एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंडोनेशिया में शुक्रवार सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, यहां 6.2 स्केल का भूकंप आया। ये झटके इतने तेज थे कि, लोग घरों से बाहर तक निकल आए। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 07:09 बजे भूकंप आया। इंडोनेशिया के बुकिटिंग्गी में यह झटके महसूस किए गए। हालांकि, इस भूकंप में अभी तक किसी प्रकार की जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब युद्ध में बदल गया है। रूस ने गुरुवार को यूक्रेन पर हमला कर दिया। रूस की ओर से सैन्य हमला शुरू करने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने देश में मार्शल लॉ की घोषणा कर दी है और नागरिकों से अपील की है इस स्थिति में घबराए नहीं। इसी के साथ ही 18 साल से 60 साल के पुरुषों को कहा गया है कि वह देश छोड़कर न जाएं। 18 से 60 वर्ष की आयु के बीच के सभी यूक्रेनी पुरुषों के देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दरअसल यह प्रतिबंध मार्शल लॉ की अवधि के लिए लागू रहेगा। यूक्रेन की सीमा रक्षक सेवा (डीपीएसए) के अनुसार, ये प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है ताकि सभी पुरुष देश की रक्षा के लिए उपलब्ध रहें। विशेष रूप से, यूक्रेन के 18 से 60 वर्ष की आयु के पुरुष नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने से प्रतिबंधित किया गया है। युद्ध के समय यूक्रेन सेना की मदद और घायलों की मदद के लिएयह आदेश जारी किया गया है। मार्शल लॉ लगाने का मतलब है कि नागरिकों, नेताओं के बजाए सैन्य अधिकारियों और सैनिकों पर राष्ट्र के कानूनों को तय करने और लागू करने का दारोमदार है। मार्शल लॉ के उल्लंघन में पकड़ा गया कोई भी व्यक्ति सैन्य न्यायाधिकरणों का सामना कर सकता है। मार्शल लॉ का मतलब है सेना का राज या कानूनन इस वक्त सेना का समाज पर पूर्ण नियंत्रण हो जाता है, उन्हें मार्शल लॉ के रूप में जाना जाता है। इसके बाद सेना की ओर से दिए गए दिशा-निर्देश के हिसाब से ही लोगों को काम करना होता है और सेना पूरा कार्यभार संभाल लेती है। यह सेना द्वारा प्रशासित कानून है। मार्शल लॉ के दौरान किसी भी राजनीतिक नेता या दल को कोई भी बैठक या फैसला लेने का अधिकार नहीं होता। न ही इस दौरान कोई हड़ताल या प्रदर्शन कर सकता है। नागरिकों खास कर पुरुषों को सेना की सेवा में लगाया जाता है ताकि यूद्ध की स्तिथि में उनकी मदद की जा सके।
एबीएन सेंटल डेस्क। रूस के हमले के बीच यूक्रेन ने बड़ा दावा किया है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसकी सेनाओं ने रूस के 800 सैनिकों को मार गिराया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में टैंक और विमान भी तबाह कर दिए हैं। डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि गुरुवार शाम को किए गए ऑपरेशन के तहत रूसी सेना के 30 टैंकों, कई विमानों और हेलिकॉप्टरों को भी तबाह कर दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने देश में आपातकाल लगाने का ऐलान किया है और देश के हर सक्षम व्यक्ति से रूसी आक्रमण के खिलाफ हथियार उठाने का आह्वान किया है। क्रेन के रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट किया, डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर हन्ना मालयार ने बताया है कि दुश्मन के 800 सैनिक मार गिराए हैं। इसके अलावा 7 हेलिकॉप्टर और 6 टैंक भी तबाह कर दिए गए हैं। सोमवार को रूस की ओर से यूक्रेन के दो क्षेत्रों डोनेत्सक और लुहान्सक को स्वतंत्र घोषित कर दिया था। इसके बाद गुरुवार सुबह से रूस की ओर से यूक्रेन पर हमलों की शुरुआत कर दी गई थी। रूस के हमले के बाद से यूके, अमेरिका, कनाडा समेत दुनिया के कई देशों ने उस पर बैन लगाए हैं। हालांकि इसके बाद भी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेनाओं को पीछे हटाने के कोई संकेत नहीं दिए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन संकट पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि कई हफ्तों से हम जो चेतावनी दे रहे थे वो हो गया। बाइडेन ने कहा कि बिना सबूतों के यूक्रेन पर निराधार आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रूस को इसका अंजाम भुगतना होगा। दुनिया के अधिकतर देश रूस के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि रूस सच्चाई छुपाने के लिए प्रोपेगेंडा कर रहा है। बाइडेन ने कहा कि हम रूस के कारोबार करने की क्षमता को रोक देंगे। उन्होंने कहा कि रूस का आधे से ज्यादा इंपोर्ट कम कर देंगे। रूस अमेरिका और ईयू के साथ व्यापार नहीं कर पाएगा। आज हम रूस के चार और बैंकों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। बाइडेन ने कहा कि जी-7 देश मिलकर रूस को जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना इस जंग में हिस्सा नहीं लेगी। बाइडेन ने यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष को लेकर साफ कर दिया कि अमेरिकी सेना इस जंग में हिस्सा नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि रूस के आसपास अमेरिकी सैनिक अड्डे अलर्ट पर हैं। पूर्व के सहयोगी देशों में हमारी सेना रहेगी। नाटो के सभी देशों को हमारा समर्थन रहेगा। बाइडेन ने अमेरिकी गैस कंपनियों से अपील की कि वह युद्ध से मौके का फायदा न उठाएं। अमेरिका पर भी युद्ध का असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि तेल उत्पादक देशों से तेल की कीतमें न बढ़ाने पर बात करेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस ने पहले दिन की लड़ाई में यूक्रेन में जबरदस्त तबाही मचाई है। रूसी सैनिकों ने गुरुवार को चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर कब्जा कर लिया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के सलाहकार मायहेलो पोडोयक ने बयान जारी कर इसकी पुष्टि की। पोडोयक ने कहा, यूक्रेन ने चेर्नोबिल पर नियंत्रण खो दिया है। हमारी सेना ने रूसी सैनिकों से भीषण जंग लड़ी। उन्होंने कहा रूसियों के इस मूर्खतापूर्ण हमले के बाद यह कहना असंभव है कि चेर्नोबिल संयंत्र सुरक्षित है भी या नहीं। वहीं, जेलेंस्की ने कहा है कि पहले दिन की लड़ाई में कुल 137 लोगों की जान गई है। इसके अलावा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन पर रूस के हमले से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात कर तत्काल हिंसा रोकने की अपील की तथा सभी पक्षों से कूटनीतिक बातचीत और संवाद की राह पर लौटने के ठोस प्रयास करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को रूस-यूक्रेन के बीच शुरू हुई हिंसा को तत्काल समाप्त करने और राजनयिक वार्ता के रास्ते पर लौटने के लिए सभी पक्षों से ठोस प्रयास करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने बातचीत में अपने लंबे समय से दृढ़ विश्वास को दोहराया कि रूस और नाटो समूह के बीच मतभेदों को केवल ईमानदारी और बातचीत के माध्यम से ही सुलझाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने यूक्रेन में भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से छात्रों की सुरक्षा के संबंध में भारत की चिंताओं के बारे में रूसी राष्ट्रपति को भी अवगत कराया और बताया कि भारत उनके सुरक्षित निकास और भारत लौटने को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि उनके अधिकारी और राजनयिक दल सामयिक हित के मुद्दों पर नियमित संपर्क बनाए रखेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूसी सैनिकों द्वारा गुरुवार को यूक्रेन पर हमले के बाद दोनों तरफ से जानमाल के नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां यूक्रेन का कहना है कि हमने अब तक 50 रूसी सैनिकों को मार गिराया है और उनके 6 विमान नष्ट कर दिए हैं, तो वहीं दूसरी ओर, हमले में अब तक यूक्रेन के 40 जवानों और 10 नागरिकों की मौत हो गई है। रूस के इस हमले को लेकर कई देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा और कड़ी आलोचना कर रहे हैं। हालांकि इस महायुद्ध में रूस को चीन और ईरान का साथ मिला है। बता दें कि चीन ने पूर्वी यूरोपीय देश यूक्रेन में रूस के हमलों को आक्रमण कहने से इनकार कर दिया। यही नहीं उसने इसके बजाय संकट को और खराब करने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों की जमकर आलोचना की। रूस के निकट सहयोगी चीन ने यूक्रेन मुद्दे से जुड़े सभी पक्षों से संयम बरतने तथा और तनाव बढ़ाने वाला कोई भी कदम उठाने से परहेज करने की अपील की। चीन ने इस सवाल को दरकिनार कर दिया कि क्या गुरुवार तड़के यूक्रेन पर रूसी सेना का हमला एक आक्रमण था। इसके जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि इस मामले की जड़ें ऐतिहासिक एवं वर्तमान परिदृश्य में समाई हुई हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन में सैन्य हमले में अब तक 9 लोगों मौत हो गई जबकि 7 अन्य घायल हो गए। वहीं हमले के बाद नाटो ने यूक्रेन और रूस के पास स्थित अपने पूर्वी किनारे में अपनी जमीनी, समुद्री बलों और वायुसेना की तैनाती को मजबूत करने पर सहमति जतायी। नाटो के दूतों ने आपातकालीन वार्ता के बाद एक बयान में कहा कि हम गठबंधन के पूर्वी हिस्से में अतिरिक्त रक्षात्मक जमीनी और वायुसेना, साथ ही अतिरिक्त समुद्री परिसंपत्ति तैनात कर रहे हैं। बयान में कहा गया कि हमने सभी आकस्मिक स्थिति का जवाब देने के लिए अपने बलों की तैयारी बढ़ा दी है। उत्तरी अटलांटिक परिषद की एक बैठक के बाद ब्रुसेल्स (बेल्जियम ) स्थित नाटो मुख्यालय में मीडिया से स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि हमारे पास अपने हवाई क्षेत्र की रक्षा करने वाले 100 से अधिक जेट और उत्तर से भूमध्य सागर तक समुद्र में 120 से अधिक जंगी जहाजों बेड़ा है। हम अपने गठबंधन को हमले से बचाने के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेंगे। बता दें कि नाटो के 30 सदस्य देशों में से कुछ यूक्रेन को हथियार, गोला-बारूद और अन्य उपकरणों की आपूर्ति कर रहे हैं। नाटो यूक्रेन के समर्थन में कोई सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेगा, जो उसका एक करीबी भागीदार है। संघर्ष के निकटतम देश - एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड - नाटो की स्थापना संधि के अनुच्छेद 4 के तहत दुर्लभ परामर्श शुरू करने वालों में शामिल हैं, जो तब किया जा सकता है जब क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता या किसी की (नाटो सदस्यों में से किसी की) सुरक्षा खतरे में होती है। दूतों ने कहा कि हमने सभी सहयोगियों की रक्षा के लिए अपनी रक्षात्मक योजना के अनुरूप, गठबंधन में प्रतिरोधक क्षमता और रक्षा को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हमारे कदम एहतियाती, आनुपातिक और गैर-उकसावे वाले हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस ने यूक्रेन पर कई सस्थानों पर मिसाइल हमला किया है। रूस ने 30 से अधिक मिसाइल दागीं हैं। इसमें कैलिबर क्रूज मिसाइल से भी हमला किया गया है। रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव के बेहद करीब पहुंच गई है। रूस ने नागरिक, सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। यूक्रेन की उत्तरी कीव में सेना इंटर कर चुकी हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान : यूक्रेन हालात पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एव के प्रतिनिधि से बातचीत हुई है। उहनोंने बताया कि यूक्रेन को लेकर बातचीत हुई है। ईयू के प्रतिनिधि के साथ हालात कैसे सुधारे जाएं इस पर बात हुई है। विदेश मंत्री ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। ब्रिटेन के पीएम बॉरिस जॉनसन क्या बोले : ब्रिटेन ने यूक्रेन पर आक्रमण के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा चुने गए रक्तपात और विनाश के रास्ते की बृहस्पतिवार को निंदा की और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ निर्णायक कार्रवाई का वादा किया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसे यूरोपीय महाद्वीप के लिए एक तबाही करार दिया। जॉनसन मामले पर राष्ट्र को भी संबोधित करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वह जवाबी कार्रवाई के समन्वय के लिए जी-7 के नेताओं से संपर्क कर रहे हैं, जिसमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान शामिल हैं। रूस ने की शांतिभंग : नाटो के महासचिव जेन्स स्टॉल्टेनबर्ग ने कहा है कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से यूरोपीय महाद्वीप की शांति भंग हो गई है। स्टॉल्टेनबर्ग ने शुक्रवार को नाटो गठबंधन के नेताओं का शिखर सम्मेलन बुलाने का आह्वान किया है। रूस ने बृहस्पतिवार को यूक्रेन पर आक्रमण कर उसके शहरों और सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले या गोलीबारी की। यूक्रेन सरकार ने कहा कि रूसी टैंक और सैनिक सीमा पर घूम रहे हैं। साथ ही उसने रूस पर पूर्ण युद्ध छेड़ने का भी आरोप लगाया। नाटो ने यूक्रेन को सैन्य मदद का ऐलान किया है। हालात पर नजर : यूक्रेन और रूस विवाद पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा बयान दिया है। राजनाथ ने कहा कि किसी भी बात का हल शांति से निकलना चाहिए, युद्ध इसका हल नहीं हो सकता, यूक्रेन में फंसे भारतीयों पर राजनाथ सिंह ने कहा- यूक्रेन में कई प्लेन भेजे गए, वहां की स्थिति जो है उसकी वजह से प्लेन वहां उतर नहीं पा रहें। फ्रांस ने की रूस की निंदा : फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस युद्ध छेड़ने के रूस के फैसले की कड़ी निंदा करता है और यूक्रेन के लिए समर्थन का वादा करता है। मैक्रों ने कहा कि रूस को अपने सैन्य अभियानों को तुरंत समाप्त करना चाहिए। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बात की। फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान के अनुसार, मैक्रों से बातचीत में जेलेंस्की ने यूक्रेन के लिए यूरोप के एकजुट सहयोग की मांग की। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस युद्ध को समाप्त करने के लिए अपने भागीदारों और सहयोगियों के साथ काम कर रहा है।
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