एबीएन सेंट्रल डेस्क। ताइवान में रविवार को एक बार फिर भूकंप का झटका महसूस किया गया है। इस तरह पिछले 24 घंटों के अंदर दूसरी बार यहां पर भूकंप आ गया है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.2 बताई गई है और इसने यूजिंग जिले को प्रभावित किया है। इससे पहले शनिवार को भी यहां भूकंप का जोरदार झटका महसूस किया गया। यह भूकंप 6.9 की तीव्रता से दक्षिणी पूर्वी ताइवान में आया था। इसके चलते यहां पर एक बिल्डिंग गिर गई थी और सड़कें फट गई थीं। बताया जाता है कि भूकंप के चलते यहां पर कई घरों को नुकसान हुआ है। इसके अलावा भूकंप के चलते ट्रेन के कुछ डिब्बों के भी पलट जाने की घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक पिछले दो दिन से यहां पर लगातार भूकंप के झटके आ रहे हैं। बता दें कि 7.2 तीव्रता का यह भूकंप युजिंग से 85 किमी पूर्व में दोपहर करीब 12:14 बजे आया। वहीं शनिवार शाम दक्षिण पूर्वी ताइवान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.4 दर्ज की गई थी। भूकंप से किसी जान-माल के नुकसान अब तक खबर नहीं है। हालांकि यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने भूकंप की तीव्रता 6.6 बताई है। जल जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा कि भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई में ताइतुंग काउंटी में गुआनशान टाउनशिप के पास था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मंकीपॉक्स वायरस के चलते फैला संक्रमण दुनिया के अन्य देशों में भी फैल रहा है। ताजा मामला चीन से जुड़ा है। चीन में भी मंकीपॉक्स संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। संक्रमित शख्स विदेश की यात्रा से चोंगकिंग पहुंचा था। उसके शरीर पर चकत्ते पाये जाने के साथ ही अन्य तरह के लक्षण भी पाये गये थे। इसके तुरंत बाद संक्रमित को क्वारंटीन करते हुए उसका इलाज शुरू कर दिया है। इससे पहले चीन के अधिकारी वाले हांगकांग में मंकीपॉक्स संक्रमण का मामला पाया गया था। चीन में मंकीपॉक्स संक्रमित शख्स के साथ कोविड-19 संक्रमितों की तरह व्यवाहार किया जा रहा है। रिपोर्ट की मानें तो मंकीपॉक्स वायरस अभी तक 108 देशों में अपने पैर पसार चुका है। WHO इसे देखते हेल्थ इमरजेंसी का ऐलान कर चुका है। वॉल स्ट्रीट जॉर्नल के हवाले से बताया है कि चीन में मंकीपॉक्स संक्रमण का पहला मामला चोंगकिंग सिटी में पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, चोंगकिंग के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि विदेश से यहां पहुंचे शख्स के शरीर पर चकत्ते पाये जाने के साथ ही अन्य लक्षण भी पाये गये थे। इसके बाद कोरोना संक्रमितों की तर्ज पर उसे तत्काल क्वारंटीन कर दिया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद चीन के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने मामले की समीक्षा की थी, उसके बाद शख्स में मंकीपॉक्स संक्रमण की अंतिम पुष्टि की गयी। अधिकारियों ने बताया कि संक्रमित का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसका कंडीशन स्थिर है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चोंगकिंग में प्रवेश करते ही संक्रमित को तत्काल क्वारंटीन कर दिया गया था। इस दौरान वह किसी से भी नहीं मिला था। चीन के पश्चिमी शहर चोंगकिंग सिटी में मंकीपॉक्स का पहला मामला मिलते ही लोगों की दिलचस्पी इस संक्रामक बीमारी के प्रति बढ़ गई। चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर हैशटैग ट्रेंड करने लगा। बताया जा रहा है कि 1 घंटे के अंदर इसे 12 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले। इससे पहले चीन के अधिकार वाले हांगकांग में पिछले सप्ताह मंकीपॉक्स संक्रमण का पहला मामला सामने आया था। स्वास्थ्य विभाग ने बताया था कि 30 वर्षीय संक्रमित शख्स फिलीपींस से हांगकांग पहुंचा था। फिलीपींस से पहले उसने अमेरिका और कनाडा की यात्रा की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई बैठक के दौरान पुतिन ने पीएम मोदी को रूस आने का न्योता दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी कई बार फोन पर बातचीत हुई है। हमें मिलकर काम करना होगा। आज का युग युद्ध का नहीं है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत-रूस के संबंध कई गुना बढ़े और आने वाले समय में हमारे संबंध और गहरे होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि 22 साल से हमारी दोस्ती मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि हम शांति के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। वहीं, बातचीत के दौरान पुतिन ने पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री इससे अवगत हैं। युद्ध जल्द खत्म करना चाहता हूं। इसके अलावा भारत को आजादी के 75 साल होने पर पुतिन ने बधाई दी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ के शिखर सम्मेलन में खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा संकट से निपटने के लिए लचीली आपूर्ति श्रृंखला की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि भारत की आर्थिक विकास दर इस साल 7.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक होगी। पीएम मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद दुनिया के सामने आर्थिक रूप से पटरी पर लौटने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 और यूक्रेन में उपजे हालात के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है, जिससे खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा संकट पैदा हुआ। मोदी ने भारत के आर्थिक विकास का जिक्र करते हुए कहा कि भारत एक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में इस साल 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने की उम्मीद है और यह दर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक होगी। मोदी ने कहा कि भारत एससीओ देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग का समर्थन करता है। आठ देशों के इस प्रभावशाली समूह का शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब यूक्रेन पर रूस के हमले और ताइवान जलडमरूमध्य में चीन के आक्रामक सैन्य रुख के कारण भू-राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है। शिखर सम्मेलन के सीमित प्रारूप के दौरान विचार-विमर्श से पहले, समूह के स्थायी सदस्यों के नेताओं ने एक साथ तस्वीर खिंचवाई। शिखर सम्मेलन के परिसर में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन सरकार के लिए अभिलाषी टागरगेट तय करने के छह महीने बाद काफी कम हो गई है। अब कई बड़े बैंकों को 3 फीसदी ग्रोथ हासिल होने की उम्मीद भी नहीं दिख रही है। ग्रोथ अनुमान में मार्च के बाद कमी आई है, पहली बार 5.5 फीसदी के आधिकारिक लक्ष्य का ऐलान किया गया था, ब्लूमबर्ग के सर्वे में इस साल चीन को इकोनॉमिक ग्रोथ 3.5 फीसदी रहने पर सहमति बनी है। बार्कलेज ने कितना घटाया ग्रोथ अनुमान : बार्कलेज की चीफ चाइना इकोनॉमिस्ट जियान चांग ने पिछले हफ्ते अपने पूरे साल के ग्रोथ फोरकास्ट को 3.1 फीसदी से घटाकर 2.6 फीसदी कर दिया। उन्होंने लिखा, डेवलपर्स के लिए 2023 में कैश की परेशानी भी आएगी और इससे रियल एस्टेट मार्केट का भरोसा कमजोर होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 6 महीने से भी अधिक समय से जंग जारी है। दोनों देशों के बीच इस युद्ध की शुरुआत 24 फरवरी 2022 को हुई थी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विशेष सैन्य अभियान के तहत हजारों सैनिकों को यूक्रेन भेजा था। उस दिन से शुरू हुई बमबारी में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। अपनी जान बचाने के लिए लाखों यूक्रेनी यूक्रेन छोड़कर दूसरे देशों में पलायन कर चुके हैं। वहीं, इस विनाशकारी जंग की आग में जलकर सैंकड़ों यूक्रेनी शहर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। जंग के बीच यूक्रेन के कई इलाकों पर रूस का कब्जा भी हो चुका है। छह महीने के भीषण जंग के बाद भी यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब रूस के कब्जे से यूक्रेन की एक-एक इंच जमीन वापस नहीं ले लेते तब तक वह युद्धविराम के लिए तैयार नहीं हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन तमाम कोशिशों के बाद भी जेलेंस्की के हौसले को डिगा न सके। यूक्रेन इस युद्ध में रूस का डटकर सामना किया। ये और बात है कि रूसी जंग का सामना करने के लिए यूक्रेन को कई देशों ने मदद किया। चाहे वो सैन्य सहायता हो, या वित्तिय सहायता हो या फिर मानवीय सहायता हो। इतने दिनों के युद्ध के दौरान करीब 10 देशों ने यूक्रेन को हर वो मदद की जिसकी युक्रेन को दरकार थी। इसी के दम पर यूक्रेन इस युद्ध में रूस के सामने टिका रहा और उसका मनोबल भी नहीं टूटा। नतीजतन इस युद्ध में रूस को अभी तक हताशा और निराशा हाथ लगी है क्योंकि वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाया है। हालांकि, इस युद्ध में कौन हारा और कौन जीता, फिलहाल यह कहना मुश्किल है, लेकिन यूक्रेन के खारकीव से रूसी सैनिकों की वापसी इस बात का संकेत देता है कि पुतिन इस युद्ध में कहीं न कहीं डगमगा गए हैं। शायद उन्होंने जो सोचा था उस पर पानी फिर गया। वहीं, इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि सितंबर महीने के शुरुआत में ही यूक्रेन ने रूस से 2 हजार किलोमीटर का इलाका फिर से हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी फोर्स ने मजबूती के साथ नॉर्थ-ईस्ट खारकीव में बढ़ते हुए 20 बस्तियों को रूसी कब्जे से आजाद करा लिया है। जेलेंस्की ने बालाक्लिया शहर को भी दोबारा अपने कब्जे में लेने की बात कही है। खारकीव में रूस की सेना पीछे हट गई है। यूक्रेनी सेना ने बालाकलिया को रूसी फौज के कब्जे से छुड़ाने का दावा किया है। टाउन सेंटर में एक बार फिर से यूक्रेनी झंडा लहराया गया है। इस कामयाबी का हीरो यूक्रेनियन लैंड फोर्स के कमांडर कर्नल जनरल ओलेक्जेंडर को माना जा रहा है। कमांडर ओलेक्जेंडर ने कहा कि यूक्रेनी फौज को थोड़ी और जीत मिली, तो रूस की सेना बिखर जायेगी। इस घटनाक्रम पर यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने भी अपना बयान जारी किया है और कहा है कि ये तो अभी शुरुआत है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि खारकीव में रूस के सप्लाई चेन और हथियारों के भंडार को भी तहस-नहस कर दिया गया है। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, रूसी सेना से हमने कम से कम 30 इलाके खाली करा लिए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 11 सितंबर 2001 की तारीख। न्यूयॉर्क की 110 मंजिला ट्विन टावर से पहला विमान सुबह 8.45 बजे टकराया। इमारत में आग बुझी भी नहीं थी कि 9 बजकर 3 मिनट पर एक और विमान दूसरे टावर टकराया। 56 मिनट तक आग और धुएं से जूझने के बाद टावर धराशायी हो गया। आज वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए उस अटैक के 21 साल पूरे हो गये हैं। 19 आतंकियों ने 4 विमानों को कब्जे में लेने के बाद इस वारदात को अंजाम दिया था। ओसामा बिन लादेन का नाम इसी हमले के बाद चर्चा में आया था। अमेरिका ने इसी हमले का बदला लेते हुए लादेन को पाकिस्तान में घुसकर मारा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मैक्सिको में शनिवार को एक सड़क हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। यहां मॉन्टेरी शहर की ओर जाने वाले राजमार्ग पर ईंधन से भरे टैंकर और बस में जोरदार टक्कर हो गई। इस घटना में 18 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया, टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई और वे पूरी तरह से जल कर खाक हो गये। पुलिस ने बताया कि शुरुआत में नौ लोगों के शवों को बरामद किया गया था। बाद में नौ अन्य लोगों के जले हुए शव बरामद हुए। अधिकारियों का कहना है कि हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है। जानकारी के मुताबिक, हादसे में टैंकर चालक सुरक्षित है। उसे मामूली चोटें आई हैं। पुलिस उससे पूछताछ में जुटी हुई है। जांच में पता चला है कि बस हिडालगो से मॉन्टेरी शहर की ओर जा रही थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पापुआ न्यू गिनी के उत्तरपूर्वी इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने भूकंप की तीव्रता 7.6 मापी है। अभी भूकंप से हुए नुकसान के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन यूएसजीएस ने कुछ लोगों के हताहत होने तथा नुकसान की आशंका जताई है। भूकंप सुबह छह बजकर 46 मिनट पर आया। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का केंद्र कम आबादी वाले इलाके कैनांतु से 67 किलोमीटर पूर्व में जमीन से 50-60 किलोमीटर की गहरायी में था। राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) ने कहा कि इलाके में सुनामी का कोई खतरा नहीं है। यह भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। देश के मध्य क्षेत्र में 2018 में 7.5 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 125 लोग मारे गये थे।
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