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Published / 2025-11-18 18:31:22
गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर बंद

एबीएन बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार में आज 18 नवंबर को कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स 277 अंक गिरकर 84,673 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 103 अंक टूटकर 25,910 पर बंद हुआ। आज के ट्रेडिंग सत्र में फाइनेंस, आईटी और मेटल सेक्टर्स सबसे ज्यादा दबाव में हैं। 

ग्लोबल मार्केट्स भी कमजोर, एशियाई बाजारों में गिरावट 

  • जापान का निक्केई 3.22% टूटकर 48,702 पर बंद हुआ। 
  • कोरिया का कोस्पी 3.32% गिरकर 3,953 पर रहा। 
  • हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 1.72% गिरकर 25,930 पर बंद हुआ। 

अमेरिकी बाजारों में भी दबाव 

17 नवंबर को डाउ जोन्स 1.18% गिरकर 46,590 पर बंद हुआ। नैस्डेक कंपोजिट में 0.84% की गिरावट रही जबकि एस एंड पी 500 0.92% टूटा। 

कल बाजार में थी तेजी 

इससे पहले कल यानी 18 नवंबर को शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 388 अंक की तेजी के साथ 84,950 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में 103 अंक की बढ़त रही, ये 26,013 के स्तर पर बंद हुआ।

Published / 2025-11-18 18:24:16
2026 तक 1,07,000 पहुंच सकता है सेंसेक्स

मॉर्गन स्टेनली का बुल-केस अनुमान; लेकिन ये हैं बड़े खतरे 

एबीएन बिजनेस डेस्क। ब्रोकरेज हाउस ने इससे पहले बुल-केस में जून 2026 तक सेंसेक्स के 1,00,000 के स्तर को छूने का अनुमान जताया था और इसकी संभावना 30 प्रतिशत बतायी थी। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 1,07,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। यह मौजूदा लेवल से करीब 26 फीसदी की तेजी दिखाता है। 

ग्लोबल ब्रोकरेज हॉउस मॉर्गन स्टेनली के एनालिस्ट्स ने भारतीय शेयर बाजारों को लेकर अपने आउटलुक में यह बात कही है। उन्होंने उम्मीद जतायी है कि बुल-केस में सेंसेक्स इस लेवल पर का सकता है। ब्रोकरेज हाउस ने इससे पहले बुल-केस में जून 2026 तक सेंसेक्स के 1,00,000 के स्तर को छूने का अनुमान जताया था और इसकी संभावना 30 प्रतिशत बतायी थी। 

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, वर्ष 2025 भारत के लिए उभरते बाजारों की तुलना में 1994 के बाद सबसे कमजोर प्रदर्शन वाला साल रहा है। उनका मानना है कि रिलेटिव वैल्यूएशन में अर्थपूर्ण सुधार हुआ है और ये संभवत अक्टूबर 2025 में अपने निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं। हाल ही की एक रिपोर्ट में विश्लेषकों ने लिखा कि आने वाले महीनों में भारत सकारात्मक ग्रोथ सरप्राइज दे सकता है और बाजारों में री-रेटिंग की संभावना बन रही है। 

उनके बेस-केस परिदृश्य में दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स का स्तर 95,000 रहने का अनुमान है। इसकी संभावना 50 फीसदी बतायी गयी है। मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि 95,000 तक की रैली के लिए मैक्रो स्थिरता बरकरार रहेगी। इसमें राजकोषीय समेकन, निजी निवेश की बढ़ोतरी और वास्तविक वृद्धि तथा वास्तविक ब्याज दरों के बीच सकारात्मक अंतर शामिल है। मजबूत घरेलू वृद्धि, स्थिर वैश्विक विकास और नरम कच्चे तेल की कीमतें भी उनकी धारणाओं का हिस्सा हैं। 

मॉर्गन स्टैनली के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ इंडिया इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिधम देसाई ने नयनत पारेख के साथ लिखी रिपोर्ट में कहा कि हमारे बेस केस में आने वाले हफ्तों में भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद के समाधान की उम्मीद है। हम शार्ट टर्म में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की और कटौती तथा बेहतर लिक्विडिटी वातावरण को मॉनेटरी पॉलिसी का बेस केस मानते हैं। 

उन्होंने आगे कहा कि हमें भारी मात्रा में इश्यूअन्स की आशंका नहीं है। रिटेल निवेशकों की मांग आपूर्ति से बेहतर बनी रहती है। वित्त वर्ष 2027-28 तक सेंसेक्स की कमाई सालाना 17 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है। 

बाजार पूर्वानुमान के जोखिम 

दूसरी तरफ, अगर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली जाती है, तो हालत बिगड़ सकते हैं। आरबीआई को मैक्रो स्थिरता बचाने के लिए सख्त नीति अपनानी पड़ सकती है। अगर वैश्विक विकास भी धीमा हो जाये और अमेरिका मंदी में चला जाये, तो बाजार पर बड़ा असर पड़ेगा। देसाई के अनुसार, ऐसी स्थिति में दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 76,000 तक गिर सकता है। इसकी संभावना करीब 20 फीसदी है। 

भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड संबंध खराब होते हैं, तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। वित्त वर्ष 2025-28 के दौरान सेंसेक्स की कमाई बढ़ोतरी 15 फीसदी तक सीमित रह सकती है। खासकर वित्त वर्ष 2025-26 में ग्रोथ और कमजोर दिख सकती है। मैक्रो हालात बिगड़ने पर इक्विटी के वैल्यूएशन भी गिर सकते हैं। ये सभी वजहें बाजार को करीब 10 फीसदी नीचे ले जा सकती हैं। ऐसे में दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 76,000 तक आ सकता है।

Published / 2025-11-10 18:12:32
तीन दिनों की गिरावट के बाद लौटी शेयर मार्केट में तेजी

  • तीन दिन की गिरावट के बाद बाजार में लौटी रौनक, इन 3 कारणों से उछला सेंसेक्स-निफ्टी

एबीएन बिजनेस डेस्क। लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार (10 नवंबर) को जोरदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मजबूत बढ़त देखी गई। 

सुबह सेंसेक्स 495 अंक बढ़कर 83,712 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 152 अंक की तेजी के साथ 25,644 पर ट्रेड कर रहा था। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 319 अंक बढ़त के साथ 83,535 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 82 अंक की तेजी के साथ 25,574 के स्तर पर बंद हुआ।

आज बाजार में सबसे अधिक तेजी आईटी और कैपिटल गुड्स सेक्टर में देखने को मिली। एशियन पेंट्स, टीसीएस, विप्रो, ग्रामिस इंडस्ट्रीज और कोल इंडिया के शेयर 2% तक चढ़ गए।बाजार की इस तेजी के पीछे तीन बड़े कारण...मजबूत ग्लोबल संकेतों से मिला सपोर्टपहली वजह ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेत हैं। 

अमेरिका में 40 दिनों से चल रहे सरकारी शटडाउन के जल्द खत्म होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे दुनियाभर के शेयर बाजारों में सकारात्मक माहौल बन गया है। एशियाई बाजार जैसे जापान का निक्केई, कोरिया का KOSPI और हांगकांग का हैंगसेंग सभी में बढ़त देखी गई।

विदेशी निवेशकों की वापसीदूसरी बड़ी वजह है विदेशी निवेशकों की वापसी। लगातार छह दिनों तक बिकवाली करने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को भारतीय बाजार में 4,581 करोड़ रुपए की खरीदारी की। इससे बाजार में लिक्विडिटी और भरोसा दोनों बढ़ा।

Published / 2025-11-08 21:06:20
इस शेयर ने दिया 900% का तगड़ा डिविडेंड!, जानें कौन...

  • फॉर्मिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्ते 
  • कंपनी को दूसरी तिमाही में जबरदस्त मुनाफा हुआ, जिसके बाद कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 90 रुपये प्रति शेयर का तगड़ा अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया 

एबीएन बिजनेस डेस्क। फार्मिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनी बेयर क्रॉपसाइंस लिमिटेड ने अपने निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 90 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। गुरुवार को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करते हुए यह ऐलान किया गया। 

यह डिविडेंड इक्विटी शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये पर आधारित है, जिस हिसाब से यह 900 फीसदी बैठता है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 14 नवंबर 2025 रखी गई है, जबकि भुगतान 3 दिसंबर 2025 को होगा। कंपनी के इस फैसले से निवेशकों में खुशी की लहर है, क्योंकि बेहतर मार्जिन के दम पर मुनाफा बढ़ा है। 

क्यू2 में कमाया बेहतर मुनाफा 

अगर बात तिमाही नतीजों कि करें तो दूसरी तिमाही में कंपनी के नेट प्रॉफिट में 12.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सितंबर में खत्म हुई तिमाही में नेट प्रॉफिट 152.7 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 136.3 करोड़ रुपये था। हालांकि राजस्व में 10.6 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 1,553.4 करोड़ रुपये पर आ गया, जो पिछले साल 1,738.2 करोड़ रुपये था। 

कंपनी के चीफ फाइनेंशियल आॅफिसर विनीत जिंदल ने बताया कि मुनाफे की बढ़त बेहतर सेल्स मिक्स, स्थिर इनपुट कॉस्ट, डाउटफुल रिसीवेबल्स के लिए कम प्रोविजनिंग और अनुशासित कॉस्ट मैनेजमेंट से आयी। 

कंपनी के शेयरों का हाल 

अगर बात कंपनी के शेयरों की करें तो बीते शुक्रवार को बीएसई पर कंपनी के शेयर 3.42 फीसदी गिरावट के साथ 4595.35 रुपये पर बंद हुए थे। बीते एक महीने में कंपनी के शेयरों में 8.09 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, कंपनी के शेयरों ने लंबे समय में भी खराब प्रदर्शन ही किया है। 

बीते 1 साल, 3 साल और 5 साल में कंपनी के शेयरों में क्रमश: 30.89 फीसदी, 1.70 फीसदी और 17.55 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, पिछले दस सालों में कंपनी के शेयरों ने 34.43 फीसदी का रिटर्न दिया है।

Published / 2025-11-05 20:40:27
गुड न्यूज : और घट सकते हैं सोना और चांदी के दाम

सोना हो सकता है और सस्ता, विशेषज्ञों ने बताये नये दाम, क्या 1 लाख रुपये से नीचे जायेंगे रेट? 

एबीएन बिजनेस डेस्क। त्योहारी सीजन के बाद से सोने की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। दिवाली के दौरान सोने और चांदी दोनों के दामों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। बढ़ती मांग के कारण भी कीमतों में इजाफा हुआ था। 

अब शादी का सीजन शुरू हो गया है, जिससे एक बार फिर सोने की मांग बढ़ गई है। कीमतों में गिरावट के चलते कई लोग इसे सस्ते दामों पर खरीदने की योजना बना रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा या कीमतें और नीचे जायेंगी? 

क्या आगे बढ़ेगा सोने का दाम? 

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि 24 कैरेट सोने की कीमत निकट भविष्य में 1,05,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,00,000 प्रति 10 ग्राम से नीचे भी आ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा तभी संभव है जब वैश्विक बाजार में स्थिरता बनी रहे और कोई नकारात्मक आर्थिक या भू-राजनीतिक रिपोर्ट सामने न आये।

आमतौर पर सोने की कीमतें तब बढ़ती हैं जब वैश्विक अस्थिरता बढ़ती है, क्योंकि ऐसे हालात में निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं। दुनिया भर के कई केंद्रीय बैंक भी ऐसे समय में सोने की खरीद बढ़ा देते हैं। 4 नवंबर को इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर 24 कैरेट सोने की कीमत 1,20,419 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गयी थी। 

बाजार में सोना-चांदी का हाल 

एमसीएक्स में बुधवार को कारोबार बंद रहने के कारण कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। मंगलवार के बंद भाव के अनुसार, 5 दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा अनुबंध 1,19,749 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। 

कारोबार के दौरान यह 1,21,160 के उच्चतम स्तर और 1,19,150 के न्यूनतम स्तर तक पहुंचा। वहीं, चांदी की कीमत मंगलवार को 1,45,540 प्रति किलोग्राम पर बंद रही।

Published / 2025-11-04 16:41:40
सोना 12 हजार तो चांदी 20 हजार हुई सस्ती

  • ₹12 हजार सोना और ₹20 हजार चांदी हुई सस्ती... शादी के सीजन में औंंधे मुंह गिरे दाम, क्या अब खरीदना फायदेमंद?

एबीएन बिजनेस डेस्क। देशभर में शादियों का सीजन शुरू होते ही सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। जो सोना कुछ हफ्ते पहले रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था, अब वही तेजी से सस्ता हो रहा है। 

बीते 15 दिनों में सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 12,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया है, वहीं चांदी में भी 20,000 रुपये प्रति किलो से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।

सोने के ताज़ा दाम (4 नवंबर 2025)

  • 24 कैरेट सोना: ₹1,19,916 प्रति 10 ग्राम
  • 23 कैरेट सोना: ₹1,19,436 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: ₹1,09,843 प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना: ₹89,937 प्रति 10 ग्राम
  • चांदी की कीमत: ₹1,45,800 प्रति किलोग्राम

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, पिछले सप्ताह के मुकाबले 24 कैरेट सोना ₹2,620 तक सस्ता हुआ है। यह लगातार दूसरा हफ्ता है जब सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कारणों से सोने पर दबाव बढ़ा है।

  1. अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है, जिससे सोने की कीमत घट रही है।
  2. भू-राजनीतिक तनाव कम होने से निवेशक सोने से पैसा निकालकर शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं।
  3. अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड डील की संभावना बढ़ने से भी सोने में बिकवाली हो रही है।
  4. फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कमी से निवेशक अब बॉन्ड्स की ओर रुख कर रहे हैं।
    क्या सोना और सस्ता होगा?

जानकारों के मुताबिक आने वाले दिनों में सोने की कीमत में और गिरावट संभव है। भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते ट्रेड रिलेशन और वैश्विक स्थिरता से सोने की मांग में कमी आ सकती है। 

हालांकि, शादी-ब्याह के सीजन में घरेलू मांग बढ़ने के कारण कीमतों में हल्की तेजी भी आ सकती है। अगर आप शादी के लिए सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समय काफी फायदेमंद हो सकता है। वहीं निवेशकों के लिए गिरते दाम एक अच्छा मौका हैं, क्योंकि कीमतें स्थिर होने के बाद फिर से बढ़ सकती हैं।

Published / 2025-10-30 18:20:30
जानें शेयर बाजार के लुढ़कने के प्रमुख कारण

इन कारणों से लुढ़का शेयर बाजार, सेंसेक्स 592 अंक फिसल कर 84,404 पर बंद 

एबीएन बिजनेस डेस्क। एक दिन की मजबूती के बाद भारतीय शेयर बाजारों में फिर से गिरावट आयी है। बुधवार की तेजी के बाद गुरुवार, 30 अक्टूबर को निवेशकों की मुनाफावसूली और विदेशी दबाव से बाजार लाल निशान में खुला। 

बीएसई सेंसेक्स 592 अंक फिसल कर 84,404 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 176 अंक लुढ़कर 25,877 पर बंद हुआ।

बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण

  1. फेड का पॉज संकेत : अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की लेकिन चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने आगे किसी और रेट कट की संभावना से इनकार किया। पॉवेल के सतर्क रूख ने वैश्विक बाजारों में जोखिम उठाने की भावना को कमजोर किया है। 
  2. एफआईआई की भारी बिकवाली : विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को भारतीय बाजारों से 2,540.16 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा। 
  3. बढ़ती अस्थिरता : इंडिया श्क 1.44% चढ़कर 12.15 के स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता का संकेत देता है।

Published / 2025-10-29 20:15:41
368 अंक की तेजी के साथ सेंसेक्स 84,997 पर बंद

शेयर बाजार में तेजी, निफ्टी 26,000 के पार 

एबीएन बिजनेस डेस्क। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल बना रहा। बुधवार को सेंसेक्स 368 अंकों की मजबूती के साथ 84,997 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 117 अंक चढ़कर 26,053 के स्तर पर बंद हुआ। 

एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स 1,030 अंकों (2%) की तेजी के साथ 51,249 पर पहुंच गया। कोरिया का कोस्पी 50 अंक चढ़कर 4,060 पर है। हालांकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 87 अंक गिरकर 26,346 पर कारोबार कर रहा है, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 14 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 4,002 पर है।

अमेरिकी बाजारों में सोमवार को सकारात्मक रुझान रहा। डाउ जोन्स 161 अंक बढ़कर 47,706 पर बंद हुआ, नैस्डेक कंपोजिट 190 अंक चढ़कर 23,827 पर पहुंचा, जबकि एस एंड पी 500 मामूली बढ़त के साथ 6,890 पर स्थिर बंद हुआ।

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