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Published / 2022-09-10 11:19:38
प्रिंस चार्ल्स आज बनेंगे "ब्रिटेन के किंग"

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चार्ल्स तृतीय को आज यानी शनिवार को सेंट जेम्स पैलेस में एक ऐतिहासिक समारोह में आधिकारिक रूप से ब्रिटेन का किंग घोषित किया जायेगा। यह नए सम्राट के राज्याभिषेक की सार्वजनिक घोषणा है। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के सबसे बड़े बेटे 73 वर्षीय चार्ल्स अपनी मां के निधन के बाद स्वाभाविक रूप से सम्राट बन गए हैं और महारानी के निधन के 24 घंटों के भीतर पारंपरिक रूप से राज्याभिषेक संबंधी एक परिषद की बैठक बुलाई जाती है, लेकिन महारानी के निधन की घोषणा में विलंब होने की वजह से इस समारोह को शुक्रवार को आयोजित करने के लिए वक्त नहीं मिला। किंग चार्ल्स तृतीय की नई उपाधि की सार्वजनिक घोषणा करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। दिवंगत महारानी के निधन से शोक में झुके ध्वज नये सम्राट के राज्याभिषेक की घोषणा के बाद पूरी तरह फहराए जायेंगे। इस कार्यक्रम का पहली बार टेलीविजन का प्रसारण किया जायेगा। राज्याभिषेक संबंधी परिषद में कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री, न्यायाधीश और चर्च ऑफ इंग्लैंड से लोग शामिल होते हैं। परिषद में सम्राट चार्ल्स महारानी के निधन की निजी तौर पर घोषणा करेंगे और चर्च ऑफ स्कॉटलैंड की रक्षा की शपथ लेंगे। भारतीय समय के मुताबिक, चार्ल्स 2 बजे शपथ ग्रहण करेंगे। इस समारोह में चार्ल्स की पत्नी कैमिला शामिल होंगी, जो अब क्वीन कंसोर्ट बन गई हैं। सम्राट के बेटे विलियम भी इसमें शामिल होंगे, जिन्हें अब प्रिंस ऑफ वेल्स की उपाधि मिल गई है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। बाइडेन ने शुक्रवार को कहा, हां, मुझे (कार्यक्रम की) विस्तार से जानकारी नहीं है, लेकिन मैं जाऊंगा। उनसे सवाल किया गया था कि क्या वह महारानी के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं। बाइडेन ने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि उन्होंने महाराजा चार्ल्स किंग्स तृतीय से अभी तक बात नहीं की है। उन्होंने कहा, मैं उन्हें जानता हूं। मैंने अभी उनसे बात नहीं की है। ब्रिटेन के बैंक नोट और सिक्कों पर दशकों से महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की तस्वीर लगी है। उनका चित्र दुनियाभर में दर्जनों अन्य देशों की मुद्राओं पर भी है जो कि ब्रिटिश साम्राज्य के औपनिवेशिक प्रभाव का द्योतक है। महारानी के निधन के बाद ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और अन्य देशों को अपनी मुद्रा में परिवर्तन करने में वक्त लगेगा, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि एलिजाबेथ के चित्र वाले नोट और सिक्के नहीं चलेंगे। मुद्रा पर अब महारानी की जगह राजा चार्ल्स तृतीय की तस्वीर होगी, मगर यह तत्काल संभव नहीं। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने कहा, वर्तमान में महारानी के चित्र वाली मुद्रा कानूनी तौर पर मान्य रहेगी। आधिकारिक तौर पर 10 दिवसीय राष्ट्रीय शोक के बाद ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक मुद्रा के संबंध में घोषणा करेगी।

Published / 2022-09-08 06:06:42
रूस के फिल्ट्रेशन ऑपरेशन में हजारों यूक्रनी बने बंधक, अमेरिका परेशान...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस-यूक्रेन युद्ध को 6 महीने से ज्यादा हो रहे हैं और ऐसे में कई नए-नए खुलासे हुए हैं। अब रूस ने फिल्ट्रेशन ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अमेरिका ने कहा है कि रूस पूर्वी यूक्रेन और पश्चिमी रूस में निस्पंदन केंद्रों का इस्तेमाल यूक्रनियों को हिरासत में लेने, पूछताछ करने और हजारों यूक्रेनियनों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने अपने दैनिक समाचार ब्रीफिंग के दौरान मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका जानता है कि क्रेमलिन निस्पंदन कार्यों को यूक्रेन के क्षेत्रों को अपने नियंत्रण में करने के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण मानता है और वह ऐसा कर भी रहा है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत थॉमस-ग्रीनफील्ड ने मांग की कि रूस अपने निस्पंदन कार्यों को तुरंत रोक दे और संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र पर्यवेक्षकों और मानवाधिकार संगठनों को इन निस्पंदन स्थलों तक और उन लोगों तक पहुंचने की अनुमति दें, जिन्हे रूस में भेज दिया गया है। विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने संवाददाताओं से कहा कि निस्पंदन एक अमानवीय शब्द है जो क्रेमलिन द्वारा उन यूक्रेनी नागरिकों को कैद करने, उन्हें गायब करने के लिए शुरू किए गए एक बड़े अभियान को बयां करता है। यह मॉस्को ने तय किया है कि यूक्रेन पर नियंत्रण पाने के लिए यह उनके सफल अभियानों में से हो सकता है। उन्होंने कहा कि रूस ने जानकारी एकत्र करने के लिए जिस रणनीति का इस्तेमाल किया है, वह आक्रामक है। मजबूर लोगों के लिए यह भय और दुख पैदा करता है।

Published / 2022-09-07 15:45:13
पाकिस्तान : भय, भूख, बीमारी और जहर के खतरे के बीचे जी रही महिलाएं और बच्चे

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान में आई खतरनाक बाढ़ ने सबकुछ तबाह कर दिया है। इस बाढ़ से महिलाओं और बच्चों की जिंदगी बेहाल हो गई है, तो स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ने हालत दयनीय बना दी है। सीएनएन ने लिखा है कि पाकिस्तान की स्वास्थ्य संस्थाओं में से 10 प्रतिशत इस बाढ़ में तबाह हो गई हैं। ऐसे में 12 लाख के करीब गर्भवती महिलाओं की जिंदगी दांव पर है, जिसमें हजारों तो ऐसी हैं कि जिन्हें बाढ़ के चलते विस्थापित होना पड़ा है। इन्हीं महिलाओं में से एक शुमैला सोलंगी अपने बच्चे को अस्पताल से सिर्फ इसलिए घर लेकर आ गईं क्योंकि उनके पास अस्पताल का खर्च देने को पैसे नहीं थे। शुमैला और उनके 5 बच्चों के पास खाने को भी कुछ नहीं है। शुमैला के परिवार को सिर्फ भूख की ही चिंता नहीं है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का भी डर है, जिनसे संक्रमित होने का खतरा काफी बढ़ गया है तो जहरीले सांप भी डर की एक बड़ी वजह हैं, जिन्हें शुमैला की तरह ही ऊंचे स्थानों की तलाश है, ताकि जिंदा रह सकें। शुमैला के पति दिहाड़ी मजदूर हैं और उनकी स्थिति काम करने लायक नहीं है। शुमैला का कहना है कि जिन लोगों के पास भी संसाधन थे, उन्होंने बाढ़ के बाद गांव छोड़ दिया। लेकिन शुमैला की तरह हजारों लोग कहीं जा नहीं सकते। शुमैला कहती हैं कि सब पैसे की बात है। हम असहाय लोग हैं। बीमार हैं। ये तीसरा महीना है, जिसमें मैं बुखार से पीड़ित हूं और गले का संक्रमण भी हैं। हमारे पास दवाई खरीदने के भी पैसे नहीं हैं हऌड की स्थानीय अधिकारी डॉ पालिथा गुनारत्ना महिपाला ने कहा कि बाढ़ का पानी अब पाकिस्तान के दक्षिणी हिस्से की ओर बढ़ गया है। ऐसे में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि स्थिति और भी खराब हो सकता है। हऌड का अनुमान है कि पाकिस्तान में बाढ़ से अब तक 6 लाख 34 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। लेकिन ये आंकड़ा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि कुछ इलाकों में अभी भी जा पाना संभव नहीं है। जलवायु परिवर्तन का पाकिस्तान पर बहुत ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। महीनों की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बाद भीषण बाढ़ ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है।

Published / 2022-09-06 10:35:34
खत्म होने के कगार पर रूस के हथियार भंडार, उत्तर कोरिया से खरीदेगा रॉकेट्स और तोप के गोले

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूक्रेन में पिछले 6 महीने से चल रहे युद्ध की वजह से अब रूसी हथियार भंडार खत्म होने के कगार पर पहुंच रहे हैं, लिहाजा अब रूस ने अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन उत्तर कोरिया से कई खतरनाक हथियार खरीदने का फैसला किया है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी रक्षा मंत्रालय यूक्रेन में चल रही लड़ाई के बीच उत्तर कोरिया से लाखों रॉकेट और तोपखाने के गोले खरीदने की प्रक्रिया में है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूक्रेन में पिछले 6 महीने से चल रहे युद्ध की वजह से अब रूसी हथियार भंडार खत्म होने के कगार पर पहुंच रहे हैं, लिहाजा अब रूस ने अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन उत्तर कोरिया से कई खतरनाक हथियार खरीदने का फैसला किया है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी रक्षा मंत्रालय यूक्रेन में चल रही लड़ाई के बीच उत्तर कोरिया से लाखों रॉकेट और तोपखाने के गोले खरीदने की प्रक्रिया में है। व्हाइट हाउस ने पिछले हफ्ते कहा था कि यूक्रेन के साथ युद्ध में इस्तेमाल के लिए अगस्त में तेहरान से हासिल किये गये ईरानी-निर्मित ड्रोन के साथ रूस को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। रूस ने पिछले महीने ईरान निर्मित मोहजेर-6 और शहीद सीरिज के मानव रहित ड्रोन हथियारों की खरीददारी की थी, जिसको लेकर बाइडेन प्रशासन का मानना है कि यूक्रेन में उपयोग के लिए सैकड़ों ईरानी यूएवी हासिल करने की रूसी योजना का हिस्सा है। आपको बता दें कि, पिछले महीने उत्तर कोरिया ने कहा था, कि रूस ने उसे दोस्ती को मजबूत बनाने का ऑफर दिया है, जिसमें सैन्य संबंध स्थापित करने की भी बात कही गई है और रूस पहले भी कई बार उत्तर कोरिया का समर्थन कर चुका है और यूनाइटेड नेशंस में उसका बचाव कर चुका है। वहीं, उत्तर कोरिया ने भी यूक्रेन युद्ध के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया था और रूसी आक्रमण को लेकर अमेरिका की निंदा की थी। वहीं, रिपोर्ट ये भी है कि उत्तर कोरिया ने रूस में श्रमिक कार्यों के लिए अपने लोगों को भेजने को लेकर भी रूचि दिखाई थी। पिछले महीने उत्तर कोरियाई न्यूज एजेंसी केसीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने किम जोंग उन को जो चिट्ठी लिखी थी, जिसमें कहा गया था कि अगर रूस और उत्तर कोरिया के बीच संबंधों का विस्तार होता है, तो ये दोनों देशों के लिए हितकारी होगा और कोरियाई प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर एशियाई क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। केसीएनएन के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति के पत्र के जवाब में किम जोंग उन ने भी पुतिन को एक पत्र भेजा था, जिसमें कहा गया है कि द्वितीय विश्व युद्ध में जापान पर जीत के साथ रूसी-उत्तर कोरियाई दोस्ती फर्जी थी, जिसने कोरियाई प्रायद्वीप पर कब्जा कर लिया गया था। लेकिन अब किम जोंग ने पत्र में कहा है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक और सामरिक सहयोग, समर्थन और एकजुटता एक नए स्तर पर पहुंच गई है, जो शत्रुतापूर्ण सैन्य बलों से खतरों और उकसावे को नाकाम करने के उनके सामान्य प्रयास हैं। हालांकि, केसीएनए ने शत्रुतापूर्ण ताकतों के नाम नहीं बताये थे, लेकिन उत्तर कोरिया अमेरिका के लिए ही ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करता है।

Published / 2022-09-06 10:30:51
दक्षिण कोरिया : हिनामनोर चक्रवात से 14 लोगों की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिण कोरिया के दक्षिणी क्षेत्र में मंगलवार को आए भीषण चक्रवात के कारण तीन फुट बारिश हुई, सड़कें नष्ट हो गईं और बिजली के तार क्षतिग्रस्त होने से 66 हजार घरों की बिजली चली चली गई। इसके साथ ही चक्रवात हिनामनोर से बचने के लिए हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। चक्रवात के कारण 133 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और जेजु द्वीप पार भारी तबाही हुई। इसके बाद चक्रवात उत्तर पूर्व की ओर बढ़ गया जिसके चलते आने वाले दिनों में पूर्वी चीन में इसका असर देखने को मिलेगा। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने बाढ़, भूस्खलन और ऊंची समुद्री लहरें उठने की चेतावनी जारी की है। चक्रवात के कारण अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री हान दुक सू ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हिनामनोर जैसा तूफान इतिहास में कभी नहीं आया। फोहांग में पोस्को द्वारा संचालित विशाल इस्पात संयंत्र में आग लगने की खबर है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह आग चक्रवात के कारण लगी।

Published / 2022-09-06 02:09:59
यूरोप को झटका : प्रतिबंध हटने तक मुख्य गैस पाइपलाइन की सप्लाई रूस ने रोकी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस ने यूक्रेन-रूस युद्ध के 189 दिन बाद यूरोपीय देशों को बड़ा झटका देते हुए नॉर्ड स्ट्रीम-1 पाइपलाइन के जरिए की जा रही गैस आपूर्ति को पूरी तरह रोक दिया। रूस की सरकारी ऊर्जा कंपनी गजप्रोम ने कहा कि नॉर्ड स्ट्रीम-1 पाइपलाइन अगले तीन दिनों तक बंद रहेगी। क्रेमलिन ने कहा है कि नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन के माध्यम से यूरोप को रूस की गैस आपूर्ति तब तक पूरी तरह से फिर से शुरू नहीं होगी जब तक कि सामूहिक पश्चिम मास्को पर लगे प्रतिबंध नहीं हटाता। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने प्रमुख पाइपलाइन के माध्यम से रूस की विफलता के लिए यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और कनाडा के प्रतिबंधों को दोषी ठहराया, जो बाल्टिक सागर के माध्यम से सेंट पीटर्सबर्ग से जर्मनी को गैस पहुंचाता है। पेसकोव ने इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के हवाले से कहा, पश्चिमी देशों द्वारा हमारे देश और कई कंपनियों के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों के कारण गैस पंप करने में समस्या आई। पेसकोव की टिप्पणी क्रेमलिन द्वारा अभी तक की सबसे मजबूत मांग है कि यूरोपीय संघ रूस के महाद्वीप में गैस वितरण फिर से शुरू करने के बदले अपने प्रतिबंधों को वापस ले। बता दें कि रूस ने पहले ही पाइपलाइन के माध्यम से यूरोपीय देशों को की जाने वाली गैस आपूर्ति को काफी हद तक कम कर दिया है। नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन सेंट पीटर्सबर्ग के पास रूसी तट से उत्तर-पूर्वी जर्मनी तक बाल्टिक सागर के नीचे 1200 किमी तक फैली हुई है। यह 2011 में शुरु की गयी थी और इस पाइपलाइन के जरिए रूस से जर्मनी को प्रतिदिन अधिकतम 17 करोड़ घन मीटर गैस भेजी जाती है। रूस के मुताबिक, जुलाई में पाइपलाइन को मुरम्मत के लिए दस दिनों के लिए बंद किया गया था। रूस ने आपूर्ति बंद करने के पीछे उपकरणों में आई खराबी का हवाला दिया है। हाल में केवल 20 प्रतिशत क्षमता के साथ पाइपलाइन का संचालन किया जा रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि सोमवार को यूरोप के 19 देशों की कॉमन करेंसी यूरो 0.7 फीसदी गिरकर 98.80 यूएस सेंट्स के भाव पर फिसल गई जो वर्ष 2002 के बाद से सबसे कम है। यह यूरो का डॉलर के मुकाबले 20 साल का सबसे न्यूनतम स्तर है। वहीं यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी 3.3 फीसदी लुढ़क गया। रूस द्वारा यूरोप को सप्लाई करने वाली प्रमुख गैस पाइपलाइन को बंद करनेके चलते यूरोपीय कारोबारियों और निवासियों के लिए ठंडी का मौसम लंबा खिंचने वाला है।

Published / 2022-09-05 18:24:35
ब्रितानी जनता में गुस्सा : कंज़र्वेटिव पार्टी में विभाजन- बहुत कठिन है डगर लिज़ ट्रस की

एबीएन सेंट्रल डेस्क। लिज़ ट्रस ब्रिटेन की नई प्रधान मंत्री चुन ली गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के चुनाव में भारतीय मूल के ऋषि सुनाक को 47 के मुक़ाबले 53 फीसदी वोटों से हराया। ट्रस की जीत उतनी धमाकेदार नहीं रही, जैसी सारे ब्रिटेन में मानी जा रही थी। इसे सुनाक के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जायेगा क्योंकि वे ब्रिटेन के नागरिक तो हैं, लेकिन उनका मूल भारतीय है। ब्रितानी राजनीतिज्ञों और विश्लेषकों का एक तबका प्रधानमंत्री के पद के लिए सुनाक को ट्रस से ज़्यादा बेहतर मान रहा था। ट्रस की जीत का मामूली 6 फीसदी का अंतर इस बात की तस्दीक करता है कि भारतीय हिन्दू मूल का एक राजनीतिज्ञ प्रधानमंत्री पद की दौड़ में इतनी आगे तक गया, क्योंकि कंज़र्वेटिव पार्टी को अत्यंत रूढ़िवादी माना जाता है। समर्थकों को लिज ट्रस से उम्मीदें एक बात और ट्रस की जीत का छोटा अंतर साफ करता है कि सत्ताधारी कंज़र्वेटिव पार्टी में देश के नेतृत्व को लेकर गंभीर विभाजन है। पिछले प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में सुनाक वित्त मंत्री थे और ट्रस विदेश मंत्री। इस वक़्त ब्रिटेन में एनर्जी यानी ऊर्जा के दाम को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। अब लिज़ ट्रस के समर्थकों को उम्मीद है कि गुरुवार को ही नव निर्वाचित प्रधानमंत्री ऊर्जा की कीमत पर फ्रीज़ लगा देंगी, जिसका वादा उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान किया था। ट्रस ने और भी कई वायदे किये हैं। उनकी सरकार कोई भी नया टैक्स नहीं लगायेगी। ट्रस अपने चुनाव प्रचार के दौरान वित्तमंत्री के रूप में सुनाक द्वारा घोषित किये गए नए टैक्स प्रस्तावों को भी वापस लेने का ऐलान कर चुकीं हैं। इनमें साल 2023 में कॉर्पोरेट टैक्स को 19% से बढ़ा कर 25% करना और नैशनल इंश्योरेंस में 1.25% की बढ़ोतरी शामिल है। सुनाक ने ये प्रस्ताव स्वास्थ्य सेवाओं और लोक कल्याण कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त धन जुटाने के लिए किये थे। ट्रस का एक और महत्वपूर्ण ऐलान है ब्रिटेन के राष्ट्र्रीय बैंक – बैंक ऑफ इंग्लैंड के अधिकारों को, बिना उसकी स्वायत्तता प्रभवित किये, फिर से परिभाषित करना। अगर ट्रस ऐसा करती हैं तो यह एक ऐतिहासिक कदम होगा और इस पर बवाल भी खूब मचेगा, क्योंकि आज तक ऐसा दुस्साहस किसी और प्रधानमंत्री ने नहीं किया है। बैंक ऑफ इंग्लैंड की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियों में शामिल है देश की अर्थव्यवस्था के लिए ब्याज की दर तय करना। रूस और चीन नीति में उचित बदलाव करेगा ब्रिटेन : सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों में ट्रस द्वारा किये गए वायदों में प्रमुख हैं रक्षा व्यय में साल 2030 तक सकल घरेलू उत्पाद का 3% ब्रिटेन की रक्षा तैयारियों पर खर्च करना। अभी यह 2.3% है। बोरिस जॉनसन के समय से रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन को ब्रिटेन द्वारा दी जा रही मदद ट्रस सरकार में भी जारी रहेगी। बल्कि यूक्रेन की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए तैयार किये जा रहे आर्थिक प्लान में ब्रिटेन अग्रणी भूमिका निभायेगा। ट्रस के अनुसार वर्तमान माहौल को देखते हुए ब्रिटेन अपनी रूस और चीन नीति में उचित बदलाव करेगा और चीन से आर्थिक संबंधों पर अंकुश लगाने से हो सकने वाले नुकसान की भरपाई के लिए कॉमनवेल्थ देशों से दोतरफ़ा व्यापारिक समझौते करेगा। यूरोपीय संघ के साथ अभी भी मौजूद सभी संबंधों को साल 2023 तक ख़त्म करने के लिए भी ट्रस सरकार सभी ज़रूरी कदम उठायेगी। साथ ही कई समृद्ध पश्चिमी यूरोपीय देशों के विपरीत ब्रिटेन अपने यहां अप्रवासियों के आगमन की कोई निर्दिष्ट सीमा स्वीकार नहीं करेगा। साफ़ है लिज़ ट्रस खुद को कंज़र्वेटिव विचारधारा की झंडाबरदार की तरह स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं। मौजूद गंभीर विभाजन को पाटना ट्रस के लिए सबसे जरूरी : टैक्सों में छूट, ब्रितानी धनाढ्य वर्ग के लिए मुफीद टैक्स प्रणाली, यूरोपीय संघ को पूरी तरह नमस्ते और आप्रवासियों के लिए किसी प्रकार के कोटे को ना कहना, ये सभी कंज़र्वेटिव पार्टी के अति दक्षिणपंथी समर्थकों को ज़रूर भाएंगे, लेकिन ऐसा कर ट्रस ब्रिटेन को पूरी तरह अमेरीका का पिछलग्गू और यूरोपीय व्यवस्था से अलग देश बना देंगीम लेकिन ऐसा तब हो पाएगा जब ट्रस अभी कंजर्वेटिव पार्टी में मौजूद गंभीर विभाजन को पाट पायें।

Published / 2022-09-05 08:53:49
एक के बाद एक भूकंप के दो भीषण झटके से दहल उठा चीन

एबीएन सेंटल डेस्क। आज दोपहर चीन के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गये हैं, जिसकी वजह से नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, भूकंप की वजह से कितना नुकसान हुआ है, इस बात की जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है, लेकिन अफगानिस्तान में भी इसी तरह के झटके दो महीने पहले महसूस किए गये थे, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी। चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर ने कहा कि सोमवार दोपहर में चीन के सिचुआन प्रांत के पश्चिम में एक पहाड़ी इलाके में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया है। भूकंप का केंद्र लुडिंग शहर में 16 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। सेंटर ने कहा कि, सिचुआन की राजधानी चेंगदू से लगभग 180 किमी (111 मील) दक्षिण-पश्चिम में भूकंप के तीव्र झटके महसूस किए गये हैं और चांग्शा और जियान जैसे दूर के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने भी कहा है कि, उन्होंने भूकंप के तेज झटके महसूस किए हैं और घर हिलने के बाद वो अपने अपने घरों से बाहर आ गये। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले भूकंप के झटके के कुछ मिनट बाद, लुडिंग के पास यान शहर में 4.2 की तीव्रता वाला दूसरा भूकंप आया। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आपको बता दें कि, इससे पहले साल 2013 में यान एक मजबूत भूकंप के झटके आये थे, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गये थे और हजारों घायल हो गये थे।

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