एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में एक बार फिर से भारतवंशियों ने अपना परचम लहराया है। इस बार भारतीय मूल की प्रमिला जयपाल को आव्रजन के लिए बने शक्तिशाली हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के पैनल का रैंकिंग सदस्य नामित किया गया है। वह इस उपसमिति का नेतृत्व करने वाली पहली अप्रवासी बन गयी हैं।
57 वर्षीय प्रमिला जयपाल वाशिंगटन के सातवें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने आप्रवासन अखंडता, सुरक्षा और प्रवर्तन पर काम करने वाली उपसमिति की महिला सदस्या जो लोफग्रेन का स्थान लिया है। रैंकिंग सदस्य नामित किए जाने के बाद प्रमिला जयपाल ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गई पहली दक्षिण एशियाई महिला के रूप में मैं सम्मानित महसूस कर रही हूं।
प्रमिला अमेरिकी कांग्रेस में आने से पहले अप्रवासियों के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने वाशिंगटन के सबसे बड़े अप्रवासी संगठन वन अमेरिका (पूर्व में हेट फ्री जोन) की भी शुरुआत की थी। इसका गठन उन्होंने 11 सितंबर को हुए आतंकी हमलों के लिए बाद किया। पूर्व राष्ट्रपति ओबामा की ओर से उन्हें चैंपियन ऑफ चेंज पुरस्कार भी दिया जा चुका है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के शहर पेशावर में हुए विस्फोट ने पूरे देश और सरकार को हिलाकर रख दिया है। शहबाज सरकार आर्थिक संकट से पहले ही जूझ रही है। अब इस विस्फोट ने जले पर नमक छिड़क दिया है। इस विस्फोट में हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है। लगभग 100 लोग तो मर चुके हैं और 150 लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं। यह विस्फोट भी कहां हुआ है? पेशावर की एक मस्जिद में। और वह किस वक्त हुआ है? दोपहर की नमाज के वक्त।
दूसरे शब्दों में तहरीके-तालिबान के आतंकवादियों ने इस्लाम का भी अपमान कर दिया है। वे लोग अपने को कट्टर इस्लामी कहते हैं और उन्होंने मस्जिद में ही विस्फोट करवा दिया। इस्लामी राष्ट्र होने का दावा करनेवाला पाकिस्तान इस घटना से कोई सबक सीखेगा या नहीं? उसने आतंकवाद को इसलिए बढ़ावा दिया कि वह भारत से कश्मीर छीन सकेगा। उसने भारत से लड़े युद्धों में विफल होने के बाद आतंकवाद को ही अपना हथियार बनाया लेकिन अब मियां की यह जूती मियां के सिर ही पड़ रही है।
दहशतगर्दी के चलते जितने लोग भारत में मरते रहे हैं, उनसे कहीं ज्यादा पाकिस्तान में मर रहे हैं। पिछले साल एक शिया मस्जिद पर हुए हमले में दर्जनों लोग मारे गये थे। इसी पेशावर में 2016 में हुए हमले के कारण लगभग 150 मासूम बच्चे कुर्बान कर दिये गये थे। वे बच्चे एक फौजी स्कूल में पढ़ रहे थे। इस मस्जिद में अभी मृतकों में ज्यादातर पुलिस के अफसर और जवान ही हैं। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीके-तालिबान पाकिस्तान के कमांडर ने ली है। उसने कहा है कि यह हमला उस हत्या का बदला हे, जो पिछले साल अगस्त में टीटीपी के कमांडर उमर खालिद खुरासानी की काबुल में की गई थी।
तहरीक यों तो पाकिस्तानियों का संगठन है लेकिन यह अफगानिस्तान के तालिबान के साथ गहरे में जुड़ा हुआ है। अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार और पाकिस्तान की सरकार के बीच भी लगातार खटपट चल रही है। तहरीक के नेता पठान हैं और तालिबान भी पठान हैं। दोनों पंजाबी वर्चस्व के खिलाफ कटिबद्ध हैं। इसीलिए डूरेन्ड लाइन पर भी फिर से विवाद छिड़ गया है।
कितने आश्चर्य की बात है कि काबुल की तालिबान सरकार को अभी तक पाकिस्तान सरकार ने औपचारिक मान्यता भी नहीं दी है। पाकिस्तान के गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा है कि इस हमले का इस्लाम से कुछ लेना-देना नहीं है। नमाज पढ़ते हुए मुसलमानों पर हमला करना कुरान की शिक्षा के विरुद्ध है। यदि यह बात ठीक है तो यह मानना पड़ेगा कि या तो पाकिस्तान के नागरिक तालिबान मुसलमान नहीं हैं या जो लोग मारे गये हैं, उन्हें तालिबान लोग मुसलमान नहीं मानते। ये दोनों बातें गलत हैं। मरनेवाले और मारनेवाले दोनों ही मुसलमान हैं। इस्लाम का इससे बड़ा अपमान क्या होगा कि मुसलमान ही मुसलमानों को मार रहे हैं। (लेखक, भारतीय विदेश परिषद नीति के अध्यक्ष हैं।)
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कनाडा के ब्रैम्पटन प्रांत में एक हिंदू मंदिर में तोड़-फोड़ की गयी और भारत-विरोधी नारे लिखे गये। इस घटना से भारतीय समुदाय सदमे में है। टोरंटो में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने मंगलवार को ब्रैम्पटन में गौरी शंकर मंदिर पर हमले की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया।
वाणिज्य दूतावास कार्यालय ने एक बयान में कहा कि बर्बरता के इस घृणित कृत्य से कनाडा में भारतीय समुदाय की भावनाओं को गहरा ठेस पहुंची है। हमने कनाडा के अधिकारियों के साथ इस मामले पर अपनी चिंताओं को उठाया है। फिलहाल इस मामले की कनाडा के अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है। ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने इस घटना की निंदा की।
ब्राउन ने ट्वीट किया कि बर्बरता के इस घृणित कृत्य का हमारे शहर या देश में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पील क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख निशान दुरैयप्पा से इस संदर्भ में बात की है। ब्राउन ने कहा कि हर कोई अपने पूजा स्थल में सुरक्षित महसूस करने का हकदार है। उल्लेखनीय है कि जनवरी माह में खालिस्तानी समर्थकों ने आस्ट्रेलिया में भी 3 हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस द्वारा खालिस्तान के लिए बुलाए गए जनमत संग्रह के दौरान ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासी और खालिस्तान समर्थकों के बीच हाथापाई हो गई। द एज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत समर्थक राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए फेडरेशन स्क्वायर, मेलबर्न में रेफरेंडम स्थल पर पहुंचे और नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन को शांत करने के लिए मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल करने वाली विक्टोरिया पुलिस ने बताया कि हंगामे के बीच 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया और जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा उनके उग्र व्यवहार के लिए उन्हें नोटिस भी दिया गया है। कई सिखों को हिरासत में लिया गया है।
ट्विटर पर पोस्ट किये गये कई वीडियो में खालिस्तान समर्थकों को दिन में भारतीयों पर लाठियों से हमला करते देखा गया। उन्हें भारतीय तिरंगे को छीनते और नुकसान पहुंचाते भी देखा गया था। वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट किया कि मैं ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी समर्थक द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों की कड़ी निंदा करता हूं। असामाजिक तत्व, जो इन गतिविधियों से देश की शांति और सद्भाव को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए और दोषियों को कठघरे में लाया जाना चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन में 2 लोग घायल हुए हैं। एक के सिर में चोट लगी और दूसरे के हाथ में चोट आई। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय द्वारा पुलिस को पहले ही सूचित किये जाने के बावजूद यह हमला हुआ। मेलबर्न में फेडरेशन स्क्वायर पर नियोजित विरोध के बारे में द ऑस्ट्रेलिया टुडे को आस्ट्रेलिया में रह रही जालंधर की एक भयभीत युवती ने बताया कि जालंधर में रहने वाले मेरे माता-पिता ने मुझे बताया है कि ये खालिस्तानी बहुत खतरनाक हैं और हमला करने से नहीं हिचकेंगे।
भारत पहले ही ऑस्ट्रेलिया सरकार को देश में खालिस्तानी अलगाववादियों की भारत-विरोधी गतिविधियों और देश के विभिन्न हिस्सों में हिन्दू मंदिरों में तोड़फोड़ पर रोक लगाने के लिए कह चुका है। कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग ने 26 जनवरी को जारी बयान में बेहद कड़े शब्दों में कहा है कि पछले कुछ समय से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) और ऑस्ट्रेलिया से बाहर के अन्य संगठनों की शह और उकसावे पर ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान समर्थक तत्व अपनी गतिविधियां तेज कर रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नकदी संकट से जूझ रही पाकिस्तान सरकार ने रविवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 35-35 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी। इससे देश में पहले से ही महंगाई से जूझ रही जनता को और तेज झटका लगा है।
वित्त मंत्री इशाक दार ने रविवार सुबह टीवी पर जनता को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। इससे पहले देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव प्रत्येक पखवाड़े में महीने की पहली और 16 तारीख को किया जाता था।
दार ने कहा कि हमने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 35-35 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि करने का फैसला किया है। केरोसिन तेल और हल्के डीजल तेल की कीमतों में भी 18-18 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।
नई कीमतें रविवार सुबह 11 बजे से प्रभावी : नई कीमतें रविवार सुबह 11 बजे से प्रभावी हो गयी हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 249.80 रुपये प्रति लीटर, हाई-स्पीड डीजल की कीमत 262.80 रुपये प्रति लीटर, मिट्टी के तेल की कीमत 189.83 रुपये प्रति लीटर और हल्के डीजल की कीमत 187 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
आईएमएफ की कठिन शर्तें मानने के लिए तैयार : पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि उनकी पार्टी की अगुआई वाला सत्तारूढ़ गठबंधन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की कठिन शर्तों को मानने के लिए तैयार हो गया है, जिससे पाकिस्तान के लिए स्वीकृत राहत पैकेज बहाल किया जा सके।
दार ने कहा कि सरकार ने पिछले साल अक्टूबर से इस साल 29 जनवरी तक पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया था और डीजल व केरोसिन की कीमतें कम भी कर दी थीं। कीमत बढ़ने से पहले पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गयीं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तरी पेरू में शनिवार को एक यात्री बस के खाई में गिर जाने से उसमें सवार कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोरिआंका टूर्स की बस राजधानी लीमा से इक्वाडोर सीमा के पास पेरू के तटीय रेगिस्तान पर स्थित तुंबस शहर की ओर जा रही थी।
अधिकारियों के मुताबिक, रविवार तड़के हुई इस दुर्घटना में बस में सवार कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गये। उन्होंने बताया कि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में घायल कुछ यात्रियों की हालत गंभीर है, ऐसे में मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। पेरू के अभियोजक कार्यालय का कहना है कि तेज गति और लापरवाह तरीके से वाहन चलाना पेरू में सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में शुमार है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर पश्चिमी ईरान के पश्चिम अजरबैजान प्रांत के खोए शहर में शनिवार रात भूकंप से भारी तबाही मची है और जानमाल का नुकसान हुआ है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई। टीआरटी वर्ल्ड के मुताबिक, भूकंप में सात लोगों की मौत हो गई और करीब 440 लोग घायल हो गए। खोए के अलावा आस-पास के कई शहरों में झटके आये।
यूएसजीएस ने कहा कि 23:44:44 बजे (यूटीसी+05:30) भूकंप आया। ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार भूकंप के झटके काफी तेज थे और ईरान के पश्चिम अजरबैजान प्रांत के कई इलाकों में महसूस किए गए। पड़ोसी पूर्वी अजरबैजान की प्रांतीय राजधानी तबरेज सहित कई शहरों में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये।
खोय, खोय काउंटी का एक शहर है जो ईरान के पश्चिम अजरबैजान प्रांत की राजधानी है।
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है।
ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है। लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर ऑकलैंड में लगातार जारी मूसलाधार बारिश और उससे उत्पन्न बाढ़ जैसी स्थिति से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लापता हैं। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस बीच, अधिकारियों ने ऑकलैंड में आपात स्थिति की घोषणा की। वहीं, देश के नए प्रधानमंत्री क्रिस हिपकिंस ने बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सैन्य विमान से शहर का निरीक्षण किया।
जैसिंडा अर्डर्न के इस्तीफे के बाद हिपकिंस ने बुधवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। हिपकिंस ने कहा कि बारिश ने ऑकलैंड को बुरी तरह से प्रभावित किया है। शहर के लोगों को इस बात के लिए तैयार रहने की जरूरत है कि वहां और अधिक बारिश हो सकती है। इससे पहले, ऑकलैंड हवाई अड्डे के टर्मिनल के कुछ हिस्सों में पानी भर जाने और सभी उड़ानें रद्द किए जाने के कारण सैकड़ों यात्री शुक्रवार को रातभर हवाईअड्डे पर फंसे रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार शाम उन्हें बाढ़ प्रभावित एक पुलिया से एक व्यक्ति का शव मिला, जबकि एक अन्य व्यक्ति का शव शनिवार तड़के पानी में डूबे पार्क से बरामद हुआ। उन्होंने बताया कि दो अन्य लोग लापता हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
अधिकारियों के मुताबिक, ऑकलैंड में बाढ़ के पानी में बह जाने से एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिली है, जबकि रेमुएरा के उपनगर में भूस्खलन में एक घर के धंसने के कारण एक व्यक्ति का पता नहीं चल पा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में ऑकलैंड के कुछ हिस्सों में सड़कों पर सीने तक पानी भरा दिखाई दे रहा है।
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