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Published / 2022-03-02 09:37:51
बंदूकों की तस्करी पर अमेरिका लगायेगा कड़ा पहरा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि उनका देश बंदूकों की तस्करी और इनकी ऑनलाइन खरीदी करने पर या बिना श्रृंखला संख्या के घर पर बनाई जा सकने वाली बंदूकों पर रोक लगाने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र के तहत हरसंभव कदम उठाएगा। उन्होंने अमेरिकी संसद से देश में बंदूक हिंसा को कम करने में कारगर साबित हुए कदमों को पारित करने की अपील की। बाइडन ने पुलिस की निधि रोकने की मुहिम पर निशाना साधते हुए सांसदों से अपील की कि वे अमेरिकी पुलिस को समुदायों की रक्षा के लिए आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण मुहैया कराएं। इस मुहिम को शुरुआत में उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी ने समर्थन दिया था। बाइडन ने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में मंगलवार को कहा कि हम सभी को इस बात पर सहमत होना चाहिए : पुलिस को दी जाने वाली निधि रोकना उचित तरीका नहीं है। उचित तरीका है कि पुलिस को हमारे समुदायों की रक्षा के लिए आवश्यक संसाधन एवं प्रशिक्षण मुहैया कराए जाएं। मैं डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन सांसदों से कहता हूं: मेरा बजट पारित कीजिए और हमारे पड़ोसियों को सुरक्षित रखिए। बाइडन ने समुदायों की रक्षा करने, विश्वास कायम करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जवाबदेह बनाने के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह बंदूकों की तस्करी और ऑनलाइन खरीदी जा सकने वाली और घर पर बनाई जाने वाली उन बंदूकों पर लगाम लगाने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र के तहत हरसंभव कदम उठाएंगे, जिन पर कोई श्रृंखला संख्या नहीं होती और यह पता नहीं लगाया जा सकता कि उन्हें कहां से खरीदा गया है।

Published / 2022-03-02 07:57:24
यूक्रेन को लैंडलॉक कंट्री में तब्दील करने की फिराक में रूस

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस ने यूक्रेन को घेरने के लिए अब तक की सबसे खतरनाक चाल चली है। यूक्रेन की राजधानी कीव को घेरने के साथ-साथ रूस ने उसको लैंडलॉक कंट्री में तब्दील करने का पूरा खाका तैयार कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा करके रूस, यूक्रेन को उस देश में तब्दील कर देगा जिसका समुद्री तटों से कोई लेना-देना नहीं रहेगा। ऐसा करके रूस यूक्रेन को बर्बादी के आखिरी कगार तक पहुंचाने का पूरा रोड मैप तैयार करने की भूमिका बना रहा है। विद्रोहियों को उकसा रहा रूस : विदेशों में तैनात रहे सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े विशेषज्ञों की माने तो जिस तरीके से रूस ने भौगोलिक रूप से अपनी स्ट्रेटजी बनाकर यूक्रेन को घेरने की योजना बनाई है वह बड़ी खतरनाक है। एक वरिष्ठ पूर्व राजनयिक के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कुछ दिनों पहले ही यूक्रेन के पूर्व में लुहान्स और डॉन्सटेक को नए देश के तौर पर मान्यता दी थी। दक्षिण में क्रीमिया पर पर भी रूस के आधिपत्य से उसी की सत्ता थी। इसी के चलते यूक्रेन के दक्षिणी हिस्से में अजाव समुद्र से उसका नाता खत्म हो चुका है। इस पूरे मामले पर नजर बनाए रखने वाले वरिष्ठ सुरक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि रूस ने मॉलडोवा देश के उत्तरी हिस्से में जो कि यूक्रेन से लगता है वहां पर विद्रोहियों को सपोर्ट करना शुरू कर दिया। इस वजह से दक्षिणी पश्चिमी और पूरा दक्षिणी हिस्सा सर यूक्रेन का विवादित रहा है। विदेश मामलों के जानकारों का कहना है जिस तरीके से रूस ने आक्रामक तरीका यूक्रेन में युद्ध का अपनाया है उससे वह यूक्रेन के एक बड़े हिस्से को लैंड लॉक में तब्दील करने जैसा लग रहा है। क्योंकि इस हिस्से को कब्जे में कर लेने से ब्लैक सी पूरी तरीके से यूक्रेन के कब्जे से बाहर हो जाएगा। उत्तर में बेलारूस रूस को सपोर्ट कर रहा रूस : विदेशी मामलों के जानकार एस रामनाथन कहते हैं कि रूस ने यूक्रेन को ना सिर्फ अंदर से बल्कि यूक्रेन के भौगोलिक क्षेत्र के बाहरी हिस्सों से भी खेलना शुरू कर दिया है। वह बताते हैं कि उत्तर में बेलारूस रूस को सपोर्ट कर रहा है। इससे यूक्रेन की न सिर्फ ताकत घट रही है बल्कि उस इलाके से भी हमने का पूरा भय बना हुआ है। वह बताते हैं कि बीते 24 घंटे में जिस तरीके से रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव की ओर अपने सैनिकों की बड़ी-बड़ी टुकड़िया भेजनी शुरू की है उससे एक बात बिल्कुल तय हो चुकी है कि यूक्रेन की राजधानी पर बहुत जल्द बहुत बड़ा हमला हो सकता हैं। इसके अलावा रूस और यूक्रेन के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही है वह भी एक बड़ा कारण अब बड़े हमले की ओर ले कर जा रहा है। अपने ऊपर प्रतिबंध से बौखलाया रूस : विदेशी मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरीके से यूरोपीय देशों और अमेरिका ने रूस के ऊपर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं उससे रूस निश्चित तौर पर बौखलाया है। हालांकि वह इस बात को जाहिर नहीं होने देना चाह रहा है। यही वजह है कि उसकी आक्रामकता तो बढ़ ही है बल्कि रूस के अंदर होने वाला विरोध भी बढ़ने लगा है। विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि रूस भले ही इस बात की प्रतिक्रिया ना दें लेकिन पाबंदियों के बाद से रूस राष्ट्रपति को अपने कई अन्य विकल्पों के बारे में भी सोचने की जरूरत पड़ रही है। इसमें यूरोप के भीतर किए जाने वाले व्यापारिक समझौते और दुनिया के दूसरे मुल्कों में किए जाने वाले बड़े व्यापारिक समझौते भी शामिल है।

Published / 2022-03-01 15:12:09
बाबा वेंगा की भविष्यवाणी : रूस करेगा दुनिया पर राज, वर्ष 5079 में दुनिया का अंत!

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच युद्धा का आज 6वां दिन जारी है। इसी बीच दोनों देशों के बीच जारी जंग में बाबा वेंगा की भविष्यवाणी की चर्चा तेज हो गई है। अमेरिका में अलकायदा के 9/11 हमले से लेकर विनाशकारी सुनामी तक की इन्होंने भविष्यवाणी की थी। बाबा वेंगा ने रूस को लेकर एक भविष्यवाणी की थी, रूस दुनिया का शासक बनेगा और यूरोप बंजरभूमि में बदल जाएगा। कोई भी रूस को रोक नहीं पाएगा। सभी लोग रास्ते से हटा दिए जाएंगे और वह (रूस) दुनिया का शासक बनेगा। सभी पिघल जाएंगे क्योंकि बर्फ अनछुई बनी रहेगी- ब्लादिमीर की शान, रूस की शान। बाबा की ये भविष्यवाणी रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद काफी चर्चा का विषय बन गई है। रूस की राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक निर्देश पर रूसी सेना यूक्रेन में जोरदार हमले कर रही है और राजधानी कीव पर कब्जा करने की दहलीज पर खड़ा है। यूक्रेन हमले के बाद नाटो देश एकजुट हो गए हैं उनकी तैयारी को देखते हुए पुतिन ने परमाणु सेना को अलर्ट पर रखा हुआ है। अपनी मौत की भविष्यवाणी की : यूरोपीय देश बुल्गारिया में बाबा वेंगा का जन्म हुआ और उनका असली नाम वेंगेलिया गुश्तेरोवा है। बाबा वेंगा का जन्म साल 1911 में हुआ था। 12 साल की उम्र में एक भीषण तूफान में बाबा वेंगा के आंखों की रोशनी चली गई थी। जिसके बाद उन्होंने दावा किया था कि ईश्वर ने उन्हें भविष्य को देखने का दुर्लभ तोहफा दिया है। उन्होंने अपनी मौत की भी स्टीक भविष्यवाणी की थी। वेंगा बावा की 1996 में मौत हो गई थी। बावा वेंगा ने साल 1996 में मरते समय साल 5079 तक के लिए अपनी भविष्यवाणी बता दी थी। वर्ष 5079 में दुनिया का अंत : बाबा वेंगा ने कहा था कि वर्ष 5079 में दुनिया का अंत हो जाएगा। बाबा वेंगा ने साल 2022 में दुनिया में प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी दी थी। मरने से पहले बावा वेंगा ने सोवियत संघ के विघटन, 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले, 2004 की सुनामी, अफ्रीकी अमेरिकी मूल के व्यक्ति के अमेरिकी प्रेजिडेंट बनने, ब्रिटेन की राजकुमारी डायना के मौत और 2010 के अरब स्प्रिंग जैसी कई सटीक भविष्यवाणियां की थीं। भारत में साल 2020 में टिड्डियों ने राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में भीषण हमला किया हुआ था जिसकी भविष्यवाणी भी वेंगा बावा ने की थी।

Published / 2022-03-01 09:28:46
UNHRC में इमरजेंसी डिबेट के पक्ष में 29 देश, भारत ने वोटिंग में नहीं लिया भाग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच जंग अब अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुकी है। रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव पर बमबारी कर रही है तो वहीं खारकीव में भी संघर्ष जारी है। इन सबके बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस मसले पर फिर से बैठक बुलाई।इसके साथ ही खारकीव में भी संघर्ष जारी है। इस बीच एक तरफ युद्ध जारी है तो दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई है। इन सबके बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस मसले पर फिर से बैठक बुलाई। UNHRC काउंसिल ने यूक्रेन मसले पर तत्काल मीटिंग बुलाने का प्रस्ताव दिया था। इस मीटिंग के पक्ष में 29 ने वोट किया। वहीं 5 खिलाफ और 13 देश सदस्य तटस्थ रहे। इसमें भारत ने भी तटस्थ रहने का फैसला किया और वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। वहीं UNGA के 11वें आपातकालीन सत्र में यूक्रेन पर UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि विवादों का शांतिपूर्ण समाधान भारत की सतत स्थिति रही है। भारत सरकार का मानना है कि कूटनीति के रास्ते पर लौटने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा भारत यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की तत्काल निकासी के प्रयास करने के लिए जो कुछ भी कर सकता है वह कर रहा है। इस महत्वपूर्ण मानवीय आवश्यकता को तुरंत संबोधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा मैं यूक्रेन के सभी पड़ोसी देशों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने हमारे नागरिकों के लिए अपनी सीमाएं खोली और कर्मियों को सुविधाएं दी। हम अपने पड़ोसी और विकासशील देशों के फंसे लोगों की मदद के लिए तैयार हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक आपात और विशेष सत्र में यूक्रेन के दूत ने कहा है कि रूसी हमले में अबतक 16 बच्चों समेत 352 नागरिकों की मौत हुई है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। रूस का हमला लगतार जारी है। उन्होंने कहा कि रूसी सैनिक भी हताहत हुए हैं, पहले ही हजारों जवान खो चुके हैं। यूक्रेन के खिलाफ इस हमले को रोकें। हम रूस से बिना शर्त अपनी सेना वापस लेने और अंतरराष्ट्रीय कानून के पूर्ण अनुपालन की मांग करते हैं। यूक्रेन का कहना है कि रूसी सेना रिहायशी इलाकों को निशाना बना रही है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हुई आपात बैठक में यूएन महासचिव एंटोनियो गुटारेस ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध हर हाल में बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानवीय सहायता महत्वपूर्ण है, लेकिन यह कोई समाधान नहीं है। एकमात्र समाधान शांति के माध्यम से है। उन्होंने कहा कि मैंने यूक्रेन के राष्ट्रपति को आश्वासन दिया है कि संयुक्त राष्ट्र सहायता करना जारी रखेगा, उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि हम एक ऐसे गंभीर क्षेत्रीय संकट का सामना कर रहे हैं, जिसके हम सभी पर संभावित विनाशकारी प्रभाव होंगे।

Published / 2022-03-01 08:24:36
रूस-यूक्रेन विवाद : आर-पार की जंग के मूड में पुतिन, कीव के बाहर 64KM लंबा रूसी काफिला

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस-यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग बढ़ती ही जा रही है। बेलारूस में सोमवार को दोनों देशों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही है। इस बीच रूस ने परमाणु ट्रायड की तैयारी भी शुरू कर दी है। खबरों के मुताबिक, यूक्रेन की राजधानी कीव की ओर 84 किलोमीटर लंबा रूसी सैन्य काफिला बढ़ रहा है। इसकी सेटेलाइट तस्वीरें भी जारी हुई हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में इमरजेंसी डिबेट के पक्ष में 29 वोट पड़े हैं। भारत समेत 13 देशों ने इस वोटिंग में भाग नहीं लिया। पांच दिनों में यू्क्रेन में भारी तबाही : रूस-यूक्रेन के बीच पिछले पांच दिनों से जंग छिड़ी हुई है। राउटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का कहना है कि, पिछले पांच दिनों में रूस ने यूक्रेन में 56 रॉकेट और 113 क्रूज मिसाइलें दागी हैं। उन्होंने कहा कि रूसी मिसाइलों, प्लेन और हेलीकॉप्टर के लिए नो फ्लाई जोन पर विचार करने का वक्त आ गया है। कीव की तरफ बढ़ रहा लंबा सैन्य काफिला : सैटेलाइट तस्वीरों में यूक्रेन की राजधानी कीव की ओर करीब 64 किलोमीटर लंबा सैन्य काफिला बढ़ता हुआ दिखाई दिया है। इस काफिले में सेना के ट्रक, बख्तरबंद वाहन, टैंक व सैनिक शामिल हैं। इससे पहले जारी हुई तस्वीरों में काफिले की लंबाई 27 किमी बताई गई थी। गौरतलब है कि, एक दिन पहले रूसी सेना ने आम नागरिकों से कीव छोड़ने को भी कहा था।

Published / 2022-03-01 08:21:45
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला के बेटे का 26 साल की उम्र में निधन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला के बेटे का 26 साल की उम्र में निधन हो गया है। नडेला के बेटे ज़ैन को जन्म से ही सेरेब्रल पाल्सी की बीमारी थी। माइक्रोसॉफ्ट से मिली जानकारी के मुताबिक, ज़ैन का निधन सोमवार सुबह हुआ। सॉफ्टवेयर निर्माता ने अपने कार्यकारी कर्मचारियों को एक E-mail में बताया कि ज़ैन का निधन हो गया है। मैसेज में अधिकारियों से ज़ैन और परिवार को अपने विचारों और प्रार्थनाओं में रखने के लिए कहा है। बता दें कि सत्या नडेला 2014 से माइक्रोसॉफ्ट के CEO हैं। उनके बेटे का इलाज चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल में चल रहा था। जैन की मौत के बाद हॉस्पिटल के सीईओ जेफ स्पेरिंग ने बोर्ड से एक मैसेज में कहा कि जैन को म्यूजिक की पसंद के लिए याद किया जाएगा। उनकी शानदार मुस्कान से हर उस इंसान को खुशी मिलती थी, जो उनसे प्यार करते थे।

Published / 2022-03-01 08:17:29
कीव में भारतीयों के लिए बड़ा अलर्ट, हर हाल में आज ही यूक्रेन छोड़ने का निर्देश

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस-यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग बढ़ती ही जा रही है। बेलारूस में सोमवार को दोनों देशों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही है। इस बीच रूस ने परमाणु ट्रायड की तैयारी भी शुरू कर दी है। खबरों के मुताबिक, यूक्रेन की राजधानी कीव की ओर 84 किलोमीटर लंबा रूसी सैन्य काफिला बढ़ रहा है। इसकी सेटेलाइट तस्वीरें भी जारी हुई हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में इमरजेंसी डिबेट के पक्ष में 29 वोट पड़े हैं। भारत समेत 13 देशों ने इस वोटिंग में भाग नहीं लिया। कीव तुरंत छोड़ें भारतीय नागरिक : दूतावास यूक्रेन की राजधानी कीव में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। कहा गया है कि सभी भारतीय आज ही यूक्रेन की राजधानी को हर हाल में छोड़ दें। वे कीव से निकलने के लिए ट्रेन, बस या किसी भी चीज का सहारा लें। यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाएगी भारतीय वायु सेना : यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए शुरू किए गए ऑपरेशन गंगा में अब वायु सेना भी मदद करेगी। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वायु सेना से भी इस अभियान में जुड़ने के लिए कहा है। इसके तहत वायु सेना के कई C-17 विमान आज ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ान शुरू कर सकते हैं। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति से की मुलाकात : यूक्रेन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की है। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात का उद्देश्य राष्ट्रपति को यूक्रेन संकट से संबंधित सभी मुद्दों की जानकारी देना था। धमाके में 70 से ज्यादा यूक्रेनी सैनिकों की मौत : रूस ने यूक्रेन पर हमले और भी तेज कर दिए हैं। खबरों के मुताबिक, यूक्रेन के ओख्तिरका शहर में रूसी सेना की ओर से जोरदार हमला किया गया है। इस हमले में यूक्रेन के सैन्य बेस को निशाना बनाया गया है, जिसमें 70 से ज्यादा यूक्रेनी सैनिकों की मौत की खबर है।

Published / 2022-02-28 18:27:40
यूक्रेन : चारों ओर तबाही का मंजर, हंगरी सीमा पर फंसे लोग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यू्क्रेन में रूस के हमलों के बाद चारों तरफ तबाही का मंजर है। यूक्रेन की राजधानी कीव हो या वहां के अन्य शहर जहां तक लोगों की निगाहें जा रही हैं, सिर्फ आग-धुआं और खत्म होती एक उम्मीद ही दिख रही है। रूसी हमलों से जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भाग रहे हैं। कुछ ने अंडरग्राउंड मेट्रो में शरण ली है तो कुछ सीमा को पार करके दूसरे देश जाना चाहते हैं। जो लोग यूक्रेन को छोड़कर जा रहे हैं उनके पास तो संसाधनों की कमी है ही, लेकिन जो नागरिक वहां रह रहे हैं, उनके सामने भी खाने-पीने जैसी बुनियादी आवश्यकताओं की कमी है। रूस के हमले के बाद यूक्रेन में आई मानवीय त्रासदी को दिखाती कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जो किसी का भी मन झकझोंर देंगी। रूसी हमलों के बाद भारी संख्या में लोग यूक्रेन को छोड़कर जा रहे हैं। हंगरी और यूक्रेन के बॉर्डर पर हंगरी का आखिरी गांव जोहानि में बड़ी संख्या में पूर्वी और मध्य यूक्रेन से पलायन करके आ रहे यूक्रेन के नागरिक जमा हैं। इन नागरिकों के लिए स्टेशन पर खाने पीने की मामूली व्यवस्था ही है। यूक्रेन में तबाही मचाने के बाद हंगरी के सबसे आखिरी गांव ज़ोहानी के रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में यूक्रेन के नागरिक जमा हुए। यूक्रेन में जिस परिवार की तस्वीर पूरे दुनिया में सबसे ज्यादा वायरल हुई वह परिवार आज तक के कैमरे में हंगरी में कैद हुआ। नादिया और उसके बच्चों को उसके पिता ने यूक्रेन से बाहर भेजा और खुद वतन की हिफाजत के लिए यूक्रेन में रुक गए। नादिया ने कहा कि उसे अपने पति पर फक्र है और चिंता भी है लेकिन वह चाहती है कि वह वतन की हिफाजत करने के लिए वही रूकें। नादिया जैसी कई कहानियां इस समय हंगरी में कैद हैं, जहां महिलाएं अपने बच्चों को लेकर यूक्रेन को छोड़कर जाने की जद्दोजहद कर रही हैं। वहीं, पुरुष यूक्रेन में ही रहकर रूस का मुकाबला कर रहे हैं। सिर्फ इस उम्मीद पर कि यह सब जल्द खत्म होगा और वे दोबारा आम जिंदगी जी सकेंगे।

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