एबीएन सेंट्रल डेस्क। ग्लोबल पावर सिटी इंडेक्स में दुबई को लगातार तीसरी बार दुनिया का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। जापान के मोरी मेमोरियल फाउंडेशन, शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम, यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधान मंत्री और शासक द्वारा जारी ग्लोबल पावर सिटी इंडेक्स (जीपीसीआई) के अनुसार दुबई ने दुनिया के सबसे सुरक्षित और सबसे खूबसूरत शहर के रूप में भी अपनी प्रतिष्ठा अर्जित की है।
दुबई के शेख मोहम्मद ने एक ट्वीट में स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह सभ्यता, संस्कृति और विश्वास का एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने शहर को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाये रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। शेख मोहम्मद ने ट्विटर पर लिखा स्वच्छता एक सभ्यता है। स्वच्छता एक संस्कृति है। स्वच्छता आस्था का हिस्सा है। दुबई दुनिया का सबसे सुरक्षित शहर है, दुनिया में सबसे साफ और सबसे सुंदर, ईश्वर की इच्छा है। आइये हम इसे सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध रखें। मोरी मेमोरियल फाउंडेशन के शहरी रणनीति संस्थान द्वारा प्रकाशित जीपीसीआई, दुनिया भर के प्रमुख शहरों का मूल्यांकन उनकी आकर्षण शक्ति और दुनिया भर से लोगों, व्यवसायों और पूंजी को आकर्षित करने की उनकी समग्र क्षमता के आधार पर करता है।
पिछले 3 वर्षों से जापान में मोरी मेमोरियल ऑर्गनाइजेशन द्वारा जारी ग्लोबल सिटीज स्ट्रेंथ इंडेक्स के अनुसार, दुबई दुनिया का सबसे स्वच्छ शहर है। जीपीसीआई छह मुख्य श्रेणियों के आधार पर शहरों का मूल्यांकन करता है: अर्थव्यवस्था, अनुसंधान और विकास, सांस्कृतिक संपर्क, जीवंतता, पर्यावरण और पहुंच। प्रत्येक श्रेणी को आगे उपश्रेणियों में बांटा गया है और शहरों का मूल्यांकन उन संकेतकों के एक सेट के आधार पर किया जाता है जो प्रत्येक श्रेणी में उनके प्रदर्शन को मापते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अफगानिस्तान में शुक्रवार सुबह भूकंप का झटका महसूस किया गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गयी है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक आज सुबह अफगानिस्तान के फैजाबाद से 101 किमी दक्षिण में रिक्टर पैमाने पर 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप से किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
पिछले दस दिनों में यह चौथी बार है, जब अफगानिस्तान के लोगों को भूकंप का झटका सहना पड़ा है। एक दिन पहले गुरुवार सुबह 7 बजे के करीब भी लोगों ने भूकंप का झटका महसूस किया था। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गयी थी, जबकि इसका केंद्र अफगानिस्तान के फैजाबाद से 285 किलोमीटर पूर्व-उत्तर पूर्व में था।
इससे पहले, 7 मार्च की देर रात 1:40 बजे अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र धरती के अंदर 136 किलोमीटर की गहराई में था। वहीं, इस महीने की शुरुआत में 2 मार्च को भी अफगानिस्तान के फैजाबाद में भूकंप से धरती कांपी थी। यह भूकंप दोपहर 2:35 बजे आया था और इसकी तीव्रता 4.1 थी।
भूकंप से तुर्किये-सीरिया में भीषण तबाही
गौरतलब है कि 6 फरवरी के आरंभ में शक्तिशाली भूकंप से तुर्किये-सीरिया क्षेत्र में भीषण तबाही हुई थी। भूकंप से अब तक दोनों देशों में 55,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। तुर्किये की आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि भूकंप के बाद कई झटकों के आने का खतरा बना हुआ है। छह जनवरी के शक्तिशाली भूकंप के बाद से क्षेत्र में करीब 10,000 झटके आ चुके हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को देश का बजट जारी कर दिया है, जिसमें उन्होंने देश की सामाजिक सुरक्षा जाल को विस्तार देने और अर्थव्यवस्था को बदलने के लिए अमेरिका के अमीरों पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा है।
माना जा रहा है कि बाइडेन ने जो बजट पेश किया है, उसका मकसद आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए रास्ता तैयार करना है। हालांकि, बजट को लेकर काफी सख्त रहे रिपब्लिकन नेता, बजट प्रस्ताव को लेकर थोड़ी नरमी दिखा रहे हैं और माना जा रहा है कि हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में बाइडेन का बजट पास कर दिया जायेगा, जहां रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 6.9 ट्रिलियन डॉलर का महाविशालकाय बजट पेश किया है, जिसमें अमीरों पर टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन हासिल करने के लिए उन्होंने उन्हें बजट दिखाया और उन्हें बताया कि वो किन कार्यक्रमों में कटौती करना चाहते हैं। बाइडेन के बजट में मेडिकेयर में सॉल्वेंसी बढ़ाने, कम इनकम वाले परिवारों के छात्रों के लिए नई योजनाएं, चाइल्ड केयर और फ्री कम्युनिटी कॉलेज को सब्सिडी देने के प्रस्ताव शामिल हैं।
राष्ट्रपति बाइडेन ने वित्तवर्ष 2023-24 के लिए 6.9 ट्रिलियन डॉलर का बजट पेश किया है, जो पिछले बजट के मुकाबले 8 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, बाइडेन ने पिछले साल के मुकाबले देश के रक्षा बजट में इस वित्तवर्ष 3.2 प्रतिशत की वृद्धि की है। राष्ट्रपति बाइडेन के बजट में इस साल चाइल्ड केयर, मेडिकेयर और सामाजिक सुरक्षा जैसे कार्यक्रमों के लिए अनिवार्य खर्च में 3.2% की वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है।
राष्ट्रपति बाइडेन के बजट ने निगमों और सबसे धनी अमेरिकियों पर टैक्स को बढ़ाने के कई प्रस्तावों को पुनर्जीवित किया है। बजट में 10 सालों में लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर के नये टैक्स शामिल किये हैं। नये टैक्स प्रस्ताव का डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने स्वागत किया है, जिसमें अमेरिका के सबसे ज्यादा अमीरों पर भारी-भरकम टैक्स लगाया गया है, जिसे अरबपति टैक्स कहा गया है।
बजट में अमेरिका के 0.1 प्रतिशत सबसे ज्यादा अरबतियों को अब अपनी कमाई का कम से कम 25 प्रतिशत टैक्स के रूप में भुगतान करना होगा। पिछले साल के बजट में बाइडेन प्रशासन ने ऐसे अरबपतियों को 20 प्रतिशत टैक्स सीमा में रखा था, जिसे बढ़ाकर अब 25 प्रतिशत कर दिया गया है। बाइडेन के 182 पन्नों के बजट दस्तावेज में कहा गया है कि कभी भी किसी अरबपति को, किस स्कूल टीचर या किसी फायरमैन की तुलना में कम टैक्स का भुगतान नहीं करना चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा एक बार फिर से नये सिरे से कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। रिपोर्ट की मानें तो मार्क जुकरबर्ग की कंपनी और भी कर्मचारियों को बाहर करने की तैयारी कर रही है। आने वाले हफ्तों में यह छंटनी की जा सकती है। इससे पहले मेटा 12000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुका है।
कंपनी ने हजारों कर्मचारियों को सबपार रेटिंग दी थी, जिसके बाद इस बात के संकेत मिल गये थे कि कंपनी और कर्मचारियों को आने वाले महीनों में बाहर कर सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार मेटा में दूसरे चरण की छंटनी शुरू होने जा रही है। मेटा सबसे अधिक कमाई एड से करता है, लेकिन अब कंपनी मेटावर्स पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहती है। कंपनी इसके लिए पैसे बचाना चाहती है, इस वजह से कंपनी में छंटनी की तैयारी की जा रही है।
कंपनी के अंदरूनी कर्मचारियों का कहना है कि यह छंटनी वित्तीय गोल को हासिल करने के लिए की जायेगी, डायरेक्टर्स और वाइस प्रेसिडेंट्स से कहा गया है कि वह ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार करें जिन्हें बाहर किया जा सकता है। कंपनी की ओर से इस बाबत अभी तक कुछ भी आधिकारिक तौर पर नहीं कहा गया है। माना जा रहा है कि नयी छंटनी अगले हफ्ते में हो सकती है।
दरअसल, मार्क जुकरबर्ग तीसरी बार पिता बनने जा रहे हैं, ऐसे में मार्क के छुट्टी पर जाने से पहले कंपनी इस छंटनी को पूरा कर लेना चाहती है। कंपनी के एक करीबी सूत्र का कहना है कि हमें उम्मीद है कि मार्क के छुट्टी पर जाने से पहले इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जायेगा। बता दें कि इससे पहले मेटा ने 10 फीसदी कर्मचारियों को मीट्स मोस्ट की रेटिंग दी थी, जोकि कंपनी में दूसरी सबसे नीचे की रैंकिंग है। जबकि सबसे नीचे की रैंकिंग मीट्स सम होती है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूरे अमेरिका से भारतीय अमेरिकियों ने तुर्किये और सीरिया के भूकंप पीड़ितों के लिए तीन लाख डॉलर से अधिक की आर्थिक मदद जुटायी है। अमेरिकन एसोसिएशन आॅफ फिजिशियन आॅफ इंडियन ओरिजिन के पूर्व अध्यक्ष डॉ हेमंत पटेल के नेतृत्व में कई प्रतिष्ठित भारतीय अमेरिकियों के समुदाय ने करीब तीन लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक जुटाये।
न्यू जर्सी में राहत के लिए चलाये गये अभियान में अमेरिका में तुर्किये के राजदूत मूरत मर्कन और न्यूयॉर्क में तुर्की के महावाणिज्यदूत रेहान जेडजी आर भी शामिल थे। उन्होंने भूकंप प्रभावित लोगों के लिए समर्थन और मदद के लिए भारतीय अमेरिकी समुदाय को धन्यवाद दिया।
प्रतिष्ठित एलिस आइलैंड मेडल आफ आनर से सम्मानित पटेल ने बताया कि तुर्किये के राजदूत और तुर्की के महावाणिज्यदूत ने, तुर्किये के लोगों के लिए जो कुछ किया जा रहा है और भारतीय समुदाय जो कर रहा है, उसके बारे में काफी तारीफ की।
बताते चलें कि पूरे अमेरिका से भारतीय अमेरिकियों ने तुर्किये और सीरिया के भूकंप पीड़ितों के लिए तीन लाख डॉलर से अधिक की आर्थिक मदद जुटायी है। अमेरिकन एसोसिएशन आफ फिजिशियन आफ इंडियन ओरिजिन के पूर्व अध्यक्ष डॉ हेमंत पटेल के नेतृत्व में कई प्रतिष्ठित भारतीय अमेरिकियों के समुदाय ने करीब तीन लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक जुटाये।
न्यू जर्सी में राहत के लिए चलाये गये अभियान में अमेरिका में तुर्किये के राजदूत मूरत मर्कन और न्यूयॉर्क में तुर्की के महावाणिज्यदूत रेहान जेडजी आर भी शामिल थे। उन्होंने भूकंप प्रभावित लोगों के लिए समर्थन और मदद के लिए भारतीय अमेरिकी समुदाय को धन्यवाद दिया।
प्रतिष्ठित एलिस आइलैंड मेडल आफ आनर से सम्मानित पटेल ने बताया कि तुर्किये के राजदूत और तुर्की के महावाणिज्यदूत ने, तुर्किये के लोगों के लिए जो कुछ किया जा रहा है और भारतीय समुदाय जो कर रहा है, उसके बारे में काफी तारीफ की।
वहीं, सेवा इंटरनेशनल ह्यूस्टन की अमेरिकॉर्प्स टीम ने हाल ही में सीरिया और तुर्किये में भूकंप के पीड़ितों की मदद के लिए एक अभियान चलाया था। पूरे ह्यूस्टन में विभिन्न समुदायों के लोग खाना, कपड़े, सर्दियों के कोट, सफाई के लिए जरूरी चीजें, टेंट, हैंड वार्मर, जूते और बच्चों की आवश्यकताओं सहित सैकड़ों चीजों को दान किया था। तीन पिकअप ट्रकों, एक ट्रेलर, एक एसयूवी और एक बड़े यू-हॉल ट्रक के लिए 200 से अधिक बक्सों को गोदाम पहुंचाया गया।
इससे पहले रॉबिन्सविले, न्यू जर्सी में बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर ने मानवीय संकट से प्रभावित लोगों के लिए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। बीएपीएस में समुदाय के सदस्यों ने प्रार्थना के माध्यम से तुर्किये के लोगों के लिए समर्थन जताया। उनकी ओर से एम्ब्रेस रिलीफ फाउंडेशन को अपनी मानवीय राहत शाखा बीएपीएस चैरिटीज के माध्यम से 25,000 अमेरिकी डॉलर का दान दिया गया। इससे भूकंप पीड़ितों की मदद की जा सकेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन के उत्तर-पश्चिमी प्रांत शिंजियांग में भूकंप के झटके महसूस किये गये। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के मुताबिक अक्सू क्षेत्र के वेंसु काउंटी में सुबह 7:58 बजे भूकंप आया, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.1 मापी गयी। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में 41.87 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 79.85 डिग्री पूर्वी देशांतर पर देखा गया।
भूकंप का केंद्र चीन के साथ लगते ताजिकिस्तान की निकटतम सीमा से लगभग 82 किमी दूर था। भूकंप का झटका इतना तेज था कि शिंजियांग क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में काशगर और आर्टक्स में भी इसे महसूस किया गया। भूकंप की सूचना के तुरंत बाद स्थानीय अग्निशमन विभाग ने अपने दो वाहनों को 10 लोगों के साथ आपदा क्षेत्र में भेजा।
चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के मुताबिक अक्सू क्षेत्र के वेंसु काउंटी में सुबह 7:58 बजे भूकंप आया, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.1 मापी गयी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भूकंप की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पहले तुर्की और सीरिया में भूकंप ने तबाही मचाई हुई है। अब अफगानिस्तान में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक भूकंप की 4.1 तीव्रता रही। फिलहाल, कोई भी हताहत नहीं हुई।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पैपुआ न्यू गिनी और अफगानिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किये गये हैं। रिपोर्ट के अनुसार पैपुआ न्यू गिनी में 6.5 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया है। हालांकि इस भूकंप में अभी तक किसी के हताहत होने या किसी तरह के नुकसान की खबर सामने नहीं आयी है।
वहीं अफगानिस्तान की बात करें तो यहां पर फायजाबाद में भूकंप के झटके महसूस किये गये हैं। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 दर्ज की गयी है। भूकंप का झटका देर रात 2.14 बजे महसूस किये गये हैं। भूकंप का केंद्र 180 किलोमीटर जमीन के नीचे था। बता दें कि शनिवार को जापान के होक्काइडो शहर में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये हैं। यह भूकंप के झटके शनिवार रात 10.27 बजे महसूस किये गये थे।
यूएसजीसी के अधिकारियों ने बताया कि रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.1 दर्ज की गयी है। बता दें कि 20 फरवरी को भी जापान में भूकंप आया था। 20 फरवरी को भूकंप की तीव्रता 5.5 दर्ज की गयी थी। हालांकि अच्छी बात यह है कि इससे किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आयी। जिस तरह से पिछले कुछ दिनों में एक के बाद एक भूकंप के झटके आ रहे हैं उसने दुनियाभर के लोगों को चिंता में डाल दिया है। तुर्की में भूकंप से तबाही के मंजर को लोग अभी तक भूल नहीं पाये हैं।
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