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Published / 2022-07-01 06:01:54
बढ़ती महंगाई के बीच 198 रुपये सस्ता हुआ LPG सिलेंडर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को कुछ राहत मिली है। दरअसल, 1 जुलाई से दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 198 रुपये की कमी आई है। 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 2021 रुपए होगी। इससे पहले इशकी कीमत 2219 रुपये थी। बता दें कि राजधानी दिल्ली में 1 जुलाई को कमर्शियल इंडेन गैस सिलेंडर की दरों में 198 रुपये की कटौती की गई है। वहीं चेन्नई में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹187 कम किया गया है। कोलकाता में इस गैस सिलेंडर की कीमत में 182 रुपए की कमी आई है। वहीं मुंबई में 190.50 रुपये की कटौती की गई है। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिली है।

Published / 2022-06-30 15:29:34
रियायत खत्म, जीएसटी की कई दरें बढ़ीं

एबीएन बिजनेस डेस्क। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की दो दिवसीय बैठक बुधवार को समाप्त हो गई। इस दौरान क्षतिपूर्ति की अवधि को 30 जून के बाद भी बढ़ाने को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका। हालांकि कम से कम दो दर्जन राज्यों ने यह मुद्दा उठाया। यह क्षतिपूर्ति जीएसटी की व्यवस्था लागू होने के बाद राज्यों को रही राजस्व हानि की भरपाई के लिए दी जा रही थी। पांच वर्ष के लिए की गयी यह व्यवस्था 30 जून को समाप्त हो रही है। हालांकि बैठक के दौरान जीएसटी दर के ढांचे को सहज बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। इसके लिए कुछ वस्तुओं एवं सेवाओं की दरों को संशोधित किया गया जबकि व्यापक खपत वाली कई पैकेटबंद वस्तुओं पर दी जाने वाली रियायत को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। यह व्यवस्था आगामी 18 जुलाई से लागू होगी। इस बीच परिषद ने आॅनलाइन गेमिंग पर भी सट्टेबाजी के समान 28 फीसदी की दर से कर लगाने के मसले को टाल दिया। उसने मंत्रिसमूह को इस मसले पर दोबारा विचार करने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया है। परिषद अगस्त के पहले सप्ताह में मदुरै में आयोजित बैठक में इस विषय पर निर्णय लेगी। जीएसटी परिषद की बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ह्यक्षतिपूर्ति उपकर के मामले में 16 राज्यों ने अपनी बात कही। मोटे तौर पर उनका कहना यह था कि क्षतिपूर्ति को कुछ वर्षों तक जारी रखा जा सकता है। वे चाहते हैं कि पांच वर्ष नहीं तो भी कम से कम कुछ वर्ष तक यह व्यवस्था जारी रहे। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों ने अवधि बढ़ाने की मांग नहीं की। तीन-चार राज्यों ने यह भी कहा कि वे क्षतिपूर्ति की व्यवस्था से परे राजस्व संग्रह की अपनी व्यवस्था निर्मित करना चाहते हैं। केंद्र सरकार जहां लिए गये ऋण को चुकाने के लिए क्षतिपूर्ति उपकर को मार्च 2026 तक बढ़ाने के लिए सहमत हो गई थी, वहीं कई राज्यों (भाजपा शासित राज्यों सहित) ने इस व्यवस्था को कुछ साल बढ़ाने या राजस्व की कमी को दूर करने के लिए राजस्व साझेदारी के फॉमूर्ले में बदलाव का आग्रह किया। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि परिषद को क्षतिपूर्ति को लेकर कुछ खाका या निर्देश देना चाहिए था और इस मामले को अनिर्णित नहीं छोड़ना चाहिए था। उत्तराखंड और पुदुच्चेरी जैसे भाजपा शासित राज्यों ने भी राहत की मांग की है और कहा है कि यह व्यवस्था समाप्त होने से उनका बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने कहा कि राज्यों के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति व्यवस्था को बढ़ाया जाना चाहिए ताकि राजस्व नुकसान की भरपाई हो सके। परिषद की बैठक में आये राजस्व वृद्धि के आंकड़ों के अनुसार 31 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से केवल पांच, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम ने ही 2021-22 के लिए जीएसटी के तहत संरक्षित राजस्व से अधिक राजस्व वृद्धि हासिल की।

Published / 2022-06-30 14:17:28
डिजिटाइज कैश कलेक्शन : एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने एक्सिस बैंक के साथ की साझेदारी

एबीएन बिजनेस डेस्क। एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने भारत के टियर-ककक शहरों और अर्ध-शहरी इलाकों में कैश कलेक्शन सिस्टम को डिजिटाइज करने के लिए भारत के तीसरे सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक एक्सिस बैंक के साथ साझेदारी की है। एयरटेल पेमेंट्स बैंक अपने डिजिटल प्रणाली वाले नेबरहुड बैंकिंग मॉडल की व्यापक पहुंच का लाभ उठाएगा ताकि लास्ट माइल कैश कलेक्शन के डिजिटलीकरण के साथ एक्सिस बैंक का सहयोग किया जा सके। इस साझेदारी के माध्यम से, एक्सिस बैंक और उसके ग्राहकों को नकद प्रबंधन प्रक्रिया के परिचालन क्षमता को बेहतर करके काफी लाभ होगा। इससे पेमेंट साईकल में भी तेजी आएगी और देश भर में काम करने वाले फील्ड एजेंटों को बैंडविड्थ जारी करने में मदद मिलेगी। इन एजेंटों को अब फील्ड से एकत्रित ईएमआई राशि जमा करने के लिए ब्रांच तक वापस जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अब आसानी से पड़ोस के किसी भी एयरटेल पेमेंट्स बैंक आउटलेट पर राशि जमा कर सकते हैं और यह तुरंत एक्सिस बैंक के खातों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया लंबी दूरी की यात्रा कर एजेंटों द्वारा नकद संग्रह करने के जोखिम में कमी लाएगी। इसके अतिरिक्त, यह प्रक्रिया किसी भी देरी से बचने में मदद करेगी, क्योंकि एयरटेल पेमेंट्स बैंक आउटलेट पारंपरिक बैंकिंग समय के अलावा वीकेंड पर भी काम करते हैं। गौरव सेठ, चीफ फाइनेंस आॅफिसर और हेड इंस्टीट्यूशनल बिजनेस, एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने कहा, हमें लास्ट-माइल तक कैश-कलेक्शन के डिजिटलीकरण के लिए एक्सिस बैंक के साथ हाथ मिलाते हुए खुशी हो रही है। हमारी कलेक्शन मैनेजमेंट सर्विसेज फिजिकल कैश के प्रबंधन की चुनौतियों को कम करती हैं और इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटाइज करके एक जगह से दूसरी जगह नकदी ले जाने में आने वाले जोखिम को भी कम करती हैं। यह हमारे साझेदारों के साथ-साथ उनके ग्राहकों के लिए परिचालन क्षमता को बेहतर करता है।

Published / 2022-06-29 17:18:52
एक जुलाई से फिर बढ़ सकते हैं इस्पात के दाम : JSPL

एबीएन बिजनेस डेस्क। कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इस्पात के दाम एक जुलाई से फिर बढ़ सकते हैं। हालांकि, इससे पहले इस्पात कीमतें कुछ नीचे आई हैं। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) के प्रबंध निदेशक वी आर शर्मा ने इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से यह बात कही। उन्होंने कहा, जहां कोयले की कीमत 17,000 रुपए प्रति टन है, वहीं ओडिशा खनिज निगम के लौह अयस्क की कीमतें अब भी ऊंची हैं। यह ओडिशा में लौह अयस्क का मुख्य आपूर्तिकर्ता है। उन्होंने कहा, इस्पात की कीमतें पहले ही नीचे आ चुकी हैं। उन्हें और कम करने की कोई संभावना नहीं है। मुख्य रूप से उच्च लागत के कारण शुक्रवार यानी एक जुलाई से इस्पात की कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी। शर्मा ने कहा कि द्वितीयक श्रेणी के इस्पात विनिर्माताओं ने पिछले चार दिन में पहले ही सरिये की कीमत 2,000 रुपए बढ़ाकर 55,000 रुपए प्रति टन कर दी है। उन्होंने कहा कि इस्पात विनिर्माताओं पर दबाव के कई और कारण हैं और इसमें कोयले की उपलब्धता का भी मुद्दा हैं। कोयले की आपूर्ति के लिए रैक भी उपलब्ध नहीं हैं क्योंकि उनमें से ज्यादातर का बिजली क्षेत्र के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

Published / 2022-06-28 12:57:23
रिलांयस जियो के चेयरमैन बने आकाश अंबानी, मुकेश ने दिया इस्तीफा

एबीएन बिजनेस डेस्क। रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपनी दूरसंचार सेवा कंपनी रिलायंस जियो के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उनके बड़े पुत्र आकाश अंबानी को कंपनी का नया चेयरमैन बनाया गया है। रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने मंगलवार को शेयर बाजारों को इसकी सूचना दी। इसके मुताबिक, कंपनी के निदेशक मंडल की सोमवार को हुई बैठक में गैर-कार्यकारी निदेशक आकाश अंबानी को कंपनी के चेयरमैन के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी गई। उसके पहले मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही पंकज मोहन पवार को अगले पांच साल के लिए कंपनी के प्रबंध निदेशक पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं रमिंदर सिंह गुजराल और के वी चौधरी को स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है।

Published / 2022-06-27 07:46:25
झारखंड : पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी, जानें नई कीमत...

टीम एबीएन, रांची। पेट्रोल डीजल की नई कीमतों को जारी कर दिया गया है। सोमवार (27 जून 2022) को जारी कीमतों के मुताबिक झारखंड के कुछ जिलों में पेट्रोल डीजल के दाम में आंशिक रूप से कमी की गई है तो कई जिलों में दाम में बढ़ोतरी हुई है। दाम में कमी से लोगों ने जहां राहत की सांस ली वहीं कुछ जिलों में दाम बढ़ने से लोग परेशान हैं। आइये जानते हैं कि झारखंड के प्रमुख शहरों में पेट्रोल डीजल का रेट क्या है। रांची में पेट्रोल का दाम : नए रेट के मुताबिक राजधानी रांची में पेट्रोल डीजल के दाम में कल के मुकाबले आज 0.17 पैसे की वृद्धि हुई है। रांची में पेट्रोल 100.01 ₹ प्रति लीटर मिल रहा है, जबकि डीजल का दाम 94.82₹ प्रति लीटर है। इसके साथ ही जमशेदपुर की बात करें तो यहां पेट्रोल डीजल के दाम में 0.10 पैसे की कमी हुई है। इसके साथ ही जमशेदपुर में पेट्रोल का दाम 100.18 ₹ प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 94.97 ₹ प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।

Published / 2022-06-26 15:38:02
इलेक्ट्रिक साइकिल खरीदने से पहले जान लें कितनी मिल रही सब्सिडी?

एबीएन बिजनेस डेस्क। दिल्ली सरकार ने एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिसके माध्यम से ग्राहक चुनिंदा इलेक्ट्रिक साइकिल की खरीद पर सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक साइकिलों को बड़े पैमाने पर लोगों के लिए अधिक किफायती बनाने के लिए अलग-अलग सब्सिडी की घोषणा की है। सब्सिडी सभी इलेक्ट्रिक साइकिलों के लिए नहीं है। दिल्ली सरकार ने चार कंपनियों से 11 इलेक्ट्रिक साइकिल मॉडल को मंजूरी दी है, जो अब तक सब्सिडी के लिए पात्र हैं। हालांकि इस बात की संभावना है कि आने वाले समय में यह संख्या बढ़ सकती है। इनमें हीरो लेक्ट्रो ई-साइकिल, नेक्सज़ू मोबिलिटी लिमिटेड, स्ट्राइडर साइकिल प्राइवेट लिमिटेड और मोटरवोल्ट मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के मॉडल शामिल हैं। दिल्ली सरकार 11 इलेक्ट्रिक साइकिल मॉडल में से किसी एक को चुनने वाले पहले 10,000 खरीदारों को ₹5,500 की सब्सिडी प्रदान कर रही है। पहले 1,000 खरीदार दिल्ली ईवी नीति के तहत 2,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी का भी लाभ उठा सकते हैं। सब्सिडी से पहले सरकार द्वारा अनुमोदित इलेक्ट्रिक साइकिल मॉडल की लागत ₹31,000 से ₹55,000 के बीच है। सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए सरकार ने एक ऑनलाइन पोर्टल खोला है, जिस पर डीलर पात्र खरीदारों के जानकारी लगा सकते हैं। पोर्टल खुलने के पहले दिन बुधवार को दो खरीदारों का विवरण अपलोड किया गया, जबकि स्वीकृत सूची में से 20 से अधिक इलेक्ट्रिक साइकिल बेची गईं। दिल्ली सरकार का कहना है कि सब्सिडी राशि जमा करने के लिए खरीदार जानकारी अपलोड करने की तारीख से पांच दिन तक का समय लगेगा। सब्सिडी ग्राहक के आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा की जाएगी। इलेक्ट्रिक साइकिल में रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं हैं, दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग बेची जाने वाली प्रत्येक इलेक्ट्रिक साइकिल के लिए एक यूनिक नंबर अटैच करेगा। एक डीलर को अन्य जानकारियों के साथ इस नंबर को पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

Published / 2022-06-25 17:19:45
टाटा कैपिटल जुटायेगी रकम

एबीएन बिजनेस डेस्क। टाटा कैपिटल की सहायक कंपनी टाटा कैपिटल फाइनैंशियल सर्विसेज अपने खुदरा ऋण कारोबार को मजबूती देने के लिए चालू वित्त वर्ष के दौरान 20,000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त रकम जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी तेजी से अपने नेटवर्क का डिजिटलीकरण कर रही है। साथ ही वह हाल में टाटा समूह द्वारा शुरू की गई ई-कॉमर्स कंपनी टाटान्यू नए ऋण देकर नए ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद करेगी। इस साल 31 मार्च के अनुसार कंपनी का ऋण बोझ लगभग 48,300 करोड़ रुपये था। टीसीएफएल के अनुसार, कंपनी अपने शेयरधारकों को निजी प्लेसमेंट के आधार पर गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी कर अतिरिक्त रकम जुटाएगी। टाटा कैपिटल की सबसे बड़ी होल्डिंग कंपनी टाटा संस सोमवार को संभवत: फंड जुटाने और उधार लेने की सीमा बढ़ाकर 70,000 करोड़ रुपये करने के लिए अपनी मंजूरी दे सकती है। टीसीएल टाटा संस लिमिटेड की सहायक कंपनी है। टीसीएल में टाटा संस की 94.55 फीसदी हिस्सेदारी है। पिछले पांच वर्षों के दौरान टीसीएल को टाटा संस से 3,500 करोड़ रुपये की पूंजी मिली है। इसमें से 1,000 करोड़ रुपये वित्त वर्ष 2020 में और 2,500 करोड़ रुपये वित्त वर्ष 2019 में टाटा संस से प्राप्त हुए थे। टाटा संस ने वित्त वर्ष 2022 के दौरान टीसीएल में कोई इक्विटी निवेश नहीं किया है। कंपनी ने कहा है कि कोविड वैश्विक महामारी के बावजूद उसके बही खाते का आकार मार्च 2021 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान 45,101 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2022 में 56,169 करोड़ रुपये हो गया क्योंकि ग्राहकों को टाटान्यू जैसे डिजिटल ऐप्लिकेशन के जरिये आकर्षित किया गया। टाटा समूह की वित्तीय सेवा कंपनी ने 817 करोड़ रुपये का कर पश्चात मुनाफा दर्ज किया। कंपनी के दमदार मुनाफे का श्रेय मुख्य रूप से वाहन ऋण, कारोबारी ऋण, व्यक्तिगत ऋण सहित खुदरा फाइनैंस को जाता है क्योंकि कंपनी ने 21,245 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया। पिछले वित्त वर्ष के दौरान उसने 10,288 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया था। कंपनी ने अपने शेयरधारकों को बताया कि पिछले दो वर्षों के कोविड काल के दौरान टाटा समूह के परिवेश के साथ-साथ फिनटेक कंपनियों ने भी नए ग्राहकों को आकर्षित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। कंपनी ने कहा, टाटा डिजिटल, मासिक ईएमआई कार्ड और टाटान्यू प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किए गए पर्सनल लोन के लिए भागीदारी से कारोबार को रफ्तार मिली।

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