एबीएन बिजनेस डेस्क। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को भारी गिरावट दर्ज की गई और बीएसई सेंसेक्स 600 अंक से अधिक की कमजोरी के साथ बंद हुआ। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले निवेशकों के सतर्क रुख की वजह से बाजार में गिरावट आयी।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 104.33 अंक गिरकर 61,189.87 अंक पर खुला। बाद में 60,593.56 से 61,327.21 के दायरे में कारोबार करने के बाद 636.75 अंक या 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 60,657.45 पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 189.60 अंक या 1.04 फीसदी फिसलकर 18,042.95 अंक पर बंद हुआ।
केवल दो कंपनियों के शेयर चढ़े
सेंसेक्स की कंपनियों में केवल मारुति और टीसीएस के शेयर क्रमश: 0.22 फीसदी और 0.10 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुए। पावर ग्रिड के शेयर में 2.09 फीसदी की सबसे अधिक गिरावट आयी। टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, विप्रो, पावर ग्रिड, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर भी गिरावट में रहे। इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.86 प्रतिशत गिरकर 80.57 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 628.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जापान के निक्की में गिरावट आयी। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार लाभ में थे। अमेरिकी बाजार मंगलवार को नुकसान में बंद हुए।
एबीएन बिजनेस डेस्क। साल 2023 में नये साल का जश्न मना रहे लोगों को सुबह-सुबह महंगाई का झटका लगा है। दरअसल, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 25 रुपये की वृद्धि हो गई है। इस वृद्धि के बाद से 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर अब दिल्ली में 1,768 रुपये, मुंबई में 1,721 रुपये, कोलकाता में 1,870 रुपये और चेन्नई में 1,971 रुपये में बेचे जायेंगे। हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में इजाफा नहीं हुआ है।
चार महानगरों में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के रेट चेक करें
ओएमसी ने पिछली बार 6 जुलाई 2022 को घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। इसे संचयी रूप से बढ़ाकर 153.5 रुपये कर दिया गया था। कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की गई है। ओएमसी ने पहली बार मार्च 2022 में 50 रुपये की बढ़ोतरी की, फिर मई महीने में फिर से 50 रुपये और 3.50 रुपये की बढ़ोतरी की। आखिरकार उसने पिछले साल जुलाई में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल को लेकर कई तरह की खबरें चल रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल की बिक्री होने जा रही है। साथ ही के सिम बंद होने की सूचना मिल रही है। ऐसी सूचना है कि बीएसएनएल के सिम को अगले 24 घंटे में बंद कर दिया जायेगा। इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। आइये जानते हैं कि आखिर क्या है पूरा मामला..
24 घंटे में सिम बंद होने का सच
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है कि बीएसएनएल कंपनी के सिम 24 घंटे में बंद हो जायेंगे। सोशल मीडिया पर टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी आफ इंडिया के हवाले से सूचना मिल रही है कि अगर आप केवाईसी अपडेट नहीं कराते हैं, तो आपका सिम अगले 24 घंटे में ब्लॉक कर दिया जायेगा।
क्या है केवाइसी का सच
पीटीआई की तरफ से दावा किया जाता है कि केवाईसी अपडेट की सूचना पूरी तरह से फेक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इरठछ की तरफ से ऐसा नोटिस जारी किया जाता है। रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि यूजर्स को इस तरह के दावों पर पर्सनल और बैंक डिटेल जारी किया जाता है।
नहीं साझा करें पर्सनल जानकारी
एक्सपर्ट का मानना है कि यूजर्स को बीएसएनएल केवाआइसी अपडेट के नाम पर ओटीटी या फिर मोबाइल नंबर और अन्य डिटेल नहीं देना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से हैकर्स आपकी पर्सनल जानकारी चोरी कर लेते हैं, जिसका इस्तेमाल बैंक फ्रॉड जैसी घटनाओं में किया जा सकता है। इसलिए ऐसी किसी भी जानकारी को साझा करने से बचना चाहिए।
(नोट - पीआइबी की तरफ से सोशल मीडिया पर वायरल खबरों की पड़ताल की जाती है। ऐसी ही एक पड़ताल में बीएसएनएल के बंद होने और केवाईसी अपडेट की खबर को फर्जी पाया गया।)
एबीएन बिजनेस डेस्क। चीन में कोरोना संक्रमण में आई तेजी और दुनिया के कई देशों में इसके प्रसार के डर की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन ब्लैक फ्राइडे के रूप में तब्दील हो गया। घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार चौथे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसके कारण सेंसेक्स 1,060 अंक और निफ्टी 347 अंक तक टूट गये। निफ्टी में पिछले 3 महीने के दौरान आज सबसे बड़ी इंट्रा-डे गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि आखिरी मिनट में हुई खरीदारी के कारण इन दोनों सूचकांकों में मामूली सुधार भी हुआ। इसके बावजूद सेंसेक्स आज 60 हजार अंक के स्तर से नीचे लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 18 हजार अंक के स्तर से नीचे गिर गया।
दिन भर हुई खरीद-बिक्री के बाद सेंसेक्स 1.61 प्रतिशत और निफ्टी 1.77 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए। आज दिन भर के कारोबार के दौरान एनर्जी, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह आॅटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज शेयरों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा। लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप के भी अधिकांश शेयर बिकवाली के दबाव की वजह से गिरकर लाल निशान में बंद हुए। बिकवाली के दबाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज दिनभर के कारोबार के दौरान 626 शेयर गिरकर लोअर सर्किट की सीमा तक पहुंच गये।
पूरे दिन के कारोबार में स्टॉक मार्केट में 2,057 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें से 137 शेयर मुनाफा कमाकर हरे निशान में बंद हुए, जबकि 1,950 शेयर नुकसान उठाकर लाल निशान में बंद हुए। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से सिर्फ 1 शेयर लिवाली के सपोर्ट से हरे निशान में और 29 शेयर बिकवाली के दबाव के कारण लाल निशान में बंद हुए। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 2 शेयर हरे निशान में और 44 शेयर लाल निशान में बंद हुए।
वैश्विक दबाव और कोरोना संकट के कारण बने निराशाजनक माहौल में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सेंसेक्स ने भी आज गिरावट के साथ कारोबार की शुरूआत की। ये सेंसेक्स 620.66 अंक टूट कर 60,205.56 अंक के स्तर पर खुला। शुरुआती मिनट में सेंसेक्स ने 60,546.88 अंक तक की छलांग लगायी, लेकिन इसके बाद बिकवाली के दबाव में इस सूचकांक में तेज गिरावट आ गयी। बीच में खरीदारों ने लिवाली करके बाजार को सहारा देने की कोशिश भी की। लेकिन बाजार में डर का माहौल कुछ ऐसा था कि बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता गया, जिसकी वजह से सेंसेक्स भी नीचे गिरता चला गया।
दोपहर 12 बजे के बाद घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को संभालने के लिए खरीदारी का जोर बनाया, जिससे कुछ समय के लिए सेंसेक्स की स्थिति में सुधार होता हुआ भी दिखाई दिया। लेकिन इसके बाद बाजार में एक बार फिर चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई, जिसके कारण शाम 3 बजे के करीब सेंसेक्स 1,060.66 अंक का गोता लगाकर आज के सबसे निचले स्तर 59,765.56 अंक तक पहुंच गया।
हालांकि आखिरी आधे घंटे के कारोबार में इंट्रा-डे सेटेलमेंट की वजह से हुई मामूली खरीदारी के कारण ये सूचकांक निचले स्तर से थोड़ा सुधर कर 980.93 अंक की कमजोरी के साथ 59,845.29 अंक के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी ने भी आज निराशाजनक माहौल में बड़ी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। ये सूचकांक 149.70 अंक टूट कर 17,977.65 अंक के स्तर पर खुला। शुरूआती मिनट में इस सूचकांक में भी तेजी का रुख नजर आया, जिससे निफ्टी उछलकर 18,050.45 अंक तक पहुंच गया। लेकिन इसके बाद बिकवाली का दबाव बनने की वजह से इस सूचकांक में भी गिरावट आ गयी।
बाजार में जारी गिरावट के दौरान कुछ देर के लिए खरीदारों ने तेज लिवाली करके निफ्टी की चाल को ऊपर ले जाने की कोशिश भी की। लेकिन खरीदारी की ये कोशिश भी कोई काम नहीं आई और निफ्टी लगातार नीचे गिरता चला गया। दिन के दूसरे सत्र की शुरूआत में भी घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से कुछ देर के लिए इस सूचकांक की स्थिति में सुधार होता हुआ नजर आया। लेकिन आधे घंटे के बाद ही एक बार फिर बाजार पर बिकवाली का दबाव बन गया, जिससे निफ्टी लुढ़कता चला गया।
बिकवाली के चौतरफा दबाव की वजह से आज का कारोबार खत्म होने के आधे घंटे पहले तक ये सूचकांक 347.85 अंक का गोता लगाकर दिन के सबसे निचले स्तर 17,779.50 अंक तक गिर गया। हालांकि आखिरी मिनटों में हुई मामूली खरीदारी के कारण निफ्टी ने निचले स्तर से थोड़ा सुधर कर 320.55 अंक की कमजोरी के साथ 17,806.80 अंक के स्तर पर आज के कारोबार का अंत किया।
पूरे दिन हुई खरीद बिक्री के दौरान नकारात्मक माहौल के बीच स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से सिर्फ टाइटन इंडस्ट्रीज 0.23 प्रतिशत और डिवीज लेबोरेट्रीज 0.07 प्रतिशत की मामूली बढ़त हासिल करने में सफल रहे। दूसरी ओर अडाणी पोर्ट्स 7.33 प्रतिशत, अडाणी इंटरप्राइजेज 5.85 प्रतिशत, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज 5.70 प्रतिशत, टाटा स्टील 5.02 प्रतिशत और टाटा मोटर्स 4.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ आज के टॉप 5 लूजर्स की सूची में शामिल हुए।
एबीएन बिजनेस डेस्क। सकारात्मक वैश्विक रुझानों के बावजूद प्रमुख शेयर बाजार गुरुवार को शुरुआती बढ़त को कायम नहीं रख सके और बाजार लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। इससे पहले बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीतिक समिति की बैठक का ब्योरा जारी हुआ था, जिसका असर बाजार की धारणा पर पड़ा। सकारात्मक शुरुआत के बावजूद 30 शेयरों वाला सेंसेक्स बढ़त बरकरार नहीं रख सका और कारोबार के अंत में 241.02 अंक या 0.39 फीसदी की गिरावट के साथ 60,826.22 पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 71.75 अंक या 0.39 फीसदी गिरकर 18,127.35 अंक पर बंद हुआ।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख भी घरेलू शेयर बाजारों में जोश भरने में विफल रहा। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (टढउ) की बैठक का ब्योरा जारी होने से भी घरेलू बाजार में बिकवाली हुई, क्योंकि इसमें केंद्रीय बैंक ने कुछ सख्त टिप्पणियां की हैं।
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि इस समय नीतिगत कार्रवाई को रोकने की गलती महंगी साबित हो सकती है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि मुद्रास्फीति के खिलाफ लड़ाई खत्म नहीं हुई है। अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा और भारती एयरटेल फायदे में रहे। सेंसेक्स के शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, एक्सिस बैंक और एनटीपीसी में नुकसान रहा।
अन्य एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहे, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट निचले स्तर पर बंद हुआ। मध्य सत्र के सौदों में यूरोपीय बाजार तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए। अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.99 फीसदी चढ़कर 83.01 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर पहुंच गया। शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को शुद्ध रूप से 1,119.11 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
एबीएन बिजनेस डेस्क। बोनस यानी कि एक तरह का एक्स्ट्रा शेयर जिसे कंपनी जारी करती है और अपने शेयरहोल्डर्स को मुफ्त में देती है। बोनस शेयर एक कंपनी द्वारा तब जारी किए जाते हैं जब वह उस तिमाही के लिए अच्छा मुनाफा कमाने के बावजूद धन की कमी के कारण अपने शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का भुगतान करने में सक्षम नहीं होती है। हम सब बोनस शेयर के बारे में सुनते होंगे, लेकिन कई लोगों को इसका मतलब नहीं पता होता है। क्या है इनका मतलब और कंपनियां क्यों करती हैं इन शब्दों का इस्तेमाल, आइए जानते हैं।
बोनस शेयर क्या होते हैं : बोनस शेयर उन शेयरहोल्डर्स को जारी किये जाते है, जिनके पास पहले से ही उस कंपनी के शेयर्स होते हैं। बोनस यानी कि एक तरह का एक्स्ट्रा शेयर जिसे कंपनी जारी करती है और अपने शेयरहोल्डर्स को मुफ्त में देती है।
आइये अब जानें कि कंपनियां बोनस शेयर क्यों जारी करती हैं : बोनस शेयर एक कंपनी द्वारा तब जारी किये जाते हैं जब वह उस तिमाही के लिए अच्छा मुनाफा कमाने के बावजूद धन की कमी के कारण अपने शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का भुगतान करने में सक्षम नहीं होती है। ऐसे में कंपनी अपने मौजूदा शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड देने के बजाय बोनस शेयर जारी करती है।
ये शेयर मौजूदा शेयरहोल्डर्स को कंपनी में उनकी मौजूदा हिस्सेदारी के आधार पर दिए जाते हैं। मौजूदा शेयरहोल्डर को बोनस शेयर जारी करने को मुनाफे का पूंजीकरण भी कहा जाता है क्योंकि यह कंपनी के मुनाफे से दिया जाता है।
आइये अब जानें कि बोनस शेयरों की केलकुलेशन कैसे की जाती है : बोनस शेयर मौजूदा शेयरहोल्डर्स को कंपनी में उनकी मौजूदा हिस्सेदारी के अनुसार दिए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर कोई कंपनी 2:1 के रेश्यो में बोनस शेयरों का एलान करती है, तो इसका मतलब होगा कि मौजूदा शेयरहोल्डर को प्रत्येक दो शेयरों पर एक बोनस शेयर मिलेगा। मान लीजिए कि एक शेयरहोल्डर के पास कंपनी के 1,000 शेयर हैं, तो जब कंपनी बोनस शेयर जारी करेगी तो उसे 500 बोनस शेयर (1,000 *1/2 = 500) प्राप्त होंगे।
बोनस शेयरों के फायदे : बोनस शेयर प्राप्त करने पर निवेशकों को कोई टैक्स देने की आवश्यकता नहीं होती है। यह कंपनी के लंबी अवधि के शेयरहोल्डर्स के लिए फायदेमंद है जो अपना निवेश बढ़ाना चाहते हैं। बोनस शेयर कंपनी के संचालन में निवेशकों के विश्वास को बढ़ाते हैं क्योंकि नकदी का उपयोग कंपनी द्वारा कारोबार को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
साथ ही जब कंपनी भविष्य में लाभांश की घोषणा करती है, तो निवेशक को अधिक लाभांश प्राप्त होगा क्योंकि अब उसके पास बोनस शेयरों के कारण कंपनी में बड़ी संख्या में शेयर हैं।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर देश की इकोनॉमी पर एक बार फिर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि भारत की अंतर्निहित आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, और आने वाले समय में भी इसके मजबूत बने रहने की संभावना है। हालांकि आरबीआई गवर्नर ने यह भी कहा है कि देश के बाहरी कारक अर्थव्यवस्था को कुछ नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनमें जियो पॉलिटिकल तनाव और वैश्विक मंदी की आशंका शामिल हैं।
भारत के केंद्रीय बैंक के प्रमुख ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगला वित्तीय संकट निजी क्षेत्र के क्रिप्टोकरेंसी से आयेगा और उनका अभी भी मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह भी कहा कि क्रिप्टोकरेंसी का कोई अंतर्निहित मूल्य नहीं है और व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिम पैदा करता है।
बीएफएसआई समिट को संबोधित करते हुए आरबीआई गर्वनर ने कहा कि वित्तीय स्थिरता के क्रिप्टोकरेंसी बेहद खतरनाक है। आरबीआई गर्वनर पहले भी कह चुके हैं कि इससे देश की व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। वैश्विक बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर सीडी, ऊर्जा, एफएमसीजी, आॅटो और सर्विसेज समेत 18 समूहों में हुई मजबूत लिवाली की बदौलत पिछले लगातार दो दिन की गिरावट से उबरते हुए आज शेयर बाजार आधे प्रतिशत से अधिक की तेजी पर रहा।
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 468.38 अंक अर्थात 0.76 प्रतिशत की छलांग लगाकर 61806.19 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 151.45 अंक यानी 0.83 प्रतिशत की उड़ान भरकर 18420.45 अंक पर पहुंच गया। दिग्गज कंपनियों की तरह बीएसई की मझौली और छोटी कंपनियों में भी लिवाली हुई। इससे मिडकैप 0.67 प्रतिशत चढ़कर 25,912.52 अंक और स्मॉलकैप 0.29 प्रतिशत बढ़कर 29,602.03 अंक पर रहा।
इस दौरान बीएसई में कुल 3781 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2118 में तेजी जबकि 1496 में गिरावट रही वहीं 167 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह एनएसई में 42 कंपनियां हरे जबकि शेष आठ लाल निशान पर रहीं।
बीएसई में 18 समूहों में लिवाली हुई। इस दौरान कमोडिटीज 0.69, सीडी 0.94, ऊर्जा 0.93, एफएमसीजी 1.43, वित्तीय सेवाएं 0.87, इंडस्ट्रियल्स 0.68, दूरसंचार 0.66, यूटिलिटीज 0.87, आॅटो 1.67, बैंकिंग 0.54, कैपिटल गुड्स 0.76, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.73, धातु 0.91, तेल एवं गैस 0.80, पावर 0.94, रियल्टी 0.74 और सर्विसेज समूह के शेयर 1.94 प्रतिशत चढ़ गये।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर मिलाजुला रुख रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.33 और जर्मनी का डैक्स 0.36 प्रतिशत चढ़ गया जबकि जापान का निक्केई 1.05, हांगकांग का हैंगसेंग 0.50 और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.92 प्रतिशत गिर गया।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse