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Published / 2025-11-21 17:39:23
Dubai एयर शो : भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान डेमो फ्लाइट के दौरान क्रैश, पायलट शहीद

  • साल खत्म होते-होते एक और बड़ा हादसा, एयर शो के दौरान भारतीय जेट क्रैश

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुबई से बड़ी खबर सामने आई है। दुबई में चल रहे अंतरराष्ट्रीय एयर शो के दौरान शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया।

भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान डेमो फ्लाइट के दौरान अचानक क्रैश हो गया। यह दुर्घटना अल मकतूम एयरपोर्ट पर दुबई समयानुसार दोपहर 2:10 बजे और भारत में 3:40 बजे हुई। भारतीय वायुसेना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस हादसे में पायलट की मौत हो गई है। 

साथ ही, दुर्घटना की वजह जानने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं। यह टीम जांच करेगी कि हादसा कैसे और क्यों हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेजस विमान हवा में करतब दिखा रहा था तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। कुछ ही सेकंड में विमान तेजी से नीचे आकर गिर पड़ा। 

गिरते ही उसमें आग लग गई और काला धुआं आसमान में फैल गया। हादसे के तुरंत बाद दमकल और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गई। दोपहर की इस फ्लाइट के समय एयर शो देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। हादसा होते ही एयर शो रोक दिया गया और दर्शकों को तुरंत सुरक्षित जगह पर ले जाया गया।

Published / 2025-11-17 20:36:07
नाइजीरिया : बोर्डिंग स्कूल से बंदूकधारियों ने 25 छात्राओं का अपहरण

एबीएन सेंट्रल डेस्क (अबुजा, नाइजीरिया)। नाइजीरिया के एक बोर्डिंग स्कूल पर बंदूकधारियों ने हमला कर 25 छात्राओं का अपहरण कर लिया। पुलिस के मुताबिक नाइजीरिया के केब्बी में इस वारदात को अंजाम दिया गया। 

स्थानीय मीडिया के अनुसार रविवार देर रात एक गर्ल्स बोर्डिंग स्कूल में सशस्त्र डाकुओं ने अत्याधुनिक हथियारों संग धावा बोल वाइस प्रिंसिपल की हत्या कर दी और 25 छात्राओं का अपहरण कर लिया। वैनगार्ड न्यूज आउटलेट ने बताया कि केब्बी राज्य के डैंको/वासागु क्षेत्र के अंतर्गत मागा के माध्यमिक विद्यालय पर हमला किया गया था। 

शेख हसीना ने कोर्ट के फैसले को बताया पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित, बोलीं- उनका उद्देश्य अवामी लीग को बलि का बकरा बनाना है। पुलिस जनसंपर्क अधिकारी नफीउ अबुबकर कोटारकोशी ने सोमवार को एक बयान जारी किया। बताया कि अत्याधुनिक हथियारों से लैस हमलावरों ने सुबह लगभग 4 बजे स्कूल पर धावा बोला और दाखिल होते ही गोलीबारी शुरू कर दी। 

पीपीआरओ ने कहा कि स्कूल में तैनात पुलिस की सामरिक इकाइयों ने उनसे मुठभेड़ की। दुर्भाग्य से, संदिग्ध डाकू पहले ही स्कूल की बाड़ फांदकर घुस आये थे और पच्चीस छात्रों को उनके छात्रावास से अगवा करके किसी अज्ञात स्थान पर ले गये थे।

ट्रंप के किस कदम से भारतीय किसानों को हो सकता है फायदा 

उन्होंने पुष्टि की कि एक कर्मचारी, हसन मकुकू की गोली मारकर हत्या कर दी गयी, जबकि दूसरे कर्मचारी, अली शेहू के दाहिने हाथ में गोली लगी है। अबु बकर ने कहा कि कमांड ने आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर रखने और अपहृत लड़कियों को बचाने के लिए सैन्य कर्मियों के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस सामरिक दस्तों को तुरंत तैनात किया।

उन्होंने आगे कहा कि पुलिस फिलहाल अपहृत छात्राओं को बचाने और संभवत: इस नृशंस कृत्य के दोषियों को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से डाकुओं के रास्तों और आस-पास के जंगलों की तलाशी ले रहे हैं।

Published / 2025-11-12 13:50:11
दुनिया जल्द देखेगी पाकिस्तान का परमाणु सरेंडर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। USA का 50% से ज्यादा परमाणु USA ने पाकिस्तान में भंडारण किया हुआ है। (जहां इंडियन आर्मी की मिसाइल्स हिट कर चुकी थी, सिर्फ एक से दो दिन और मिलते इंडियन आर्मी को, तो पाकिस्तान के साथ USA का परमाणु भंडारण भी स्वाहा होता और नुकसान की तो कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। बस यहीं से जोकर ट्रंप का रोना शुरू हुआ और लाखों नहीं करोड़ों की जान बचाने के लिए मोदीजी को स्ट्राइक रोकनी पड़ी थी। वैसे ऑपरेशन ? सिंदूर अभी जारी है।

सिर्फ चार दिन की लड़ाई,

फिर खुले लंबे लंबे रहस्य..

रहस्य भी ऐसे कि 

सुनकर उड़ गए दुनिया के होश....

ऑपरेशन सिंदूर के बाद जो खुलासे हुए, वो केवल पाकिस्तान की हार की कहानी नहीं थे, ये अमेरिका की छुपी रणनीति और चीन की मिली भगत की भी परतें उधेड़ गए।

अब यह साफ हो चुका है कि पाकिस्तान के पास अपना कोई परमाणु हथियार था ही नहीं। जो परमाणु शक्ति पाकिस्तान दशकों से दिखा रहा था, वो दरअसल अमेरिका की गोपनीय तिजोरी थी, जिसे 1998 में पाकिस्तान में छुपाया गया था।

अमेरिका को ये जगह इसलिए मुफीद लगी, क्योंकि अगर कभी कोई हमला हो, तो नुक़सान एशिया को हो, अमेरिका को नहीं।

भारत जब 11 मई और 13 मई 1998 में परमाणु परीक्षण कर रहा था और अमेरिका प्रतिबंध की धमकियाँ दे रहा था, तभी अमेरिका ने ठीक 14 दिन बाद यानि 15वें दिन 28 मई 1998 को पाकिस्तान से परीक्षण करवाकर दुनिया को भ्रमित किया कि अब पाकिस्तान भी परमाणु शक्ति है। यही नहीं, पाकिस्तान की इस नकली परमाणु छवि से भारत को डराने का खेल शुरू हुआ, जिसमें देश के अंदर बैठे अमेरिकी भक्त भी पाकिस्तान की ताकत का डर दिखाते रहे।

लेकिन युग बदला और सत्ता पहुँची उस नेता के हाथ में जो डरता नहीं, जवाब देता है। मोदी सरकार ने पहले भारत को आत्मनिर्भर बनाया, अमेरिका को मित्रता में बाँधा और पाकिस्तान को धैर्य से देखा।

लेकिन जब पहलगाम में हिन्दुओं का रक्त बहाया गया, तो भारत सरकार ने वही किया जिसका किसी ने अनुमान भी नहीं लगाया था—सीधा आक्रमण।

भारतीय सेना ने मिसाइलों से पाकिस्तान की नींव हिला दी, और जब हमारी मारक क्षमता उन परमाणु ठिकानों तक पहुंची जो अब तक अदृश्य माने जा रहे थे,

तब अमेरिका की नींद टूटी....

उसे डर सता गया कि अगर भारत ने हमला जारी रखा, तो उसके खुद के हथियार खाक हो जाएंगे। और वो कभी दुनिया के सामने अपना चेहरा नहीं दिखा पाएगा।

अब अमेरिका न बोल सकता था, न रोक सकता था। वो चुपचाप भारत को दोस्ती का वास्ता देने लगा। मोदी जी ने वक्त की नजाकत समझी, चार दिन में दुश्मन को धूल चटाई, और शर्तों के साथ युद्ध विराम किया। पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने नंगा कर दिया और अमेरिका को चुपचाप अपना जखीरा समेटने पर मजबूर कर दिया।

आज अमेरिका पाकिस्तान से परमाणु हथियार हटाने की कवायद में लगा है। मोदी जी ने ट्रंप को खुद उसका काम याद दिला दिया है।

अब अमेरिका झुका हुआ है, चीन चुप है,
और पाकिस्तान हिल चुका है। सूत्रों से पता चला है कि अमेरिका पाकिस्तान से अपने परमाणु हथियार उठाने जा रहा है। और अपनी साख बचाने के लिए इसे नाम देगा पाकिस्तान का परमाणु सरेंडर...

अब सबको पता है कि पाकिस्तान के पास न्युक्लियर पॉवर था ही नहीं, तो सरेंडर क्या करेगा? अमेरिका का है उठा ले जाओ।

और ये जो पाकिस्तान को IMF द्वारा बेरोकटोक बेलआउट पैकेज/ ऋण दिया जा रहा था, दरअसल वो ऋण नहीं अमेरिकी परमाणु हथियारों को पाकिस्तान में रखने का किराया था।

चार दिन की इस लड़ाई ने भारत को नया दर्जा दिया है। अब भारत सिर्फ एक देश नहीं, परिणाम देने वाली विश्व शक्ति है।

इस कहानी में सबसे बड़ी सीख ये है—

जब नेतृत्व मज़बूत हो, तो दुनिया झुकती है।

जय भारत जय भारती????????

Published / 2025-11-08 11:01:29
ट्रंप की नजर में फिर ग्रेटमैन बने पीएम मोदी

  • प्रेसिडेंट ट्रंप अगले साल आ सकते हैं भारत, PM मोदी को बताया ग्रेट मैन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के साथ वार्ता पर ट्रंप ने कहा कि बहुत अच्छी बातचीत चल रही है। भारत ने रूस से तेल खरीदना काफी हद तक बंद कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत के साथ बातचीत अच्छी चल रही है और वह अगले वर्ष भारत की यात्रा कर सकते हैं। 

अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी बातचीत और भारत के साथ व्यापार वार्ता कैसी चल रही है, तो उन्होंने कहा, बहुत बढ़िया, अच्छी चल रही है। उन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी ने) रूस से तेल खरीदना काफी हद तक बंद कर दिया है।

ट्रंप ने कहा, वह (प्रधानमंत्री मोदी) मेरे दोस्त हैं, हम बात करते रहते हैं… वह चाहते हैं कि मैं वहां आऊं। हम इस पर विचार कर रहे हैं। मैं जाऊंगा। मैंने वहां प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक शानदार यात्रा की थी। वह एक महान व्यक्ति हैं। मैं फिर जाऊंगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अगले साल भारत की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया, हां, हो सकता है।

Quad शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा भारत

भारत अगले वर्ष क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के नेता भाग लेंगे। इससे पहले 2024 का शिखर सम्मेलन विलमिंगटन (डेलावेयर) में आयोजित हुआ था। बहरहाल, भारत में होने वाले सम्मेलन की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है।

भारत-पाक युद्ध रुकवाने का ​फिर लिया क्रेडिट

पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए युद्ध को व्यापार के जरिये रुकवाया था। उन्होंने कहा, मैंने आठ युद्ध खत्म कराए जिनमें से पांच या छह तो शुल्क (टैरिफ) के जरिए खत्म कराए। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। 

अगर आप भारत और पाकिस्तान को देखें तो उन्होंने लड़ाई शुरू कर दी थी। वे दोनों परमाणु संपन्न देश हैं… वे एक-दूसरे पर गोलीबारी कर रहे थे। आठ विमान गिरा दिए गए थे। पहले सात थे। अब आठ हैं क्योंकि एक विमान जो मार गिराया गया था, उसे अब त्याग दिया गया है। आठ विमान गिराए गए।

ट्रंप ने कहा, और मैंने कहा, सुनो, अगर तुम लोग लड़ते रहोगे तो मैं तुम पर शुल्क लगा दूंगा। वे दोनों खुश नहीं थे लेकिन 24 घंटे के भीतर मैंने वह युद्ध सुलझा दिया। अगर मेरे पास शुल्क (टैरिफ) न होता तो मैं वह युद्ध नहीं रोक पाता। राष्ट्रपति ट्रंप ने शुल्क को राष्ट्रीय रक्षा का एक बड़ा माध्यम भी बताया।

Published / 2025-11-02 16:15:47
मेक्सिको : सुपरमार्केट में धमाके के बाद अगलगी से 23 लोगों की मौत

11 अन्य घायल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मेक्सिको के उत्तर-पश्चिमी राज्य सोनारा की राजधानी हर्मोसिल्लो में एक स्टोर में भीषण आग और विस्फोट की घटना हुई, जिसमें कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं, जबकि 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 

यह हादसा शहर के डाउनटाउन इलाके में स्थित वाल्डोज स्टोर में हुआ। सोनारा के गवर्नर अल्फोंसो दुराजो ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए एक वीडियो में इस घटना की पुष्टि की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जतायी।

घायलों का इलाज जारी

राज्य के अटॉर्नी जनरल गुस्तावो सालास चावेज ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि मौतें विषाक्त गैसों के सांस द्वारा सेवन के कारण हुई हैं। उन्होंने कहा फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है जिससे लगे कि आग जानबूझकर लगाई गई थी।

हालांकि किसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। घटना के बाद 12 घायलों को हर्मोसिल्लो के छह अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।

Published / 2025-10-30 21:21:32
ट्रंप की टैरिफ धमकी के आगे झुका चीन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बैठक के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ये अमेरिका-चीन रिश्तों में एक नई और शानदार शुरूआत है। हमने कई मुद्दों पर सहमति पाई है और यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद रहेगा। महीनों से चल रही अमेरिका-चीन की टैरिफ जंग आखिरकार खत्म होने की दिशा में बढ़ती दिख रही है। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी टैरिफ चेतावनियों के बाद चीन झुक गया है। दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में करीब छह साल बाद ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने बैठे और करीब दो घंटे की बैठक के बाद दोनों देशों ने कई अहम मुद्दों पर सहमति बनाई। 

बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शी जिनपिंग के साथ शानदार बातचीत की और अब अमेरिका चीन पर लगाए गए टैरिफ को 57% से घटाकर 47% करेगा। इसके बदले में चीन ने अवैध फेंटानिल ड्रग्स पर कार्रवाई, अमेरिकी सोयाबीन की खरीद फिर से शुरू करने और रेयर अर्थ मिनरल्स के निर्यात पर लगा प्रतिबंध हटाने पर हामी भर दी है। 

चीन झुका, अमेरिका को तीन मोर्चों पर फायदा 

इस समझौते से अमेरिका को तीन बड़ी जीत मिली है। इससे  अमेरिका का बड़ा फायदा होगा-  

  1. पहला फायदा - टैरिफ घटने से चीन से आने वाले इंडस्ट्रियल और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स सस्ते होंगे, जिससे अमेरिकी कंपनियों की उत्पादन लागत घटेगी और महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। 
  2. दूसरा फायदा - चीन ने अमेरिकी सोयाबीन की खरीद दोबारा शुरू करने का वादा किया है। इससे अमेरिकी किसानों को अरबों डॉलर का बाजार वापस मिलेगा। 
  3. तीसरा फायदा - चीन ने रेयर अर्थ मिनरल्स के निर्यात पर लगे बैन को हटाने पर सहमति दी है, जिससे अमेरिकी रक्षा उद्योग को बड़ी राहत मिलेगी। 
    अमेरिकी किसानों के लिए खुशखबरी 

अमेरिका और चीन की ट्रेड वार शुरू होने से पहले चीन अमेरिकी सोयाबीन का सबसे बड़ा खरीदार था। साल 2025 में अमेरिका ने कुल 24.5 अरब डॉलर का सोयाबीन निर्यात किया था, जिसमें से 12.5 अरब डॉलर का खरीदार सिर्फ चीन था, लेकिन टैरिफ बढ़ने के बाद चीन ने अमेरिकी सोयाबीन खरीदना बंद कर दिया था। अब इस नई डील के बाद अमेरिकी किसानों को दोबारा बड़ा बाजार मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और एग्रीकल्चर सेक्टर का घाटा कम होगा।

रेयर अर्थ पर सहमति - अमेरिका के लिए रणनीतिक जीत 

ट्रंप की सबसे बड़ी जीत चीन द्वारा रेयर अर्थ मिनरल्स पर लगाये गये प्रतिबंध हटाने पर सहमति देना मानी जा रही है। दरअसल, इन 17 खास धातुओं का इस्तेमाल स्मार्टफोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी, रडार सिस्टम, मिसाइल और जेट इंजन तक में होता है। चीन दुनिया में इन मिनरल्स का लगभग 60% उत्पादन और 90% प्रोसेसिंग करता है। इस पर बैन हटने से अब अमेरिकी रक्षा उद्योग को एफ-35 जेट, मिसाइल गाइडेंस सिस्टम और ड्रोन जैसे उपकरणों के लिए जरूरी सामग्री की कमी नहीं होगी। 

बैठक के बाद ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ये अमेरिका-चीन रिश्तों में एक नयी और शानदार शुरुआत है। हमने कई मुद्दों पर सहमति पायी है और यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद रहेगा।

Published / 2025-10-21 21:12:56
धीरे धीरे ही सही, वीजा मामले में पटरी पर लौट रहे ट्रंप

  • अमेरिका से भारतीयों के लिए खुशखबरी 
  • ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा को लेकर जारी की नई गाइडलाइन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में H-1B वीजा धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा हाल ही में घोषित $1,00,000 (लगभग 88 लाख रुपये) वीजा शुल्क ऐसे आवेदकों पर लागू नहीं होगा, जो अपने स्टेटस में बदलाव करना चाहते हैं या अपनी अमेरिका में प्रवास अवधि बढ़वाना चाहते हैं। यह कदम विशेष रूप से भारतीय पेशेवरों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि H-1B वीजा के आवेदकों में भारत से आने वाले सबसे अधिक हैं।

क्या है नया दिशा निर्देश 

USCIS ने कहा कि ट्रंप के 19 सितंबर के आदेश के तहत बढ़ाई गई H-1B फीस पहले से जारी और वर्तमान में मान्य वीजा या 21 सितंबर, 2025 को रात 12:01 बजे से पहले जमा किए गए आवेदन पर लागू नहीं होगी। मौजूदा H-1B वीजा धारकों के अमेरिका में आने-जाने पर कोई रोक नहीं है। वहीं, नए नियम केवल नए आवेदनों पर प्रभाव डालेंगे।

क्यों बढ़ाई गई थी फीस

डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा फीस बढ़ाने का दावा करते हुए कहा था कि इसका उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों को नौकरियों में प्राथमिकता देना है। हालांकि, अमेरिका की बड़ी कंपनियों और यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस निर्णय के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। उनका कहना था कि बढ़ी हुई फीस से अमेरिकी कंपनियों को नुकसान होगा और विदेशी पेशेवरों पर अनावश्यक दबाव पड़ेगा। 

भारतीय पेशेवरों के लिए खास महत्व

बीते साल, 2024 में कुल स्वीकृत H-1B वीजाधारकों में लगभग 70 प्रतिशत भारतीय थे। इस निर्णय से उन्हें राहत मिली है क्योंकि उनकी लंबित H-1B आवेदनों की संख्या सबसे अधिक है। USCIS ने साफ किया कि स्टेटस बदलाव या प्रवास अवधि बढ़ाने वाले आवेदनकों को अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा, जिससे हजारों भारतीय पेशेवरों को राहत मिल सकेगी।

Published / 2025-10-18 22:09:48
ढाका में हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगी भीषण आग

  • ढाका में हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगी भीषण आग, सभी उड़ानें हुईं रद्द

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मौजूद हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे में शनिवार दोपहर भीषण आग लग गई, जिसके बाद वहां से सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट पर आग लगने की घटना दोपहर लगभग 2:15 बजे कार्गो टर्मिनल में हुई।

दमकल, वायुसेना समेत एजेंसियां आग बुझाने में जुटी

मामले में बिमान बांग्लादेश एयरलाइन्स के प्रवक्ता कौसर महमूद ने बताया कि आग लगते ही हवाई अड्डे की दमकल टीम, वायुसेना की फायर यूनिट और अन्य एजेंसियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और मिलकर आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया।

आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी
फिलहाल आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं और सभी उड़ानों का संचालन रोका गया है। अब तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।

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