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Published / 2022-01-29 05:59:59
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट को मिलेगी पहली काली महिला जज : बाइडन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह फरवरी के अंत तक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में पहली काली महिला न्यायाधीश को नियुक्त करेंगे। बाइडन ने व्हाइट हाउस में हुए एक कार्यक्रम में यह घोषणा की। बाइडन ने सेवानिवृत होने जा रहे न्यायाधीश स्टीफन ब्रेयर की तारीफ की और कहा कि उनकी जगह लेने वाले न्यायाधीश की तलाश शुरू कर दी गई है। बाइडन ने वादा किया कि ब्रेयर की जगह किसी योग्य व्यक्ति को न्यायाधीश नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह संभावित उम्मीदवार के बारे में अध्ययन कर रहे हैं। बाइडन ने कहा कि मैंने फैसला किया है कि मैं जिस व्यक्ति को नियुक्त करूंगा वह असाधारण योग्यता, चरित्र और सत्यनिष्ठा वाला व्यक्ति होगा और वह व्यक्ति संयुक्त राज्य अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त होने वाली पहली काली महिला होगी।

Published / 2022-01-28 07:56:08
चीन में अब "नियोकोव" ने डराया, हर तीन संक्रमितों में से एक की मौत की आशंका

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन के वुहान के वैज्ञानिकों ने अब नए कोरोना वायरस "नियोकोव" ( NeoCoV) को लेकर डराने वाली खबर दी है। 2019 में समूची दुनिया में वुहान से ही कोरोना वायरस फैला था। अब वहां के वैज्ञानिकों ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में नए प्रकार का कोरोना वायरस "नियोकोव" मिला है। इसकी संक्रमण व मृत्यु दर दोनों ही बहुत ज्यादा है। इसके संक्रमित हर तीन व्यक्तियों में से एक की जान जा सकती है। वुहान के वैज्ञानिकों के इस दावे को रूसी समाचार एजेंसी स्पूतनिक ने जारी किया है। पूरी दुनिया पहले ही कोरोना के खौफ से भयभीत है। इसके ओमिक्रॉन व डेल्टा वैरिएंट कहर बरपा रहे हैं। ऐसे में "नियोकोव" से चिंता और बढ़ सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निओकोव वायरस नया नहीं है। यह मर्स कोव वायरस MERS-CoV virus से जुड़ा है। 2012 में यह मध्य पूर्व के देशों में मिल चुका है। यह सार्स कोव 2 से मिलता-जुलता है, जिससे इंसानों में कोरोना वायरस फैला था। दक्षिण अफ्रीका के चमगादड़ों में मिला : नियोकोव वायरस दक्षिण अफ्रीका में चमगादड़ों में मिला है, अभी यह इन पक्षियों में ही फैला है, लेकिन बायोरेक्सिव वेबसाइट पर प्रीप्रिंट के रूप में प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह और इसके करीबी रूप पीडीएफ-2180-कोव (PDF-2180-CoV) इंसानों को भी संक्रमित कर सकते हैं। वुहान यूनिवर्सिटी और चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेस, इंस्टीट्यूट ऑफ बायो फिजिक्स के वैज्ञानिकों का कहना है कि नियोकोव के मात्र एक म्यूटेशन यानी रूप बदलने से यह इंसान की कोशिकाओं में फैलने लगेगा। चीन के शोधकर्ताओं के अनुसार नियोकोव की उच्च संक्रमण दर हासिल करने की क्षमता है और इसके हर तीन संक्रमित में से एक की मौत हो सकती है। रूस के वायरोलॉजी व बॉयोटेक्नालॉजी विभाग ने नियोकोव को लेकर गुरुवार को बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि फिलहाल नियोकोव इंसानों में सक्रिय रूप से फैलने में सक्षम नहीं है। अभी सवाल यह नहीं है कि नया कोरोना वायरस इंसान में फैलता है या नहीं, बल्कि इसकी जोखिम व क्षमताओं को लेकर और अध्ययन तथा जांच करने का है।

Published / 2022-01-28 04:32:40
पाकिस्तान : बलूचिस्तान प्रांत में आतंकी हमले में 10 सैनिकों की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के अशांत दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत के केच जिले में सुरक्षा बलों की एक जांच चौकी पर आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में दस सैनिकों की मौत हो गयी। पाकिस्तान की सेना ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सेना के मीडिया विभाग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा कि आतंकवादियों ने यह हमला 25-26 जनवरी की रात को किया था। सेना के मुताबिक इस हमले में 10 सैनिकों की मौत हो गयी जबकि सेना की जवाबी कार्रवाई में एक आतंकवादी मारा गया और कई अन्य घायल हो गए। सेना ने तीन आतंकवादियों को पकड़ लिया है। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी संगठन ने नहीं ली है। ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगा बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से चल रहे हिंसक विद्रोह का गढ़ बना हुआ है। बलूच उग्रवादी समूहों ने पहले भी इस क्षेत्र में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजनाओं को निशाना बनाकर कई हमले किए हैं।

Published / 2022-01-27 07:16:33
मेक्सिको में एक और पत्रकार पर जानलेवा हमला, इस महीने अब तक 3 जर्नलिस्ट की हत्या

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मेक्सिको में बुधवार को एक पत्रकार पर हमला किया गया। इस महीने में अब तक तीन पत्रकारों की हत्या की गई है। जोस इग्नासियो सैंटियागो ने बताया कि वह उस समय बाल-बाल बच गए, जब हथियारों से लैस हमलावरों को ले जा रही एक कार ने दक्षिणी राज्य ओक्साका में एक ग्रामीण क्षेत्र में राजमार्ग पर उनके वाहन को टक्कर मारने की कोशिश की। सैंटियागो ने बताया कि वह भागने में कामयाब रहे क्योंकि उनके साथ दो अंगरक्षक थे, जिन्हें पत्रकारों की सुरक्षा के एक सरकारी कार्यक्रम के तहत तैनात किया गया है। सैंटियागो का 2017 में एक गिरोह ने अपहरण कर लिया था, जिसके बाद उन्हें अंगरक्षक दिए गए थे। इस साल की शुरुआत से अब तक तीन पत्रकारों की हत्या के विरोध में मंगलवार को पूरे मेक्सिको में प्रेस संगठनों द्वारा किए गए एक दर्जन से अधिक विरोध प्रदर्शनों के एक दिन बाद यह हमला किया गया। सैंटियागो ने बताया कि उनकी गाड़ी चला रहा अंगरक्षक हमलावरों को चकमा देने में कामयाब रहा, लेकिन उनकी कार को वहां से निकलता देख हमलावरों ने गोलियां चला दीं। हालांकि, उन्हें कोई चोट नहीं आई है। सैंटियागो एक समाचार वेबसाइट के निदेशक हैं। गौरतलब है कि मेक्सिको के सीमावर्ती शहर तिजुआना में 17 जनवरी को फोटो पत्रकार मार्गारीटो मार्टिनेज़ की हत्या कर दी गई थी। वहीं, पत्रकार लूर्डेस माल्डोनाडो लोपेज़ अपनी कार में मृत मिले थे, उनके शरीर पर गोली लगने के निशान थे। इससे पहले, वेराक्रूज़ राज्य में स्थानीय अधिकारियों की आलोचना करने वाले मेक्सिको के पत्रकार जोस लुइस गैंबोआ 10 जनवरी को गंभीर रूप से घायल मिले थे और कुछ दिन बाद उन्होंने दम तोड़ दिया था।

Published / 2022-01-27 04:38:40
यूक्रेन : पूर्वी यूरोप में अतिरिक्त बल तैनात कर सकता है ब्रिटेन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। ब्रिटेन यूक्रेन की स्थिति के मद्देनजर पूर्वी यूरोप में अतिरिक्त बलों को तैनात करने पर विचार कर रहा है। टेलीग्राफ अखबार ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। अखबार के अनुसार ब्रिटेन के नाटो की दक्षिण पूर्व पर नहीं, पूर्वोत्तर पर ध्यान केंद्रित करने के आसार है। आखिरी फैसला अभी तक नहीं किया गया है। बता दें कि यूक्रेन मसले को लेकर यूरोप और रूस के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। वहीं ब्रिटेन के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने मंगलवार को चेतावनी दी है कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला करता है तो सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद सबसे ज्यादा तबाही होगी। पश्चिमी देश इस तबाही को रोकने के लिए पूरी तरह एकजुट हैं। जॉनसन ने कहा- यूक्रेन के लोगों को अपने देश की रक्षा करने का नैतिक और कानूनी अधिकार है। मेरा मानना है कि यूक्रेनी एकजुट होकर किसी भी हमले का विरोध करेंगे। हालांकि, इस तबाही से किसी का फायदा नहीं होगा। रूस एक ऐसे देश को बर्बाद कर देगा जिसे स्लावों (स्लाव एक मानव जाति है) ने मिलकर बनाया है।

Published / 2022-01-26 17:00:16
आतंकवाद की साझा परिभाषा पर संयुक्त राष्ट्र के रवैये से भारत चिंतित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आतंकवाद की साझा परिभाषा पर संयुक्त राष्ट्र के रवैये को लेकर भारत ने चिंता जताई है। भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद की एक साझा परिभाषा पर अभी तक सहमत नहीं हुआ है और ना ही इस वैश्विक संकट से निपटने एवं आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करने के लिए कोई समन्वित नीति तैयार की गई है। भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ एक व्यापक संधि करने की प्रक्रिया को टालते जा रहे हैं और असफल साबित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में द्वितीय सचिव दिनेश सेतिया ने सोमवार को संगठन के कार्य पर महासचिव की रिपोर्ट पर विचार-विमर्श के लिए आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक में कहा, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से देश और समाज जिस सबसे खतरनाक संकट से जूझ रहे हैं, उस आतंकवाद से गंभीरता से निपटने की हमारी अक्षमता उन लोगों के लिए संगठन की प्रासंगिकता पर सवाल उठाती है, जिनकी रक्षा करना UN के चार्टर के तहत उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र अभी किसी साझा परिभाषा पर सहमत नहीं हो पाया है।वह आतंकवाद से निपटने और इसके नेटवर्क को समाप्त करने की समन्वित नीति बनाने में नाकाम रहा है। हम अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ एक व्यापक संधि करने की प्रक्रिया को टालना जारी रखकर असफल ही साबित हुए ह। भारत ने 1986 में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक संधि (CCIT) पर संयुक्त राष्ट्र में एक मसौदा दस्तावेज का प्रस्ताव रखा था, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया जा सका है, क्योंकि सदस्य देशों के बीच आतंकवाद की परिभाषा को लेकर सर्वसम्मति नहीं बनी है। भारतीय राजनयिक ने कहा कि किसी भी संस्थान की प्रभावशीलता, प्रासंगिकता और दीर्घकालिकता बदलते समय के अनुसार स्वयं को ढालने की उसकी क्षमता पर निर्भर करती है। सेतिया ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के इस मत से सहमत है कि वैश्विक व्यवस्था के समक्ष दबावों के खिलाफ बचाव के लिए एक जीवंत, विश्वसनीय और प्रभावी संयुक्त राष्ट्र अहम है। भारत ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की कार्रवाई के लिए महासचिव के नेतृत्व की सराहना की। सेतिया ने कहा कि पिछले एक साल में भारत कोविड-19 के प्रभाव को कम करने के वैश्विक प्रयासों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य दृष्टिकोण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आह्वान देश की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जो 150 से अधिक देशों को दवाओं और कई विकासशील देशों को टीकों की आपूर्ति के जरिए पहले ही स्पष्ट हो चुकी है।

Published / 2022-01-26 14:37:20
पाकिस्तान सुपर लीग शुरू होने ठीक पहले स्टेडियम में लगी भीषण आग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। छह टीमों का पाकिस्तान सुपर लीग टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट कराची और लाहौर में गुरुवार से खेला जाएगा। लेकिन लीग के शुरू होने के दो दिन पहले ही कराची नेशनल स्टेडियम के अंदर आग लगने की वजह से उठे धुएं ने सबका ध्यान अपनी ओर खीचा है। यह हादसा कथित तौर पर मंगलवार की रात उस समय हुआ, जब गुरुवार को होने वाले कराची किंग्स बनाम मुल्तान सुल्तान्स मैच के लिए तैयारियां चल रही थी। क्रिकेट पाकिस्तान की वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कमेंट्री बॉक्स के अंदर आग तैयारी के दौरान बिजली लाइनों में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। इस घटना के बाद पीसीबी के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अब से एक दमकल वाहन और कर्मियों को स्टेडियम में तैनात कर दिया गया है।

Published / 2022-01-25 03:06:33
यूक्रेन संकट : रूस के हमले का खौफ, अमेरिकी सैनिक अलर्ट पर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन को लेकर अमेरिका और रूस के बीच तनाव अपने चरम पर है। इस बीच अमेरिका ने अपने 8,500 सैनिकों को अलर्ट पर रखा है। नाटो सेनाओं की ओर से किसी भी ऐक्शन का फैसला होने पर इन सैनिकों को मोर्चे पर बुलाया जा सकता है। यूक्रेन की सीमा पर एक तरफ रूस ने 1 लाख के करीब सैनिकों की तैनाती कर रखी है तो वहीं अमेरिका और उसके नाटो सहयोगी देशों की ओर से उसे चेतावनी दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी कह चुके हैं कि यदि रूस की ओर से यूक्रेन में कोई भी दखल दिया गया तो फिर अमेरिका कड़ा जवाब देगा। एक तरफ नाटो देशों की ओर से अपनी सेनाओं को स्टैंडबाई पर रखा गया है तो वहीं वॉरशिप और फाइटर जेट पूर्वी यूरोप की ओर रवाना किए गए हैं। रूस के बाद यूक्रेन यूरोप का सबसे बड़ा देश है और किसी भी तरह की अशांति पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है। हालांकि रूस की ओर से लगातार इस बात से इनकार किया गया है कि उसकी यूक्रेन पर हमला करने की कोई प्लानिंग है। वेस्टर्न मिलिट्री अलायंस के सेक्रेटरी जनरल जेन्स स्टॉलटेनबर्ग ने कहा कि मैं इस बात का स्वागत करता हूं कि नाटो देशों की ओर से फोर्स बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि हमारे सहयोगी देश की रक्षा के लिए नाटो की ओर से हर संभव प्रयास किए जाएंगे। वहीं अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन ने भी यूक्रेन में अपने दूतावास में मौजूद राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला लिया है। ब्रिटेन ने कहा कि रूस के हमले के बढ़ते खतरों के बीच यह फैसला लिया जा रहा है। अमेरिकी दूतावास की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि रूस की ओर से कभी भी हमला किया जा सकता है। दूतावास ने कहा कि ऐसे हमले की स्थिति में हम तत्काल शायद लोगों को न निकाल सकें। ऐसे में अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे यूक्रेन छोड़कर निकल जाएं। यूक्रेन को लेकर तनाव बढ़ता है तो फिर दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। दरअसल, रूस की मांग है कि यूक्रेन को नाटो संगठन से दूर रहना चाहिए। यही नहीं नाटो देशों के साथ मिलकर उसे सेंट्रल एशिया के उन देशों में अपनी सेना नहीं तैनात करनी चाहिए, जो कभी रूस का ही हिस्सा थे। वर्ष 2000 में रूस के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही व्लादिमीर पुतिन सोवियत संघ के बंटवारे को लेकर दुख जताते रहे हैं। उनकी राय है कि रूस का प्रभाव सोवियत देशों में रहना चाहिए। माना जाता है कि वह यूक्रेन की संप्रभुता को सही नहीं मानते और वह धीरे-धीरे सोवियत को बहाल करने को लेकर काम कर रहे हैं।

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