एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय नौसेना ने शनिवार को ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद की है। पकड़ी गई ड्रग्स की कीमत 2 हजार करोड़ बताई जा रही है। इंडियन नेवी ने गुजरात में पाकिस्तान से समुद्री रास्ते से भारत में लाई जा रही ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी है। नौसेना ने इस साल का अभी तक का सबसे बड़ा ड्रग्स कंसाइनमेंट जब्त किया है। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि समुद्र में एक बहु-एजेंसी ऑपरेशन, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने भारतीय नौसेना के समर्थन से 800 किलोग्राम मादक पदार्थों को सफलतापूर्वक जब्त किया। इसकी अनुमानित राशि 2000 करोड़ रुपये की है। जानकारी के अनुसार भारतीय नौसेना को इस संबंध में खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद इंडियन नेवी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के नजदीक से ड्रग्स का कंसाइनमेंट पकड़ लिया। पाकिस्तान से फिशिंग बोट के जरिए मादक पदार्थ की खेप को भारत लाया जा रहा था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर ने बिना पायलट के उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। ब्लैक हॉक की यह आॅटोनोमस उड़ान 5 फरवरी को केंटकी में आर्मी के फोर्ट कैंपबेल में लगभग 30 मिनट तक आयोजित की गई। इस टेस्ट फ्लाइट के लिए एक अत्याधुनिक सिस्टम सूट का इस्तेमाल किया गया। इस सिस्टम सूट को मुख्य रूप से हेलीकॉप्टर पायलटों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। अमेरिकी वायु सेना की डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी ने सिकोरस्की के सहयोग से वऌ-60अ ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर पर यह प्रयोग किया गया।अमेरिका के केंटुकी शहर में इस एक्सपेरिमेंट फ्लाइट की तैयार की गई थी। कम्प्यूटर सिमुलेशन द्वारा एक ऐसा आभासी शहर तैयार किया गया था जिसमें इमारतें थी और अन्य रूकावट थे। ब्लैक हॉक का उद्देश्य था कि वह इन रूकावटों से बचकर सफलतापूर्वक अपने उड़ान को पूरा करे। उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर ने बनाई गई इमेजनरी (काल्पनिक) इमारतों से बच निकलने में भी कामयाबी हासिल की। ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर ने टेस्ट के सभी मानक पूरे करके सफल लैंडिंग की। रक्षा सेक्टर में अमेरिका को मिली इस बड़ी सफलता से चीन और रूस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बताते चलें कि अमेरिका के ये ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इन तेज रफ्तार हेलीकॉप्टर्स को रडार से इंटरसेप्ट कर पाना काफी मुश्किल है।
एबीएन डेस्क। यूक्रेन संकट एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि पेंटागन पोलैंड में एक और 3,000 लड़ाकू सैनिकों को भेज रहा है, जो पहले से ही नाटो सहयोगियों के लिए अमेरिकी प्रतिबद्धता के प्रदर्शन में रूस के यूक्रेन पर हमला करने की संभावना से चिंतित हैं। पेंटागन द्वारा निर्धारित जमीनी नियमों के तहत जानकारी प्रदान करने वाले रक्षा अधिकारी ने कहा कि अतिरिक्त सैनिक अगले कुछ दिनों में उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में अपनी पोस्ट छोड़ देंगे और अगले सप्ताह की शुरुआत में पोलैंड में होंगे। वे 82वें एयरबोर्न डिवीजन के एक पैदल सेना ब्रिगेड के शेष तत्व हैं। सात दिन के अंदर यूक्रेन पर हमला कर सकता है रूस : व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण एक सप्ताह के भीतर, संभवतः अगले दो दिनों के भीतर, शीतकालीन ओलंपिक की समाप्ति से पहले भी आ सकता है, और अमेरिकियों से अब देश छोड़ने का आग्रह किया। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के पास इस बात की निश्चित जानकारी नहीं है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आक्रमण का आदेश दिया है।लेकिन उन्होंने कहा कि सभी टुकड़े एक बड़े सैन्य अभियान के लिए तैयार हैं जो तेजी से शुरू हो सकता है।जोखिम काफी अधिक है और खतरा अब तत्काल पर्याप्त है कि विवेक मांग करता है कि यह अब जाने का समय है। बाइडन के बयान से अलग विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिकी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में चेतावनी जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि यूक्रेन में यदि किसी जगह पर रूस का हमला होता है तो ऐसी सूरत में अमेरिका अपने नागरिकों को वहां से निकाल पाने में असमर्थ होगा। विदेश मंत्रालय का कहना है कि हमले की सूरत में नियमित कॉन्सुलेट सेवा बुरी तरह से प्रभावित हो जाएगी।
एबीएन डेस्क। कनाडाई राज्य ओंटारियो के प्रीमियर ने ओटावा और अमेरिका की सीमा पर ट्रक जाम की स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को आपातकाल की घोषणा की। ओंटारियो के प्रीमियर डाउग फोर्ड ने साथ ही कहा कि सामान और लोगों की आवाजाही बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए वह नए कानून जल्द लाने की मांग करेंगे। फोर्ड ने कहा कि वह शनिवार को प्रांतीय कैबिनेट की बैठक बुलाएंगे ताकि ऐसे आदेशों को लागू कराया जा सके कि बुनियादी सुविधाओं को रोकना अवैध हैं। उन्होंने कहा , हम दो सप्ताह से ओटावा में यह देख रहे हैं ,अब ये विरोध प्रदर्शन नहीं है ,यह अवैध कब्जा है। कनाडा में लगातार चौथे दिन सैकड़ों ट्रक चालकों ने अपने वाहन के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने ओंटारियो में विंडसर को अमेरिकी शहर डेट्रॉइट से जोड़ने वाले एम्बेसडर ब्रिज को अवरुद्ध कर दिया है जिससे दोनों देशों के बीच ऑटो पार्ट्स तथा अन्य उत्पादों का आयात-निर्यात बाधित हो गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रोकने की गहन कूटनीति की पृष्ठभूमि में मास्को द्वारा बेलारूस भेजे गए हजारों सैनिक सैन्य अभ्यास में जुटे हैं। इस बीच, नाटो के और सुरक्षा बल अपने सहयोगी देश यूक्रेन की पूर्वी सीमाओं की ओर बढ़ रहे हैं जबकि ब्रिटेन ने पूर्वी यूरोप में मानवीय संकट की आशंका के मद्देनजर 1,000 सैनिकों को तैयार रहने को कहा है। अगर रूस अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला करता है और लड़ाई शुरू होती है तो मानवीय संकट की आशंका पैदा हो सकती है। रूस ने यूक्रेन सीमा के समीप 1,00,000 से अधिक सैनिकों को एकत्रित कर लिया है लेकिन साथ ही कहा है कि उसकी हमले की कोई योजना नहीं है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपनी चेतावनी दोहराते हुए कहा कि अगर कोई अमेरिकी अब भी यूक्रेन में मौजूद है तो वह जल्द से जल्द देश छोड़ दें। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, यह ऐसा नहीं है कि हम एक आतंकवादी संगठन से निपट रहे हैं। हम दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक से निपट रहे हैं। यह बहुत अलग स्थिति है और चीजें जल्द ही खराब हो सकती है। अमेरिकियों को बचाने के लिए यूक्रेन में सेना भेजने के सवाल पर बाइडन ने कहा, वहां नहीं। यह विश्व युद्ध होगा अगर अमेरिका और रूस एक-दूसरे पर गोलियां चलाना शुरू कर दें। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और नाटो महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग चेतावनी दे रहे हैं कि यूक्रेन के समीप रूस के सैन्य जमावड़े से हाल फिलहाल में यूरोपीय सुरक्षा को सबसे बड़ा खतरा पैदा हुआ है। ब्रिटिश नेता ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया है लेकिन साथ ही कहा, हमारा खुफिया तंत्र गंभीरता से काम में लगा हुआ है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री लिज टुस ने मास्को में लावरोव से बातचीत में फिर चेतावनी दी कि यूक्रेन पर हमला करने के गहन परिणाम होंगे और इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नेपाल में अनुसंधानकर्ताओं ने मंगलवार को चेतावनी दी कि माउंट एवरेस्ट पर स्थित सबसे बड़ा ग्लेशियर इस शताब्दी के मध्य तक गायब हो सकता है क्योंकि विश्व की सबसे ऊंची पर्वतीय चोटी पर स्थित दो हजार साल पुराना हिमखंड तेजी से पिघल रहा है। यहां स्थित "इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट" ( ICIMOD) ने हाल में प्रकाशित एक शोधपत्र के हवाले से कहा कि एवेरेस्ट पर 1990 के दशक से लगातार बड़ी मात्रा में बर्फ पिघल रही है। ICIMOD ने कहा कि एवरेस्ट पर किये गए सबसे व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन "द एवरेस्ट एक्सपेडिशन" के तहत ग्लेशियरों पर गहन अनुसंधान किया। "नेचर पोर्टफोलियो" में हाल में प्रकाशित एक आलेख में कहा गया कि एवरेस्ट पर बर्फ बेहद तेजी से पिघल रही है। इस अनुसंधान में आठ देशों से वैज्ञानिकों ने भाग लिया जिसमें से 17 नेपाल के हैं। अध्ययन में शामिल तीन सह लेखक ICIMOD से सम्बद्ध हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इराक के नीनवे प्रांत में मंगलवार को सेना के किए गए हवाई हमले में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के सात आतंकवादी मारे गए है। सेना ने एक बयान में यह जानकारी दी है। इराकी सुरक्षा बलों के कमांडर-इन-चीफ के प्रवक्ता याहिया रसूल ने बताया कि खुफिया रिपोर्ट के आधार पर इराकी बलों ने नीनवे प्रांत के दक्षिण में हटरा रेगिस्तान में आईएस आतंकवादियों द्वारा मुख्यालय के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली 140 मीटर लंबी गुफा पर सुबह हवाई हमला किया। रसूल ने कहा, शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार गुफा के अंदर मौजूदा सभी सात आतंकवादी मारे गए है।
एबीएन सेंटल डेस्क। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को मेटा (Meta) कंपनी ने गुरुवार यानी 3 फरवरी को अपनी एनुअल रिपोर्ट में कहा कि डेटा रेगुलेशन्स के कारण यूरोप में फेसबुक और इंस्टाग्राम को बंद किया जा सकता है। यूरोपीय डेटा रेगुलेशन्स कंपनियों को युनाइटेड स्टेट्स में स्थित सर्वरों को यूरोप में जनरेट हुए डेटा को भेजने से रोकते हैं। मेटा का कहना है कि एडवर्टाइजिंग को टार्गेट करने की उसकी क्षमता सीमित हो जाएगी, जो अपने रेवेन्यू का लगभग 98 फीसदी एडवर्टाइजिंग से कमाता है। रिपोर्ट में कहा गया कि अगर हम उन देशों और क्षेत्रों के बीच डेटा ट्रांसफर करने में असमर्थ हैं, जिनमें हम काम करते हैं तो इससे सर्विस प्रोवाइड करने की हमारी क्षमता पर असर पड़ सकता है। मेटा एक नए ट्रान्साटलांटिक डेटा ट्रांसफर फ्रेमवर्क के लिए उम्मीद जैसी है। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो यूरोप में फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित हमारे कई सबसे महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म और उनकी सर्विसेज की पेशकश करने में परेशानी होगी। भारत के बारे में चिंतित मेटा मेटा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वह अगस्त 2016 और 2021 में व्हाट्सएप की सेवा की शर्तों और प्राइवेसी पॉलिसी के अपडेट, अन्य मेटा प्रोडक्ट्स और उसकी सेवाओं के साथ कुछ डेटा शेयर करने के संबंध में यूरोप और भारत के न्यायालयों में जांच और मुकदमों का हिस्सा बनी हुई है। कंपनी ने डेटा प्राइवेसी कानूनों के बारे में भी चिंता व्यक्त की है, जिन पर कई देशों द्वारा विचार किया जा रहा था। 2019 के दौरान एक पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल संसद में पेश किया गया था और ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) को भेजा गया था। दो साल बाद, जेपीसी की रिपोर्ट दिसंबर के दौरान संसद में पेश की गई, जिसमें विधेयक को कमजोर करने का सुझाव दिया गया था। यूरोपीय डेटा रेगुलेशन्स क्या कहते हैं? 2016 में, यूरोपीय यूनियन और संयुक्त राज्य अमेरिका ने यूरोपीय यूनियन से अमेरिका में ट्रांस्फर्ड डेटा के लिए एक ट्रांसफर फ्रेमवर्क पर सहमति व्यक्त की थी, जिसे प्राइवेसी शील्ड कहा जाता है। इसे जुलाई 2020 में यूरोपीय यूनियन के कोर्ट (CJEU) द्वारा अमान्य घोषित कर दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि प्राइवेसी शील्ड ने अमेरिकी अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपायों और निवारण के प्रभावी साधनों के बिना यूरोपीय संघ के निवासियों के बारे में पर्सनल डेटा कलेक्ट करने का अधिकार दिया था।
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