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Published / 2025-10-14 20:06:44
लाल निशान में बंद हुआ शेयर बाजार

ये हैं 6 कारण जिनकी वजह से धड़ाम हुआ स्टॉक मार्केट 

एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार, 14 अक्टूबर को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स 297.07 अंक गिरकर 82,029.98 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 81.85 अंक लुढ़का, ये 25,145.50 पर बंद हुआ। 

कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 492.77 अंक या 0.60% गिरकर 81,834.28 पर रहा, जबकि निफ्टी 145.25 अंक या 0.58% गिरकर 25,082.10 पर था। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 0.9% तक टूटे और सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। 

गिरावट के मुख्य कारण...

  1. विदेशी निवेशकों की बिकवाली : विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार चार दिनों की खरीदारी के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों से 240.10 करोड़ रुपये निकाले। लगातार बिकवाली से घरेलू निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ। 
  2. एक्सपायरी से जुड़ी वोलैटिलिटी : मंगलवार को निफ्टी से जुड़े फ्यूचर्स और आॅप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी थी। एक्सपायरी के दिन निवेशक डेरिवेटिव सेगमेंट में पोजिशन स्क्वायर-आफ करते हैं, जिससे इंट्राडे उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है। 
  3. इंडिया VIX में बढ़ोतरी : शेयर बाजार में अनिश्चितता का संकेत देने वाला इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स मंगलवार को 3% बढ़कर 11 के स्तर पर पहुंच गया। श्क में बढ़ोतरी का मतलब है कि बाजार में जोखिम और उतार-चढ़ाव का खतरा बढ़ गया है। 
  4. कमजोर ग्लोबल संकेत : एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का माहौल रहा। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 1% तक टूट गये। जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 3% तक गिरा। अमेरिकी शेयर बाजारों के फ्यूचर्स भी सुबह के कारोबार में 0.5% तक नीचे थे। 
  5. रुपये में कमजोरी : भारतीय रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 9 पैसे गिरकर 88.77 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। डॉलर की मजबूती और विदेशी फंडों की निकासी ने रुपये पर दबाव बढ़ाया। 
  6. क्रूड आयल के दाम में उछाल : अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव मंगलवार को 0.33% बढ़कर 63.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बढ़ती क्रूड कीमतें महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ने की आशंका पैदा करती हैं, जो शेयर बाजार के लिए नेगेटिव है।

Published / 2025-10-08 21:24:43
इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में टाटा मोटर्स सबसे आगे

टाटा मोटर्स ने सितंबर 2024 में 3,833 यूनिट बेची थी 

एबीएन सेंट्रल डेस्क (जम्मू कश्मीर)। सितंबर में इलेक्ट्रिक कारों की खुदरा बिक्री दोगुनी से अधिक हो गयी। आॅटोमोबाइल डीलरों के संगठन एफएडीए ने साझा किये गये आंकड़ों के अनुसार, टाटा मोटर्स 6,216 यूनिट बेचकर सबसे आगे रही। पिछले महीने इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की कुल बिक्री बढ़कर 15,329 इकाई हो गयी, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 6,191 यूनिट थी। 

टाटा मोटर्स ने सितंबर 2024 में 3,833 यूनिट बेची थी, जो इस साल सितंबर में 62 प्रतिशत बढ़कर 6,216 यूनिट हो गयी। जेएसडब्ल्यूएमजी मोटर ने पिछले महीने 3,912 यूनिट बेचीं, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,021 यूनिट से तीन गुना अधिक है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने सितंबर में 3,243 यूनिट बेचीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 475 यूनिट थी। 

बीवीआइडी इंडिया ने इस साल सितंबर में 547 यूनिट बेचीं, किआ इंडिया ने 506, हुंडई 349, बीएमडब्ल्यू 310, जबकि मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने 97 यूनिट बेचीं। इसके अलावा टेस्ला इंडिया ने भी पिछले महीने 64 यूनिट बेचीं। वहीं, सितंबर में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 90,549 यूनिट की तुलना में 15 फीसदी बढ़कर 1,04,220 यूनिट हो गयी। टीवीएस वोटर अग्रणी रही, जिसने 22,509 यूनिट बेचीं। 

पिछले साल इसी अवधि में टीवीएस मोटर ने 18,256 यूनिट बेची थीं। बजाज आटो पिछले महीने बेची गयी 19,580 यूनिट्स के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि एथर एनर्जी ने 18,141 यूनिट्स की बिक्री के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। ओला इलेक्ट्रिक ने 13,383 इकाइयों की बिक्री के साथ चौथा स्थान हासिल किया, जबकि हीरो मोटोकॉर्प सितंबर में 12,753 इकाइयों की बिक्री के साथ 5वें स्थान पर रही।

Published / 2025-10-03 23:10:47
जानें शेयर बाजार में तेजी के पांच प्रमुख कारण

इन 5 कारणों से अच्छा हुआ शेयर बाजार का मूड

एबीएन बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन इजाफा देखने को मिला है। इन दो दिनों में सेंसेक्स में 900 से ज्यादा अंकों का इजाफा देखने को मिला है। वहीं दूसरी ओर निफ्टी में करीब 280 अंकों की तेजी देखने को मिल चुकी है. इस तेजी की वजह से शेयर बाजार निवेशकों को 2 दिनों में 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का फायदा हो चुका है।

शेयर बाजार में तेजी के प्रमुण कारण

  1. मेटल शेयरों में खरीदारी: टाटा स्टील में लगभग 3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह निफ्टी 50 सूचकांक में शीर्ष प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा। यूरोपीय यूनियन द्वारा स्टील इंपोर्ट कोटा आधा करने और उससे अधिक मात्रा पर 50 फीसदी शुल्क लगाने की खबरों के बाद इस क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बढ़ी। ब्रोकरेज फर्मों ने कहा कि इसका असर टाटा स्टील और सेल पर सीमित रहेगा, जिनकी निर्यात में 8 प्रतिशत से भी कम हिस्सेदारी है, जबकि टाटा स्टील के नीदरलैंड ऑपरेशन (जो इसके रेवेन्यू में एक-चौथाई का योगदान देता है) को लाभ हो सकता है।
  2. कैपेक्स को बढ़ावा: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विकास को गति देने के लिए कैपेक्स बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। अप्रैल-जून तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत बढ़ी, जो पिछली पांच तिमाहियों में सबसे तेज़ गति है। ज्यादा खर्च की उम्मीदों ने इंफ्रा और कैपिटल गुड्स के शेयरों को सहारा दिया, जिससे बाज़ार को सहारा मिला।
  3. कच्चे तेल में गिरावट: संभावित अमेरिकी सरकार के बंद होने की चिंताओं और ओपेक+ देशों की सप्लाई बढ़ने की उम्मीदों के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगातार तीसरे दिन गिरकर 16 हफ़्तों के निचले स्तर पर आ गईं। कच्चे तेल की कम कीमतों ने भारत के आयात बिल और महंगाई को लेकर चिंताओं को कम किया है, जो घरेलू शेयर बाजारों के लिए सकारात्मक है।
  4. ग्लोबल इंडिकेटर: एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जापान के निक्केई और दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में तेज़ी से बढ़त दर्ज की गई, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक नीचे रहा। वॉल स्ट्रीट पर, गुरुवार को बेंचमार्क सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए, जिन्हें टेक शेयरों और अमेरिका में ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीदों का समर्थन मिला। मजबूत वैश्विक बाजार रुझानों ने भारतीय शेयर बाजारों के लिए जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार किया।
  5. वैल्यू बाइंग: शुरुआती आठ दिनों की गिरावट के बाद, निवेशकों ने वैल्यू बाइंग की, जिससे सूचकांकों को इंट्राडे के निचले स्तर से उबरने में मदद मिली। बुधवार को भी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।

शेयर बाजार निवेशकों को मोटा फायदा

इस तेजी की वजह से शेयर बाजार निवेशकों को मोटा मोटा फायदा हुआ है। निवेशकों का फायदा बीएसई के मार्केट कैप से जुड़ी हुई होती हैं। आंकड़ों के अनुसार बुधवार को बीएसई का मार्केट कैप 4,55,34,260.35 करोड़ रुपए था, जो शुक्रवार को बढ़कर 4,57,77,820.86 करोड़ रुपए पर आ गया. इसका मतलब है कि बीएसई के मार्केट कैप में 2.44 लाख करोड़ रुपए का फायदा हुआ। यही निवेशकों का भी फायदा है।

Published / 2025-09-26 20:11:10
शेयर बाजार में गिरावट लगातार छठे दिन जारी

  • लगातार छठे दिन गिरा शेयर बाजार, सेंसेक्स 733 अंक टूटा, निफ्टी 24,700 के नीचे

एबीएन बिजनेस डेस्क। 26 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में लगातार छठे दिन गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंक या 0.90 फीसदी गिरकर 80,426.46 पर आ गया। जबकि निफ्टी 236.15 अंक या 0.95 फीसदी टूटकर 24,656.70 पर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान और आईटी शेयरों में दबाव ने बाजार की चाल पर नकारात्मक असर डाला। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 2.5 फीसदी तक टूट गए।

शेयर बाजार में गिरावट के चार मुख्य कारण...

शेयर बाजार में गिरावट के चार मुख्य कारण रहे। सबसे पहले, डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान। उन्होंने ब्रांडेड और पेटेंट वाली दवाओं पर 100% टैरिफ, किचन कैबिनेट्स और बाथरूम वैनिटीज पर 50%, गद्देदार फर्नीचर पर 30% और भारी ट्रकों पर 25% टैरिफ लागू करने का ऐलान किया। इस फैसले के बाद भारतीय फार्मा कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली।

  1. निफ्टी फार्मा इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 2.3 फीसदी तक गिर गया। सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज, सिप्ला और बायोकॉन जैसे शेयर 2-5% तक टूट गए।
  2. दूसरी वजह आईटी शेयरों में गिरावट रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 1.3% तक नीचे गया। यह गिरावट अमेरिकी कंपनी एक्सेंचर के तिमाही नतीजों और H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी के बाद आई। इससे भारतीय आईटी कंपनियों की लागत बढ़ने और ग्रोथ अनुमान कमजोर होने की आशंका बढ़ गई।
  3. तीसरी वजह कमजोर ग्लोबल संकेत हैं। ट्रंप के टैरिफ ऐलानों के बाद एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्केई 0.13% गिरा, हैंग सेंग 0.9% टूटा, चीन का CSI300 0.3% नीचे आया और MSCI एशिया-पैसिफिक इंडेक्स (Ex-जापान) 1% से अधिक गिरा। अमेरिकी बाजार भी 25 सितंबर को गिरावट के साथ बंद हुए।
  4. चौथी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली रही। 25 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने 4,995 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि सितंबर महीने में अब तक कुल 24,454 करोड़ रुपए की निकासी हुई। निवेशक कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ को लेकर चिंतित हैं, जिससे बाजार दबाव में बना हुआ है।

Published / 2025-09-21 22:13:51
जीएसटी रिफॉर्म के बहाने केल से झूमेगा बाजार

  • कल से देश में GST रिफोर्म उत्सव शुरू होगा
  • देश को संबोधन करते हुए बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए नवरात्रि के शुभारंभ की घोषणा की और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर से नवरात्रि का पहला दिन होगा और इसी दिन नया नेक्स्ट जेनेरेशन जीएसटी लागू किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस मौके को खास बताते हुए कहा कि यह सिर्फ त्योहार का समय नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास और कर प्रणाली सुधार का भी महत्वपूर्ण चरण है।

कल से देश में GST रिफोर्म उत्सव शुरू होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी बचत उत्सव से हर देशवासी की जेब पर राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह उत्सव कल से शुरू हो रहा है और इससे हर घर में खुशियां बढ़ेंगी। मोदी ने कहा कि यह संभव हो पाया है क्योंकि केंद्र और राज्यों ने मिलकर हर शंका का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि वन नेशन, वन टैक्स का सपना अब साकार हुआ है और जीएसटी सुधार से टैक्स प्रक्रिया सरल और आसान हो गई है।

99% वस्तुएं 5 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आ गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी सुधारों के बाद अब लगभग 99 फीसदी वस्तुएं 5 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आ गई हैं। उन्होंने बताया कि इससे मध्यम वर्ग के जीवन में बदलाव आया है और गरीबों को भी इसका बड़ा लाभ मिल रहा है। मोदी ने कहा कि पूरे देश में अब एक जैसी टैक्स व्यवस्था होगी और जीएसटी कम होने से लोगों के सपने पूरे करना आसान होगा।

गर्व के साथ कहना चाहिए - मैं स्वदेशी खरीदता हूं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों को गर्व के साथ कहना चाहिए, मैं स्वदेशी खरीदता हूं। उन्होंने बताया कि हमें Made in India के उत्पाद खरीदने चाहिए, जिससे छोटे व्यापारियों को फायदा मिलेगा। मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनने के रास्ते पर आगे बढ़ना होगा और जो चीजें भारत में बनाई जा सकती हैं, उन्हें यहीं उत्पादन करना चाहिए।

Published / 2025-09-18 21:06:16
गैस बिक्री के लिए गेल और टाटा स्टील के बीच समझौता

टीम एबीएन, रांची। गेल (इंडिया) लिमिटेड ने गुरुवार को अपने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क - पूर्वी सिंहभूम के तहत टाटा स्टील लिमिटेड के साथ गैस सेल्स एग्रीमेंट (जीएसए) पर समझौता किया। यह समझौता गेल के विभिन्न सीजीडी नेटवर्क वाराणसी, पटना, रांची, पूर्वी सिंहभूम, कटक और खोरधा में अब तक के सबसे बड़े औद्योगिक ग्राहक को शामिल किया गया है।  

समझौते के तहत, टाटा स्टील के जमशेदपुर स्थित कांबी-मिल प्लांट को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाएगी। शुरूआत में 31,000 एससीएमडी (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर/दिन) गैस दी जायेगी, जिसे आगे बढ़ाकर 43,000 एससीएमडी तक किया जायेगा। 

यह कदम झारखंड राज्य में औद्योगिक स्थिरता (इंडस्ट्रियल सस्टेनेबिलिटी) बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वच्छ ईंधन (क्लीन फ्यूल) के उपयोग से बड़े पैमाने पर उद्योगों को लाभ होगा

Published / 2025-09-17 21:56:51
चार दिन बाद सस्ती होंगी ये चीजें

  • नए GST कट का नोटिफिकेशन जारी... 4 दिन बाद सस्ती होने जा रहीं ये चीजें, कंपनियां भी तैयार

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने बुधवार को वस्तु एवं सेवा कर के नए रेट्स का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ये नई दरें 22 सितंबर से लागू हो जाएंगी। यह नोटिफिकेशन 3 सितंबर को हुई GST काउंसिल की 56वीं बैठक में लिए गए फैसलों के बाद जारी किया गया है और यह 28 जून 2017 की अधिसूचना की जगह लेगा।

क्या है नया नियम?

नए नियमों के मुताबिक, अब वस्तुएं और सेवाएं 22 सितंबर से नए GST रेट्स के अनुसार उपलब्ध होंगी। केंद्र सरकार ने इस बदलाव को सभी राज्यों तक पहुंचाने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। आने वाले दिनों में सभी राज्य भी अपनी तरफ से नई दरें लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करेंगे।

GST काउंसिल ने इस बैठक में 12% और 28% की दरें खत्म कर दी हैं। इसके स्थान पर 5% और 18% की दो मुख्य दरें तय की गई हैं। इसके अलावा, सिन और लग्जरी वस्तुओं के लिए 40% की दर भी सिफारिश की गई थी, लेकिन इस पर उपकर समाप्त कर दिया गया है।

सरकार और उद्योग की तैयारी

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड उद्योग जगत और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर बदलावों को आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। सरकार ने नई कीमतों की लेबलिंग के लिए भी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उद्योग जगत भी टैक्स कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने और नए टैक्स नियमों का पालन सुनिश्चित करने की तैयारी कर रहा है। 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए टैक्स नोटिफिकेशन के बाद उद्योगों को अपनी ERP सिस्टम, मूल्य निर्धारण और आपूर्ति श्रृंखला को सही तरीके से समायोजित करना जरूरी हो गया है। EY के टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा, यह बदलाव रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है ताकि व्यवस्था सही से काम करे और इसका फायदा अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे।

आम जरूरत की चीजें होंगी सस्ती

GST दरों में बदलाव से आम जरूरत की कई वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। 28% स्लैब में शामिल ज्यादातर उत्पाद अब 18% स्लैब में आएंगे, जबकि 12% स्लैब के कई उत्पाद 5% की दर पर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा कुछ 18% स्लैब में शामिल खाद्य पदार्थ भी 5% की दर में आ जाएंगे। इस बदलाव से टूथपेस्ट, साबुन, शैंपू, एयर कंडीशनर, कार, बाइक और टीवी जैसे उत्पादों के GST रेट कम होंगे, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

Published / 2025-09-16 22:19:32
जीएसटी कटौती का असर : दूध 2 रुपये सस्ता

दूध हुआ 2 रुपये सस्ता, पनीर-घी-बटर भी सस्ते 

एबीएन बिजनेस डेस्क। जीएसटी प्रणाली में हालिया बदलाव के बाद मदर डेयरी ने अपने उत्पादों की कीमतों में कटौती की है। खासकर दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की कमी की गयी है, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। 

मदर डेयरी ने घोषणा की है कि वह अपने कई वैल्यू-ऐडेड डेयरी उत्पादों और प्रोसेस्ड फूड आइटम्स के दाम कम कर रही है। यह नया मूल्य निर्धारण 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होगा। इससे न केवल ग्राहकों की जेब पर राहत मिलेगी, बल्कि पूरे डेयरी सेक्टर और किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा। 

किस प्रोडक्ट पर कितना होगा फायदा? 

सबसे बड़ा फायदा पैक्ड यूएचटी दूध को मिलेगा, जिस पर पहले 5% जीएसटी लगता था, अब इसे पूरी तरह से 0% कर दिया गया है। इसका मतलब है कि इस दूध का मूल्य सीधे घटेगा और उपभोक्ताओं को सस्ता मिलेगा। इसके अलावा पनीर, घी, बटर, चीज, मिल्कशेक और आइसक्रीम जैसे डेयरी उत्पादों पर लगने वाला टैक्स 12-18% से घटाकर मात्र 5% कर दिया गया है, जिससे इन चीजों के दाम में भी कमी आयेगी। 

मदर डेयरी के कई फूड प्रोडक्ट्स जैसे फ्रोजन स्नैक्स, जैम, अचार, नारियल पानी और टमाटर प्यूरी पर भी अब टैक्स दर 12% से घटाकर 5% कर दी गयी है, जिससे इन उत्पादों के दाम भी कम होंगे और ग्राहकों को बेहतर विकल्प मिलेंगे। 

नयी रेट लिस्ट  

अब नए दामों की लिस्ट के मुताबिक, टेट्रा पैक दूध का एक लीटर जो पहले 5% जीएसटी सहित 77 रुपये में बिकता था, अब आपको 75 रुपये में मिलेगा। घी का 750 ग्राम का टीन जो पहले 750 रुपये का था, अब 720 रुपये में उपलब्ध होगा। 200 ग्राम पनीर की कीमत भी घटकर 95 रुपये से 92 रुपये हो गई है। वहीं, 200 ग्राम चीज स्लाइस की कीमत 170 रुपये से कम होकर 160 रुपये रह गयी है। 

400 ग्राम पनीर का पैकेट पहले 180 रुपये में मिलता था, जो अब 174 रुपये में मिलेगा। मलाई पनीर का 200 ग्राम पैक भी 100 रुपये से घटकर 97 रुपये का हो गया है। मदर डेयरी के टेट्रा पैक दूध का 450 मिलीलीटर पैक पहले 33 रुपये का था, अब 32 रुपये में मिलेगा। साथ ही, 180 मिलीलीटर मिल्कशेक का पैक भी 30 रुपये की जगह अब 28 रुपये में मिल सकेगा।  

कौन से प्रोडक्ट्स के दाम नहीं बढ़ेंगे? 

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि फुल क्रीम दूध, टोंड मिल्क, गाय का दूध जैसे पॉली पैक दूध पर पहले से ही कोई जीएसटी नहीं लगता था और अब भी इन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसलिए इन उत्पादों के दामों में कोई बदलाव नहीं होगा।

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