एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कई शहरों में आटा वितरण केंद्रों पर मची भगदड़ में दो लोगों की मौत हो गयी। इनमें एक बुजुर्ग महिला है। इन दिनों रमजान की वजह से हुकूमत इन केंद्रों के माध्मय से अवाम को मुफ्त आटा बांट रही है।
इस भगदड़ में 45 महिलाओं समेत 56 लोग घायल हो गये। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साहिवाल, बहावलपुर, मुजफ्फरगढ़ और ओकरा जिलों में मंगलवार को मुफ्त आटा केंद्रों में उमड़ी भीड़ मरने-मारने पर आमादा हो गयी। इस दौरान कई केंद्रों में भगदड़ मच गयी। इस भगदड़ में कुचले जाने से एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गयी। प्रांत के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी ने भगदड़ की जांच कराने के आदेश दिये हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों मुल्तान, मुजफ्फरगढ़ और फैसलाबाद शहरों में मुफ्त आटा लेने के प्रयास में चार बुजुर्गों की मौत हो चुकी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक बार फिर भूकंप आया। बुधवार की सुबह 4.3 की तीव्रता से भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप आज सुबह 5 बजकर 49 मिनट पर आया। भूकंप का केंद्र काबुल में था। हालांकि किसी भी तरह की जान-माल की नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान में मंगलवार को 6.5 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किये। इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में 180 किलोमीटर की गहराई में था। इस भूकंप को भारत की राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी महसूस किया गया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इस्लामाबाद हाइकोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सात मामलों में जमानत दे दी है। दरअसल, एफजेसी के बाहर 18 मार्च को हुई झड़प के मामले में इमरान खान के ऊपर सात मामले दर्ज किये गये थे। कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ने खान को जमानत दी है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई प्रमुख इमरान खान ने सोमवार को इस्लामाबाद हाइकोर्ट में जमानत की याचिका लगायी थी। गोलरा, बाराखाऊ, रमना, खन्ना और सीटीडी पुलिस थाने में दर्ज मामलों में खान को कोर्ट ने जमानत दी है। यह मामले 18 मार्च को दर्ज किये गये थे। जब तोशखाना मामले में खान गवाही देने एफसीसी गये थे।
इस दौरान बाहर पुलिस और खान के समर्थकों के बीच झड़प हो गयी थी। याचिका पर हाइकोर्ट के अध्यक्ष न्यायधीश अमेर फारुख और न्यायधीश मियांगुल हसन औरंगजेब की बेंच ने फैसला दिया। वकील सलमान सफदर का कहना है कि जेल होने से इमरान खान को अपूरणीय क्षति होगी। इसके अलावा खाने के राजनीतिक विद्रोहियों को भी इससे हवा मिल जायेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास को उत्तर कोरिया लगातार चुनौती दे रहा है। उत्तर कोरिया ने एक बार फिर पूर्वी सागर की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। दक्षिण कोरिया के साथ जापान ने भी यह मिसाइल दागे जाने की पुष्टि कर आपातकालीन चेतावनी जारी की है।
इस समय दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है। पिछले सप्ताह शुरू हुआ यह सैन्य अभ्यास तीन अप्रैल को समाप्त होने वाला है। उत्तर कोरिया इस सैन्य अभ्यास का खुल कर विरोध कर रहा है। यह सैन्य अभ्यास शुरू होते ही उत्तर कोरिया कई मिसाइल प्रक्षेपित कर चुका है। इनमें पानी के नीचे परमाणु सक्षम हमले वाले ड्रोन का परीक्षण भी शामिल है।
अब एक बार फिर उत्तर कोरिया ने मिसाइल दाग कर दक्षिण कोरिया के साथ-साथ अमेरिका को भी चुनौती दी है। दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा कि सेना मिसाइल की उड़ान दूरी और अन्य विवरणों का विश्लेषण कर रही है।
इस बीच जापान के प्रधान मंत्री कार्यालय ने भी मिसाइल दागे जाने की पुष्टि कर आपातकालीन चेतावनी जारी की है। जापान के प्रधानमंत्री के कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा कि उत्तर कोरिया ने एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की है। अधिक जानकारी आना बाकी है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने हवाई जहाजों सहित विभिन्न रक्षा प्रणालियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अधिकाधिक सूचनाएं जुटाने के निर्देश दिये हैं। साथ ही जनता को भी समयबद्ध ढंग से सूचनाएं मुहैया कराने को कहा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने अधिकारियों को सभी सावधानियां बरतने और किसी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश भी दिये हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान में महंगाई चरम पर पहुंच गयी है। पाकिस्तान सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मार्च के अंतिम सप्ताह तक महंगाई दर 47 प्रतिशत तक पहुंच गयी। जरूरी सामानों की कीमतों में 228 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गयी है।
इस समय रमजान का महीना चल रहा है, किन्तु पाकिस्तानी जनता महंगाई का दर्द झेलने को विवश है। पाकिस्तान सरकार के सांख्यिकी विभाग की तरफ से जारी किये जाने वाले सेंसेटिव प्राइस इंडीकेटर के आंकड़े डराने वाले हैं। इसके अनुसार पाकिस्तान में मार्च के अंतिम सप्ताह महंगाई दर 47 प्रतिशत तक पहुंच गयी। इसके चलते पाकिस्तान में रोजमर्रा की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और पहले से ही परेशानी में घिरी पाकिस्तानी जनता इसमें पिस रही है।
सेंसेटिव प्राइस इंडीकेटर ने आम आदमी के लिए जरूरी 51 वस्तुओं के दामों में हुई वृद्धि के आंकड़े जारी किये हैं। इनमें सर्वाधिक 228 प्रतिशत की वृद्धि प्याज की कीमतों में हुई है। इसके अलावा आटे की कीमत भी 120 प्रतिशत बढ़कर आसमान छू रही है। चाय 94 प्रतिशत, केले 89 प्रतिशत, चावल 81 प्रतिशत व अंडे 79 प्रतिशत महंगे हुए हैं।
वहीं डीजल के दामों में 102 प्रतिशत और पेट्रोल के दामों में 81 प्रतिशत वृद्धि हुई है। 51 वस्तुओं में महज 13 वस्तुएं ऐसी हैं, जिनके दाम बढ़े नहीं हैं। अन्य सभी वस्तुओं में मूल्य वृद्धि से जनता में हाहाकार मचा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का कहना है कि देश के वित्त मंत्रालय के पास चुनाव कराने के पैसे ही नहीं हैं। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मीडिया को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ख्वाजा आसिफ ने ये बात कही।
ख्वाजा आसिफ का यह बयान पाकिस्तान के चुनाव आयोग के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें चुनाव आयोग ने पाकिस्तानी पंजाब में होने वाले प्रांतीय चुनाव को स्थगित करने का आदेश दिया है। देश में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति का हवाला देते हुए चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया है। जिसका इमरान खान की पार्टी द्वारा विरोध किया जा रहा है।
जानिये पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के बयान के मायने : बता दें कि पाकिस्तान की तहरीक ए इंसाफ पार्टी की तत्कालीन सरकारों ने 14 और 18 जनवरी को खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों की विधानसभाओं को भंग कर दिया था। इसके बाद एक मार्च को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा भंग होने के 90 दिनों दोनों राज्यों में चुनाव कराने का आदेश दिया था।
इसके तहत अप्रैल में पंजाब और मई में खैबर पख्तूनख्वा में चुनाव होने थे लेकिन अब चुनाव आयोग ने अक्टूबर तक चुनाव टाल दिये हैं। इस पर ख्वाजा आसिफ का बयान कि चुनाव कराने के पैसे नहीं हैं, साफ इशारा कर रहे हैं कि पाकिस्तान की पीएमएलएन सरकार फिलहाल चुनाव नहीं कराना चाहती और इसे इमरान खान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
इमरान खान पर लगाये गंभीर आरोप : ख्वाजा आसिफ ने पीटीआई चीफ इमरान खान पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि इमरान ने पूर्व आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल बढ़ाया और बाद में सत्ता से बाहर होने के बाद बाजवा पर ही उन्हें सत्ता से बाहर करने के आरोप लगाये।
ख्वाजा आसिफ ने ये भी कहा कि पीटीआई की सरकारों द्वारा प्रांतीय असेंबली को भंग करना असंवैधानिक था लेकिन उन्हें संवैधानिक तरीके से ही सत्ता से बाहर किया गया और वह विश्वास मत से हारे और अब वह कोर्ट के सामने भी पेश नहीं हो रहे हैं।
ख्वाजा आसिफ ने ये भी आरोप लगाये कि इमरान खान ने सरकार में रहते हुए पीएमएलएन के नेताओं को जेल में डाला। बता दें कि अब इमरान खान का आरोप है कि पीएमएलएन की सरकार में पीटीआई कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें जेल में डाला जा रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अर्जेंटीना में बुधवार को भूकंप के झटके महसूस किये गये। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने भूकंप की पुष्टि की है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने अर्जेंटीना के सैन एंटोनियो डी लॉस कोबरेस के उत्तर-उत्तर पश्चिम में 84 किलोमीटर की दूरी पर 6.5 की तीव्रता वाले भूकंप की सूचना दी। फिलहाल यूएसजीएस ने भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं की है। सैन एंटोनियो डी लॉस कोबरेस उत्तर पश्चिमी अर्जेंटीना में एक छोटा सा शहर है।
यूएसजीएस की सूचना के मुताबिक, भूकंप बुधवार को अर्जेंटीना के सैन एंटोनियो डी लॉस कोबरेस में 21:30:31 (यूटीसी+05:30) बजे आया और इसका केंद्र पृथ्वी की सतह से 210 किमी की गहराई में था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अफगानिस्तान में 21 मार्च मंगलवार रात 6.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके पाकिस्तान और भारत तक महसूस किये गये। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भूकंप की वजह से भारी नुकसान हुआ है। अफगानिस्तान में भूकंप से अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं पाकिस्तान में 2 औरतों समेत 11 लोग भूकंप की वजह से मारे गये हैं।
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में 160 लोग जख्मी भी हुए हैं।
पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में 180 किलोमीटर की गहराई में था। विभाग के मुताबिक, भूकंप के झटके लाहौर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, क्वेटा, पेशावर, कोहाट, लक्की मरवत और देश के अन्य इलाकों में महसूस किये गये।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, गुजरांवाला, गुजरात, सियालकोट, कोट मोमिन, मढ़ रांझा, चकवाल, कोहाट और गिलगित-बल्तिस्तान इलाकों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में डर के कारण लोग सड़कों पर निकलते नजर आये। जियो न्यूज की खबर के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि भूकंप संबंधी घटनाओं में दो महिलाओं सहित 11 लोगों की मौत हो गयी और 160 से अधिक लोग घायल हो गये।
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