एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान से एक दर्दनाक हादसे की खबर आ रही है। यहां क्वेटा जाने वाली जाफर एक्सप्रेस में गुरुवार को धमाका हुआ है। धमाके में कम से कम दो यात्रियों की मौत हो गयी और चार अन्य घायल हो गये हैं। धमाका उस वक्त हुआ जब क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस चिचावतनी रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी। जाफर एक्सप्रेस पेशावर से आ रही थी।
विस्फोट जाफर एक्सप्रेस के इकोनॉमी क्लास के बोगी नंबर 6 में हुआ, जिसके परिणामस्वरूप दो लोगों की मौत हो गयी और कम से कम चार लोग घायल हो गये हैं। जिन्हें पास के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। सूत्रों के मुताबिक विस्फोट की प्रकृति अभी भी अज्ञात है। विस्फोट कैसे हुआ और किसने किया अभी इसकी जांच की जा रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में एक बार फिर से फायरिंग की घटना सामने आयी। अमेरिका के टेक्सास के एल पासो के एक शॉपिंग मॉल में फायरिंग की गयी जिसमें स्थानीय पुलिस ने बुधवार शाम शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट में फायरिंग को लेकर जानकारी दी। फायरिंग में चार लोगों को गोली मारी गई जिसमें अब तक एक शख्स के मारे जाने की खबर है।
एल पासो पुलिस विभाग के प्रवक्ता रॉबटर् गोमेज ने गुरुवार को यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने कहा कि गोलीबारी करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी सिएलो विस्टा मॉल के अंदर हुई। उन्होंने कहा कि हमारे पास इस समय कोई शॉर्प शूटर नहीं है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई और खाद्य सामग्रियों की कमी का संकट पहले ही गहरा चुका है। अब इस बीच शहबाज सरकार ने आईएमएफ से सस्ता कर्ज लेने के लिए जनता पर बोझ और बढ़ा दिया है। बताया गया है कि पाकिस्तान में अब पेट्रोल की कीमतें बढ़ाकर 272 रुपये प्रति लीटर कर दी गयी हैं। इसके अलावा यहां डीजल की कीमतों में भी इजाफा कर 280 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल-डीजल की यह बढ़ी कीमतें पहले से परेशानी में पड़ी पाकिस्तान की जनता की मुश्किलें और बढ़ाने वाली हैं।
शहबाज शरीफ सरकार की तरफ से ईंधन की दरों में बढ़ोतरी का यह फैसला संसद में नये सप्लीमेंट्री फाइनेंस बिल को पेश करने के बाद आया। इसमें उनकी सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) को 18 फीसदी तक पहुंचाने का प्रस्ताव रखा, ताकि पाकिस्तान इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए 170 अरब रुपये का कर जुटा सके।
एक बार में 22 रुपये तक बढ़ गये पेट्रोल-डीजल के दाम : जियो टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज सरकार के इस फैसले की वजह से पाकिस्तान में एक ही बार में पेट्रोल के दाम 22.20 रुपये तक बढ़ गये और इसकी कीमतें रिकॉर्ड 272 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गयी। पाकिस्तान के वित्तीय विभाग के मुताबिक, देश में अब केरोसीन तेल की कीमत 202 रुपये प्रति लीटर पहुंच गयी है। वहीं, हल्का डीजल अब 196 रुपये प्रति लीटर और रेगुलर डीजल 280 रुपये प्रति लीटर की पर पहुंच चुका है।
आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने के लिए उठाया कदम : गौरतलब है कि पाकिस्तान में ईंधन की दरों में वृद्धि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की तरफ से रखी गयी शर्त थी। तय था कि आईएमएफ की इस मांग के चलते पाकिस्तान में महंगाई बढ़ेगी। हालांकि, कर्ज लौटाने के एवज में इस शर्त का माना जाना जरूरी था। पाक में दूध की कीमत 210 रुपये प्रति लीटर तक जा पहुंचीं है, जबकि मुर्गे का मीट 780 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुका है। पेट्रोल के दाम बढ़ने के बाद यह स्थिति और बिगड़ सकती है।
29 जनवरी को 35 रुपये प्रति लीटर बढ़ी थी ईंधन की कीमतें : इससे पहले 29 जनवरी को पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 35 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी थी। इसके चलते पाकिस्तान की जनता में पहले ही रोष था। अब एक महीने के अंदर ही देश में पेट्रोल की कीमतों में 57 रुपये, डीजल की कीमतों में 62 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। न्यूजीलैंड में चक्रवात गेब्रियल भयावह स्थितियां उत्पन्न कर रहा है। चक्रवात के बाद अब बाढ़ न्यूजीलैंड के लिए बड़ी मुसीबत बन गयी है। बाढ़ से न्यूजीलैंड की एक तिहाई आबादी प्रभावित हुई है और स्थितियां सामान्य नहीं हो पा रही हैं।
चक्रवात गेब्रियल ने न्यूजीलैंड के कई द्वीपों में तबाही मचायी है। बड़े पैमाने पर बाढ़ के साथ भूस्खलन हुआ है। समुद्री लहरें उमड़ने से समुद्र तट पर अफरातफरी है। भारी बारिश और तेज हवा के कारण हजारों घरों की बिजली गुल हो गयी है। इस कारण विमान सेवाओं का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है और सैकड़ों उड़ानें रद कर दी गयी हैं। तूफान के बाद न्यूजीलैंड सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है। चक्रवात के कारण आयी बाढ़ अब देश की नयी मुसीबत बनकर उभरी है। बाढ़ से देश की एक तिहाई आबादी प्रभावित है और उनके लिए सामान्य जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है।
चक्रवात व बाढ़ के कारण सवा लाख से अधिक लोग बेघर होकर सड़कों पर आ गये हैं। दरअसल पेड़ गिरने से तमाम घर टूट गये हैं और भूस्खलन से कई घर बह गये हैं। देश भर में सड़कों अवरुद्ध हो जाने के कारण आवाजाही प्रभावित हो गयी है।
उत्तरी द्वीप के सुदूर उत्तर और पूर्वी तट पर रहने वालों को तूफान का सर्वाधिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। हॉक्स बे, कोरोमंडल और नॉर्थलैंड जैसे क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। हालात इस हद तक बदतर हो गये हैं कि हॉक्स बे के कुछ निवासियों को बचने के लिए बेडरूम की खिड़कियों से तैरकर बाहर आना पड़ा क्योंकि उनके घरों में पानी भर गया था। बाढ़ग्रस्त इलाकों की हवाई तस्वीरों में छतों पर फंसे लोग राहत के लिए इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भीषण तबाही झेल रहे तुर्किये में एक बार फिर भूकंप आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्किये के दक्षिण-पूर्व क्षेत्र कहरामनमरास में रविवार को भूकंप के झटके महसूस किये गये, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 मापी गई। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने बताया कि तुर्किये के कहरामनमरास शहर से 24 किलोमीटर दक्षिण में रविवार को 4.7 तीव्रता का भूकंप आया।
इससे पहले छह फरवरी को तुर्किये और सीरिया में 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसके एक-दो दिन बाद भी कई बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गये थे। अधिकारियों ने बताया कि पिछले सोमवार को तुर्किये और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप के कारण अब तक 33,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घायल हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को तुर्किये में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 29,605 हो गयी। जबकि सीरिया के उत्तर पश्चिम में विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में 2,168 और सीरिया के सरकार-नियंत्रित हिस्सों में 1,408 मौतें सहित यहां कुल 3,576 लोगों की मौत हुई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। तुर्की में आये विनाशकारी भूकंप ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। भूंकप में एक भारतीय की मौत हो गई है। भारतीय दूतावास ने इस बात की पुष्टि की है। भारतीय दूतावास ने ट्वीट करते हुए बताया कि छह फरवरी को तुर्की में भूकंप आने के बाद से लापता एक भारतीय नागरिक विजय कुमार का शव मिला है। उन्होंने कहा कि माल्टा के एक होटल के मलबे के बीच उनकी पहचान की गयी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारतीय दल भूकंप प्रभावित तुर्किये में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए ऑपरेशन दोस्त के तहत दिन-रात काम कर रहे हैं। मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि अधिकतम लोगों की जिंदगी और संपत्ति बचाने के लिए वे अपना सर्वश्रेष्ठ देते रहेंगे। संकट की इस घड़ी में भारत तुर्किये के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
मोदी ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के उस ट्वीट को संलग्न किया जिसमें भारतीय दलों द्वारा की जा रही मदद के दृश्य दिखाये गये थे। बागची ने कहा कि भारतीय सेना के चिकित्सा विशेषज्ञों का दल चौबीसों घंटे घायलों को राहत पहुंचाने के काम में जुटा है। अधिकारियों ने कहा कि तुर्की के इस्केंदरन में भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल में अब तक 106 से अधिक लोगों का इलाज किया जा चुका है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को अगले कुछ दिनों में सालभर पूरा हो जायेगा। इस बीते एक साल में इस युद्ध ने दुनियाभर को प्रभावित किया है, लेकिन अब इस युद्ध के खत्म होने की संभावनाएं नजर आ रही हैं। दरअसल, शुक्रवार को रूस-यूक्रेन युद्ध पर व्हाइट हाउस की ओर से एक बड़ा बयान जारी किया गया है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस युद्ध को रोक सकते हैं, वो अगर ऐसी पहल करेंगे तो हम उनके प्रयासों का स्वागत करेंगे। आपको बता दें कि युद्ध के सालभर पूरा होने के मौके पर भी दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है।
अमेरिकी व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने अपने बयान में कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध पर बोलना चाहें तो हम उन्हें यह प्रयास करने देंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका पीएम मोदी के प्रयासों का स्वागत करेगा। जॉन किर्बी का मानना है कि पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करके उन्हें इस युद्ध को रोकने के लिए मना सकते हैं उनके ऐसा करने से दोनों देशों के बीच की शत्रुता समाप्त हो जायेगी।
जॉन किर्बी ने इस दौरान रूसी राष्ट्रपित पुतिन पर जोरदार हमला भी बोला। उन्होंने कहा है कि मुझे ऐसा लगता है कि रूसी राष्ट्रपति के पास युद्ध को रोकने का अभी भी समय है और उन्हें ऐसा करने के लिए पीएम मोदी ही मना सकते हैं। किर्बी ने कहा कि इस मानवीय संकट को रोकने के लिए अमेरिका ने रूस के खिलाफ पश्चिम में कई प्रतिबंध लगाये हैं ताकि मानवता को बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि अमेरिका का यही प्रयास है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए रूस को रोका जाये, लेकिन रूस विमुद्रीकरण को लेकर भड़का हुआ है, जिसके लिए वो यूक्रेन को जिम्मेदार ठहरा रहा है।
किर्बी ने इस दौरान पुतिन पर जबरदस्त निशाना साधते हुए कहा कि आज यूक्रेन में आम लोगों के साथ जो भी बुरा हो रहा है, उसके लिए जिम्मेदार सिर्फ एक ही व्यक्ति है और वो पुतिन हैं। किर्बी ने कहा कि वो अभी भी युद्ध को रोक सकते हैं, लेकिन युद्ध को रोकने की बजाये रूस क्रूज मिसाइलों को ऊर्जा और बिजली के बुनियादी ढांचे में दाग रहा है और रोशनी को खत्म करने और गर्मी को खत्म करने की कोशिश कर रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। तुर्की और सीरिया में 6 फरवरी को आये विनाशकारी भूकंप से तबाही मची हुई है। हड्डियां गला देने वाली ठंड के बीच भूकंप प्रभावितों को रेस्क्यू करने का काम जारी है। लेकिन जैसे-जैसे इमारतों का मलबा हटाया जा रहा है, मरने वालों का आंकड़ा भी बढ़ता ही जा रहा है।
न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक एक दिन पहले तक मृतकों का जो आंकड़ा 22,000 पर था, वो अब बढ़कर 24,000 को भी पार कर गया है। इतने पर भी अभी मृतकों की संख्या में लगाम नहीं लगा है। मलबे के ढेर बिखरे पड़े हैं और चारों तरफ चीख-पुकार और मातम है।
तुर्की और सीरिया में भूकंप से हुई तबाही के बाद हालात बदतर होते जा रहे हैं। नये आंकड़ों के अनुसार, अब तक 24 हजार 680 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस आपदा में 85 हजार से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।
तुर्की में 20,213 लोगों की जान जा चुकी है और 80 हजार से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। कई जगह अस्थाई कब्रिस्तान बनाकर शवों को दफनाने के इंतजाम किये जा रहे हैं।
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