वर्ल्ड

View All
Published / 2022-12-23 09:11:08
चीन : राष्ट्रपति जिनपिंग के इस्तीफे की मांग कर रहे देशवासी

  • देश भर में लोग कर रहे राष्ट्रपति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। शी जिनपिंग पहले चीनी राष्ट्रपति बन गये हैं, जिनसे चीनी लोग अपना पद छोड़ने के लिए कह रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं जब जिनपिंग लोगों का गुस्सा झेल रहे हैं। इससे पहले भी कई मुद्दों पर चीन की जनता शी जिनपिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरी है। अब शी जिनपिंग के सख्त कोविड उपायों के विरोध में लोग उनके इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

इतना ही नहीं लोगों ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के एकदलीय शासन को खत्म करने की मांग भी उठायी है। सड़कों पर उतरे लोगों ने पद छोड़ो, शी जिनपिंग... पद छोड़ो, कम्युनिस्ट पार्टी... जैसे नारे लगाये हैं साथ ही कहा कि हम आजीवन शासक नहीं चाहते। हम ऐसा राजा नहीं चाहते। माना जा रहा है कि सीसीपी लोगों पर अपनी पकड़ सही ने बना नहीं पा रही है और लोगों के गुस्से का मुख्य कारण कोविड-19 महामारी से ठीक से न निपटना है।

लोगों ने जोर देकर कहा है कि शी के नेतृत्व वाली सरकार की शून्य-कोविड नीति के तहत लागू किये गये एंटी-वायरस उपाय महामारी को रोकने में विफल रहे हैं और उनकी स्वतंत्रता, स्वास्थ्य और आजीविका को नुकसान पहुंचाया है। विशेष रूप से चीन कड़े प्रतिबंधों का पालन करता रहा है, जिसमें लॉकडाउन और यात्रा प्रतिबंध शामिल हैं।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए शी जिनपिंग के इस्तीफे की लोगों की मांग असाधारण है और इससे राजनीतिक तख्तापलट हो सकता है।

रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चीन में चल रही स्थिति के परिणामस्वरूप सीसीपी के शीर्ष नेताओं और शी जिनपिंग के प्रतिद्वंद्वियों द्वारा राजनीतिक तख्तापलट हो सकता है।
छात्रों ने बीजिंग में सिंघुआ विश्वविद्यालय में शी और सीसीपी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और लोकतंत्र और कानून का शासन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे नारे लगाये। शंघाई, वुहान, उरुमकी, चेंगदू और ग्वांगझू सहित पूरे चीन में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन देखे गये हैं, यहां बड़ी संख्या में युवा शी जिनपिंग के खिलाफ सड़कों पर उतर आये।

Published / 2022-12-23 09:03:05
चीन में कोरोना का भारी विस्फोट, सकते में देश के लोग

  • शंघाई की आधी आबादी हो सकती है संक्रमित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोविड-19 के ओमिक्रॉन वायरस के नये वैरिएंट बीएफ-9 सामने आने और कोविड नीति में ढील के बाद शंघाई में कोरोना विस्फोट हो गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले सप्ताह के अंत तक ढाई करोड़ से ज्यादा आबादी वाले शहर शंघाई के आधे लोग (1.25 करोड़) कोरोना वायरस से संक्रमित हो जायेंगे। राजधानी बीजिंग के बाद शंघाई के कोविड से बुरी तरह से प्रभावित होने की खबर सामने आयी है। 

चीन में सड़कों पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने इसी महीने जीरो कोविड पालिसी में ढील दी थी। इसके बाद देश में कोरोना विस्फोट की स्थिति पैदा हो गयी है। 140 करोड़ आबादी वाले देश में कुछ हफ्तों में 80 करोड़ लोगों के संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। मरने वालों की संख्या दस लाख के पार जाने की आशंका है। मौजूदा समय में मरीजों से अस्पताल भरे हुए हैं और अंत्येष्टि स्थलों पर शव लिये रिश्तेदारों की लंबी लाइनें हैं। हालात काबू करने में सरकारी तंत्र असहाय है। लेकिन सरकार लगातार सच्चाई पर पर्दा डाल रही है। 

सरकारी आंकड़ों में चीन में बीते तीन दिनों में कोविड से किसी की मौत नहीं हुई है। सरकारी आंकड़ों में 2019 से अभी तक मरने वालों की संख्या महज 5,241 है। शंघाई के डेजी अस्पताल ने बुधवार को अपने आधिकारिक वीचैट अकाउंट में बताया कि शहर में इस समय 54 लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमित हैं, महीने के अंत तक यह संख्या बढ़कर 1.25 करोड़ तक जा सकती है।

क्रिसमस, नववर्ष और मून न्यू ईयर के आयोजनों में भीड़भाड़ से संक्रमितों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। डेजी अस्पताल शंघाई का बड़ा निजी अस्पताल है और उसमें 400 लोग कार्य करते हैं। अस्पताल के अकाउंट में लिखा था- हम मुश्किल लड़ाई में फंस गये हैं। उपनगरों समेत पूरा शंघाई संक्रमित हो सकता है। अस्पताल के कर्मचारी और उनके परिवार भी कोरोना से संक्रमित होंगे। हमारे पास कोई विकल्प नहीं है, कोरोना संक्रमण से हम बच नहीं सकते। गुरुवार दोपहर को यह पोस्ट वीचैट से हटा दी गयी है।

शंघाई में संक्रमण से बचाव के लिए इसी वर्ष लगातार दो महीने का लाकडाउन था जिसमें एक जून को ढील दी गयी थी। गुरुवार को शंघाई के बड़े इलाके में सन्नाटा छाया हुआ था। सड़कों से गुजर रही एंबुलेंस के हार्न की आवाज ही इस सन्नाटे को तोड़ रही थी। बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने के कारण ज्यादातर बाजार, संस्थान और कारखाने बंद हैं। शहर के एक सुपरमार्केट के सभी कर्मचारी बीमार हैं, इसलिए उसे मजबूरी में बंदी का बोर्ड लगाना पड़ा है।

Published / 2022-12-22 09:07:38
वाशिंगटन में मिले बाइडेन-जेलेंस्की, रूस से युद्ध में मांगी मदद

  • अमेरिका ने की यूक्रेन के लिए 1.85 बिलियन अमेरिकी डॉलर के नये सैन्य सहायता पैकेज की घोषणा
  • रूस आक्रमण के तीन सौ दिन बाद ज़ेलेंस्की की पहली विदेश यात्रा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन के राष्ट्रपति वालोदिमीर ज़ेलेंस्की बुधवार को अमेरिका यात्रा पर वाशिंगटन पहुंचे। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की। इस मुलाकात में जेलेंस्की ने रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन की मदद के लिए बाइडेन को धन्यवाद दिया और उन्हें असली हीरो बताया। रूस से लड़ने के लिए अमेरिका ने यूक्रेन को 1.85 बिलियन अमेरिकी डॉलर के नए सैन्य सहायता पैकेज की भी घोषणा।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की बुधवार को विशेष विमान से अमेरिका पहुंचे। वाशिंगटन में अमेरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनकी पत्नी ने जेलेंस्की का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद व्हाइट आऊस में ओवल हाऊस में दोनों राष्ट्रपतियों की वार्ता शुरू हुई। जेलेंस्की ने कहा कि वह रूस के विनाशकारी आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन को धन्यवाद देते हैं।

वार्ता के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्ववीपक्षीय संबंधों के अलावा यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद वहां के बेहद खराब हालात और मानवीय हालात पर चर्चा हुई। इस अवसर पर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन को यूक्रेनी सैन्य अधिकारी का एक पदक भेंट किया। जेलेंस्की ने मदद के अमेरिकी कांग्रेस और नागरिकों को उनके समर्थन के लिए सभी यूक्रेनी नागरिकों की तरफ से धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि यह विश्वास करना मुश्किल है, इस 300 दिनों के दौरान पुतिन ने एक राष्ट्र के रूप में यूक्रेन के अधिकारों पर क्रूर हमला किया है, जिसमें निर्दोष यूक्रेनी लोगों को सिर्फ डराने के लिए यह हमला किया गया है।
इससे पहले ज़ेलेंस्की के राजनीतिक सलाहकार माईखाइलो पोडोलीक ने कहा था कि राष्ट्रपति की यात्रा, 300 दिन पहले रूस द्वारा आक्रमण करने के बाद से उनकी पहली विदेश यात्रा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कीव और वाशिंगटन के बीच गहरे विश्वास को यह यात्रा दिखाती है और उन्हें यह पता है कि कीव को किन हथियारों की आवश्यकता है। 

यात्रा से पहले डोलीक ने कहा है कि हमें मिसाइल डिफेंस सिस्टम के साथ ही लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें चाहिए जिनसे हम रूसी सेना को जवाब दे सकें। वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जान किर्बी के अनुसार बाइडन और जेलेंस्की की वार्ता में कूटनीति और सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाने का मुद्दा प्रमुख होगा।

ज़ेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक बयान में कहा था कि मैं यूक्रेन के लचीलेपन और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए बातचीत की एक श्रृंखला आयोजित करूंगा। उन्होंने कहा कि अगले साल हमें यूक्रेन का झंडा और हमारी पूरी जमीन, हमारे सभी लोगों को आजादी चाहिए।

रूस ने अपनी सेनाओं को बढ़ाने का दिया निर्देश : जेलेंस्की की अमेरिका की यात्रा के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2022 में देश की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए बुधवार को उच्च सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में सैनिक नायक की तरह लड़ रहे हैं। उन्हें और ज्यादा आधुनिक हथियार दिए जायेंगे। उनसे वे यूक्रेन में रूस के लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। पुतिन ने रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू को सेनाओं के आकार में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का भी निर्देश दिया। अब रूसी थलसेना में सक्रिय सैनिकों की संख्या बढ़ाकर 15 लाख की जायेगी। पुतिन ने युद्ध क्षेत्र में सरमट की तैनाती करने का ऐलान किया। बुधवार को रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि उसे कीव के साथ शांति वार्ता की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहाकि यूक्रेन को पश्चिमी देशों से हथियारों की सप्लाई जारी रहने से संघर्ष गहरा होगा।

Published / 2022-12-21 19:12:55
करीब 20 हजार सैन्यकर्मियों को श्रीलंका सरकार ने किया सेवा मुक्त

एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्रीलंका में आर्थिक संकट की मार सेना पर भी पड़ रही है। हाल ही में विक्रमसिंघे सरकार ने खर्च में कटौती के अभियान के तहत सेना में 16 हजार से ज्यादा पद खत्म करने का फैसला किया था। इसके अलावा, रक्षा मंत्रालय ने सेना से गैर-हाजिर रहने वाले कर्मियों के लिए आम माफी का एलान किया था। इसके तहत इस वर्ष 15 नवंबर से 31 दिसंबर तक किसी वजह से गैर हाजिर रहे सैनिकों को सेवा मुक्त कर दिया जाएगा। अब सरकार ने इस पर अमल करना भी शुरू कर दिया है। श्रीलंकाई सेना छोड़ने वाले करीब 20,000 रक्षा कर्मियों को आम माफी के तहत आधिकारिक तौर पर उनकी सेवाओं से हटा दिया गया है।  

बुधवार को श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल नलिन हेराथ ने बताया कि बहुत लंबे समय से अपने संबंधित कर्तव्यों से अनुपस्थित रहने वाले सैन्य भगोड़ों के लिए दी गई माफी 15 नवंबर से 31 दिसंबर, 2022 तक लागू है।  मंगलवार तक 19,000 से अधिक ऐसे सैन्य कर्मियों को सेवा से हटा दिया गया है।  जो सैन्य कर्मी अभी विदेशों में हैं, उन्हें भी यह सुविधा दी गई है। इसके तहत अपनी ड्यूटी को ज्वाइन किए बिना वे आम माफी योजना का लाभ उठाते हुए नौकरी छोड़ सकेंगे। हेराथ ने यह भी बताया कि सेवा से हटाए गए जवानों में से सेना से 17322, नौसेना से 1145 और वायु सेना से 1038 कर्मियों को अब तक डीलिस्ट किया गया है। 

दरअसल, श्रीलंका सरकार पर खर्च घटाने की शर्त अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने लगाई है। इसके लिए हर तरफ नजर दौड़ाने के बाद आखिरकार रानिल विक्रमसिंघे सरकार ने देश की पुख्ता सुरक्षा की चिंता छोड़ते हुए सेना पर गाज गिराई है। विक्रमसिंघे ने पिछले महीने प्रस्ताव रखा था कि सैनिकों को स्वैच्छिक रिटायरमेंट दिलाने की कोशिश की जाए, ताकि रक्षा खर्च घटाया जा सके। अब इस योजना पर अमल शुरू कर दिया गया है।  

देश के हाल ही में स्वीकृत 2023 के बजट में, रक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालयों के लिए 539 अरब रुपये आवंटित किए गए थे और 322 अरब रुपये स्वास्थ्य के लिए और 232 अरब रुपये शिक्षा के लिए आवंटित किए गए थे। मई 2009 में उत्तरी और पूर्वी प्रांतों में लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम के साथ सैन्य संघर्ष की समाप्ति के साथ, सेना शहरी नियोजन और निर्माण क्षेत्रों जैसी अन्य गतिविधियों में लगी हुई है।

Published / 2022-12-21 13:29:56
अमेरिका : 6.4 तीव्रता के भूकंप के झटकों से थर्राया कैलिफोर्निया

  • शहर के हजारों घरों की बत्ती गुल, सकते में लोग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के कैलिफोर्निया में भूंकप के झटके महसूस किये गये। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह उत्तरी कैलिफोर्निया के तट पर 6.4 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि भूकंप विज्ञानियों के मुताबिक सुनामी का कोई खतरा नहीं है। 

भूकंप इतना तेज था कि शहर में एक पुल और कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गयी। जिससे दो लोग घायल भी हुए हैं। वहीं हजारों घरों की बिजली कट गयी। सैन फ्रांसिस्को के 215 मील (350 किमी) उत्तर में आये भूकंप के कारण शहर में गैस रिसाव भी हुआ, बिजली की लाइनें गिर गईं और एक इमारत में आग लग गयी। जिसे जल्द ही बुझा लिया गया। साथ ही दो अन्य इमारतें ढह गयीं। 

फिलहाल, भूकंप से किसी मौत की जानकारी नहीं है। कैलिफोर्निया पुलिस ने बताया कि पुल में चार बड़ी दरारें और सड़क टूटने के खतरा को ध्यान में रखते हुए ईल नदी पर फेरेंडेल पुल को बंद कर दिया गया है।

Published / 2022-12-20 23:32:34
महामारी विशेषज्ञ का दावा- चीन में लाखों लोगों की जायेगी जान

  • आधी से ज्यादा आबादी होगी कोरोना संक्रमित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोना के बढ़ते संक्रमण कारण हाहाकार मचा हुआ है लेकिन चीन सरकार ने आधिकारिक तौर पर 7 दिसंबर से कोविड मौतों का आंकड़ा देना बंद कर कर दिया है। उच्च चीनी स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार देश कोविड संक्रमण की तीन संभावित लहरों में से पहली लहर का सामना कर रहा है। इस महीने की शुरुआत में चीन ने कोविड नीति के तहत लॉकडाउन और क्वारंटीन प्रतिबंधों को हटा दिया था, तभी से वहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। 

महामारी विशेषज्ञ एरिक फिगल डिंग ने चीन में कोरोना महामारी की वापसी की जो तस्वीर बताई है, वो सचमुच में बेहद डरावनी है। एरिक फिगल डिंग का दावा है कि अगला साल चीन में तबाही की नई श्रृंखला लेकर आ रहा है। ये ऐसा वक्त होगा जब चीन की लगभग आधी आबादी कोरोना से पीड़ित हो चुकी होगी, मरने वालों का आंकड़ा भी लाखों में होगा। एरिक फिगल डिंग ने दावा किया है कि प्रतिबंध हटने के बाद से चीन में अस्पताल पूरी तरह चरमरा गए हैं। महामारी विज्ञानियों का अनुमान है कि अगले 90 दिनों चीन की 60 फीसदी से कम आबादी और दुनिया की 10 प्रतिशत आबादी के कोरोना संक्रमित होने की आशंका है। इसकी वजह से होने वाली मौत की आशंका लाखों में हो सकती है। महामारी विशेषज्ञ एरिक फिगल डिंग के ट्विटर अनुसार वह बायो महामारी विशेषज्ञ और स्वास्थ्य अर्थशास्त्री  हैं और वे 16 सालों तक हॉर्वर्ड में भी काम कर चुके हैं। उनका दावा है कि चीन में अब कोरोना केस के दोगुना होने में कई दिन नहीं लगेंगे। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि दोहरीकरण का समय अब संभवतः घंटे में होगा। इस बात को हमें समझ लेना चाहिए। एरिक फिगल डिंग के अनुसार मेनलैंड चीन में होने वाली मौतों को चीन के बाहर बेहद कम रिपोर्ट किया जा रहा है। बीजिंग में अस्पतालों, अंतिम संस्कार पार्लरों और अंतिम संस्कार से जुड़े बिजनेस श्रृंखलाओं के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि मौतों में तेज वृद्धि के कारण अंतिम संस्कार से जुड़े काम तेजी से बढ़े हैं।

एरिक फिगल डिंग ने दावा किया है कि बीजिंग में अंतिम संस्कार नॉनस्टॉप चल रहा है. मुर्दाघर भरे हुए हैं। अस्पतालों को रेफ्रिजरेटर की आवश्यकता है। उनका दावा है कि बीजिंग में 2000 शवों का अंतिम संस्कार किया जाना है। उन्होंने कहा कि क्या ये 2020 जैसा नहीं मालूम पड़ता है।

Published / 2022-12-20 12:11:44
बैंक ऑफ इंग्लैंड ने जारी किये नये नोट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 20 दिसंबर को किंग चार्ल्स ||| बैंक नोट के डिजाइन को रिवील कर दिया है। इन नोट के 2024 के मिड तक आने के आसार है। केंद्रीय बैंक के अनुसार किंग का फोटो सभी चार पॉलिमर बैंक नोटों (£5, £10, £20 और £50) के मौजूदा डिज़ाइनों पर दिखाई देगा, मौजूदा डिज़ाइनों में कोई अन्य परिवर्तन नहीं होगा। आइये बताते हैं कि आखिर बैंक की ओर से इन नोटों के बारे में क्या जानकारी दी है।

आठ सितंबर को हुआ था महारानी का निधन : राजा की फोटो बैंक नोट्स के सामने की ओर दिखाई देगी, साथ ही पारदर्शी सिक्योरिटी विंडो में कैमियो में भी दिखाई देगी। 74 वर्ष के चार्ल्स सितंबर में अपनी मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के बाद राजा बने, जिनका 8 सितंबर को निधन हो गया। बैंक ने कहा कि शाही घराने के मार्गदर्शन के अनुसार, इस परिवर्तन के तहत पर्यावरणीय और वित्तीय प्रभाव को कम करने का प्रयास किया गया है। नये बैंक नोट केवल पुराने नोटों को बदलने और बैंक नोटों की मांग के अनुसार समग्र वृद्धि को पूरा करने के लिए प्रिंट किये जायेंगे।

नोट पर करीब 10 साल पुराना फोटो : बैंक ऑफ इंग्लैंड ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि नये नोटों में शाही परिवार के स्वामित्व वाली तस्वीर के आधार पर चार्ल्स का एक उत्कीर्ण चित्र है और 2013 में उपलब्ध कराया गया था। डिजाइन को हाल के महीनों में अंतिम रूप दिया गया और राजा द्वारा अप्रूव्ड किया गया, यह नोट 2023 की पहली छमाही से बड़े पैमाने पर प्रोड्यूस्ड किया जायेगा। मौजूदा पॉलीमर बैंकनोट जो 2016 से धीरे-धीरे यूके में पेपर मनी की जगह ले रहे हैं। रानी के चित्र को ले जाना कानूनी निविदा रहेगा, जिसका उपयोग जारी रखा जा सकता है।

Published / 2022-12-18 12:23:20
ईरान : हिजाब का विरोध करने पर अभिनेत्री तारानेह अलीदूस्ती गिरफ्तार

  • ऑस्कर विजेता फिल्म की अभिनेत्री रह चुकी है आरोपी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। ईरान में ऑस्कर विजेता फिल्म द सेल्समैन की अभिनेत्री तारानेह अलीदूस्ती को गिरफ्तार करने से हिजाब विरोधी प्रदर्शन और तेज हो गया है। अभिनेत्री पर देशभर में हिजाब के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बारे में झूठ फैलाने का आरोप लगाया गया है। एक हफ्ते पहले ही अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया था। पोस्ट में विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित रूप से ढाये जा रहे जुल्मों के दौरान मारे गये एक व्यक्ति के साथ एकजुटता व्यक्त की थी। उल्लेखनीय है कि सरकार विरोधी प्रदर्शनों के समर्थन के चलते ईरान में फुटबॉलर, अभिनेता और तमाम लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अपनी पोस्ट में 38 वर्षीय अभिनेत्री अलीदूस्ती ने कहा कि उसका नाम मोहसिन शेखरी था। हर अंतरराष्ट्रीय संगठन जो इस खूनखराबे को देख रहा है और कार्रवाई नहीं कर रहा है, वह मानवता के लिए शर्म की बात है। अपनी पोस्ट में अभिनेत्री जिस शेखरी की बात कर रही थीं, उसको ईरानी अदालत द्वारा तेहरान में एक सड़क को अवरुद्ध करने और देश के सुरक्षा बलों के एक सदस्य पर चाकू से हमला करने के आरोप में 9 दिसंबर को मार दिया गया था।

ईरान के सरकारी मीडिया के आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर जारी रिपोर्ट के अनुसार अलीदूस्ती को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि उसने अपने दावों के अनुरूप कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया। काबिलेगौर है कि 16 सितंबर को 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत के बाद से ईरान विरोध प्रदर्शनों से हिल गया है। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान सबसे बड़े जन विरोध का सामना कर रहा है।

Page 46 of 124

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse