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Published / 2021-08-25 10:23:49
लूटे अमेरिकी हथियारों का जखीरा पाकिस्तान भेज रहा तालिबान, बढ़ेगी भारत की टेंशन !

एबीएन डेस्क। अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान अरबों रुपए के अमेरिकी युद्धक साजो-सामानअपने आका तक पाकिस्तान को पहुचाने में जुट गया है। अमेरिका ने अफगान आर्मी को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया था, जो अब तालिबानियों के हाथ लग गए हैं। तालिबान इन हथियारों को पाकिस्तान सप्लाई कर रहा है जो भारत के लिए बड़े खतरे की घंटी हो सकती है। द मिरर ने इस हफ्ते खुलासा किया कि कैसे अमेरिका अफगानिस्तान में अरबों पाउंड के हथियार और उपकरण छोड़कर गया है, जिसका अधिकांश हिस्सा अब तालिबान के हाथों में है और तालिबान इसे अब पाकिस्तान को बेच रहा है। तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद से दुनिया की नजर अफगानिस्तान पर है। ऐसे में तालिबान द्वारा पाकिस्तान को अमेरिकी हथियार सप्लाई करना भारत समेत दूसरे पड़ोसी देशों के लिए भी अच्छे संकेत नहीं है। देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों का मानना है कि लूटा गया अमेरिकी हथियारों का जखीरा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के पाले हुए आतंकी संगठन पहले पाकिस्तान में हिंसा फैलाने के लिए करेंगे फिर उनका रुख भारत की तरफ हो सकता। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने कहा कि ये हथियार भारत में संचालित आतंकवादी समूहों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी, लेकिन सुरक्षा बल उनसे निपटने को पूरी तरह तैयार है। द मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान नेटवर्क द्वारा अफगानिस्तान से लाखों पाउंड मूल्य के चुराए गए अमेरिकी सैन्य हार्डवेयर का निर्यात किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की ISI ने गुप्त रूप से अमेरिकी सैन्य वाहनों के खुले तौर पर आयात को हरी झंडी दे दी है।अमेरिकी सेना के Humvees और अन्य बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों को अफगानिस्तान से पाकिस्तान ले जाते हुए देखा गया। एक काफिले की तस्वीरों से पता चला कि सैन्य ट्रकों को पाकिस्तान में क्वेटा सिटी में शिफ्ट किया जा रहा था, जिसे लंबे समय से अफगान-तालिबान नेतृत्व का मुख्यालय माना जाता था। सूत्रों के अनुसार अमेरिका द्वारा अफगान सेना को दिए बहुत सारे युद्धक साजो-सामान तालिबान के हाथ लग गए हैं और इन्हीं सबको अब तालिबान निर्यात कर रहा है। पाकिस्तान में फ्रंटियर सिटी क्वेटा, कंधार से तीन घंटे की दूरी पर है। ये आतंकवादी समूहों और नशीली दवाओं विशेष रूप से हेरोइन के व्यापार के लिए एक आश्रय स्थल है। रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान के क्वेटा में तालिबानी पहले भी पनाह लेते रहे हैं। तालिबान को खाड़ी के दानदाताओं का अधिकांश पैसा क्वेटा के माध्यम से सप्लाई होता रहा है। घायल तालिबान लड़ाकों को इलाज के लिए यहीं लाया जाता रहा है। एक आकलन के मुताबिक अमेरिकी फौज ने अफगानी फौज को 6.5 लाख छोटे हथियार दिए थे जिनमें एम-16 और एम-4 असॉल्ट राइफलें भी शामिल हैं। तालिबान ने अफगानी फौज से भारी मात्रा में संचार यंत्र भी लूट लिए हैं। इसके साथ ही, बुलेटप्रुफ औजार, अंधेरे में देख पाने में सक्षम चश्मे और स्निपर राइफलें भी तालिबानी आतंकियों के हाथ लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि ये सारे चीजें पाकिस्तानी आर्मी के हाथ लग सकती है।

Published / 2021-08-22 16:03:53
अफगानिस्तान : 400 भारतीय आये वापस, इतने ही अन्य भारतीय नागरिकों के फंसे होने की आशंका

नई दिल्ली। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद काबुल में खराब होती सुरक्षा स्थिति की पृष्ठभूमि में भारत अफगान राजधानी से अपने नागरिकों को बाहर निकालने के अपने प्रयासों के तहत तीन उड़ानों के जरिए दो अफगान सांसदों समेत 392 लोगों को रविवार को देश वापस ले आया। अधिकारियों ने बताया कि 87 भारतीयों और दो नेपाली नागरिकों के एक अन्य समूह को दुशाम्बे से एअर इंडिया के एक विशेष विमान से वापस लाया गया। इससे एक दिन पहले उन्हें भारतीय वायु सेना के एक विमान आईएएफ 130जे के जरिए ताजिकिस्तान की राजधानी दुशाम्बे ले जाया गया था। इस बीच, अमेरिका और नाटो के विमान के जरिए पिछले कुछ दिन में काबुल से दोहा ले जाए गए 135 भारतीयों के एक समूह को एक विशेष विमान से दोहा से दिल्ली लाया गया। भारत ने अमेरिका, कतर, ताजिकिस्तान और कई अन्य मित्र देशों के साथ समन्वय स्थापित करके अफगानिस्तान से लोगों को बाहर निकालने का अभियान चलाया। अफगानिस्तान से लोगों को बाहर निकालने के अभियान से अवगत अधिकारियों ने बताया कि काबुल से लाए गए 168 लोगों के समूह में अफगान सांसद अनारकली होनारयार और नरेंद्र सिंह खालसा एवं उनके परिवार भी शामिल हैं।खालसा ने दिल्ली के निकट हिंडन एयरबेस पर पत्रकारों से कहा, भारत हमारा दूसरा घर है। भले ही हम अफगान हैं और उस देश में रहते हैं लेकिन लोग अक्सर हमें हिंदुस्तानी कहते हैं। मदद के लिए हाथ बढ़ाने के लिए मैं भारत को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा, मुझे रोने का मन कर रहा है। सब कुछ समाप्त हो गया है। देश छोड़ने का यह एक बहुत ही कठिन और दर्दनाक निर्णय है। हमने ऐसी स्थिति नहीं देखी है। सब कुछ छीन लिया गया है। सब खत्म हो गया है। रविवार की निकासी के साथ काबुल से भारत द्वारा निकाले गए लोगों की संख्या पिछले सोमवार से लगभग 590 तक पहुंच गई। भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद ममुंडजे ने समर्थन के संदेशों के लिए भारतीय मित्रों को ट्विटर पर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, मैं पिछले कुछ हफ्तों, विशेषकर पिछले 7-8 दिनों में अफगानों की पीड़ा पर सभी भारतीय मित्रों और नई दिल्ली में राजनयिक मिशनों के सहानुभूति और समर्थन संदेशों की सराहना करता हूं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने विमान के हिंडन में उतरने से कुछ घंटों पहले ट्वीट किया कि भारतीयों की निकासी जारी है। भारत के 107 नागरिकों समेत 168 यात्री भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से काबुल से दिल्ली लाए जा रहे हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि काबुल से दोहा लाए गए भारतीय अफगानिस्तान स्थित कई विदेशी कंपनियों के कर्मी हैं।बागची ने देर रात करीब एक बजकर 20 मिनट पर ट्वीट किया, अफगानिस्तान से भारतीयों को वापस लाया जा रहा है। एआई1956 विमान ताजिकिस्तान से कुल 87 भारतीयों को नयी दिल्ली ला रहा है। दो नेपाली नागरिकों को भी लाया जा रहा है। इसमें दुशाम्बे में स्थित भारत के दूतावास ने सहायता की। लोगों को निकालने के लिए और उड़ानों का प्रबंधन किया जाएगा। तालिबान के पिछले रविवार को काबुल पर कब्जा जमाने के बाद भारत अफगान राजधानी से पहले ही भारतीय राजदूत और दूतावास के अन्य कर्मियों समेत 200 लोगों को वायुसेना के दो सी-19 परिवहन विमानों के जरिये वहां से निकाल चुका है। सोमवार को 40 से ज्यादा भारतीयों को लेकर पहली उड़ान भारत पहुंची थी। भारतीय राजनयिकों, अधिकारियों एवं सुरक्षाकर्मियों और वहां फंसे कुछ भारतीयों समेत करीब 150 लोगों के साथ दूसरा सी-17 विमान मंगलवार को भारत पहुंचा था। अमेरिकी सैनिकों की स्वदेश वापसी की पृष्ठभूमि में तालिबान ने अफगानिस्तान में इस महीने तेजी से अपने पांव पसारते हुए राजधानी काबुल समेत वहां के अधिकतर इलाकों पर कब्जा जमा लिया है। इन लोगों की वापसी के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा था कि अब ध्यान अफगानिस्तान की राजधानी से सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने पर होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार के लिए तात्कालिक प्राथमिकता अफगानिस्तान में फिलहाल रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के बारे में सटीक सूचना प्राप्त करना है। मंत्रालय ने भारतीयों के साथ ही उनके नियोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे विशेष अफगानिस्तान प्रकोष्ठ के साथ प्रासंगिक विवरण तत्काल साझा करें। एक अनुमान के मुताबिक, अफगानिस्तान में करीब 400 भारतीय फंसे हो सकते हैं और भारत उन्हें वहां से निकालने का प्रयास कर रहा है और इसके लिए वह अमेरिका एवं अन्य मित्र राष्ट्रों के साथ समन्वय से काम कर रहा है।

Published / 2021-08-20 12:36:28
घात लगाये नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर किया हमला, आइटीबीपी के दो अधिकारी शहीद

रांची। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में गुरुवार को सुरक्षाबल के जवानों के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नारायणपुर के कडेनार और करियामेटा के बीच ग्राम बेचा के पास आइटीबीपी के जवानों पर नक्सलियों ने हमला किया। मुठभेड़ में आइटीबीपी के दो अधिकारी शहीद हो गए हैं। हमले से एक एएसआइ और असिस्टेंट कमांडेंट शहीद हुए। बस्तर के आइजी पी सुंदरराज ने इस घटना की पुष्टि की है। जानकारी के आइटीबीपी के 45वीं बटालियन के जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान घात लगाये नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। नारायणपुर के कडेमेटा आइटीबीपी कैंप से 600 मीटर की दूरी एंबुश लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर हमला किया था। बस्तर आइजी सुंदरराज पी ने बताया कि हमले के बाद जवानों से एक एके 47 रायफल, दो बुलेटप्रूफ जैकेट और वाकी टॉकी भी नक्सली लूट ले गये। मौके पर कवर देने के लिए फोर्स पहुंच रही है। हमले में शहीद अफसरों के नाम 1. सुधाकर सिंदे.. सहायक सेनानी जिला नांदेड़, महाराष्ट्र, 2. गुरुमुख सिंह सहायक उप निरीक्षक रायकोट पंजाब। छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में नक्सोलियों की काफी सक्रियता है और माओवादी समय-समय पर इसका आभास कराने की भी कोशिश करते रहते हैं। हालांकि, कुछ वर्षों में सुरक्षाबलों ने कई राज्यों में नक्स ली गतिविधियों को प्रभावी तरीके से निष्क्रिय करने में सफलता पाई है। खासकर बिहार में इसका व्या पक असर देखने को मिला है। यही वजह है कि जून में गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित 16 जिलों में से 6 को रेड कॉरिडोर से बाहर निकालने की घोषणा की थी।

Published / 2021-08-20 12:35:46
घात लगाये नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर किया हमला, आइटीबीपी के दो अधिकारी शहीद

रांची। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में गुरुवार को सुरक्षाबल के जवानों के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नारायणपुर के कडेनार और करियामेटा के बीच ग्राम बेचा के पास आइटीबीपी के जवानों पर नक्सलियों ने हमला किया। मुठभेड़ में आइटीबीपी के दो अधिकारी शहीद हो गए हैं। हमले से एक एएसआइ और असिस्टेंट कमांडेंट शहीद हुए। बस्तर के आइजी पी सुंदरराज ने इस घटना की पुष्टि की है। जानकारी के आइटीबीपी के 45वीं बटालियन के जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान घात लगाये नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। नारायणपुर के कडेमेटा आइटीबीपी कैंप से 600 मीटर की दूरी एंबुश लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर हमला किया था। बस्तर आइजी सुंदरराज पी ने बताया कि हमले के बाद जवानों से एक एके 47 रायफल, दो बुलेटप्रूफ जैकेट और वाकी टॉकी भी नक्सली लूट ले गये। मौके पर कवर देने के लिए फोर्स पहुंच रही है। हमले में शहीद अफसरों के नाम 1. सुधाकर सिंदे.. सहायक सेनानी जिला नांदेड़, महाराष्ट्र, 2. गुरुमुख सिंह सहायक उप निरीक्षक रायकोट पंजाब। छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में नक्सोलियों की काफी सक्रियता है और माओवादी समय-समय पर इसका आभास कराने की भी कोशिश करते रहते हैं। हालांकि, कुछ वर्षों में सुरक्षाबलों ने कई राज्यों में नक्स ली गतिविधियों को प्रभावी तरीके से निष्क्रिय करने में सफलता पाई है। खासकर बिहार में इसका व्या पक असर देखने को मिला है। यही वजह है कि जून में गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित 16 जिलों में से 6 को रेड कॉरिडोर से बाहर निकालने की घोषणा की थी।

Published / 2021-08-18 16:45:33
अबू धाबी में हैं अशरफ गनी, अफगानिस्तान में मचा है कोहराम

अफगानिस्तान। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी परिवार के साथ अबू धाबी में हैं। इसकी पुष्टि UAE सरकार ने की है। देश पर तालिबान का कब्‍जा होने के बाद अशरफ गनी परिवार के साथ देश छोड़कर भाग गये थे। वहीं ताजिकिस्तान में अफगान दूतावास ने इंटरपोल के जरिए अशरफ गनी, हमदुल्ला मोहिब और फजलुल्लाह महमूद फाजली को गबन के आरोप में हिरासत में लेने को कहा है। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्‍जा के बाद वहां हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लोग दहशत में हैं और देश छोड़ना चाह रहे हैं। जलालाबाद में तालिबान के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। तालिबान लड़ाकों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग की, जिसमें दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं कई लोग जख्‍मी बताये जा रहे हैं। भारत समेत कई देशों का वहां से अपने लोगों को निकालने का अभियान जारी है। भारत ने बीते दिन कई लोगों को निकाला, आगे भी ये मिशन जारी रहेगा। दूसरी ओर तालिबान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दुनिया से अपील की है कि उनकी सरकार को मान्यता दी जाए।

Published / 2021-08-08 07:58:22
3 साल की मासूम को मां ने मार डाला, वजह जान हो जाएंगे हैरान...

एबीएन डेस्क। संतान के लिए मां की ममता से बढ़कर कुछ नहीं। जब मां ही ममता का गला घोंट दे तो आश्चर्य होना स्वाभाविक है। इसी तरह की एक घटना ब्रिटेन में सामने आई थी। वहां एक महिला ने प्रेमी से संबंध बनाने के लिए अपनी ही तीन साल की बेटी का मर्डर कर दिया था। अब बेटी की हत्या के आरोप में मां को 15 साल और उसके प्रेमी को 14 साल जेल की सजा हुई है। जानकारी के मुताबिक, बीते साल 9 अगस्त को कायली-जायदे प्रीस्ट नाम की तीन साल की बच्ची फ्लैट में मृत पाई गई थी। उसकी छाती और पेट पर चोट के निशान मिले थे। बच्ची की मां ने 999 पर कॉल कर पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। जब अधिकारियों ने मामले की जांच की तो इसमें बच्ची की मां की ही संलिप्तता सामने आई। कोर्ट ने इस मामले में बच्ची की मां और उसके 22 वर्षीय प्रेमी कैलम रेडफर्न को दोषी ठहराया। एक रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने अपनी बेटी की हत्या इसलिए की थी क्योंकि जब वो अपने प्रेमी के साथ संबंध बनाना चाहती थी तो वह बाधा बन रही थी। बता दें कि मृतक बच्ची कायली जायदे प्रीस्ट की मृत्यु के अंतिम क्षणों का खुलासा सीसीटीवी फुटेज में हुआ था। अदालत में दिखाए गए फुटेज में, कायली-जायदे और उसकी मां को, सोलिहुल के किंग्सहर्स्ट हाउस के फ्लैट में एक लिफ्ट का उपयोग करते हुए देखा गया था।

Published / 2021-08-04 05:34:04
बढ़ते ग्राफ को देख ब्रिटेन, ब्राजील व जर्मनी समेत कई देशों में लगेगी बूस्टर डोज

एबीएन डेस्क। कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देख दुनिया के कुछ देश बूस्टर डोज की तैयारी में जुट गए हैं। ब्रिटेन, ब्राजील, इस्राइल, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात ने डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते प्रकोप के बीच अपने लोगों को टीके की बूस्टर डोज देने का फैसला किया है। जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोरोना से जिन वर्ग व उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा है उन्हें सितंबर से बूस्टर डोज देने का फैसला किया गया है। जिन भी लोगों को एस्ट्राजेनेका या जॉनसन का टीका लगाया गया है उन्हें बूस्टर डोज के तौर पर एमआरएनए आधारित फाइजर और मॉडर्ना का टीका लगाया जाएगा। ब्रिटेन भी अपने 3.2 करोड़ आबादी को छह सितंबर से बूस्टर डोज देगा। वरिष्ठ नागरिकों को बूस्टर डोज : इस्राइल की सरकार ने भी 60 वर्ष से अधिक उम्र केलोगों को बूस्टर डोज लगाने की घोषणा की है। इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चीन द्वारा निर्मित साइनोफॉर्म वैक्सीन का इस्तेमाल बूस्टर डोज के तौर पर करेगा। मालूम हो कि रूस, फ्रांस, और कंबोडिया भी अपने लोगों कोसंक्रमण से बचाने के लिए बूस्टर डोज दे रहे हैं। भारत में बूस्टर डोज कब : दुनिया के दूसरे देश वायरस से बचने के लिए बूस्टर डोज की तैयारी कर रहे हैं। वहीं भारत में वर्ष 2021 के अंत तक वयस्क आबादी को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि बूस्टर डोज की जरूरत पड़ेगी क्योंकि कुछ समय बाद टीके का प्रभाव कम होने लगता या एंटीबॉडीज का स्तर कम होता है। ऐसे में संक्रमण से बचाने के लिए बूस्टर डोज ही विकल्प है।

Published / 2021-08-01 10:01:29
अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट पर हमला, सभी उड़ानें रद्द

एबीएन डेस्क। तालिबान से त्रस्त अफगानिस्तान पर लगातार हमले बढ़ते जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार देश के कंधार हवाई अड्डे पर रॉकेट से हमला किया गया है। समाचार एजेंसी एएफपी ने इस घटना की जानकारी दी है। समाचार एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि कंधार हवाईअड्डे पर लगातार तीन रॉकेट दागे गए जिनमें से दो रनवे से टकरा गए। इसके बाद हवाईअड्डे से सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं। इस बीच काबुल में नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने इस रॉकेट हमले की पुष्टि की है। तालिबान ने कंधार के बाहरी इलाके में हफ्तों तक लगातार हमले किए हैं जिससे वहां खौफ का माहौल पैदा हो गया है कि विद्रोही प्रांतीय राजधानी पर कब्जा करने की कगार पर हैं। देर रात हुए इस हमले में किसी की भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। हमले के बाद सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार हमले के पीछे तालिबान का हाथ माना जा रहा है, क्योंकि ये हमला ऐसे समय हुआ है, जब तालिबान के लड़ाकों ने हेरात, लश्कर गाह और कंधार को चारों तरफ से घेर रखा है।

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