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Published / 2022-12-27 09:33:05
चीन में कोरोना : लाखों की तादाद में मिल रहे संक्रमित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति है। देश के अलग अलग हिस्सों में रोज लाखों की तादाद में संक्रमित मिल रहे हैं। झेजियांग प्रांत में एक दिन में 10 लाख से ज्यादा केस मिले हैं।

झेजियांग प्रांत चीन का प्रमुख उत्पादन केंद्र मैन्यूफैक्चरिंग हब है। यह शंघाई के पास स्थित है। इसकी आबादी लगभग 6.5 करोड़ है। इसका मुख्य शहर हांगझोऊ चीन की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ग्रुप के अलावा कई अन्य प्रौद्योगिकी कंपनियों का मुख्य केंद्र है। यहां एपल के अलावा जापानी वाहन निर्माता कंपनी निडेक और कई अन्य विदेशी निर्माता कंपनियों की भी इकाइयां हैं। कोरोना के कहर के कारण इन इकाइयों के कामकाज पर असर पड़ सकता है और वैश्विक उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है।

निक्केई एशिया की रिपोर्ट में झेजियांग में कोरोना के गंभीर हालात की जानकारी दी गई है। ब्रिटेन के शोध समूह एयरफिनिटी द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट के हवाले से निक्केई एशिया ने कहा कि चीन में दैनिक मामले काफी अधिक हैं। झेजियांग में कोरोना के कहर से इसकी पुष्टि होती है।

इस बीच, पूरे चीन में कोरोना के नए केस सामने आये हैं। ग्वांगडोंग प्रांत के डोंगगुआन में शुक्रवार को नए संक्रमितों की संख्या ढाई से  तीन लाख थी। वहीं, शेडोंग प्रांत के किंगदाओ में पांच लाख से ज्यादा संक्रमित मिले थे।
हालांकि, चीन की केंद्रीय सरकार ने अधिकृत आंकड़े देना बंद कर दिया है, लेकिन प्रांतीय सरकारें आंकड़े जारी कर रही हैं। इससे पता चलता है कि देश में हालात किस कदर बिगड़ गये हैं। निक्केई एशिया के अनुसार नये साल के पहले दिन दैनिक संक्रमण चरम पर पहुंच सकता है। यह आंकड़ा 20 लाख केस तक जा सकता है।

Published / 2022-12-26 10:16:27
चीन में हाहाकार : कोरोना को फ्लू मान रहा ड्रैगन

  • 10 लाख मौतों की आशंका, लेकिन आंकड़े जारी करने पर लगाया बैन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोनावायरस संक्रमण ने खूब तबाही मचाई है। यहां प्रतिदिन लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं, जिसके कारण अस्पतालों में न तो मरीजों के लिए बेड बचे हैं और न ही दवाइयां। महामारी विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने चीन में 5 से 25 दिसंबर के बीच 10 करोड़ (100 मिलियन) लोगों के कोरोना संक्रमित होने और करीब 10 लाख (1 मिलियन) मौतें होने का अनुमान जाहिर किया है।

 दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के हेड डॉ नीरज कुमार गुप्ता ने कहा कि आंकड़ों के आकलन से चीन में 10 करोड़ (100 मिलियन) कोरोना संक्रमितों के होने की आशंका है। 5 लाख लोग अस्पतालों में भर्ती हो सकते हैं तो वहीं 10 लाख लोगों की मौत हुई होगी। चीन अब उसी स्टेज पर है, जहां भारत दूसरे कोरोना लहर के दौरान था। लेकिन भारत अब इस वायरस से लड़ने में काफी अनुभवी है। भारत ने अबतक तीन लहरों का सामना किया है. पहली लहर साधारण थी। वहीं डेल्टा वेरिएंट की दूसरी लहर बहुत ज्यादा घातक रही हालांकि, ओमिक्रॉन वेरिएंट की तीसरी लहर गंभीर नहीं थी, लेकिन बहुत संक्रामक थी। 

वहीं चीन में बहुत लंबे समय तक सख्त लॉकडाउन होने की वजह से वहां के नागरिकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी की इम्युनिटी कम हो चुकी है। इसलिए वायरस का असर उन पर ज्यादा पड़ रहा। चीन की कम्युनिस्ट सरकार लोगों से ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन लियानहुआ किंगवेन खाने के लिए कह रही है। यह दवा वायरल इंफेक्शन के लिए इस्तेमाल होती है। इससे सवाल खड़ा होता है कि क्या चीन कोरोना को फ्लू मान रहा है? ब्रूफिन और पेरासिटामोल जैसी आम दवाएं मार्केट में नहीं मिल रही हैं। 

चीन में ओमिक्रॉन का नया वेरिएंट बीएफ.7 फैल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह ओमिक्रॉन का सबसे शक्तिशाली वेरिएंट है। बीएफ.7 कोरोनावायरस के स्पाइक प्रोटीन में एक खास म्यूटेशन से बना है, जिसका नाम है आर346टी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसी म्यूटेशन की वजह से इस वेरिएंट पर एंटीबॉडी का असर नहीं हो रहा। आसान शब्दों में कहें तो अगर किसी शख्स को पहले कोरोना हो चुका है या उसने वैक्सीन लगवाई है, तो उसके शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है। लेकिन बीएफ.7 वेरिएंट इस एंटीबॉडी को भी चकमा देकर शरीर में घुसने में सक्षम है। 

चीन की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन तो इस वेरिएंट के खिलाफ बिल्कुल असरहीन साबित हुई है। लेकिन बीएफ.7 सभी कोरोना वैक्सीन को बाईपास कर रहा, ऐसा नहीं कहा जा सकता। भारत इसका उदाहरण है। चीन से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं, वह बहुत डराने वाले हैं। वहां की सरकार तो कोरोना के नियंत्रण में होने का दावा कर रही है, लेकिन वास्तविकता से इसका दूर दूर तक कोई नाता नहीं है। ब्लूमबर्ग न्यूज, सीएनएन, एपी, रॉयटर्स, एएफपी जैसी अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियां चीन में कोरोनावायरस संक्रमण की स्थिति भयावह होने का दावा कर रही हैं। अस्पतालों में शवों का अंबार लगा है। सड़कों पर लोगों का इलाज करना पड़ रहा है। शवदाह गृहों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, लोगों को अपनों के दाह संस्कार के लिए 3 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है।

Published / 2022-12-25 09:44:11
अमेरिका : बॉम्ब चक्रवात से 18 की मौत, 5200 उड़ानें रद्द

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बर्फीला तूफान अमेरिका पहुंच गया है। इस बॉम्ब चक्रवात के कारण 18 लोगों की मौत हो गयी है। पूरे अमेरिका में बर्फबारी हुई है। सर्द हवा चल रही है। मौसम के आक्रामक तेवर को देख शनिवार दोपहर तक 5200 उड़ानों को रद्द कर दिया गया था। कनाडा सीमा के पास मोनटाना के हावरे में तापमान शून्य से 39 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया है। 

विमान, रेल समेत परिवहन सेवाएं बाधित हो गई हैं। कई जगह बर्फ में वाहन फंसे हुए हैं। हजारों लोग हवाईअड्डों पर फंसे हुए हैं। 20 करोड़ लोग यानी देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी कंपा देने वाली ठंड का सामना कर रही है। पूरे अमेरिका में तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। देश की ऊर्जा व्यवस्था चरमरा गयी है। तूफान से ट्रांसमिशन लाइनों को क्षति हुई है। 20 लाख से अधिक घरों में बिजली गुल है।

Published / 2022-12-24 23:09:04
कंगाल पाकिस्तान में आर्थिक आपातकाल का ऐलान

  • सरकारी कर्मचारियों पर गिरी गाज

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान में  सरकार को आखिर वित्तीय आपातकाल का ऐलान करना पड़  ही गया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि  देश में वर्तमान वित्तीय आपदा और धन की भारी कमी के कारण आर्थिक आपातकाल के निर्देश जारी करना अनिवार्य हो गया है, अन्यथा आगे की वित्तीय तबाही से जनता के वेतन में रुकावट की स्थिति पैदा हो सकती है।

पाक सरकार के अनुसार इन निर्देशों का क्रियान्वयन प्रत्येक सार्वजनिक/स्वायत्तशासी संगठन एवं वितरण पर अनिवार्य होगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान में बेहद गरम सियासी माहौल के बीच देश की अर्थव्यवस्था के श्रीलंका की राह पर जाने के संकेत मजबूत हो रहे हैं। नीति निर्माताओं को अंदेशा है कि आर्थिक हालात बिगड़ने से देश राजनीतिक अस्थिरता की तरफ जा सकता है। ताजा आंकड़े ने यहां सबकी चिंता बढ़ा दी है कि मौजूदा वित्त वर्ष में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट आ चुकी है। इसे देखते हुए अर्थशास्त्रियों ने देश में वित्तीय आपातकाल लागू करने की सलाह दी है, ताकि हालात को और बिगड़ने से रोका जा सके।  

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान की इस हालत के लिए चीन का ऋण जाल जिम्मेदार है।आर्थिक विशेषज्ञों पाक  ने  सरकार को  गैर जरूरी रक्षा खर्च घटाने, 1600 सीसी से अधिक क्षमता वाले वाहनों पर इमरजेंसी टैक्स लगाने, बिजली शुल्क दो गुना करने और आठ सौ वर्ग गज से अधिक के आवासीय जायदाद पर कर लगाने की सलाह भी शाहबाज शरीफ सरकार को दी है। कुछ सलाहकारों का मानना है कि कामकाज के दिनों को भी कम कर के इंधन और बिजली की वजह से पड़ने वाले आर्थिक बोझ से बचा जा सकता है।

Published / 2022-12-24 19:25:16
कोरोना को हराना है... चीन क्यों छिपा रहा दुनिया से सच्चाई?

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना के नये वेरिएंट ओमिक्रॉन बीएफ.7 ने चीन में भारी तबाही मचा रखी है। चीन में हर दिन 40-50 हजार मामले सामने आ रहे हैं और हजारों लोगों की मौत हो रही है। अस्पतालों में मरीजों को बेड उलपब्ध नहीं है। दवाइयों और जरूरी उपकरणों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। मुर्दों को दफनाने के लिए लंबी कतारें लगी हैं। लेकिन चीन इस सच्चाई को झुठला रहा है। चीन दुनिया से कह रहा है कि सब ठीक है। चीन में बढ़ते कोविड मरीजों से भारत ही नहीं दुनिया के और देश भी परेशान है। अमेरिका, ब्राजील, जापान, जर्मनी समेत कई देशों में कोरोना के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। चीन ने शुक्रवार को बताया कि उसके यहां कोविड से कोई मौत नहीं हुई है, जबकि कोविड केसों की संख्या 5000 से अधिक बताई है। लेकिन चीन की इस बात पर कोई भी विश्वास करने को तैयार नहीं, इसके पीछे की वजह है, सोशल मीडिया पर तैरते वो वीडियो, जिसमें लाशों के ढेरों को साफ देखा जा सकता है। आखिर चीन क्यों छिपा रहा है दुनिया से सच्चाई, जानें क्या है इसके पीछे की वजह? 

वैसे तो चीन किसी को अपनी सच्चाई बताता नहीं। इसकी वजह है शी जिनपिंग की अजेय और हिटलरशाही छवि। वो चाहे गलवान का मामला हो या फिर तवांग की घटना। चीन ने हमेशा ही दुनिया के सामने झूठ बोला है। चीन इस बात को अच्छी तरह जानता है कि अगर वो दुनिया के सामने सच बोलेगा तो शी जिनपिंग की छवि को बहुत बड़ा धक्का लगेगा। शी जिनपिंग ने सितंबर में बलपूर्वक तीसरी बार सत्ता हासिल की है। शी जिनपिंग नहीं चाहते है कि उनकी अजेय रहने वाली छवि को किसी तरह का नुकसान पहुंचे। यह पहला मौका नहीं है जब दुनिया के सामने चीन ने अपनी सच्चाई छिपाई हो। इससे पहले उईगर मुसलमानों पर किए गए अत्याचार हो या फिर आतंकवाद पर बचाव। चीन हमेशा दुनिया को धोखा देता रहा है। 

दूसरी सबसे बड़ी वजह है चीन की अर्थव्यवस्था। कोविड के बढ़ते मामलों और जिनपिंग की जीरो कोविड पॉलिसी ने चीन को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाया है। चीन की अर्थव्यवस्था सबसे खराब दौर से गुजर रही है। हाल ही में वर्ल्ड बैंक ने चीन की अर्थव्यवस्था के अनुमान को 4.8 से घटाकर 2.7 फीसदी कर दिया है। यह चीन का अब तक का सबसे बुरा प्रदर्शन है। चीन ने कामगारों में फैक्ट्रियों में ही बंद कर रखा है। लोग कोविड के डर से फैक्ट्रियों से दीवारें फांदकर भाग रहे हैं। लेकिन चीन ने उन्हें रोकने के लिए तारों की फेसिंग में करंट, इलेक्ट्रिक शॉक समेत कई ऐसे काम कर रहा है, जिससे कामगारों में दहशत का माहौल है। कोरोना की पहली लहर में भी चीन की अर्थव्यवस्था इस तरह नहीं डगमगाई थी। साल 2020 में जब कोविड की पहली लहर आई थी, तब भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। 2020 में भारत की इकॉनोमी -7.5 प्रतिशत थी, जबकि इसी अवधि में चीन की इकॉनोमी 3 प्रतिशत के ऊपर थी।

चीन में बढ़ते कोविड के मामलों से भारत ही नहीं अमेरिका, ब्राजील, जापान, जर्मनी, दक्षिण कोरिया समेत कई देश परेशान हैं क्योंकि चीन दुनिया का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर देश है। कच्चे माल से लेकर चीन में बने हुए प्रॉडक्ट दुनिया के कई देशों में सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। ऐसे में चीन में कोविड के केस बढ़े तो एक बार फिर दुनिया में महंगाई बढ़ सकती है। पहले कोरोना महामारी और बाद रूस-यूक्रेन युद्ध ने विश्व की परेशानी बढ़ाई है। अमेरिका, ब्रिटेन, भारत समेत कई विकसित और विकासशील देशों में महंगाई ने लोगों की कमर तोड़कर रख दी है। बता दें कि  चीन अमेरिका के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

Published / 2022-12-24 12:44:30
उत्तर कोरिया ने फिर दागीं दो मिसाइलें, दक्षिण कोरिया चिंतित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सियोल की सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को दो छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं हैं। यह प्रक्षेपण इस वर्ष उत्तर कोरिया द्वारा किये गये मिसाइल परीक्षणों में नया है। उत्तर कोरिया ने इस साल कई मिसाइल का प्रक्षेपण किया। इसमें पिछले महीने अपनी सबसे उन्नत अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण भी शामिल है। नवीनतम लॉन्च की सूचना दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ और जापान के तट रक्षक दोनों ने दी थी।

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा कि हमारी सेना ने आज लगभग 16:32 (0732 जीएमटी) पर उत्तर कोरिया द्वारा प्योंगयांग के सुनान क्षेत्र से पूर्वी सागर में लॉन्च की गई दो छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को देखा। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सेना निगरानी और सतर्कता को मजबूत करते हुए अमेरिका के साथ निकटता से सहयोग करते हुए पूरी तरह से तैयार है।

Published / 2022-12-23 23:06:20
पेरिस : अंधाधुंध फायरिंग में दो की मौत, कई जख्मी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। हथियारों का प्रयोग पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। फ्रांस की राजधानी पेरिस के अहमत काया कुर्दिश सांस्कृतिक केंद्र में शुक्रवार को अंधाधुंध फायरिंग की गयी। इस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गयी और कई लोग जख्मी हो गए हैं। फायरिंग के बाद भाग रहे हमलावर को पकड़ कर लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया।

जानकारी के मुताबिक फ्रांस की राजधानी पेरिस का हृदयस्थल कहा जाने वाला सेंट्रल पेरिस इलाका शुक्रवार को अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। हाथों में बंदूक लिए एक हमलावर ने सेंट्रल पेरिस स्थित अहमत काया कुर्दिश सांस्कृतिक केंद्र पर हमला कर दिया। वहां मौजूद लोगों के बीच उक्त हमलावर ने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक अंधाधुंध फायरिंग से वहां भगदड़ मच गयी। भारी संख्या में लोग इधर-उधर भागने लगे, किन्तु हमलावर गोलियां चलाता रहा। कुछ देर गोलियां चलाने के बाद हमलावर भागने लगा, तो वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। बाद में घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को हमलावर सौंप दिया गया।

मौके पर पहुंची पुलिस व राहत दस्ते ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। शुरुआती दौर में लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई लोग जख्मी भी हुए हैं, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है। जख्मी लोगों में चार लोग गंभीर बताये गये हैं, ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जतायी गयी है।

बताया गया कि हमलावर अकेला था और उसने वहां पहुंचते गोलियां चलानी शुरू कर दी। संदिग्ध हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी उम्र 60 साल के आसपास बतायी गयी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल, अहमत काया कुर्दिश सांस्कृतिक केंद्र सहित आसपास के बाजारों को भी बंद करा दिया गया है। दो दिन बाद क्रिसमस होने के कारण क्षेत्र में पहले से ही सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी। इसके बावजूद यह घटना होने से पूरा शासन-प्रशासन सकते में है।

Published / 2022-12-23 18:26:33
रूस के प्राइवेट मिलिट्री ग्रुप को हथियार देने पर किम जोंग रेस, दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने कई महीनों से इसकी चेतावनी दी है कि प्योंगयांग अपना सातवां परमाणु परीक्षण करने की तैयारी कर रहा है। 

दक्षिण कोरिया की सेना ने दी प्रक्षेपण का जानकारी 
ताजा प्रक्षेपण की जानकारी दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ आॅफ स्टाफ ने दी। एक बयान में कहा गया कि दक्षिण कोरिया की सेना ने शाम करीब 4 बजकर 32 मिनट पर उत्तर कोरिया की राजधानी क्षेत्र से मिसाइल प्रक्षेपण का पता लगाया। इसमें यह भी कहा गया कि हमारी सेना निगरानी और सतर्कता को मजबूत करते हुए अमेरिका के साथ निकटता से सहयोग करते हुए पूरी तरह से तैयार है। 
अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने कई महीनों से इसकी चेतावनी दी है कि प्योंगयांग अपना सातवां परमाणु परीक्षण करने की तैयारी कर रहा है। दक्षिण कोरियाई ज्वाइंट चीफ्स आॅफ स्टाफ के अनुसार, दोनों देशों ने मंगलवार को एक संयुक्त हवाई अभ्यास किया और कोरियाई प्रायद्वीप में एक यूएस बी-52एच रणनीतिक बमवर्षक तैनात किया। लंबी दूरी का भारी बमवर्षक उस अभ्यास का हिस्सा है जिसमें अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सबसे उन्नत जेट एफ-22 और एफ-35 लडाकू विमान शामिल हैं। 

हमले का कोई इरादा नहीं 
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अभ्यास परमाणु सहित सभी उपलब्ध सैन्य क्षमताओं के साथ अपने एशियाई सहयोगी की रक्षा के लिए अमेरिकी प्रतिबद्धता को बढ़ाने पर एक द्वपक्षीय समझौते का हिस्सा था। उत्तर कोरिया आमतौर पर अमेरिका और दक्षिण कोरिया द्वारा इस तरह के सैन्य अभ्यास को एक आक्रमण का पूर्वाभ्यास बताता है। हालांकि, सहयोगियों ने कहा कि उनका उत्तर कोरिया पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। 

उत्तर कोरिया ने रूस को भेजे हथियार : अमेरिका 
उत्तर कोरिया द्वारा किए गए इस प्रक्षेपण से पहले व्हाइट हाउस ने कहा प्योंगयांग ने रूस के एक निजी सैन्य समूह वैगनर को हथियार भेजे हैं। वैगनर समूह को येवगेनी प्रिगोजिन द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जो एक व्यवसायी हैं। उन्हें एक समय पर पुतिन के शेफ कहा जाता था। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी द्वारा दिए गए एक बयान में, उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय ने रूस के साथ किसी भी हथियार के लेन-देन से इनकार करते हुए कहा कि ये कहानी कुछ बेईमान ताकतों द्वारा विभिन्न उद्देश्यों के लिए बनायी गयी थी।

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