एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिकी रक्षा सूत्रों ने दावा किया है कि कल सुबह साढ़े पांच बजे(स्थानीय समयानुसार) रूस अपने सैनिकों के साथ यूक्रेन पर हमला करेगा। अमेरिका का ये भी दावा है कि तड़के तीन बजे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस हमले की आधिकारिक घोषणा करेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी सेना बुधवार को स्थानीय समयानुसार तड़के 3 बजे व्लादिमीर पुतिन की घोषणा के बाद साढ़े 5 बजे कई मोर्चों पर यूक्रेन पर आक्रमण शुरू कर देगा। भारतीय समयानुसार, युद्ध का ऐलान आज रात साढ़े 12 बजे होगा। जबकि देर रात ढाई बजे रूस यूक्रेन के हिस्सों पर हमला बोल देगा। द मिरर का कहना है कि रूसी सैनिकों के साथ युद्ध टैंक सीमा पार करने से पहले कीव के सैन्य और सरकारी कमांड और नियंत्रण केंद्रों पर हवाई हमला करेगा। अमेरिकी सूत्रों के मुताबिक, रूस की पहली कोशिश राजधानी कीव को अपने कब्जे में लेने की होगी। एक वरिष्ठ अमेरिकी सूत्र ने द मिरर को बताया कि अपने सैन्य बलों का उपयोग करके रूस यूक्रेन के दक्षिणी तट पर एक साथ भी हमला कर सकता है। उन्होंने एक पंक्ति के साथ चेतावनी दी- बुधवार तड़के तीन बजे। गौरतलब है कि यूक्रेन की पूर्वी सीमा के पास रूस के पास 126,000 से अधिक सैनिक हैं और उत्तर में बेलारूस में 80,000 सैनिक हैं। सैनिकों की घरवापसी का ऐलान : रूस ने मंगलवार को इससे पहले कहा था कि सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहीं कुछ सैन्य टुकड़ियां अपने सैन्य अड्डे के लिए लौटना शुरू करेंगी। हालांकि, रूस ने वापसी का ब्योरा नहीं दिया है, लेकिन इससे यह उम्मीद जगी थी कि शायद रूस की योजना यूक्रेन पर हमला करने की न हो। रूस को अमेरिकी की धमकी : अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक बार फिर रूस को यूक्रेन पर आक्रमण करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि यूक्रेन पर अगर रूस हमला करता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। रूस ने यूक्रेन की सीमा के समीप करीब 100,000 सैनिकों का जमावड़ा कर रखा है। इस कदम पर पश्चिम देश उसे चेतावनी दे रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि उसका इरादा यूक्रेन पर हमला करने का है। हालांकि रूस ने बार-बार इनकार किया है कि उसकी यूक्रेन पर हमला करने की कोई योजना है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में कहा कि जरूरी है कि दुनिया आतंकवादी साजिशों के पीछे के सरगनाओं को उनकी करतूतों के लिए जिम्मेदार ठहराए और उनकी धमकियों को धत्ता बताए। भारत ने कहा कि यह भी समान रूप से आवश्यक है कि उन्हें खुद को आतंकवाद के पीड़ित के रूप में दिखाकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने का मौका न दिया जाए। आतकंवाद निरोधी समिति में आतंकवाद निरोधी समिति कार्यकारी निदेशालय पर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के सदस्यों देशों के कामकाज पर भारत के राष्ट्रीय बयान (आधकारिक बयान) में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई दूतावास के काउंसलर राजेश परिहार ने कहा कि दुनिया ने 2008 मुंबई आतंकवादी हमला, 2019 पठानकोट आतंकवादी हमला और 2019 पुलवामा आतंकवादी हमले की त्रासदी देखी है। उन्होंने कहा, यह समान रूप से आवश्यक है कि इन आतंकवादी हमलों की साजिश करने वाले सरगनाओं का पता लगाया जाए और उन्हें स्वयं को आतंकवाद पीड़ित बताकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने का अवसर ना दिया जाए। हमें उनकी धमकियों को धत्ता बताकर उन्हें उनकी करतूतों के लिए जिम्मेदार ठहराना होगा। पाकिस्तान का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, हम सभी को पता है कि इन हमलों के सरगना कहां से आते हैं। यह निराशाजनक है कि इन कायराना हमलों के पीड़ितों को अभी तक न्याय नहीं मिला है और इसके षड्यंत्रकारी, जिम्मेदार और वित्त पोषण करने वाले आजाद घूम रहे हैं और उन्हें अभी भी राज्य का समर्थन तथा मेजबानी मिल रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने साल के प्रारंभ से ही मिसाइलों का परीक्षण शुरू कर चुके परमाणु शक्ति संपन्न उत्तर कोरिया से उत्पन्न खतरों व ताइवान के हालोत पर चर्चा करने के लिए हवाई में शनिवार को जापान एवं दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों के साथ बैठक की। इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी जे ब्लिंकन ने जापानी विदेश मंत्री हयाशी योशिमासा और दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चुंग यूई-योंग से ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता के महत्व पर जोर दिया। ब्लिंकन, योशिमासा और यूई-योंग ने त्रिपक्षीय सहयोग के महत्वपूर्ण महत्व की पुष्टि की और कहा कि हम 21 वीं सदी की सबसे अधिक दबाव वाली चुनौतियों का समाधान करना चाहते हैं। ब्लिंकन और विदेश मंत्रियों ने जोर दिया कि उनके तीन देश एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के बारे में एक साझा दृष्टिकोण रखते हैं, जो समावेशी है, और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए साझा सम्मान है। विदेश मंत्रियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका की नई जारी इंडो-पैसिफिक रणनीति का स्वागत किया। इस बीच, हालांकि तीनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि उनका उत्तर कोरिया के प्रति कोई शत्रुतापूर्ण भाव नहीं है और वे बिना किसी पूर्व शर्त के उसके साथ बैठक के लिए तैयार है। ब्लिंकन ने बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उत्तर कोरिया भड़काने में लगा है तथा तीनों ही देशों ने हाल के उसके मिसाइल परीक्षणों की निंदा की। जापान के अपने समकक्ष योशीमारसा हयाशी और दक्षिण कोरिया के अपने समकक्ष चुंग इयू-यंग के साथ भेंटवार्ता के बाद उन्होंने कहा, हम अपनी पहल और अपने संकल्प में बिल्कुल एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि तीनों ही देश उत्तर कोरिया के संदर्भ में अगले कदमों को लेकर एक-दूसरे से घनिष्ठ संवाद में जुटे हैं लेकिन उन्होंने उसके बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की द्वारा कुछ दिनों के भीतर रूस द्वारा आक्रमण करने की चेतावनी को तूल नहीं देने के बीच रविवार को अमेरिका ने यूक्रेन सीमा के पास रूसी सैनिकों की संख्या में इजाफा होने के संबंध में चेतावनी दी। व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रविवार को जेलेंस्की के साथ करीब 50 मिनट तक बात की और उन्हें समर्थन की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, नाम नहीं बनाते की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने यूक्रेन की सीमा पर रूसी सैनिकों की एक लाख की संख्या के अपने दावे में सुधार करते हुए रविवार को 1,30,000 से अधिक सैनिकों का जमावड़ा होने का दावा किया है। अमेरिका ने रविवार को चेतावनी दी कि और अधिक संख्या में रूसी सैनिक यूक्रेन की सीमा के पास जमा हो रहे हैं और कुछ उड़ानों को रद्द कर दिया गया है, जबकि कुछ के मार्ग परिवर्तित किए गए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सीरियाई सेना ने देश के उत्तर पश्चिमी इलाके में विद्रोहियों के कब्जे वाले एक गांव को निशाना बनाते हुए तोप के गोले दागे, जिसमें एक ही परिवार के दो बच्चों सहित छह लोगों की मौत हो गई। विपक्षी कार्यकर्ताओं ने यह जानकारी दी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि जिस वक्त उक्त घर पर हमला किया गया, उस वक्त घरवाले अच्छे मौसम का मजा लेते हुए चाय पी रहे थे। इदलिब प्रांत के मरात अल नासान गांव में हमले के बाद एक विमान ने क्षेत्र के चक्कर लगाए। विपक्ष के संगठन सीरियन सिविल डिफेंस ग्रुप ने कहा कि बच्चों की उम्र तीन और सात वर्ष थी। इसने कहा कि पिछले छह माह में रूस समर्थित सीरियाई सरकार द्वारा इदलिब में किए गए हमलों में कुल 65 बच्चे मारे गए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इज़रायल ने अपने नागरिकों से एक बार में यूक्रेन छोड़ने की अपील की है और कीव से तेल अवीव के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए एयरलाइंस के साथ परामर्श कर रहा है। यह जानकारी इजरायल के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को दी। मंत्रालय ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो इज़रायल अपने नागरिकों को निकालने की तैयारी कर रहा है। मंत्रालय ने कहा कि इसके लिए एक विशेष संकट पैनल का गठन किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। क्रेन पर रूस के हमले की आशंका से चिंतित उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) सहयोगियों के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए पेंटागन पोलैंड में और 3,000 सैन्य बलों को भेज रहा है। पोलैंड में 1,700 सैनिक पहले से ही तैनात हैं। अमेरिका के एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने बताया कि ये अतिरिक्त सैनिक अगले कुछ दिनों में उत्तर कैरोलाइना के फोर्ट ब्रैग से रवाना होंगे और अगले सप्ताह की शुरुआत तक पोलैंड में होंगे। इन सैनिकों का मिशन प्रशिक्षण देना होगा और हमले को रोकना होगा, लेकिन वे यूक्रेन में लड़ाई में शामिल नहीं होंगे। इस घोषणा से कुछ देर पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने यूक्रेन में रह रहे सभी अमेरिकी नागरिकों को सचेत किया था कि वे जल्द से जल्द वहां से निकल जाएं। उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यू्क्रेन पर हमले का आदेश कभी भी दे सकते हैं। नाटो सहयोगियों के लिए प्रतिबद्धता जताने के मकसद से पोलैंड में अमेरिकी बलों की तैनाती के अलावा, जर्मनी में तैनात करीब 1,000 अमेरिकी सैनिक रोमानिया भेजे जा रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय नौसेना ने शनिवार को ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद की है। पकड़ी गई ड्रग्स की कीमत 2 हजार करोड़ बताई जा रही है। इंडियन नेवी ने गुजरात में पाकिस्तान से समुद्री रास्ते से भारत में लाई जा रही ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी है। नौसेना ने इस साल का अभी तक का सबसे बड़ा ड्रग्स कंसाइनमेंट जब्त किया है। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि समुद्र में एक बहु-एजेंसी ऑपरेशन, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने भारतीय नौसेना के समर्थन से 800 किलोग्राम मादक पदार्थों को सफलतापूर्वक जब्त किया। इसकी अनुमानित राशि 2000 करोड़ रुपये की है। जानकारी के अनुसार भारतीय नौसेना को इस संबंध में खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद इंडियन नेवी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के नजदीक से ड्रग्स का कंसाइनमेंट पकड़ लिया। पाकिस्तान से फिशिंग बोट के जरिए मादक पदार्थ की खेप को भारत लाया जा रहा था।
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