एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। अमेरिका में स्थायी रूप से बसने का सपना देखने वालों के लिए अच्छी खबर है। राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन ग्रीन कार्ड आवेदकों की कुछ महत्वपूर्ण श्रेणियों और वीजा की कुछ श्रेणियों के लिए प्रीमियम सुविधा का विस्तार करने जा रहा है। यह घोषणा खासकर ऐसे आवेदनों के लिए की गयी है, जो विदेशी छात्रों के प्रशिक्षण से संबंधित हैं।
जानकारी के मुताबिक, ग्रीन कार्ड के ईबी-1 और ईबी-2 आवेदनों की प्रीमियम प्रोसेसिंग के साथ इन श्रेणियों का विस्तार विभिन्न चरणों में किया जायेगा। संयुक्त राज्य नागरिकता और आप्रवासन सेवाओं की ओर से कहा गया है कि यह पहले से दायर सभी फॉर्म आई-140 याचिकाओं, उन्नत डिग्री वाले व्यवसायों के सदस्य के रूप में ई21 वर्गीकरण या राष्ट्रीय ब्याज छूट (एनआईडब्ल्यू) के अतिरिक्त होगा।
बाइडन प्रशासन ने कहा है कि ग्रीन कार्ड पाने के लिए अपने आवेदन को तेज करने के लिए आवेदकों को 2500 अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिमी इंडोनेशिया में सोमवार सुबह भूकंप के जोरदार झटके महसूस किये गये, जिसका केंद्र समुद्र में था। भूकंप से कोई गंभीर क्षति या किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गयी है, जिसका केंद्र आचे प्रांत के एक तटीय जिले सिंगकिल से 48 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में 48 किलोमीटर की गहराई पर था।
इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की है। इंडोनेशिया की आबादी 27 करोड़ से अधिक है। प्रशांत महासागर में रिंग ऑफ फायर पर इसकी स्थिति के कारण यहां भूकंप का खतरा अधिक रहता है। गौरतलब है कि पश्चिम जावा के सियानजुर शहर में 21 नवंबर को आए 5.6 की तीव्रता वाले भूकंप में कम से कम 331 लोग मारे गये थे और करीब 600 लोग घायल हुए थे। इससे पहले सुलावेसी में 2018 में आये भूकंप और सुनामी में करीब 4,340 लोग मारे गये थे।
वहीं 2004 में हिंद महासागर में एक अत्यंत शक्तिशाली भूकंप के कारण सुनामी आने से एक दर्जन देशों में 2,30,000 से अधिक लोगों की जान गयी थी, जिनमें अधिकतर लोग इंडोनेशिया के आचे प्रांत के थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नेपाल के पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर काठमांडू से आ रहा 72 सीटों वाला यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में अब तक 68 लोगों की जान जा चुकी है। बचाव कार्य जारी है। फिलहाल एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। हादसे की वजह का अब तक पता नहीं चल सका है। विमान में कुल 10 विदेशी नागरिक भी शामिल थे, जिनमें पांच भारत के थे। इनमें से किसी के भी बचने की खबर नहीं है।
हादसे की जानकारी देते हुए यति एयरलाइंस के प्रवक्ता सुदर्शन बरतौला ने बताया कि यति एयरलाइंस के विमान में कुल 68 यात्री और चालक दल के चार सदस्य सवार थे। इसमें दो बच्चों समेत 15 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। विमान पुराने हवाई अड्डे और पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।
जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन : पोखरा हवाई अड्डे पर विमान दुर्घटना के मद्देनजर नेपाल के पीएम पुष्प कमल दहल प्रचंड और गृह मंत्री रबी लामिछाने विमान हादसे वाली जगह का दौरा कर सकते हैं। दोनों आज ही पोखरा पहुंचेंगे। हादसे के कारणों की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। हादसे के बाद नेपाल में एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।
काठमांडू से 10.33 बजे भरी थी उड़ान : नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएएन) ने बताया कि येती एअरलाइंस के 9एन-एएनसी एटीआर-72 विमान ने सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ान भरी थी। पोखरा इस हिमालयी देश में एक मशहूर पर्यटक स्थल है। हवाईअड्डा प्राधिकरण के मुताबिक, विमान में 53 नेपाली, पांच भारतीय, चार रूसी, दो कोरियाई, एक-एक आयरिश, अर्जेंटीना और फ्रांसीसी नागरिक सवार थे।
पोखरा नहीं जायेंगे नेपाल के पीएम और गृह मंत्री : नेपाल के पीएम पुष्प कमल दहल और गृह मंत्री रबी लामिछाने की पोखरा यात्रा रद्द कर दी गयी है। नेपाल सचिवालय ने इसकी जानकारी दी है।
एबीएन सेंटल डेस्क। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि यह शर्म की बात है कि एक परमाणु शक्ति संपन्न देश को अपनी लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के लिए भीख मांगनी पड़ रही है। शरीफ शनिवार को पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों के पासिंग-आउट समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि विदेशी ऋण मांगना पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने का सही उपाय नहीं है, क्योंकि ऋण को वापस लौटाना होगा। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि और ऋण मांगना उन्हें शर्मिंदा करता है। उन्होंने कहा कि यूएई की अपनी हालिया यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने पाकिस्तान को एक अरब अमेरिकी डॉलर और कर्ज देने की घोषणा की है। शहबाज ने आर्थिक मदद के लिए सऊदी अरब की भी सराहना की। सूत्रों ने बताया, इस बीच अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ चीजों को अंतिम रूप दिए जाने तक वित्तपोषण को पाटने के लिए पाकिस्तान तत्काल आधार पर अतिरिक्त जमा के लिए मित्र देशों से संपर्क करने पर विचार कर रहा है। खासतौर पर सऊदी अरब से।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी सूत्रों ने बताया कि सऊदी अधिकारी विदेशी मुद्रा भंडार की कमी के बीच पाकिस्तान में और राशि जमान करने की संभावना पर स्टडी कर रहे हैं। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अनिश्चित राजनीतिक स्थिति निर्णय लेने की प्रक्रिया को बाधित कर रही है। इससे आईएमएफ कार्यक्रम के लिए जरूरी कठिन विकल्प चुनना नीति निर्माताओं के लिए मुश्किल हो गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकार के पास काम करने के लिए ज्यादा समय नहीं है, क्योंकि पाकिस्तान के स्टेट बैंक (एसबीपी) में रखे गये विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से घट रहा है। 6 जनवरी तक एसबीपी के पास मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार महज 4.3 अरब डॉलर था। वाणिज्यिक बैंकों का विदेशी मुद्रा भंडार 5.8 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जिससे देश का संचयी भंडार लगभग 10.18 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया। पिछले 12 महीनों में एसबीपी के भंडार में 12.3 बिलियन अमरीकी डालर की गिरावट आई है। 22 जनवरी, 2022 को यह भंडार 16.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर था जो कि 6 जनवरी, 2023 को 4.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संकेत दिया था कि आईएमएफ की टीमा पाकिस्तान का दौरा कर सकती है, लेकिन ऐसा होना अभी बाकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगे बढ़ने पर समझ की कमी है और स्थिति एक बिंदु पर पहुंच गई है और स्पष्ट कार्रवाई ही संकट को टाल सकती है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान में एक बार से आतंकियों ने दहशत मचा दी है। पाकिस्तान के पेशावर में पुलिस पर आतंकियों का हमला हुआ है। इस हमले में डीएसपी समेत 3 पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी है। जानकारी के मुताबिक पेशावर के सरबंद इलाके में ये हमला हुआ है। घटना के बाद पुलिस सर्च ऑपरेशन चला रही है। कहा जा रहा है कि हमला करने आये आतंकी पूरी तैयारी के साथ आये थे। आतंकियों के पास घातक हथियार और नाइट विजन ग्लास भी थे।
आतंकी हमले में डीएसपी समेत तीन की मौत
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों ने पेशावर के सरबंद पुलिस स्टेशन पर शनिवार तड़के हमला कर दिया। पुलिस और आतंकियों के बीच फायरिंग हुई। गोलीबारी में एक पुलिस उपाधीक्षक डीएसपी सरदार हुसैन सहित कम से कम तीन पुलिसकर्मियों की जान चली गयी। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने सरबंद इलाके में लॉन्ग रेंज राइफलों और हथगोलों से हमला किया।
पूरी तैयारी के साथ आये थे आतंकी
इलाके के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक काशिफ आफताब अब्बासी ने जानकारी देते हुए बताया है कि हमले में कम से कम छह से आठ आतंकवादी शामिल थे। उन्होंने बताया कि आतंकियों ने पुलिस स्टेशन पर दो तरफ से हैंड ग्रेनेड और नाइट विजन गॉगल लगे स्नाइपर गन से हमला किया। घटना के तुरंत बाद भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और इलाके की घेराबंदी की है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है। 8 दिसंबर से लेकर 12 जनवरी के बीच यानी 36 दिनों में 60 हजार लोग कोरोना के कारण मौत की नींद सो गये। यह पहली बार है जब चीन ने मौत का आंकड़ा जारी किया है। जीरो कोविड पॉलिसी में ढील देने के बाद चीन में अचानक मामले तेजी से बढ़े हैं।
नेशनल हेल्थ कमीशन के मेडिकल अफेयर्स डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जियाओ याहुई ने कहा कि चीन में कोविड इन्फेक्शन के कारण रेस्पिरेटरी फेलियर के कारण 5,503 मौतें हो गयी। इसके अलावा, 54,435 लोगों की मौत कोविड संक्रमण के कारण हुई लेकिन वे कैंसर या दिल की बीमारियों से पीड़ित थे।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, चीन कोरोना के कारण हुई उन्हीं मौतों की काउंटिंग कर रहा है, जो निमोनिया और रेस्पिरेटरी फेलियर की वजह से हुई हैं। यह फॉर्मूला डब्ल्यूएचओ के तरीके से एकदम अलग है।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, चीन कोरोना के कारण हुई उन्हीं मौतों की काउंटिंग कर रहा है, जो निमोनिया और रेस्पिरेटरी फेलियर की वजह से हुई हैं। यह फॉर्मूला डब्ल्यूएचओ के तरीके से एकदम अलग है। मरने वालों की औसत आयु 80.3 और मरने वालों में 90% की उम्र 65 या उससे अधिक थी। चीन में कोरोना के कारण हाल बेहाल हैं। चीन के ऊपर कोरोना से होने वाली मौतों को छिपाने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसी रिपोर्ट्स भी आई हैं कि चीन के अस्पतालों और अंत्येष्टि घर शवों से भर गये हैं।
कई देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही उससे बाकी दुनिया के साथ ज्यादा डेटा शेयर करने को कहा है। हालांकि, चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका पर भी दबाव डाला जाना चाहिए कि वह एक्सबीबी.1.5 सबवैरिएंट के प्रसार के बारे में अपने डेटा को समय पर साझा करे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका में एयर मिशन सिस्टम फेल हो जाने से मंगलवार-बुधवार को अमेरिका में कई घंटे तक विमानों का आना-जाना बंद रहा। ऐसा एक तकनीकी खराबी के चलते हुआ। खराबी का कारण क्या है, यह पता नहीं है। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि कारण का पता लगाया जाए। सायबर अटैक की आशंका से इनकार किया गया है।
स्थानीय समय के अनुसार, मंगलवार रात को दिक्कत शुरू हुई। बुधवार सुबह नौ बजे तक करीब 4000 फ्लाइट्स लेट हो चुकी थीं। इसके कुछ देर बाद ही विमानों का आना-जाना शुरू हो सका।
विमानों की आवाजाही पर नियंत्रण रखेने वाली एजेंसी एफएए ने स्थानीय समय के अनुसार बुधवार सुबह नौ बजे तक विमानों की रवानगी रोकने का आदेश दे दिया था। एफएए का कहना था कि नोटम फेल हो गया है। यह वो सिस्टम है जिसके जरिए विमान कर्मचारियों को जरूरी सूचनाएं भेजी जाती हैं।
इस मामले की गंभीरता इसी बात से लगाई जा सकती है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन को भी पूरे मामले की जानकारी दी गयी। इसके बाद व्हाइट हाउस की ओर से एक बयान जारी हुआ। इसमें कहा गया कि किसी सायबर हमले के चलते यह तकनीकी खामी सामने आने के कोई सबूत नहीं हैं। राष्ट्रपति की ओर से कारणों का पता लगाने का आदेश दिया गया है।
एयर मिशन सिस्टम को सही करने के लिए यूएसएफएए काम कर रहा है। यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने बताया कि हम सिस्टम चेक कर रहे हैं और इसे जल्द से जल्द चालू करने की कोशिश कर रहे हैं। एफएए ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि हम अभी भी नोटम (नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम) को पूरी तरह से सही करने के लिए काम कर रहे हैं। कुछ फंक्शनंस अब सही से काम कर रहे हैं जबकि कुछ बाकी हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कंप्यूटर में गड़बड़ी के चलते पूरे अमेरिका में उड़ानें रोक दी गई हैं। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के कंप्यूटर्स आउटेज की समस्या देखी गई। इसके बाद पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका में सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुईं हैं।
क्या है नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम?
यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) का नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम पायलटों और अन्य उड़ान कर्मियों को खतरों या हवाई अड्डे की सुविधा सेवाओं में किसी भी बदलाव के बारे में अलर्ट करती है। इसके जरिए सामान्य प्रक्रियाओं को भी अपडेट किस जाता है। आज इसके जरिए कोई भी जानकारी साझा नहीं की जा पा रही थी। इस वजह से पूरे अमेरिका में विमान सेवाएं ठप हो गई। सभी उड़ानें ग्राउंड पर ही हैं। अमेरिकी नागरिक उड्डयन नियामक की वेबसाइट के हवाले से यह जानकारी दी गई।
नोटम को बहाल करने के लिए काम जारी
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह 6.45 बजे (ईटी) तक अमेरिका के अंदर या बाहर करीब 1200 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं। अब तक करीब 93 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। यूनाइटेड स्टेट्स एफएए ने बताया कि एफएए अपने नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम (नोटम) को बहाल करने के लिए काम कर रहा है। हम अंतिम सत्यापन जांच कर रहे हैं और सिस्टम को अभी पुन: लोड कर रहे हैं।
बड़ी संख्या में यात्री एयरपोर्ट पर फंसे
अमेरिका में उड़ान सेवाओं के ठप होने की वजह से सभी उड़ान सेवाओं पर असर पड़ा है। इससे बड़ी संख्या में यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। तकनीकी गड़बड़ी की वजह से 1000 से ज्यादा उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
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