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Published / 2022-02-24 02:55:26
अपने हवाई क्षेत्र में नागरिक उड़ानों पर यूक्रेन ने लगाई पाबन्दी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। एक संघर्ष निगरानी क्षेत्र द्वारा उड़ान न भरने के जोखिम को बढ़ाने के बाद गुरुवार को संभावित खतरे के कारण यूक्रेनी हवाई क्षेत्र में नागरिक विमानों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध संकट और भी गहराता जा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बार-बार यह खबर आ रही है कि रूसी सेना यूक्रेन में प्रवेश कर गई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। वहीं खतरे की आशंका को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) आज इस हफ्ते में दूसरी बार यूक्रेन पर चर्चा करने के लिए सत्र बुलाने जा रहा है। यह सत्र भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 8 बजे (21:30 EST) से शुरू होने की उम्मीद है।

Published / 2022-02-24 02:52:21
रूस-यूक्रेन तनातनी : डोनेट्स्क में 5 धमाकों की आवाज सुन UNSC ने बुलाई आपात बैठक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। अलगाववादियों के कब्जे वाले पूर्वी यूक्रेन के शहर डोनेट्स्क में गुरुवार तड़के कम से कम पांच विस्फोटों की आवाज सुनी गई है। इसके बाद चार सैन्य ट्रक घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से यह जानकारी दी है। आपको यह भी बता दें कि संभावित रूसी हमले को ध्यान में रखते हुए यूक्रेन ने अपने कुछ एयरपोर्ट को बंद कर दिया है। यूक्रेन सरकार ने रूस के साथ चल रहे टकराव के कारण पूर्वी यूक्रेन में हवाई अड्डों को आधी रात से सुबह 7 बजे (स्थानीय समयानुसार) तक बंद कर दिया। अधिकारियों ने कुछ हवाई क्षेत्र को खतरे वाले क्षेत्र के रूप में भी घोषित किया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुलाई आपात बैठक समाचार एजेंसी एएफपी ने राजनयिक सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तीन दिनों में अपना दूसरा आपातकालीन सत्र आयोजित करेगी। इसमें यूक्रेन संकट पर चर्चा होगी। आपको बता दें कि सीमावर्ती क्षेत्रों के पास रूसी सैनिकों की तैनाती जारी है। रिपोर्ट के अनुसार कीव के अनुरोध पर यह बैठक गुरुवार को भरातयी समयानुसार सुबह 8 बजे होगी। दो सैन्य काफिले दोनेत्स्क की ओर बढ़ने का दावा बुधवार को पूर्वी यूक्रेन के अशांत क्षेत्र में रूस की ओर से दो सैन्य काफिलों को दोनेत्सक की ओर बढ़ने का दावा किया गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बुधवार को प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा कि आधुनिक सैन्य सामग्री से लैस दो काफिले तेजी से दोनेत्सक की ओर बढ़ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि इन काफिलों में शामिल सैन्य वाहनों में किसी देश का प्रतीक चिह्न नहीं है। रूस ने पूर्वी यूक्रेन के अशांत क्षेत्र लुहान्सक और दोनेत्सक को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया है और वहां अपनी सेना को भेजने के भी आदेश दिए हैं। इसी बीच बुधवार को कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि उन्होंने रूसी सीमा की तरफ से दोनेत्सक की ओर दो सैन्य काफिलों को बढ़ते देखा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो आधुनिक सैन्य सामग्री से लैस इन काफिलों में सैन्य वाहनों पर किसी देश के प्रतीक चिन्ह नहीं हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि एक काफिले में नौ टैंक और पैदल सैनिक शामिल थे, तो वहीं दूसरे काफिले में ट्रक और ईंधन टैंकर शामिल थे। ज्ञात रहे कि युद्ध की आशंका को देखते हुए यूक्रेन ने बुधवार को देश में 30 दिन के आपातकाल का ऐलान किया है। वहीं रूस ने अपने नागरिकों से यूक्रेन छोड़ने को कहा है। माना जा रहा है कि रूसी सेना पूर्वी अशांत क्षेत्र में अपने सैनिकों की तैनाती कर रही है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

Published / 2022-02-24 02:38:17
बाइडेन ने लगाया नॉर्ड स्ट्रीम-2 एजी पर प्रतिबंध

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को कहा कि उन्होंने अपने प्रशासन को नॉर्ड स्ट्रीम 2 एजी पाइपलाइन के कंस्ट्रक्टर ऑपरेटर और उसके कॉर्पोरेट अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। बाइडेन ने एक बयान में कहा, आज, मैंने अपने प्रशासन को नॉर्ड स्ट्रीम 2 एजी और उसके कॉर्पोरेट अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेन में हालात बिगड़ते हैं तो वह रूस के खिलाफ अतिरिक्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उल्लेखनीय है कि बाइडेन प्रशासन ने पिछले साल इन प्रतिबंधों को माफ कर दिया था। राष्ट्रपति बाइडेन का फैसला जर्मनी द्वारा पाइपलाइन के प्रमाणन को रोकने की घोषणा के एक दिन बाद आया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा डोनेट्स्क और लुहान्स्क के अलग-अलग लोगों के गणराज्यों की स्वतंत्रता को मान्यता देने वाले फरमानों पर हस्ताक्षर करने के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने रूस के खिलाफ नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। नई संधियों के तहत, मास्को ने दो रूसी भाषी गणराज्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का वचन दिया।

Published / 2022-02-24 02:32:42
रूस के हमले की आशंकाओं के बीच यूक्रेन ने लगाया आपातकाल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को अपने देश के बाहर सैन्य बल का इस्तेमाल करने का अधिकार मिलने के बाद यूक्रेन ने बुधवार को देशव्यापी आपातकाल की घोषणा कर दी। इस बीच, पश्चिमी देशों ने रूस के खिलाफ कई प्रतिबंधों की घोषणा की तथा मॉस्को ने यूक्रेन स्थित अपने दूतावास परिसरों को खाली कर वहां से राजनयिक कर्मियों को निकाल लिया। यूक्रेन के सांसदों ने देशव्यापी आपातकाल लगाने के राष्ट्रपति वलोदिमिर ज़ेलेंस्की के आदेश को मंजूरी दे दी जो बृहस्पतिवार से शुरू होकर 30 दिन तक लागू रहेगा।

Published / 2022-02-23 17:19:25
यूक्रेन-रूस में तनाव के बीच इजरायल ने सीरिया पर किया मिसाइल अटैक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन और रूस में युद्ध की आशंका के बीच दुनिया में एक नया तनाव छिड़ गया है। इजरायल ने सीरिया पर मिसाइल अटैक कर दिया है। सीरिया के सरकारी मीडिया की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक बुधवार को सुबह इजरायल ने देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित सैन्य ठिकाने पर हमला कर दिया। एक सैन्य अधिकारी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि इजरायल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स से यह हमला किया गया। हालांकि इस हमले में किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन सैन्य ठिकाने को जरूर इससे नुकसान पहुंचा है। ऐसा ही एक हमला सीरिया में बीते सप्ताह भी हुआ था। तब इजरायल ने सीरिया की कैपिटल दमिश्क के दक्षिणी इलाके में हमला कर दिया था। इस हमले में भी किसी की मौत नहीं हुई थी। इस हमले के आरोप पर अब तक इजरायल का कोई रिएक्शन नहीं आया है। इजरायल ने बीते कुछ सालों में सीरिया में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। गृह युद्ध से जूझ रहे सीरिया को इजरायली हमलों ने बड़ा नुकसान पहुंचाया है। हालांकि इजरायल बात से इनकार करता रहा है कि उसने सीरिया सरकार के ठिकानों पर किसी तरह का अटैक किया है। इजरायल का कहना है कि उसकी ओर से ईरान समर्थित आतंकी संगठनों पर हमले किए गए हैं। इन आतंकी संगठनों में लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह शामिल है। यह संगठन सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद का समर्थन कर रहा है। बता दें कि इजरायल ने 1967 में हुए युद्ध के दौरान गोलान की पहाड़ियों पर कब्जा जमा लिया था। इस कब्जे के बाद से इजरायल की सामरिक स्थिति बेहद मजबूत हो गई है। हालांकि दुनिया के तमाम देश इजरायल के इस कब्जे को मान्यता नहीं देते हैं। ट्रंप प्रशासन ने पिछले दिनों इस दिशा में बड़ा कदम उठाया था और इजरायल के कब्जे को मान्यता प्रदान कर दी थी।

Published / 2022-02-23 17:16:00
यूक्रेन में जल्द गिर सकता है रूसी बम... पूरे देश मे इमरजेंसी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच तनाव चरम पर है। कभी भी युद्ध की बिगुल बज सकता है। रूस ने यूक्रेन से अपने डिप्लोमैट्स को निकालना शुरू कर दिया है। मास्को का यूक्रेन के कीव में दूतावास है और खार्किव ओडेसा और ल्वीव में वाणिज्य दूतावास हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कीव में दूतावास से निकासी शुरू हो गई है। ऐसे में बुधवार के दिन यूक्रेन की संसद ने एक कानून के लिए वोटिंग की। जिसमें यूक्रेन के हर नागरिक के पास आत्मरक्षा के लिए हथियार रखने की परमिशन होगी। युद्ध जैसी स्थिति बनते देख यूक्रेन ने देश में इमरजेंसी लागू कर दी है। यूक्रेन ने डोनेट्स्क और लुहान्स्क क्षेत्रों के अलावा सभी यूक्रेनी क्षेत्रों में आपातकाल की स्थिति लागू कर दी है। खतरे को देखते हुए यूक्रेन में हड़कंप मच गया है। देश के लोगों को जंग के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। दुनिया भी दो खेमों में बट गई है। अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे दिग्गज देश रूस पर कई पाबंदिया लगा चुके हैं। इससे पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उनका देश हमेशा कूटनीति के लिए खुला है। हालांकि, यह अपने स्वयं के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को पहले रखता है और एक कठिन अंतरराष्ट्रीय स्थिति के मद्देनजर अपनी सेना को मजबूत करना जारी रखेगा। रॉयटर्स ने पुतिन के हवाले से कहा, हमारा देश हमेशा सीधी और ईमानदार बातचीत के लिए खुला है और सबसे जटिल मुद्दों के राजनयिक समाधान खोजने के लिए तैयार है। लेकिन मैं यह दोहराना चाहता हूं कि रूस के हित और हमारे लोगों की सुरक्षा बिना शर्त है। इसलिए, हम अपनी सेना और नौसेना को मजबूत और आधुनिक बनाना जारी रखेंगे। सैटेलाइट इमेज में यूक्रेन की सीमा के पास दक्षिणी बेलारूस में 100 से अधिक सैन्य वाहनों और दर्जनों सैन्य टेंटों की नई तैनाती दिखाई गई है। मैक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा जारी तस्वीर में यह भी दिखाया गया है कि यूक्रेन के साथ सीमा के करीब पश्चिमी रूस में एक सैन्य अस्पताल भी बनाया गया है।

Published / 2022-02-23 14:38:53
दुबई में बनी धरती की सबसे सुंदर और अद्भुत इमारत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुबई में आयोजित एक भव्य समारोह में म्यूजियम आॅफ द फ्यूचर का उद्घाटन किया गया जिसे दुनिया की सबसे सुंदर व अद्भुत इमारत कहा जा रहा है। इस भवन को बनाने में 9 साल का वक्त लगा है। यह सात मंजिला इमारत 77 मीटर ऊंची है और 30 हजार वर्ग मीटर में इसका निर्माण हुआ है। यह विश्व की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा से कुछ ही दूरी पर स्थित है। दुबई में निर्मित वास्तुकला के नमूनों में म्यूजियम आॅफ द फ्यूचर ताजा पेशकश है। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि संग्रहालय मानवता के भविष्य की रुपरेखा को प्रदर्शित करता है और मानव के विकास में आने वाली चुनौतियों और अवसरों के नवाचार युक्त समाधान की प्रेरणा देता है। यूएई के कैबिनेट मामलों के मंत्री तथा दुबई फ्यूचर फाउंडेशन के अध्यक्ष मोहम्मद अल गगार्वी ने मंगलवार को आयोजित उद्घाटन समारोह में कहा कि म्यूजियम आॅफ द फ्यूचर एक जीवंत संग्रहालय है। इस इमारत का डिजाइन, किल्ला डिजाइन के वास्तुकार शॉन किल्ला ने किया है और यह इंजीनियरिंग तथा कम्प्यूटर की मदद से किए गए डिजाइन का एक उत्कृष्ट नमूना है। यह स्टेनलेस स्टील से बना है और यहां रोबोट के इस्तेमाल से निर्मित 1,024 कलाकृतियां रखी गई हैं।

Published / 2022-02-23 09:31:48
यूक्रेन विवाद : रूस पर लगे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध के मुख्य घटनाक्रमों पर एक नजर

एबीएन डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा विवाद अब चरम पर पहुंच गया है भयंकर रूप लेता जा रहा है। दरअसल, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को पूर्वी यूक्रेन के डोनेत्स्क और लुगंस्क को अलग देश के रूप में मान्यता दे दी जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस बीच अमेरिका एक्शन में आ गया है और ब्रिटेन सहित कई देशों ने रूस पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी आज यूक्रेन मसले पर मीटिंग हुई। जापान ने की प्रतिबंधों की घोषणा : जापान के प्रधानमंत्री ने रूस तथा यूक्रेन के उन दो अलगाववादी क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिनकी स्वतंत्रता को रूस ने मान्यता दे दी। इसी के साथ वह रूस पर कूटनीतिक समाधान के रास्ते पर लौटने का दबाव बनाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल हो गए हैं। प्रधानमंत्री फुमियो कुशिदा ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार यूक्रेन में रूस द्वारा की जा रही कार्रवाई के जवाब में जापान में रूसी सरकार के बॉन्ड को जारी करने तथा इसके वितरण पर प्रतिबंध लगाएगी। उन्होंने कहा कि जापान यूक्रेन के दो अलगाववादी क्षेत्रों से जुड़े लोगों को वीजा जारी करने पर भी रोक लगाएगा, अपने यहां उनकी संपत्तियां जब्त करेगा तथा दो इलाकों के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगाएगा। किशिदा ने यूक्रेन की संप्रभुत्ता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने के लिए रूस की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, हम रूस से इस घटनाक्रम को हल करने के लिए कूटनीतिक प्रक्रिया पर लौटने का अनुरोध करते हैं। यूक्रेन पर बाइडेन और पुतिन के बीच बढ़ा गतिरोध : रूसी संसद द्वारा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को देश से बाहर सेना के प्रयोग की अनुमति देने के बाद मंगलवार को यूक्रेन के मुद्दे पर मॉस्को और पश्चिमी देशों के बीच गतिरोध बढ़ गया। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और यूरोपीय नेताओं ने इसके जवाब में रूस के बड़े व्यवसायियों और बैंकों पर प्रतिबंध लगा दिए। बाइडन और पुतिन ने संकेत दिया है कि यह गतिरोध आगे और बढ़ सकता है। पुतिन, यूक्रेन पर डेढ़ लाख सैनिकों के साथ हमला करने को तैयार हैं और बाइडेन ने अभी तक रूस को आर्थिक रूप से अधिक नुकसान पहुंचाने वाले प्रतिबंध नहीं लगाए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अगर हमला होता है तो पाबंदियां लगाई जाएंगी। ऑस्ट्रेलिया ने पुतिन के शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों पर कसा शिकंजा : रूस के यूक्रेन पर अनुचित, अकारण, अस्वीकार्य आक्रमण के बाद ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों में से आठ पर प्रतिबंधों की घोषणा की। यूक्रेन के पूर्व में क्रेमलिन समर्थित स्टेटलेट्स में सैनिकों को आदेश देने के पुतिन के फैसले की आलोचना करते हुए, प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने प्रतिबंधों की घोषणा की है। अभी पूर्ण सैन्य लामबंदी की जरूरत नहीं : यूक्रेन यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लादिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार रात घोषणा की कि रूस के आक्रमण करने की आशंका के चलते वह देश के कुछ आरक्षित सैनिकों को तैनाती के लिए बुला रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पूर्ण सैन्य लामबंदी की अभी कोई आवश्यकता नहीं है। राष्ट्रपति ने राष्ट्र को एक वीडियो के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि उनका आदेश केवल तथाकथित रिज़र्व सैनिकों पर लागू होता है, जो आम तौर पर संकट के समय सक्रिय हो जाते हैं और एक निश्चित समय के लिए सक्रिय रहते हैं। जेलेंस्की ने इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा, अभी पूर्ण सैन्य लामबंदी की जरूरत नहीं है। हमें यूक्रेन की सेना और अन्य सैन्य संरचनाओं में अतिरिक्त सैनिकों को शामिल करने की जरूरत है। यूक्रेन के सशस्त्र बलों में लगभग 250,000 सैनिक हैं और 140,000 सैनिकों को रिज़र्व (तैनाती के लिए तैयार) में रखा गया हैं।

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