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Published / 2021-06-28 13:12:57
उत्तर कोरिया का सनकी किंग किम दिखा कमजोर, रो-रो कर बेहाल हैं लोग

प्योंगप्यांग। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के कमजोर दिखने पर देश के लोगों का दिल टूट गया है और वे उनकी तबीयत को लेकर चिंतित हैं। सरकारी मीडिया में एक स्थानीय निवासी के हवाले से यह बात कही गई है। मीडिया में आई इस खबर को किम (37) के घरेलू समर्थन बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है, जो कोविड-19 महामारी, कुप्रबंधन, संयुक्त राष्ट्रीय की आर्थिक पाबंदियों और प्राकृतिक आपदाओं के चलते गहराती आर्थिक जटिलताओं से घिरे हैं। उत्तर कोरिया के सरकारी टीवी ने अज्ञात स्थानीय पुरुष के हवाले से शुक्रवार को कहा, उनको (किम को) कमजोर देखकर हमारे लोगों का बहुत दिल दुखता है। हर कोई कहता है कि स्वत: ही उनके आंसू निकल आते हैं। हाल ही में सरकारी मीडिया में आयीं तस्वीरों में किम का वजन तुलनात्मक रूप से काफी कम दिख रहा है। उत्तर कोरिया पर नजर रखने वाले कुछ लोगों का कहना है कि करीब 170 सेंटीमीटर (पांच फुट, आठ इंच) लंबे किम का पहले वजन 140 किलोग्राम था, जो हो सकता है कि 10 से 20 किलो कम हो गया हो। सियोल में कुछ विश्लेषकों ने कहा कि किम द्वारा अपने स्वास्थ्य में सुधार के लिए कम आहार लिये जाने की आशंका है, जबकि अन्य का अनुमान है कि स्वास्थ्य कारणों से उनका वजन कम हुआ।

Published / 2021-05-30 09:30:21
चीन की वुहान लैब से निकला कोरोना वायरस, अध्ययन के दौरान मिला यूनिक फिंगरप्रिंट

आखिर कहां से आया कोरोना वायरस, क्या इसे इंसान ने बनाया या यह प्राकृतिका आपदा है। यह सवाल बार दुनियाभर के वैज्ञानिकों और नेताओं के मन में उठ रहे है। लेकिन अब एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया है कि ये कोरोना प्राकृतिक रूप नहीं पनपा है बल्कि इसे वुहान लैब में विकसित किया गया है। हालांकि, चीन पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं कि ये वायरस वुहान लैब से ही निकला है। इस नई स्टडी में हुए खुलासे से चीन का सच सबके सामने आ सकता है। डेली मेल की खबर के अनुसार स्टडी में दावा किया गया है कि चीनी वैज्ञानिकों ने वुहान लैब में ही कोविड19 जैसा खतरनाक वायरस तैयार किया है और फिर इसके बाद इस जानलेवा वायरस को रिवर्स-इंजीनियरिंग वर्जन से इसे ढकने की कोशिश की, जिसे लगे कि कोरोना वायरस चमगादड़ से प्राकृतिक रूप से विकसित हुआ है। मिला यूनिक फिंगरप्रिंट : डेली मेल की खबर के मुताबिक, एचआईवी वैक्सीन पर सफल काम चुके ब्रिटिश प्रोफेसर एंगस डल्गलिश और नॉवे के वैज्ञानिक डॉ बिर्गर सोरेनसेन ने साथ मिलकर यह स्टडी की है। जब ये दोनों वैक्सीन बनाने के लिए कोरोना के सैंपल्स का अध्ययन कर रहे थे दौरान उन्हें वायरस में एक यूनिक फिंगरप्रिंट मिला था। उस समय उन्होंने कहा था बिना लैब में छेड़छाड़ किए ऐसा नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपनी स्टडी की फाइंडिंग्स को जर्नल में प्रकाशित करना चाहा तो कई बड़े साइंटिफिक जर्नल ने इसे खारिज कर दिया, क्योंकि उस समय लग रहा था कि कोरोना वायरस चमगादड़ या जानवरों से इंसानों में प्राकृतिक रूप से आया है। इतना ही नहीं, यूनिक फिंगरप्रिंट की बात सामने आने के बाद इसे फेक न्यूज बता कर खारिज कर दिया था। लेकिन कोरोना के एक साल भी फिर से आवाज तेज होने लगी है कि कोरोना कहां से आया क्या सच में इसे लैब में बनाया गया। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी इसे लेकर खुफिया एजेंसियों से 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। आपको बता दें कि ब्रिटिश प्रोफेसर एंगस डल्गलिश लंदन में सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी में कैंसर विज्ञान के प्रोफेसर हैं तो नार्वे के वैज्ञानिक डॉ सोरेनसेन एक महामारी विशेषज्ञ हैं और इम्यूनर कंपनी के अध्यक्ष हैं, जो कोरोना की वैक्सीन तैयार कर रही है, जिसका नाम है बायोवैक-19 है।

Published / 2021-05-03 13:04:54
गूगल के सीईओ ने भारत की स्थिति पर जताई चिंता, कहा- और भी खराब हो सकते हैं हालात

कोरोना महामारी के प्रकोप से जूझ रहे भारत की स्थिति पर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में महामारी के कारण भारत में स्थिति और भी खराब हो सकती है। बता दें पिचाई ने यह बातें एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान कहीं। सबसे खराब स्थिति आना अभी बाकी : पिचाई ने कहा, भारत की स्थिति अभी बहुत खराब है, लेकिन मुझे लगता है कि सबसे खराब स्थिति आना अभी बाकी है। इसके अलावा उन्होंने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए भारत की मदद को अमेरिका की ओर से उठाए गए कदमों की तारीफ भी की। भारत की मदद के लिए अमेरिका की तारीफ की: गूगल सीईओ ने कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में उच्चतम स्तर पर बैठे लोग किस तरह से भारत समेत अन्य देशों में व्याप्त स्वास्थ्य संकट की ओर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बाइडेन, सचिव ब्लिंकन से लेकर अलग-अलग स्तरों पर अधिकारी इस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि वो भारत और अन्य प्रभावित देशों को कैसे मदद कर सकते हैं। मदद को आगे आए हाथ : उल्लेखनीय है कि सुंदर पिचाई ने अभी हाल ही में भारत में कोरोना का हाल देखते हुए 135 करोड़ रुपये के रिलीफ फंड की घोषणा की थी। वहीं, अमेरिका की तरफ से शुक्रवार (30 अप्रैल) को कोविड-19 से लड़ने में जरूरी सामानों भरी मदद की पहली खेप भारत पहुंची थी। इसमें 440 ऑक्सीजन सिलेंडर व रेगुलेटर, 9 लाख 60 हजार रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किट आदि सामान शामिल थे। अमेरिका के अलावा यूरोपीय संघ (ईयू) के कई सदस्य देश कोरोना महामारी से निपटने में मदद के लिए भारत को की मदद को आगे आए हैं। संघ के नागरिक रक्षा तंत्र के जरिये यूरोपीय देश जैसे आयरलैंड, बेल्जियम, रोमानिया, लक्समबर्ग, पुर्तगाल और स्वीडन ने 27 अप्रैल को घोषणा की थी कि वे देश को ऑक्सीजन सांद्रक और वेंटिलेटर जैसी चिकित्सा आपूर्ति भेज रहे हैं। अब इस सूची में फ्रांस, इटली, ऑस्ट्रिया और फिनलैंड भी शामिल हो गए हैं। ईयू ने एक बयान में कहा कि आगामी दिनों में जर्मनी सहित ईयू के अन्य सदस्य देशों से भी मदद भेजे जाने की उम्मीद है।

Published / 2021-04-30 13:58:02
भारत से भी खतरनाक है ब्राजील का कोविड स्ट्रेन

एबीएन डेस्क। ब्राजील में महज एक महीने में कोरोना वायरस से 1,00,000 लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण के बाद लोगों के मरने की इस भयावह रफ्तार से ब्राजील में दहशत फैली हुई है। दक्षिण अमेरिका के इस देश में कोरोना से मरने वाले लोगों की कुल संख्या 400000 के पार पहुंच गई है। हालांकि, कोविड से हुई कुल मौतों के मामले में ब्राजील अब भी दुनिया में दूसरे नंबर पर है। कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने देश में हालात और बिगड़ने को लेकर आगाह किया है। अबतक 4 लाख से ज्यादा लोगों की मौत ब्राजील में इस वैश्विक महामारी से अप्रैल में सबसे अधिक मौत हुई हैं। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस महीने के पहले दो दिनों में 4,000 से अधिक लोगों की मौत हुई। पिछले दो हफ्तों में हर दिन करीब 2,400 लोगों की मौत हुई और स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को 3,001 और लोगों के मरने की जानकारी दी, जिससे देश में मृतकों की संख्या 401,186 पर पहुंच गई। कोरोना के एक और लहर की आशंका से बढ़ी चिंता स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने संक्रमण के मामले और मौत की संख्या घटने पर थोड़ी राहत की सांस ली, लेकिन उन्हें बीमारी की एक अन्य लहर आने की आशंका है जैसा कि कुछ यूरोपीय देशों में देखा गया। ऑनलाइन रिसर्च वेबसाइट आवर वर्ल्ड इन डेटा के अनुसार छह प्रतिशत से भी कम ब्राजीलियाई नागरिकों को कोविड-19 का टीका लगा है।

Published / 2021-04-27 14:57:41
ऑस्ट्रेलिया ने भी भारत से आने वाली उड़ानों पर लगाई रोक

कनाडा और सयुक्त अरब अमीरात व फ्रांस सहित कई देशों के बाद अब आस्ट्रेलिया ने भी भारत से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है। भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारतीय उड़ानों पर रोक लगाई है । देश के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की ओर से महामारी के मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसके तहत आगामी 15 मई तक भारत से कोई उड़ान ऑस्ट्रेलिया नहीं जाएगी। इससे पहले थाइलैंड, सिंगापुर, बांग्लादेश और ब्रिटेन समेत दुनिया के कई देशों ने भी भारत से होने वाली यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंगलवार को लगातार छठे दिन भारत में संक्रमण के नए मामलों का आंकड़ा 3 लाख से अधिक दर्ज किए गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख अधनम घेब्रेसस ने कहा, दुनिया के दूसरे बहुसंख्यक देश भारत में महामारी के कारण हालात हृदय विदारक है। बता दें कि भारत में पिछले 24 घंटे में 3.23 लाख नए केस सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटे में 3,23,144 नए कोरोना मामले आने से मरीजों की कुल संख्या 1,76,36,307 तक पहुंच गई है। वहीं एक दिन में 2771 लोगों की मौत हुई जिससे मृतकों की संख्या 1,97,894 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय केे मुताबिक देश में 28,82,204 मरीज कोरोना का इलाज करा रहे हैं।

Published / 2021-04-25 12:48:07
वुहान लैब ने की चीनी सेना की मदद, खुफिया प्रोजेक्ट के लिए खोजे खतरनाक वायरस

एबीएन डेस्क। कोरोनावायरस की उत्पत्ति को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसके लिए चीन की वुहान लैब कई बार निशाने पर आई, लेकिन चीन लगातार इनकार करता रहा। लेकिन अखबार ने एक ऐसा खुलासा किया, जिससे हर कोई हैरान है। दावा किया जा रहा है कि चीनी सेना के कई खुफिया प्रोजेक्ट में वुहान लैब ने मदद की। साथ ही, उनके लिए कई जानवरों के खतरनाक वायरस भी खोजे। बताया जा रहा है कि पिछले नौ साल से लैब वैज्ञानिक नए वायरस की खोज और बीमारी फैलाने में शामिल जीव विज्ञान के डार्क मैटर पर रिसर्च कर रहे थे। इसमें चीनी सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। गौरतलब है कि पिछले साल जनवरी में एक चीनी वैज्ञानिक ने जनरल प्रकाशित की थी, जिसमें बताया गया था कि तीन साल में यहां पर 143 नई बीमारियों की खोज की गई है। वैज्ञानिकों ने की सेना की मदद : चीन के वुहान लैब में वैज्ञानिकों ने जानवरों के वायरस खोजने के लिए चीनी सेना की मदद की थी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इसमें पांच टीम लीडरों में शि झेंगली उर्फ बैट वुमन और एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी काओ वुचुन भी सैंपल खोजने के लिए गुफाओं में गए थे। अमेरिका के वेंडन इस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी का आरोप है कि इस तरह के वायरस फैलाने में चीन के नागरिक और सेना दोनों शामिल हैं। चीन पर पहले से ही आरोप है कि वुहान लैब से कोरोना वायरस फैला है। लेकिन चीन इसको मानने को तैयार नहीं है। यहां तक कि अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी साफ कर दिया कि वुहान लैब से कोरोना नहीं फैला है, बल्कि यह किसी जानवर से इंसान तक पहुंचा है। कोरोना पर चीन की हुई जमकर आलोचना : गौरतलब है कि पिछले महीने अमेरिका, ब्रिटेन समेत 12 अन्य देशों ने चीन से इस महामारी के नमूने को शेयर करने की अपील की थी, लेकिन बीजिंग ने उसे खारिज कर दिया। जिसके बाद चीन की काफी आलोचना हुई थी। बता दें कि अमेरिकी विदेश विभाग ने वुहान लैब में नए वायरस के बारे में बहुत पहले ही सूचना दे दी थी। विदेश विभाग ने कोरोना से हफ्तों पहले बताया था कि चीन समेत दुनिया में एक नया वायरस कहर बरपाएगा।

Published / 2021-04-23 06:03:34
कोरोना का कहर: 24 घंटे में 3.32 लाख नए मामले, 2,263 की मौत, दुनिया में ऐसा हुआ पहली बार

एबीएन डेस्क। देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार दूसरे दिन गुरुवार को देश में कोरोना वायरस के तीन लाख से अधिक मामले सामने आए। देश में गुरुवार को 3,32,730 लाख कोरोना संक्रमित मरीज मिले। बुधवार को 3.15 लाख मामले सामने आए थे। ऐसा पहली बार हुआ है कि लगातार दूसरे दिन तीन लाख से ज्यादा मामले मिले। डब्ल्यूएचओ के आंकड़े बताते हैं कि इससे पहले सिर्फ दो बार ही ऐसा हुआ जब मामले तीन लाख से ऊपर गए। 20 दिसंबर 2020 को अमेरिका में 4,02,270 और 10 जनवरी 2021 को अमेरिका में ही कोरोना वायरस के 3,13,516 मामले सामने आए थे। बता दें कि पिछले 24 घंटे के दौरान देश में 2,263 मरीजों की मौत हुई। देश में इस वक्त 24,28,616 सक्रिय मामले हैं, जिसके बाद कुल मौतों की संख्या 1,86,920 पहुंच गई। 24 घंटे के दौरान 1,93,279 मरीज ठीक होकर अपने घर गए। ऐसे में ठीक होने वाले कुल मरीजों की संख्या 1,36,48,159 हो गई है। देश में अब तक 13,54,78,420 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है।

Published / 2021-04-22 14:31:51
कोरोना वायरस : दुनिया में एक सप्ताह में कोरोना के सर्वाधिक 52 लाख मामले

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने लगातार आठ सप्ताह तक कोविड-19 के स्तर को खतरनाक बताते हुए कहा है कि पिछले एक सप्ताह में दुनिया के भीतर 52 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। महानिदेशक टेड्रॉस घेब्रेयेसिस ने बताया कि जब से महामारी शुरू हुई है तब से कोरोना संक्रमण के एक सप्ताह में ये सर्वाधिक मामले हैं। इस दौरान होने वाली मौतें भी काफी बढ़ गईं। डब्ल्यूएचओ महानिदेशक ने चेतावनी दी है कि महामारी की रफ्तार काफी तेज हो रही है। यहां तक कि कुछ देशों में टीकों की दलाली भी शुरू होने की खबरें मिली हैं। इसका संक्रमण से निपटने के उपायों पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने बताया, मौतों का आंकड़ा 10 लाख होने में नौ माह लगे। इसके बाद अगले चार माह में यह आंकड़ा 20 लाख हो गया जबकि उसके बाद के महज तीन माह में यह आंकड़ा 30 लाख को छू गया है। बुधवार तक दुनिया में संक्रमितों की संख्या 14.36 करोड़ पार कर गई जबकि मरने वालों की संख्या 30.60 लाख हो गई। टेड्रॉस ने कहा, यह आंकड़ा परिवारों, समुदायों और देशों के लिए एक त्रासदी है। उन्होंने कहा, वायरस के प्रसार का खामियाजा छोटी उम्र के वयस्कों को भी उठाना पड़ रहा है। नई लहर में 25 से 59 साल की उम्र वालों में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। भारत में महामारी प्रसार पर अमेरिका की पैनी निगाह अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हम भारत में कोविड-19 महामारी के प्रसार पर ‘पैनी’ निगाह बनाए हुए हैं। अमेरिकियों के भारत यात्रा से बचने का सुझाव देने के एक दिन बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, भारत या किसी भी देश के लिए हम लोग हर वह संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो हम मौजूदा समय में कर सकते हैं। हम वायरस पर काबू करने को लेकर आशान्वित हैं। टीकाकरण का दायरा व उत्पादन बढ़ाएगा अमेरिका अमेरिका वैश्विक टीकाकरण का दायरा बढ़ाने, उत्पादन करने और वितरण पर विशेष ध्यान दे रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका फिर से डब्ल्यूएचओ के साथ जुड़ गया है। हमने कोवैक्स सुविधा के लिए उसे दो अरब डॉलर अभी और दो अरब डॉलर बाद में देने का वादा किया है। हमने इस मुद्दे पर भारत के अलावा कनाडा और मेक्सिको से भी बात की है। सिंगापुर में भारतीय दोबारा कोरोना संक्रमित सिंगापुर में 43 साल का एक भारतीय 15 दिन के अंदर संभवत: दूसरी बार कोरोना वायरस से संक्रमित हो गया है। अधिकारियों ने भारतीय की पहचान उजागर न करते हुए बताया कि यह शख्स दो अप्रैल को संक्रमित पाया गया और चार दिन बाद रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब उसे दोबारा संक्रमित पाया गया है और उसके दो रिश्तेदार भी उससे संक्रमित हो गए हैं।

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