एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध स्विट्जरलैंड अब दुनिया की सबसे लंबी पैसेंजर ट्रेन के लिए भी जाना जाएगा। स्विट्जरलैंड ने हाल ही में रिकॉर्ड 1.9 किलोमीटर की लंबी पैसेंजर ट्रेन चलाने का दावा किया है। वहीं स्विट्जरलैंड की रैटियन रेलवे ने दावा किया है कि यह दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन है। ट्रेन में 100 डिब्बे और 4550 सीटें हैं : मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ट्रेन में 100 डिब्बे हैं और इसको सात ड्राइवर एक साथ चलाते हैं। वहीं इस ट्रेन में 4550 सीटें हैं और इसको आल्पस की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच चलाया जा रहा है। सरकार इस ट्रेन को चलाकर दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करना चाहती है। खूबसूरत मार्ग से गुजरेगी ट्रेन : यह ट्रेन सुंदर मार्ग अल्बुला/बर्निना से गुजरेगी जो 22 सुरंगों और 48 पुलों के लिए प्रसिद्ध है। अल्बुला/बर्निना को 2008 में यूनेस्को की विश्व धरोहर भी नामित किया गया था और यह स्विट्जरलैंड के सबसे बेहतरीन मार्गों में से एक है। यहां हर साल लाखों पर्यटक प्राकृतिक खूबसूरती निहारने आते हैं। वहीं इस पूरी यात्रा में एक घंटे से अधिक का समय लगता है। पर्यटन से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल : स्विट्जरलैंड की खूबसूरत वादियां को देखने के लिए हर साल लाखों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। जिससे स्विट्जरलैंड की अर्थव्यवस्था को काफी बल मिलता है। वहीं स्विस रेलवे के अधिकारी ने कहा कि हम इस ट्रेन के जरिए दुनिया को स्विट्जरलैंड की खूबसूरत वादियां दिखाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के कारण रेलवे के कमाई पर असर पड़ा है। हम इस ट्रेन के जरिए दुनिया के पर्यटक को अपनी ओर खींचना चाहते हैं। इससे पहले 1991 में 1.7 किलोमीटर लंबी ट्रेन बेल्जियम में चलाई गई थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन की कठोर कोविड नीति और उसके कारण लागू पाबंदियों से परेशान देश की जनता लॉकडाउन के खिलाफ प्रदर्शनों में 1982 की फिल्म डिस्को डांसर के संगीतकार बप्पी लाहिड़ी के लोकप्रिय गाने जिम्मी जिम्मी आजा आजा का जमकर उपयोग कर रहे हैं। चीन के सोशल मीडिया साइट पर लाहिड़ी की संगीत से सजे पार्वर्ती खान के गाये हुए इस गीत को मंडारीन भाषा में गाया जा रहा है जिमी, जिमी। अगर हम जिमी, जिमी का अनुवाद करें तो इसका अर्थ होता है मुझे चावल दो, मुझे चावल दो। इस वीडियो में लोग खाली बर्तन दिखाकर यह बताना चाह रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान खाद्यान्न की कमी की कितनी बुरी स्थिति है। मजे की बात यह है कि वीडियो अभी तक सोशल मीडिया पर मौजूद है, जबकि सामान्य तौर पर देश की सरकार की आलोचना करने वाले वीडियो को तत्काल हटा दिया जाता है। गौरतलब है कि चीन में भारतीय सिनेमा हमेशा से लोकप्रिय रहा है और 1950-60 के दशक में राजकपूर की फिल्मों से लेकर 3 इडियट, सीक्रेट सुपरस्टार, हिन्दी मीडियम, दंगल और अंधाधुंध को भी यहां के दर्शकों ने पसंद किया है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि चीन के लोगों ने जिमी, जिमी का उपयोग करके प्रदर्शन करने का कमाल का तरीका सोचा है। वे इसके माध्यम से जीरो-कोविड नीति के कारण जनता को हो रही दिक्कतों के बारे में बता रहे हैं। चीन में जीरो-कोविड नीति के तहत शंघाई सहित दर्जनों शहरों में पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था जिसके कारण लोग कई सप्ताह तक अपने घरों में बंद रहने को मजबूर हो गये थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में महंगाई से हाहाकार है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद स्थिति बहुत भयावह हो चली है। सप्लाई और डिमांड में इतना बड़ा अंतर आ गया है कि कई जरूरी चीजों के दाम में लगातार वृद्धि जारी है। भारत भी इस संकट से जूझ रहा है, जहां सितंबर में 7.40 परसेंट महंगाई दर्ज की गयी। कई महीने से इसकी दर ऊंची बनी हुई है। भारत के अलावा यूरोप के कई देशों में महंगाई दर 10 परसेंट से ऊपर चल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक यूरो करंसी का इस्तेमाल करने वाले 19 यूरोपीय देशों में महंगाई अक्टूबर में रिकॉर्ड 10.7 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गयी है। प्राकृतिक गैस और बिजली की आसमान छूती कीमतों ने अर्थव्यवस्था की रफ्तार को भी धीमा कर दिया है। तेल के दाम पहले से कम हुए हैं, लेकिन कुछ अन्य फैक्टर के चलते ग्राहकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अभी हाल में ओपेक देशों के संगठन ने कहा है कि वे कच्चे तेल की सप्लाई को कम करेंगे। इस ऐलान के बाद दुनियाभर में तेल के दाम बढ़ने की आशंका बढ़ गयी है। दूसरी ओर, यूरोपीय देशों को रूस सबसे अधिक नेचुरल गैस सप्लाई करता है। लेकिन युद्ध के चलते इसमें बड़ी बाधा आयी है जिससे वहां गैसों के दाम आसमान पर पहुंच गये हैं। ऐसी आशंका है कि आगे हालात और भी बिगड़ सकते हैं। यूरोपीय संघ के सांख्यिकी संगठन यूरोस्टैट ने सोमवार को अक्टूबर महीने के आंकड़े जारी करते हुए कहा कि एक साल पहले की तुलना में इस महीने महंगाई दर 10.7 प्रतिशत पर पहुंच गयी। इसके पहले सितंबर में महंगाई 9.9 प्रतिशत रही थी। यह यूरोजोन में 1997 के बाद महंगाई का उच्चतम स्तर है। यूरोपीय संघ के कुल 28 में से 19 देशों में यूरो करंसी का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें सामूहिक तौर पर यूरोजोन कहा जाता है। यूरोस्टैट ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण नेचुरल गैस की कीमतों में आये उछाल और बिजली के दाम बढ़ने से महंगाई में यह तेजी आयी है। ऊर्जा संसाधनों पर खर्च बढ़ने से उपभोक्ताओं का अन्य जरूरी चीजों पर खर्च घट गया है। यूरोस्टैट के मुताबिक, खाने-पीने के सामान, शराब और तंबाकू उत्पादों के दाम 13.1 प्रतिशत बढ़े हैं जबकि ऊर्जा संसाधनों की कीमतों में 41.9 प्रतिशत का उछाल आया है। इस बीच कोविड-19 महामारी के दुष्प्रभावों से उबरने की कोशिश में लगी यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 0.2 प्रतिशत की ही वृद्धि दर हासिल की है। इसके पहले अप्रैल-जून तिमाही में वृद्धि दर 0.8 प्रतिशत रही थी। यूरोपीय केंद्रीय बैंक ने पिछले हफ्ते एक अनुमान में कहा था कि अगले साल महंगाई 5.8 प्रतिशत रह सकती है। तीन महीने पहले लगाये गये अनुमान में इसके 3.6 प्रतिशत रहने की बात कही गई थी। यूरोप समेत दुनिया के तमाम हिस्सों में इस साल महंगाई का उच्च स्तर देखा जा रहा है। अमेरिका और ब्रिटेन में भी महंगाई ने पिछले 40 वर्षों के सबसे ऊंचे स्तर को छू लिया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में 3 साल में पहली बार हैलोवीन फेस्टिवल का आयोजन हुआ था। कोरोना महामारी के चलते कड़े प्रतिबंधों की वजह से इस प्रोग्राम का आयोजन नहीं किया जा रहा था। हालांकि इस साल जब पूरी तैयारियों के साथ इसका आयोजन किया गया तो एक दुखद घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया। हैलोवीन पार्टी को लेकर लोग बेहद खुश थे। कई विदेशी नागरिकों ने भी इसमें शिरकत की थी। जैसा कि यह प्रोग्राम तीन साल बाद हो रहा था, इसलिए भारी संख्या में लोग इसका हिस्सा बने थे। लेकिन हैलोवीन के दौरान जब भीड़ एक संकरी गली में घुसी तो पल भर में कई लोगों की सांसे उखड़ गयी। एक दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में कई लोग भीड़ के पैरों तले आ गये। कोई बचाने की कोशिश भी नहीं कर सकता था, क्योंकि अगर कोई ऐसा करता तो वह भी भीड़ द्वारा कुचला जाता। सियोल में हुई हैलोवीन भगदड़ में अब तक 151 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि अधिकारियों का कहना है कि मौत की संख्या अभी और बढ़ने की संभावना है; क्योंकि घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर है। बताया जा रहा है कि जिस संकरी रोड से लोगों की भीड़ निकलने की कोशिश कर रही थी, वो सैकड़ों लोगों से खचाखच भरी थी। उस गली की चौड़ाई 13 फुट थी और 13 फुट चौड़ी गली में लगभग 1,00,000 लोग मौजूद थे। कोरियाई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि भीड़ तब ज्यादा बढ़ गयी, जब गली के पास एक लोगों को एक सेलिब्रिटी दिखाई दी। भीड़ जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गये। इस स्थिति में कई लोगों को घुटन महसूस होने लगी और हार्ट अटैक आया। भीड़ की वजह से एम्बुलेंस को घायलों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पुलिस कारों के ऊपर खड़ी थी और लोगों से कह रही थी कि वे इलाके को तुरंत खाली कर दें और एम्बुलेंस के लिए रास्ता बनने दें। कई लोग इस दौरान इस घटना से अंजान थे और सड़क पर नाच-गा रहे थे। भीड़ के कारण एम्बुलेंस तुरंत मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन ने पीड़ितों को सीपीआर दिया। भगदड़ की इस घटना में 19 विदेशी नागरिक भी मारे गये हैं। मारे गये विदेशियों में ईरान, नॉर्वे, चीन और उज्बेकिस्तान के नागरिक शामिल हैं। फायर सर्विस का कहना है कि पीड़ितों में ज्यादातर 20 साल के आसपास की उम्र के लोग है। कोरोना महामारी के बाद से यह पहला आउटडोर नो-मास्क हैलोवीन प्रोग्राम था। तीन साल में पहली बार यह उत्सव होने जा रहा था। हालांकि भगदड़ की घटना ने इस उत्सव को मातम में बदल दिया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इराक की राजधानी बगदाद में शनिवार को एक फुटबॉल मैदान के पास गैस टैंकर में हुए विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गयी है। जबकि 10 अन्य घायल हो गये। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के बाद टैंकर के टुकड़े आसपास की रिहाइशी इमारतों और फुटबॉल मैदान में जा गिरे। हालांकि अभी फिलहाल यह साफ नहीं है कि विस्फोट तकनीकी खामी के कारण हुआ या फिर यह निशाना बनाकर किया गया हमला था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 संक्रमण की एक नयी लहर यूरोप में अगले एक हफ्ते के भीतर आने की आशंका है। ईएमए ने कहा कि कोरोना वायरस के नये वेरिएंट टीकों की तुलना में ज्यादा तेजी से विकसित हो रहे हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूरोपीय संघ के ड्रग वॉचडॉग ने कहा कि महामारी अभी भी खत्म नहीं हुई है क्योंकि नये वेरिएंट लगातार सामने आ रहे हैं। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक हेल्थ थ्रेट्स एंड वैक्सीन्स स्ट्रैटेजी के प्रमुख डॉ मार्को कैवेलरी ने कहा कि पिछले हफ्ते नए ऑमिक्रोन वेरिएंट्स में से एक जिसे बीक्यू.1 कहा जाता है, उसे यूरोपीय संघ और यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र में कम से कम पांच देशों में पहचाना गया है। यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल के मुताबिक बीक्यू.1 और उसका सब वेरिएंट बीक्यू.1.1 नवंबर के मध्य से दिसंबर की शुरुआत तक कोरोना की एक बड़ी लहर का कारण बन सकते हैं। चूंकि इस सर्दी में इन्फ्लूएंजा वायरस और कोविड-19 वायरस एक साथ फैलेंगे, इसलिए यूरोपीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने उच्च जोखिम वाले समूहों में लोगों को दोनों के खिलाफ टीका लगवाने के लिए कहा है। हालांकि ईएमए ने कहा कि मौजूदा टीके अभी भी प्रभावी हैं। ये चेतावनी ऑमिक्रोन के वेरिएंट बीक्यू.1 और सबवेरिएंट बीक्यू.1.1 के पूरे यूरोप और अमेरिका में बढ़ते मामलों के मद्देनजर आई है। जबकि इसी हफ्ते विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि बीक्यू.1.1 सबवेरिएंट कम से कम 29 देशों में फैल रहा है। उधर यूएस सीडीसी ने कहा कि बीक्यू.1 और बीक्यू.1.1 का पिछले हफ्ते हुए कुल कोरोना संक्रमण में करीब 10 फीसद हिस्सा होने का अनुमान है। एक वायरोलॉजिस्ट और वैक्सीन रिसर्च एक्सपर्ट ने कहा कि ये वेरिएंट बीक्यू.1 और बीक्यू.1.1 संभवतः अमेरिका में इस सर्दी में कोरोना की एक बहुत बड़ी लहर का कारण बन सकते हैं; क्योंकि पहले से ही यूरोप और यूके में इनका असर दिखने लगा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। फिलीपींस के एक दक्षिणी प्रांत में रातभर बारिश की वजह से आई बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 72 लोगों की खबर सामने आई है। इसके अलावा नौ लोगों के लापता होने की खबर है। बताया गया है कि इस बारिश की वजह से प्रांत में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई, जिसके चलते लोग अपने घरों में फंसे हैं। पूर्व गुरिल्ला लड़ाकों द्वारा प्रशासित पांच मुस्लिम स्वायत्त प्रांतों के गृह मंत्री नगुइब सिनारिम्बो के मुताबिक, मैगुइन्डानाओ प्रांत के तीन शहर प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हैं। यहां अधिकतर मौतें लोगों के बाढ़ में डूबने या मलबे में दबने से हुई हैं। सिनारिम्बो ने बताया, पूरी रात भारी बारिश से मलबे के साथ पानी पहाड़ों से होते हुए नदियों में आया जिससे बाढ़ आ गई। मैं उम्मीद कर रहा हूं कि हताहतों की संख्या नहीं बढ़ेगी लेकिन अब भी कुछ इलाके हैं जहां पर हम नहीं पहुंच पाए हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार सुबह से बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है, जिससे कई शहरों में बाढ़ का पानी घट रहा है। सिनारिम्बो ने बताया कि मेयर, गवर्नर और आपदा प्रबंधन अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक 26 लोगों की मौत पड़ोसी तटीय शहर दातू ओडिन सिन्सुआट और दातु ब्लाह सिन्सुआट में हुई है जबकि पांच लोगों की जान उपी शहर में गई है। दातु ब्लाह सिन्सुआट के महापौर मार्शल सिन्सुआट के मुताबिक शहर में पांच लोग लापता हैं। सिनारिम्बो के मुताबिक चार और लोगों के अन्य स्थानों से लापता होने की सूचना है। मौसम विभाग का कहना है कि तूफान नालगेई की वजह से इलाके में भारी बारिश हो रही है और इसके शनिवार को पूर्वी तट के इलाके में टकराने की आशंका है। सरकारी मौसम वैज्ञानिक सैम दुरान ने बताया कि शुक्रवार दोपहर उत्तरी समर प्रांत के पूर्वी शहर काटरमैन से 180 किलोमीटर दूर था और यह उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है जिससे 85 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं बहेंगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सोमालिया की राजधानी राजधानी मोगादिशु में शनिवार को एक सरकारी कार्यालय के करीब दो धमाकों में कई लोगों की मौत हुई है। बताया गया है कि जिस जगह धमाके हुए वहां भारी भीड़ जुटी थी। सोमालिया की न्यूज एजेंसी ने पुलिस प्रवक्ता सादिक डोदिशे के हवाले से कहा कि दो कारों में लगाये गये बमों में धमाका हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटनास्थल पर कई शव देखे गये। धमाके में मारे गये लोगों में लगभग सभी आम नागरिक हैं। मृतकों में कई लोग सार्वजनिक वाहनों में यात्रा कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, दूसरा ब्लास्ट एक रेस्त्रां के बाहर हुआ। एंबुलेंस सेवा के निदेशक ने बताया कि कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है और मौके से कई शव लाए गये हैं। इस हमले की जिम्मेदारी अब तक किसी संगठन ने नहीं है। हालांकि, चरमपंथी संगठन अल-शबाब शहर को निशाना बनाता रहा है। मोगादिशु में धमाके की टाइमिंग भी चौंकाने वाली है। दरअसल, सोमालिया के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए राजधानी में ही बैठक कर रहे थे। इसमें खासकर अलकायदा से जुड़े अल-शबाब समूह से निपटने पर चर्चा की जा रही है।
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