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Published / 2023-09-09 10:14:45
भूकंप के तेज झटकों से कांपी मोरक्को की धरती

  • अब तक 296 लोगों की मौत व सैकड़ों घायल...रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर अफ्रीका के देश मोरक्को में भूकंप के तेज झटकों ने तबाही मचायी है। मोरक्को में जोरदार भूकंप आने से अब तक कम से कम 296 लोगों की मौत हो गयी है। 

मोरक्को के गृह मंत्री ने यह जानकारी दी। भूकंप से हुए विनाश को देखते हुए मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है। लोगों को मलबे से निकालने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

Published / 2023-09-07 23:38:34
क्या सचमुच टुकड़ों में बंट जायेगा पाकिस्तान!

सुरेश हिन्दुस्थानी

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। वर्तमान में पाकिस्तान में जिस प्रकार के स्वर मुखरित हो रहे हैं, उसके निहितार्थ लगाये जायें तो यही परिलक्षित होता है कि पाकिस्तान की जनता अब अपने ही उन नीति नियंताओं का विरोध करने पर उतारू हो गये हैं, जिन्होंने पाकिस्तान बनाने का मार्ग प्रशस्त किया था। 

पाकिस्तान के निर्माण के साथ ही राजनीतिक दुष्चक्र में गोता लगाने वाले पाकिस्तान के शासकों ने केवल अपने हित की राजनीति को ही प्रधानता दी। जिसके कारण न तो पाकिस्तान प्रगति कर सका और न ही वहां की जनता का जीवन स्तर बेहतर हो सका है। आज इस तथ्य को सभी जानते हैं कि पाकिस्तान की जनता अनेक प्रकार की विसंगतियों का सामना कर रही है। 

महंगाई का आलम यह है कि जनता लगातार पिस रही है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं के आसमान छूते भाव ने जनता के माथे पर चिंता की लकीरें स्थापित कर दी हैं। अब पाकिस्तान में एक नयी समस्या दिख रही है, जिसमें अब पाकिस्तान की जनता अपने शासकों को कोस रही है। इतना ही नहीं वहां की जनता के मुख से पाकिस्तान से आजादी प्राप्त करने की आवाजें सुनायी देने लगीं हैं। इससे हो सकता है कि पाकिस्तान अपनी स्वयं की करनी के कारण टूट कर बिखर जाये।

पूरा विश्व इस बात को भली-भांति जानता है कि आज बलूचिस्तान, गिलगित और बाल्टिस्तान में जिस प्रकार मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है, उसमें पाकिस्तान का चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। इन स्थानों पर अंदर ही अंदर पाकिस्तान के विरोध में वातावरण बना हुआ है। कुछ लोगों ने खुलकर विरोध करना प्रारंभ कर दिया है, कुछ लोग पाकिस्तान के दमनकारी रवैये के कारण डरे-सहमे हुए हैं। अगर पाकिस्तान के इन क्षेत्रों के लोगों की भावनाओं को समझा जाए तो यह क्षेत्र किसी भी तरीके से पाकिस्तान के साथ रहना नहीं चाहते।

भारत में जिस प्रकार से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिली हुई है, उसी तरह की बोलने की आजादी पाकिस्तान में भी होती तो संभवत: आज पूरे पाकिस्तान में ही विरोधी स्वर सुनायी दे रहे होते। सिंध और ब्लूचिस्तान की जनता की ओर से जहां भारत में शामिल होने के स्वर सुनाई देने लगे हैं। इतना ही नहीं, इन प्रदर्शनकारियों ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का खुलकर समर्थन किया है।

आगे चलकर यह भी हो सकता है कि बलूचिस्तान और सिंध की तर्ज पर पाकिस्तान के पंजाब में भी आजादी की मांग उठने लगे। क्योंकि पंजाब के कई लोग अपने आपको आज भी स्वाभाविक रूप से भारत का हिस्सा ही मानते हैं। वहां भारतीय संस्कृति के अवशेष बिखरे हुए दिखायी देते हैं। इतना ही नहीं वहां के जनजीवन में भी भारतीयता की झलक दिखायी देती है।

पाकिस्तान में आज जो हालात दिखाई दे रहे हैं, वह केवल आतंकी आकाओं की बढ़ती हुई सक्रियता का ही परिणाम कहा जायेगा। कई क्षेत्रों में बेरोजगारी और भुखमरी के हालात हैं। पाकिस्तान ने इस समस्या के समाधान के लिए किसी प्रकार के प्रयास नहीं किके। इसके विपरीत आतंकवाद को बढ़ाने के लिए पूरा समर्थन दिया। वर्तमान में पाकिस्तान की हालत ऐसी है कि लोग आतंकवाद का विरोध करना भी चाहें तो भी नहीं कर सकते। ऐसा करने पर आतंकवादी अपने ही नागरिकों पर अत्याचार करते हैं। जिसका दंश भोली-भाली जनता को भोगना पड़ रहा है। पाकिस्तान की जनता पूरी तरह से आतंकवाद से त्रस्त आ चुकी है।

लम्बे समय से पाकिस्तान की दमनकारी अत्याचार को सहन कर रही वहां की जनता को जब लगा कि नरेन्द्र मोदी ने उनकी भावनाओं को समझा है, तो वह पूरी तरह से उनके साथ आने लगे हैं। इसके साथ ही कश्मीर की बात करें तो वहां के वातावरण को बिगाड़ने में पाकिस्तान का हाथ रहा है। यहां पर एक बात साफ है कि पूरी समस्या के लिए पाकिस्तान ही दोषी है, फिर भी उलटा चोर कोतवाल को डाटे वाली तर्ज पर पाकिस्तान की सरकार चल रही है। पाकिस्तान के अपने प्रांतों में वर्तमान में जो हालत है, उसके लिए पाकिस्तान के सरकारी मुखिया और आतंकवाद फैलाने वाले संगठन ही जिम्मेदार हैं।

पाकिस्तान के विरोध में पाकिस्तानियों के खड़े होने का आशय यही है कि वहां का हर व्यक्ति आतंकवाद का समर्थन नहीं करता। आज बलूचिस्तान में पाकिस्तान से आजादी की मांग करने के लिए जबरदस्त प्रदर्शन हो रहे हैं। यहां पहले तो इस बात को समझना चाहिए कि बलूचिस्तान क्या है? इसका जवाब यही है कि बलूचिस्तान को आजादी के समय अलग देश की मान्यता मिली थी। यह पाकिस्तान का स्वाभाविक हिस्सा नहीं था।

पाकिस्तान ने हमला करके बलूचिस्तान पर कब्जा किया था। तब से ही बलूचिस्तान के नागरिक पाक की ज्यादतियों के विरोध में आवाज उठाते रहे हैं। इसलिए यह कहना कि यह भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कारण हो रहा है, किसी भी रूप से सही नहीं है। यह बात सही है कि पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे पर बेशर्मी की हदें पार करने वाला व्यवहार करता आया है, इसलिए उससे कश्मीर के मामले में अच्छे व्यवहार की कल्पना करना निरर्थक ही है। बार-बार पराजय झेलने के बाद भी उसकी भूमिका में कोई सुधार नहीं आया है।

अब सवाल यह आता है कि जिस प्रकार से बलूचिस्तान और सिंध में पाकिस्तान से आजाद होने की आवाजें उठ रही हैं, उसमें भारत की क्या भूमिका रहेगी। पाकिस्तान के प्रांतों में आजादी के लिए हो रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते एक बात स्पष्ट रूप से दिखायी दे रही है कि पाकिस्तान भविष्य में तीन या चार हिस्सों में विभाजित हो जायेगा। मान लीजिए पाकिस्तान के चार हिस्से बनते हैं, तब बलूचिस्तान, सिंध और पंजाब देश पाकिस्तान के विरोध में रहेंगे। तब पाकिस्तान एक दम कमजोर हो जायेगा और फिर उसकी ओर से फैलाये जा रहे आतंकवाद की आग में वह स्वयं ही झुलस जायेगा। (लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार है और ये उनके निजी विचार हैं।)

Published / 2023-09-04 15:30:55
चीन : साओला तूफान से देशभर में तबाही

  • आठ हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत गुआंग्डोंग में शक्तिशाली तूफान साओला के कारण हुई भारी वर्षा से अचानक बाढ़ गयी, जिसमें फंसे लोगों में से लगभग करीब आठ हजार लोगों को निकाल कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। युनफू शहर के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। 

आपातकालीन स्थितियों पर स्थानीय प्राधिकारी ने बताया कि तूफान के कारण लंबे समय तक हुई भारी वर्षा के कारण लुओडिंग नदी में जल स्तर सामान्य स्तर से ऊपर बढ़ने से यह क्षेत्र जलमग्न हो गया। 

उन्होंने कहा, तीन सितंबर को स्थानीय समयानुसार अपराह्न करीब 02:25 बजे तक 7,960 से अधिक लोगों को युनान काउंटी के जलमग्न इलाकों से बाहर निकाला गया। 

चीन मौसम विज्ञान प्रशासन ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि चीन के दक्षिणी क्षेत्र में तूफान के कारण उच्चतम स्तर की आपातकालीन प्रतिक्रियाएं दी जायेंगी।

Published / 2023-09-01 10:10:25
पाकिस्तान : डीजल-पेट्रोल के दाम ने तोड़ दी लोगों की कमर

  • पाकिस्तान में महंगाई से हाहाकार, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े...चीनी ने भी किया मुंह फीका

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 300 रुपये/लीटर के पार पहुंच गयी हैं। कार्यवाहक सरकार ने पेट्रोल के दामों में 14.91 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है जिसके बाद पेट्रोल के दाम बढ़कर 305.36 रुपये और डीजल की कीमत में 18.44 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है जिसके बाद डीजल प्रति लीटर 311.84 रुपये हो गया है। 

वित्त मंत्रालय ने देर रात एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि इस वृद्धि से पेट्रोल की कीमत 305.36 रुपये प्रति लीटर और हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) 311.84 रुपए प्रति लीटर हो गयी है। केरोसीन या हल्के डीजल तेल की दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया।

चीनी ने किया मुंह फीका पाकिस्तान में चीनी के दाम 200 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गये हैं। इस तरह से बाजार में चीनी के लिए मारामारी शुरू हो गयी है, अब पाकिस्तान सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन चीनी मौजूदा कीमत पर आयात करने का फैसला लिया ताकि घरेलू दाम कंट्रोल हो सके।

करीब 10 लाख मीट्रिक टन चीनी का स्टॉक होने बावजूद पाकिस्तान के पंजाब खाद्य विभाग ने निकट भविष्य में चीनी संकट के बारे में चेताया है। 

पाकिस्तान सरकार के पास अब संकट को कम करने को लेकर बचे हुए स्टॉक को उपयोग करने के आलावा और कोई विकल्प नहीं है। आवाम को 100 रुपये प्रति किलो के आधिकारिक दाम  के बजाए चीनी के लिए 220 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।

बिजली के दाम भी बढ़े पाकिस्तान के प्रांत पंजाब के शहर गोजरा सदर पुलिस ने बढ़े हुए बिजली बिलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले करीब 158 लोगों के खिलाफ दो मामले दर्ज किये। 

प्रदर्शनकारियों ने गोजरा और टोबा टेक सिंह इंटरचेंज के बीच का रास्ता अवरुद्ध कर दिया है। एससीसीआई के अध्यक्ष साजिद हुसैन तररर ने सरकार से बिजली दरों में बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की। व्यापारियों ने 2 सितंबर को बंद हड़ताल करने की भी धमकी दी।

Published / 2023-08-25 18:40:36
आखिर क्यों नहीं भारत आयेंगे पुतिन, क्या नाराज हो गया जिगरी दोस्त...

  • जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत नहीं आयेंगे व्लादिमीर पुतिन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अगले माह में दिल्ली में होने जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल नहीं होंगे। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इसकी पुष्टि की है। 

उन्होंने कहा कि पुतिन भारत में सितंबर में होने वाले जी-20 सम्मेलन के लिए यात्रा की योजना नहीं बना रहे हैं। अभी उनका मुख्य जोर एक विशेष सैन्य अभियान पर है। बता दें कि मॉस्को और कीव के बीच 24 फरवरी 2022 से भीषण युद्ध जारी है। 

जी-20 शिखर सम्मेलन इस साल सितंबर में भारत में होने जा रहा है, जिसकी तैयारियां खूब जोरों से चल रही हैं। सम्मेलन को लेकर भारत ने सभी जी-20 सदस्य देशों, आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नेताओं को निमंत्रण भेजा था। 

हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पा रही थी कि पुतिन शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे या नहीं। पुतिन इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी नहीं पहुंचे। 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को उन्होंने वर्चुअली संबोधित किया।

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने पुतिन को युद्ध अपराध, नरसंहार और यूक्रेन में बच्चों के जबरन स्थानांतरण का दोषी ठहराया है। माना जा रहा है कि इसीलिए पुतिन गिरफ्तारी से बचने के लिए ब्रिक्स के सम्मेलन में भौतिक रूप से नहीं पहुंचे। भारत इस समय जी-20 की मेजबानी कर रहा है। 

यह समूह दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर सरकारी मंच है। ये सदस्य वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85 फीसदी, वैश्विक व्यापार का 75 फीसदी से अधिक और विश्व जनसंख्या का लगभग दो-तिहाई प्रतिनिधित्व करते हैं। 

समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूके, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।

Published / 2023-08-22 23:26:15
लूना के क्रैश होने पर सदमे में रूसी वैज्ञानिक

  • लूना-25 मिशन के क्रैश होने से लगा झटका
  • रूस के शीर्ष अंतरिक्ष विज्ञानी अस्पताल में भर्ती

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस की करीब आधी सदी बाद चांद की सतह पर उतरने की उम्मीदें उस वक्त टूट गयीं, जब उसका चंद्रमा मिशन लूना-25 क्रैश हो गया। लूना-25 के क्रैश होने से रूस के अंतरिक्ष विज्ञानियों को बड़ा झटका लगा है। इसकी वजह से रूस के शीर्ष भौतिक विज्ञानी की तबीयत बिगड़ गयी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। 

खबर के अनुसार, रूस के लूना मिशन के क्रैश होने के कुछ ही घंटों बाद रूस के शीर्ष वैज्ञानिक मिखाइल मारोव (90 वर्षीय) की तबीयत बिगड़ गयी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। रूसी मीडिया के अनुसार, लूना-25 मिशन के फेल होने का उन्हें धक्का पहुंचा है। बाद में अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए मिखाइल मारोव ने चंद्रमा मिशन के फेल होने पर कहा कि अभी जांच चल रही है लेकिन मैं परेशान क्यों न होऊं, यह जिंदगी भर का सवाल है, मैं इससे दुखी हूं। 

हम चांद पर सही तरीके से लैंडिंग नहीं कर पाये, यह दुखी करने वाला है। मेरे लिए यह हमारे चंद्रमा प्रोग्राम को फिर से शुरू करने का आखिरी मौका था। लूना-25 मिशन के साथ रूस को उम्मीद थी कि वह सोवियत संघ के समय के लूना प्रोग्राम को फिर से शुरू कर सकेंगे लेकिन रविवार को रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने पुष्टि की कि लूना-25 मिशन से संपर्क टूट गया है वह चांद की सतह पर क्रैश कर असफल हो गया है। 

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि लैंडिंग से पहले के आॅर्बिट में कोई तकनीकी खामी आने की वजह से रूस का लूना-25 मिशन नियंत्रण से बाहर चला गया था और आखिरकार चांद की सतह पर क्रैश हो गया। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी का शनिवार को ही लूना-25 से संपर्क टूट गया था। सोमवार को लूना-25 को चांद की सतह पर लैंड करना था।

Published / 2023-08-20 16:27:52
अमेरिका : हवाई के जंगल में अगलगी से मरने वालों की संख्या 114 पहुंची

पीड़ितों की तलाश जारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में हवाई प्रांत के माउई जंगल में लगी आग से मरने वालों की संख्या बढ़कर 114 हो गयी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। माउई पुलिस विभाग ने एक अपडेट में पुष्टि की कि गुरुवार को जंगल की आग में मरने वालों की कुल संख्या 111 थी जो शुक्रवार को बढ़कर 114 हो गयी। 

हवाई के गवर्नर जोश ग्रीन ने कहा कि आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है।  गवर्नर ने कहा- माउई में तबाही के दायरे को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। भीषण आग से करीब 2,200 से अधिक इमारतें नष्ट हो गयी हैं। अब, हम जीवित बचे लोगों की तलाश करने, अलग हुए परिवारों को फिर से मिलाने और जिन्हें हमने खो दिया है उनके अवशेषों की पहचान करने के कठिन काम में लगे हुए हैं। 

व्हाइट हाउस ने इस सप्ताह की शुरुआत में एक बयान में बताया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन आग पीड़ितों और स्थानीय अधिकारियों से मिलने के लिए सोमवार को माउई जायेंगे।

Published / 2023-08-15 19:51:31
रूस : गैस स्टेशन में धमाके से 12 की मौत, 60 से ज्यादा घायल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस में बड़ा हादसा हुआ है, जहां एक गैस स्टेशन में आग लगने से जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके के कारण 12 लोगों की मौत हो गई है और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में दो बच्चे भी शामिल हैं। घटना रूस के दागेस्तानी शहर की है। 

रिपोर्ट के अनुसार, आग हाइवे के किनारे स्थित एक ऑटो रिपेयर की दुकान में लगी थी और एक धमाके के साथ देखते ही देखते यह आग पास के ही गैस स्टेशन तक पहुंच गयी। जिससे गैस स्टेशन भीषण आग की लपटों में घिर गया। इस आग के चलते एक मंजिला मकान भी जलकर खाक हो गया। इस आग से झुलसकर 12 लोगों की मौत हो गयी और 60 से ज्यादा लोग घायल हो गये।  एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया युद्ध जैसे हालात थे। 

दागेस्तानी के गवर्नर सर्गेई मेलीकोव ने बताया कि घटना मंगलवार सुबह की है। घायलों में 13 बच्चे शामिल हैं। आग इतनी भीषण थी कि अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को आग पर काबू पाने में साढ़े तीन घंटे का समय लग गया। आग ने 600 स्कवायर मीटर के इलाके को अपनी चपेट में लिया।

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