक खचाखच भरे फुटबॉल स्टेडियम में दिए गए अपने भाषण में यूक्रेन पर हमले को फिर जायज बताया। इस रैली के दौरान हजारों लोगों ने रशिया...रशिया...रशिया के नारे लगाए व रूसी झंडे लहराए। इसके बीच पुतिन ने वादा किया रूस अपनी योजना में कामयाब होगा। पुतिन भाषण दे ही रहे थे कि सरकारी टेलीविजन पर अचानक प्रसारण ठप हो गया। प्रसारण ठप होने को लेकर रूसी राष्ट्रपति के मुख्यालय क्रेमलिन ने कहा कि टीवी नेटवर्क के सर्वर में तकनीकी बाधा आने से भाषण का कवरेज अप्रत्याशित रूप से बाधित हो गया था। यह कार्यक्रम मॉस्को के लुज्निकी स्टेडियम में हुआ था। पुतिन ने अपने भाषण में कहा, हम जानते हैं कि हमें क्या करना है? कैसे करना है? और किस कीमत पर इस लक्ष्य का प्राप्त करना है? हम हमारी सारी योजना को पूरी करेंगे। 69 वर्षीय पुतिन ने इस रैली में यह अहम बात कही। रैली के मंच से वर्ल्ड विदाउट नाजिज्म, फॉर अवर प्रेसीडेंट जैसे नारे लगाए गए। नारों में जेड शब्द का खासतौर से इस्तेमाल : रैली में इस्तेमाल किए गए कई रूसी नारों में जेड शब्द का खासतौर से इस्तेमाल किया गया। यह शब्द रूसी सेना ने यूक्रेन में एक लक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया है। इनमें से एक नारा था जा पुतिना यानी पुतिन के लिए। पुतिन ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे सैनिक जंग लड़ रहे हैं। इसे विशेष सैन्य अभियान नाम दिया गया है। इस अभियान ने रूस की एकता प्रदर्शित की है। प्रसारण ठप हुआ तो क्या हुआ? - पुतिन भाषण दे ही रहे थे कि अचानक सरकारी टेलीविजन पर प्रसारण ठप हो गया। इसके बाद रूसी टेलीविजन पर देशभक्ति के गाने प्रसारित किए गए। हालांकि कुछ देर बाद प्रसारण फिर से चालू हो गया। क्रेमलिन ने इस बारे में सफाई देते हुए कहा कि तकनीकी खराबी के कारण प्रसारण में व्यवधान आया।

Published / 2022-03-18 17:12:18
यूएनएससी : जैविक हथियारों के मुद्दे पर भिड़े अमेरिका-रूस

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन और रूस के बीच लगातार 23वें दिन भी जंग जारी है। दोनों में से कोई देश एक-दूसरे के सामने झुकने के लिए तैयार नहीं है। यूक्रेन ने साफ कहा है कि शांति समझौते के लिए हम ईयू की सदस्यता का अभियान रोकने की शर्त स्वीकार नहीं करेंगे। उधर, संयुक्त राष्ट्र ने बताया है कि यूक्रेन में अब तक कम से कम 816 नागरिकों की जान जा चुकी है। बाइडन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यूक्रेन संकट को लेकर बात की है। वहीं, इस संकट पर यूएनएससी की बैठक में बायोलॉजिकल वेपन के मुद्दे पर अमेरिका और रूस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। पोप फ्रांसिस ने की रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध की निंदा : पोप फ्रांसिस ने रूस-यूक्रेन युद्ध में शक्ति के दुरुपयोग की निंदा की है। उन्होंने यूक्रेनियों की मदद के लिए आह्वान करते हुए कहा कि इन लोगों की पहचान, इतिहास और परंपरा पर हमला हुआ है जिसे वो बचाने की कोशिश कर रहे हैं। यूएनएससी में भारत ने जताई यूक्रेन में हालात पर चिंता : भारत ने यूएनएससी में कहा कि हम बायोलॉजिकल एंड टॉक्सिन वेपन्स कन्वेंशन (बीटीडब्ल्यूसी) को एक प्रमुख वैश्विक और गैर भेदभावपूर्ण निरस्त्रीकरण कन्वेंशन के रूप में बहुत महत्व देते हैं। यह सार्वजनिक विनाश के हथियारों की एक पूरी श्रेणी पर प्रतिबंध लगाता है। भारत ने कहा कि हम यूक्रेन में बिगड़ते हालात को लेकर चिंतित हैं और रूस व यूक्रेन के बीच कूटनीतिक वार्ता के हालिया दौर का स्वागत करते हैं। व्लादिमीर पुतिन ने रूस की एकजुटता को सराहा : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को लुझ्निकी स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करते हुए यूक्रेन में अपने विशेष सैन्य अभियान के दौरान देश की एकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश ने इस तरह की एकता बहुत लंबे समय से नहीं देखी थी। क्रीमिया पर कब्जे की आठवीं वर्षगांठ पर उनके संबोधन का प्रसारण रूस के सरकारी टीवी पर भी हुआ लेकिन अचानक इस प्रसारण को रोक दिया गया।

Published / 2022-03-18 12:37:47
यूरोपीय नेताओं ने कमेटी को पत्र लिख जेलेंस्की के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूरोपीय कई मौजूदा और पूर्व राजनेताओं ने नार्वे नोबेल समिति को 2022 में नोबेल शांति पुरस्कार के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को नामित करने के अनुरोध किया है। साथ ही नामांकन प्रक्रिया को 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। नेताओं ने 11 मार्च को एक बयान में कहा कि हम विनम्रतापूर्वक समिति से इस पर विचार करने का आग्रह करते हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूक्रेन के लोगों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार नामांकन की अनुमति देने के लिए 31 मार्च, 2022 तक नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन प्रक्रिया को बढ़ाने की व्यवस्था की जाय। बयान के अनुसार राजनेताओं ने समिति से नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 2022 नामांकन प्रक्रिया को फिर से खोलने और इस पर पुनर्विचार करने के लिए भी आग्रह किया। इस वर्ष नोबेल पुरस्कार की घोषणा 03 से 10 अक्टूबर के बीच होगी। वर्ष 2022 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 251 व्यक्तियों और 92 संगठनों ने आवेदन किया है।

Published / 2022-03-18 10:07:54
आक्रामक बाइडन ने पुतिन को बताया हत्यारा, तानाशाह और ठग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन यूक्रेन में रूसी हमले से काफी नाराज हो गए हैं। नाराजगी इतनी बढ़ गई कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए तल्ख शब्दों का प्रयोग कर दिया। उन्होंने कहा कि रूसी निरंकुश शासक व्लादिमीर पुतिन एक हत्यारा तानाशाह और एक विशुद्ध ठग है। बता दें कि इससे पहले भी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पुतिन को युद्ध अपराधी करार दिया था। जो बाइडन की ताजा टिप्पणी कैपिटल हिल में सेंट पैट्रिक दिवस पर आयोजित वार्षिक फ्रेंड्स ऑफ आयरलैंड लंच में बोलते हुए आई है। बाइडन ने इस दौरान कहा कि पुतिन एक हत्यारा तानाशाह और एक विशुद्ध ठग है जो यूक्रेन के लोगों के खिलाफ अनैतिक युद्ध छेड़ रहा है। वहीं कुछ दिन पहले आयरलैंड के माइकल मार्टिन के साथ एक मीटिंग में बाइडन ने कहा था कि पुतिन की क्रूरता तथा वह और उनकी सेना यूक्रेन में जो कुछ भी कर रही है, वह सब मानवता के खिलाफ है। जेलेंस्की ने रूसी सैनिकों को किया आगाह, दिलाई 2014 की याद : यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपने संबोधन को समाप्त करते हुए 2014 के युद्ध की तुलना कर रूसी सैनिकों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों ने सोचा था कि वे यूक्रेन जा रहे हैं, जिसे उन्होंने 2014-2015 में पहले देखा था, जिसे उन्होंने भ्रष्ट कर दिया था और जिनसे वे डरते नहीं थे लेकिन अब हम बदल गए हैं। यह बदलाव ही है कि हम बीते 22 दिनों से रूस द्वारा किए जा रहे पूरी तरह से हमले के खिलाफ डटे हुए हैं। यह वह शक्ति है जिसे हमने अपनी रक्षा के लिए कई वर्षों में पूरा किया है। हमारी रणनीति क्या है वह नहीं बता सकते क्योंकि युद्ध अभी जारी है। जेलेंस्की ने यूक्रेन की वार्ता रणनीति को बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा हमारा मानना है कि टेलीविजन, रेडियो या फेसबुक के बजाय चुप रहकर काम करना बेहतर है। पुतिन परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे सकते हैं: पेंटागन- अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने कहा है कि व्लादिमीर पुतिन परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे सकते हैं, क्योंकि युद्ध अभी जारी है। रक्षा खुफिया एजेंसी के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल स्कॉट बेरियर ने विश्वव्यापी खतरों को लेकर अपने नए 67 पेज के लेख के सारांश में कहा कि यूक्रेनी क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर लंबे समय तक कब्जा करने का खतरा मंडरा रहा है। रूसी सेनाओं की संख्या को कम करने और उनके आधुनिक हथियारों के शस्त्रागार को कम किया जा सकता है, जबकि परिणामी आर्थिक प्रतिबंध से रूस को लंबे समय तक आर्थिक अवसाद और राजनयिक अलगाव सहने होंगे।

Published / 2022-03-18 10:04:42
रूस से रियायती दर पर तेल खरीदने के सभी विकल्पों पर विचार करेगा भारत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने रूस से रियायती दर पर तेल खरीदने की संभावना से बृहस्पतिवार को इनकार नहीं किया और कहा कि वह बड़ा तेल आयातक होने की वजह से हमेशा सभी संभावनाओं पर विचार करता है। मीडिया से संवाद के दौरान यह पूछे जाने पर क्या भारत रूस द्वारा सस्ते में कच्चे तेल देने की पेशकश पर विचार कर रहा है विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, भारत अपनी जरूरत का अधिकतर तेल आयात करता है, उसकी जरूरतें आयात से पूरी होती हैं। इसलिए हम वैश्विक बाजार में सभी संभावनाओं का दोहन करते रहते हैं, क्योंकि इस परिस्थिति में हमें अपने तेल की जरूरतों के लिए आयात का सामना कर पड़ रहा है। बागची ने कहा कि रूस, भारत को तेल की आपूर्ति करने वाला प्रमुख आपूर्तिकर्ता नहीं रहा है। उन्होंने कहा, मैं रेखांकित करना चाहता हूं कि कई देश कर रहे हैं, खासतौर पर यूरोप में और इस समय मैं इसे उसपर छोड़ता हूं। उन्होंने कहा, हम प्रमुख तेल आयातक हैं और हम इस मौके पर अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। बागची से जब पूछा गया कि यह खरीदारी रुपये-रूबल समझौते के आधार पर हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस पेशकश की विस्तृत जानकारी नहीं है। यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत सभी पक्षों के संपर्क में : रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों के प्रतिबंध के भारत-रूस कारोबार पर पड़ने वाले असर के अन्य सवाल के जवाब में बागची ने कहा कि भारत इंतजार करेगा। उन्होंने कहा, हम किसी भी एकतरफा प्रतिबंध का उसका हमारे रूस के साथ आर्थिक लेनदेन पर पड़ने वाले असर के आंकलन का इंतजार करेंगे। यूक्रेन पर रूस की सैन्य कार्रवाई के संबंध में भारत के रुख के बारे में पूछे जाने पर बागची ने कहा कि भारत सभी पक्षों के संपर्क में है। भारतीय करेंसी को मजूबती मिलेगी : अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली (स्विफ्ट) तक रूस की पहुंच रुकने से सौदा भारतीय रुपए और रूसी रूबल में करने पर बात हो रही है। भुगतान ऐसे भारतीय बैंकों से हो सकता है जिनकी पश्चिमी देशों में ब्रांच न हो। ऐसा हुआ तो पेट्रो मार्केट में डॉलर का एकाधिकार टूटेगा। चीन भी सऊदी अरब से अपनी मुद्रा युआन में क्रूड खरीदने की बातचीत के अंतिम दौर में है। दरअसल, महंगे क्रूड से दुनियाभर में महंगाई का संकट है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें काबू में रहेंगी : सस्ता क्रूड आता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने का दबाव कम होगा। भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है। इसका महज 2-3% रूस से आता है। इस बीच अमेरिका ने कहा है कि अगर भारत रूस से क्रूड लेता है तो उसे आपत्ति नहीं है, क्योंकि इससे किसी प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं होता।

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