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Published / 2021-08-20 12:35:46
घात लगाये नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर किया हमला, आइटीबीपी के दो अधिकारी शहीद

रांची। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में गुरुवार को सुरक्षाबल के जवानों के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नारायणपुर के कडेनार और करियामेटा के बीच ग्राम बेचा के पास आइटीबीपी के जवानों पर नक्सलियों ने हमला किया। मुठभेड़ में आइटीबीपी के दो अधिकारी शहीद हो गए हैं। हमले से एक एएसआइ और असिस्टेंट कमांडेंट शहीद हुए। बस्तर के आइजी पी सुंदरराज ने इस घटना की पुष्टि की है। जानकारी के आइटीबीपी के 45वीं बटालियन के जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान घात लगाये नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। नारायणपुर के कडेमेटा आइटीबीपी कैंप से 600 मीटर की दूरी एंबुश लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर हमला किया था। बस्तर आइजी सुंदरराज पी ने बताया कि हमले के बाद जवानों से एक एके 47 रायफल, दो बुलेटप्रूफ जैकेट और वाकी टॉकी भी नक्सली लूट ले गये। मौके पर कवर देने के लिए फोर्स पहुंच रही है। हमले में शहीद अफसरों के नाम 1. सुधाकर सिंदे.. सहायक सेनानी जिला नांदेड़, महाराष्ट्र, 2. गुरुमुख सिंह सहायक उप निरीक्षक रायकोट पंजाब। छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में नक्सोलियों की काफी सक्रियता है और माओवादी समय-समय पर इसका आभास कराने की भी कोशिश करते रहते हैं। हालांकि, कुछ वर्षों में सुरक्षाबलों ने कई राज्यों में नक्स ली गतिविधियों को प्रभावी तरीके से निष्क्रिय करने में सफलता पाई है। खासकर बिहार में इसका व्या पक असर देखने को मिला है। यही वजह है कि जून में गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित 16 जिलों में से 6 को रेड कॉरिडोर से बाहर निकालने की घोषणा की थी।

Published / 2021-08-18 16:45:33
अबू धाबी में हैं अशरफ गनी, अफगानिस्तान में मचा है कोहराम

अफगानिस्तान। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी परिवार के साथ अबू धाबी में हैं। इसकी पुष्टि UAE सरकार ने की है। देश पर तालिबान का कब्‍जा होने के बाद अशरफ गनी परिवार के साथ देश छोड़कर भाग गये थे। वहीं ताजिकिस्तान में अफगान दूतावास ने इंटरपोल के जरिए अशरफ गनी, हमदुल्ला मोहिब और फजलुल्लाह महमूद फाजली को गबन के आरोप में हिरासत में लेने को कहा है। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्‍जा के बाद वहां हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लोग दहशत में हैं और देश छोड़ना चाह रहे हैं। जलालाबाद में तालिबान के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। तालिबान लड़ाकों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग की, जिसमें दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं कई लोग जख्‍मी बताये जा रहे हैं। भारत समेत कई देशों का वहां से अपने लोगों को निकालने का अभियान जारी है। भारत ने बीते दिन कई लोगों को निकाला, आगे भी ये मिशन जारी रहेगा। दूसरी ओर तालिबान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दुनिया से अपील की है कि उनकी सरकार को मान्यता दी जाए।

Published / 2021-08-08 07:58:22
3 साल की मासूम को मां ने मार डाला, वजह जान हो जाएंगे हैरान...

एबीएन डेस्क। संतान के लिए मां की ममता से बढ़कर कुछ नहीं। जब मां ही ममता का गला घोंट दे तो आश्चर्य होना स्वाभाविक है। इसी तरह की एक घटना ब्रिटेन में सामने आई थी। वहां एक महिला ने प्रेमी से संबंध बनाने के लिए अपनी ही तीन साल की बेटी का मर्डर कर दिया था। अब बेटी की हत्या के आरोप में मां को 15 साल और उसके प्रेमी को 14 साल जेल की सजा हुई है। जानकारी के मुताबिक, बीते साल 9 अगस्त को कायली-जायदे प्रीस्ट नाम की तीन साल की बच्ची फ्लैट में मृत पाई गई थी। उसकी छाती और पेट पर चोट के निशान मिले थे। बच्ची की मां ने 999 पर कॉल कर पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। जब अधिकारियों ने मामले की जांच की तो इसमें बच्ची की मां की ही संलिप्तता सामने आई। कोर्ट ने इस मामले में बच्ची की मां और उसके 22 वर्षीय प्रेमी कैलम रेडफर्न को दोषी ठहराया। एक रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने अपनी बेटी की हत्या इसलिए की थी क्योंकि जब वो अपने प्रेमी के साथ संबंध बनाना चाहती थी तो वह बाधा बन रही थी। बता दें कि मृतक बच्ची कायली जायदे प्रीस्ट की मृत्यु के अंतिम क्षणों का खुलासा सीसीटीवी फुटेज में हुआ था। अदालत में दिखाए गए फुटेज में, कायली-जायदे और उसकी मां को, सोलिहुल के किंग्सहर्स्ट हाउस के फ्लैट में एक लिफ्ट का उपयोग करते हुए देखा गया था।

Published / 2021-08-04 05:34:04
बढ़ते ग्राफ को देख ब्रिटेन, ब्राजील व जर्मनी समेत कई देशों में लगेगी बूस्टर डोज

एबीएन डेस्क। कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देख दुनिया के कुछ देश बूस्टर डोज की तैयारी में जुट गए हैं। ब्रिटेन, ब्राजील, इस्राइल, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात ने डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते प्रकोप के बीच अपने लोगों को टीके की बूस्टर डोज देने का फैसला किया है। जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोरोना से जिन वर्ग व उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा है उन्हें सितंबर से बूस्टर डोज देने का फैसला किया गया है। जिन भी लोगों को एस्ट्राजेनेका या जॉनसन का टीका लगाया गया है उन्हें बूस्टर डोज के तौर पर एमआरएनए आधारित फाइजर और मॉडर्ना का टीका लगाया जाएगा। ब्रिटेन भी अपने 3.2 करोड़ आबादी को छह सितंबर से बूस्टर डोज देगा। वरिष्ठ नागरिकों को बूस्टर डोज : इस्राइल की सरकार ने भी 60 वर्ष से अधिक उम्र केलोगों को बूस्टर डोज लगाने की घोषणा की है। इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चीन द्वारा निर्मित साइनोफॉर्म वैक्सीन का इस्तेमाल बूस्टर डोज के तौर पर करेगा। मालूम हो कि रूस, फ्रांस, और कंबोडिया भी अपने लोगों कोसंक्रमण से बचाने के लिए बूस्टर डोज दे रहे हैं। भारत में बूस्टर डोज कब : दुनिया के दूसरे देश वायरस से बचने के लिए बूस्टर डोज की तैयारी कर रहे हैं। वहीं भारत में वर्ष 2021 के अंत तक वयस्क आबादी को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि बूस्टर डोज की जरूरत पड़ेगी क्योंकि कुछ समय बाद टीके का प्रभाव कम होने लगता या एंटीबॉडीज का स्तर कम होता है। ऐसे में संक्रमण से बचाने के लिए बूस्टर डोज ही विकल्प है।

Published / 2021-08-01 10:01:29
अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट पर हमला, सभी उड़ानें रद्द

एबीएन डेस्क। तालिबान से त्रस्त अफगानिस्तान पर लगातार हमले बढ़ते जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार देश के कंधार हवाई अड्डे पर रॉकेट से हमला किया गया है। समाचार एजेंसी एएफपी ने इस घटना की जानकारी दी है। समाचार एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि कंधार हवाईअड्डे पर लगातार तीन रॉकेट दागे गए जिनमें से दो रनवे से टकरा गए। इसके बाद हवाईअड्डे से सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं। इस बीच काबुल में नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने इस रॉकेट हमले की पुष्टि की है। तालिबान ने कंधार के बाहरी इलाके में हफ्तों तक लगातार हमले किए हैं जिससे वहां खौफ का माहौल पैदा हो गया है कि विद्रोही प्रांतीय राजधानी पर कब्जा करने की कगार पर हैं। देर रात हुए इस हमले में किसी की भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। हमले के बाद सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार हमले के पीछे तालिबान का हाथ माना जा रहा है, क्योंकि ये हमला ऐसे समय हुआ है, जब तालिबान के लड़ाकों ने हेरात, लश्कर गाह और कंधार को चारों तरफ से घेर रखा है।

Published / 2021-07-19 12:59:27
पाक में अफगान राजदूत की बेटी के किडनैप से भड़का तालिबान, बोला- इनको कानूनी कटघरे में लाओ

एबीएन डेस्क। तालिबान ने पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी के अपहरण की निंदा करते हुए कहा कि इस कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। दोहा में तालिबान के राजनीतिक कायार्लय के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने ट्वीट कर कहा, पाकिस्तान में अफगानिस्तान की एक लड़की के अपहरण और उसके साथ हिंसा की घटना की हम निंदा करते हैं। तालिबान ने कहा- हम पाकिस्तान सरकार से अपराधियों को गिरफ्तार करने और उन्हें दंडित करने के अपने प्रयासों को तेज करने का आग्रह करते हैं ताकि इस तरह के कृत्यों के कारण दोनों देशों के बीच नफरत न पैदा हो। अफगानिस्तानी मंत्रालय के अनुसार 16 जुलाई को राजदूत की बेटी का इस्लामाबाद में घर जाते समय अपहरण कर लिया गया था और कई घंटों की यातना के बाद रिहा किया गया था। इस घटना के बाद शनिवार को अफगानिस्तान ने काबुल में पाकिस्तानी राजदूत को विरोध दर्ज कराने के लिए तलब किया और पाकिस्तान से जिम्मेदार लोगों को दंडित करने एवं अफगानिस्तानी राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इसके बाद रविवार को अफगानिस्तान ने पाकिस्तान से अपने राजदूत और वरिष्ठ राजनयिकों को वापस बुला लिया।

Published / 2021-07-17 17:26:23
कोरोना : ब्रिटेन में तीसरी लहर बेकाबू, भारत की बढ़ी टेंशन

लंदन। ब्रिटेन में 19 जुलाई को कोरोना से मुक्ति का जश्न मनाया जाना था, पर हालात ऐसे बिगड़े हैं कि वहां कड़ा लॉकडाउन लगाने की नौबत आ सकती है। वो भी तब जब 50 फीसदी से ज्यादा आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज दी जा चुकी है। इसके अलावा 16 प्रतिशत आबादी को एक डोज दी जा चुकी है। ब्रिटेन में कोरोना महामारी की तीसरी लहर आ चुकी है। शुक्रवार को 51,870 नये केस सामने आये हैं। इसी के साथ 6 महीने पुराना रेकॉर्ड टूट गया है। जनवरी के बाद पहली बार ब्रिटेन में 50 हजार से ज्यादा मामले आये हैं। यहां तक कि शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावेद भी कोरोना संक्रमित हो गये। हालात जिस तेजी से बिगड़ रहे हैं उसे देख कहा जा रहा है कि सरकार को फिर से लॉकडाउन लगाना पड़ेगा। करीब 1200 से ज्यादा विशेषज्ञों ने सरकार को चेताया है कि लॉकडाउन से जुड़ी पाबंदियों को पूरी तरह हटाना खतरनाक और अनैतिक होगा। ब्रिटेन में कोरोना की तीसरी लहर के पीछे मुख्य रूप से वायरस का डेल्टा वेरियंट है। तीसरी लहर जिस तरह से विकराल रूप लेती जा रही है, दुनियाभर के एक्सपर्ट ब्रिटिश सरकार को चेता रहे हैं कि पाबंदियों को पूरी तरह से न हटाया जाये। कोरोना की तीसरी लहर जिस प्रकार से बढ़ रही है उससे यह आशंका बढ़ गयी है कि इसमें दूसरी लहर से ज्यादा लोग संक्रमित होंगे। जनवरी में दूसरी लहर का पीक आया था। 8 जनवरी को सबसे ज्यादा 67,803 नये केस आये थे। शुक्रवार को ब्रिटेन में कोरोना के 51,870 नये केस सामने आये। इससे पहले 15 जनवरी को 50 हजार से ज्यादा नये केस आये थे जब एक दिन में 55,553 लोग संक्रमित हुए थे। यह खबर भारत के लिए टेंश बढ़ानेवाली है। जहां ब्रिटेन की करीब 68 प्रतिशत आबादी या तो पूरी तरह या फिर आंशिक तौर पर वैक्सीनेट हो चुकी है, तो वहीं भारत में अभी तक 42 करोड़ लोगों को ही वैक्सीन मिली है। इसमें दोनों डोज और सिंगल डोज दोनों शामिल हैं। वहीं इसमें सिंगल डोजवालों की संख्या ज्यादा है। ब्रिटेन में एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन लगायी जा रही है। भारत में भी सबसे ज्यादा उसी वैक्सीन का इस्तेमाल हो रहा है जिसे पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया कोविशील्ड के नाम से बना रही है। ब्रिटेन में तेजी से बढ़ रहे मामलों से भारत को सावधान हो जाने की जरूरत है।

Published / 2021-07-05 14:35:50
पोप अस्पताल में भर्ती : आंत की सफल सर्जरी के बाद ले रहे स्वास्थ्य लाभ

एबीएन डेस्क। पोप फ्रांसिस की रविवार शाम को आंत की सर्जरी हुई। सोमवार सुबह उन्होंने रोम के अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ करते हुए बितायी। वेटिकन ने इटली की राजधानी के बड़े कैथोलिक अस्पताल, जेमेली पॉलीक्लिनिक में रविवार शाम को हुए आॅपरेशन के बारे में बहुत कम जानकारी दी है। फ्रांसिस 10वें तल पर बने विशेष कमरे में रह रहे हैं, जो अस्पताल बिशप द्वारा इस्तेमाल किए जाने के लिए उपलब्ध रखता है। पोप जॉन पॉल विभिन्न चिकित्सीय समस्याओं के लिए वहां कई बार ठहरे थे। वेटिकन की तरफ से पोप फ्रांसिस की स्थिति पर रोजाना दो अपडेट मिलने की उम्मीद की जा रही है, जिसमें से पहली जानकारी सोमवार की सुबह आई है। वेटिकन ने रविवार देर रात कहा था कि 84 वर्षीय फ्रांसिस आंत की सर्जरी से अच्छी तरह से उबर रहे हैं। फ्रांसिस बड़ी आंत के सिगमॉइड वाले हिस्से के संकुचन से पीड़ित थे। वेटिकन ने कहा सर्जरी पहले से तय थी, हालांकि इसने अस्पताल में भर्ती होने की सूचना फ्रांसिस के जेमेली में प्रवेश कर जाने के बाद ही दी। पोप के अस्पताल में भर्ती होने से असंबंधित चिकित्सकों ने कहा कि ऐसे मामलों में आंत के प्रभावित हिस्से को फिर से अलग करना आम है। हालांकि, वेटिकन ने फौरन नहीं बताया कि किस तरह की सर्जरी की गई या यह कितने वक्त चली। ऐसी सर्जरी से स्वस्थ होने के लिए आमतौर पर अस्पताल में कई दिन बिताने पड़ते हैं।

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