एबीएन सेंट्रल डेस्क। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की दो गोलियां लगने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। उनके निधन पर दुनियाभर के वर्तमान और पूर्व नेताओं ने दुख जाहिर की है। जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले शिंजो आबे के निधन की खबर दुनियाभर में गूंज रही है और राजनीतिक हिंसा और गन कल्चर को लेकर चिंता पैदा कर रही है। उनके निधन पर यूरोपीय संघ की नेता उसुर्ला वॉन डेर लेयन ने हमले को ‘क्रूर और कायरतापूर्ण हत्या’ करार दिया, और कहा एक अद्भुत शख्सियत, महान लोकतंत्र और बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था के चैंपियन का निधन हो गया है। शिंजो आबे के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया है और शुक्रवार को देशभर में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शिंजो आबे को अपना ‘प्रिय मित्र’ बताया। चीन की बढ़ती रणनीतिक क्रूरता के बीच आबे ने एशिया के सबसे बड़े और सबसे बड़ी आबादी वाले लोकतंत्र के साथ एक घनिष्ठ संबंधन विकसित किए थे। शिंजो आबे ही क्वाड के जनक थे, जिसका गठन एशिया-पैसिफिक की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया था। आज इस समूह में चार देश, भारत, जापान, आॅस्ट्रेलिया और अमेरिका शामिल है, जिसका गठन चीन को काउंटर करने के लिए किया गया है। दक्षिण कोरिया ने भी जापान के पूर्व प्रधानमंत्री आबे की हत्या पर दुख जताया है और उनकी पत्नी अकी को शोक संदेश भेजा है, जिसमें शूटिंग को अस्विकार्य अपराध करार दिया गया है। दक्षिण कोरिया, जापान का उपनिवेश रहा है, ऐसे में दक्षिण कोरिया जापान का घोर विरोधी था और दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। जबकि दक्षिण कोरियाई सरकार ने इस साल की शुरूआत में पड़ोसी देश के साथ बेहतर संबंधन विकसित करने की पेशकश की थी। ब्रिटेन के निवर्तमान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी शिंजो आबे के निधन पर दुख जाहिर किया और उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा, अविश्वसनीय, दुखद समाचार। अज्ञात समय के माध्यम से वैश्विक नेतृत्व को कोई लोगों द्वारा याद किया जाएगा। जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने कहा, हम इन कठिन समय में जापान के पक्ष में खड़े हैं, उन्होंने कहा हत्या ने उन्हें, स्तब्ध और दुखी कर दिया। नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने ट्वीट किया, लोकतंत्र के रक्षक और कई वर्षों में मेरे मित्र और सहयोगी शिंजो आबे की जघन्य हत्या से गहरा दुख हुआ। रूस, जो यूक्रेन पर हमले के बाद जापान की तरफ से प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, ने भी शिंजो आबे के निधन पर दुख संदेश भेजा है। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि क्रेमलिन हत्या की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा आबे एक देशभक्त थे जिन्होंने बातचीत की मेज पर टोक्यो के हितों का बचाव किया। इसके लिए धन्यवाद कि उनके रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ अच्छे संबंध थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे पर देश के पश्चिमी हिस्से में चुनाव प्रचार के एक कार्यक्रम में भाषण के दौरान शुक्रवार को गोली चलायी गयी। गंभीर रूप से घायल आबे को विमान से एक अस्पताल ले जाया गया लेकिन उस समय उनकी सांस नहीं चल रही थी और हृदय गति रुक गयी थी। इस हमले से पूरी दुनिया सदमे हैं। वहीं इस हमले को लेकर अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि जापान के शिंजो आबे पर कैमरे जैसी दिखने वाली हैंडमेड गन से हमला किया गया। फायरिंग के बाद आई फोटो से इसका खुलासा हुआ है। हमलावर ने गन को इस तरह डिजाइन किया था कि वह कैमरे जैसी दिखे। इसके लिए उसने गन पर काली पॉलीथिन को लपेटा था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि हमलावर ने 100 से 150 मीटर दूर से गोली चलाई। माना जा रहा है कि हमलावर फोटो खींचने के बहाने आबे के करीब आया। फिर उसने फायर कर दिया। आबे को पीछे से दो गोली मारी गईं। मुख्य कैबिनेट मंत्री हिरोकाजू मात्सुनो ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने नारा में घटनास्थल से एक संदिग्ध शख्स को गिरफ्तार किया है। मात्सुनो ने कहा, इस तरह का बर्बर कृत्य पूरी तरह अक्षम्य है, चाहे इसकी कुछ भी वजह हो और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। सरकारी प्रसारक ‘एनएचके’ ने घटना का एक फुटेज प्रसारित किया है, जिसमें 67 वर्षीय आबे को सड़क पर गिरते हुए देखा जा सकता है और कई सुरक्षाकर्मी उनकी ओर भागते हुए देखे जा सकते हैं। पश्चिमी नारा में एक मुख्य ट्रेन स्टेशन के बाहर जब आबे ने भाषण देना शुरू किया तो उसके कुछ ही मिनटों बाद उन पर गोली चलायी गयी। प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा उत्तरी जापान में यामगाता के अपने चुनाव प्रचार स्थल से एक हेलीकॉप्टर से तोक्यो लौट रहे हैं। किशिदा और आबे एक ही राजनीतिक दल के हैं। मात्सुनो ने बताया कि सभी कैबिनेट मंत्री अपने प्रचार अभियान को रोककर तोक्यो लौट रहे हैं। एक अन्य फुटेज में चुनाव प्रचार अधिकारियों को अपने लोकप्रिय नेता के आसपास इकट्ठा होते देखा जा सकता है। आबे सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी में अब भी प्रभावशाली नेता हैं और वह उसके सबसे बड़े धड़े सेइवकाई का नेतृत्व करते हैं। जापानी संसद के ऊपरी सदन के लिए मतदान रविवार को होना है। आबे भाषण दे रहे थे, जब लोगों ने गोलियों की आवाज सुनी। गोली लगने के बाद वह जमीन पर गिर पड़े और उन्होंने अपने सीने पर हाथ रखा हुआ था, उनकी कमीज पर खून लगा हुआ था। दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक माने जाने वाले जापान में यह हमला हैरान करने वाला है। जापान में बंदूक नियंत्रण के सख्त कानून लागू हैं। आबे ने 2020 में यह कहते हुए प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था कि उनकी एक पुरानी बीमारी फिर से उभर आयी है। उन्होंने उस समय पत्रकारों से कहा था कि अपने कई लक्ष्यों को अधूरा छोड़ना उनके लिए परेशान करने वाली बात है। उन्होंने वर्षों पहले उत्तर कोरिया द्वारा अगवा किए गए जापानी नागरिकों के मुद्दे, रूस के साथ क्षेत्रीय विवाद और जापान के युद्ध त्यागने वाले संविधान के संशोधन के मुद्दों को हल करने में अपनी नाकामी की बात की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को गोली मारी गई है। यह दावा जापान की स्थानीय मीडिया ने किया है। यह जानकारी जापान के एनएचके की रिपोर्ट के हवाले से दी है। बताया जा रहा है कि जापान के नारा शहर में शिंजो आबे को गोली मारी गई।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कुपोषित भारतीयों की संख्या 15 साल में 24.78 करोड़ से घटकर 22.43 करोड़ रह गई है। 5 साल से कम उम्र के स्टंटेड (अवरुद्ध शारीरिक विकास वाले) बच्चों की संख्या आठ साल में 5.23 करोड़ से घटकर 3.61 करोड़ पर आ गई है। इसी तरह मोटे बच्चों की संख्या भी 30 लाख से घटकर 22 लाख हो गई है। यह खुलासे संयुक्त राष्ट्र संघ की ताजा रिपोर्ट में किए गए हैं। रिपोर्ट में कई खामियां भी सामने आई हैं। साल 2019 में 15 से 49 साल की करीब 53 प्रतिशत युवतियां एनीमिक बताई गई हैं, उन्हें खून की कमी है। इन्होंने तैयार की रिपोर्ट : यूएन एजेंसियों, खाद्य-कृषि संगठन, अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष, यूनिसेफ, विश्व खाद्य कार्यक्रम व विश्व स्वास्थ्य संगठन ने। यह 2004-06 में 24.78 करोड़ के मुकाबले 2019-21 में 22.43 करोड़ भारतीयों में कुपोषण की गिरावट तो दर्शाता है, लेकिन यह संख्या अब भी काफी बड़ी है। कुल आबादी में कुपोषण 21.6 प्रतिशत से गिरकर 16.3 प्रतिशत पर आ गया है। • 30.9% बच्चे कमजोर। • 2012 में संख्या 41.7 प्रतिशत थी। • 1.9% बच्चों में मोटापा मिला, 8 साल पहले यह आंकड़ा 2.4 प्रतिशत था। • 1.40 करोड़ नवजात बच्चों ने 2020 में 5 माह की उम्र तक सिर्फ स्तनपान किया, 2012 में संख्या 1.12 करोड़ थी। पौष्टिक भोजन : 70% को नहीं मिल रहा। • 97.33 करोड़ लोगों को नहीं मिल पा रहा पौष्टिक भोजन। यह कुल आबादी का 70 प्रतिशत। • 2019 में यह संख्या 94.6 करोड़, 2017 में 100 करोड़ और 2018 में 96.6 करोड़ थी। वयस्क : बढ़ रहा मोटापा- • 3.43 करोड़ लोग 2016 तक मोटे पाए गए। • 2.52 करोड़ थी 2012 में यह संख्या। • कुल आबादी में 3.9% लोग मोटे। 9.8% वैश्विक आबादी को भोजन नहीं : रिपोर्ट के अनुसार 2021 में विश्व के 9.8% लोगों को भोजन नहीं मिल पा रहा। यह संख्या 2020 में 9.3 और 2019 में 8 ही थी। कुल 230 करोड़ लोग भी गंभीर से मध्यम प्रकार के भोजन संकट की जद में हैं। • 92.40 करोड़ लोग गंभीर खाद्य संकट में, दो साल पहले 71.70 करोड़ थे। • 310 करोड़ लोग पौष्टिक भोजन नहीं ले पा रहे हैं। • 4.50 करोड़ बच्चे खतरनाक कुपोषण वेस्टिंग (वजन न बढ़ना) से पीड़ित हैं। कारण : रूस व यूक्रेन विश्व का एक-तिहाई गेहूं व जौ और 50% सूरजमुखी का तेल पैदा करते हैं। रूस, बेलारूस खेती उर्वरकों के लिए जरूरी पोटाश उत्पादन में शीर्ष पर हैं। यानी युद्ध जारी रहने और आपूर्ति शृंखला बिगड़ने से संकट और बढ़ सकता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका और चीन के बीच चल रही वर्चस्व की जंग से पूरी दुनिया वाकिफ है। लेकिन अब दोनों महाशक्तियों की लड़ाई अब चांद तक जा पहुंची है। अमेरिका-चीन के बीच चांद को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के चीफ ने चीन पर चंद्रमा पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया। धीरे-धीरे ये आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला गंभीर रूप धारण करता जा रहा है। सोमवार को चीन ने नासा प्रमुख की चेतावनी को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए खारिज कर दिया कि चीन एक सैन्य कार्यक्रम के हिस्से के रूप में चंद्रमा पर "अधिग्रहण" कर सकता है।।चीन ने पिछले एक दशक में अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम की गति तेज कर दी है, जिसमें चंद्रमा की खोज पर ध्यान केंद्रित किया गया है। चीन ने 2013 में अपनी पहली चंद्र रहित लैंडिंग की और इस दशक के अंत में अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली रॉकेट लॉन्च करने की उम्मीद करता है। नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने शनिवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में जर्मन अखबार बिल्ड को बताया, हमें बहुत चिंतित होना चाहिए कि चीन चंद्रमा पर उतर रहा है और कह रहा है यह अब हमारा है और आप बाहर रहें। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम एक सैन्य कार्यक्रम था और चीन ने दूसरों से विचारों और प्रौद्योगिकी की चोरी की थी। इसके जवाब में चीन ने अमेरिका पर अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ को बढ़ावा देने और वैश्विक रणनीतिक स्थिरता को अवरुद्ध करने का आरोप लगाते हुए नासा प्रमुख बिल नेल्सन पर उनके इस बयान के लिए निशाना साधा है कि चीन एक दिन चंद्रमा पर कब्जा कर उस पर अपने स्वामित्व का दावा कर सकता है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है कि नासा प्रशासक ने तथ्यों की अनदेखी करते हुए चीन पर निशाना साधा है। उन्होंने सोमवार को कहा, कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने गैरजिम्मेदाराना तरीके से अपनी बात रखी है और चीन के सामान्य तथा वैध अंतरिक्ष संबंधी प्रयासों को गलत तरह से पेश किया है। चीन ऐसे बयानों को पूरी तरह खारिज करता है। लिजियान ने अमेरिका पर अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ को बढ़ावा देने और वैश्विक रणनीतिक स्थिरता को बाधित करने का आरोप लगाया। नेल्सन ने हाल में जर्मन अखबार बिल्ड को दिये साक्षात्कार में कहा, हमें चीन के चंद्रमा पर पहुंचने को लेकर और उसके इस कथन के बारे में बहुत चिंतित होना चाहिए कि यह अब पीपल्स रिपब्लिक का है और अन्य सभी को इससे अलग रहना चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। करीब 15 अरब वर्ष पूर्व हुए बिग बैंग (एक बिंदु पर सिमटे भौतिक पार्टिकल व ऊर्जा का फैलाव) के बाद गॉड पार्टिकल कहे जाने वाले हिग्स बोसॉन की खोज फिर से शुरू होने जा रही है। यूरोपीय परमाणु संस्था "सर्न" के मुताबिक, 4 वर्ष बाद इसे फिर शुरू कर 13.6 ट्रिल्यन इलेक्ट्रोनवोल्ट की ऊर्जा निकाली जाएगी। हिग्स बोसॉन सिद्धांत की खोज 10 वर्ष पूर्व 4 जुलाई 2012 को एडविन हबल नामक वैज्ञानिक ने की थी। अब इस गॉड पार्टिकल की खोज के लिए यह महामशीन "लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर" दोबारा काम करेगी। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस प्रयोग से ब्रह्मांड के काम करने का तरीका और उससे जुड़े कई रहस्य सामने आ सकेंगे। प्रयोग के दौरान प्रोटोन पर विपरीत दिशा से महामशीन दो बीम डालेगी। यह बीम एक 27 किमी लंबी रिंग पर डाली जाएगी जो फ्रांस व स्विटजरलैंड की सीमा पर धरती से 100 मीटर नीचे है। प्रति सेकंड 1.6 अरब टक्कर : सर्न ने बताया, उसका लक्ष्य प्रोटॉन और प्रोटॉन के बीच प्रति सेकंड 1.6 अरब टक्कर कराना है। इस नई ऊर्जा की दर से वैज्ञानिक हिग्स बोसोन की अधिक बारीकी से जांच कर सकेंगे। इस टक्कर से निकले आंकड़ों का इस्तेमाल भविष्य मं डार्क मैटर, डार्क एनर्जी और ब्रह्मांड के अन्य मूलभूत रहस्यों की जांच में किया जायेगा। बिग बैंग सिद्धांत का अध्ययन : वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने उस गॉड पार्टिकल को खोज लिया है, जिससे यूनिवर्स का ज्यादातर हिस्सा बना है। इस महामशीन को बनाने में 31 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। नई खोज से वैज्ञानिकों को ब्लैक होल और बिग बैंग के सिद्धांत को समझने में काफी आसानी होगी। क्या है बिग बैंग : बिग बैंग उस सिद्धांत को कहा जाता है, जिसके मुताबिक करीब 15 अरब साल पहले सारे फिजिकल पार्टिकल और एनर्जी एक बिंदु में सिमटे हुए थे। फिर इस बिंदु ने फैलना शुरू किया। इसमें ब्रह्मांड के शुरुआती पार्टिकल्स सब तरफ फैल गये और एक-दूसरे से दूर भागने लगे। इन्हीं पार्टिकल से पृथ्वी और जीवन की उत्पत्ति हुई। प्रयोग में भारतीय वैज्ञानिक भी शामिल : इस मशीन को बनाने में भारत ने भी पैसे दिए हैं और कई वैज्ञानिक इस प्रयोग से जुड़े हैं। इन्हीं में से एक नाम है सत्येंद्र नाथ बोस का जिनका नाम हिग्स बोसॉन नाम ब्रिटिश वैज्ञानिक पीटर हिग्स और सत्येंद्र नाथ बोस के नाम से ही लिया गया है। बोस ने एटम के क्षेत्र में अहम काम किया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पिछले कुछ समय में भारत के अंदर कोरोना के केस में भारी उछाल आया है। इनमें उतार चढ़ाव का दौर जारी है। इसे लेकर मेडिकल एक्सपर्ट्स में चिंता है। उनका मानना है कि कोविड के मामलों में अचानक आई इस तेजी की वजह ओमिक्रोन वायरस BA.2 के तीन नए सब वैरिएंट हैं। इन तीन में से BA.2.75 वैरिएंट पर सबसे ज्यादा नजर रखने की जरूरत है। देश में इस वक्त सामने आ रहे ओमिक्रोन केसों में दूसरे वैरिएंट के मुकाबले ये 18 फीसदी ज्यादा फैल रहा हैं। ओमिक्रोन के BA.2.75 सब वैरिएंट के अलावा इसके BA.2.74 और BA.2.76 भी कोरोना केसों में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं। TOI ने एक ओपन सोर्स डाटाबेस के हवाले से बताया कि पिछले 10 दिनों में BA.2.76 के 298 केस, BA.2.74 के 216 केस और BA.2.75 के 46 मामलों की पहचान हुई है। बाकी दोनों के केस भले ही ज्यादा हों, लेकिन वैज्ञानिकों की नजर BA.2.75 पर ज्यादा है। ओमिक्रोन वायरस को वैसे तो कोरोना के डेल्टा जैसे वैरिएंट के मुकाबले ज्यादा संक्रामक लेकिन कम जानलेवा माना जाता है। लेकिन ओमिक्रोन का ये नया रूप कुछ ज्यादा खतरनाक है। ये इंसानी शरीर के डिफेंस सिस्टम चकमा देने में ज्यादा माहिर है, जो लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं, ये उनको भी अपनी चपेट में ले सकता है। अमेरिका, कनाडा और जापान में भी ये BA.2.75 सब वैरिएंट फैल रहा है। भारत के महाराष्ट्र, कर्नाटक और जम्मू कश्मीर में इसके मामले सामने आए हैं। भारत में कोरोना के प्रसार पर नजर रखने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से गठित INSACOG के वैज्ञानिक भी इस पर करीबी से नजर रखे हुए हैं। एक वैज्ञानिक ने TOI को बताया कि इस साल जनवरी में कोरोना की तीसरी लहर के लिए BA.2 वैरिएंट जिम्मेदार था। अब जून में इसके केस फिर से बढ़ने लगे हैं। प्रयोगों से पता चला है कि इस वैरिएंट के वायरस में 80 से ज्यादा बदलाव हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि देखा गया है कि BA.2 वैरिएंट की नई पीढ़ी के ये वायरस ज्यादा संक्रामक और मजबूत हो गए हैं। ये तीसरी लहर के दौरान हमारे शरीर में बनी इम्यूनिटी को भी चकमा दे रहे हैं। इसी की वजह से कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि गनीमत ये है कि ये BA.2 की पीढ़ी के वायरस है, जिसके खिलाफ हमारे अंदर प्रोटेक्शन और टी सेल्स इम्युनिटी मौजूद है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के शिकागो में फ्रीडम डे परेड के दौरान फायरिंग की खबर सामने आ रही है। घटना शिकागो से 25 मील दूर शिकागो के उपनगर हाईलैंड पार्क की है। फायरिंग में 9 लोगों की मौत हो गई और 57 अन्य घायल हैं। लेक काउंटी शेरिफ के ऑफिस ने यह जानकारी दी है। ऑफिस ने लोगों को इलाके से दूर जाने को कहा है जिससे पुलिस अपना काम कर सके। पुलिस के अनुसार दो व्यक्तियों ने गोलियां चलाई हैं। बताया जाता है कि परेड सुबह 10 बजे शुरू हुई लेकिन फायरिंग होने पर 10 मिनट बाद ही परेड रोक दी गई। "सन टाइम्स" के संवाददाता ने कहा कि उसने खून में लथपथ कुछ शवों पर कंबल ढंका हुआ देखा है। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने समाचार पत्र को बताया कि उन्होंने गोलीबारी की आवाज सुनी है। परेड में जाने वाले सैंकड़ों लोगों में से कुछ खून में लथपथ दिखे। वे अपनी कुर्सियां, बच्चों का सामान और कंबल वहीं छोड़कर भाग गए। कुछ घंटे बाद ही आरोपी गिरफ्तार : वहीं, हमले के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने इस गोलीबारी के एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की उम्र 22 साल है और इसका नाम रॉबर्ट क्रिमो है। लेक काउंटी शेरिफ कार्यालय ने कहा कि आरोपी क्रिमो हिरासत में है। उससे पूछताछ जारी है। हमले में और भी कई एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस ने ये भी बताया कि गोली लगने से घायल हुए बच्चों समेत करीब 24 लोग जो घायल हैं, उनमें से कुछ की हालत गंभीर है। अमेरिकी प्रतिनिधि ने मौत पर जताया दुख : इस हमले के बाद अमेरिका के नेताओं ने भी दुख जताया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले पर अमेरिकी प्रतिनिधि ब्रैड श्नाइडर ने बताया कि हाईलैंड पार्क में जब फायरिंग शुरू हुई हुई तब वह और उनके जिले की अभियान टीम परेड में सबसे आगे की ओर थे। श्नाइडर ने ट्विटर पर कहा, कई लोगों की जान जाने और कई लोगों के घायल होने की सूचना है। हमले के शिकार सभी लोगों और उनके परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं...।
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