एबीएन सेंट्रल डेस्क। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत हुआ है। ओलंपिक पार्क स्टेडियम में पीएम मोदी को सुनने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जुटी। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज ने भी जमकर पीएम मोदी की तारीफ की। ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने कहा कि पीएम मोदी बॉस हैं। उनका स्वागत करना सौभाग्य की बात है।
आखिरी बार मैंने इस मंच पर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन (सिंगर) को देखा था और उन्हें भी वह स्वागत नहीं मिला था जो पीएम मोदी को मिला है।
एंथनी अल्बनीज ने कहा कि पीएम मोदी का सम्मान करना भी एक बड़ा सम्मान ही है। इस दौरान पूरा भारतवंशी समाज उत्साहित नजर आया और लोग मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे।
वहीं पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि लिटिल इंडिया, ऑस्ट्रेलिया के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान का भी एक रिकॉग्निशन है। मुझे खुशी है कि न्यू साउथ वेल्स में प्रवासी भारतीय समुदाय से कई लोग सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। मैं सभी का अभिनंदन करता हूं।
इसी वर्ष मुझे प्रधानमंत्री अल्बनीज का भारत की धरती पर अहमदाबाद में स्वागत करने का अवसर मिला था। आज उन्होंने यहां लिटिल इंडिया के फाउंडेशन स्टोन को अनवील करने में मेरा साथ दिया है। मैं उनका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि मैं जब 2014 में आया था तो आपसे एक वादा किया था।
वादा ये था कि आपको फिर भारत के किसी प्रधानमंत्री का 28 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। तो लीजिए यहां सिडनी में, इस एरिना में, मैं फिर आपके साथ हूं और मैं अकेला नहीं आया हूं। प्रधानमंत्री अल्बनीज भी मेरे साथ आये हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष और मुल्क के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी पार्टी की कोर कमेटी की सदस्य शिरीन मजारी की दोबारा गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। शिरीन पाकिस्तान की पूर्व मानवाधिकार मंत्री हैं।
इमरान खान ने कहा है कि हुकूमत और अधिकारी उसकी आत्मा को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार हद से ज्यादा गिर गयी है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि शिरीन मजारी का स्वास्थ्य खराब है। हुकूमत ने इस बात की भी परवाह नहीं की।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पैर छूना आदर और सम्मान का सूचक है। कहा भी गया है कि पैर उसी का छूते हैं जिसका बहुत ज्यादा आदर करते हैं। लेकिन भारत से हजारों किमी पूर्व में एक अलग थलग से द्वीप देश का पीएम अगर हमारे पीएम का पैर छूयें तो ये कई मायने में आश्चर्यजनक बात है। जैसे...
भारत ने कोरोना काल में ब्राजील जैसे बड़े देश से लेकर लैटीन अमेरिका के किसी गरीब और कुछेक लाख आबादी वाले देशों को भी फ्री में वैक्सीन और राहत सामग्री भेजी।
ब्राजील के प्रधानमंत्री तो वैक्सीन पाकर अभिभूत हो गये और कह बैठे कि जैसे हनुमान जी संजीवनी बूटी लेकर आये थे वैसे ही भारत ने हमारे लिये हनुमान बन कर संजीवनी बूटी भेजा है।
याद कीजिये उस वैश्विक संकट में जब अमेरिका की फाइजर सरीखी कंपनियां अप्रभावी वैक्सीन को दुनिया भर में ब्लैकमेल कर बेचने के फिराक में थी तब भारत वेनेजुएला जैसे देशों को निशुल्क वैक्सीन मानवता के नाते भेज रहा था।उसी समय चीन पूरे विश्व से मदद में मिले उपकरणों को यूरोप में पैसे लेकर बेच रहा था।
हमने चिर शत्रु तुर्की को भूकंप के बाद आपरेशन दोस्त चला कर दिल खोल कर मदद की। इसके लिए तुर्कीवासी आभार जताते रहे। श्रीलंका, मालदीव, नेपाल सभी की मदद हमने की है। हाल में हमारे शत्रु देश चीन की नौका डूब गयी, तो भारत ने शत्रुता भूल कर अपना खोजी विमान भेजा।
भारत सरकार ने वैश्विक संकट में बिना भेदभाव के छोटे से छोटे देश की मदद की है।
अब कल्पना करें कि भारत की जगह अमेरिका, चीन, ब्रिटेन या यूरोप के देश होते तो क्या बगैर एक हाथ से दो एक हाथ से ल़ो के किसी की मदद करते? विश्व को यह समझना होगा कि भारत और भारतीय विश्व को एक परिवार समझते हैं।
हम किसी को मदद के नाम पर धन देकर धर्म नहीं बदलवाते, हम किसी को ये नहीं कहते कि सिर्फ हमारे परमेश्वर ही तुम्हारा उद्धार करेंगे, हम कभी नहीं कहते कि हमारे भगवान ही सर्वोपरि हैं और बाकियों की आस्था अंधविश्वास है। अब ऐसे देश के पीएम का कोई पैर छूता है तो यह उनका यथोचित वैश्विक सम्मान है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मध्य अमेरिका के अल साल्वाडोर की राजधानी सैन साल्वाडोर में एक फुटबॉल स्टेडियम में भगदड़ मचने से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गयी। हादसे में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। कुछ लोगों की स्थिति नाजुक है। इसलिए हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हालांकि पुलिस ने पहले कहा था कि मृतकों में 18 साल से अधिक उम्र के सात पुरुष और दो महिला शामिल हैं।
यह घटना कस्कटलान स्टेडियम में स्थानीय टीम एलियांजा और सांता एना स्थित टीम फास के मैच के दौरान हुई। इसके बाद मैच को स्थगित कर दिया गया। राष्ट्रपति नायब बुकेले ने इसे दुखद बताते हुए विस्तृत जांच कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि अपराधी जो भी होंगे, बख्शे नहीं जायेंगे।
पुलिस का कहना है कि स्टेडियम का गेट बंद होने के बाद बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने प्रवेश करने की कोशिश की। इसके बाद यह हादसा हुआ। अधिकारियों का मानना है कि बड़ी संख्या में नकली टिकट बेचे जाने से भी दर्शकों की संख्या बढ़ गयी। गेट बंद होने से लोग अनियंत्रित हो गये।
अधिकारियों ने कहा कि 90 लोगों का इलाज किया जा रहा है। सल्वाडोर के नागरिक सुरक्षा विभाग के लुइस अलोंसो अमाया ने कहा कि लगभग 500 लोगों का इलाज किया गया है। इनमें से कई को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है। अल साल्वाडोर फुटबाल फेडरेशन ने हादसे पर खेद जताते हुए कहा कि रविवार को होने वाले सभी राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल मैच को रद्द कर दिया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तीन मामलों में अंतरिम जमानत के लिए लाहौर के एंटी-टेररिज्म कोर्ट पहुंचे। इसमें से एक मामला लाहौर कॉर्प्स कमांडर हाउस में हमले और आगजनी से जुड़ा हुआ है। अदालत ने आगजनी के इस मामले समेत तीन केस में इमरान को बेल दे दी है।
लाहौर कॉर्प्स कमांडर हाउस को पाकिस्तान में जिन्ना हाउस के तौर पर भी जाना जाता है। इमरान खान की हाईकोर्ट से गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने जिन्ना हाउस में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ चीफ इमरान की तरफ से बैरिस्टर सलमान सफदर ने अदालत में याचिकाएं दायर की थीं।
याचिकाओं में अदालत से गुजारिश की गयी कि इमरान को बेल दी जाये, ताकि वह जांच में शामिल हो सकें। अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए इमरान को तीनों ही मामलों में 2 जून तक अंतरिम बेल दी है। कोर्ट ने इमरान से कहा है कि वह एक लाख रुपये का श्योरिटी बॉन्ड जमा करें। साथ ही इन मामलों की जांच में भी शामिल हों।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। ताजा घटनाक्रम के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री के लाहौर स्थित जमान पार्क आवास को पुलिस ने घेर लिया है। साथ ही पंजाब की अंतरिम सरकार ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को आवास में छिपे 40 आतंकवादियों को पुलिस को सौंप दे।
पुलिस का दावा है कि इमरान खान के घर में आतंकियों के छिपे होने का इनपुट मिला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यवाहक सूचना मंत्री आमिर मीर ने लाहौर में कहा कि पीटीआई को इन आतंकवादियों को सौंप देना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो कानून अपना काम करेगा। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इन आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में जानकारी थी।
सरकार को इसे लेकर कई विश्वसनीय खुफिया रिपोर्ट्स मिली थी। उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट बहुत ही खतरनाक है। खुलासा करते हुए आमिर मीर ने कहा कि एजेंसियां जियो-फेंसिंग के जरिए इमरान खान के आवास में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि की थी। इस दौरान उन्होंने इमरान खान पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीटीआई प्रमुख एक साल से अधिक समय से सेना को निशाना बना रहे हैं।
पीटीआई के शीर्ष नेतृत्व ने इमरान खान की गिरफ्तारी से पहले हमले की योजना बनायी थी। इसका भी हमें पता चला है। इमरान की गिरफ्तारी के बाद नौ मई को लाहौर में सैन्य प्रतिष्ठानों पर किये गये हमले एक निर्धारित योजना के तहत किये गये थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को दावा किया कि सेना ने उन्हें देशद्रोह के आरोप में अगले 10 साल तक जेल में रखने की योजना बनाई है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख ने सोमवार तड़के सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि तो अब लंदन की पूरी योजना सामने आ गयी है।
जब मैं जेल में था तब हिंसा के बहाने उन्होंने जज की भूमिका निभायी, जूरी और जल्लाद।
इमरान ने अपने ट्वीट में लिखा कि अब योजना बुशरा बेगम (खान की पत्नी) को जेल में डाल कर मुझे अपमानित करने की है। इसके साथ ही अगले 10 साल तक मुझे अंदर रखने के लिए कुछ राजद्रोह कानून का इस्तेमाल कर रही है। यह ट्वीट खान के लाहौर स्थित आवास पर पीटीआई नेताओं की बैठक के बाद आया है।
70 वर्षीय इमरान खान 100 से अधिक मामलों में जमानत पर हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया न हो, उन्होंने दो काम किये हैं। पहला जानबूझकर आम नागरिकों पर आतंक फैलाया गया है। दूसरा मीडिया को पूरी तरह से नियंत्रित और दबाया गया है।
लोगों में डर पैदा करने के लिए जानबूझकर किया गया प्रयास है ताकि जब वे फिर मुझे गिरफ्तार करें, तो लोग बाहर नहीं आयेंगे। इमरान खान ने कहा कि ये फिर से इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर देंगे और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा देंगे (जो केवल आंशिक रूप से खुला है)। इस बीच घरों को तोड़ा जा रहा है और बेशर्मी से पुलिस घरों की महिलाओं के साथ मारपीट कर रही है।
पाकिस्तान के लोगों को अपना संदेश देते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों के लिए मेरा संदेश- मैं अपने खून की आखिरी बूंद तक हकीकी आजादी के लिए लड़ूंगा क्योंकि मेरे लिए इन बदमाशों के गुलाम होने से मौत बेहतर है। मैं अपने सभी लोगों से यह याद रखने का आग्रह करता हूं कि हमने ला इल्लाह हा इल्लल्लाह की प्रतिज्ञा की है कि हम एक (अल्लाह) को छोड़कर किसी के आगे नहीं झुकते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान गिरफ्तारी के बाद कानूनी राहत पाकर अपने लाहौर स्थित आवास पहुंच गये हैं। उन्होंने पुलिस पर जबरन रोकने का आरोप जड़ा है। इमरान खान को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने फौरी तौर पर रिहा करने के आदेश दिया।
शुक्रवार को हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत प्रदान की। इस राहत के बाद इमरान शनिवार सुबह लाहौर के जमान पार्क स्थित अपने आवास पहुंचे। इस्लामाबाद से लाहौर तक जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। घर पहुंचे खान ने कहा कि इस्लामाबाद पुलिस ने उन्हें लाहौर न जाने देने के हर संभव प्रयास किये।
दरअसल, जमानत दिए जाने के बावजूद सुरक्षा मुहैया कराने को लेकर खान को अदालत परिसर में रखा गया था। इमरान ने कहा कि वह जबरन हिरासत में लेने की घटना के बारे में पूरे देश को बतायेंगे।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं ने इमरान खान का घर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। स्वागत करने वालों में इमरान की बहनों के अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हैं। सभी ने उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली। बाद में इमरान ने एक वीडियो संदेश में कहा कि इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक अकबर नासिर ने उन्हें इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में रखने की पूरी कोशिश की।
उन्होंने मुझे तीन घंटे तक बाहर नहीं निकलने दिया। ये तीन घंटे बेहद खतरनाक रहे। इमरान के मुताबिक उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक से कहा कि वह पूरे पाकिस्तान को बता देंगे कि उनका अपहरण किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें वहां से जाने दिया गया।
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