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Published / 2022-01-24 08:59:14
WHO का दावा : यूरोप में ओमिक्रोन से हो रहा कोरोना का खात्मा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के यूरोप निदेशक हंस क्लूज ने कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर बड़ा बयान दिया। उनका कहना है कि यूरोपीय देशों में ओमिक्रॉन ने महामारी को एक नए चरण में स्थानांतरित कर दिया है और यह खत्म हो सकता है। यही नहीं, उन्होंने ये भी कहा कि यह क्षेत्र एक तरह की महामारी के अंत की ओर बढ़ रहा है, जो काफी प्रशंसनीय है। क्लूज ने समाचार एजेंसी एएफपी को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि इस साल मार्च तक ओमिक्रॉन से 60% यूरोपीय लोग संक्रमित हो सकते हैं। ओमिक्रॉन पर बात करते हुए क्लूज ने कहा कि जब पूरे यूरोप में एक बार ओमिक्रॉन का वर्तमान उछाल कम हो जाएगा, तब कुछ ही हफ्तों और महीने भर के अंदर वैश्विक प्रतिरक्षा विकसित हो जाएगी। यह या तो टीके की वजह से हो सकती है या संक्रमण के कारण स्वभाविक विकसित होने वाली प्रतिरक्षा के कारण हो सकती है। अपनी बात को जारी रखते हुए क्लूज ने आगे कहा कि हम अनुमान लगाते हैं कि इस साल के अंत में covid-19 के वापस आने से पहले एक शांत अवधि होगी, लेकिन जरूरी नहीं कि महामारी वापस आ जाए। बता दें कि शीर्ष अमेरिकी वैज्ञानिक एंथनी फौसी भी हंस क्लूज की इस बात से सहमत हैं और उन्होंने भी रविवार को कुछ इसी तरह की संभावना जाहिर की थी। बताते चलें कि वर्ल्डओमीटर के ताजा आंकड़े के अनुसार, अमेरिका में अभी कोरोना वायरस महामारी के कुल 71,925,931 मामले मौजूद हैं। ऐसे में जहां एक ओर 889,197 लोगों की मृत्यु हुई है तो वहीं कुल 44,365,669 अब तक ठीक भी हो चुके हैं। फिलहाल, अभी भी यहां 26,671,065 एक्टिव केस मौजूद हैं, जबकि 25,713 लोगों की हालत अभी भी नाजुक है। वहीं, यूनाइटेड किंगडम की बात करें तो यहां भी कुल 15,859,288 मामले मौजूद हैं। यहां अब तक कुल 153,862 लोगों की कोरोना के कारण मृत्यु हो चुकी है, जबकि इससे ठीक होने वालों का आंकड़ा 12,222,372 है। मगर यूनाइटेड किंगडम में अभी भी 3,483,054 मौजूद हैं।

Published / 2022-01-24 05:20:22
यूक्रेन और रूस स्थित अपने दूतावासों के परिवारों को अमेरिका ने दिया देश छोड़ने का आदेश

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव व जंग के हालात के मद्देनजर अमेरिकी विदेश विभाग ने दोनों देशों स्थित अमेरिकी दूतावास से पात्र परिवारों को इन देशों को छोड़ने का आदेश दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूसी सैन्य कार्रवाई के निरंतर खतरे के कारण यूक्रेन और रूस के अमेरिकी दूतावास से पात्र परिवारों को वापस बुलाने का आदेश दिया गया है। सुरक्षा की स्थिति, विशेष रूप से रूस के कब्जे वाले क्रीमिया और रूस-नियंत्रित पूर्वी यूक्रेन में, अप्रत्याशित है और बिगड़ सकती है। यूक्रेन स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपनी ट्रेवल एडवायजरी में कहा है कि रूस की सैन्य कार्रवाई व कोविड-19 के बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिकी नागरिक यूक्रेन की यात्रा न करें। अपराध और आंतरिक अशांति की आशंका के मद्देनजर अधिकतम सतर्कता बरतें। क्रीमिया, डोनेटस्क और लुहान्स्क के कुछ इलाकों में ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है। अमेरिका को आशंका है कि रूस जल्द ही यूक्रेन पर हमला कर सकता है। बीते दिनों राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि उन्हें लगता है कि उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में दखलंदाजी करेंगे, लेकिन उन्हें जंग से बचना चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी आशंका जताई है कि रूस जल्द ही यूक्रेन पर हमला कर सकता है। इस बीच, ब्रिटेन की विदेश सचिव लिज ट्रस ने लॉरी इंस्टीट्यूट थिंक टैंक में दिए भाषण में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अपील की कि, रूस यूक्रेन के साथ लगती सीमा से किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई से बचे। रूस और चीन लोकतांत्रिक ताकतों के खिलाफ काम कर रहे हैं। ऐसा शीत युद्ध के समय के बाद से कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि रूस ने इतिहास के सबक नहीं सीखे हैं। वे सोवियत संघ के पुनर्निर्माण या नस्ल और भाषा के आधार पर एक तरह के वृहत्तर रूस के निर्माण का सपना देखते हैं। हालांकि, रूस ने यूक्रेन पर किसी भी प्रकार के हमले की योजना से इनकार किया है, लेकिन उसने इस पड़ोसी देश की सीमा के निकट एक लाख से अधिक सैनिक तैनात कर दिए हैं। इसे लेकर जंग की आशंका बढ़ रही है।

Published / 2022-01-23 12:57:01
ओलंपिक खिलाड़ियों की कोरोना टेस्ट की नई तकनीक ने चीन की कटाई नाक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना महामारी के बीच चीन की नई शर्मनाक करतूत सामने आई है जिसकी वजह से इसकी फिर से दुनिया में बेइज्जती हो रही है। चीन की राजधानी बीजिंग में 4 फरवरी से होने से पहले कोरोना के मामले बढ़ने से ड्रैगन बौखला गया है। खबर है कि विंटर ओलंपिक से ठीक पहले चीन ने खिलाड़ियों के कोरोना टेस्ट के लिए उनके प्राइवेट पार्ट से सैंपल ले रहा है। दुनिया में कोरोना वायरस फैलाने के लिए चीन को जिम्मेदार बताया जा रहा है। शुरुआत से ही चीन के ऊपर ही इस वायरस का ठीकरा फोड़ा जा रहा है। भले ही यह देश इस बात से सहमत न हो। लेकिन चीन को ही इसके लिए जिम्मेदार बताया जाता रहा है। चीन में भी हाल के दिनों में कोरोना के मामलों में इजाफा हुआ है। इस बीच दो हफ़्तों के अंदर इस देश में विंटर ओलंपिक होने हैं। इसे लेकर एक शर्मनाक खबर सामने आ रही है। खबर है कि बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक से पहले चीन कोरोना का टेस्ट करने के लिए खिलाड़ियों के प्राइवेट पार्ट से सैंपल ले रहा है। पिछले साल भी चीन का एनल स्वैब टेस्ट करना विवादों में रहा था। अब ओलंपिक का हिस्सा बनने आए खिलाड़ियों को इस विवादित टेस्ट से गुजरना पड़ रहा है। चीन के मुताबिक ये कोरोना को डिटेक्ट करने का सबसे सुरक्षित और सही तरीका है। कोरोना का एनल टेस्ट काफी विवादित है। इसमें इंसान के प्राइवेट पार्ट के 5 सेंटीमीटर अंदर तक टेस्टिंग किट को घुसाया जाता है। इसके बाद इसे घुमाया जाता। जांच से पहले स्वाब किट को तोड़ दिया जाता है। पहले भी चीन से ऐसे टेस्ट की खबरें सामने आई थी। इसके बाद विवाद बढ़ता देख इसे रोक दिया गया था लेकिन अब विंटर ओलंपिक से ठीक पहले एक बार फिर इसे अपनाया जा रहा है। ता दें कि कोरोना ऐसा वायरस है जो बीते दो सालों से लोगों को तबाह किए हुए हैं। वैक्सीन के बावजूद अभी भी इसका संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा। डेल्टा के बाद अब इसका ओमिक्रोन वेरिएंट लोगों को तबाह किए हुए है। इस बीच चीन इस खेल की सुरक्षित मेजबानी कर दुनिया में अपनी धाक जमाने की तैयारी में है। चीन ने इन खेलों को सुरक्षित बनाने के लिए पूरे बीजिंग में लॉकडाउन लगा दिया है जिस कारण लोग राशन तक लेने के लिए नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसे हालात में चीन की इस टेस्ट की खबरों ने फिर से उसकी बदनामी कर दी है।

Published / 2022-01-23 12:50:09
चिंताजनक : कड़ी रणनीति के चलते चीन का कोरोना से बाहर निकलना कठिन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोविड-19 मामलों की संख्या को कम रखने और अर्थव्यवस्था के सुचारू ढंग से संचालन के वास्ते इस्तेमाल की जा रही कड़ी रणनीति से देश के लिए महामारी से बाहर निकलना कठिन हो सकता है। ज्यादातर विशेषज्ञों का कहना है कि दुनियाभर में कोरोना वायरस अभी नहीं जा रहा है और उनका मानना है कि यह अंततः फ्लू की तरह बन सकता है जो कि बना रहेगा। लेकिन टीकों के जरिये इसके खतरे को कम किया जा सकता है। ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में, जहां ओमीक्रोन लहर के बावजूद तुलनात्मक रूप से हल्के प्रतिबंध हैं। चीन में दो सप्ताह में बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक शुरू होने वाले है और यह देश उस दौरान अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में होगा लेकिन वह गतिशील नहीं दिख रहा है। चीन में ज्यादातर लोग कभी भी वायरस के संपर्क में नहीं आए हैं। साथ ही, चीन के सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले टीकों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया गया है। भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान में एक प्रतिरक्षाविज्ञानी डा. विनीता बल ने कहा, चीन में प्रकोप अधिक होने की आशंका है क्योंकि ज्यादातर लोग कड़े उपायों के कारण वायरस के संपर्क में नहीं आये हैं, इस प्रकार हाइब्रिड प्रतिरक्षा की कमी है। उन्होंने कहा, चीन में अभी खतरा बना हुआ है क्योंकि ओमीक्रोन विश्व स्तर पर फैल रहा है, और भले ही यह स्वरूप गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता है, लेकिन यह जंगल की आग की तरह फैल जाएगा। शिकागो विश्वविद्यालय में चीनी राजनीति का अध्ययन करने वाले प्रो डाली यांग ने कहा कि यह नेताओं के लिए एक बड़ी चुनौती है, विशेष रूप से जीवन बचाने के संबंध में। हांगकांग के चीनी विश्वविद्यालय में चीनी राजनीतिक नेतृत्व के विशेषज्ञ विली लैम ने कहा, अगर कोविड के मामलों की संख्या में बड़े स्तर पर वृद्धि होती है, तो यह उनके नेतृत्व पर बुरी तरह से प्रतिबिंबित होगा।

Published / 2022-01-23 08:03:30
बदला : अमेरिका ने चीन की 44 उड़ानों पर लगाई रोक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बीजिंग की कार्रवाई के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने अमेरिका से चीन के लिए 44 उड़ानों को रद्द कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। यूएस ने कोरोना वायरस के प्रसार का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की है। बता दें कि पिछले दिनों चीन ने अमेरिका की डेल्टा एयरलाइंस, यूनाइटेड एयरलाइंस और अमेरिकन एयलाइंस के कुछ यात्रियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद इन कंपनियों की उड़ानों के चीन में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी। अमेरिका ने चीन के इस कदम को अनुचित बताया था। शुक्रवार को अमेरिका ने चीन की उड़ानों को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। अमेरिका के इस आदेश के बाद दोनों देशों के बीच चला आ रहा पुराना विवाद और बढ़ गया है। अमेरिका के द्वारा लिए गए फैसले को चीन ने जनहित के विरुद्ध बताया है। अमेरिकी आदेश के तहत 30 जनवरी से 29 मार्च के बीच एयर चाइना, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस, चाइना सदर्न एयरलाइंस और शियामेन एयरलाइंस की 44 उड़ान रद्द की जाएंगी।

Published / 2022-01-23 03:36:52
फ्रांस, डेनमार्क और भारत सहित 40 देशों में पहुंचा ओमिक्रॉन बीए.2

एबीएन सेंट्रल डेस्क। ब्रिटेन में ओमिक्रॉन की वंशावली से आए एक नए वैरिएंट ओमिक्रॉन बीए.2 ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। यहां की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) ने इसे वैरिएंट अंडर इंवेस्टिगेशन (वीयूआई) श्रेणी में रखा है, इसके बारे में गहन जांच की जा रही है। अब तक सामने आई जानकारियों के अनुसार यह फ्रांस, डेनमार्क और भारत सहित 40 देशों में पहुंच चुका है। इसमें लोगों को संक्रमित करने की क्षमता भी बेहद तेज मानी जा रही है। ब्रिटेन ने अब तक इसके 426 मामले सिक्वेंसिंग के जरिए पहचाने हैं। इन चिंताओं के बीच यह भी सामने आया है कि नया वैरिएंट ओमिक्रॉन बीए.1 की तरह वैसे म्यूटेशन नहीं रखता, जिससे इसे डेल्टा से अलग पहचाना जा सके। वहीं डेनमार्क के अध्ययनकर्ताओं ने अंदेशा जताया है कि नए वैरिएंट की वजह से ओमिक्रॉन वायरस से बढ़ रही महामारी के दो अलग-अलग पीक (चरम संख्या में मामले) आ सकते हैं। इस बीच जॉन हॉपकिन्स में विषाणु विज्ञानी ब्रायन जेले ने आशंका जताई कि ओमिक्रॉन बीए.2 फ्रांस और डेनमार्क के बाहर पूरे यूरोप व उत्तरी अमेरिका में महामारी और बढ़ा सकता है।यूकेएचएसए के अनुसार यह वैरिएंट भारत, स्वीडन और सिंगापुर सहित 40 देशों में फैल चुका है। लेकिन सबसे ज्यादा इसे डेनमार्क में पाया गया है, जहां जनवरी के दूसरे हफ्ते में 45 फीसदी मामले ओमिक्रॉन बीए.2 के होने की आशंका है। यहां के स्टेट सीरम इंस्टीट्यूट में अध्ययनकर्ता आंद्रेस फोम्सगार्ड का दावा है कि ओमिक्रॉन बीए.2 में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तोड़ने की क्षमता भी ज्यादा हो सकती है। इसीलिए इसके तेजी से फैलने की आशंका है।

Published / 2022-01-22 06:36:22
अब ओमिक्रॉन से उत्पन्न हुआ एक और नया वैरिएंट, ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसी करायेगी जांच

एबीएन सेंट्रल डेस्क। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने शुक्रवार को बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना के खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रॉन से एक नया वैरिएंट उत्पन्न हो गया है जिसे जांच के तहत एक प्रकार के रूप में नामित किया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल इसकी पहचान और खतरा के स्तर को जानने के लिए परीक्षण किया जा रहा है। यूकेएचएसए के निदेशक डॉ मीरा चंद ने कहा कि ओमिक्रॉन लगातार म्यूटेट करने वाला वैरिएंट है। इसलिए यह उम्मीद की जा सकती है कि हम नए रूपों को देखना जारी रखेंगे। डॉ मीरा चंद ने कहा कि हम इसके जीनोम सीक्वेंसिंग पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। खतरा के स्तर को पहचानने की कोशिश की जा रही है। ब्रिटिश अखबार डेली मेल के अनुसार हाल ही में यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने ब्रिटेन में ओमिक्रॉन के 53 सीक्वेंस की पहचान की है। वहीं यूकेएचएसए के मुताबिक ब्रिटेन में ओमिक्रॉन के BA.2 स्ट्रेन के 53 मामले सामने आए हैं। हालांकि कई स्वास्थ्य एजेंसी ने इसे कम खतरनाक माना है। इसके अलावा स्टेटन्स सीरम इंस्टीट्यूट (एसएसआई) के शोधकर्ता एंडर्स फॉम्सगार्ड ने कहा कि इसपर तेजी से जानकारी प्राप्त करने के लिए वर्तमान में पर्याप्त स्रोत नहीं हैं लेकिन हमारी कोशिश लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि नए स्ट्रेन को देखकर हम सभी हैरान थे लेकिन चिंतिति नहीं थे। यूकेएचएसए के मुताबिक डेनमार्क में, BA.2 तेजी से बढ़ा है। यह 2021 के अंतिम सप्ताह में सभी कोविड मामलों का 20 प्रतिशत था, जो 2022 के दूसरे सप्ताह में बढ़कर 45 प्रतिशत हो गया। डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोम कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) ने एक रिपोर्ट में बताया कि ओमिक्रॉन के सब-लीनिएज BA.1 के मामले तेजी से बढ़ते देखे जा रहे हैं, यह तेजी से डेल्टा को रिप्लेस कर रहा है। अध्ययनों में ओमिक्रॉन वैरिएंट के तीन उपवंश (BA.1, BA.2,BA.3) के बारे में पता चला है। देश के कुछ राज्यों में संक्रमितों की टेस्टिंग में BA.1 के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं।

Published / 2022-01-22 04:01:03
कोविड टीके की बूस्टर डोज देने को लेकर जानें डब्ल्यूएचओ की राय...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि कोरोना वायरस टीके की बूस्टर खुराक अब लोगों को पेश की जानी चाहिए। उसने कहा कि इसकी शुरुआत सबसे कमजोर लोगों से की जानी चाहिए। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वैश्विक स्तर पर टीके की आपूर्ति में सुधार हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि वह अब फाइजर-बायोएनटेक टीके की बूस्टर खुराक की सिफारिश कर रही है, जिसे पहली दो खुराक प्राप्त करने के लगभग चार से छह महीने बाद, सर्वोच्च प्राथमिकता वाले समूहों में दिया जाना शुरू किया जाना चाहिए। पिछले साल, डब्ल्यूएचओ ने अमीर देशों से 2021 के अंत तक बूस्टर खुराक की पेशकश पर स्थगन घोषित करने का अनुरोध किया था। डब्ल्यूएचओ की टीकाकरण पर निदेशक डॉ केट ओ ब्रायन ने कहा, बूस्टर टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा हैं, लेकिन इसका मतलब सभी उम्र के लिए उपयोग करना नहीं है। उन्होंने कहा, हम सर्वोच्च प्राथमिकता वाले समूहों के टीकाकरण पर सबसे अधिक ध्यान दे रहे हैं।

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