एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच सऊदी अरब अगस्त की शुरूआत में एक शांति वार्ता की मेजबानी करेगा, जिसमें भारत भी शामिल हो सकता है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। बहरहाल, सऊदी अरब और यूक्रेन ने अभी इस वार्ता की पुष्टि नहीं की है।
एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि यह शिखर वार्ता लाल सागर के बंदरगाह शहर जेद्दा में होगी। उन्होंने बताया कि शिखर वार्ता में यूक्रेन के साथ ही ब्राजील, भारत, दक्षिण अफ्रीका और कई अन्य देश हिस्सा लेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के एक उच्च स्तरीय अधिकारी के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है।
अधिकारी के मुताबिक, इस आयोजन की तैयारियां कीव संभाल रहा है। उन्होंने कहा कि रूस के वार्ता में भाग लेने की संभावना नहीं है। सबसे पहले इस शांति वार्ता की जानकारी द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी थी।
उसने वार्ता से जुड़े राजनयिकों के हवाले से बताया था कि शांति वार्ता पांच-छह अगस्त को होगी और लगभग 30 देश इसमें हिस्सा लेंगे। अभी सऊदी अरब के अधिकारियों और रियाद में यूक्रेनी दूतावास ने इस पर टिप्पणी नहीं की है। इस शिखर वार्ता की खबर ऐसे वक्त में आयी है, जब अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ने बृहस्पतिवार को सऊदी अरब की यात्रा की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मादक पदार्थों की तस्करी के जुर्म में सिंगापुर ने 19 साल बाद किसी महिला को फांसी पर लटका दिया है। देश ने 19 साल बाद शुक्रवार को किसी महिला को इस जुर्म में फांसी के फंदे पर लटका दिया है। यह जानकारी मीडिया एजेंसी ने दी।
हालांकि नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों के लिए मौत की सजा बंद करने के लोगों की अपील के बावजूद ऐसा फैसला लिया गया। इस हफ्ते दो लोगों को मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गयी जिसमें एक महिला थी, जिसे आज यानी शुक्रवार को फांसी दे दी गयी। सिंगापुर के एक्टिविस्ट ने कहा कि अगले हफ्ते एक और फांसी तय है।
2018 में मिली थी सजा, जानें कितनी तस्करी पड़ी भारी?
सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो ने कहा कि 45 वर्षीय सरिदेवी जामानी को लगभग 31 ग्राम (1.09 औंस) डायमॉर्फिन या प्योर हेरोइन की तस्करी के लिए 2018 में मौत की सजा सुनायी गयी थी। इसके बयान में कहा गया है कि यह अमाउंट एक सप्ताह के लिए लगभग 370 ड्रग यूजर्स की लत को पूरा करने के लिए पर्याप्त थी।
सिंगापुर के कानून में 500 ग्राम (17.64 औंस) से अधिक भांग और 15 ग्राम (0.53 औंस) हेरोइन की तस्करी के दोषी किसी भी व्यक्ति के लिए मौत की सजा का प्रावधान है। जामानी को फांसी सिंगापुर के एक व्यक्ति, 56 वर्षीय मोहम्मद अजीज हुसैन को लगभग 50 ग्राम (1.75 औंस) हेरोइन की तस्करी के लिए दी गई फांसी की सजा के दो दिन बाद दी गयी।
नारकोटिक्स ब्यूरो ने कहा कि दोनों कैदियों को उचित सजा दी गयी, जिसमें उनकी दोषसिद्धि और सजा की अपील और राष्ट्रपति की क्षमा की याचिका शामिल है।
क्या मौत की सजा है सटीक उपाय?
मानवाधिकार समूहों, अंतरराष्ट्रीय कार्यकर्ताओं और संयुक्त राष्ट्र (वठ) ने सिंगापुर से नशीली दवाओं के अपराधों के लिए फांसी की सजा रोकने का आग्रह किया है और कहा है कि इस बात के सबूत बढ़ रहे हैं कि फांसी की सजा कोई बेहतर उपाय नहीं है।
सिंगापुर के अधिकारी इस बात पर जोर देते हैं कि नशीली दवाओं की मांग सप्लाई को रोकने के लिए मौत की सजा महत्वपूर्ण है। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि मार्च 2022 में फांसी फिर से शुरू होने के बाद से उसने नशीली दवाओं के अपराधों के लिए 15 लोगों को फांसी दी है। इस हिसाब से सिंगापुर में औसतन एक महीने में एक फांसी की सजा दी गयी।
आखिरी बार 2004 में दी गयी थी फांसी
मौत की सजा का विरोध कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि सिंगापुर में जिस आखिरी महिला को फांसी दी गयी थी, वह 36 वर्षीय हेयरड्रेसर येन मे वोएन थी, जिसे 2004 में मादक पदार्थों की तस्करी के लिए भी दोषी ठहराया गया था। ट्रांसफॉर्मेटिव जस्टिस कलेक्टिव एक सिंगापुर समूह जो मौत की सजा को खत्म करने की वकालत करता है, ने कहा कि 3 अगस्त के लिए एक अन्य कैदी को एक नया फांसी का नोटिस जारी किया गया है। अगर फांसी मिलती है तो यह इस साल की पांचवीं फांसी होगी।
इसमें कहा गया है कि कैदी एक एथनिक मलय नागरिक है, जो 2016 में अपनी गिरफ्तारी से पहले एक डिलीवरी ड्राइवर के रूप में काम करता था। उसे 2019 में लगभग 50 ग्राम (1.75 औंस) हेरोइन की तस्करी के लिए दोषी ठहराया गया था। समूह ने कहा कि उस व्यक्ति ने अपने मुकदमे में कहा था कि उसका मानना है कि वह अपने एक दोस्त के लिए प्रतिबंधित सिगरेट वितरित कर रहा था, जिस पर उसके पैसे बकाया थे और उसने बैग की सामग्री का सत्यापन नहीं किया क्योंकि उसे अपने दोस्त पर भरोसा था।
हालांकि अदालत ने पाया कि वह केवल एक संदेशवाहक था, फिर भी उस व्यक्ति को अनिवार्य मौत की सजा दिया जाना था, ऐसा उसने कहा। आलोचकों का कहना है कि सिंगापुर की कठोर नीति केवल निचले स्तर के तस्करों और कोरियर्स को सजा देती है, जिन्हें आम तौर पर कमजोरियों वाले हाशिये के समूहों से भर्ती किया जाता है।
उनका कहना है कि कई देश मौत की सजा के चलन से बाहर निकल रहे हैं लेकिन सिंगापुर इससे काफी दूर है। पड़ोसी थाईलैंड ने भांग को वैध कर दिया है जबकि मलेशिया ने इस साल गंभीर अपराधों के लिए अनिवार्य मौत की सजा को समाप्त कर दिया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सूडान की राजधानी खार्तूम के पश्चिम में ओमडुरमन शहर के एक पड़ोस में हवाई और तोपखाने हमलों में मंगलवार को कम से कम 16 नागरिक मारे गये। एक प्रतिरोध समिति ने यह जानकारी दी।
एक लोकप्रिय युवा समूह, ओम्बाडा की प्रतिरोध समिति ने एक बयान में कहा कि ओमडुरमैन में ओम्बाडा पड़ोस में इस संवेदनहीन युद्ध में नागरिक मारे गये। बयान में कहा गया कि हमलों के कारण ओमडुरमैन के स्थानीय बाजार सूक लीबिया में कई अन्य घायल भी हो गये।
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि सूडान में मानवीय स्थिति पूरी तरह से तबाही में बदल गयी है। सूडान में संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी समन्वयक क्लेमेंटाइन एनक्वेटा-सलामी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि सूडान में युद्ध शुरू होने के कल 100 दिन पूरे हो गये, एक ऐसा संकट जिसने गंभीर मानवीय स्थिति को पूरी तरह से तबाही में बदल दिया।
बयान में कहा गया है कि मानवीय समुदाय सूडान के लोगों का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है और बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच सहायता प्रदान करने के लिए जबरदस्त और साहसी प्रयास कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने कहा कि फिर भी राहत कर्मी हिंसा और दुर्व्यवहार के भयानक कृत्यों से बचे नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि सूडान में संघर्ष शुरू होने के बाद से कम से कम 18 सहायता कर्मी मारे गये हैं और कई अन्य घायल हुए हैं। बयान के अनुसार, मानवीय सुविधाओं पर भी हमला किया गया है, कम से कम 50 मानवीय गोदामों को लूट लिया गया है और 82 कार्यालयों में तोड़-फोड़ की गयी है।
सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सूडान में 15 अप्रैल से खार्तूम और अन्य क्षेत्रों में सूडानी सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच घातक झड़पें हो रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप तीन हजार से अधिक लोगों की मौत हो गयी और छह हजार से अधिक लोग घायल हो गये।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस में लिंग परिवर्तन सर्जरी पर प्रतिबंध लग गया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश में लिंग परिवर्तन सर्जरी पर रोक लगाने वाले कानून पर हस्ताक्षर कर दिये हैं। रूसी समाचार एजेंसी तास ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह कानून सोमवार को आधिकारिक पोर्टल पर प्रकाशित किया गया। अधिसूचना प्रकाशित होने के साथ ही यह कानून प्रभावी हो गया है। नये कानून के प्रभावी होने से पहले जिन लोगों ने लिंग परिवर्तन कराया है, वे इससे प्रभावित नहीं होंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, नये कानून में रूसी नागरिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा वाले कानून में चिकित्सा उपचार और लिंग परिवर्तन के उद्देश्य से दवाओं के उपयोग को गैरकानूनी घोषित किया गया है। हालांकि, यह प्रतिबंध बाल विकास और जन्म दोषों के साथ-साथ यौन भेदभाव के बचपन के विकारों से जुड़ी आनुवंशिक और अन्य समस्याओं के लिए उपयोग की जाने वाली चिकित्सा प्रक्रियाओं पर लागू नहीं होगा। रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत एजेंसियों के चिकित्सा आयुक्त ऐसे ऑपरेशनों पर निर्णय लेंगे।
रूस में वैवाहिक जीवन में किसी भी साथी द्वारा लिंग परिवर्तन कराने पर कानूनी तौर पर तलाक का आधार माना जाता है। इसके अलावा लिंग परिवर्तन कराने वाले माता-पिता की तरफ बच्चे की देखभाल नहीं कर सकते हैं। नये कानून का उद्देश्य रूसी समाज के संवैधानिक नैतिक सिद्धांतों और पारिवारिक मूल्यों को बनाये रखने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूर्वोत्तर चीन के हेइलोंगजियांग प्रांत के किकिहार शहर में रविवार को एक स्कूल व्यायामशाला की छत गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गयी है। राहत एवं बचावकर्मियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे तक बचावकर्मियों ने मलबे से 14 लोगों को बाहर निकाला था। हताहतों में से चार की मौके पर ही मौत की पुष्टि की गयी और छह अन्य की उपचार के दौरान मौत हो गयी। शेष चार लोगों की बिना किसी जानलेवा चोट के जांच की गयी है।
जब दुर्घटना हुई तब लोंग्शा जिले के क्यूकिहार के नंबर 34 मिडिल स्कूल में लगभग 1,200 वर्ग मीटर में फैले व्यायामशाला में 19 लोग थे। नगर निगम खोज एवं बचाव मुख्यालय ने कहा कि चार लोग खुद ही भाग निकले और 15 लोग फंस गये।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि निर्माण श्रमिकों ने व्यायामशाला के निकट एक शिक्षण भवन के निर्माण के दौरान व्यायामशाला की छत पर अवैध रूप से पर्लाइट रखा था। शुरुआती जांच में पाया गया कि बरसात के कारण यह पर्लाइट भारी हो गया जिससे छत भरभरा कर गिर पड़ी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूर्वोत्तर कोलंबिया के सेंटेंडर विभाग के प्लायोन नगर पालिका में एक बस दुर्घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गयी और लगभग 30 लोग घायल हो गये। क्षेत्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन एजेंसी ने यह जानकारी दी।
एजेंसी ने शनिवार को ट्विटर पर कहा कि लिमिट्स सेक्टर में, प्लेऑन नगरपालिका के राष्ट्रीय राजमार्ग पर, ब्रासीलिया कंपनी की एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गयी, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गयी।
हादसे में घायल हुए 30 लोगों को स्थानीय अस्पतालों में ले जाया गया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। कैराकोल रेडियो ने शनिवार को बताया कि बस दक्षिण अमेरिकी प्रवासियों को ले जा रही थी, जो संयुक्त राज्य अमेरिका पहुंचने का प्रयास करने के लिए देश के उत्तर की ओर जा रहे थे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। बंगलादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के क्रिकेट परिचालन अध्यक्ष जलाल यूनुस ने गुरुवार को कहा कि एशिया कप 2023 में अत्यधिक यातायात उनके खिलाड़ियों को प्रभावित करेगा।
उल्लेखनीय है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एशिया कप के लिये टीम को पाकिस्तान भेजने से मना किया था, जिसके कारण यह टूर्नामेंट हाइब्रिड प्रारूप में हो रहा है।
इस प्रारूप के तहत, पाकिस्तान चार मैचों की मेज़बानी करेगा, जबकि भारत के मैचों सहित अन्य नौ मुकाबले श्रीलंका में खेले जायेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान में 25 जून से शुरू हुए चालू मानसून सीजन के दौरान अब तक लगभग 101 लोगों की मौत हो गयी और 180 अन्य घायल हो गये। देश के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने यह जानकारी दी।
एनडीएमए ने गुरुवार को कहा कि देश का पूर्वी पंजाब प्रांत बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां 57 लोगों की मौत हो गयी और 118 घायल हो गये। साथ ही प्रांतीय राजधानी लाहौर सहित पूरे प्रांत में हुई भारी बारिश में 53 घर भी नष्ट हो गये।
कार्यवाहक पंजाब के मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी ने लाहौर की बारिश को "रिकॉर्ड-तोड़" कहा यह शहर में बाढ़ का कारण बनी, कई इलाकों में पानी भर गया और सड़क यातायात घंटों तक बाधित रहा।
प्रांत के रावलपिंडी शहर में भी बुधवार को 12 घंटे से अधिक समय तक भारी बारिश हुई, जिसके परिणामस्वरूप नदियों और नालों में जल स्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया और स्थानीय नगरपालिका प्राधिकरण को किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने में मदद के लिए सेना बुलानी पड़ी।
शहर में भारी बारिश के कारण बुधवार को एक निर्माणाधीन पुल की दीवार अस्थायी तंबू में रह रहे मजदूरों पर गिर गयी, जिससे कम से कम 12 लोगों की मौत हो गयी। जिला प्रशासन के प्रवक्ता के अनुसार, वर्षा मापक केंद्रों ने शहर के कई इलाकों में 200 मिमी तक बारिश दर्ज की, जिससे शहरी बाढ़ और छत गिरने की घटनाएं हुईं।
एनडीएमए ने कहा कि देश के उत्तर पश्चिम खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बारिश से जुड़ी अलग-अलग दुर्घटनाओं में कुल 25 लोगों की मौत हो गयी और 41 अन्य घायल हो गये।
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