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Published / 2025-04-15 20:49:52
इस साल यूरोप की जनसंख्या में आयेगी भारी कमी... बाबा वेंगा की भविष्यवाणी से लोगों में त्राहिमाम जैसी स्थिति

इस साल कहां आने वाली है बड़ी तबाही? बाबा वेंगा और नास्त्रेदमस ने की है एक जैसी भविष्यवाणी 

एबीएन नॉलेज डेस्क। भविष्यवक्ता बाबा वेंगा और नास्त्रेदमस की कई भविष्यवाणियां सही साबित हुई हैं। यही वजह है कि लोग उनकी हर भविष्यवाणी पर काफी गौर करते हैं। साल 2025 के लिए भी उन्होंने कई प्रेडिक्शन किये हैं, जिनमें से एक भविष्यवाणी ऐसी है, जो बिल्कुल सेम है। ये भविष्यवाणी यूरोप के लिए की गयी है। दोनों भविष्यवक्ताओं के अनुसार यूरोप में बड़ा युद्ध होगा, जो काफी भयावह होगा और इसमें कई लोगों की जान जाने का भी खतरा है।   

बाबा वेंगा बुल्गारिया की भविष्यवक्ता थीं। वह दृष्टिहीन थीं। उनका जन्म 1911 में हुआ और 1996 में उनकी मृत्यु हो गयी। 2025 के लिए उन्होंने भविष्यवाणी की कि यूरोप में एक ऐसा संघर्ष शुरू होगा, जिससे महाद्वीप की जनसंख्या में भारी गिरावट आयेगी। उन्होंने संकेत दिया था कि ये संघर्ष सिर्फ सैन्य नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक भी हो सकता है।  

रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से युद्ध चल रहा है, जिसका समाधान नजर नहीं आ रहा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों भी रूस को फ्रांस और यूरोप के लिए खतरा बता चुके हैं। पिछले महीने ही उन्होंने एक बयान में कहा था कि क्रेमलिन हजारों अतिरिक्त टैंकों और सैकड़ों जेट विमानों के साथ अपनी सेना का विस्तार कर रहा है। इमैनुअल मैक्रों ने कहा था कि रूस अपने बजट का 40 प्रतिशत सैन्य ताकत बढ़ाने पर खर्च कर रहा है। 

यूरोप में गहराते आंतरिक मतभेद के बीच बाबा वेंगा की उस भविष्यवाणी पर गौर करें, जिसमें उन्होंने कहा था- एक पुराना महाद्वीप गुम हो जायेगा, तो सबसे पहले यूरोप का नाम दिमाग में आता है। बाबा वेंगा की भविष्यवाणी में गुम होना का मतलब सांकेतिक हो सकता है। 

इसका मतलब ये हो सकता है कि महाद्वीप का प्रभाव, शक्ति और जनसंख्या नष्ट हो सकती है। युद्ध की वजह से लोगों की जान जा सकती है। राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है, अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है और सभ्यता का केंद्र कहीं और शिफ्ट हो सकता है। 

नास्त्रेदमस ने भी यूरोप को लेकर बाबा वेंगा जैसी ही भविष्यवाणी की है। उन्होंने यूरोप में क्रूर युद्ध का अनुमान लगाया और प्राचीन प्लेग बीमारी फैलने की भी भविष्यवाणी की, जिसकी वजह से बड़ी दिक्कतों का सामना करना पडेगा। यह बीमारी जनसंख्या के लिए बड़ा खतरा बनेगी। नास्त्रेदमस फ्रेंच एस्ट्रोलॉजर और फिजिशियन थे, जिनकी साल 1566 में मृत्यु हो गयी थी। उनका जन्म 1503 में हुआ था।

Published / 2025-04-05 21:37:10
टैरिफ पॉलिसी के बाद यूएसए में मंदी का खतरा

टैरिफ पॉलिसी से अमेरिका में आ सकती है मंदी 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका की बड़ी फाइनेंशियल सर्विस फर्म जेपी मॉर्गन ने चेतावनी दी है कि देश की अर्थव्यवस्था 2025 के अंत तक मंदी की चपेट में आ सकती है। इसके पीछे मुख्य वजह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति को माना जा रहा है। 

ट्रंप ने हाल ही में 2 अप्रैल को वैश्विक स्तर पर सभी देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ (प्रतिस्पर्धी शुल्क) लगाने का ऐलान किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक माहौल में भारी उथल-पुथल मच गयी। इसके बाद गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखी गयी, जो कि 2020 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट रही। 

टैरिफ का बोझ अमेरिका की जीडीपी पर भारी 

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने सभी देशों पर 10% बेसलाइन टैरिफ लागू कर दिया है। भारत समेत 60 से अधिक देशों पर उच्च टैरिफ लगाये गये हैं। वहीं चीन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका से आने वाले सामानों पर 34% आयात शुल्क लगा दिया है।

जेपी मॉर्गन के चीफ यूएस इकनॉमिस्ट माइकल फेरोली ने शुक्रवार को जारी एक नोट में लिखा कि अगर टैरिफ पॉलिसी में बदलाव नहीं किया गया तो इसका सीधा प्रभाव अमेरिका की जीडीपी पर पड़ेगा। उन्होंने आगाह किया कि आने वाले समय में बेरोजगारी दर 5.3% तक पहुंच सकती है, जो मौजूदा स्थिति से कहीं ज्यादा खराब है।

चीन के बाद कई अन्य देश भी ट्रंप की नीति के खिलाफ जवाबी शुल्क लगाने की तैयारी में हैं। यदि ऐसा होता है, तो अमेरिका के निर्यात, आयात और औद्योगिक उत्पादन सभी पर असर पड़ सकता है, जिससे आर्थिक सुस्ती और गहरी हो सकती है।

Published / 2025-04-04 18:21:55
अमेरिका के टैरिफ बढ़ाते ही चीन ने लगा दिया 34% का एक्सट्रा टैरिफ

चीन का अमेरिका पर पलटवार, लगा दिया 34% एक्स्ट्रा टैरिफ 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन ने शुक्रवार को अमेरिका पर पलटवार करते हुए वहां से आयातित सभी उत्पादों पर 34 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीनी निर्यात पर 34 प्रतिशत शुल्क लगाने के फैसले के जवाब में किया गया है।  

ये शुल्क 10 अप्रैल से अमेरिकी वस्तुओं पर लगाये जायेंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका द्वारा व्यापारिक साझेदारों पर जवाबी शुल्क लगाये जाने के बाद चीन ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में शिकायत दर्ज करायी है।  

इतना ही नहीं, चीन ने यह भी कहा कि वे अमेरिका से आने वाले मेडिकल सीटी एक्स-रे ट्यूबों की जांच शुरू करेंगे और दो अमेरिकी कंपनियों से पोल्ट्री उत्पादों के आयात पर रोक लगायेंगे।

चीन ने उठाया बड़ा कदम 

इसके अलावा चीन ने कहा कि वह 11 अमेरिकी कंपनियों को अपनी अविश्वसनीय संस्थाओं की लिस्ट में शामिल कर रहा है, जो उन्हें चीन में या चीनी कंपनियों के साथ व्यापार करने से रोकती हैं। 

इतना ही नहीं, चीन ने बेशकीमती गैडोलीनियम और यिट्रियम समेत कुछ अन्य धातुओं के निर्यात पर भी सख्ती बरतने का संकेत दिया है। खास बात यह है कि इन सभी धातुओं का खनन चीन में सबसे ज्यादा किया जाता है। इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक कारों से लेकर स्मार्ट बमों तक हर चीज में होता है।

Published / 2025-04-03 18:59:55
अमेरिका के नये टैरिफ से भारत पर क्या होगा असर

अमेरिका द्वारा लगाए गए नए 26% टैरिफ से से भारत पर क्या असर पड़ेगा? 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नयी टैरिफ घोषणाओं के बाद जापान के शेयर बाजार में 3% की गिरावट आयी है और इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। निफ्टी इंडेक्स में 300 प्वाइंट्स की गिरावट देखी जा रही है। टैरिफ नीति के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ी है और शेयर बाजारों में गिरावट आयी है।

बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर टैरिफ नीति का ऐलान किया है, जिसे उन्होंने Discounted Reciprocal Tariff (छूट प्राप्त आपसी टैरिफ) का नाम दिया है। इस घोषणा के साथ ट्रंप ने इसे एक मुक्ति दिवस बताया, जिसका अमेरिका लंबे समय से इंतजार कर रहा था। उन्होंने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है और इस विषय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया अमेरिका दौरे का भी उल्लेख किया।

ट्रंप ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में अमेरिका आए थे और वह मेरे अच्छे मित्र हैं। हालांकि, मैंने उन्हें यह साफ तौर पर बताया कि भारत अमेरिका से सही तरीके से व्यवहार नहीं कर रहा है। भारत हमेशा हमसे 52 प्रतिशत टैरिफ वसूलता है, इसलिए हमने भारत से 26 प्रतिशत टैरिफ लेने का निर्णय लिया है, जो कि आधा है।

अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ - भारत के लिए क्या महत्वपूर्ण है?

तथ्यों की जानकारी (Fact Sheet) से मुख्य बिंदु:

  1.   10% टैरिफ – सभी देशों पर 5 अप्रैल से लागू।
  2. 26% टैरिफ – भारत पर 9 अप्रैल से लागू (व्यक्तिगत उच्च प्रतिशोधी टैरिफ)।
  3. टैरिफ से मुक्त वस्तुएं – स्टील/एल्युमिनियम उत्पाद, ऑटो/ऑटो पार्ट्स, तांबा, दवाएं, सेमीकंडक्टर्स, लकड़ी के उत्पाद, बुलियन, ऊर्जा और कुछ खनिज जो अमेरिका में उपलब्ध नहीं हैं।
  4. अमेरिका का MFN टैरिफ – अमेरिका का औसत MFN टैरिफ 3.3% है, जबकि भारत (17%), ब्राजील (11.2%), चीन (7.5%), यूरोपीय संघ (5%) और वियतनाम (9.4%) का MFN टैरिफ अधिक है।
  5. अमेरिका की शिकायत – भारत में रसायन, टेलीकॉम उत्पाद और मेडिकल उपकरणों पर कठिन प्रमाणन प्रक्रियाएं हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में व्यापार करना मुश्किल हो जाता है। यदि ये बाधाएं हटाई जाती हैं, तो अमेरिकी निर्यात में $5.3 बिलियन सालाना की वृद्धि हो सकती है।

ट्रम्प के भारत पर बयान के मुख्य बिंदु

  • भारत बहुत कठिन देश है – प्रधानमंत्री अभी गए हैं, वे मेरे अच्छे मित्र हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे। वे हमसे 52% शुल्क लेते हैं और हम उनसे लगभग कुछ भी नहीं लेते।
  • भारत को टैरिफ कम करना पड़ा – मुझे लगता है कि भारत ने अभी-अभी अपने टैरिफ को काफी हद तक कम करने की घोषणा की है, और मैंने कहा, यह पहले क्यों नहीं हुआ?

भारतीय शेयर बाजार पर असर (प्रभाव) – किन कंपनियों को फायदा या नुकसान?

A. स्टील/एल्युमिनियम (पहले से घोषित)

  • टैरिफ – स्टील और एल्युमिनियम पर 25% फ्लैट टैरिफ लागू।
  • असर – तटस्थ (Neutral)
  • फायदा (Positive Impact) – Novelis (Hindalco)

B. ऑटो/ऑटो पार्ट्स (पहले से घोषित)

  • टैरिफ – ऑटोमोबाइल पर 25% (3 अप्रैल से लागू), ऑटो पार्ट्स पर 3 मई से लागू होने की संभावना।
  • असर – तटस्थ (Neutral)
  • नुकसान (Negative Impact) – Tata Motors, SAMIL (कोई असर नहीं), Sona BLW, Bharat Forge, Balkrishna Industries

C. तांबा (Copper)

  • नया टैरिफ जांच आदेश – अमेरिकी सरकार ने तांबे के आयात पर टैरिफ जांच का आदेश दिया है, जिससे भविष्य में टैरिफ बढ़ सकता है।
  • अनुमान – 2025 के अंत तक अमेरिका में तांबे पर 25% टैरिफ लागू हो सकता है।
  • असर – तटस्थ (Neutral)
  • प्रभावित कंपनियां – Hindustan Copper, Vedanta

D. फार्मा (Pharma)

  • कोई अतिरिक्त टैरिफ नहीं – अमेरिकी टैरिफ सूची में फार्मा सेक्टर शामिल नहीं।
  • असर – सकारात्मक (Positive Impact)
  • फायदा (Positive Stocks) – Gland Pharma, Aurobindo Pharma, Dr. Reddy’s Laboratories, Sun Pharma

Published / 2025-04-02 20:56:42
अपने ऐलान से दुनिया हिलाने की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप के ऐलान से हिल जायेगी बाकी दुनिया, भारत के पास पहले से रेडी है बैटल प्लान 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की योजना का ऐलान करने वाले हैं। वाइट हाउस ने इसे लिबरेशन डे करार दिया है। ट्रंप इस नीति की घोषणा अमेरिकी समयानुसार 16:00 ईएसटी (भारतीय समयानुसार 2:30 एएम) पर करेंगे। ट्रंप का दावा है कि टैरिफ अनफेयर ट्रेड को रोकने के लिए जरूरी है। 

इस फैसले से अमेरिकी उद्योगों को फायदा हो सकता है, खासकर स्ट्रीमिंग कंपनियों और जैम बनाने वालों को। हालांकि, यह साफ नहीं है कि ट्रंप सभी देशों पर समान टैरिफ लगायेंगे या चुनिंदा देशों को टारगेट करेंगे। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह 20% तक हो सकता है। 

आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि टैरिफ बढ़ने से अमेरिका और दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है। यह एक बड़े ट्रेड वॉर को जन्म दे सकता है। हालांकि, वेटरन इन्वेस्टर प्रशांत जैन का कहना है कि भारत पर इन टैरिफ का सीधा असर नहीं होगा। हालांकि, कुछ सेक्टर्स और स्टॉक्स प्रभावित हो सकते हैं। ट्रंप के टैरिफ ऐलान से जुड़े सभी अपडेट्स के लिए बने रहें हमारे साथ। 

ट्रंप के ऐलान से पहले जान लीजिए बड़ी बातें 

ट्रंप कह चुके हैं कि टैरिफ रेसिप्रोकल/पारस्परिक होंगे। इसका मतलब है कि देशों पर वही शुल्क लगाया जाएगा जो वे अमेरिका पर लगाते हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि टैरिफ का प्रभाव किस देश पर पड़ेगा, या क्या वे सभी के लिए समान होंगे? लेकिन, एक बात स्पष्ट है कि अमेरिका में प्रवेश करने वाली कारों पर 25% का नया आयात कर 3 अप्रैल से लागू हो जायेगा और अगले कुछ महीनों में कार के पुर्जों पर भी यही टैक्स लगेगा। 

कुछ टैरिफ पहले ही लागू किए जा चुके हैं। मार्च में अमेरिका में प्रवेश करने वाले सभी स्टील और एल्युमीनियम पर फ्लैट ड्यूटी को बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया। ट्रंप ने पहले ही चीन से आयातित सभी वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाकर 20% कर दिया। 

कनाडा और मैक्सिको से आने वाली कुछ वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ा दिया। कनाडा ने टैरिफ पर जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी स्टील और एल्युमीनियम पर 25% शुल्क लगाया, जबकि चीन ने भी कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर 10-15% टैक्स लगाया।

Published / 2025-03-29 22:11:22
म्यांमार : भूकंप के 16वें झटके से दहशत में लोग

म्यांमार में भूकंप का 16वां झटका, अब 4.7 तीव्रता का भूकंप; दहशत में लोग 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। म्यांमार में एक बार फिर भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को डराया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब 2.50 बजे भूकंप का 16वां झटका लगा। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गयी। प्रभावित इलाकों में मदद और राहत-बचाव कार्य के लिए भारत से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआएफ) की टीम को भेजा गया है। 

बता दें कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे म्यामांर में भूकंप का पहला झटका महसूस किया गया था। इसके बाद 24 घंटे से भी कम समय में भूकंप के 15 झटके महसूस किये गये। इससे पहले शनिवार सुबह 11.54 बजे यहां एक बार फिर धरती कांपी। 24 घंटे में 15वीं बार लोगों को भूकंप के झटके महसूस हुए। इस बार यहां भूकंप की तीव्रता 4.3 रही। शुक्रवार से अब तक अकेले म्यांमार में भूकंप में 1002 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 

सैकड़ों लोग लापता बताये जा रहे हैं। वहीं इस भूकंप में अभी तक 2300 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। 30 से अधिक लोग लापता बताये जा रहे हैं। राहत-बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। पहला भूकंप का झटका शुक्रवार सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर लगा, इसकी तीव्रता 7.2 मापी गयी। इसके बाद दूसरा झटका दोपहर 12 बजकर दो मिनट पर आया, इसकी तीव्रता 7 मापी गयी। 

इसके बाद 12 बजकर 57 मिनट पर एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गये। इसकी तीव्रता 5.0 रही। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक म्यांमार में भूकंप का चौथा झटका दोपहर एक बजकर सात मिनट पर आया। इसकी तीव्रता 4.9 रही। 4.4 तीव्रता का पांचवा झटका दो बजकर 48 मिनट पर आया।

Published / 2025-03-28 20:49:57
म्यांमार में भूकंप के बाद दहशत में लोग

  • नींद खुली, लोगों की चीखें सुनी, मैं पजामे में ही घर से बाहर दौड़ा: भूकंप के चश्मदीदों की खौफनाक आपबीती

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। म्यांमार में शुक्रवार को भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किये गये, जिसके कारण मांडले में एक मस्जिद के ढहने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गयी। स्थानीय मीडिया आउटलेट खित थित ने यह जानकारी दी। 

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि म्यांमार के सागाइंग से 16 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में आये इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 आंकी गयी। भूकंप का केंद्र 22.01 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 95.92 डिग्री पूर्वी देशांतर पर सतह से 10.0 किलोमीटर की गहराई में था।

भूकंप के कारण मांडले पैलेस के किले सहित कुछ इमारतों को काफी नुकसान हुआ। मांडले क्षेत्र में कई संरचनाएं ढह गयीं, जबकि मांडले और यांगून को जोड़ने वाली कई सड़कें क्षतिग्रस्त या अवरुद्ध हो गयीं, जिससे परिवहन बाधित हुआ। 

यांगून में शिन्हुआ के संवाददाताओं ने बताया कि राजधानी ने पी ताव और सबसे बड़े शहर यांगून में भूकंप के झटके महसूस किये गये। ने पी ताव में कुछ स्कूल और कार्यालय भवन भी ढह गये। म्यांमार अग्निशमन सेवा विभाग ने बताया कि बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। 

भूकंप के बाद लाओस की राजधानी वियनतियाने, थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक और वियतनाम की राजधानी हनोई में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा ने भूकंप के बाद बैंकॉक में आपातकाल की घोषणा कर दी।

Published / 2025-03-23 21:04:23
इजराइल-हमास युद्ध में मरनेवालों की संख्या 50,000 के पार

  • इजराइल-हमास युद्ध में मृतकों की संख्या 50,000 से अधिक हुई, 1,13,000 से अधिक लोग घायल

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इजराइल-हमास युद्ध में 50,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि युद्ध में अब तक 1,13,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। 

रविवार को साझा की गयी इस जानकारी में वे 673 मृतक भी शामिल हैं, जो पिछले सप्ताह युद्ध विराम समाप्त करने के बाद इजराइल द्वारा अचानक किये गये हवाई हमलों में मारे गये हैं। मंत्रालय ने इस बात को स्पष्ट नहीं किया कि मृतकों में कितने आम नागरिक और कितने लड़ाके शामिल हैं।

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