एबीएन सेंट्रल डेस्क। जर्मनी में ट्रेन चालक बुधवार से तीन दिनों की हड़ताल पर चले गये, जिससे देश भर में यात्री परिवहन बुरी तरह बाधित हो गया। मालगाड़ियों का परिचालन मंगलवार रात से ही ठप है।
हड़ताल के दौरान जर्मन राष्ट्रीय रेलवे कंपनी डॉयचे बान आपातकालीन सेवा चला रही है, लेकिन लंबी दूरी की पांच में से केवल एक ट्रेन ही चल सकेगी। राष्ट्रीय रेल ऑपरेटर के एक प्रवक्ता ने कहा, क्षेत्रीय परिवहन भी बड़े पैमाने पर कम हो गया है।
जर्मन लोकोमोटिव ड्राइवर्स यूनियन (जीडीएल) वेतन मुआवजे के साथ काम के घंटों को घटाकर चार दिनों में 35 घंटे करने और प्रति माह 555 यूरो (605 अमेरिकी डॉलर) की वेतन वृद्धि की मांग कर रहा है।
गौरतलब है कि नवंबर में डॉयचे बान द्वारा की गई 11 प्रतिशत वेतन वृद्धि की पेशकश को बिना किसी बातचीत के अस्वीकार कर दिया गया था।
डॉयचे बान के नियोक्ता संघ एजीवी मूव के प्रबंध निदेशक फ्लोरियन वेह ने कहा, जीडीएल अपनी मांगों को एक-एक करके आगे बढ़ाना चाहता है, अन्यथा यह हड़ताल पर चला जाएगा, लेकिन सामूहिक सौदेबाजी इस तरह काम नहीं करती। हम आगे बढ़ चुके हैं, अब जीडीएल की बारी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बांग्लादेश में हिंसक वारदातों व मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के बहिष्कार के बीच रविवार को मतदान हुआ।
मतगणना के दौरान बांग्लादेश चुनाव आयोग ने देर रात प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के दो तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की पुुष्टि की। इसी के साथ शेख हसीना का पांचवीं बार प्रधानमंत्री बनना तय हो गया है। आम चुनाव के लिए करीब 40 प्रतिशत मतदान हुआ।
शेख हसीना लगातार चौथी बार प्रधानमंत्री का पद संभालेंगी। वह 1996 से 2001 तक भी पीएम रह चुकी हैं। अभी मतों की गिनती जारी है। अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना गोपालगंज-3 निर्वाचन क्षेत्र से आठवीं बार संसद के लिए चुनी गयीं।
बीडी न्यूज24 की रिपोर्ट के अनुसार 76 वर्षीय हसीना को 249,965 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी बांग्लादेश सुप्रीम पार्टी के एम निजामुद्दीन लश्कर को सिर्फ 469 वोट मिले।
वर्ष 2018 में करीब 80 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने अधिकार का उपयोग किया था। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चला। अनियमितताओं पर सात मतदान केंद्रों पर मतदान स्थगित कर दिया गया है।
चुनाव आयोग ने एक पुलिस अधिकारी को धमकाने पर चट्टोग्राम में सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी की उम्मीदवारी रद्द कर दी है। ढाका के हजारीबाग और चट्टोग्राम में एक मतदान केंद्र के पास दो देसी बम धमाके हुए। इनमें एक बच्चा सहित चार लोग घायल हो गये।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जापान के इशिकावा प्रान्त में नए साल के दिन आये शक्तिशाली भूकंप और कई तीव्र झटकों से मरने वालों की संख्या बढ़कर 91 हो गयी है। जबकि 179 अभी भी लापता हैं। जापानी समाचार एजेंसी क्योडो ने शुक्रवार को रिपोर्ट दी।
जापानी प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा ने पहले कहा था कि इशिकावा में आये भूकंप में 78 लोगों की जान चली गयी, जबकि 29 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये और अन्य 231 को मामूली चोटें आयीं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 179 लोगों को लापता के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, लेकिन सूची में वे लोग भी शामिल हो सकते हैं जो दूसरी जगह चले गये लेकिन स्थानांतरित होने के रूप में सूचीबद्ध नहीं थे।
वाजिमा शहर में मलबे के नीचे कथित तौर पर 40 से अधिक लोग जिंदा दफन हो गये हैं और इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
भूकंप प्रभावित तीन प्रान्तों अर्थात् इशिकावा, टोयामा और निगाटा में लगभग 89,000 घर पानी की आपूर्ति के बिना हैं और 30,000 से अधिक घरों को बिजली आपूर्ति से काट दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों ने इशिकावा में 370 निकासी बिंदु स्थापित किए हैं और अब तक 33,000 लोगों को निकाला जा चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जापान के आत्मरक्षा बलों के 4,600 सैनिक खोज और बचाव कार्यों में भाग ले रहे हैं।
जापानी अखबार निक्केई ने गुरुवार को एक वरिष्ठ जापानी सरकारी अधिकारी का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी कि जापानी अधिकारी इशिकावा में भूकंप के बाद से निपटने के लिए अमेरिकी सेना के साथ काम करने की योजना बना रहे है जिसमें मानवीय आपूर्ति और आपदा से विस्थापित लोगों का परिवहन शामिल होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अन्य देशों ने भी जापान को अपनी मदद की पेशकश की है, लेकिन टोक्यो की योजना फिलहाल केवल संयुक्त राज्य अमेरिका से समर्थन प्राप्त करने की है। अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता पैट राइडर ने गुरुवार को कहा कि जापान में अमेरिकी सेना घातक भूकंप के बाद सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 155 भूकंपों के बाद जापान की मौसम एजेंसी ने सुनामी की चेतावनी जारी की है। एंजेंसी ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वह फिलहाल अपने घर न जाएं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब एक हजार लोगों ने सेना के बेस पर शरण ली है।
जापानी प्रधानमंत्री का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्द ही मौके पर राहत सामाग्री पहुंचायी जाये और रेस्क्यू सुनिश्चित की जाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भूंकप से आठ लोगों की मौत हो गई है। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने सोमवार रात आपदा प्रतिक्रिया बैठक के बाद मीडिया से बात की।
उन्होंने बताया कि मैंने रेसक्यू बल और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिये हैं कि वे जल्द से जल्द घटनास्थल पर पहुंच जायें अभी ठंड अपने चरम पर है। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि विमान, जहाज का इस्तेमाल करें और तत्काल पानी, भोजन, कंबल, हीटिंग तेल, गैसोलीन सहित अन्य आवश्यक चीजों की आपूर्ति करें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नये साल पर जापान से एक चिंता करने वाली खबर सामने आ रही है। यहां 7.5 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद कई झटके महसूस किये गये। इससे देश के पश्चिमी तट के एक बड़े हिस्से में सुनामी की चेतावनी जारी की गयी है।
हालांकि, यह भी जानकारी सामने आयी है कि इशिकावा प्रांत के वाजिमा शहर में 1.2 मीटर की सुनामी की लहर टकरा गयी है। फिलहाल, किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन अधिकारियों को तत्काल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश दिये गये हैं।
इस बीच, जापान ने इशिकावा, निगाता और तोयामा, नागानो प्रांतों के लिए एक और भूकंप की चेतावनी जारी की है। वहीं, सोशल मीडिया पर तोयामा शहर में आयी सुनामी का वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि यह वीडियो अभी की है या पहले कभी की।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इशिकावा प्रांत के वाजिमा बंदरगाह पर 1.2 मीटर की ऊंचाई तक ऊंची लहरें देखी गयीं। एक रिपोर्ट के अनुसार, सुनामी की चेतावनी के बाद लोगों से इशिकावा, निगाता, तोयामा और यामागाता प्रांतों के तटीय क्षेत्रों को जल्द से जल्द छोड़ने का आग्रह किया गया है।
कहा जा रहा है कि पांच मीटर (16 फीट) ऊंची लहरें उठ सकती हैं। कोस्टल एरिया में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है। हवाई स्थित प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा है कि जापान तट पर भूकंप के केंद्र के 300 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक सुनामी लहरें उठने की आशंका है। बता दें, भूकंप के झटके टोक्यो और पूरे कांटो इलाके में महसूस किए गए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर पश्चिमी चीन के सुदूर पर्वतीय क्षेत्र में मध्य रात्रि को आये शक्तिशाली, 6.2 तीव्रता के भूकंप में अब तक कम से कम 116 लोगों की मौत हो गयी और करीब 400 अन्य घायल हो गये हैं।
चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र ने मंगलवार को बताया कि सोमवार रात 11 बजकर 59 मिनट पर गांसू और किनघई प्रांतों में हल्का भूकंप आया और इसका केंद्र जमीन में 10 किलोमीटर की गहरायी में था। विशेषज्ञों ने बताया कि हल्के भूकंप से बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान होता है।
भूकंप का केंद्र लियुगोऊ शहर में था जो गांसू में जिशिशान काउंटी से करीब आठ किलोमीटर दूर है। किनघई प्रांत हिमालय के तिब्बत क्षेत्र से सटा है जहां महाद्वीपीय प्लेटों के टकराने से आये दिन भूकंप आते रहते हैं।
इसके कुछ घंटों बाद मंगलवार को सुबह नौ बजकर 46 मिनट पर पड़ोसी शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में दूसरा भूकंप आया। सीईएनसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहरायी में था। गांसू और किनघई में भी भूकंप के बाद के झटके भी महसूस किये गये।
स्थानीय मीडिया में आयी खबरों के अनुसार, गांसू में भूकंप से 105 लोगों की मौत हुई जबकि किनघई में 11 लोगों की मौत हुई। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक भूकंप प्रभावित इलाकों में 397 लोगों के घायल होने की खबर है।
भूकंप से जिशिशान में 6,381 मकान क्षतिग्रस्त हो गये। प्रांतीय आपात प्रबंधन विभाग के प्रवक्ता हान शुजुन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अभी तक भूकंप के बाद के 32 झटके महसूस किये गये हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा तीव्रता 4.0 रही।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रोम अर्थात अनन्त नगरी (इटरनल सिटी) में ख्रिस्तमस की तैयारी बहुत ही विशेष ढंग से होती है। प्रति वर्ष 8 दिसंबर को इटली में छुट्टी होती है क्योंकि इस दिन कुंवारी मरियम के निष्कलंक गर्भागमन का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। और इसी पर्व के साथ रोम के महत्वपूर्ण गिरजाघरों और सार्वजनिक स्थानों में बड़े बड़े क्रिस्त्मस ट्री और चरणी लोगों के दर्शन के लिए खोल दिये गये हैं।
संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में चरणी बनाया गया है। संत फ्रांसिस असीसी की 800 साल पुरानी परंपरा का समारोह मनाते हुए 22 देशों के विभिन्न क्रिसमस चरणी को प्रदर्शित करने के लिए 100 चरनी प्रदर्शनी संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में रखा गया है। दुनिया भर के विभिन्न कलाकारों ने येसु के जन्म के दृश्य की विभिन्न व्याख्याओं को चित्रित किया है।
इस वर्ष के संस्करण का उद्देश्य ग्रेचो चरनी की 800वीं वर्षगांठ का जश्न मनाना है, यह येसु के जन्म की पहली चरनी है जिसे असीसी के संत फ्रांसिस ने वर्ष 1223 में क्रिसमस पर बनाया था। वैटिकन सिटी का ट्री भी अपने रंगों से लोगों को आकर्षित कर रहा है। प्रति दिन हजारो की संख्या लोग चरणी और क्रिसमस ट्री को देखर येसु के जन्म की महान घटना को याद कर रहे हैं।
इस प्रदर्शनी में दुनिया भर के 22 देशों के 120 से अधिक चरनी प्रदर्शित है। इन देशों के नाम हैं- इटली, क्रोएशिया, स्पेन, सैन मैरिनो, यूक्रेन, आयरलैंड, स्लोवेनिया, हंगरी, पोलैंड, एस्टोनिया, जर्मनी, स्लोवाकिया, चेक गणराज्य, ऑस्ट्रिया, रूस, अमेरिका, कोलंबिया, ताइवान, वेनेजुएला, फिलीपींस, ग्वाटेमाला और पराग्वे।
महागिरजाघरों के साथ रोम के मशहुर स्थानों जैसे पियाज़ा देल पोपोलो, पियाज़ा नवोना, स्पन्या को रंगीन क्रिसमस ट्री और रंगीन बल्बों से सजाया गया है। इसके अलावा, रोम के हर गली, दुकान, होटल, रेस्टोरंट को चरणी, रंग बिरंगे बतियों और ख्रिस्तमस ट्री से आकर्षित बनाया गया है। कही कही सजावट के साथ साथ संगीत कार्यक्रम का भी आयोजन हो रहा है। (लेखक पोंतिफिकल यूनिवर्सिटी सत थॉमस अक्विनस (अन्जेलिकुम), रोम इटली के फादर हैं।)
एबीएन सेंट्रल डेस्क। गाजा पट्टी पर इजरायली बमबारी में सात अक्टूबर से अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 16,248 हो गयी है और अन्य 43,616 लोग घायल हुए हैं।
एन्क्लेव सरकार के सूचना केंद्र ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बयान में कहा गया, अस्पतालों में भर्ती शवों की संख्या बढ़कर 16,248 हो गयी है। लापता व्यक्तियों की संख्या जो मलबे में दबे हो सकते हैं, 7,600 तक पहुंच गयी है, घायलों की संख्या 43,616 तक पहुंच गयी है।
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