एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनिया में नए साल 2023 का सबसे पहले आगाज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर में हुआ। न्यूजीलैंड नये साल को सेलिब्रेट करने वाला दुनिया का पहला प्रमुख शहर है। इस दौरान ऑकलैंड के सबसे फेमस स्काई टॉवर को लाइटों से सजाया गया। ऑकलैंड नए साल की पूर्व संध्या समारोह के दौरान स्काईटॉवर से आतिशबाजी भी की गयी। न्यूजीलैंड का ऑकलैंड दुनिया के सबसे पूर्वी भाग में स्थित एक प्रमुख शहर है। दरअसल, नया दिन दुनिया के पूर्वी हिस्से से शुरू होता है। इसलिए दिन की शुरुआत यहां पर पहले होती है। यहां पिछले साल 2022 में भी कोरोना के समय नए साल के जश्न को मनाया था।
31 दिसंबर को भारतीय समयानुसार शाम साढ़े तीन बजे सामोआ, टोंगा व किरिबाती से नये साल का जश्न शुरू होता है। इसके बाद 3:45 मिनट पर न्यूजीलैंड नया साल मनाया जाता है। शाम साढ़े चार बजे न्यूजीलैंड के कुछ अन्य हिस्सों में सेलिब्रेशन होता है। इसके बाद 5:30 बजे रूस के एक छोटे क्षेत्र के अलावा सात अन्य लोकेशन पर नये साल का स्वागत होता है। दरअसल, न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में मौजूद स्काई टॉवर शहर के सबसे प्रतिष्ठित इमारतों में से एक है।
हजारों की संख्या में लोग नये साल के सेलिब्रेशन को देखने के लिए स्काईटॉवर के आस-पास मौजूद रहे। नये साल 2023 को लेकर टावर को ब्लू रंग और बैगनी रंग के लाइट से सजाया गया और टाइम क्लॉक शो किया जा रहा था।ये जगह समुद्र के सतह से 193 मीटर ऊंची है। दुनिया के सबसे पूर्वी भाग में मौजूद होने की वजह से ऑकलैंड में सबसे पहले नये साल के जश्न को मनाया गया है, जिसका मतलब भारत से लगभग 7.30 घंटे पहले नये साल के जश्न सेलिब्रेट किया। भारत में अभी शाम के 4:30 बजे रहे हैं। तब ही ऑकलैंड में नये साल का जश्न मनाना शुरू कर दिया।
31 जनवरी की शाम साढ़े सात बजे से ऑस्ट्रेलिया, साढ़े आठ बजे जापान, दक्षिण कोरिया, साढ़े नौ बजे चीन, फिलीपीन्स व 12 बजे इंडोनेशिया, थाईलैंड में जश्न शुरू हो जाता है। रात 11 बजे से म्यांमार, साढ़े 11 बजे बांग्लादेश, 11:45 मिनट पर नेपाल और ठीक 12 बजे भारत व श्रीलंका में नये साल का जश्न मनाया जाता है। रात एक बजे पाकिस्तान में नये साल का स्वागत होता है। इसके अलावा एक जनवरी को सुबह 11:30 से अमेरिका में नये साल का जश्न होता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। साल के आखिरी दिन भी उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन शांत से नहीं रहे और उन्होंने एक के बाद एक तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को दागकर जहां दुनिया को दहला दिया, वहीं जापान काफी डर गया है। उत्तर कोरिया ने जापान सागर की तरफ कम दूरी की तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जो इस साल की आखिरी उत्तर कोरियन मिसाइल लॉन्च है।
उत्तर कोरिया ने पूरे साल मिसाइलें दागी हैं और किम जोंग उन ने घोषणा की है, कि अगले साल भी उत्तर कोरिया हथियारों का परीक्षण करता रहेगा। जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि पहली बैलिस्टिक मिसाइल को स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे (23:00 GMT) दागा गया, जबकि दूसरी बैलिस्टिक मिसाइल को लगभग 08:14 पूर्वाह्न (23:14 GMT) पर लॉन्च किया गया और तीसरी बैलिस्टिक मिसाइल ने इसके ठीक एक मिनट बाद उड़ान भरी। रिपोर्ट के मुताबिक, ये तीनों मिसाइलें राजधानी प्योंगयांग के उपनगरों से दागी गईं और 100 किमी (62 मील) की ऊंचाई तक पहुंचीं। अनुमानों के मुताबिक, इन मिसाइसों ने करीब 350 किलोमीटर तक की उड़ान भरी।
जापानी रक्षा मंत्रालय और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मिसाइलें जापान के समुद्र में गिरीं, लेकिन जापान के स्पेशल इकोनॉमिक जोन के बाहर जाकर ये मिसाइलें गिरीं, जो जापान के समुद्र तट से लगभग 370 किमी (200 समुद्री मील) तक फैला हुआ है। जापानी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मिसाइलों की फ्लाइंग ट्रेजेक्टरी के आसपास के विमानों और जहाजों को चेतावनी की सूचना दी गई थी, लेकिन इस समय कोई घटना दर्ज नहीं की गई थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कंबोडिया में एक होटल में भयानक आग लग गयी है, जहां 10 लोगों की मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि होटल कैसीनो ग्रैंड डायमंड सिटी में लगी आग में 30 लोग घायल भी हुए हैं, जहां 50 से ज्यादा लोग फंस गये थे। सोशल मीडिया पर वीडियो में देखा जा सकता है कि आग की लपटें किस तरह आसमान में उठ रही है।
आग लगने की इस गंभीर हादसे में होटल का भी बड़ा नुकसान हुआ है। फायर फाइटर्स ने बताया कि आग पर लगभग काबू पा लिया गया है और होटल रूम की तलाशी की जा रही है। आग कैसे लगी, इसका अबतक कुछ पता नहीं चला है लेकिन स्थानीय अधिकारी जांच में जुट गये हैं। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि बुधवार सुबह 8 बजे तक 53 लोगों को बचाया गया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो में देखा जा सकता है कि आग ने होटल को किस तरह अपनी चपेट में ले लिया। कुछ वीडियो क्लिप में तो होटल के भीतर से लोगों को जान बचाने के लिए बाहर कूदते भी देखा जा सकता है। स्थानीय मीडिया ने बताया कि आग लगने के समय कैसीनो के अंदर कई विदेशी नागरिक भी मौजूद थे।
रिपोर्ट में थाई विदेश मंत्रालय के एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं और हालात का जायजा ले रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों को थाईलैंड के सा केओ प्रांत के अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन से इटली पहुंची एक फ्लाइट के आधे यात्री कोरोना संक्रमित पाए जाने से हड़कंप मच गया। इससे चीन से दूसरे देशों में कोरोना फैलने का खतरा और बढ़ गया है। इसी कारण भारत व अमेरिका समेत सात देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों को विमान में सवार होने से पहले कोविड निगेटिव रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य कर दिया है।
चीन से मिलान जा रही दो फ्लाइट में यात्री कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। एक फ्लाइट के 92 यात्रियों में से 35 यानी 38 फीसदी और दूसरी के 120 यात्रियों में से 62 यानी 52 फीसदी यात्री कोविड पॉजिटिव पाये गये हैं।
उधर, चीन देश में बड़े पैमाने पर कोरोना मरीज मिलने के बावजूद पाबंदियों में ढील दे रहा है। उसने नए साल में कोविड के खतरे का स्तर ए से घटाकर बी करने का फैसला किया है। इससे कोरोना मरीज को क्वारंटीन करने की जरूरत नहीं होगी।
चीन ने यह भी एलान किया है कि अगले माह शुरू होने वाले चीनी लूनार नव वर्ष अवकाश में विदेश भ्रमण के इच्छुक लोगों को वह लाखों की तादाद में साधारण पासपोर्ट व वीजा जारी करेगा। इससे समूची दुनिया में कोविड नए सिरे से फैलने का खतरा बढ़ गया है।
कोरोना के कारण चीन लगभग तीन सालों तक पूरी दुनिया से कटा रहा, क्योंकि अधिकांश देशों ने यात्रा पाबंदियां लगा दी थीं। इसलिए वह अपने पर्यटकों की विदेश यात्राओं पर पाबंदियां हटा रहा है। 2020 के बाद पहली बार चीन यह ढील दे रहा है, लेकिन दुनियाभर में कोविड की दृष्टि से यह कदम चिंताजनक माना जा रहा है।
चीन से यात्री टिकट बुकिंग बढ़ी : उधर, ट्रेवल कंपनियों ट्रिप डॉट कॉम और क्यूनर के अनुसार चीन द्वारा ढील के बाद चीनी यात्रियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय टिकट बुकिंग व इससे संबंधित सर्च में पांच से आठ गुना बढ़ोतरी हुई है। चीनी लोगों ने जापान, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा में रुचि दिखायी।
चीन से भारत आने वालों की जांच अनिवार्य
चीन में बढ़ते कोविड संक्रमण को देखते हुए भारत के स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को चीन से आने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य कर दी गयी है। यह जांच चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और थाईलैंड से भारत आने वालों के लिए जरूरी होगी। भारत आगमन पर इन देशों के किसी भी यात्री में कोरोना के लक्षण पाये जाते हैं या कोविड-19 संक्रमण पाया जाता है तो उन्हें क्वारंटीन किया जायेगा। इसी तरह अमेरिका, जापान, मलेशिया ने भी चीन से आने वालों के लिए कोविड निगेटिव टेस्ट अनिवार्य कर दिया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मध्य एशियाई देश उज्बेकिस्तान में भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी का कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत हो गई। उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि जिस कफ सिरप को बच्चों ने पिया था, वो भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी का कफ सिरप था।
बता दें कि इससे पहले अफ्रीकी देश गांबिया में भी भारतीय कफ सिरप पीने से 66 बच्चों बच्चों की मौत की खबर आई थी।
उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि लैब में किये गये एक टेस्ट में भारतीय कफ सिरप में दूषित एथिलीन ग्लाइकोल की उपस्थिति पायी गयी। डॉक-1 मैक्स कफ सिरप को नोएडा की मैरियन बायोटेक की ओर से तैयार किया जाता है।
डब्ल्यूएचओ ने दिया जांच में सहयोग का भरेासा : इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उज्बेकिस्तान में बच्चों की मौत की खबरें आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) उज्बेकिस्तान में स्वास्थ्य अधिकारियों के संपर्क में है और आगे की जांच में सहायता के लिए तैयार है। हालांकि, डॉक्टर-1 मैक्स की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मैरियन बायोटेक और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले पर अभी कुछ नहीं कहा है।
बिना डॉक्टर की सलाह के लिये थे कफ सिरप : उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि समदरकंद में ऐसे 21 बच्चे जो तीव्र श्वसन रोग से पीड़ित थे, उन्होंने नोएडा की मैरियन बायोटेक की निर्मित डॉक-1 मैक्स सिरप का सेवन किया था, संभवत: उसी वजह से उनमें से 18 बच्चों की मौत हो गयी है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि चूंकि दवा में मुख्य रूप से पेरासिटामोल है, जिसे माता-पिता ने गलत तरीके से इस्तेमाल किया, या तो उन्होंने सीधे मेडिकल से इसे खरीद लिया या फिर ठंड विरोधी उपाय के रूप में इसे इस्तेमाल किया।
मंत्रालय ने कहा कि बच्चों के माता-पिता ने डॉक्टरी सलाह के बिना बच्चों को यह कफ सिरप पिलाया है। बयान के अनुसार, लैब के शुरुआती अध्ययनों से इस सिरप में एथिलीन ग्लाइकॉल की उपस्थिति मिली है। इस तरह की दवा का सेवन कुछ ज्यादा होने पर उल्टी, बेहोशी, आक्षेप, हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बाद इसका कहर जापान में भी देखने को मिल रहा है। जापान में एक दिन में चार सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी, जिससे माना जा रहा है कि एक बार फिर कोरोना दुनिया को एक बार फिर से अपनी चपेट में लेने वाला है। जापान में बुधवार को कोरोना 415 मरीजों की मौत दर्ज की गयी। यह संख्या एक दिन में अब तक की सबसे अधिक है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में बुधवार को 216,219 नये कोविड मामले सामने आये, जो एक सप्ताह पहले की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक है। ताजा कोविड आंकड़ों में इस साल अगस्त में लगभग 2.60 लाख प्रतिदिन के रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब है। देशभर में 28 मिलियन से अधिक मामलों के साथ जापान में वायरस से मरने वालों की संख्या 55 हजार से अधिक हो गयी है।
रिपोर्ट के अनुसार कोविड के बढ़ते आंकड़े विदेश से व्यक्तिगत यात्रियों पर प्रतिबंध लगाने के बाद सामने आये हैं। जापान में टूरिस्ट आगमन नवंबर में लगभग 10 लाख तक पहुंच गया था, देश के पहले पूरे महीने के बाद कोविड ने दो साल से अधिक समय तक पर्यटन को प्रभावी रूप से रोक दिया। कुछ अन्य देशों के विपरीत, सरकार ने जापान में मास्क पहनना कभी भी अनिवार्य नहीं किया गया है। 11 अक्टूबर को जापान ने दुनिया के कुछ सख्त सीमा नियंत्रणों को समाप्त कर दिया।
प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन पर भरोसा जताया। जापान इस समय हर दिन 2 लाख से अधिक नये कोविड मामलों की रिपोर्ट कर रहा है। देश महामारी की आठवीं लहर से गुजर रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में बर्फीले तूफान से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके कारण पिछले 24 घंटों में 4,900 से अधिक फ्लाइट कैंसिल की जा चुकी हैं। साथ ही 4,400 से अधिक उड़ानों का समय बदला गया है। उड़ान ट्रैकिंग सेवा फ्लाइट अवेयर ने इसकी पुष्टि की है।
उड़ानें ट्रैकिंग सेवा के मुताबिक बुधवार को जाने वाली 3,500 से अधिक उड़ानें पहले ही रद कर दी गयी थीं। 22 दिसंबर से अब तक लगभग 20,000 उड़ानें रद की जा चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि इस बर्फीले तूफान के कारण अबतक 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से लगभग 28 लोग न्यूयॉर्क के बताये गये हैं।
अमेरिका में बर्फीले तूफान का सबसे ज्यादा असर न्यूयार्क के उपनगर बफेलो में पड़ा है। यहां स्थिति इतनी खराब हो गयी है कि राज्य पुलिस और सेना की तैनाती की गई है। साथ ही ड्राइविंग पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। राष्ट्रपति जो बाइडन पहले ही बर्फीले तूफान से प्रभावित न्यूयार्क में आपातकाल की घोषणा कर चुके हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में जिस तेजी से कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं उसे देखते हुए केंद्र सरकार भी अलर्ट हो गयी है। देश के करीब-करीब सभी राज्यों में कोरोना को लेकर गाइडलाइंस भी जारी कर दिए गए हैं। साथ ही सभी लोगों से कोरोना संयमित व्यवहार का पालन करने को कहा जा रहा है। इस बीच केंद्र के कोविड पैनल के प्रमुख एनके अरोड़ा ने आज कहा कि चीन में कोरोना के ताजा प्रकोप से घबराने की जरूरत नहीं है। वहां पर वायरस के एक नहीं बल्कि 4 वैरिएंट हैं जिनकी वजह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।
एनके अरोड़ा ने चीन में कोरोना को लेकर बने भयावह स्थिति के बीच कहा कि भारत महज एहतियात के तौर तैयारी कर रहा है क्योंकि चीन से खुलकर और जल्द सूचनाएं नहीं आ पा रही हैं। हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि चीन का प्रकोप वायरस के कॉकटेल के कारण है, जो स्थानीय महामारी विज्ञान के कारण अलग व्यवहार करते हैं।
बीएन-बी क्यू वैरिएंट के मामले सबसे ज्यादा : अरोड़ा
उन्होंने कहा कि बीएफ.7 वैरिएंट 15 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है, जबकि सबसे ज्यादा मामले यानी 50 प्रतिशत बीएन और बीक्यू सीरीज से हैं, और एसवीवी वैरिएंट से महज 10-15 प्रतिशत ही केस हैं।
उनका कहना है कि यही वह चीज है जहां भारत को इससे लाभ मिलता है क्योंकि यहां पर हाइब्रिड इम्युनिटी मजबूत हो चुकी है। यहां पर हुए वैक्सीनेशन और देश में कोरोना की पहली, दूसरी और तीसरी लहर के दौरान बड़े पैमाने पर लोग संक्रमित हुए जिससे इम्युनिटी का बढ़िया संयोजन हो गया है।
भारतीयों इम्युनिटी हुई मजबूत : अरोड़ा
अरोड़ा ने एक खास बातचीत में एनडीटीवी से कहा कि चीन में वे इस मामले में कमजोर हैं। वे पहले वायरस के संपर्क में नहीं आये, और उन्हें जो वैक्सीन दी गई है वह भी शायद कम प्रभावी है। मुझे आपको बताना चाहिए कि उनमें से अधिकांश को तीन से चार डोज दी गई थीं। इसकी तुलना में, 97 प्रतिशत भारतीयों को वैक्सीन की दो डोज मिलीं, कई लोगों को एक से अधिक बार कोरोना का संक्रमण हुआ। यहां तक कि बच्चे भी सुरक्षित हैं क्योंकि 12 साल से कम उम्र के कम से कम 96 फीसदी बच्चे कोविड के संपर्क में आ चुके हैं।
एनके अरोड़ा ने कहा कि देश में अभी जो प्रतिक्रिया हो रही है, वह पूर्वव्यापी और अति सक्रिय प्रतिक्रिया है, क्योंकि चीन की मौजूदा स्थिति को लेकर कुछ भी साफ नहीं है। वहां पर कोरोना केसेज की संख्या, मामलों की गंभीरता, वहां पर वैक्सीनेशन की स्थिति और फिर तरह-तरह के वेरिएंट चल रहे हैं, इनको लेकर स्थिति साफ नहीं है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse