एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में पिछले कई दिनों से कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कई शहरों में लॉकडाउन लगाने के बाद भी मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चीन का शंघाई शहर इस समय कोरोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है। शंघाई चीन का सबसे बड़ा शहर है। शंघाई की आबादी 26 मिलियन से अधिक है और सोमवार से टेस्टिंग के लिए पांच दिनों के लिए चीन अपने पूर्वी आधे हिस्से को बंद कर देगा। लॉकडाउन इसलिए लगाया जा रहा है, क्योंकि शंघाई ने लगातार तीन दिनों में कोरोना के दैनिक नए मामलों का अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया। गुरुवार को 1,609, शुक्रवार को 2,267 और शनिवार को 2,676 नए मामले सामने आए। ब्लूमबर्ग ने बताया कि शंघाई पहले हुआंगपु नदी के पूर्व के क्षेत्रों को बंद कर देगा, जिसमें इसके वित्तीय जिले और औद्योगिक पार्क शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि निवासियों को घर छोड़ने से रोक दिया जाएगा और सार्वजनिक परिवहन और कार-हेलिंग सेवाओं को निलंबित कर दिया जाएगा। निजी कारों को तब तक अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि कोई आपात स्थिति न हो। अधिकारियों ने इस आशंका के बीच पहले शहरव्यापी लॉकडाउन से इनकार किया था कि ये वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है, जिसे वैश्विक शिपिंग हब के रूप में शंघाई की भूमिका दी गई है। हालांकि कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे, लोगों को सार्वजनिक रूप से घूमने के लिए निगेटिव कोविड टेस्ट की आवश्यकता थी। चीन में शुक्रवार को 4,790 और शनिवार को 5,600 नए मामले सामने आए : फाइनेंशियल हब शंघाई ने जिलिन के उत्तर-पूर्वी प्रांत को पछाड़ दिया है, जिसने शनिवार को 2,078 मामले दर्ज किए थे। शंघाई और जिलिन की स्थिति कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आदेश का पालन करने में कठिनाइयों को रेखांकित करती है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि BA.2 सब-वेरिएंट चीन, हांगकांग, यूरोप के कुछ हिस्सों और अमेरिका में अत्यधिक संक्रामक है। चीन में शुक्रवार को 4,790 और शनिवार को 5,600 नए मामले सामने आए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इमरान खान ने पिछले 30 वर्षों में पाकिस्तान में लूट करने वाले पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ एक तीखा हमला करते हुए कहा कि भारत हमसे आगे निकल गया। यहां तक कि बांग्लादेश ने भी हमें पीछे छोड़ दिया, चूंकि दो चोरों ने शासन किया। पाकिस्तान के मामले में विदेशी हाथ होने के सबूत : इस्लामाबाद रैली में लोगों को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि देश जानना चाहता है कि लंदन में वह व्यक्ति किससे (नवाज) मिलता है और लोग यह भी जानना चाहते हैं कि पाकिस्तान में रहने वाले उन राजनेताओं को कौन निर्देश दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पाकिस्तान के मामले में विदेशी हाथ होने के सबूत हैं। हालांकि, उन्होंने इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी। सरकार गिराने के लिए आ रहा विदेश से पैसा : इमरान खान ने कहा कि विदेश से पैसा आ रहा है और हमारे कुछ लोगों का इस्तेमाल हमारी सरकार को गिराने के लिए किया जा रहा है और हम जानते हैं कि इसके पीछे कौन है। उनकी सरकार को इस संबंध में लिखित धमकी मिली है। उन्होंने जनता के सामने एक पत्र भी दिखाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुत सी चीजें हैं, जो सही समय पर देश के सामने प्रकट होंगी। विदेश नीति में बाहर से हेराफेरी की जा रही है : इमरान- इस्लामाबाद में रैली के दौरान इमरान खान ने पाकिस्तान सेना पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमारी विदेश नीति में बाहर से हेराफेरी की जा रही है। विपक्ष की साजिशों की वजह से भुट्टो को दी गई फांसी : इमरान पीएम इमरान खान ने कहा कि पिछले नेताओं की हरकतों के कारण देश को धमकियां मिलती रहीं। उन्होंने कहा, देश में सरकारें हमारे अपने लोगों की मदद से बदली गई हैं। उन्होंने कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने देश के लिए एक स्वतंत्र आर्थिक नीति लाने की कोशिश की, उस समय मौलाना फजलुर रहमान और भगोड़े नवाज शरीफ ने भुट्टो के खिलाफ अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि आज हम जो चीजें देख रहे हैं, वे उस समय भुट्टो के लिए बनाई गई परिस्थितियों की वजह से है और उनकी साजिशों की वजह से भुट्टो को फांसी दी गई थी
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को कसाई करार दिए जाने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के साथ जुबानी जंग बढ़ने की चेतावनी दी है। यूक्रेन युद्ध से भड़क सकती है अशांति; अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन में रूस के युद्ध की वजह से उत्पन्न वैश्विक आर्थिक तनाव मध्य पूर्व और उसके बाहर नागरिक अशांति को भड़का सकता है। यूक्रेन में मारे गए रूस के 16,600 सैनिक : यूक्रेन की समाचार वेबसाइट द कीव इंडिपेंडेंट ने बताया कि 24 फरवरी से युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के 16,600 सैनिक मारे गए हैं। इसने कहा है कि इस युद्ध में यूक्रेन ने रूस के 582 टैंकों को तबाह भी किया है। क्रूज मिसाइलों से ल्वीव को बनाया गया निशाना : रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि रूस ने पश्चिमी यूक्रेन के शहर ल्वीव में उच्च-सटीकता वाली क्रूज मिसाइलों से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। रूस ने एक ईंधन डिपो को निशाना बनाया है। यूक्रेन के विद्रोही क्षेत्र रूस में शामिल होने के लिए कर सकते हैं वोटिंग : यूक्रेन के विद्रोही क्षेत्रों के प्रमुखों ने कहा है कि वे रूस का हिस्सा बनने के लिए वोट कर सकते हैं। इससे यूक्रेन की टेंशन बढ़ सकती है। कब्जे वाले क्षेत्रों को एक अर्ध राज्य इकाई बनाने में जुटा रूस : यूक्रेन के सैन्य खुफिया प्रमुख का कहना है कि रूस कब्जे वाले क्षेत्रों को एक अर्ध राज्य इकाई में एकजुट करने की कोशिश कर रहा है। जेलेंस्की ने रूस को चेतावनी दी : यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने मॉस्को को गुस्से में चेतावनी दी कि वह यूक्रेनी लोगों के भीतर रूस के लिए गहरी घृणा के बीज बो रहा है, क्योंकि तोपों से किए जा रहे हमलों एवं हवाई बमबारी के कारण शहर मलबे में तब्दील हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिकों की मौत हो रही है और अन्य लोग शरणस्थलों की खोज में हैं तथा जीवित रहने के लिए भोजन एवं पानी की तलाश कर रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस ने हमला किया था। इसके बाद से अब तक जंग जारी है। रूस यूक्रेन के कई शहरों को तबाह कर चुका है। जंग के 32वें दिन लवीव और मारियूपोल पर रूसी रॉकेटों से जबरदस्त हमला बोला गया है। ऐसे में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का कहना है कि अब मारियूपोल को रूसी हमलों से बचा पाना संभव नहीं है। इससे पहले रूस का बयान आया था कि उसने यूक्रेन में युद्ध के पहले चरण को पूरा कर लिया है। अब वह दूसरे चरण की ओर आगे बढ़ेंगे। एक साम्राज्य को मिटाने पर अमादा तानाशाह- बाइडन- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ट्वीट कर कहा है कि रूस यूक्रेन को कभी जीत नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि एक तानाशाह एक साम्राज्य को मिटाने पर अमादा है। लेकिन वह आजादी के लिए लोगों की एकजुटता और प्यार को कभी मिटा नहीं पाएगा। बाइडन के बयान पर व्हाइट हाउस की सफाई : अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के पुतिन को कसाई और सत्ता में नहीं रहना चाहिए जैसे बयानों पर व्हाइट हाउस ने सफाई दी है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि बाइडन का आशय रूस में सत्ता परिवर्तन का आह्वान नहीं था। एक लाख शरणार्थियों को आश्रय देगा अमेरिका : रूसी हमले के बाद यूक्रेन छोड़कर भाग रहे लोगों को अमेरिका शरण देने के लिए तैयार हो गया है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका करीब एक लाख यूक्रनियों को आश्रय देने के लिए तैयार हो गया है। इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ट्वीट भी किया है, उन्होंने लिखा कि यूक्रेनी शरणार्थियों की मदद करने के लिए अपनी हम जिम्मेदारी को पूरा करेंगे। यूक्रेनी लोग संयुक्त राज्य पर भरोसा कर सकते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर है कि अविश्वास प्रस्ताव से पहले ही इमरान खान की पार्टी के 50 मंत्री लापता हो गये हैं। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई को बड़ा झटका लगा है। इमरान की कुर्सी खतरे में है। इमरान खान का इस्तीफा देना तय : बता दें कि इमरान खान की सरकार के 25 संघीय, 19 सहायक और 4 राज्य मंत्री लापता हैं। संकट की घड़ी में इमरान के मंत्री मैदान छोड़कर भाग गए हैं। इमरान खान को प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ेगा अब ये लगभग तय होगा। पाकिस्तान की संसद में कब पेश होगा अविश्वास प्रस्ताव : गौरतलब है कि संकट में कई करीबियों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का साथ छोड़ दिया है। 28 मार्च को पाकिस्तान की संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश होगा। 31 मार्च से 4 अप्रैल के बीच अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा। समय से पहले आम चुनाव की तैयारी में इमरान : इमरान खान सरकार के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को पाकिस्तानी संसद में पेश नहीं कर सका। अब ये प्रस्ताव सोमवार को पेश किया जाएगा। इस बीच इमरान सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगर उसे सत्ता से हटने की नौबत आई तो वो समय से पहले आम चुनाव करवा सकती है। यानी विपक्ष को मात देने के लिए इमरान खान चुनाव का दांव चल सकते हैं। वैसे इमरान खान के डर की एक और वजह है। पाकिस्तान में 75 साल के इतिहास में एक भी ऐसा चुना हुआ प्रधानमंत्री नहीं है, जिसने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया हो। अब इमरान खान इस इतिहास की अगली कड़ी साबित हो सकते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू हुए एक महीने हो चुके हैं और युद्ध अनरवत जारी है। हमले में यूक्रेन पूरी तरह से तबाह हो चुका है और उसके लाखों लोग अपना घर छोड़कर दूसरे देशों में भागने को मजबूर हुए हैं। दूसरी ओर जंग को खत्म करने की कोशिशें भी जारी हैं। इटली में रूसी राजदूत, सर्गेई रजोव ने शुक्रवार को कहा कि वह इतालवी समाचार पत्र ला स्टैम्पा पर एक लेख को लेकर मुकदमा करने जा रहे हैं, जिसमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हत्या की संभावना थी। उन्होंने कहा कि कहने की जरूरत नहीं है कि यह पत्रकारिता और नैतिकता के नियमों के खिलाफ है। रूसी कमांडर पर सैनिकों ने किया हमला : रिपोर्ट- पश्चिमी देशों के अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन में लड़ाई के दौरान एक रूसी ब्रिगेड कमांडर पर कथित तौर पर उसके ही सैनिकों ने हमला कर दिया है। यूक्रेन के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि मारियुपोल शहर में एक थिएटर पर रूसी हवाई हमले में लगभग 300 लोग मारे गए थे। रूस के हमलों से बचने के लिए लोग इस थिएटर में शरण लिए हुए थे। टेलीग्राम चैनल पर प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से शहर सरकार ने बताया कि 16 मार्च को थिएटर पर हमले में मृतक संख्या लगभग 300 थी। हालांकि यह तुरंत स्पष्ट नहीं है कि क्या आपातकालीन कर्मचारियों ने मौके का पूरा मुआयना कर लिया था और प्रत्यक्षदर्शियों को मौके के आंकड़े के बारे में कैसे पता चला। हवाई हमले के तुरंत बाद, यूक्रेनी संसद के मानवाधिकार आयुक्त लुडमिला डेनिसोवा ने कहा था कि 1,300 से अधिक लोग इमारत में शरण लिए हुए हैं। खारकीव के बाहरी इलाके में शुक्रवार को कोहरा छाया रहा और सुबह से ही लगातार गोलाबारी हो रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस के खिलाफ नाटो का ये एक्शन दुनिया को जंग के रास्ते पर धकेल रहा है। रूस पहले ही कह चुका है कि वो अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतिंत है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर आज बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में नाटो देशों की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन भी शामिल हुए और मीटिंग के बाद सभी 30 नाटो देशों ने साझा घोषणापत्र जारी करके कहा कि रशियन ब्रूटल वॉर का यूक्रेन ने हीरो की तरह सामना किया है। संगठन ने मांग की है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तत्काल इस युद्ध को रोकें। इस तरह के खतरों से निपटने के लिए नाटो देशों ने अपने रक्षा बजट बढ़ाने का फैसला किया है और कहा है कि आगे का एक्शन प्लान मैड्रिड में होने वाली मीटिंग में तय किया जाएगा। ब्रसेल्स में तीन बैठकें हो रही हैं। नाटो देशों की मीटिंग के अलावा जी-7 देशों की मीटिंग और फिर सबसे आखिर में यूरोपियन काउंसिल देशों की मीटिंग में लिए जाने वाले फैसले पर पूरी दुनिया की नजर है। रूस-यूक्रेन युद्ध का अब दूसरा महीना शुरू हो चुका है और एक महीने की जंग में रूस ने क्या हासिल किया इसको लेकर मॉस्को खामोश है जबकि पश्चिमी मीडिया दावा कर रही हैं कि यूक्रेन पर हमला करके पुतिन फंस चुके हैं और वो ये लड़ाई हार रहे हैं। पुतिन की सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव को चारों ओर से घेरा : पश्चिमी मीडिया के मुताबिक पुतिन की सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव को चारों ओर से घेर रखा है, लेकिन अब यूक्रेन की सेना का पलटवार उनपर भारी पड़ रहा है। यूक्रेन की सेना रूसी सेना को पीछे धकेल रही है और बैटल फील्ड से रूसी तोपों को उड़ाने के वीडियो सामने आ रहे हैं। इतना ही नहीं कीव के बाहर घेरा डालकर बैठी पुतिन की सेना पर मिसाइल से भयानक हमले हो रहे हैं, जिससे पुतिन की सेना के लिए टिके रहना मुश्किल हो रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की ब्रीफिंग के मुताबिक यूक्रेन ने अब रूस की सेना की सप्लाई लाइन काटनी शुरू कर दी है। इस कड़ी में बृहस्पतिवार को जेलेंस्की की सेना को सबसे बड़ी कामयाबी मिली। यूक्रेन ने रूस के सबसे बड़े टैंक कैरियर वॉर शिप को तबाह कर दिया, जो रूसी नेवी के लिए अब का सबसे बड़ा झटका है।।ब्रीफिंग के मुताबिक रूस का जंगी जहाज पोर्ट सिटी बैपेयांस में तैनात था, जिस पर यूक्रेन ने स्टूग्ना मिसाइल से डायरेक्ट हिट किया, जिसके बाद वॉर शिप से आग की लपटें उठती दिखीं। बताया जाता है कि रूस को ये नुकसान अपनी मीडिया की गलती से उठाना पड़ा है। रूसी मीडिया ने वॉर शिप की लोकेशन बता दी थी और मौका पाकर यूक्रेन ने मिसाइल हमला कर दिया। रूस के चालीस हजार सैनिक बैटल फील्ड से हुए बाहर- नाटो: नाटो का अनुमान है कि एक महीने की जंग में रूस के चालीस हजार सैनिक बैटल फील्ड से बाहर हो चुके हैं। ये सैनिक या तो मारे गए हैं, मिसिंग हैं या फिर घायल हैं। नाटो का मानना है कि पुतिन ने जितने सैनिकों को यूक्रेन युद्ध के लिए ऑर्डर दिया था, उसका एक चौथाई हिस्सा वो गंवा चुके हैं। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक जिन इलाकों पर रूस की सेना कब्जा कर चुकी थी, उनपर अब यूक्रेन की सेना वापस कब्जा करने लगी है। खास तौर पर राजधानी कीव से रूस की सेना को 15 से 20 किलोमीटर पीछे हटना पड़ा है और सैटेलाइट तस्वीरों में कीव के बाहर पुतिन की सेना का जो 65 किलोमीटर लंबा काफिला नजर आया था, वो गायब हो चुका है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर कोरिया ने आज गुरुवार को समुद्र की ओर कम से कम एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। बैलिस्टिक मिसाइल को लेकर उत्तर कोरिया के पड़ोसी देशों की सेनाओं का कहना है कि वह जाहिर तौर पर अपनी हथियार प्रणाली की क्षमता बढ़ाना चाहता है और यह सिलसिला उसके सबसे बड़ी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण करने के बाद ही पूरा होगा। हालांकि दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने तत्काल यह नहीं बताया कि प्रक्षेपण किसका किया गया या उसने कितनी दूर तक उड़ान भरी। दूसरी ओर, जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया ने संभवत: बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया है। माना जा रहा है कि यह इस साल उत्तर कोरिया का 12वां प्रक्षेपण था। पिछले रविवार को भी उत्तर कोरिया ने समुद्र में संदिग्ध गोले दागे थे। शस्त्रागार को आधुनिक बनाने में जुटा उत्तर कोरिया : रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया अपने शस्त्रागार को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से कार्रवाई कर रहा है और ठप पड़ी परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता के बीच अमेरिका पर रियायतें देने के लिए इसके जरिए दबाव डालना चाहता है। उत्तर कोरिया ने हाल के हफ्तों में अपने राजधानी क्षेत्र के पास से दो मध्यम-दूरी के परीक्षण किए हैं। अमेरिका तथा दक्षिण कोरियाई सेनाओं ने बाद में बताया था कि इसमें उत्तर कोरिया के सबसे बड़े आईसीबीएम अर्थात अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र (ह्वासोंग-17) के घटक शामिल थे। उत्तर कोरिया ने समुद्र में गोले दागे : पिछले रविवार को उत्तर कोरिया ने समुद्र में गोले दागे। दक्षिण कोरिया की सेना ने इस संबंध में जानकारी दी थी। इससे कुछ दिन पहले उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण भी किया था जो नाकाम साबित हुआ था और जिसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं। वह देश अपने हथियारों के जखीरे को बढ़ाते हुए लंबी दूरी की अपनी बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने की कोशिश कर सकता है।
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