एबीएन डेस्क। तंजानिया के महान उपन्यासकार अब्दुल रज्जाक गुरनाह को 2021 का नोबेल साहित्य पुरस्कार दिया जाएगा। नोबेल अकादमी ने आज इसकी घोषणा की। गुरनाह ने उपनिवेशवाद और खाड़ी देशों में शरणार्थियों तथा उनके संस्कृतियों के बारे में अपने उपन्यासों में खूब चर्चा की है। अबतक कुल 117 लोगों को साहित्य का नोबेल सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। इसमें 16 महिलाएं हैं। गुरनाह का जन्म 1948 में तंजानिया के जंजीबार में हुआ था। आजकल वो ब्रिटेन में रह रहे हैं। गुरनाह के 10 उपन्यासों में मेमरी ऑफ डिपार्चर, पीलिग्रीम्स वे और डोट्टी में प्रवासियों की समस्याओं और अनुभवों का जिक्र है।
एबीएन डेस्क। फगानिस्तान के काबुल में रविवार दोपहर ईदगाह मस्जिद में बम धमाका हुआ। इसमें कई लोगों के मारे जाने की खबर है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, जिस मस्जिद में ब्लास्ट हुआ, वहां बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस घटना की पुष्टि की है। जिस जगह पर ब्लास्ट हुआ, वहां तालिबानी प्रवक्ता मुजाहिद की मां की याद में कार्यक्रम रखा गया था। फिलहाल इस घटना की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। हालांकि, अफगानिस्तान में तालिबान का शासन शुरू होने के बाद से ही यह संगठन इस्लामिक स्टेट- खोरासान (आईएस-के) लगातार काबुल और आसपास के इलाकों को निशाना बना रहा है। ईदगाह मस्जिद के पास एक दुकानदार ने बताया कि उन्हें ब्लास्ट के बाद घटनास्थल पर गोलियां चलने की भी आवाज आई। इसके बाद तालिबान के लड़ाकों ने मस्जिद के आसपास सड़कों को बंद कर दिया।
एबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। इस दौरान अफगानिस्तान और कोरोना पर अपनी बात रखी। उन्होंने इशारों-इशारों में पाकिस्तान को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि रिग्रेसिव थिंकिंग के साथ जो देश आतंकवाद का पॉलिटिकल टूल के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें समझना होगा कि आतंकवाद उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने के लिए न हो। हमें सतर्क रहना होगा कि वहां की स्थितियों का फायदा कोई अपने लिए इस्तेमाल करने की कोशिश न करे। इस समय अफगानिस्तान की जनता, वहां की महिलाओं, बच्चों और मॉइनॉरिटीज को हमारी मदद की जरूरत है और हमें अपना दायित्व निभाना होगा। प्रधानमंत्री ने भाषण की शुरूआत में कहा, अब्दुल्ला शाहिद जी (मालदीव के विदेश मंत्री) को अध्यक्ष बनने की बधाई। आपका अध्यक्ष बनना सभी विकासशील देशों के लिए खासकर छोटे विकासशील देशों के लिए गर्व की बात है। गत 1.5 साल से पूरा विश्व सौ साल में आई सबसे बड़ी महामारी का सामना कर रहा है। ऐसी भयंकर महामारी में जीवन गंवाने वालों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं और परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। मैं उस देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं जिसे मदर आॅफ डेमोक्रेसी का गौरव हासिल है। लोकतंत्र की हमारी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा। इस 15 अगस्त को भारत ने अपनी आजादी के 75वें साल में प्रवेश किया। हमारी विविधता, हमारे सशक्त लोकतंत्र की पहचान है। एक ऐसा देश जिसमें दर्जनों भाषाएं हैं। सैकड़ों बोलियां है, अलग-अलग रहन-सहन और खानपान हैं। यह वाइब्रेंट डेमोक्रेसी का बेहतरीन उदाहरण है। यह भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि एक छोटा बच्चा जो कभी एक रेलवे स्टेशन के टी-स्टॉल पर अपने पिता की मदद करता था। वो आज चौथी बार भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर यूएनजीए को संबोधित कर रहा है। पीएम ने कहा, सबसे लंबे समय तक गुजरात का मुख्यमंत्री और फिर पिछले सात सालों से भारत के प्रधानमंत्री की तौर पर। मुझे भारत के लोगों की सेवा करते हुए 20 साल हो गए। मैं अपने अनुभव से कह रहा हूं कि डेमोक्रेसी कैन डिलीवर, यस डेमोक्रेसी हैज डिलीवर्ड। एकात्म मानवदर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की आज जन्मजयंती है। एकात्म मानवदर्शन यानी इंटीग्रल ह्यूनिज्म अर्थात स्व से समस्त तक विकास और विस्तार की सफल यात्रा। एक्सपैंशन आॅफ द सेल्फ, मूविंग फ्रॉम इंडिविजुअल टू सोसाइटी, टू द नेशन एंड एंटायर ह्यूमैनिटी। ये चिंतन अंत्योदय को समर्पित है। अंत्योदय की आज की परिभाषा में वेन नो वन इस लेफ्ट बिहाइंड यानी कोई पीछे न छूटे कहा जाता है। भारत आज इक्विटेबल डेवलपमेंट की राह पर बढ़ रहा है। विकास सर्व समावेशी हो, सर्व स्पर्शी हो, सर्व व्यापी हो, सर्व पोषक हो, यही हमारी प्राथमकिता है। बीते सात वर्षों में भारत में 43 करोड़ से ज्यादा लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है, अब तक जो इससे वंचित थे। आज 36 करोड़ ऐसे लोगों को बीमा सुरक्षा कवच मिला है, जो पहले इस बारे में सोच भी नहीं सकते थे। 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देकर भारत ने उन्हें क्वालिटी हेल्थ सर्विस से जोड़ा है। भारत ने 3 करोड़ घर बनाकर बेघर परिवारों को होम ओनर्स बनाया है। प्रदूषित पानी भारत ही नहीं पूरी दुनिया और खासकर गरीब और विकासशील देशों के लिए बड़ी समस्या है। भारत में इस समस्या से निपटने के लिए हम 17 करोड़ से अधिक घरों में पाइप से साफ पानी पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। दुनिया की बड़ी संस्थाओं ने माना है कि किसी भी देश के विकास के लिए वहां के नागरिकों के पास जमीन और घर के प्रॉपर्टी राइट्स यानी ओनरशिप का रिकॉर्ड होना बहुत जरूरी है। बड़े-बड़े देशों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनके पास जमीनों और घरों के प्रॉपर्टी राइट्स नहीं हैं। आज हम भारत के छह लाख से ज्यादा गांवों में ड्रोन से मैपिंग करा कर करोड़ों लोगों को उनके घर और जमीन का डिजिटल रिकॉर्ड देने में जुटे हैं। ये डिजिटिल रिकॉर्ड लोगों के प्रॉपर्टी विवाद खत्म करने के काम आएगा। साथ ही एक्सेस टू क्रेडिट बैंक लोन तक लोगों की पहुंच बढ़ा रहा है। मोदी ने कहा कि भारत का वैक्सीनेशन प्लेटफॉर्म कोविन करोड़ो लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए सर्विस दे रहा है। सेवा परमो धर्म: के कथन पर जीने वाला भारत आज पूरी दुनिया की भलाई में जुटा है। मैं यूएन को बताना चाहता हूं कि भारत ने दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन तैयार कर ली है, जिसे 12 साल से ज्यादा के लोगों को लगाया जा सकता है। भारत के वैज्ञानिक एक आरएनए वैक्सीन बनाने में भी जुटे हैं। भारत ने एक बार फिर दुनिया के जरूरतमंदों को वैक्सीन देनी शुरू कर दी है। मैं आज दुनिया भर के वैक्सीन उत्पादकों को भी आमंत्रित करता हूं। कम मेक वैक्सीन इन इंडिया। उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि मानव जीवन में तकनीका का कितना महत्व है, लेकिन बदलते समय में टेक्निक विद डेमोक्रेटिक वैल्यू यह भी सुनिश्चित करना अहम है। आज डॉक्टर, इजीनियर किसी भी देश में रहें, हमारे मूल्य उन्हें मानवता की मदद की प्रेरणा देते रहे हैं। कोरोना महामारी ने विश्व को संदेश दिया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को और डायवर्सिफाइ किया जाए। भारत विश्व का एक लोकतांत्रिक और भरोसेमंद पार्टनर बन रहा है। भारत ने इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों में संतुलन स्थापित किया है। क्लाइमेट एक्शन में भारत के प्रयासों को देखकर आप सबको निश्चित तौर पर गर्व होगा। उन्होंने कहा कि जब फैसले लेने का समय था, तब जिन पर विश्व को दिशा देने का दायित्व था, वो क्या कर रहे थे। आज विश्व के सामने रिग्रेसिव थिंकिंग और एस्ट्रीब्यूशन का खतरा बढ़ता जा रहा है। इन परिस्थितियों में पूरे विश्व को साइंस विद रेशनल और प्रोग्रेसिव थिंकिंग को विकास का आधार बनाना होगा। साइंस बेस्ड अप्रोच को मजबूत करने के लिए भारत अनुभव आधारित लर्निंग को बडढ़ावा दे रहा है। हमारे स्कूलों में हजारों अटल लैब खोली गई हैं। एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम बना है। अपनी आजादी के 75वर्ष में भारत 75 ऐसे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजने वाला है, जिसे स्कूल के छात्र बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के महान कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने सदियों पहले कहा था कालातिक्रम, कालएव फलन तीमति। जब सही समय पर सही काम नहीं किया जाता, तो समय ही उस सही कार्य की सफलता को समाप्त कर देता है। यूएन को खुद को प्रासंगिक बनाए रखना है को उसे अपनी प्रभावशीलता को बनाए रखना होगा। यूएन पर आज काफी सवाल खड़े हो रहे हैं। इन सवालों को हमने क्लाइमेट और कोविड क्राइसिस के दौरान देखा है। आतंकवाद और अफगानिस्तान के संकट ने इन सवालों को और गहरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैं नोबल पुरस्कार विजेता रबिंद्रनाथ टैगोर की बात के साथ अपने भाषण को खत्म करना चाहूंगा। सब दुर्बल अपने शुभ पथ पर निर्भीक होकर आगे बढ़ें, तो सभी दुर्बलताएं और शंकाएं समाप्त हो जाएंगी। यह संदेश यूएन के लिए जितना प्रासंगिक है, उतना ही हर जिम्मेदार देश के लिए भी प्रासंगिक है। हमारा साझा प्रयास विश्व में शांति बढ़ाएगा। विश्व को स्वस्थ और समृद्ध बनाएगा। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत पर निशाना साधा था। उन्होंने भारत में मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े कई आरोप भी लगाए थे।
एबीएन डेस्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा, तो भारत की ओर से उसे हर बार की ही तरह इस बार भी कड़ी फटकार मिली। संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे ने कड़ा जवाब देते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद का संरक्षक और अल्पसंख्यकों का दमन करने वाला बताया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र में भाषण के दौरान कश्मीर के मुद्दे पर इमरान ने भारत को घेरने की कोशिश की, तो स्नेहा ने उन्हें आईना दिखाते हुए कहा, पाकिस्तान ने आतंकवादियों को पनाह देने, सहायता करने और सक्रिय रूप से समर्थन देने का इतिहास और नीति स्थापित की है। पाकिस्तान इस उम्मीद में अपने बैकयार्ड में आतंकवादियों का पोषण करता है कि वे केवल उसके पड़ोसियों को ही नुकसान पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के नेता ने हमारे देश के खिलाफ झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्लेटफॉर्मों का दुरुपयोग किया है और दुनिया का ध्यान अपने देश की दुखद स्थिति से हटाने की कोशिश कर रहा है, जहां आतंकवादी फ्री पास का आनंद लेते हैं। UNGA में पाकिस्तान को दो टूक जवाब देने वाली स्नेहा दुबे 2012 बैच की महिला अधिकारी हैं। उन्होंने पहले अटेम्प्ट में ही यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। आईएफएस बनने के बाद उनकी नियुक्ति विदेश मंत्रालय में हुई। उन्हें 2014 में भारतीय दूतावास मैड्रिड में भेजा गया। गोवा में पली-बढ़ीं स्नेहा ने पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज से ग्रैजुएशन के बाद नई दिल्ली की जवाहरलाल यूनिवर्सिटी से जियॉग्रफी में मास्टर्स की पढ़ाई की। स्नेहा दुबे हमेशा से इंडियन फॉरन सर्विस जॉइन करना चाहती थीं। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में दिलचस्पी के चलते उन्होंने JNU में ही स्कूल ऑफ इंटरनैशनल स्टडीज में एमफिल की पढ़ाई पूरी की। घूमने की शौकीन स्नेहा का मानना है कि IFS बनकर उन्हें देश का प्रतिनिधित्व करने का सबसे बेहतरीन मौका मिला है। स्नेहा दुबे ने 1971 में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और उससे पहले बांग्लादेश में हुए नरसंहार को याद किया, जिसमें पाकिस्तान द्वारा 300,000 से अधिक लोग मारे गए थे और सैकड़ों हजार महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अभी भी बांग्लादेश के लोगों के खिलाफ एक धार्मिक और सांस्कृतिक नरसंहार को अंजाम देने के हमारे क्षेत्र में घृणित रिकॉर्ड रखता है। दुबे ने कहा, हमने कुछ दिन पहले 9/11 के आतंकी हमलों की 20 वीं वर्षगांठ के गंभीर अवसर को चिह्नित किया। दुनिया यह नहीं भूली है कि उस नृशंस घटना के पीछे के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में शरण मिली थी। आज भी, पाकिस्तान नेतृत्व उन्हें शहीद के रूप में महिमामंडित करता है। अफसोस की बात है, आज भी हमने पाकिस्तान के नेता को आतंकी कृत्यों को सही ठहराने की कोशिश करते हुए सुना। आतंकवाद की ऐसी रक्षा आधुनिक दुनिया में अस्वीकार्य है।
वाशिंगटन। अमेरिका दौरे पर गये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की और उन्हें भारत आने का न्योता दिया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस द्वारा पाकिस्तान में आतंकी समूहों की मौजूदगी को स्वीकार करने के एक दिन बाद भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने अफगानिस्तान में इस्लामाबाद की भूमिका पर चिंता व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच द्विपक्षीय बैठक पर बोलते हुए विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान में आतंकवाद का मुकाबला करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और बाइडेन के बीच बैठक में पाक का भी नाम आया और आतंकियों को संरक्षण देने पर निशाना भी साधा गया। क्वाड की बैठक में इन कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई- • पीएम मोदी बोले- हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साथ काम करेंगे • जब दुनिया कोरोना से लड़ रही, क्वाड फिर सक्रिय : मोदी • क्वाड बैठक में पीएम मोदी का चीनी ऐप्स पर कड़ा रुख • क्वाड देशों का तालिबानी सरकार पर मंथन • पीएम मोदी ने जो बाइडेन को दिया भारत आने का निमंत्रण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संबोधन में कहा कि, हम चार देश साल 2004 में सुनामी के बाद इंडो-पेसिफिक क्षेत्र के लिए एक साथ आए थे। वहीं, आज दुनिया कोरोना महामारी से लड़ रही है जिसको देखते हुए हम एक बार फिर क्वाड के रूप में एक साथ मिलकर काम कर मानवता के हित में जुटे हैं। उन्होंने कहा हमारा क्वाड कोरोना की लड़ाई से निपटने के लिए काम करेगा। क्वाड बैठक में पीएम मोदी का चीनी ऐप्स पर कड़ा रुख : क्वाड बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने चीनी ऐप्स का मुद्दा उठाया। उन्होंने CLEAN APP MOVEMENT को धार देने पर जोर दिया है। उनकी इस पहल का क्वाड के दूसरे देशों ने स्वागत किया है। जानकारी के लिए बता दें कि भारत ने कई चीनी ऐप्स पर बैन लगा रखा है। किसी को राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर तो किसी को निजता का हनन करने की वजह से बैन किया गया है। जो बाइडेन का बयान : बाइडेन ने कहा कि मैं पीएम मॉरिसन, पीएम मोदी और पीएम सुगा का व्हाइट हाउस में स्वागत करता हूं। इस संगठन में सिर्फ वहीं लोकतांत्रिक देश रखे गए हैं जो पूरी दुनिया के लिए समावेशी सोच रखते हैं, जिनका भविष्य के लिए एक विजन है। सभी साथ मिलकर आने वाली चुनौतियों से निपटने की तैयारी करेंगे। जापान पीएम का बयान : जापान के पीएम योशिहिदे सुगा ने कहा कि क्वाड बैठक का अब होना इस बात को दिखाता है कि तमाम देश स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करते हैं। इसके अलावा सुगो ने इस बात का भी जिक्र किया कि पहले अमेरिका द्वारा जापानी खाद्य उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन अप्रैल महीने में उसे वापस ले लिया गया, जिससे जापान को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है। स्कॉट मॉरिसन का बयान : ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि हम एक स्वतंत्र और मजबूत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विश्वास रखते हैं। तभी इस क्षेत्र का संपूर्ण विकास संभव है। मॉरिसन ने अपने शुरुआती संबोधन में सारा फोकस हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भी केंद्रित रखा। उन्होंने इस क्षेत्र के विकास पर भी जोर दिया ।
एबीएन डेस्क। संयुक्त राष्ट्र खाद्य निकाय के प्रमुख डेविड बीसले ने चेतावनी दी है कि यमन में 1.6 करोड़ लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा, यदि फिर से वित्त पोषण नहीं मिला तो अक्तूबर में युद्धग्रस्त देश में लाखों लोगों के लिए राशन में कटौती की जाएगी। डेविड बीसले ने यमन के मानवीय संकट पर एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि इस साल की शुरुआत में जब विश्व खाद्य कार्यक्रम में वित्त पोषण की कमी हो रही थी तब अमेरिका, जर्मनी, यूएई, सऊदी अरब और अन्य दानदाता आगे आए, जिसके चलते अकाल और विपत्ति को टाला जा सका। उन्होंने कहा कि विश्व खाद्य कार्यक्रम में एक बार फिर से वित्त पोषण की कमी हो रही है और ऐसे में अक्तूबर में 32 लाख और दिसंबर तक 50 लाख लोगों के लिए राशन में कटौती की जाएगी। मार्च में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने इस साल यमन के लिए 3.85 अरब डॉलर की सहायता देने की अपील की थी लेकिन दानदाताओं ने 1.7 अरब डॉलर देने का ही संकल्प जताया। इसे गुटेरस ने निराशाजनक बताया था।
एबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने खुद माना कि पाकिस्तान की धरती पर कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं। इन आतंकियों को इस्लामाबाद से संरक्षण प्राप्त है। यह जानकारी विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने ट्वीट कर दी। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी की अमेरिकी उपराष्ट्रपति से मुलाकात काफी सफल रही और इस मुलाकात में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब किया गया। बता दें, प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों अमेरिका दौरे पर हैं और गुरुवार देर रात उन्होंने अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात की। तालिबान की जीत में पाकिस्तान में हाथ : मुलाकात की जानकारी देते हुए विदेश सचिव ने बताया कि कमला हैरिस ने खुद माना कि तालिबान की मदद करने में पाकिस्तान का हाथ है। उन्होंने पाकिस्तान को साफ लहजे में चेतावनी भी दी कि वह भारत व अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा न बने और अपने यहां पनप रहे आतंकवाद खत्म करे। सीमा पार से हो रहीं आतंकी गतिविधियां : इस दौरान उन्होंने भारत में सीमा पार से हो रही आतंकी गतिविधियों पर भी सहमति प्रकट की और माना कि पाकिस्तान इसमें आतंकियों की मदद कर रहा है। बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कमला हैरिस से उपराष्ट्रपति बनने के बाद पहली मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेताओं की फोन पर बातचीत हुई है। कोरोना काल में अच्छे दोस्त की तरह अमेरिका ने की मदद : पीएम मोदी ने कोरोना काल में प्रवासी भारतीयों के लिए अमेरिका की ओर से की मदद की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने एक अच्छे दोस्त की तरह साथ दिया।
वाशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय अमेरिकी यात्रा के लिए वाशिंगटन पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी के आगमन पर वाशिंगटन डीसी के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उनके अलावा ब्रिगेडियर अनूप सिंघल, एयर कमोडोर अंजन भद्रा और नौसेना अताशे कोमोडोर निर्भया बापना सहित अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने भी पीएम का स्वागत किया। भारतीय नेता का स्वागत करने के लिए भारतीय समुदाय के सौ से अधिक लोग हवाई अड्डे पर एकत्र हुए। जैसे ही पीएम मोदी का विमान वाशिंगटन में उतरा, भारतीय प्रवासी के उत्साही सदस्य जयकार करने लगे। बारिश के बावजूद, प्रवासी भारतीय पीएम मोदी के आने का धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कार से बाहर निकले और उनसे हाथ मिलाया और उनका अभिवादन किया। बताते चलें कि अपनी यात्रा के दौरान, वह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे और क्वाड लीडर्स समिट में भाग लेंगे और साथ ही व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
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