वर्ल्ड

View All
Published / 2022-03-04 03:08:20
धमाकों से गूंज रहा यूक्रेन, कई शहरों पर रूसी सैनिकों का कब्जा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूसी सेना के हमले से यूक्रेन के जापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट में आग लगने की खबर है। यूक्रेन के विदेश मामलों के मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने ट्वीट करके बताया कि रूस की सेना यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र जापोरिज्जिया एनपीपी पर हर तरफ से गोलीबारी कर रही है। आग पहले ही भड़क चुकी है। अगर यह फटता है तो चेरनोबिल से 10 गुना बड़ी तबाही होगी। प्लांट के पास स्थित शहर एनरगोदर के मेयर दिमित्रो ओरलोव ने ऑनलाइन पोस्ट में कहा कि स्थानीय बलों और रूसी सैनिकों के बीच भीषण लड़ाई हुई है। उन्होंने कहा कि इसमें कई लोग हताहत भी हुए हैं, लेकिन इसकी कोई संख्या नहीं बताई है। वहीं, कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक ओडेसा, बिला त्सेरकवा और वोलिन ओब्लास्ट में एयर रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां रहने वालों को पास के शेल्टर में जाने के लिए कहा गया है। रूसी सेना ने यूक्रेन के एक प्रमुख बंदरगाह पर नियंत्रण कर लिया और देश को उसकी तटरेखा से अलग करने के प्रयासों के तहत एक अन्य की घेराबंदी कर ली है। वहीं, यूक्रेन ने अपने नागरिकों से आक्रमणकारियों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध छेड़ने का आह्वान किया है। डनाइपर नदी पर बसे शहर एनेरहोदार में लड़ाई तब हुई है जब दोनों पक्षों ने खूनखराबे को रोकने के उद्देश्य से एक और दौर की वार्ता के लिए बैठक की। यह शहर देश के लिए करीब एक चौथाई ऊर्जा उत्पादन के लिए जिम्मेदार है।

Published / 2022-03-03 18:02:29
वापस लौट जायें रूसी सैनिक, हम शवों से यूक्रेन की जमीन नहीं ढंकना चाहते, हम झुकेंगे नहीं : जेलेंस्की

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूसी आक्रमण के आठवें दिन में प्रवेश करने और इस दौरान 2,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिकों की मौत होने की आशंका के बीच राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को घोषणा की कि उनके लोग डरे हुए नहीं हैं, न तो वे टूटेंगे और न ही आत्मसमर्पण करेंगे। जेलेंस्की ने अपने टेलीग्राम चैनल में कहा, उन्होंने हमें कई बार नष्ट करना चाहा लेकिन नहीं कर सके। अगर कोई यह सोचता है कि यूक्रेनियन डर जाएंगे, टूट जाएंगे या आत्मसमर्पण कर देंगे तो वह यूक्रेन के बारे में कुछ नहीं जानता। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, घर जाओ। रूसी भाषी लोगों की रक्षा करो। यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने बुधवार से एनरगोडार में चल रहे बड़े पैमाने पर प्रतिरोध के बारे में कहा, यह यूक्रेन के लिए एक सच्चा जन युद्ध है। कुलेबा ने कहा, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पास इसे जीतने का कोई मौका नहीं है। हमें यूक्रेन की रक्षा करने में मदद करने के लिए भागीदारों की आवश्यकता है। विशेष रूप से हवा में। अब आसमान बंद करो! नीपर नदी के तट पर स्थित एनरगोडार, जहां की आबादी 53,000 से कम है, में सैकड़ों लोगों ने बुधवार को रूसी सैन्य काफिले को रोकने के लिए मुख्य सड़कों को अवरुद्ध किया। एनरगोडार में यूरोप के सबसे बड़े बिजली संयंत्र व जपोरीझझिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है।

Published / 2022-03-03 10:27:09
बुलन्द भारत : स्पेस रॉकेट में सिर्फ भारतीय तिरंगा, रूस ने US-जापान और ब्रिटेन का झंडा हटाया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से स्पेस इंडस्ट्री में भी तहलका मचा हुआ है। बुधवार को रूसी लॉन्च पैड पर रूसी अंतरिक्ष रॉकेट से भारत के तिरंगे को छोड़कर रूस ने अमेरिका, जापान और ग्रेट ब्रिटेन के धव्ज को हटा दिया। इस पूरे मामले का वीडियो रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने शेयर किया है। वहीं वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि यह है नया भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश कूटनीति काम आ रही रही है। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, बैकोनूर में हमारी टीम ने फैसला किया कि हमारा रॉकेट कुछ देशों के झंडे के बिना बेहतर दिखेगा। वीडियो में देखा जा सकता है कि जहां भारतीय ध्वज रॉकेट पर लगा हुआ है, तो वहीं यूएस, जापान, यूके के झंडे हटाए जा रहे हैं। कजाकिस्तान के बैकोनूर में रूसी लॉन्च पैड से रूसी अंतरिक्ष रॉकेट से ये झंडे हटा दिए गए हैं। बता दें कि रोस्कोस्मोस दिग्गज रूसी स्पेस एजेंसी है। जैसे भारत की इसरो दुनिया भर के सेटेलाइट अपने रॉकेट से लॉन्च करती है वैसे ही रोस्कोस्मोस भी करती है। रोस्कोस्मोस को अपने रॉकटे से 4 मार्च को तीन दर्जन वनवेब इंटरनेट सेटेलाइट को लॉन्च करना था। लेकिन अब रूसी एजेंसी ने इनकार कर दिया है। इसने कहा है कि शुक्रवार (4 मार्च) को ये योजना के अनुसार तीन दर्जन वनवेब इंटरनेट सेटेलाइट को लॉन्च नहीं करेगा। खासतौर से तब तक जब तक कि वनवेब कंपनी नई मांगों को पूरा नहीं करती है। एजेंसी ने ट्विटर पर पोस्ट किया, रोस्कोसमोस गारंटी मांगता है कि वनवेब उपग्रहों का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाएगा। रूस के खिलाफ ब्रिटेन के शत्रुतापूर्ण रुख के कारण, लॉन्च के लिए एक शर्त ये भी है कि ब्रिटिश सरकार वनवेब से हट जाए।

Published / 2022-03-03 05:11:32
वाह रे चीन... विंटर ओलंपिक तक यूक्रेन पर रूस का हमला रुकवाया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आठ दिनों से जारी रूस-यूक्रेन जंग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रूस यूक्रेन पर काफी पहले हमला करने वाला था, लेकिन चीन ने उससे बीजिंग में आयोजित विंटर ओलंपिक के बाद आक्रमण के लिए राजी कर लिया था। रूस ने अपने करीबी मित्र चीन की सलाह मानी और गत गुरुवार को यूक्रेन पर धावा बोला। जंग में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। चीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने फरवरी के आरंभ में रूस के नेताओं से कहा था कि वे विंटर ओलंपिक के समाप्त होने से पूर्व हमला न करें। न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। रिपोर्ट में बाइडन प्रशासन के अधिकारियों व एक पश्चिमी खुफिया रिपोर्ट के हवाले से यह बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार चीन के शीर्ष अधिकारियों को यूक्रेन पर हमले की रूस की योजना की भनक थी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा गत गुरुवार को एलान-ए-जंग के काफी पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भी मित्र देश की इस योजना की सूचना दे दी गई थी। उधर वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यू ने इस रिपोर्ट का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि यह बिना किसी आधार की अटकलबाजी है। जबकि अमेरिकी विदेश विभाग व खुफिया एजेंसी सीआईए ने इस रिपोर्ट पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है। पश्चिमी नेताओं द्वारा रूस को बार-बार चेतावनी देने के बावजूद रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर चढ़ाई कर दी। विंटर ओलंपिक 2022 खत्म होने के कुछ ही दिन बाद पुतिन यूक्रेन पर तीन दिशाओं उत्तर, पूर्व व दक्षिण से धावा बोला। 4 फरवरी को पुतिन व जिनपिंग की विंटर ओलंपिक के शुभारंभ के मौके पर मुलाकात हुई थी। इसमें दोनों नेताओं ने पश्चिमी देशों के खिलाफ और सहयोग बढ़ाने पर सहमति दी थी। अमेरिका समेत कई देशों ने विंटर ओलंपिक का राजनयिक बहिष्कार किया था। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वॉशिंगटन ने यूक्रेन के आसपास रूसी सेना की तैनाती वरिष्ठ चीनी अधिकारियों को खुफिया जानकारी दी थी। उन्हें उम्मीद थी कि चीन रूस को ऐसा नहीं करने के लिए राजी करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

Published / 2022-03-03 05:01:18
रूस-यूक्रेन विवाद : वर्ल्ड बैंक ने रूस और बेलारूस की सभी परियोजनाएं रोकी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कीव पर कब्जे की जंग निर्णायक मोड़ पर आ गई है। 64 किलोमीटर लंबा रूसी सैन्य काफिला कीव के बाहर कब्जा जमाए हुए हैं। वहीं वहीं दक्षिण-पूर्व से भी एक अन्य सैन्य काफिले की बढ़ने की खबर सामने आई है। इन सब के बीच विश्व बैंक ने रूस और उसके सहयोगी देश बेलारूस में अपनी सभी परियोजनाओं पर रोक लगा दी है। द कीव इंडिपेंडेंट ने खेरसान के मेयर इगोर कोल्यखेव के हवाले से बताया है कि दक्षिणी क्षेत्रीय राजधानी में स्थिति तनावपूर्ण है क्योंकि रूसी सैनिक शहर में प्रवेश कर रहे हैं और प्रशासनिक भवनों पर कब्जा कर रहे हैं। पुतिन का युद्धकोष खत्म हो गया : ब्लिंकन अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि कुल मिलाकर 22 रूसी रक्षा-संबंधित संस्थाओं को नामित किया जाएगा... हम बेलारूस पर निर्यात नियंत्रण भी रख रहे हैं... राष्ट्रपति पुतिन के युद्ध कोष खाली हो गया है। यदि रूस पीछे हटता है और कूटनीति अपनाता है, तो हम भी वही करने के लिए तैयार हैं। हम युद्धविराम और रूसी सेना की वापसी के फैसले पर पहुंचने तक के लिए यूक्रेनी सरकार के किसी भी राजनयिक प्रयास का समर्थन करेंगे।

Published / 2022-03-03 04:58:16
खेरसॉन शहर पर रूसी सेना का कब्जा, कीव के सेंट्रल रेलवे स्टेशन को भी उड़ाया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच आज युद्ध का आठवां दिन है। रूस की ओर से अभी भी ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पास कर रूसी सेना को यूक्रेन से बाहर जाने के लिए कहा है। इसके अलावा यूक्रेन में हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया है। रूस ने खेरसॉन पर कब्जा किया : यूक्रेन - रूसी सैनिकों ने यूक्रेन में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर खेरसॉन पर कब्जा कर लिया है। यूक्रेन ने इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि कर दी है। छात्रों को बंधक बनाने की कोई रिपोर्ट नहीं : विदेश मंत्रालय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यूक्रेन में हमारा दूतावास वहां फंसे भारतीय नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में हैं। अधिकारियों ने कहा कि यूक्रेनी अधिकारियों के सहयोग से, कई भारतीय छात्रों ने कल खार्किव छोड़ दिया है। हमें किसी भी बंधक स्थिति की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

Published / 2022-03-02 16:10:12
यूक्रेन में अपने ही वाहनों में तोड़फोड़ कर रहे रूसी सैनिक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन में युद्ध लड़ रहे रूसी सैनिक परेशान हैं और रो-रोकर उनका बुरा हाल है। ऐसा इसलिए बताया जा रहा है क्योंकि इन सैनिकों से हर किसी पर गोली चलाने के लिए कहा गया है। न्यू यॉर्क टाइम्स ने पेंटागन में एक अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि ये सैनिक लड़ाई से बचने के लिए अपने ही वाहनों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। पेंटागन के अधिकारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि रूसी सैनिकों की एक बड़ी संख्या युवा है जिन्हें सही से ट्रेनिंग नहीं मिली है और पूर्ण पैमाने पर युद्ध के लिए तैयार नहीं हैं। अधिकारी ने आगे कहा कि वे कम मनोबल और भोजन और ईंधन सहित संसाधनों की कमी से भी पीड़ित हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सैनिकों ने जान-बूझकर अपने वाहनों में छेद किए हैं। उन्होंने ऐसा सिर्फ युद्ध से बचने के लिए किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह आकलन संभवत: पकड़े गए रूसी सैनिकों के बयानों पर आधारित है और यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में कीव के पास टैंकों और हथियारों के वाहनों का 40 मील का काफिला लगभग रेंगता नजर आ रहा है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि बख्तरबंद वाहनों का नेतृत्व करने वाले रूसी कमांडर आगे बढ़ने और यूक्रेनी राजधानी को घेरने और कब्जा करने के लिए अपनी युद्ध योजनाओं पर पुनर्विचार कर सकते हैं।

Published / 2022-03-02 12:53:25
हमें मिटा देना चाह रहा है रूस : जेलेंस्की

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग तेज हो चुकी है। युद्ध बढ़ने के साथ ही रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के खिलाफ दुनियाभर के देशों का आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। हमले के निर्णय को गलत बताते हुए अमेरिका समेत कई देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। अब इन प्रतिबंधों का असर भी दिखाई देने लगा है। रूसी मुद्रा रूबल धराशायी हो चुकी है, बाजारों में हाहाकार मचा है, बैंकों फॉरेन रिजर्व पर रोक लग चुकी है और देश के बड़े बैंकों की हालत पस्त हो चुकी है। इस बीच एपल और नाइकी जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी रूस को जोरदार झटका दिया है। ऐसे में ये कहना गलत न होगा कि युक्रेन से युद्ध रूस पर भारी पड़ रहा है। एपल ने उठाया बड़ा कदम : अमेरिकी टेक दिग्गज और दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी एपल ने एक बड़ा कदम उठाते हुए रूस में अपने सभी उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही एपल ने अन्य सेवाओं को भी सीमित कर दिया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि Apple Inc. ने यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस में आईफोन और उसके अन्य ज्यादातर उत्पादों की बिक्री को रोक दिया है। एपल ने जोर देकर कहा कि कंपनी उन सभी लोगों के साथ है जो हिंसा से पीड़ित हैं। यही कारण है कि देश के 14.5 करोड़ लोगों वाले देश में अपनी सेवाएं तत्काल प्रभाव से बंद कर दी हैं। एपल की राह पर आगे बढ़ा नाइकी : एपल की ओर से रूस में उत्पादों की बिक्री पर रोक और अन्य सेवाओं पर प्रतिबंध के बाद कंपनी के शेयर सत्र के निचले स्तर पर आ गए। इस फैसले के बाद हालांकि, कंपनी के शेयर 1.2 फीसदी टूटकर 163.20 डॉलर पर बंद हुए। एपल के साथ एथलेटिकवियर निर्माता नाइकी ने भी उसकी राह पर कदम आगे बढ़ाते हुए रूस में अपने उत्पाद की बिक्री को रोकने की घोषणा कर दी। दुनिया की इन दो बड़ी कंपनियों की ओर से उठाए गए इस कदम को रूस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। लंबे समय में दिखेगा प्रतिबंधों का असर : गौरतलब है कि यूक्रेन पर हमला शुरू होने के बाद एक के बाद एक अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान सहित कई देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका ने तो रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पर यात्रा तक को प्रतिबंधित कर दिया है। दरअसल, पश्चिमी देश रूस की आक्रामकता का जवाब देने के लिए इन प्रतिबंधों को सबसे ज्यादा कारगर मान रहे हैं। भले ही इन प्रतिबंधों के असर के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा, क्योंकि कम समय में इन प्रतिबंधों का प्रभाव संभवत: नहीं दिखेगा, लेकिन ये व्यापक हैं और लंबे समय में बेहद बुरा असर दिखा सकते हैं। सबसे बड़े बैंकों पर प्रतिबंध : अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने रूस पर एकतरफा और सामूहिक रूप से कई आर्थिक व राजनयिक प्रतिबंध लागू किए हैं। अमेरिका और ब्रिटेन ने सबसे आगे आकर रूस के पांच सबसे बड़े बैंक सबरबैंक, वीटीबी बैंक, नोविकोम्ब बैंक, प्रॉम्स्व्याज बैंक, ऑट्क्रीटि बैंक पर प्रतिबंध लगाए हैं। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने भी अमेरिका के कदम से कदम मिलाया है। तो जर्मनी ने नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन परियोजना को रोकने का संकेत दिया है। अमेरिका के साथ ही पोलैंड, चेक गणराज्य, बुल्गारिया और एस्तोनिया ने रूसी विमानन कंपनियों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है।

Page 90 of 124

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse